Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



भोपाल। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. उनके कर्मचारी उनकी ही सरकारी गाड़ी में शराब पीते मिले. उसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ गया है. मामले को लेकर मंत्री ने जहां कार्रवाई करने की बात कही है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तंज कसा है.गौरतलब है कि रायसेन के सतलापुर में थाने के पास सरकारी गाड़ी का सायरन बजने लगा. लोगों को लगा कि पुलिस आई है. 

लेकिन, जब वे देखने पहुंचे तो देखा कि गाड़ी सरकारी (MP-02-AV-6452) है और उसमें स्वास्थ्य मंत्री के कर्मचारी शराब पी रहे हैं. लोग उनके पास गए तो उन्हें डांटकर भगा दिया. उसके बाद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया. जिस व्यक्ति ने ये वीडियो बनाया उसने गाड़ी के ड्राइवर से बहस भी की. गाड़ी में उस वक्त तीन लोग बैठे हुए थे. बहस बढ़ी तो शख्स ने गाड़ी की चाबी भी निकालने की कोशिश की. लेकिन, ड्राइवर उसे डांटकर गाड़ी ले गया. ड्राइवर ने उससे कहा सरकारी गाड़ी है हाथ मत लगाना.

दिग्विजय का तंज भरा ट्वीटदिग्विजय ने तंज भरा ट्वीट किया- स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी की सरकारी गाड़ी में कोरोना खत्म करता उनका स्टाफ. जो मंत्री कोरोना से मरते लोगों को बेड, ऑक्सीजन और इंजेक्शन उपलब्ध न करा सके, उनके स्टाफ के पास, सरकारी गाड़ी में अवैध शराब, वह भी लॉकडाउन में! कुछ करो शिवराज या सिंधिया का डर है?
हालांकि, इस बारे में पूछने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है. रविवार को बारिश हुई थी, उस दौरान स्टाफ के कर्मचारी किसी को छोड़ने गए थे, यह मामला उसी समय का हो सकता है. दोषियों पर कार्रवाई करूंगा. गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी वैसे ही कांग्रेस के निशाने पर हैं. अब एक नया बड़ा विवाद उनके सामने खड़ा हो गया है.

नई दिल्ली। भारत में कोरोना और ब्लैक फंगस का कहर जारी है। इस बीमारी ने कोरोना के इस दौर में अभी तक कई लोगों की जान ले ली है। इसका इलाज बेहद महंगा है, यही नहीं इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन भी आसानी से नहीं मिल रहा है. ऐसे में  सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ रहा है. दखल के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि इस साल के अंत तक 18 के ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा। 

दरअसल, कोरोना संक्रमण को लेकर कई याचिकायों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने कोर्ट को ये भी बताया कि जनवरी से अब तक 5 फीसदी लोगों को ही वैक्सीन की दोनों डोज मिल सकी है। हालांकि कई एक्सपर्ट का दावा है कि अब तक की जो रफ्तार है, उसके हिसाब से इस साल के आखिर तक 35 से 40 फीसदी आबादी को ही वैक्सीन दी जा सकेगी। 

अदालत ने केंद्र से पूछा कि विदेशों से कोविड रोधी टीकों की खरीद के लिए कई राज्य ग्लोबल टेंडर जारी कर रहे हैं, क्या यह सरकार की नीति है? केंद्र ने बताया कि टीकों के लिहाज से पात्र संपूर्ण आबादी का 2021 के अंत तक टीकाकरण किया जाएगा। केंद्र की फाइजर जैसी कंपनियों से बात चल रही है। अगर यह बातचीत सफल रहती है तो साल के अंत तक टीकाकरण पूरा करने की समय-सीमा भी बदल जाएगी। 

कोरोना को लेकर गौर करने वाली बात ये है कि बीते मई महीने में अप्रैल के मुकाबले वैक्सीनेशन की रफ्तार कमजोर रही है। अप्रैल में जहां रोजाना 25 लाख वैक्सीन की डोज दी जा रही थी, वहीं मई महीने में ये घटकर 15 लाख के रोजाना पर आ गई. ऐसे में केंद्र सरकार के दावे कितने सच होते हैं ये आने वाला वक्त बताएगा, फिलहाल कोर्ट में लगातार सुनवाई जारी है। 



