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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



पिथौरागढ़। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ की सीमा पर बहने वाली सरयू नदी में नहाने गए पांच किशोरों की मौत हो गई। मृतकों में दुल्हन का सगा और चचेरा भाई भी शामिल है। एक दिन पूर्व सेराघाट के रामपुर से एक बारात गणाईगंगोली के धौलियाइजर कूना गांव गई थी। बारात लौटने पर परंपरा के तहत दुल्हन के भाई, चचेरा भाई सहित तीन अन्य युवक दुल्हन को छोडऩे के लिए दुल्हन की ससुराल रामपुर गए थे।

बुधवार सुबह रवींद्र कुमार 15 वर्ष पुत्र गोकुल राम, साहिल कुमार 15 वर्ष पुत्र पूरन राम, मोहित कुमार 17 वर्ष पुत्र अशोक कुमार, राजेश कुमार 16 वर्ष पुत्र खीम राम, पीयूष कुमार 15 वर्ष पुत्र कृष्ण कुमार निवासी धौलियाइजर गांव कूना गणाई गंगोली रामपुर से लगभग आधा किमी दूर बहने वाली सरयू नदी में नहाने चले गए। घटनास्थल से लगभग आठ किमी दूर रहने वाले इन किशोरों को नदी के बहाव और गहराई का कोई अनुभव नहीं था।

पांचों किशोर नदी में बने ताल में नहाने लगे और अधिक गहराई में जाने पर डूबने लगे। जिस स्थान पर किशोर नहा रहे थे वह स्थल दूर होने से लोगों की नजर में भी नहीं रहता है। इस दौरान कुछ लोगों ने किशोरों को डूबते हुए देखा। जब तक बचाने वाले पहुंचते उससे पूर्व ही किशोर नदी में डूब गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सेराघाट पुलिस चौकी को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के साथ मिल कर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। शवों को नदी से बरामद कर लिया है।

मृतकों में एक किशोर दुल्हन का सगा भाई और एक सगा चचेरा भाई बताया जा रहा है। तीन किशोर गांव के भी दुल्हन के भाई लगते हैं। परंपरा के अनुसार शादी के बाद जब दुल्हन की विदाई होती है तो साथ में उसे विदा करने उसके भाई भी जाते हैं। सभी किशोर दुल्हन को ससुराल तक छोडऩे गए थे। इस घटना के बाद दुल्हन के घर और मायके में कोहराम मचा है। पुलिस शवों का पंचनामा भरने की कार्यवाही कर रही है।

लाइफ स्टाइल डेस्क। छोटे बच्चों को मास्क पहनाना काफी मुश्किल काम है। या तो वे इसे फौरन निकाल देंगे या फिर पहनेंगे ही नहीं। इसी वजह से सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि अगर बच्चे मास्क नहीं पहन रहे, तो क्या वे सुरक्षित हैं? सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, दो साल से कम उम्र के छोटे बच्चों के चेहरों को ढंकना नहीं चाहिए, या ऐसे किसी बच्चे के जिसे सांस लेने में परेशानी हो, बेहोश हो, या सहायता के बिना मास्क को हटाने में असमर्थ हो।

बच्चों के वायुमार्ग छोटे होते हैं, इसलिए मास्क के साथ सांस लेने में उन्हें दिक्कत आ सकती है। इसलिए छोटे बच्चों को मास्क पहनाने पर उनका दम घुटने का ख़तरा रहता है। मास्क अगर कसा हुआ हो, तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और ढीला हो तो ज़रूरी सुरक्षा नहीं मिलेगी। क्योंकि छोटे बच्चे अपना मास्क खुद से नहीं उतार पाएंगे, 





रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब सीजी टीका ऐप बन्द हो जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 से 45 साल तक के लोगों के लिए केंद्र से वैक्सीन उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद अब इस ऐप की कोई उपयोगिता नहीं रह जाएगी. देश में जब केंद्र ने 18 से 45 साल तक के लोगों के टीकाकरण की घोषणा की इसके साथ ही इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर ही डाल दी थी. केंद्र के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी जमकर वार पलटवार हुए. 

