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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



आमतौर पर टेडी बियर के नाम से ज्यादातर लोग यह सोच लेते हैं कि यह बच्चों को खिलौना गिफ्ट करने का कोई खास दिन है। आपकी जानकारी के लिए यह बता दें कि यह टेडी वियर डे एक ऐसा विशेष दिन है जब अपने जीवन में खास महत्व रखने वाले किसी खास व्यक्ति या प्रेमी और प्रेमिका को टेडी बियर गिफ्ट किया जाता है।

टेडी बियर को याद का प्रतीक माना जाता है। यदि आपका चाहने वाला आपसे दूर रहता है या आप किसी को अपनी याद दिलाना चाहते हैं तो उसके लिए टेडी बियर के दिन टेडी गिफ्ट किया जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि टेडी बियर डे कब मनाया जाता है, क्यों मनाया जाता है और किस रंग के टेडी बियर का क्या मतलब होता है।

आप सभी जानते हैं कि फरवरी महीने के पहले हफ्ते यानि सात फरवरी से वेलेंटाइन वीक शुरू होता है। वेलेंटाइन डे के चौथे दिन यानि 10 फरवरी को टेडी बियर डे मनाया जाता है। माना जाता है कि एक लड़की को बचपन से ही इस नरम खिलौने से बहुत प्यार होता है और बहुत सारी मीठी यादें भी जुड़ी हुई होती हैं।

इसलिए ज्यादातर लोग अपनी प्रेमिकाओं, महिला मित्रों और बच्चों को टेडी बियर के दिन टेडी गिफ्ट करते हैं। टेडी बियर खास व्यक्ति के लिए अपनी भावनाओं और प्यार को व्यक्त करने का सही तरीका होता है। यही कारण है कि टेडी बियर डे लोगों के लिए बहुत स्पेशल डे होता है।

नई दिल्‍ली। किसान आंदोलन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्‍यसभा में इसको लेकर कुछ रोचक बातें कही हैं। उनके संबोधन में केवल ये आंदोलन ही शामिल नहीं रहा बल्कि उन्‍होंने कई दूसरे क्षेत्रों को भी इस संबोधन में छुआ। उन्‍होंने कहा कि विपक्ष ही कभी किसानों के हक की बात करता था आज वही सरकार द्वारा किए गए कृषि सुधारों का विरोध कर रहा है। ऐसा केवल राजनीति के तहत किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में भी  किसानों ने रिकॉर्ड उत्‍पादन किया है। देश में खाद्यान्‍न का भंडार भरा रहा। उन्‍होंने ये भी कुछ कुछ समय के बाद कानूनों में सुधार होते ही हैं। उन्‍होंने आंदोलनकारियों को समझाने के लिए विपक्ष का सहयोग भी मांगा। आइए पढ़ें इस दौरान उनके दिए संबोधन की कुछ खास बातें   

उन्‍होंने कहा कि श्रमजीवी और बुद्धिजीवियों के बीच एक नई जमात अब सामने आ रही है जिनका नाम आंदोलनजीवी। ये छात्रों का आंदोलन हो या किसानों का या और कोई, हर जगह पहुंच जाते हैं। उन्‍होंने कहा कि ये आंदोलनजीवी लोगों को गुमराह करने का काम करते हैं। उन्‍होंने किसानों का समर्थन देने वाले विदेशियों पर भी तंज कसा। उन्‍होंने कहा कि एफडीआई जो फॉरेन डिस्‍ट्रक्टिव आइडियोलॉजी है, से बचने की देश को सख्‍त जरूरत है। आपको बता दें कि किसानों के समर्थन में कई विदेशियों ने किसान आंदोलन का समर्थन बिना कृषि सुधारों को जाने बिना किया है। पीएम मोदी ने इनपर ही अपना निशाना साधा है। उन्‍होंने ये भी कहा कि कोरोना काल में भी पड़ोसी देश ने सीमा पर तनाव व्‍याप्‍त करने की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। 

कोरोना काल में भारत ने मानवता को बचाने का काम किया है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया के किसी भी अस्‍पताल के ऑपरेशन थियेटर में जब मरीज डॉक्‍टरों की भीड़ में किसी भारतीय को देखता है तो उसका हौसला बढ़ जाता है। यही आत्‍मविश्‍वास भारत ने इतने वर्षों में कमाया है। केंद्र और राज्‍यों ने मिलकर देश को यहां तक पहुंचाया है। कोरोना काल में आए संकट को अवसर में बदलने का काम दोनों ने मिलकर किया है। उन्‍होंने कांग्रेस के सांसद बाजवा के कहे गए बयानों पर तंज लेते हुए कहा कि जब वो उन्‍हें सुन रहे थे तो उन्‍हें लगा कि वो शायद इमरजेंसी और सिख विरोधी हिंसा की भी बात करेंगे।