पूरब टाइम्स,रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिजनों के लिए पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। राज्य सरकार उन पत्रकारों को भी पैसे की प्रतिपूर्ति करेगी, जिन्हें कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी साझा की। सोमवार दिन में ट्वीट आते ही मीडिया जगत ने इसे सकारात्‍मक और सही फैसला बताया। बता दें कि कोरोना की चपेट में मीडिया कर्मी भी आए। राज्‍य सरकार ने मीडिया कर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में रखा। साथ ही वैक्‍सीनेशन के लिए अलग से व्‍यवस्‍था तक की थी।

बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बजट भाषण 2021-22 में ही मीडिया कर्मी की असामयिक मृत्यु पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को दो लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए किये जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप आर्थिक सहायता पर क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है।यह सहायता संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियमों के तहत दी जाएगी। 

इसके अतिरिक्त जो मीडिया कर्मी कोविड से पीड़ित होने पर अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराए हैं, उनके इलाज में आये खर्च की प्रतिपूर्ति भी नियमों के तहत राज्य शासन करेगा। कोविड पीडित संचार प्रतिनिधियों के परिवारो की जानकारी जनसंपर्क संचालनालय द्वारा एकत्र की जी रही है।कोरोना से दिवंगत मीडिया कर्मी के आश्रित परिजनों या इलाज कराने वाले मीडियाकर्मी निर्धारित प्रपत्र मे आवेदनपत्र अभिलेखों सहित संबंधित जिला जनसंपर्क कार्यालय में जमा कर सकते हैं।

 मीडिया कर्मियों को यह आर्थिक सहायता देने पत्रकार कल्याण कोष समिति की बैठक शीघ्र ही बुलाई जा रही है। ज्ञातव्य हो कि अन्य राज्यों से काफी पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बजट भाषण 2021-22 में मीडिया कर्मी की असामयिक मृत्यु पर संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायतार्थ नियम के तहत आर्थिक सहायता राशि को दो लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए किये जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के अनुरूप जनसंपर्क विभाग द्वारा नियमों में आवश्यक सुधार कर राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेजा जा चुका है।



शव फेंकने वाले दोनों लोगों की पहचान हो गई है। ये मृतक के परिवार के ही सदस्य हैं। इनमें से एक के हेल्थ वर्कर होने की बात भी सामने आ रही है। इन दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लेकिन सवाल ये है कि ये तो सिर्फ एक वीडियो है, जिसमें पता चल गया कि शव फेंका जा रहा है। लेकिन क्या और भी शव राप्ती फेंके जा रहे हैं? इसका जवाब मिलना अभी बाकी है।




इसके पहले शनिवार सुबह सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी थी कि मध्य प्रदेश में कोविड संक्रमण लगातार नियंत्रित होता जा रहा है। रिकवरी रेट 95% है, जबकि पाजिटिविटी की दर 2.1% रह गई है। डिंडौरी की जनता को बधाई देता हूं कि वहां एक भी पाजिटिव प्रकरण नहीं आया है। मध्य प्रदेश में स्थिति तेजी से सुधर रही है, लेकिन मुरैना में कल 48 और आज 75 पाजिटिव केस आए हैं, यह चिंता की बात है। मैं मुरैना के भाइयों-बहनों से कहना चाहता हूं कि हमको स्थिति को संभालने के लिए गंभीरता से कोविड गाइडलाइन का पालन करना पड़ेगा, अन्यथा संकट बढ़ सकता है।

राजनांदगांव। एक पति ने वास्तविक जीवन में चरितार्थ कर दिया, लेकिन ये कदम बहुत घातक था. यूं ही नहीं कहा गया है कि पति-पत्नी का जन्म-जन्मांतर का रिश्ता होता है. रिश्तों को मानने वाले आखिरी सांस तक साथ निभाते हैं, लेकिन गंडई के धोधा गांव में पति-पत्नी दोनों ने मौत को गले लगा लिया. ये बहुत खतरनाक कदम था, लेकिन सच है. इस खौफनाक कदम से हर कोई खौफजदा है.