आखिर में राज्य सरकार ने एक मई से उपलब्ध वैक्सीन के आधार पर टीकाकरण शुरू कर दिया. वहीं जब टीकाकरण केंद्रों में इस आयु वर्ग के लोगों की लंबी लंबी कतारें लगने लगी. साथ ही देर रात से अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों को जब बिना टीकाकरण करके वापस लौटना पड़ता तो आक्रोश भी साफ था. इसके बाद राज्य सरकार ने अपना ऐप सीजी टीका ऐप शुरू की. इस ऐप के जरिए टीकाकरण करने वाले लोगों को जो सर्टिफिकेट मिलता था उसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की फोटो लगी रहती थी. 

हालांकि प्रधानमंत्री की फोटो सर्टिफिकेट में नहीं रहने पर बीजेपी ने काफी हंगामा किया था. जब प्रधानमंत्री की फोटो पूरे देश में फ्री वैक्सीन देने की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ में यह ऐप बन्द हो जाएगा. हालांकि इससे टीकाकरण को लेकर तनाव भी बढ़ जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस सम्बन्ध में कहा कि अब प्रदेश में सीजी टीका पोर्टल बंद कर दिया जाएगा. अब प्रदेश में जो भी टीकाकरण होगा वो केंद्र सरकार के बने पोर्टल कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के आधार पर होगा. 

उनका कहना है कि जब तक राज्य सरकार टीकाकरण करा रही थी तब तक राज्य सरकार के पोर्टल से पंजीकरण हो रहा था. अब तकनीकी रूप से अब ऐसा संभव नहीं होगा. केंद्र सरकार ने पूरे देश में इस आयु वर्ग के लोगों को टीके देने का ऐलान कर दिया है. अब तक चूंकि 18 से 45 आयु वर्ग के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार टीका खरीद रही थी इसलिए यहां टीकाकरण के लिए अलग पोर्टल बना था. ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ चुनिंदा राज्य था.

स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव का कहना है कि राज्य सरकार की खरीदी के बाहर के टीके कोविन पोर्टल पर ही पंजीकृत होंगे. हालांकि उनका कहना है कि एक से दो दिनों में स्थिति और साफ होगी मगर फिलहाल अब सिर्फ उनका ही टीकाकरण होगा, जिनका अब तक रजिस्ट्रेशन पहले से ही हो चुका है. उन्‍होंने कहा कि केंद्र के वैक्सीन करने के ऐलान के बाद अब तक बहुत सी स्थिति अस्पष्ट है.

अगर हम 21 जून तक यहां टीकाकरण जारी रखना चाहते हैं तो क्या हमें टीका खरीदना होगा. अभी इतने दिनों के लिए टीके भी नहीं है. ये भी साफ नहीं है कि अब तक जो खरीदा है क्या उसका पैसा वापस होगा? केंद्र को ये बताना चाहिए क‍ि प्रदेश में टीकाकरण हम जारी रख सकते हैं, हालांकि इस पर फैसला विभागीय समीक्षा के बाद करेंगे. उधर, सीजी टीका ऐप में टीकाकरण को लेकर स्लाट नहीं मिलने से लोग वैसे भी परेशान हैं.टीके नहीं मिलने की परेशानी से पहले ही प्रदेश के लोग जूझ रहे हैं. अब जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया है उन्हें सीजी टीका ऐप से को पोर्टल में पंजीयन करना पड़ सकता है.


मुंबई। बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी इन दिनों द फैमिली मैन में अपने धांसू अंदाज की वजह से चर्चा में हैं. मनोज बाजपेयी की इस वेब सीरीज में दमदार एक्टिंग से फैंस को दीवाना बना दिया है. यूं तो मनोज ने कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है लेकिन दो पार्ट में द फैमिली मैन सीरीज में खुफिया विभाग में काम करने वालों की जिंदगी बड़े ही संजीदगी से पर्दे पर उतारी है. मनोज अब एक दूसरी वेब सीरीज में नजर आने वाले हैं. एक्टर की अपकमिंग वेब सीरीज रे का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है.

