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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी युवक को दिल्ली पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस की ओर मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी युवक का नाम सलमान है और इसने दिल्ली पुलिस को फोन करते धमकी देते हुए कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मार देगा। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी की उम्र 22 साल बताई जा रही है और उसे खजूरी खास थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है।


आपको बता दें कि बीते साल नवंबर माह में भी दिल्ली पुलिस ने एक अन्य शख्स को गिरफ्तार किया था। उसने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी थी। दिल्ली पुलिस ने इसके फौरन बाद उस शख्स को गिरफ्तार किया और पूछताछ में पता चला कि वह शख्स नशे में था और उसने नशे में ही पुलिस को कॉल कर प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी थी।




जिन जिलों में अनलॉक किया गया है, उनमें औरंगाबाद, भंडारा, बुलढाणा, चनादरपूर, धुले, गोंदिया, जालना, लातूर, नागपुर, नांदेड़, नाशिक, परभणी, ठाणे, वर्धा, वासीम और यवतमाल शामिल है। हर शुक्रवार को कलेक्टर अपने-अपने जिलों का रिव्यू भी करेंगे। 

महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना के 15,169 नए मामले आए थे. महाराष्ट्र में अब तक 57,76,184 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और इनमें से 96,751 लोगों की जान गई है। राज्य में मंगलवार को 14,123 मामलों की पुष्टि हुई थी। 


वहीं, महाराष्ट्र में बुधवार को 29,270 मरीजों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है. इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमण मुक्त होने वालों की कुल संख्या 54,60,589 हो गई है. राज्य में इस समय 2,16,016 उपचाराधीन मरीज है। 


विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के जग्गैयापेट कस्बे में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां एक 75 वर्षीय महिला को स्‍थानीय अस्‍पताल ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने महिला का शव लेकर अंतिम संस्‍कार भी कर दिया। लेकिन परिवार तब हैरान रह गया, जब बुधवार को महिला अपने घर लौट आई। ऐसे में परिवार और रिश्‍तेदार हैरान रह गए।


गिरिजाम्मा नाम की महिला कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई थी। इसके बाद उन्‍हें 12 मई को विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अस्‍पताल प्रशासन ने बताया कि गिरिजाम्‍मा की तबीयत बिगड़ रही है। 15 मई को अस्‍पताल ने गिरिजाम्‍मा को मृत घोषित कर दिया। अस्‍पताल के सूचित करने पर परिवार गिरिजाम्‍मा के शव को अस्‍पताल से ले गया और उनका अंतिम संस्‍कार कर दिया। गिरिजाम्‍मा के भतीजे नागू ने बताया कि गदय्या(गिरिजाम्‍मा के पति) 15 मई को उनकी हालत जानने के लिए अस्पताल गए तो पाया कि वह अपने बेड से गायब थीं।


अस्पताल के सभी वार्डों की अच्छी तरह से जांच करने के बाद भी गदय्या, गिरिजाम्मा का पता लगाने में असफल रहे। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने गदय्या से कहा कि वह अपनी पत्नी को शवगृह में जाकर ढूंढ लें। जब वह शवगृह में गया, तो उसे एक मृत शरीर अपनी पत्नी जैसा लगा। उसने कर्मचारी को बताया कि उसने अपनी पत्नी के मृत शरीर को पहचान लिया है। इसके बाद गदय्या को मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ शव सौंप दिया गया। 15 मई को ही गदय्या ने गिरिजाम्‍मा का अंतिम संस्‍कार कर दिया।


इसके बाद गदय्या के बेटे रमेश की भी 23 मई को कोरोना के कारण मौत हो गई। गदय्या ने मंगलवार को गिरिजाम्मा और रमेश की शोक सभा एक साथ की थी। इन सबसे अंजान गिरिजाम्‍मा को बुधवार को ठीक होने के बाद अस्‍पताल से छुट्टी मिली तो वह यह देखकर हैरान थी कि उन्‍हें कोई लेने क्‍यों नहीं आया। ऐसे में वह अकेले ही घर आई, तो उन्‍हें पूरी घटना के बारे में पता चला। अब दंपति रो-रोकर बस एक ही दुआ मांग रहे हैं कि एक चमत्‍कार और हो जाए, उनका बेटा रमेश भी किसी दिन घर लौट आए।