दरअसल, बीते शुक्रवार की सुबह घर के सभी लोग रोजगार गारंटी योजना में काम करने गए थे, तभी पति-पत्नी के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हो गया. इससे आहत होकर पत्नी यंशिका वर्मा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के सदमे में पति मिनेश वर्मा अपनी बाइक को एक ट्रक में ठोक दिया. इलाज के लिए ले जाते वक्त पति मिनेश वर्मा की भी मौत हो गई.

गंडई के थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिंहा ने कहा कि इस घटना में दोनों के बीच विवाद हुआ था. इससे आहत होकर नवविवाहिता मौत को गले लगा ली, जबकि पति भी सदमे को सह नहीं पाया. इसलिए गाड़ी को ट्रक से भिड़ा दिया. सड़क हादसे में उसकी भी मौत हो गई@GI@

बता दें कि मिनेश वर्मा और यंशिका वर्मा की शादी 14 फरवरी 2021 को ही हुई थी. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि मिनेश वर्मा ग्राम धोधा का निवासी था. पत्नी की मौत के सदमे में आकर पति तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर ट्रक से टकरा गया. पति-पत्नी दोनों का धोधा गांव में अंतिम संस्कार किया गया@GI@

दुल्हन के भाई महेश चंद ने कहा कि 25 मई को उनकी बहन सुरभि की शादी थी. रात करीब साढ़े आठ बजे बारात आई और द्वारचार शुरू हुआ. इसके बाद जयमाला का कार्यक्रम पूरा हुआ. मांग भरने का कार्यक्रम भी हो चुका था. दोनों पक्ष फेरों की तैयारी में जुटे थे. इस दौरान रात लगभग ढाई बजे अचानक दुल्हन बेहोश हो गई. उसके बेहोश होने के बाद हड़कंप मच गया.


अंटानानारिवो. समुद्र के अंदर शार्क का शिकार करने वाले शिकारियों ने हिंद महासागर में बसे मेडागास्‍कर के तट पर डायनासोर के काल की विलुप्‍त हो गई मछली को जिंदा पकड़ा है। चार पैरों वाली मछली की यह प्रजाति करीब 42 करोड़ साल पुरानी है। इस मछली को Coelacanth के नाम से जाना जाता है। बताया जा रहा है कि शिकारियों ने शार्क को पकड़ने के लिए एक खास जाल का इस्‍तेमाल किया जिसमें यह मछली पकड़ में आ गई।
ये शिकारी शार्क के पंख और तेल हासिल करने के लिए गहरे समुद्र में विशाल जाल डालते हैं ताकि जहां मछलियां इकट्ठा होती हैं, वहां से उन्‍हें पकड़ा जा सके। यह जाल समुद्र के अंदर 328 फुट से लेकर 492 फुट तक जा सकती है। माना जाता है कि मछली की यह प्रजाति 42 करोड़ साल पुरानी है। इस मछली को वर्ष 1938 तक विलुप्‍त माना जाता था। इस मछली के जिंदा पकड़े जाने पर वैज्ञानिक आश्‍चर्यचकित हैं।

मछल‍ियों के अस्तित्‍व पर खतरा मंडराने लगा
बताया जा रहा है कि मछली के 8 पंख हैं। यही नहीं इस मछली के विशाल शरीर पर विशेष धारियां भी बनी हुई हैं। दक्षिण अफ्रीका जर्नल ऑफ साइंस के एक शोध में कहा गया है कि शार्क के शिकार की वजह से Coelacanth मछल‍ियों के अस्तित्‍व पर खतरा मंडराने लगा है। शार्क म‍छलियों का शिकार वर्ष 1980 के दशक से तेज हो गया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि शार्क को पकड़ने के लिए शिकारियों के जिलनेट बहुत खतरनाक खोज है। ये इतने विशाल हैं कि गहरे समुद्र में भी शार्क को फंसा लेते हैं। 
शोधकर्ताओं ने को अब डर सता रहा है कि मेडागास्‍कर में शिकारी जिलनेट से इस अद्भुत मछली का शिकार बढ़ सकता है। उन्‍होंने कहा कि मेडागास्‍कर में कोई संरक्षण उपाय नहीं किए जाने के बाद भी बड़ी संख्‍या में यह मछली यहां पर मौजूद है। शोध में कहा गया है कि मेडागास्‍कर विभ‍िन्‍न coelacanth प्रजातियों के लिए केंद्र बन गया है। हालांकि वहां की सरकार इस शिकार को रोकने के लिए बहुत ज्‍यादा चिंतित नहीं दिखाई दे रही है।