इस ट्रेलर को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मनोज की एक्टिंग से सजी ये सीरीज भी धमाल करने वाली है. हिंदी वेब सीरीज रे में मनोज बाजपेयी के साथ गजराज राव के के मेनन भी नजर आएंगे. इस वेब सीरीज के डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी,वसन बाला, अभिषेक चौबे हैं. अपनी इस वेब सीरीज के बारे में मनोज बाजपेयी ने इंस्टग्राम पर भी जानकारी दी है. 

इंस्टाग्राम पर रे का पोस्टर शेयर कर मनोज बाजपेयी ने लिखा विरासत जारी है. Ray का 25 जून को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर. इस पर एक फैंस ने खुश होते हुए लिखा कि इंतजार रहेगा सर,दूसरे ने लिखा आप हमेशा की तरह कमाल करने वाले हैं, तीसरे ने लिखा फैमिली मैन 2 के बाद इसे देखने के लिए सुपर एक्साइटेड हूं.इसके अलावा एक फैन ने लिखा कि इसे सिर्फ आपकी खातिर देखने वाला हूं.

बता दे कि रे में सत्यजीत रे की चार कहानियां दिखाई जाएंगी. इस सीरीज में मनोज बाजपेयी के अलावा गजराज राव, श्वेता बसु प्रसाद, के के मेनन जैसे स्टार भी हैं. इसके बारे में नेटफ्लिक्स ने ट्विटर पर बताया कि मनोज बाजपेयी अब उनकी एक सीरीज में नजर आएंगे. हमें अच्छा लग रहा है कि आप इस फैमिली का हिस्सा हैं मैन. इस पर मनोज ने भी रिप्लाई देते हुए लिखा कि वह भी इसका पार्ट होने पर खुशी महसूस कर रहे हैं.

नई दिल्ली। आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को आज उनकी पुण्यतिथि पर याद किया जा रहा है। मुंडा जनजाति के एक निडर शख्सियत, बिरसा मुंडा ने बंगाल, बिहार और झारखंड की सीमा से लगे क्षेत्रों में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और राजनीतिक दलों के नेता बिरसा मुंडा को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने ट्विटर पर लिखा, आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा बिरसा मुंडा को आज उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं। निडर आदिवासी नेता ने दमनकारी ब्रिटिश शासन के खिलाफ आदिवासी आंदोलन का नेतृत्व कर स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान दिया। बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि।  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अंधविश्वास को मिटाने और बीमारियों के प्रसार को रोकने में बिरसा मुमदा के प्रयासों की सराहना की।

हेमंत सोरेन ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, बिरसा मुंडा के काम से प्रेरणा लेते हुए हमें कोरोना महामारी से लड़ना है। उन्होंने ट्वीट किया, आदिवासी अधिकारों के लिए शोषकों के खिलाफ उलगुलान छेड़ने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा के शहादत दिवस पर शत-शत नमन। धरती आबा ने समाज में बीमारियों को लेकर फैले अंधविश्वास भी मिटाने का काम किया था। आज धरती आबा से प्रेरणा लेकर हमें कोरोना को दूर भगाना है।

छोटानागपुर पठार के आदिवासी क्षेत्र में जन्मे बिरसा मुंडा ने किशोरावस्था में ही आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ना शुरू कर दिया था। बिरसा मुंडा ने एक जर्मन मिशन स्कूल में पढ़ाई की लेकिन कुछ ही सालों में उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। ब्रिटिश शासकों के अत्याचार को देखते हुए, बिरसा मुंडा ने बिरसैत नामक अपना संप्रदाय शुरू किया था। मुंडा और उरांव जनजाति के कई लोग उनके संप्रदाय और उनके आंदोलन में शामिल हो गए थे।

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस कटरीना कैफ और विक्की कौशल के इश्क के चर्चे बीते कई महीनों से हो रहे हैं, हालांकि अब तक दोनों के रिलेशनशिप पर मुहर नहीं लगी है। न तो कटरीना की तरफ से ऐसा कुछ कन्फर्म हुआ है और न ही विक्की की तरफ से। लेकिन अब एक फिल्म अभिनेता ने दोनों के रिलेशनशिप को कन्फर्म कर दिया है। अनिल कपूर बेटे और बॉलीवुड एक्टर हर्षवर्धन कपूर ने ये साफ कर दिया है कि कटरीना और विक्की कौशल एक दूसरे के डेट कर रहे हैं।