उन्‍होंने इस दौरान नेताजी का वो बयान भी सदन में पढ़ा जिसमें उन्‍होंने कहा था कि भारत पश्चिमी सभ्‍यता से प्रभावित नहीं रहा है। भारत का इतिहास इस बात का गवाह रहा है। आज भारत को उसके ऊपर हो रहे हमले से बचाने की जरूरत है। ये सत्‍यम शिवम सुंद्रम से सुसोजित है। पीएम मोदी ने कहा कि जाने अंजाने में आज हमनें उनके आदर्शों को भुला दिया है। हम दुनिया के दिए शब्‍दों को आगे लेकर बढ़ जाते हैं और अपना शब्‍द भूल जाते हैं। हम केवल बड़ा लोकतंत्र ही नहीं है बल्कि हम इसकी जड़ हैं। हमें आने वाली पीढ़ी को बताना होगा। हमारा मन लोकतात्रिक है। आपातकाल के दौरान पूरा देश जेल में बदल चुका था। इसके बाद भी इसकी लोकतांत्रिक जड़ों को नहीं हिला पाया। इसलिए लोकतांत्रिक मूल्‍यों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना है।

आत्‍मनिर्भर भारत पर बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि पूरी दुनिया के लोग कोरोना काल में निवेश को तरस रहे हैं। भारत में ऐसा नहीं है। वहीं दुनिया भारत को डबल डीजिट की तरफ बढ़ते देख रही है। आज भारत में दुनिया के दूसरे सबसे अधिक इंटरनेट यूजर्स हैं। कुछ समय पहले डिजिटाइलेजशन को लेकर सवाल उठते थे। आज नजारा सभी के सामने है। आने वाले समय में भी हम आगे बढ़ रहे हैं। जल थल और नभ में भी हम आगे बढ़ रहे हैं। 2014 में जब पहली बार सदन में आया तो कहा था कि उनकी सरकार गरीबों को समर्पित है। आज भी इसमें बदलाव नहीं हुआ है। हमें देश को आगे बढ़ाने के लिए गरीबी को खत्‍म करना ही होगा। इसको कम या रोका नहीं जा सकता है।

गरीबों के मन में आत्‍म्‍विश्‍वास को जगाना होगा इसके बाद वो फिर खुद इसको खत्‍म करने में जुट जाएगा। दो करोड़ से अधिक गरीबों के लिए घर बने और आठ करोड़ से अधिक गैस कनेक्‍शन दिए गए। इन योजनाओं से गरीबों के जीवन में बदलाव आया है और उनका आत्‍मविश्‍वास बढ़ा है। चुनौतियों के बीच हमें ये तय करना होगा कि समस्‍या का हिस्‍सा बनें या इसका समाधान तलाशें। समस्‍या का हिस्‍सा बनने से केवल राजनति की जा सकती है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि सभी साथ मिलकर काम करेंगे। किसान आंदोलन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किस बात को लेकर आंदोलन इसको किसी ने स्‍पष्‍ट नहीं किया। इसके मूलभूत बातों पर किसी पर ध्‍यान नहीं दिया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कई बातें सदन में रखीं। देवेगौड़ा ने सरकार के सहयोग का समर्थन किया और उन्‍हें सुझाव भी दिया। 

इसके लिए उनका आभार। पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह जी ने कहा था 36 फीसद ऐसे किसान हैजिनके पास दो बीघा कम है। 18 फीसद के पास आधा हैक्‍टेयर से कम है। वो कितनी भी मेहनत करे उनकी गुजर बसर करना मुश्किल है। छोटे किसानों का जीवन यापन मुश्किल है। देश में ऐसे किसानों की संख्‍या बढ़ रही है उनके पास बेहद कम जमीन है। 12 करोड़ किसानों के पास केवल दो हैक्‍टेयर से भी कम की जमीन है। इनके बारे में सोचना जरूरी है। चुनाव के दौरान कर्जमाफी की घोषणा में छोटे किसान नहीं आते हैं। इसमें केवल राजनीति होती है। इस तरह की घोषणाओं से इनका कोई फायदा नहीं होता है। 2014 के बाद किसानों को लाभ देने के लिए सरकार ने फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ा तो 90 हजार करोड़ रुपये का क्‍लेम किसानों को दिया गया। किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा बढ़ाया गया। पौने दो करोड़ किसान आज इसके दायरे में हैं और फायदा उठा रहे हैं।

