क्या झोलाछाप व बीएएमएस डॉक्टर दे रहे है मरीजो को जहर?

Posted on: 24-02-2019

एक तरफ प्रदेश भर में झोलाछाप डॉक्टरों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही हो रही है , वहीं दूसरी तरफ नर्सिंग एक्ट का पालन किये बिना अनेक क़्वालिफाईड डॉक्टर भी अपना चिकित्सा व्यवसाय चला रहे हैं . जिनकी शिकायतें लिखित में सालों से सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ) कार्यालय में धूल खा रही हैं . इससे अन्य अविधिक व्यवसाई भी सैंया भये कोतवाल अब डर काहे का की तजऱ् पर अपना कार्य कर रहे हैं . एक बीएएमएस द्वारा खुले आम एच1 की दवा दिये जाने की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं किये जाने पर पूरब टाइम्स ने अनेक चिकित्सकों से उनकी राय ली। पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट.... 3 जनवरी पूरब टाइम्स दुर्ग। शहर और दुर्ग जिले में जिस तरह झोलाछाप चिकित्सको द्वारा खुलकर नियम विरुद्ध इलाज़ किया जा रहा है इसकी लगाम लगाने में जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह फेल हो गया है . खुद जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रशांत श्रीवास्तव के क्लिनिक के लाइसेंस में ही फर्जीवाड़ा चला है तो वो क्या दूसरे अवैध चिकित्सको ,नर्सिंग होम पर कार्यवाही करेंगे ? शहर में आज भी ऐसे कई नर्सिंग होम और झोलाछाप चिकित्सक खुल कर जनता को इलाज़ के नाम पर लुट रहे है , वही जिले का स्वास्थ्य विभाग अपनी कत्र्तव्य को नोटिस तक ही सीमित कर अपनी पीठ थपथपा रहा है .आज भी शहर और जिले में ऐसे कई झोलाछाप और अवैध नर्सिंग होम संचालित है जिन्हें विभाग से नोटिस मिल चुका है पर ऐसे नर्सिंग होम और फर्जी चिकित्सक पर किसी भी तरह की कार्यवाही का नहीं होना आश्चर्य जनक है . जिले के तेजतर्रार कलेक्टर महोदय भी बेबस नजऱ आ रहे है फर्जी चिकित्सको और नर्सिंग होम की कार्यवाही के मामले में . कलेक्टर कार्यालय से कई बार जिला स्वास्थ्य विभाग को आदेश जारी हो चुका है फर्जी चिकित्सको और नर्सिंग होम पर कार्यवाही को लेकर परन्तु शायद जिला स्वास्थ्य अधिकारी महोदय को कागजो से कैसे खेलना है अच्छी तरह मालूम है और इसी का नतीजा है कि आज भी शहर में कई निजी नर्सिंग होम और झोलाझाप डॉक्टर खुल कर अपनी जेब भर रहे है और आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे है ।