Zoom By Invite Only Season 2 में बातचीत में हर्षवर्धन ने बताया, कटरीना और विक्की कौशल साथ हैं, उनके बारे में जो खबरें चल रही हैं वो सच हैं। मुझे लगता है ये बताने के बाद अब मेरे लिए परेशानी खड़ी होनी वाली है? शायद! आपको बता दें कि बता दें कि विक्की कौशल और कटरीना कैफ अफेयर की खबरों की वजह से लंबे वक्त से सुर्खियों में हैं। हाल ही में विक्की को कटरीना कैफ के घर पर स्पॉट किया गया था।



टेक डेस्क। हर दिन किसी ना किसी का बर्थ डे और शादी की सालगिरह होती है। ऐसे में सभी के बर्डथे और शादी की सालगिरह की तारीख को याद रखना मुश्किल होता है। ऐसी स्थिति में WhatsApp आपकी मदद कर सकता है। दरअसल WhatsApp पर बर्डथे और शादी की सालगिरह के मैसेज को शेड्यूल किया जा सकता है। हालांकि, यह WhatsApp का फीचर नहीं है, लेकिन थर्ड पार्टी ऐप इस काम में आपकी मदद करेगा। इस थर्ड पार्टी ऐप की मदद से रात 12 बजे तक WhatsApp से अपने दोस्तों या किसी अन्य को मैसेज भेजा जा सकेगा। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से:

इसके बाद ऐप में वापस जाएं, जहां पर आप अपने मैसेज को शेड्यूल कर पाएंगे। नीचे अब आपको फाइनल toggle दिखेगा। यहां आपको Ask Me Before Sending का ऑप्शन दिखेगा। इसे ऑन करके शेड्यूल करते हैं, तो मैसेज भेजने से पहले आपको एक नोटिफिकेशन भेजेगा, जिस पर क्लिक करने के बाद ही यह मैसेज भेजा जाएगा। इसे ऑफ करते हैं, तो बिना नोटिफिकेशन भेजे यह मैसेज भेजा दिया जाएगा।


बिजनेस डेस्क। सोने एवं चांदी के वायदा दाम में बुधवार को तेजी का रुख देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 11:55 बजे अगस्त, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का रेट 43 रुपये यानी 0.09 फीसद की तेजी के साथ 49,170 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इससे पिछले सत्र में यानी मंगलवार को अगस्त, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का दाम 49,170 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था। 







इस निर्णय से प्रदेश के अंत्योदय राशन कार्ड, प्राथमिकता वाले राशन कार्ड, अन्नपूर्णा राशनकार्ड एवं निराश्रित तथा निशक्तजन को जारी राशन कार्डधारियों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी सभी राशन कार्डधारियों को पीएम गरीब कल्याण योजना के समकक्ष अतिरिक्त चावल भी प्रदान किया जाएगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल से बंद पड़े स्कूल अब खोले जा सकते हैं। इसे लेकर प्रदेश की सरकार विचार बना रही है। सोमवार को स्कूल खोले जाने के मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो 16 जून के बाद स्कूल खोले जा सकते हैं। हम इस पर विचार कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने स्कूलों को खोलने और वहां हर हाल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाने की प्लानिंग करने अफसरों को कहा है।

16 जून से पहले प्रदेश सरकार की एक अहम बैठक हो सकती है जिसमें यह तय होगा कि अगर प्रदेश में स्कूल खुलते हैं तो किस तरह की गाइडलाइन होगी। शिक्षा मंत्री से दरअसल पत्रकारों ने पूछा था कि कोरोना संक्रमण घट रहा है तो क्या स्कूल खुलने की उम्मीद है। इस सवाल के जवाब में प्रेम साय टेकाम ने कहा कि आशा तो रखनी ही चाहिए आशा के बल पर तो आकाश टिका है। हम स्कूल खोलने पर काम कर रहे हैं।