पीएम सम्‍मान निधि योजना के तहत सीधे किसानों के खाते में पैसे पहुंचाए गए। बंगाल में राजनीति की वजह से इसमें रुकावट आई। एक लाख 15 हजार करोड़ रुपये किसानों को मिला है। यूरिया को छोटे किसानों तक पहुंचाने का किसान सरकार ने किया। पेंशन की सुविधा उन्‍हें दी। सड़कों के माध्‍यम से हम किसानों तक पहुंचे। किसान रेल की शुरुआत हुई तो दूर दराज के किसानों को नई राह दिखाई दी। किसान उड़ान योजना का फायदा आज किसान ले रहे हैं।

आगे भी इसमें सुधार की गुंजाइश है। लेकिन इसकी वकालत करने वालों ने अचानक यू टर्न ले लिया है। उनके ऊपर राजनीति हावी हैं। उन्‍हें ये बताना चाहिए कि सुधारों को किया जाना चाहिए। उन्‍होंने इस संदर्भ में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का एक बयान भी राज्‍य सभा में पढ़ा। उन्‍होंने कहा कि पीएम मनमोहन सिंह ने किसान को अपनी उपज कहीं भी बेचने का अधिकार देने की बात कही थी। लिहाजा विपक्ष को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की बात इस सरकार को माननी ही पड़ी है। दूध के क्षेत्र में एक ऐसी सप्‍लाई चेन बनी है जो बेहद मजबूत है। इसका लाभ इन लोगों को मिल रहे हैं। ये मजबूती पिछली सरकारों में मिली है। इसका करीब 8 लाख करोड़ रुपये का कारोबार है। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि मनमोहन  सिंह सरकार के समय में 20 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होता था। अब एक लाख मेगावाट का उत्पादन होता है। वर्ष 2022 तक 1.75 लाख मेगावाट और वर्ष 2030 तक 4.50 लाख मेगावाट अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य है। रेलवे का भी इसमें योगदान होगा और वर्ष 2030 तक 100 फीसद अक्षय ऊर्जा से रेल चलाने का लक्ष्य है। अगले 10 वर्षों में देश में पूरी तरह से बिजली आधारित दो-पहिया और चार पहिया वाहनों का उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। 

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट में अगले तीन वर्षों में देश की सभी रेलवे लाइन को विद्युतीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही वर्ष 2030 तक भारतीय रेलवे विश्व की पहली प्रदूषण रहित रेल बन जाएगी। यह जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 तक सभी ट्रेनें डीजल मुक्त हो जाएगी जिसके कारण दिल्ली सहित पूरे देश को वायु प्रदूषण से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार बनने से पहले रेलवे में प्रति वर्ष 40-45 हजार करोड़ का निवेश होता था।


उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भूमि नहीं मिलने और कोरोना की वजह से मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी हुई है। गुजरात में 90 फीसद भूमि अधिग्रहण हो चुका है और वहां काम के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। दूसरी ओर महाराष्ट्र में मात्र 30 फीसद भूमि अधिग्रहण हुआ है। आने वाले समय में देश के सात अन्य रूट पर हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है।

नई दिल्ली। कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय दामों में इजाफे के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमत में फिर इजाफा हुआ है। तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है। दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दामों में 30-30 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 86.95 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है तो डीजल 77.13 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। पेट्रोल और डीजल के दामों में यह वृद्धि शुक्रवार 6 बजे से हुई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 93.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 83.99 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। 
चेन्नई में पेट्रोल के दाम 89.39 रुपये प्रति लीटर हैं, जबकि डीजल की कीमत 82.33 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 88.01 रुपये प्रति लीटर हैं तो डीजल 80.71 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल की कीमत 86.14  रुपये है, तो डीजल  77.54 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 86.08 रुपये प्रति लीटर में बिक रहा है तो डीजल 77.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।  जनवरी से लेकर अब तक पेट्रोल 3 रुपये 24 पैसे तक महंगा हो चुका है। नए साल में 03.24 रुपये महंगा हो चुका है पेट्रोल। पिछले  10 महीने में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 17 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
पिछले कुछ सालों के दौरान अमूमन पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बदलते हैं। रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट भी हो जाते हैं। इंडियन ऑयल के कस्टमर RSP स्पेस पेट्रोल पंप का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर और बीपीसीएल के ग्राहक RSP लिख कर 9223112222 नंबर पर भेज जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा, एचपीसीएल के ग्राहक HPPrice लिख कर 9222201122 नंबर पर भेजकर पेट्रोल और डीजल के दाम पता कर सकते हैं।

