नेता वही जो गलत बयानबाज़ी से सुखिऱ्यों में आवे

Posted on: 24-02-2019

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित भाई शाह ने कुछ समय पूर्व मातहतों को आगाह कर दिया कि गैर जिम्मेदाराना बयान दिए बच्चू तो कड़ी कार्रवाई झेलने को तैयार रहो। ऐसे में तो भाजपा के अनेक नेता सुखिऱ्यों से गायब हो जाएंगे . मैंने पत्रकार माधो से पूछा, इस पर आपकी क्या राय है ? बदले में पत्रकार माधो ने मुझे एक कहानी सुना दी .एक महात्माजी का बड़ा लाव -लश्कर और अनुयायियों की फ़ौज़ बढ़ती जा रही थी । कुछ इधर - उधर की के बाद उनके प्रवचन का सार यही होता था कि रंगीन तबियत का होकर भी आदमी चरित्रवान बने रह सकता है। वे दलील देते थे कि भगवान श्रीकृष्ण ने सैकड़ों गोपियों के साथ रासलीला रचाई, कहां पथभ्रष्ट हुए, फलां भगवान की दो पत्नियां थी,कहां पथ भ्रष्ट हुए,फलां की इतनी, कहां कहां...। उनका अंदाज़े- बयान इतना मदहोश करने वाला होता था कि श्रोता में उत्सुकता बनी रहती थी. अंत में वे सब पापों को धोने की स्कीम के रूप में मन्त्र-दीक्षा देते थे. उनके भक्तों की संख्या दिन दुगनी रात चौगनी बढऩे लगी . दूसरे महात्माजी केवल धर्म और नैतिकता की बात करते थे . उनके इस आशय के प्रवचन से परेशान होकर उनके शार्गिदों की संख्या में तेजी से गिरावट आई और उनको आयोजनकर्ताओं द्वारा बुलाना भी कम होता गया। वे आउट ऑफ़ डेट हो गए. कहने का मतलब यह है कि विवाद और रोचकता , लोगों में आपके प्रति उत्सुकता व रूचि बनाये रखती है . और एक ही तरह की नैतिकता की बात करने वाले को पब्लिक नकारने लगती है. मुझे लगता है कि यह अमित शाह का अध्यक्षीय जुमला था . क्या आप नहीं जानते, नेताओं के विवादास्पद बयान के मामले में एक बात कॉमन होती जा रही है कि हाईकमान की ओर से लगातार चेतावनियों के बावजूद उनका कुछ बिगड़ता तो कतई नहीं , बल्कि ऐसे बयान देकर राजनेता पलक झपकते ही सेलेब्रेटियों की जमात में शामिल हो जाते हैं। विवादास्पद बयान के बाद , सबसे पहले टीवी चैनल - मीडिया, तथाकथित बुद्धिजीवी , फिर विपक्ष और अंत में खुद की पार्टी के लोग , दो दिन तक उन नेताजी के ऊपर ही बातें करते रहते हैं. मैं तो कहूंगा कि यह भी अमित भाई का विवादास्पद बयान था . पत्रकार माधो की इस बात से हैरान हूं . तो अब क्या अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार रहने की बात करना , नेताओं को जनता के प्रति हमदर्द होने की बात करना , सरकारी अधिकारियों को राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी होने की बात कहना भी विवादास्पद बयान होगा . आप लोगों की क्या राय है ?