इस साल फरवरी के महीने में स्कूल खुले थे। तब 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स को बुलाया गया था। इन स्टूडेंट्स के बचे हुए सिलेबस को पूरा करवाया गया था, परीक्षा की तैयारी करवाई गई थी। इस बार भी अफसर इसी तरह से शुरूआत में बड़ी क्लास के बच्चों को स्कूल बुलाने पर मंथन कर रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर को भी प्रदेश में डर का माहौल है इस बीच शिक्षा विभाग काफी फूंक-फूंककर कदम रख रहा है।

पिछले साल स्कूल प्रबंधन और पालकों के बीच चला रहा फीस विवाद अब भी जारी है। स्कूल शुरू किए जाने की वजह से अब ये बहस फिर शुरू हो गई है कि बंद पड़े स्कूलों में पूरी फीस वसूलने के मामले में सरकार को फैसला करे। YMS यूथ फाउंडेशन के महेंद्र सिंह होरा ने बताया कि शिक्षा मंत्री को प्राइवेट स्कूलों की फीस में रियायत देने या फीस माफ करने के को लेकर कोई स्थिति साफ करनी चाहिए। विधायक विकाय उपाध्याय ने निजी स्कूलों द्वारा मनमाने फीस वसूली किए जाने के मामले में शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला से मुलाकात की है। उन्होंने निजी स्कूलों की फीस मामले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है।




उत्तर पुस्तिका 26 मई से 30 मई तक जमा कर सकेंगे। और वही 10 वीं के छात्र 1 जून से 5 जून तक उत्तर पुस्तिका और प्रश्न पत्र ले सकेंगे। 6 जून से 10 जून तक उत्तर पुस्तिका जमा कर सकेंगे। लगातार दूसरे साल ओपन स्कूल की परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से आयोजिक हो रही है।@GI@

भोपाल। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन पहले हड़ताल पर गये प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों को 24 घंटे में काम पर वापस लौटने के बृहस्पतिवार को दिए आदेश के कुछ घंटों बाद ही करीब 3,000 जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। मध्यप्रदेश जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) के अध्यक्ष अरविंद मीणा ने बताया कि प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों के करीब 3,000 जूनियर डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को अपने-अपने मेडिकल कॉलेजों के डीन को सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तीसरे वर्ष के जूनियर डॉक्टर्स के इनरोलमेंट रद्द कर दिए हैं। इसलिए अब हम परीक्षा में कैसे बैठेंगे। मालूम हो कि स्नातोकत्तर (पीजी) कर रहे जूनियर डॉक्टर्स को तीन साल में डिग्री मिलती है, जबकि दो साल में डिप्लोमा मिलता है। मीणा ने कहा कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए हम जल्द ही उच्चतम न्यायालय में जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन एवं फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन भी हमारे साथ आ रहे हैं।


इससे कुछ ही घंटे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक तथा न्यायमूर्ति सुजय पॉल की युगलपीठ ने प्रदेशव्यापी शासकीय जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को अवैध करार देते हुए जूनियर डॉक्टरों को 24 घंटों में काम पर लौटने के आदेश देते हुए कल (शुक्रवार) दोपहर ढाई बजे तक काम पर वापस लौटने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा कि निर्धारित समय सीमा पर जूनियर डॉक्टर हड़ताल समाप्त कर काम पर नहीं लौटते हैं तो राज्य सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।


युगलपीठ ने कोरोना महामारी काल में जूनियर डॉक्टर के हड़ताल पर जाने की निंदा की है। उन्हें कहा है कि विपत्तिकाल में जूनियर डॉक्टर की हड़ताल को किसी प्रकार से प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है। सिविल लाइन जबलपुर निवासी अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह की तरफ से जूनियर डॉक्टर की प्रदेशव्यापी हड़ताल के खिलाफ उच्च न्यायालय में आवेदन दायर किया गया था। इसी बीच, मध्य प्रदेश के आयुक्त चिकित्सा शिक्षा निशांत वरवड़े ने बताया कि जूनियर डॉक्टर्स की समस्याओं के निराकरण के संबंध में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग कई बार उनके प्रतिनिधियों से चर्चा कर चुके हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मांगों के सकारात्मक समाधान के लिए अनेक कदम भी उठाए हैं।