पूरब टाइम्स रायपुर। कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य शासन ने  आम जनता को राहत देने की दृष्टि से निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में कोविड-19 की जांच के लिए आरटीपीसीआर, एंटीजन तथा ट्रू नाट रैपिड टेस्ट की दरों में काफी कमी की है।  स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में  आरटीपीसीआर टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथोलॉजी सेन्टर में किया जाता है तो जांच शुल्क  550 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त राशि शुल्क  200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। उक्त शुल्क में सेम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, जांच शुल्क एवं कज्युमेबल. पीपीई कीट इत्यादि का शुल्क सम्मिलित है। ट्रू नाट टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथालॉजी  सेन्टर में किया जाता है तो जाच शुल्क राशि 1300 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथया प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त शुल्क रू 200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। उक्त शुल्क मे सेम्पल कलेक्शन,  ट्रांसपोर्ट शुल्क, जांच शुल्क एवं कंज्युमेबल, पीपीई कीट इत्यादि का शुल्क सम्मिलित है। रेपिड एंटीजन टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथोलॉजी सेन्टर में लिया जाता है तो जांच शुल्क 150 रुपये प्रति टेस्ट लिया जावेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त शुल्क 200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। शुल्क में सेम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क एवं कंज्युमेबल, पीपीई कीट इत्यादि शुल्क सम्मिलित है। उपरोक्त दर निर्धारण तत्काल प्रभाव से लागू होगा। समस्त निजि चिकित्सालयों एवं पैथालाजी केन्द्रों द्वारा कोविड-19 जाच की दरों को मरीज प्रतीक्षालय/बिलिंग काउंटर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा। समस्त निजी चिकित्सालयों एव पैथालाजी केन्द्रों द्वारा कोविड-19 जांच हेतु आईसीएमआर तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ द्वारा समय-समय पर जारी किये गये दिशा-निर्देशो का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।



 राज्य शासन द्वारा कोविड उपचार की अनुमति प्राप्त प्राइवेट अस्पताल जो कि डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना एवं आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत भी है, ऐसे समस्त अस्पतालों में कोविड उपचार की दर संबंधी आदेश जारी किया गया है इस आदेश के अनुसार कोविड उपचार के लिए लगाने वाले सभी प्रकार के चिकित्सा शुल्क की दर शासन द्वारा निर्धारित किये गए है.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कल जारी आदेश के अनुसार इस योजना के तहत प्रतिदिन के मान से जनरल वॉर्ड हेतु- रू 2000, एच डी यू (ऑक्सीजन के साथ) 5500 रू., आईसीयू (बिना वेंटिलेटर के) रू 7000 और आईसीयू (वेंटिलेटर के साथ)- रू 9000 रूपये निर्धारित किए गए हैं आरटी पी सी आर की दर 550 रखी गई है उल्लेखनीय है की पैकेज दर की परिभाषा एबी - पीएमजेवाई 2.0 गाइडलाइन के अनुसार होगी सीटी स्कैन की जांच पर विशेष परिस्थिति में प्रतिबंध हटाया जाता है जिससे की कोविड 19 महामारी के दौरान भर्ती मरीज को इसकी सुविधा मिल सके शासकीय आदेश में कहा गया है की ज्ञात हो कि इसके पूर्व विभाग ने 12 अप्रैल को निजी अस्पतालों में उक्त योजनाओं के तहत पंजीकृत लोगों के लिए 20 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित करने के आदेश जारी किए थे
स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को समय-समय पर शिकायतें मिल रही थी कि निजी चिकित्सालयों में कोविड पाजिटिव मरीज की मृत्यु हो जाने पर अस्पतालों द्वारा परिजनों से इस दुखद घड़ी में अत्यधिक राषि की मांग की जाती है इसे रोकने के लिए विभाग ने हाल ही में आदेश जारी किया था कि निजी अस्पताल ऐसे समय में हैंडलिंग, स्टोरेज और मैनेजमेंट के लिए अधिकतम केवल 2500 रूपये ले सकते है, उससे ज्यादा नही ले सकेंगे यह आदेश पूर्व में भी जारी हुआ था यह आदेश परिजनों को दुख के समय में राहत पहुंचाने के लिए जारी किया गया है और यह केवल निजी अस्पतालों पर लागू किया गया है शासकीय अस्पतालों में  इस हेतु पूर्णत: निशुल्क व्यवस्था रहती है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने 48 घंटे का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने प्रदेश में आरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में जोरदार बारिश के साथ, ओला गिरने और व्रजपात की भी चेतावनी जारी की है। प्रदेश के 10 जिलों में मौसम का रूख बदल सकता है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में कल से ही बादल छाये हुए हैं।


राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम के बदले मिजाज के बीच तापमान काफी गिर गया है।मौसम विभाग की माने तो नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते छत्तीसगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तरी-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रभावी हो रहा है और इसके असर से 18 से 20 मार्च के दौरान गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है, उसमें बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, बिलासपुर, पेंड्रा रोड, कोरबा, मुंगेली, कवर्धा, बेमेतरा जिला शामिल हैं। हालांकि इसके अलावे भी कई जिलों में मौसम में बदलाव की वजह से तापमान में गिरावट आयेगी। रायपुर में कल से ही बादल छाये हुए हैं, वहीं हल्की-हल्की सर्द हवाएं भी चल रही है।

टेक डेस्क। फेसबुक ओन्ड इंस्टाग्राम बच्चों के लिए एक नया ऐप लॉन्च करेगी। यह मौजूदा इंस्टाग्राम  का नया वर्जन होगा, जो खासतौर पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए होगा। इंस्टाग्राम प्रोडक्ट के वाइस प्रेसिडेंट विशाल शाह BuzzFeed को दिये इंटरव्यू में इसका खुलासा किया है। शाह के मुताबिक इंस्टाग्राम के दो वर्जन होंगे। एक वर्जन 13 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए होगा। जबिक दूसरे वर्जन में 13 साल से कम उम्र के युवाओं को सुरक्षित मोड से इंस्टाग्राम के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा, जो पहली बार इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

बता दें के मौजूदा वक्त में इंस्टाग्राम की पॉलिसी 13 साल से कम उम्र के बच्चों को इंस्टाग्राम  के इस्तेमाल की मंजूरी नहीं देता है। साथ ही बच्चे अपने पैरेंट्स और मैनेजर के सुपरविजन में एक इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर सकते हैं। BuzzFeed की रिपोर्ट के मुताबिक किड्स फोक्स्ड इंस्टाग्राम वर्जन का काम इंस्टाग्राम के हेड Adam Mosseri देखेंगे। जबकि इसका नेतृत्व Facebook के वाइस प्रेसिडेंट Pavni Diwanji करेंगे, जो पहले Youtube किड्स का नेतृत्व करते थे। यह Google के सब्सिडियरी का चाइल्ड फोकस्ड प्रोडक्ट है। साथ ही इंस्टाग्राम में पैसेंटल कंट्रोल दिये जाने की भी तैयारी चल रही है।  

बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के खिलाफा अपराध के मामले बढ़ने की शिकायत मिली है। इन प्लेटफॉर्म पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक पोस्ट मौजूद होने की आरोप है। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों के खिलाफ कंटेंट को हटाने का दबाव बढ़ा था। यूके बेस्ड नेशनल सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू चिल्ड्रेन की रिपोर्ट के मुताबिक इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े सबसे ज्यादा केस मौजूद हैं। इसमें पिछले तीन साल में काफी इजाफा दर्ज किया गया है। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों के लिए अलग ऐप बनाने का दबाव बढ़ा है।


