झीरमकांड में एक मात्र गवाह हैं कवासी, SIT कैसे करेगी मंत्री से पूछताछ

Posted on: 10-01-2019

पूरब टाइम्स/रायपुर। झीरमकांड की एसआईटी जांच को लेकर जकांछ विधायक व विधानसभा में गठबंधन दल के नेता धर्मसिंह ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नंदकुमार पटेल की हत्या के ठीक पांच मिनट पहले जो व्यक्ति मौके पर था, वह आज कैबिनेट मंत्री है। उन्होंने सवाल किया, क्या एसआईटी के अफसर कैबिनेट मंत्री से जांच का साहस जुटा पाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती लखमा को कैबिनेट से हटा दिया जाना चाहिए। साथ ही धर्मजीत ने एसआईटी की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करने की भी मांग की।

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन पर बुधवार को चर्चा हुई। इस दौरान जकांछ विधायक सिंह ने कहा कि मैं एसआईटी जांच का स्वागत करता हूं, लेकिन जो भी जांच हो व्यापक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे भी हो इस घटना और चेहरों के आगे से भी पर्दा हटना चाहिए। यह बेहद जरूरी है।

सिंह ने कहा कि जब घटना हुई तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भी आईं थीं। मनमोहन सिंह ने ही घटना की एनआईए जांच के निर्देश दिए थे। फिर राज्य सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया।

इसके बावजूद घटना पर अब तक पर्दा पड़ा हुआ है। अब अगर एसआईटी की जांच रिपोर्ट इन दोनों की जांच से अलग आई तो क्या होगा? इसकी जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए। क्या एसआईटी की जांच वहीं से शुरू होगी: जकांछ विधायक सिंह ने कहा कि घटना के चश्मदीद सरकार में मंत्री हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या एसआईटी की जांच वहीं (चश्मदीद) से शुरू होगी।