नई दिल्ली। गौतम गंभीर फाउंडेशन को कोविड-19 दवा की अनधिकृत जमाखोरी में दोषी पाया गया है। दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रक ने गुरुवार को हाईकोर्ट को बताया कि गौतम गंभीर फाउंडेशन को कोविड-19 मरीजों के उपचार में होने वाली दवा फैबीफ्लू की अनधिकृत तरीके से जमाखोरी करने, खरीदने और उसका वितरण करने का दोषी पाया गया है। औषधि नियंत्रक ने इस मामले में कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले में फाउंडेशन और दवा डीलरों के खिलाफ बिना किसी देरी के कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने औषधि नियंत्रक से छह सप्ताह के भीतर इन मामलों की प्रगति पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। इसकी अगली सुनवाई 29 जुलाई निर्धारित की गई है।


आपको बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 मई को औषधि नियंत्रक को निर्देश दिया था कि वह कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल दवाओं की कमी के बीच नेताओं द्वारा बड़े पैमाने पर खरीदी गई दवाओं के मामले की जांच करे। इसी के तहत गौतम गंभीर फाउंडेशन का मामला सामने आया।औषधि नियंत्रक ने HC को बताया कि विधायक प्रवीन कुमार को भी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स कानून के तहत ऐसी ही अपराधों में दोषी पाया गया है। कोर्ट ने औषधि नियंत्रक से छह सप्ताह के भीतर इन मामलों की प्रगति पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इसी तरह की जांच आप विधायक प्रीति तोमर और प्रवीण कुमार द्वारा ऑक्सीजन खरीदने और जमा करने के आरोपों के मामले में भी करने का निर्देश दिया था।


जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने कहा था कि औषधि नियंत्रक को यह पता लगाना चाहिए कि कैसे किसी व्यक्ति के लिए फेबीफ्लू दवा की दो हजार पत्तियां खरीदना संभव हुआ। जब पहले से ही उस दवा की कमी थी और कैसे दुकानदार ने इतनी दवा दी? अदालत ने कहा, गौतम गंभीर ने इसे अच्छी मंशा के साथ किया। हमें उनकी मंशा पर कोई शक नहीं है। लेकिन हमारा सवाल है कि क्या यह जिम्मेदाराना व्यवहार है, जब आप जानते थे कि दवा की कमी है? पीठ ने कहा, जिस तरह का काम उन्होंने किया, वास्तव में वह अपकार था, भले वह अनजाने में ही हुआ होगा। यह कोई तरीका नहीं है कि आप बाजार से इतनी दवाएं खरीद कर रख लें।

कानपुर। हिस्ट्रीशीटर को पुलिस के चंगुल से छुड़ाकर भगाने के मामले में 19 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। भाजपा ने नारायण भदोरिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कानपुर में पुलिस टीम पर हमला कर हिस्ट्रीशीटर को भगाने के मामले में 19 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें नौ लोग नामजद व 10 अज्ञात हैं। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। इसके साथ ही बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा ने नारायण भदौरिया को जिला मंत्री पद से हटा दिया है। 


बताते चलें कि नौबस्ता थाना क्षेत्र में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस टीम पर हमला कर बर्रा थाने के हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को भगा दिया था। हिस्ट्रीशीटर बीजेपी के दक्षिण जिला मंत्री नारायण भदौरिया के जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने आया था। इस दौरान बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हमीरपुर रोड जाम कर हंगामा काटने के साथ ही पुलिस विरोधी नारेबाजी की थी।


पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। बर्रा आठ निवासी हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ बर्रा, जूही, बिठूर व नौबस्ता में हत्या का प्रयास, चोरी, लूट, रंगदारी, धमकी, मारपीट समेत 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं। बुधवार को नौबस्ता पुलिस को सूचना मिली कि हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह हमीरपुर रोड स्थित आकर्षण गेस्ट हाउस में बीजेपी के दक्षिण जिला मंत्री नारायण भदौरिया के जन्मदिन की पार्टी में मौजूद है। 