बता दें देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से लगे जिले की सीमाओं पर आने-जाने वाले लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। बाघ नदी और और बोरतालाब के पास स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाकर जिले में दाखिल होने वालों की कोरोना टेस्ट करवा रहा है।

नई दिल्ली। सरकार की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सख्त चेतावनी दी गई है। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने राज्यसभा में कहा कि अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की न्यूड और मॉर्फ्ड फोटो मौजूद है, तो सोशल मीडिया कंपनी इसे 24 घंटे के अंदर हटा ले। बता दें कि केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसी नई गाइडलाइन का हवाला देते हुए रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में इंटरनेट साम्राज्यवाद को कभी स्वीकार नहीं किया गया है। इसी राह पर चलते हुए हमारी सरकार भी इंटरनेट पर किसी एक व्यक्ति का वर्चस्व नहीं होने देगी। 


रविशंकर प्रसाद ने साफ किया कि भारत विरोधी और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी तरह के कंटेंट को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरह के भारत विरोधी कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 36 घंटों के भीतर हटाना होगा। इसके लिए मंत्री ने नई गाइडलाइन का हवाला दिया। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूजर्स का वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया, जिससे की फर्जी खबरों को समय रहते पहचानकर रोका जा सके। हालांकि सरकार ने साफ किया कि यह सोशल मीडिया पर निर्भर करेगा कि उसकी तरह से यूजर वेरिफिकेशन कैसे किया जाए। उन्होनें कहा कि यूजर वेरिफिकेशन में सरकार का कोई रोल नहीं होगा। 


सरकार ने कहा कि वो आलोचनाओं से नहीं डरती है और न ही इस पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी तरह की आलोचनाओं को सहन करने के लिए तैयार है। कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने मंत्री से पूछा कि अगर सोशल मीडिया यूजर्स की आईडी फर्जी है, तो यूजर्स की पहचान कैसे की जाएगी। इस पर मंत्री ने कहा कि यह कंपनी पर निर्भर करेगा कि वो कैसे यूजर वेरिफिकेशन करती है। 

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार कहा, फास्ट टैग  पूरी तरह लागू करके एक साल में टोल लेने की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा, जिसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा और इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी। 


केंद्रीय मंत्री गड़करी ने कहा, पिछली सरकारों के दौरान कई स्थानों पर शहरी इलाकों के भीतर टोल बनाए गए जो गलत और अन्यायपूर्ण हैं और इन्हें हटाने का कार्य एक साल में पूरा हो जाएगा. इस तरह के टोल को शहरों के अंदर से हटाने का काम एक साल में पूरा हो जायेगा। गडकरी ने यह भी कहा, रोड एक्सीडेंट रोकना हमारी प्राथमिकता है, कोविड से जितने लोग मरे, उससे ज्यादा की मौत सड़क हादसों में होती है। 


गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान गुरजीत औजला, दीपक बैज और कुंवर दानिश अली के पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि शहरों के भीतर पहले बनाए गए टोल एक साल में हटा दिए जाएंगे. इस तरह के टोल में चोरियां बहुत होती थीं. एक अन्य सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा, 90 फीसदी जमीन अधिग्रहण किए बिना हम परियोजना आवंटित नहीं करते. जमीन का अधिग्रहण करने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाती है। 

ऑटो डेस्क। बजाज पल्सर 180 को भारत में लॉन्च कर दिया है। आपको बता दें कि इस बाइक को 1.04 लाख रुपये एक्स-शोरूम की कीमत में उतारा गया है। कंपनी ने भारत में इस मोटरसाइकिल को डुअल टोन ब्लैक-रेड में पेश किया था लेकिन हाल ही में इस मोटरसाइकिल को ब्लू कलर में भी स्पॉट किया गया है। जानकारी के अनुसार जल्द ही कंपनी इस नये कलर ऑप्शन को ग्राहकों के लिए पेश करने की तैयारी में है। इस मॉडल में ब्लू के साथ व्हाइट और ब्लैक डुअल टोन ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया है।