बैतूल। मप्र के बैतूल में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। आशिक मिजाज पति को सबक सिखाने के लिए पत्नी ने अपने सहेलियों के साथ मिलकर एक कहानी रची। यहां अपने आशिक मिजाज पति को सबक सिखाने के लिए पत्नी ने ही प्रेमिका बनकर नाटक रचा। इसमें फंसकर जब पति कथित प्रेमिका से मिलने कलेक्ट्रोरेट पहुंचा तो सामने प्रेमिका नहीं, बल्कि उसकी पत्नी खड़ी मिली। इसके बाद पत्नी ने बेवफाई करने वाले पति की सहेलियों के साथ मिलकर जमकर धुनाई कर डाली। पुलिस ने बीच-बचाव किया और दोनों को कोतवाली थाना लाकर समझाइश दी।
जिले के बिघवा गांव का बसंत उइके 2016 में हुई शादी के बाद से ही पत्नी के साथ मारपीट करने लगा था। दोनों के बीच विवाद का मामला परिवार परामर्श केंद्र में चल रहा है। पत्नी को शक था कि उसका पति आशिक मिजाज है और युवतियों को अपने जाल में फंसाता है। हकीकत जानने के लिए उसने किसी अन्य नाम से उससे मोबाइल पर संपर्क किया। बसंत झांसे में आ गया और मिलने की इच्छा जताई। प्रेमिका बनी पत्नी ने गुरुवार दोपहर दो बजे उसे बैतूल में कलेक्ट्रोरेट के पास मिलने के लिए बुला लिया। बसंत भी उत्साहित होकर प्रेमिका से मिलने के लिए पहुंच गया।
अचानक पत्नी उसके सामने आ गई। जब पति से उसने पूछा कि किससे मिलने आए हो तो बसंत कोई जवाब नहीं दे पाया। पति की बेवफाई का प्रमाण मिलने से नाराज पत्नी और उसकी सहेलियों ने बसंत की जमकर पिटाई कर दी। हंगामा देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने विवाद को शांत कराया और दोनों को कोतवाली थाना ले जाकर समझाइश दी।
पूरे मामले को लेकर पत्नी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ बसंत उइके का विवाह 2016 में उसके साथ हुआ था । दूसरी महिलाओं के चक्कर में अक्सर उसका पति उसके साथ प्रताड़ना और मारपीट करता था। पति को पकड़ने के लिए पत्नी ने दूसरी महिला बनकर पति से बात चीत की और उसे मिलने बुला लिया। जैसे ही पति मौके पर पहुंचा तो अपनी पत्नी और उसकी बहनों को वहां से भागने लगा। जिसके बाद पत्नी ने पति की बीच सड़क पर धुनाई शुरु कर दी। 




वाराणसी। भारतीत रेल के लेट लतीफी के किस्से तो आपने जरूर सुने और देखें होंगे। लेकिन आज की कहानी बिल्कुल इससे अलग है। भारतीय रेल ने बुधवार वो ऐसी मिसाल पेश की है जिसे सुनने के बाद हर कोई ताउम्र याद रखेगा। रेलवे ने बुधवार को ट्विटर पर ट्रेन के लेट होने के कारण एक स्टूडेंट की परीक्षा छूटने की शिकायत मिली तो रेलवे के अधिकारियों ने स्टूडेंट की परीक्षा ना छूटे, इसके लिए ट्रेन की स्पीड बढ़ा दी और फिर समय से उसे परीक्षा केंद्र पहुंचाकर नजीर पेश की।