अमृतसर। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के विधानसभा क्षेत्र में उनकी गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था। इसी क्षेत्र में पोस्टर लगाए गए हैं, जिस पर गुमशुदा की तलाश लिखा गया है। साथ ही इसमें ढूंढने वाले को 50 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा भी की गई है। बताना जरूरी है कि नवजोत सिंह सिद्धू विधानसभा क्षेत्र में बहुत कम आए हैं। इससे पहले वह अमृतसर से सांसद थे तो उस समय भी इस तरह के पोस्‍टर लगाए गए थे। 

उस समय वह भाजपा से सांसद थे। ये पोस्‍टर जौड़ा फाटक के नजदीक स्थित रसूलपुर कलर में शहीद बाबा दीप सिंह जी सेवा सोसायटी के अध्यक्ष अनिल वशिष्ठ और उसके सदस्‍यों ने लगाए हैं। उनका कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू विधानसभा क्षेत्र में नहीं आते। लोग उन्हें तलाश रहे हैं। नवजाेत सिंह सिद्धू के गुमशुदा होने के पोस्‍टर लगाते शहीद बाबा दीप‍ सिंह जी सेवा सोसयटी के सदस्‍य।

वशिष्‍ठ ने कहा कि रसूलपुर कलर वह क्षेत्र है जिसे जौड़ा फाटक रेल हादसे के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने गोद लेने की बात कही थी। इस क्षेत्र से संबंधित लोग ही रेल हादसे में मारे गए थे। उनके बच्चों को आसरा देने का सिद्धू ने वादा किया था। अफसोसनाक पक्ष यह है कि सिद्धू ने इन परिवारों की कभी कोई मदद नहीं की। वशिष्ट ने बताया कि उन्होंने तीन सौ पोस्टर लगाए हैं।


इससे पहले सिद्धू अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से तीन बार भाजपा के सांसद रहे थे। इस दौरान भी क्षेत्र में कम आने के कारण उनके लापता होने के पोस्‍टर लगे थे। इसे सिद्धू के विरोधियों ने उनके खिलाफ सियासी हथियार के तौर पर इस्‍तेमाल किया था। ऐसे में इस बार भी पूरी संभावना है कि विरोधी सिद्धू के खिलाफ इस तरह के पोस्‍टर लगाए जाने को मुद्दा बनाएंगे।@GI@

गुवाहाटी। कोरोना मरीज की इलाज के दौरान मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया। इतना ही नहीं, उन्होंने डॉक्टर को भी बेरहमी से भी पीटा। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सख्त नाराजगी जताई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकरी के अनुसार यह घटना मंगलवार को राजधानी गुवाहाटी से करीब 140 किमी होजई में हुई। 

कल दोपहर करीब 2 बजे कोविड वार्ड में भर्ती पीपल पुखुरी गांव के रहने वाले जियाज उद्दीन की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कमी से उनकी मौत हुई। यहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. सेजकुमार सेनापति ने बताया कि वे करीब 1.30 बजे ड्यूटी पर पहुंचे थे। उन्हें मरीज की हालत के बारे में बताया गया था। जब वे उसे देखने पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मरीज की मौत के बाद उसके करीब 15 परिजनों ने हंगाम शुरू कर दिया। उन्होंने लात-घूसों, ईंट और वहां जो सामान मिला, जैसे कचरे का डिब्बा, धातु के टुकड़े आदि से डॉ. सेनापति पर हमला कर दिया। 

भीड़ से अपनी जान बचाने डॉ. सेनापति ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। इसके बावजूद भीड़ ने तोड़फोड़ की और उन्हें पीटा। इस दौरान बाकी डॉक्टर और स्टाफ अपनी जान बचाकर यहां-वहां भाग गए। घायल डॉ. सेनापति को दूसरे अस्पताल में भती कराना पड़ा। इस घटना के बार डॉक्टरों में रोष फैल गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जेए जयलाल घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। 

असम मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एएमएसए) के असम चैप्टर के सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती डॉ. सेनापति से मुलाकात की। मामले का वीडियो वायरल होते हुए मुख्यमंत्री सख्त नाराज हुए। उन्होंने ट्वीट करके आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा-फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं पर बर्बर हमले बर्दाश्त नहीं होंगे। विशेष पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने सीएम को रिप्लाई करके बताया कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जम्मू। ऑनलाइन माध्यम से स्कूली बच्चों की पढ़ाई को लेकर एक छोटी बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया में वारयल हुआ था. इसमें बच्ची ने पीएम मोदी से पढ़ाई के समय को लेकर शिकायत की थी. वहीं इस वायरल वीडियो का उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वत: संज्ञान लिया था.इसके बाद शिक्षा विभाग ने मंगलवार को गाइडलाइन जारी की, जिसे एलजी ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है.

