बाल श्रवण योजना के लाभार्थी अब अधर में सवा सौ बच्चों के भविष्य का मुद्दा वोरा ने विस् में उठाया

Posted on: 23-07-2019

विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक अरुण वोरा ने 8 वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत लगाए गए कॉकलियर इम्प्लांट मशीनों के अपग्रेडेशन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बाल श्रवण योजना के अंतर्गत 50 करोड़ खर्च कर लगभग सवा सौ बच्चों का आपरेशन कर कॉकलियर इम्प्लांट मशीन लगाई गई थी। अनुबंध के मुताबिक कंपनी को हर वर्ष मशीन को अपग्रेड करना था किंतु दो वर्षों से मशीनों का अपग्रेड नहीं किया जा रहा है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग इसका भुगतान नहीं कर रहा है क्योंकि इस पर प्रति बच्चे के हिसाब से एक से डेढ़ लाख रु खर्च हो रहा है। गरीब लाभार्थियों के पास भी इतने पैसे नहीं होने की वजह से बच्चों के बोलने सुनने की क्षमता खत्म हो रही है इससे बच्चों का भविष्य अधर में फंस गया है। शुरुवात में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कहा गया था कि कंपनी अनुबंध के आधार पर मशीनों को प्रतिवर्ष अपग्रेड करेगी जिससे मशीन जीवन भर चलेगी किंतु अनुबंध शर्तों में इसकी फीस का एवं भुगतान का जिक्र नहीं किया गया था। अब कंपनी और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बच्चों के परिजनों के भटकाव की स्थिति निर्मित हो रही है। कंपनी पर कोई कार्यवाही नहीं करने से भी बच्चों एवं उनके परिजनों में आक्रोश व्याप्त है।