जानकारी के मुताबिक यूपी के मऊ जिले की रहने वाली नाजिया तबस्सुम का बुधवार को डीएलएड बैक का पेपर था। परीक्षा केंद्र वाराणसी के वल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज था। नाजिया ने परीक्षा देने के लिए वाराणसी सिटी एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया था,लेकिन बुधवार को ट्रेन ढाई घंटे से अधिक लेट थी। ट्रेन लेट होने के कारण परीक्षा छूटने का खतरा था तो नाजिया के भाई अनवर ने ट्विटर पर रेलवे अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
जिसके कुछ देर बस ही रेलवे प्रशासन ऐक्टिव हुआ। पहले तो रेलवे ने अनवर का फोन नंबर मांगा फिर उसे फोन पर रेलवे के अधिकारियों ने परीक्षा से सम्बंधित जानकारी ली। पूरी जानकारी के बाद रेलवे ने उन्हें परीक्षा नही छूटने के आश्वास दिलाया। इसके बाद रेलवे ने ट्रेन की स्पीड बढ़ा दी । जिसके कारण नाजिया समय से वाराणसी पहुंच गई। इसके बाद उनके भाई ने रेलवे को फोन करके धन्यवाद दिया।

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर अब समाज के तमाम तबकों के लोग सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को स्वीडन का पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसके बाद ग्रेटा थनबर्ग ने अपने ट्विटर हैंडल से फिर ट्वीट किया और कहा कि वो किसानों के साथ खड़ी है।@GI@

ग्रेटा थुनबर्ग ने देश की राजधानी में हो रहे नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट किए थे। इसे आंदोलन को भड़काने वाला बताया गया था। उनके ये ट्वीट देश की छवि को खराब करने वाले भी बताए गए हैं। इसी को लेकर पुलिस ने अलग-अलग धारा 120 बी, 153 ए और आईटी एक्ट के तहत ग्रेट थनबर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 

अंतरराष्ट्रीय पॉप गायिका रिहाना ने भी इसके बारे में ट्वीट किया था। बुधवार को इसको लेकर पूरे दिन मीडिया की सुर्खियां बनी थी। बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई कलाकार तो किसानों के समर्थन में पहले से थे। वहीं, अब विदेश से भी कुछ स्टार्स इस आंदोलन के समर्थन में आ गए हैं, जिसके बाद एक विवाद भी शुरू हो गया है। विवाद शुरू होते कि सेलेब्स के रिएक्शन भी सामने आने लगे थे। कुछ सेलेब्स रिहाना का पक्ष ले रहे थे, तो कुछ उनके विपक्ष में थे। 


रिहाना का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ, जब कंगना रनोट ने रिहाना के ट्वीट का जवाब देते हुए उन्हें बेवकूफ कह डाला और उन्हें जमकर सुनाया। कई अन्य सेलिब्रेटीज भी देश में चल रहे आंदोलन को लेकर अपनी-अपनी बातें लिख रहे हैं। इसको व्यक्त करने के लिए इन दिनों सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।@GI@

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि यौन अपराधों से बच्चों को बचाने के लिए बने बाल संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत तीन वर्षों में 11 हजार से अधिक आरोपियों को अदालतों की ओर से दोषी करार दिया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्‍य सभा में बताया कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए सभी राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है।  

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक राकांपा सांसद डॉ. फौजिया खान ने गुरुवार को राज्यसभा में बाल संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत राज्यों में दोषी करार दिए गए अपराधियों की संख्या और इन मामलों के लिए गठित की गई विशेष अदालतों के बारे में जानकारी मांगी। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इस सवाल का लिखित जवाब में साल 2014 से साल 2016 के बीच दोषी ठहराए गए अपराधियों के राज्यवार आंकड़े संसद के सामने रखे।  

खटीमा। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कृषि कानूनों के विरोध में किसान शनिवार को ऊधमसिंहनगर जिले के पहेनिया स्थित टोल प्लाजा पर तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करेंगे। उनके इस आंदोलन को कांग्रेस, बसपा समेत विभिन्न संगठनों के लोगों ने अपना समर्थन दिया है। भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों की गुरुवार को मंडी समिति सभागार में एक बैठक हुई। 

जिसमें तय किया गया कि शनिवार को भाकियू के आह्वान पर होने वाले चक्का जाम को एकजुट होकर सफल बनाया जाएगा। इस दौरान सभी किसान एवं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सितारगंज मार्ग स्थित पहेनिया टोल प्लाजा पर एकत्र होंगे। जहां वह 12 से 3 बजे तक तीन घंटे का हाइवें जाम करेंगे। भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती। 

आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दिल्ली में किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लिए जाने की भी मांग की। हाइवे जाम के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी व जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने अन्य लोगों से भी इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने आह्वान किया। इस दौरान दिल्ली में आंदोलन के दौरान शहीद हुए रामपुर के किसान नवरीत सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 