सूचना मिलते ही नौबस्ता थाना प्रभारी फोर्स संग गेस्टहाउस पहुंचे थे। जहां पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया और जीप में बैठाकर ले जाने लगी। इससे नाराज जिला मंत्री ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस टीम पर हमला बोल हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाकर भगा दिया था। मनोज सिंह चोरी और हत्या के प्रयास के मामले में बर्रा थाने से वांछित चल रहा था।





वीआईपी लोगों की सुरक्षा में तैनात और चौराहों पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए विशेष तौर पर यह आदेश लागू किया गया है. ऐसी जगहों पर पुलिस को ज्यादा सतर्कता बरतनी होती है.@GI@

लखनऊ। एक महिला ने पूर्व विधायक के घर में उनकी बहू पर जानलेवा हमला किया. महिला ने इस दौरान जमकर हंगामा किया. पूर्व विधायक की बहू से मारपीट करते हुए कहा कि तुम्‍हारा पति मेरा है, तुम्‍हें मरना होगा. उन्हें गला दबाकर मारने की कोशिश की गई. फर्रुखाबाद से विधायक रहे समाजवादी पार्टी के विजय सिंह की बहू एकता ने आरोप लगाया कि घर में घुसी महिला उनके पति की महिला मित्र है. 


उसने एकता से कहा, तुम्‍हारा पति मेरा है, तुम्‍हें मरना होगा. इसके बाद उसने एकता पर हमला बोल दिया. उन्‍हें गला दबाकर मारने की कोशिश की. एकता ने आरोप लगाया कि हजरतगंज के कसमंडा हाउस अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में हमलावर महिला सीधे घुस गई. वह उनके पति को अपना बता रही थी. पूर्व विधायक विजय सिंह इस समय ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में जेल में सजा काट रहे हैं. 


पूर्व विधायक की बहू एकता ने बताया कि यह घटना 29 मई की सुबह की है. उस समय घर में एकता और उनकी बहन ही थीं. उनके पति अविनाश कहीं बाहर गए हुए थे. एकता ने अपने ऊपर रॉड से भी हमला किए जाने का आरोप लगाया. उनकी बहन ने बीचबचाव कर किसी तरह उनकी जान बचाई. एकता ने इस मामले में वीरांगना सिंह के खिलाफ हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. हजरतगंज पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच में जुट गई है.

हैदराबाद। कोरोना संक्रमित होने के बाद इलाज के लिए नक्सलियों के बड़े नेताओं का अपनी मांद से निकलने का क्रम जारी है. इस कड़ी में बुधवार को तेलंगाना पुलिस ने वारंगल जिले में वाहन तलाशी के दौरान एक बडे़ नक्सली नेता गद्दाम मधुकर उर्फ सोबराय को गिरफ्तार किया है. सोबराय के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य बड़े नक्सली नेता भी कोरोना संक्रमित बताए जा रहे हैं.


वारंगल पुलिस कमिश्नर की ओर से जारी बयान में बताया गया कि बड़ी संख्या में नक्सली कोरोना से संक्रमित हैं. मंगलवार को एक कोरोना संक्रमित रिष्ठ नक्सली के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ से वारंगल आने की सूचना मिली, जिस पर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई. वारंगल के मुलुगू क्रास रोड पर चेकिंग के दौरान एक गाड़ी में संदिग्ध से पूछताछ की गई, जिस पर उसने अपना परिचय गद्दाम मधुकर उर्फ सोबराय के तौर पर देते हुए कोरोना से संक्रमित होना बताया.