गाइडलाइन के मुताबिक, प्री प्राइमरी के बच्चों की कक्षा दिनभर में 30 मिनट से ज्यादा नहीं होगी. पहली से 8वीं तक की कक्षाएं 30 से 45 मिनट के दो सत्रों में होंगी. इसी तरह से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के अधिकतम चार सत्र ही होंगे. हर सत्र की अवधि 30 से 45 मिनट के बीच होगी. बच्ची की पीएम मोदी से गुहार के बाद छोटे बच्चों को पढ़ाई में राहत मिली.



कोरोना काल में स्कूल शिक्षा विभाग ऑनलाइन सहित अन्य वर्चुअल मोड से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है. ऐसे बच्चे जिनके पास स्मार्टफोन नहीं हैं. उनके लिए विभाग ने रेडियो और टीवी पर क्लासेज शुरू की हैं. बता दें कि राज्य में 24 हजार निजी और सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों के 16 लाख बच्चों को रेडियो से कवर किया जा रहा है. 3132 निजी और सरकारी सेकेंडरी स्कूलों के 3.29 लाख पंजीकृत बच्चों को ज्ञान चैनल से पढ़ाया जा रहा है. जबकि  1250 निजी और सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में पंजीकृत 2.11 लाख छात्रों को डीडी काशीर के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है.

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में 12वीं क्लास के परीक्षा को लेकर मंथन किया जाएगा। कोरोना के मामलों में तेजी से गिरावट आई है, ऐसे में किस तरह परीक्षा करवाए जाएंगे, परीक्षा होंगे भी या नहीं होंगे, इसपर फैसला किया जाएगा। सभी राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद उन्हें सभी संभावित विकल्पों के बारे में बताया जाएगा। यह जानकारी भारत सरकार के सूत्रों से मिली है।

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक आज बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कोई फैसला लेने वाले थे, मगर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्‍हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। शिक्षा मंत्रालय को परीक्षाओं के बारे में अपने फैसले की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को 03 जून तक देनी है। केंद्र सरकार ने 31 मई को सुप्रीम कोर्ट से परीक्षाओं पर निर्णय लेने के लिए 2 दिनों का समय मांगा था। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बैठक की अध्‍यक्षता करेंगे।

सीबीएसई ने 14 अप्रैल को कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि को देखते हुए कक्षा 10 की परीक्षा रद्द करने और कक्षा 12 की परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी। शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस मुद्दे पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा किए गए प्रस्तावों पर विस्तृत सुझाव मांगे थे। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है, जो परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है, उस बारे में वह 3 जून तक अंतिम निर्णय लेगी।