किसानों के हाइवे जाम को सफल बनाने के लिए संयुक्त किसान मजदूर मोर्चा के प्रकाश तिवारी, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री भुवन कापड़ी, बसपा प्रदेश प्रभारी अरविंद कुमार, राणा थारु परिषद के अध्यक्ष रमेश राणा ने अपना-अपना समर्थन दिया है। इस मौके पर जसविंदर सिंह, अवतार सिंह, करनैल सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखराम मौर्या, दान सिंह राणा, चेतराम राणा, मनविंदर सिंह खैरा, जनक सिंह, बल्देव सिंह, जसपाल सिंह, जगदीप सिंह, हरगोविंद सिंह आदि मौजूद थे।

बेंगलुरु। कर्नाटक के एक गांव में अजीब वाकया हुआ, जहां एक कुत्ता करीब 7 घंटे तक टॉयलेट में फंसा रहा। हैरत करने वाली बात यह है कि उसके साथ उसी टॉयलेट में एक तेंदुआ भी बंद था। जहां अमूमन कुत्ते तेंदुए के प्रमुख शिकार होते है, यहां ये दोनों बिना एक दूसरे को नुकसान पहुंचाए चुपचाप बैठे है, जैसे किसी बचाव का इन्तजार कर रहे हों।

दरअसल सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। इस फोटो को भारतीय वन सेवा के अधिकारी परवीन कासवान ने शेयर किया है। यह फोटो कर्नाटक की बताई जा रही है। वायरल हो रही फोटो में दिख रहा है कि एक आवारा कुत्ता लगभग सात घंटे तक एक टॉयलेट में फंस गया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस फोटो में उसके साथ एक तेंदुआ भी दिखाई दे रहा है। यह घटना दक्षिण कर्नाटक के कडाबा जिले में बिलिनेले गांव में घटी।

 बताया जा रहा है कि तेंदुआ कुत्ते का पीछा करते हुए एक टॉयलेट में जा पहुंचा। जब घर की महिला ने सुबह बाथरूम खोला, तो वो हैरान रह गई उसने फौरन दरवाजा बंद कर पुलिस को इस बात की सूचना दी। ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीर में एक ओर जहां कुत्ता बाथरूंम के दरवाजे के पास बैठा हुआ है वहीं तेंदुआ इंडियन टॉयलेट कमोड के पास कुछ दूरी पर बैठा है। बाथरूम के एस्बेस्टोस को हटाने के बाद ये फोटो ऊपर से ली गई है। 

बताया जा रहा है कि तेंदुए को पकड़ने का काफी प्रयास किए गए, हालांकि करीब दो घंटे बाद तेंदुआ भागने में कामयाब हो गए। जबकि कुत्ते को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय लोगों ने कुत्ते की पहचान बोलू के रूप में की है। वनविभाग के अधिकारी राघवेंद्र कहना है कि अक्सर देखा जाता है कि तेंदुआ `चुपके से हमला करना पसंद करते हैं, लेकिन यहां यह कुत्ते का बचाव कर रहा है।



आरोप है कि कॉलेज के प्राइमरी संवर्ग का सहायक अध्यापक अमित निवासी दौराला पहले हस्ताक्षर करना चाहता था। प्रधानाचार्य ने नियमों के मुताबिक, हस्ताक्षर कराकर प्रबंध समिति को वरिष्ठता की संस्तुति के लिए रिपोर्ट भेज दी। नाराज सहायक अध्यापक ने सोमवार को प्रधानाचार्य पर कॉलेज परिसर में हमला बोल दिया। उन्हें जमीन पर गिराकर मारपीट की। जिससे वह घायल हो गए। अन्य शिक्षकों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

महेंद्र सिंह प्रगतिशील शिक्षक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष नित्यानंद शर्मा ने इस घटना पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य की तहरीर पर आरोपी कार्रवाई की जाए। कार्रवाई नहीं होने पर एसोसिएशन के पदाधिकारी एसएसपी कार्यालय पर धरना देने को मजबूर होंगे पुलिस का कहना है कि प्रधानाचार्य की तहरीर आरोपी शिक्षक अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। @GI@

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर देश की राजधानी दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने दखल देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हिंसा में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सरकार मामले को देख रही है। इस बारे में सरकार को ज्ञापन दीजिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आपको जो भी कहना है, आप सीधे सरकार को ज्ञापन दीजिए। देश के प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा, सरकार मामले को देख रही है और कानून अपना काम करेगा। हमने पीएम का भी बयान देखा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। कानून अपना काम करेगा। 