सोबराय ने पूछताछ में बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादियों के कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि की. लेकिन सीपीआई (माओवादी) उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने नहीं दे रहे हैं. गिने-चुने माओवादियों को ही बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने की अनुमति दी जा रही है, वह भी तब जब हालत पूरी तरह से खराब हो जा रही है. यही नहीं कोरोना से संक्रमित दामोदर के एक गार्ड इलाज के लिए भागने का प्रयास किया, लेकिन नक्सलियों ने उसे धरदबोचा और इलाज के लिए बाहर जाने की इजाजत नहीं दी. सोबराय के अलावा अन्य बड़े नक्सलियों के भी कोरोना संक्रमित होने की सूचना है.

बिलासपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए रेलवे दो दिन चलाने के बाद चार पैसेंजर स्पेशल व मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों को तीन जून से फिर रद करने जा रही है। हालांकि 19 दिन बाद मंगलवार को जब ये ट्रेनें पटरी पर आईं तो स्टेशन में थोड़ी रौनक लौटी थी। यात्रियों की उपस्थिति भी नजर आई। पर अब दोबारा सुविधा बंद होने से यात्रियों को असुविधा होगी।

रद की जा रही ट्रेनों में 08119 इतवारी-छिंदवाड़ा पैसेंजर स्पेशल, 08120, छिंदवाड़ा-इतवारी दैनिक पैसेंजर स्पेशल, 08705 रायपुर-डोंगरगढ़ दैनिक मेमू स्पेशल व 08706 डोंगरगढ़-बिलासपुर दैनिक मेमू स्पेशल 03 से 30 जून तक रद रहेंगी। वहीं 08709, रायपुर-डोंगरगढ़ दैनिक मेमू स्पेशल 29 जून तक और 08710, डोंगरगढ़-रायपुर दैनिक मेमू स्पेशल 04 से 30 जून तक नहीं चलेगी।

08861 गोंदिया-झारसुगुड़ा दैनिक मेमू स्पेशल तीन जून से व 08862, झारसुगुड़ा-गोंदिया दैनिक मेमू स्पेशल चार जून से 30 जून तक रद रहेगी। यात्रियों के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है। दरअसल लाकडाउन में छूट मिलने के बाद लगभग सभी दुकानें खुल गई हैं। पहले की तरह अब पाबंदी भी नहीं है। इसलिए लोग अब धीरे-धीरे ट्रेन में सफर करने लगे हैं। पर ट्रेन सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें दिक्कत होगी।

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए रेलवे ने 30 तक नहीं चलाने का लिया निर्णय कोरोना संक्रमण को देखते हुए रेलवे दो चलाने के बाद चार पैसेंजर स्पेशल व मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों को रद कर देगी। हालांकि 19 दिन बाद मंगलवार को जब यह ट्रेनें पटरी पर आईं तो स्टेशन में थोड़ी रौनक लौटी थी। यात्रियों की उपस्थित नजर आई। पर अब दोबारा सुविधा बंद होने से यात्रियों को असुविधा होगी।


अब संक्रमण न फैले इसे देखते हुए यह ट्रेनें रद की जा रहीं है। जिनमें 08119 इतवारी - छिंदवाड़ा पैसेंजर स्पेशल, 08120, छिंदवाड़ा-इतवारी दैनिक पैसेंजर स्पेशल, 08705 रायपुर - डोंगरगढ़ दैनिक मेमू स्पेशल व 08706 डोंगरगढ़ - बिलासपुर दैनिक मेमू स्पेशल 03 से 30 जून तक रद रहेंगी। वहीं 08709, रायपुर-डोंगरगढ़ दैनिक मेमू स्पेशल 29 जून तक और 08710, डोंगरगढ़-रायपुर दैनिक मेमू स्पेशल 04 से 30 जून तक नहीं चलेगी।

08861 गोंदिया - झारसुगुड़ा दैनिक मेमू स्पेशल तीन जून से व 08862, झारसुगुड़ा-गोंदिया दैनिक मेमू स्पेशल चार जून से 30 जून तक रद रहेगी। यात्रियों के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है। दरअसल लाकडाउन में छूट मिलने के बाद लगभग सभी दुकानें खुल गई है। पहले की तरह अब पाबंदी भी नहीं है। इसलिए लोग अब धीरे- धीरे ट्रेन में सफर करने लगे हैं। पर ट्रेन सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें दिक्कत होगी।