गैरहाजिर श्रमिकों को प्रजेंट बता रहा सुपरवाइजर, एडजस्ट करने का बनाया जा रहा दबाव

Posted on: 19-01-2019

पूरब टाइम्स भिलाई। टाउनशिप की सफाई में ठेका श्रमिकों की गैरहाजिरी की रिपोर्ट सुपरवाइजरों ने दी है। इस मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब सुपरवाइजरों को रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि ठेकेदार के दबाव में अफसर रिपोर्ट बदलने या फिर ट्रांसफर करने की धमकी दे रहे हैं।इधर, यूनियनों ने इस मामले की जांच की मांग की है। टाउनशिप में सफाई का जिम्मा बीएसपी नगर सेवाएं विभाग की है। विभाग ने अलग-अलग जोन में सुपरवाइजरों को नियुक्त किया है। वे माह पूरा होने पर ट्रैक्टर व श्रमिकों का लेखा-जोखा तैयार कर विभाग में भेज देते हैं। दो सुपरवाइजर ने अपनी रिपोर्ट में माहभर के दौरान 200 मजदूरों की गैरहाजिरी की रिपोर्ट भेज दी। कुछ ट्रैक्टर कम आने के आकड़े भी दिए गए।तबादले के दिए संकेत-सुपरवाइजरों का कहना था, कि बीएसपी के आवासों से कचरा कलेक्ट करने का काम अलग-अलग ठेकेदार कर रहे हैं। एक ठेकेदार के मजदूरों की गैरहाजरी को दर्ज किया जाए और दूसरे को नजर अंदाज, यह व्यवस्था ठीक नहीं है। वे रजिस्टर में भी गैरहाजरी दर्ज किए हैं, प्रबंधन चाहे तो पूरा भुगतान कर दे। यह बात अधिकारियों के गले नहीं उतर रही है, वे विभाग के ही दूसरे कर्मियों के माध्यम से दो सुपरवाइजरों का तबादला करने की बात बोलकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इधर प्रबंधन ने नहीं दिया जवाब, उधर हो गया तबादला-इस मामले में जब बीएसपी के जनसंपर्क विभाग से जानकारी मांगी गई, तो प्रबंधन ने इस पर जवाब नहीं दिया। इसके अगले दिन विभाग ने कर्मचारी गणेश व एक अन्य का तबादला भी कर दिया। वहीं दो और सुपरवाइजर को तबादले का संकेत मिला है। वे भी रिपोर्ट में मजदूरों की गैरहाजिरी भेज रहे हैं। पूरे मजदूर नहीं आने से ठेकेदार को अर्थ दण्ड लगता है। विभाग दो ठेकेदार में से किस पर अर्थ दण्ड लगा रहा है, किस पर नहीं लगा रहा है इसे अधिकारी छुपा रहे हैं।38 टन कचरे का दावा-बीएसपी प्रबंधन टाउनशिप से करीब 38 टन कचरा निकलने का दावा करता है। इन कचरे को हर दिन जयंती स्टेडियम के समीप डंप किया जा रहा है। कचरे से झिल्ली को अलग किया जाना है, यह प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई है। कम्पोस्ट पिट में गीला कचरा डंप करने का काम शुरू किया जा चुका है। इसके पास ही सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) सेंटर बनाया जा रहा है।3.5 करोड़ का ठेका-टाउनशिप को स्वच्छ बनाए रखने के लिए बीएसपी ने ठेका में कचरा कलेक्शन का काम करीब 3.5 करोड़ में दिया है।बीएसपी के अधिकारी ठेका लेने वाली फर्म को पूरे कर्मचारी नहीं आने पर फाइन लगाते हैं, उनके ही कर्मचारी फाइन करने में दोहरा रवैया अपनाने की बात कह रहे हैं। जिसकी वजह से नया बखेड़ा खड़ा हो गया है।