बजाज ने 2021 पल्सर 180 के नये कलर ऑप्शन को तैयार करने के लिए डार्क मैट ब्लू शेड का इस्तेमाल किया है। इस शेड के साथ पल्सर कहीं ज्यादा अग्रेसिव नजर आती है और इसके फीचर्स भी उभरकर सामने आ रहे हैं। इस बाइक को स्पोर्टी लुक देने के लिए कंपनी ने डुअल टोन ब्लैक और वाइट ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया है। ये ग्राफिक्स आपको हेडलैम्प काउल, इंजन काउल, फ्यूल टैंक, साइड पैनल और रियर टेल सेक्शन में दिखाई देगा। मौजूदा ग्राफिक्स की तुलना में नये ग्राफिक्स कहीं ज्यादा बेहतर और स्पोर्टी नजर आ रहा है।


2021 बजाज पल्सर में 178.6 सीसी के एयर-कूल्ड इंजन का प्रयोग किया गया है। जो 8,500 आरपीएम पर 17 बीएचपी की पावर और 6,500 आरपीएम पर 14 एनएम पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इस पॉवरप्लांट को पांच-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। इसमें बतौर ब्रेकिंग सिंगल-चैनल एबीएस के साथ 280 मिमी फ्रंट और 230 मिमी रियर डिस्क ब्रेक हैं। 


सस्पेंशन की बात करें तो बाइक के फ्रंट साइड में टेलिस्कॉपिक फॉर्क्स और पीछे गैस चार्ज्ड स्प्रिंग्स मिलेंगे। सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो नई बजाज पल्सर 180 रोडस्टर में फ्रंट और रियर व्हील्ज में डिस्क ब्रेक और सिंगल चैनल एबीएस मिलता है। नई बाइक का लुक काफी हद तक बजाज पल्सर 125 और पल्सर 150 जैसा होगा। बता दें पल्सर बजाज की तरफ से आने वाली देश में सबसे लोकपप्रिय बाइक है। इस बाइक का दुनियाभर में एक अलग ही फैन बेस माना जाता है। 



अभिनेत्री कंगना रनोट ने अपने ट्वीट में युवाओं से कहा है कि उन्हें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए कि कैसे जींस स्टाइल के साथ पहननी चाहिएl कंगना रनोट ने फटी हुई जींस के साथ अपनी तीन तस्वीरें शेयर की हैl इसके साथ उन्होंने लिखा है, अगर आप फटी जींस पहनना चाहते हैं तो उन्हें इस प्रकार पहने ताकि आपकी स्टाइल किसी बेघर भिकारी की तरह ना लगे, जिसे इस महीने की अलाउंस नहीं मिली हैl कुछ लोग ऐसे ही दिखाई देते हैंl


दरअसल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हाल ही में कहा था कि जिन लोगों में मूल्यों की कमी है वे युवा फैशन के नाम पर फटी हुई जींस पहन कर अपने आपको बड़ा समझते हैंl मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यही युवा बाजार जाकर फटी हुई जींस खरीदता हैं अगर उन्हें नहीं मिलती तो अपनी जींस कैची से काट लेते हैंl तीरथ सिंह रावत ने यह भी कहा था, मेरे बगल में हवाई जहाज में एक महिला बैठी थी, जिसने बूट पहन रखे थे,


फटी हुई जींस पहन रखी थी और चूड़ियां पहन रखी थीl उनके साथ दो बच्चे भी थेl वह एक एनजीओ चलाती हैl वह समाज सेविका कहलाती हैंl उनके दो बच्चे भी हैं लेकिन फटी हुई जींस पहनती हैl वह अपने बच्चों को किस प्रकार के मूल्य दे रही हैंl इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसपर प्रतिक्रिया दी थीl इसमें अभिनेता अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या नवेली नंदा भी शामिल हैl इसके अलावा उन्होंने अपनी खुद की एक तस्वीर भी शेयर की थी।

ऑटो डेस्क। भारतीय वाहन बाजार में प्रत्येक तरह के ग्राहक हैं, हर किसी को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार वाहनों की तलाश रहती है। सालों से चले आ रहे हैचबैक गाड़ियों के क्रेज को आज भी एक बड़ा वर्ग तलाशता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अपने इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं, मार्केट में मौजूद ऐसी कुछ गाड़ियां, जिन्हें आप 5 लाख के भीतर की रेंज में खरीद सकते हैं।