हम दखल नहीं देना चाहते। आप सरकार को ज्ञापन दें। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मीडिया को बिना किसी सबूत के किसानों को आतंकवादी घोषित नहीं करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। बता दें कि 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में आंदोलनकारी किसानों ने एक ट्रैक्टर रैली निकाली थी। 

इस दौरान प्रदर्शनकारी किसान उग्र हो गए और कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेटिंग तोड़ दी। उग्र प्रदर्शनकारी किसानों ने कई जगहों पर तलवार हाथों में लेकर दिल्ली पुलिस के जवानों को दौड़ाया। किसान और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़पों में सैकड़ों लोग घायल हो गए। किसान यूनियन के कई दलों ने केंद्र सरकार की ओर से पारित तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर अराजकता फैलाई थी। 







नई दिल्ली। बजट सत्र को लेकर शनिवार को हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर बड़ी बातें कहीं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार किसानों से बातचीत को हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि किसानों से कृषि मंत्री की ओर से किया गया वादा आज भी कायम है। पीएम ने यहां तक कहा, किसानों से सरकार सिर्फ एक फोन कॉल दूर है।

बजट सत्र (2021-22) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय, शिवसेना सांसद विनायक राउत और शिरोमणि अकाली दल के बलविंदर सिंह भुंडर ने किसान आंदोलन पर अपना पक्ष रखा। वहीं, जेडीयू का प्रतिनिधित्व कर रहे राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने कृषि कानूनों का समर्थन किया।

बैठक के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, सरकार और किसानों की 11वीं बैठक में हमने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। कृषि मंत्री ने कहा था कि वह सिर्फ एक फोन कॉल दूर हैं। जब भी आप एक कॉल देते हैं तो वह चर्चा के लिए तैयार होते हैं। यह अभी भी अच्छा बना है। सर्वदलीय बैठक में पीएम ने यही कहा।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इजाराइली दूतावास के पास हुए ब्लास्ट के बाद देशभर में अलर्ट है। सरकार एक्शन में हैं और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूरी तरह में जुटी है। अब तक कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसके बाद यह लगभग साफ हो गया है कि इजराइली दूतावास को निशाना बनाते हुए यह धमाका किया गया था। एमोनियम नाइट्रेड से धमाका किया गया था। अधिकारियों को मौके से एक चिट्ठी और आधा जला गुलाबी दुपट्टा मिला है।

चिट्ठी पर लिखा है, टू द इजराइली एम्बेसेडर यानी वह पत्र इजराइली एम्बेसेडर के नाम लिखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिट्ठी में दिल्ली के इस ब्लास्ट को ट्रे्लर बताया गया है और कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की बात कही गई है। बता दें, पिछले साल जनवरी में अमेरिका ने बगदाद एयरपोर्ट पर एयर स्ट्राइक कर ईरान की एलिट फोर्स के जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। ईरानी ने इसका बदला लेने की बात कही थी।
भारत और इजराइल सरकार अलग-अलग स्तरों पर सम्पर्क में है। कहा जा रहा है कि इजराइल की जांच एजेंसी दिल्ली पुलिस की मदद करेगी। इस बीच, एक अन्य बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज हासिल किया है, जिसमें एक कैब नजर आ रही है। कैब से दो संदिग्ध उतरते नजर आए हैं। पुलिस ने कैब ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ड्राइवर से पूछताछ कर संदिग्धों का हुलिया बनाया जा रहा है।

दिल्ली में हुए इस कम तीव्रता के धमाके के बाद देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तमाम एयरपोर्ट के साथ ही हरिद्वार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है जहां कुंभ मेला आयोजित किया जाना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना पश्चिम बंगाल दौरा रद्द कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इजराइली दूतावास से बात कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। 

बता दें, इससे पहले दिल्ली में 13 फरवरी 2012 को ब्लास्ट हुआ था, तब भी इजराइल के राजदूत को निशाना बनाया गया था। वहीं इससे पहले 7 सितंबर 2007 को दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 11 लोग मारे गए थे और 80 घायल हो गए थे। आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह बड़ी साजिस का ट्रायल तो नहीं। हो सकता है कि दहशतगर्द इस धमाके के जरिए एक संदेश देना चाहते हों या कोई ट्रायल करना चाहते हो।@GI@

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुचारू रूप से संसद के कामकाज को ध्यान में रखते हुए बजट सत्र से पहले शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सितंबर में पारित हुए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि में होने वाली इस बैठक में भाग लेने के लिए सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। किसानों की मांग यही है कि सरकार इन कानूनों को रद्द कर दें, लेकिन सरकार ने इसके समर्थन में कोई बात नहीं कही है।