नई दिल्ली। हर्शल गिब्स अपने करियर के दौरान कई बड़े विवादों के कारण भी चर्चा में रहे हैं. साल 2001 में हर्शल गिब्स एंटीगा के जॉली बीच रिसॉर्ट के एक रूम में मरिजुआना (गांजा) फूंकते हुए पकड़े गए थे. साउथ अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज रहे हर्शल गिब्स के नाम बहुत से बड़े रिकॉर्ड्स दर्ज हैं. गिब्स वही बल्लेबाज हैं, जिनके कारण साउथ अफ्रीका की टीम ने वनडे इतिहास के सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया. 
साल 2001 में शॉन पोलॉक की कप्तानी में साउथ अफ्रीकी टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर टेस्ट और वनडे सीरीज खेलने गई थी. 11 मई की रात को हर्शल गिब्स एंटीगा में गांजा फूंकते पकड़े गए. हर्शल गिब्स के साथ उनके साथी खिलाड़ी रोजर टेलेमाकस, पॉल एडम्स, जस्टिन कैंप और आंद्रे नेल भी शामिल थे. इतना ही नहीं खिलाड़ियों के साथ साउथ अफ्रीकी टीम के कोचिंग सदस्य भी शामिल रहे.
साउथ अफ्रीकी टीम के तत्कालीन फिजियो क्रेग स्मिथ भी इस महफिल का हिस्सा थे. इसके बाद क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने हर्शल गिब्स समेत टीम के सभी सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार साउथ अफ्रीकन रेंड का जुर्माना लगाया. हर्शल गिब्स फिक्सिंग के जाल में भी फंसे थे. साल 2000 में हर्शल गिब्स को 6 महीने के लिए निलंबित किया गया.
हर्शल गिब्स ने शराब के नशे में 12 मार्च 2006 को जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में इतिहास रचा था.  अफ्रीकी टीम ने वनडे इतिहास के सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया, जिससे क्रिकेट फैंस दंग रह गए थे. पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 434 रन बना डाले थे, जो उस वक्त का सबसे बड़ा स्कोर था. तब किसी ने सोचा नहीं होगा कि इतने बड़े स्कोर के बाद भी कोई टीम हार सकती है.
दक्षिण अफ्रीका की इस जीत के हीरो हर्शल गिब्स थे. जिन्होंने 111 गेंदों में 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली. हर्शल गिब्स ने अपनी पारी में 21 चौके और 7 छक्के जड़े. बताया जाता है कि उस मैच के दौरान वह शराब के नशे में थे और नशे की हालत में ही उन्होंने वह पारी खेली थी. खुद गिब्स खुलासा कर चुके हैं कि वह शराब के नशे में थे. गिब्स ने ऑटोबायोग्राफी टू द पॉइंट : द नो होल्ड्स बार्ड में बताया है कि उस मैच से पहले की रात उन्होंने काफी शराब पी थी और मैच वाले दिन वह हैंगओवर में थे.
पूर्व ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेटर माइक हसी ने भी अपनी किताब में इस बारे में जिक्र किया है. उन्‍होंने लिखा, सोने से ठीक पहले मैंने अपने होटल के कमरे से बाहर देखा कि गिब्‍स अभी भी वहां है. गिब्‍स जब सुबह नाश्‍ते के लिए आए थे, तब भी वो नशे में दिख रहे थे. हर्शल गिब्स का करियर 15 साल तक चला. हर्शल गिब्स एकलौते बल्लेबाज हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट के एक ओवर में लगातार 6 छक्के लगाए हैं.

नई दिल्ली. देश अभी कोरोना वायरस महामारी की भयानक दूसरी लहर से जूझ रहा है। इसका पीक कब आएगा और यह लहर कब खत्म होगी, ऐसे सवालों के बीच तीसरी लहर की आशंका भी गहरा गई है। केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन ने बुधवार को चेताया कि तीसरी लहर आएगी, जरूर आएगी, उसे आने से कोई रोक नहीं सकता। हालांकि, साथ में उन्होंने यह भी कहा कि तीसरी लहर कब आएगी, इसके बारे में अभी पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन इतना तय है कि जरूर आएगी लिहाजा उसके लिए तैयार रहना जरूरी है। आइए समझते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर क्यों आएगी और इससे बचने के क्या उपाय है और दूसरी लहर कब खत्म होगी।

कब खत्म होगी कोरोना की दूसरी लहर?
कोरोना की मौजूदा लहर के मई मध्य में पीक पर पहुंचने की संभावना है। इस बीच कोरोना को लेकर भविष्यवाणी करने वाले केंद्र सरकार के मैथमेटिकल मॉडलिंग एक्सपर्ट प्रफेसर एम. विद्यासागर की माने तो अगले हफ्ते से कोरोना की दूसरी लहर ढलान पर होगी। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में प्रफेसर ने तो दूसरी लहर के पीक का संभावित डेट भी बताया है। प्रफेसर विद्यासागर ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर 7 मई को पीक पर हो सकती है और उसके बाद केस घटने शुरू हो सकते हैं।