जब भी ग्राहक अपनी पहली गाड़ी खरीदते हैं, तो वह छोटी कारों को पसंद करते हैं। मारुति ऑल्टो कई कारणों से सबसे सस्ती हैचबैक है। मारुति ने ऑल्टो सहित अपने सभी मॉडलों की कीमतों में हाल ही में 34,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। जिसके बाद इस एंट्री-लेवल हैचबैक की कीमत 2.99 लाख रुपये से लेकर 4.48 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच है। कंपनी का दावा है कि यह एक लीटर पेट्रोल में 22.05kmpl तक का माइलेज देती है। वहीं ऑल्टो का सीएनजी वेरिएंट 31.59km/g तक माइलजे देने में सक्षम है।  


इस सूची की दूसरी कार Renault Kwid है। जिस पर कंपनी मार्च में 50,000 रुपये तक की छूट भी दे रही है। Kwid की कीमत वर्तमान में 3.12 लाख रुपये से लेकर 5.31 लाख रुपये (एक्स-शोरूम दिल्ली) के बीच तय की गई है। यह कार पांच वेरिएंट्स  STD, RXE, RXL, RXT और Climber में ब्रिकी के लिए उपलब्ध है।  कंपनी का दावा है कि यह 22kmpl तक का माइलेज देने में सक्षम है। 


हुंडई सैंट्रो भारत की एक लोकप्रिय कार है। इस कार की कीमत में 4,900 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। जिसके बाद हुंडई सैंट्रो की कीमत 4.67 लाख रुपये से लेकर 6.35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच हो गई है। कंपनी इसे 1.1-लीटर चार-सिलेंडर पेट्रोल इंजन और सीएनजी के साथ पेश करती है। वहीं इसका माइलेज 20.3kmpl तक का है।  
 

टेक डेस्क। सैमसंग के अपकमिंग स्मार्टफोन Galaxy A52 और Galaxy A72 को लेकर काफी समय से लीक्स व खुलासे सामने आ रहे हैं। वहीं इन स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे यूजर्स का इंतजार आज खत्म होने वाला है। क्योंकि आज यानि 17 मार्च को कंपनी इन दोनों स्मार्टफोन को भारत और ग्लोबल मार्केट में लॉन्च करने वाली है। ये दोनों कंपनी के मिड बजट रेंज स्मार्टफोन हो सकते हैं। लॉन्च से पहलेे लीक्स के माध्यम से इन स्मार्टफोन की कीमत से लेकर फीचर्स तक कई जानकारियां सामने आ चुकी हैं। बता दें कि इन स्मार्टफोन को Samsung Galaxy Awesome Unpacked इवेंट में लॉन्च कर सकती है और इस इवेंट को आप घर बैठे लाइव देख सकते हैं। 

अगर आप Samsung Galaxy Awesome Unpacked इवेंट में लॉन्च होने वाले Galaxy A52 और Galaxy A72 का लाइव स्ट्रीम देख सकते हैं। जो कि कंपनी के आधिकारिक YouTube चैनल पर शाम 7.30 बजे आयोजित किया जाएगा। उम्मीद है कि कंपनी इस इवेंट में नए स्मार्टफोन के साथ ही कई अन्य प्रोडेक्ट भी पेश कर सकती है।

अब तक सामने आई लीक्स के अनुसार Samsung Galaxy A52 को भारत में 26,499 रुपये की  शुरुआती कीमत के साथ लॉन्च हो सकता है और इसमें 6GB रैम के साथ 128GB इंटरनल मेमोरी मिलेगी। वहीं 8GB + 128GB मॉडल की कीमत 27,999 रुपये हो सकती है। कंपनी के Galaxy A72 स्मार्टफोन के 8GB + 128GB मॉडल को 34,999 रुपये की कीमत के साथ लॉन्च कर सकते हैं। जबकि 256GB स्टोरेज मॉडल को 37,999 रुपये की कीमत में पेश किया जा सकता है।