केंद्र शासित प्रदेश बनते ही जम्मू-कश्मीर ने बनाया यह रिकॉर्ड

Posted on: 06-08-2019

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जाने को इस प्रदेश के नए जन्म के रूप में देखा जा रहा है। लद्दाख के अलग दोने के बाद अब यह केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। अब इस प्रदेश की कमान उपराज्यपाल के हाथों में होगी। ठीक दिल्ली या अन्य केंद्रशासित प्रदेश की तर्ज पर। वहीं परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या को 107 से बढ़ाकर 114 किया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित राज्य होगा। दूसरे नंबर पर लद्दाख होगा। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, जिसका कार्यकाल पांच साल का होगा। हालांकि लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी। अभी जम्मू-कश्मीर विधानसबा में सीटों की कुल संख्या 89 हैं। इनमें से 87 का चुनाव जहां जनता करती है, वहीं दो सदस्यों को नामित किया जाता है। 87 सीटों में से जम्मू क्षेत्र में 37, लद्दाख क्षेत्र में चार और कश्मीर घाटी में 46 सीटें पड़ती हैं। 24 सीटें खाली रहती हैं, क्योंकि यह गुलाम कश्मीर में पड़ती हैं।