तीसरी लहर दूसरी से खतरनाक होगी या कम?
कोरोना की तीसरी लहर मौजूदा लहर से खतरनाक होगी या नहीं, इस बारे में कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। वैसे हमारे पास कोरोना की वैक्सीन है, अगर सही रणनीति के साथ तेजी से वैक्सीनेशन में हम कामयाब रहे तो तीसरी लहर शायद कम खतरनाक हो। वैसे 1918-20 में आए स्पैनिश फ्लू की तीसरी लहर दूसरी से कम खतरनाक लेकिन पहली लहर से बहुत ही ज्यादा खतरनाक थी। हालांकि, स्पैनिश फ्लू और कोरोना महामारी की इस तरह तुलना भी नहीं की जा सकती।

फरवरी में ही तीसरी लहर को लेकर इस एक्सपर्ट ने चेता दिया था
सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक अडवाइजर के. विजय राघवन ने तो बुधवार को तीसरी लहर के बारे में आगाह किया लेकिन CSIR के डायरेक्टर जनरल शेखर सी. मांडे ने फरवरी में ही आगाह कर दिया था कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयार रहना चाहिए। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक ऐंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) के डीजी ने फरवरी के आखिर में राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी की तरफ से आयोजित एक डिजिटल कार्यक्रम में कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को लेकर चेताते हुए कहा था कि अगर यह आई तो इसके नतीजे बेहद खतरनाक होंगे।

नई दिल्ली. आज 13 अप्रैल है। पिछले साल आज के दिन देशभर में कोरोना वायरस के 10 हजार से भी कम केस थे और दो लाख से भी कम नमूनों की जांच हो पाई थी। आज सालभर बाद माजरा पूरी तरह बदल चुका है। कोरोना वायरस की नई लहर ने देशभर में हड़कंप मचा रखा है। सालभर में भारत में कोरोना केस करीब 1,463 गुना बढ़ गया है। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना के 1,61,736 नए मामले सामने आए हैं जबकि 879 लोगों की मोत हुई है। हालांकि, अब कोरोना वैक्सीन के खिलाफ टीकाकरण अभियान चल रहा है।

बीते साल 13 अप्रैल का कुछ ऐसा था हाल
आंकड़ों पर गौर करें तो 13 अप्रैल 2020 को देशभर में कोरोना के 9,352 मरीज सामने आए थे जिनमें 980 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो गए थे। हलांकि, वायरस ने 324 लोगों की जान ले ली थी। बीते वर्ष इसी दिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि अब तक 1,86,906 सैंपल टेस्ट किए गए हैं जिनमें से 4.3% पॉजिटिव पाए गए।
करीब 11 करोड़ लोगों को लग चुका है टीका
पिछले साल आज के दिन वैक्सीन की कोई चर्चा तक नहीं थी, लेकिन सालभर बाद देश में कुल 10,85,33,085 लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि देश में सोमवार तक कोरोना वायरस के लिए कुल 25,92,07,108 सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 14,00,122 सैंपल अकेले सोमवार को टेस्ट किए गए।

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट आज जाकिया जाफरी की याचिका पर सुनवाई करेगा। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात दंगे मामले में एसआईटी की ओर से क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ जाकिया जाफरी ने यह याचिका दायर की है। जाकिया जाफरी की ओर से पेश सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि मामले की सुनवाई अप्रैल के महीने में किसी भी दिन की जाए।


पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया था कि सुनवाई 13 अप्रैल को होगी और तब मामले की सुनवाई टाले जाने की गुहार पर विचार नहीं होगा। जकिया दंगों में मारे गए पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी हैं।जाकिया जाफरी की ओर से सुनवाई टाले जाने की गुहार पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि मामले में सुनवाई कई बार टाली जा चुकी है, अगली तारीख आप लें, लेकिन सुनिश्चित करें कि सभी पक्ष मौजूद हों।

गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लगाए जाने में 59 लोगों के मारे जाने की घटना के ठीक एक दिन बाद 28 फरवरी, 2002 को अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी में 68 लोग मारे गए थे। दंगों में मारे गए इन लोगों में पूर्व सांसद एहसान जाफरी भी शामिल थे।

घटना के करीब 10 साल बाद आठ फरवरी, 2012 को एसआईटी ने मोदी तथा 63 अन्य को क्लीन चिट देते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया था कि जांच एजेंसी को आरोपियों के खिलाफ अभियोग चलाने योग्य कोई सबूत नहीं मिला।जकिया ने एसआईटी के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने के गुजरात उच्च न्यायालय के पांच अक्टूबर, 2017 के आदेश को 2018 में उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी।


नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अंधविश्वास के चलन, काला जादू और अवैध व जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस याचिक में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह अवैध धर्मांतरण और काला जादू जैसे चलन पर रोक लगाए। सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी नेता और एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की ओर से अर्जी दाखिल कर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और लॉ मिनिस्ट्री के साथ-साथ देश भर के तमाम राज्यों को प्रतिवादी बनाया गया है।
एडवोकेट उपाध्याय ने एनबीटी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते इस अर्जी पर सुनवाई कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट दाखिल अर्जी में कहा गया है कि जबरन धर्म परिवर्तन और इसके लिए काला जादू के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए। धर्म परिवर्तन के लिए साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल हो रहा है। देश भर में हर हफ्ते ये सब हो रहा है जिसे रोकने की जरूरत है। इस तरह के धर्मांतरण के शिकार लोग गरीब तबके से आते हैं। इनमें से ज्यादातर सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़े हैं और खासकर एससी व एसटी श्रेणी से ताल्लुक रखने वाले लोग हैं।
इस तरह से अंधविश्वास का चलन, काला जादू और अवैध धर्मांतरण का मामला संविधान के अनुच्छेद- 14, 21 और 25 का उल्लंघन करता है। ये समानता के अधिकार, जीवन के अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार में दखल है। हमारा संविधान सेक्युलर है और वह संविधान का अभिन्न अंग है और उक्त धर्म परिवर्तन और काला जादू आदि का चलन सेक्युलर सिद्धांत के भी खिलाफ है। याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद-25 धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। इसमें कहा गया है कि सभी नागरिक को समान अधिकार है कि वह अपने धर्म को माने और धार्मिक प्रैक्टिस करे। इसमें शर्त लगाई गई है कि पब्लिक ऑर्डर, नैतिकता और हेल्थ पर विपरीत असर नहीं होना चाहिए।
ऐसे में ये साफ है कि किसी भी तरह से धन बल का प्रयोग करके धर्मांतरण अथवा धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। और इस तरह से देखा जाए तो अंधविश्वास और काला जादू जैसी हरकत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के दायरे में नहीं है। साथ ही याचिका में कहा गया है कि सरकार इंटरनैशनल लॉ से भी बंधा हुआ है जिसके तहत राज्य (सरकार) की ड्यूटी है कि वह प्रत्येक नागरिक को प्रोटेक्ट करे और उसके धार्मिक स्वतंत्रता को बनाए रखे। सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि सरला मुद्गल केस में दिए गए फैसले को लागू किया जाए और धर्म के नाम पर किसी को एब्यूस होने से बचाने के लिए कमिटी का गठन किया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट हेल्पलेस नहीं है और उसे अनुच्छेद-32 के तह असीम अधिकार मिले हए हैं। सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया जाए कि वह अंधविश्वास, काला जादू और अवैध धर्म परिवर्तन को रोका जाए। धमकी, प्रलोभन और बहला फुसला कर यानी शाम दाम दंड भेद से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है उसे रोका जाए क्योंकि ये न सिर्फ मौलिक अधिकारों का हनन है बल्कि ये संविधान के सेक्युलर सिद्धांत के खिलाफ है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लाउडस्पीकर से अजान पर बवाल थमता नहीं दिख रहा है। एक दिन पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति ने डीएम को पत्र लिखकर मस्जिद के लाउडस्पीकर से आने वाली अजान की आवाज पर आपत्ति की थी। उनकी शिकायत सुर्खियों में आने के बाद मस्जिद प्रशासन ने लाउडस्पीकर का मुंह दूसरी ओर कर दिया, इसके अलावा उसका साउंड भी कम कर दिया गया। हालांकि अब पुलिस भी मामले में हरकत में आ गई है।


आईजी प्रयागराज केपी सिंह ने गुरुवार को रेंज के चारों जिलों के डीएम और एसएसपी को एक पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र के जरिए प्रदूषण ऐक्ट और हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को भी कहा है। इसके तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह से लाउडस्पीकर बजाने या अन्य किसी पब्लिक अड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी।

उन्होंने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में ये बात कही। देहरादून में एक कार्यक्रम में दिया गया मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का बयान अब उनके लिए ही मुश्किल का सबब बनता गया। फटी जींस पर टिप्पणी से इंटरनेट मीडिया पर मुख्यमंत्री लगातार ट्रोल हो रहे हैं। 