शुक्रवार को लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने नेताओं संग एक बैठक की, जिसमें भाग लेने के बाद उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लोकसभा में सभी दलों के नेताओं से सदन की गरिमा का सम्मान करने का अनुरोध किया गया है। कार्यवाही के सुचारू संचालन के लिए उनका सहयोग भी मांगा गया है। नए दशक के पहले बजट सत्र का शुक्रवार को राष्ट्रपति ने संसद में ऐलान किया कुल 18 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के इस अभिभाषण का बहिष्कार किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर से कहा कि सरकार को किसानों के आंदोलन के बारे में समाधान ढूंढ़ना चाहिए। कांग्रेस के साथ 17 विपक्षी दलों ने किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए राष्ट्रपति कोविंद के संबोधन का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। ये किसान 26 नवंबर से दिल्ली सहित सिंघू, टिकरी गाजीपुर की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन अपना अभिभाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। कोरोना महामारी के दौर में हो रहे इस सत्र को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि नए दशक और नए साल का पहला सत्र है। उन्होंने कहा कि इसी के साथ हम भारत की आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में हमने अनेक देशवासियों को असमय खोया भी है।  हम सभी के प्रिय और मेरे पूर्ववर्ती राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन भी कोरोना काल में हुआ। 

संसद के 6 सदस्य भी कोरोना की वजह से असमय हमें छोड़कर चले गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण समेत संसद की संयुक्त बैठक के बहिष्कार का ऐलान कर कांग्रेस नीत संयुक्त विपक्षी दलों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि शुक्रवार से शुरू होने जा रहा बजट सत्र काफी हंगामाखेज रहेगा। किसान आंदोलन के नाम पर मोदी सरकार को घेरने की कमर विपक्षी दल पहले ही कस चुके हैं। 

इसे धार देने का काम करेगा बालाकोट एयर स्ट्राइक की कथित जानकारी पत्रकार को लीक होने का मसला। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण संसद की कार्यवाही दो पारियों में चलेगी। साथ ही ऐसा भी पहली ही बार होगा कि बजट की कॉपी आर्थिक सर्वेक्षण समेत अन्य दस्तावेज ऑनलाइन डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट 1 फरवरी 2021 को पेश करने जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी तीसरी बार आम बजट पेश करेंगी।@GI@

खेल टेक्स। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2021 में आंध्रा और पुडुचेरी के बीच खेला गया लीग मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस मैच में दोनों टीमों की तरफ से खूब रन बने और गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई। पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मुकाबले में आंध्रा की टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 226 रन का बड़ा स्कोर बनाया और पुडुचेरी को जीत के लिए 227 रन का बड़ा लक्ष्य दिया, लेकिन इस टीम ने 19.2 ओवर में 6 विकेट पर 228 रन बनाकर मैच में 6 विकेट से जीत दर्ज कर ली। 
दूसरी पारी में जब पुडुचेरी की टीम बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरी तब उसके सामने जीत के लिए 227 रन का बड़ा लक्ष्य था, लेकिन टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज शेल्डन जैक्सन व पारस डोगरा की तूफानी पारी के सामने ये स्कोर चेज करने में इस टीम ने सफलता हासिल की। शेल्डन जैक्सन ने अपनी पारी के दौरान 50 गेंदों पर नाबाद 106 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 8 छक्के व 7 चौके जड़े और उनका स्ट्राइक रेट 212.00 का रहा। इसके अलावा पारस डोगरा ने 18 गेंदों पर 6 छक्के व 2 चौकों की मदद से 51 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 283.33 का रहा। इन दोनों बल्लेबाजों की तूफानी पारी की वजह से पुडुचेरी को आसान जीत मिली। 
पहली पारी में इस मैच में बल्लेबाजी करने उतरी आंध्रा की टीम की शुरुआत अच्छी रही और पहले विकेट के लिए अश्विन और एस भारत के बीच 107 रन की शतकीय साझेदारी हूई। अश्विन 45 रन जबकि एस भारत ने 34 गेंदों पर 5 छक्के व 4 चौकों की मदद से 62 रन की पारी खेली। इनके अलावा अंबाती रायुडू ने भी अपनी टीम के लिए तेज पारी खेलते हुए 26 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 5 छक्के व 5 चौके लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 238.46 का रहा। इनकी पारी की मदद से आंध्रा ने 226 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।