मुख्यमंत्री के इस बयान को महिलाओं के पहनावों के प्रति संकीर्ण मानसिकता का द्योतक बताया जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन के बाद से मुद्दा तलाश रही कांग्रेस इसे हाथ से नहीं जाने देना चाहती। हालांकि अब उन्होंने मामले पर माफी मांग ली है।




कि वो यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी और अगले ही 17 मार्च की रात को दुपट्टे से फांसी लगा ली। चरखी दादरी के डीएसपी राम सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि रितिका राजस्थान में एक रेसलिंग टूर्नमेंट में हिस्सा लेने गई थी। उसे वहां हार झेलनी पड़ी थी। बिश्नोई ने कहा कि मौत के पीछे राजस्थान के उस टूर्नमेंट में मिली हार भी कारण हो सकता है। हालांकि इसकी जांच चल रही है।

कोलकाता। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद आज पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मिदनापुर में तीन चुनावी रैलियां करेंगी। सियासी घमासान के बीच आज नजर पीएम मोदी के भाषण पर होगी, क्योंकि ममता के तीखे तेवर के बीच आज वो बंगाल में चुनावी रैली कर रहे हैं। हर किसी की नजर इस बात पर होगी कि पीएम ममता के आरोपों पर क्या जवाब देते हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी पुरुलिया में सुबह 11 बजे पहली रैली को संबोधित करेंगे।  ये रैली पहले 20 मार्च को होनी थी, लेकिन अब इसे दो दिन पहले आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी आज असम के करीमगंज में भी रैली करेंगे। उन्होंने ट्वीट में कहा, 18 मार्च को मैं असम में रहूंगा। करीमगंज में रैली के दौरान असम जैसे महान राज्य के लोगों के बीच उपस्थित रहने को लेकर उत्सुक हूं। पिछले पांच साल में असम की जनता ने विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखा है। विकास के एजेंडे को जारी रखने के लिए एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को जनता का आशीर्वाद चाहिए।

वहीं भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए चार उम्मीदवारों के नामों की बुधवार को घोषणा कर दी, जिसमें अभिनेत्री पापिया अधिकारी को भी जगह मिली है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पूर्व कांग्रेस नेता अनुपम घोष को हावड़ा की जगतबल्लवपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। घोष कुछ साल पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने बताया कि अधिकारी हावड़ा जिले की उलुबेरिया दक्षिण सीट से चुनाव लड़ेंगी जबकि चंदन मंडल को दक्षिण 24 परगना जिले की बरुइपुर पूर्व और बिधान पारुई को इसी जिले की फलता सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की जांच को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि अब हर राज्य को प्रतिदिन 70 फीसदी कोरोना जांच आरटी-पीसीआर के जरिए करनी होगी। अभी तक ज्यादातर राज्यों में एंटीजन जांच सबसे ज्यादा हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो हर दिन 49 से 50 फीसदी जांच एंटीजन किट्स के जरिए हो रही हैं। यह किट्स कीमत में सस्ती और कम समय में रिजल्ट बताने वाली होती हैं।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति जिसकी एंटीजन जांच होगी, उसकी आरटी-पीसीआर जांच भी करानी होगी। या फिर आरटी पीसीआर जांच से ही काम चलाया जा सकता है।
कम से कम 70 फीसदी प्रतिदिन जांच आरटी-पीसीआर के जरिए ही होगी। आरटी-पीसीआर तकनीक के जरिए करीब तीन से चार घंटे में यह पता चलता है कि व्यक्ति को कोरोना संक्रमण है अथवा नहीं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आदेश दिया है कि एक संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले कम से कम 30 लोगों की पहचान और उनकी जांच 72 घंटे के भीतर करनी होगी। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की जांच रिपोर्ट सोमवार को संक्रमित मिलती है तो बृहस्पतिवार तक उसके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच कराना आवश्यक है। देश में मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में कोरोना का सबसे अधिक असर दिखाई दिया है। रतलाम जिले में हर दिन संक्रमित मिलने वाले रोगियों में 500 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जो अन्य किसी भी जिले की तुलना में सबसे गंभीर स्थिति है।

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को आधार कार्ड से लिंक ना होने के कारण केंद्र द्वारा लगभग तीन करोड़ राशन कार्डों को रद्द करने को बहुत गंभीर करार दिया है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और सभी राज्यों से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने कहा कि इस मामले को प्रतिकूल नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि यह बहुत गंभीर मामला है।


याचिकाकर्ता कोइली देवी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्विस ने कहा कि याचिका बड़े मुद्दे से संबंधित है। गोंसाल्विस ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि केंद्र ने लगभग तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। इस पर पीठ ने कहा कि वह किसी और दिन इस मामले की सुनवाई करेगी क्योंकि यह आपका माना है कि केंद्र सरकार ने राशन कार्ड रद्द कर दिया है।


अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने कहा कि गोंसाल्विस द्वारा गलत बयान दिया गया है कि केंद्र ने राशन कार्ड रद्द कर दिया है। इस पर पीठ ने कहा कि हम आपसे (केंद्र) आधार मुद्दे के कारण जवाब देने के लिए कह रहे हैं। यह एक प्रतिकूल याचिका नहीं है। लेखी ने कहा कि मामले में पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है और केंद्र की प्रतिकरिया रिकॉर्ड पर है।


9 दिसंबर, 2019 को शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों से उन लोगों की भुखमरी से मौत के आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी थी जो वैध आधार कार्ड नहीं होने के कारण अपने राशन आपूर्ति से वंचित थे। केंद्र ने अपने जवाब में कहा था कि ये मौतें भुखमरी के कारण नहीं हुई थीं। वैध आधार कार्ड न होने के कारण किसी को भी भोजन से वंचित नहीं किया गया था।


झारखंड में सिमडेगा जिले की रहने वाली कोइली देवी की ओर से यह जनहित याचिका दायर की गई है। कोइली देवी की 11 वर्षीय बेटी संतोषी की 28 सितंबर, 2018 को भुखमरी से मृत्यु हो गई। संतोषी की बहन गुड़िया भी मामले में संयुक्त याचिकाकर्ता हैं। याचिका में कहा गया है कि स्थानीय अधिकारियों ने उसके परिवार का राशन कार्ड रद्द कर दिया था क्योंकि वे इसे आधार से जोड़ने में विफल रहे थे। इसमें कहा गया है कि परिवार को मार्च 2017 से राशन मिलना बंद हो गया था।

मुंबई। नीता अंबानी बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में विजिटिंग प्रोफेसर नहीं बनने जा रही हैं। रिलायंस इंड्रस्टीज लिमिटेड के प्रवक्‍ता ने इस खबर को झूठा बताया है। बता दें कि विश्वविद्यालय में नीता अंबानी को विजटिंग प्रोफेसर बनाए जाने के खिलाफ मंगलवार को छात्र वीसी आवास के बाहर धरने पर बैठ गए थे। विवाद को बढ़ता देख, अब रिलायंस इंड्रस्टीज की ओर से मामले में सफाई दी है।


रिलायंस इंड्रस्टीज के प्रवक्‍ता ने कहा, नीता अंबानी को बीएचयू में विजिटिंग प्रोफेसर बनाए जाने की खबर झूठी हैं। उन्‍हें बीएचयू की ओर से ऐसा कोई प्रस्‍ताव नहीं मिला है। दअरसल, बीते दिनों रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष और रिलायंस इंडस्ट्रीज की कार्यकारी निदेशक नीता अंबानी को बीएचयू में महिला अध्ययन का पाठ पढ़ाने का दायित्‍व देने की तैयारी शुरू की गई थी। ऐसी खबर भी समने आई कि नीता अंबानी को बीएचयू के महिला अध्ययन और विकास केंद्र में विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।


बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय की ओर से 12 मार्च को यह प्रस्ताव दिया गया। उन्हें बनारस सहित पूर्वांचल में महिलाओं का जीवनस्तर सुधारने के लिए बीएचयू में शिक्षण प्रशिक्षण से जुडऩे का आग्रह किया गया था। हालांकि, रिलायंस इंडस्‍ट्री की ओर से अब यह साफ कर दिया गया है कि नीता अंबानी को बीएचयू की तरफ से ऐसा कोई प्रस्‍ताव नहीं मिला है।