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मुंबई। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शपथ लेने के महज तीन दिन बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज ही बुधवार को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने उसका इंतजार किए बगैर ही इस्तीफा दे दिया है। देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं यहां से सीधे गवर्नर हाउस जा रहा हूं और अपनी इस्तीफा उन्हें सौंप दूंगा। उनसे पहले डेप्युटी सीएम अजित पवार ने भी इस्तीफा दे दिया था। माना जा रहा है कि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को यह लग रहा था कि वे फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे और इसके चलते दोनों ने पद से इस्तफा दे दिया।

इस्तीफे का ऐलान करने से पहले देवेंद्र फडणवीस ने सूबे में अस्थिरता का शिवसेना पर ठीकरा फोड़ा। उन्होंने कहा कि हमने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और बहुमत हासिल किया था, लेकिन हमें जनता ने 105 सीटें देकर ज्यादा समर्थन दिया। लेकिन, शिवसेना ने यह देखते हुए कि उसके बगैर सरकार नहीं बन सकती है तो वह सीएम की मांग पर अड़ गई, जबकि ऐसी कोई तय नहीं हुई थी। शिवसेना ने सरकार गठन के लिए हमसे बात करने की बजाय एनसीपी से बात की। यही नहीं शिवसेना पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिनके बारे में हमने सुना था कि वे मातोश्री से बाहर नहीं निकले, वे निकल-निकलकर तमाम लोगों से मिल रहे थे।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में एनसीपी नेता अजित पवार के समर्थन से मुख्यमंत्री बने देवेंद्र फडणवीस की कुर्सी रहेगी या फिर बचेगी, इसका फैसला बुधवार शाम पांच बजे तक हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने फडणवीस सरकार को बुधवार को बहुमत परीक्षण का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर उसकी देख-रेख में शक्ति परीक्षण की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। कोर्ट ने साफ किया कि गुप्त मतदान नहीं हो और फ्लोर टेस्ट का लाइव टेलिकास्ट किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने की कई अहम टिप्पणी
जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा होनी चाहिए। पीठ ने कहा कि कोर्ट और विधायिका पर लंबे समय से बहस चल रही है। कोर्ट ने कहा कि अभी अंतरिम बात करनी है। कोर्ट ने कहा कि अभीतक विधायकों की शपथ नहीं हुई है। लोगों को अच्छे शासन की जरूरत है।

नई दिल्ली। अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पुनर्विचार याचिका न दाखिल करने का फैसला लिया है। वक्फ बोर्ड के इस फैसले से शांतिपूर्ण माहौल में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होता दिख रहा है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य अब्दुल रज्जाक खान ने कहा कि हमारी मीटिंग में बहुमत से रिव्यू पिटिशन दाखिल न करने का प्रस्ताव पारित हुआ है। हालांकि इस बैठक में शीर्ष अदालत की ओर से मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन दिए जाने के आदेश को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। गौरतलब है कि बोर्ड ने पहले भी अपनी ओर से जारी कई बयानों में कहा था कि वह इस मसले पर रिव्यू पिटिशन के पक्ष में नहीं है।

इससे पहले देश की 100 दिग्गज मुस्लिम हस्तियों ने भी रिव्यू पिटिशन फाइल करने का विरोध किया था। रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का विरोध करने वाली हस्तियों में नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी जैसे फिल्मी सितारे भी शामिल थे। हालांकि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने पिछले दिनों लखनऊ में अपनी मीटिंग में रिव्यू पिटिशन दाखिल करने की बात कही थी।
बता दें कि 9 नवंबर को 70 साल से अयोध्या मसले पर चल रहे केस ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विवादित भूमि राम मंदिर के लिए दिए जाने का फैसला दिया था। इसके अलावा मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन कहीं और दिए जाने का आदेश दिया था। तब सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटिशन पर फैसला लेने के लिए 26 नवंबर की तारीख तय की थी।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट पर मंगलवार को सुबह साढ़े 10 बजे फैसला सुनाएगा। बता दें कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम और अजित पवार को डेप्युटी सीएम बनाने के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी। तीनों दलों ने कोर्ट में अपनी दलीलों में विधानसभा में तुरंत बहुमत परीक्षण की मांग की थी। अब कोर्ट ने आज मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। गौरतलब है कि शनिवार रात को तीनों दलों ने कोर्ट में याचिका दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को भी इस मामले की सुनवाई की थी।

फ्लोर टेस्ट पर ये दलीलें रखी गईं
कोर्ट ने साफ किया कि वह कल सुबह साढ़े 10 बजे इस मामले में अपना आदेश जारी करेगा। पक्ष और विपक्ष ने इस मामले में अपने तर्क रखे। बीजेपी और सीएम फडणवीस की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी जहां इस मामले में विस्तृत सुनवाई की वकालत कर रहे थे और दलीलें दी कि स्पीकर बहुमत परीक्षण करवा सकते हैं। वहीं, कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के वकील जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कर रहे थे।

राज्यपाल की तरफ से ये तर्क दिए गए
राज्यपाल की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि कैसे राज्यपाल ने देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को शपथ दिलाई। उन्होंने राज्यपाल को सौंपी। समर्थन की चिट्ठी पहले मराठी वाली में कोर्ट में पेश की थी। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि इसका अंग्रेजी अनुवाद कहां है? फिर तुषार मेहता ने अंग्रेजी वाली चिट्ठी सौंपी और उसे कोर्ट में पढ़ना शुरू किया। उन्होंने दलील दी कि राज्यपाल ने 9 नवंबर तक इंतजार किया। पहले बीजेपी ने मना कर दिया। 10 तारीख को शिवसेना से पूछा तो उन्होंने भी मना कर दिया। फिर 11 नवंबर को एनसीपी ने भी मना कर दिया और राज्यपाल में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। मेहता ने राज्यपाल को सौंपी गई चिट्ठी के आधार पर कहा कि इसी के कारण उन्होंने शपथ दिलाया गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 22 नवंबर को लिखी गई एनसीपी नेता अजित पवार की उस चिट्ठी को भी सौंपा गया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एनसीपी के सभी 54 विधायकों ने उन्हें नेता चुना है और सरकार बनाने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि 12 नवंबर के बाद राज्यपाल के पास क्यों नहीं गए याचिकाकर्ता। उन्होंने कहा कि आपके आदेश का दूरगामी असर होगा। विस्तृत सुनवाई के बाद ही आदेश जारी करें। जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही है। मेहता ने कहा कि राज्यपाल ने अपनी समझ के अनुसार समय तय किया है। अगर आप फ्लोर टेस्ट का समय तय करेंगे तो लगेगा आप राज्यपाल के ऊपर अपीलीय अधिकार इस्तेमाल कर रहे। विपक्ष को टूट का डर है इसलिए वे जल्दबाजी में हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने की रस्साकशी के बीच बीजेपी ने बाजी पलटते हुए एनसीपी के अजित पवार की मदद से सरकार बना ली है। सरकार गठन के लिए शिवसेना के नेतृत्व में एनसीपी और कांग्रेस के बीच सरकार गठन के लिए बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी थी लेकिन शनिवार सुबह बड़ा उलटफेर करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने सीएम और एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार ने डेप्युटी सीएम पद की शपथ ली। अब भले ही एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार यह कह रहे हों कि यह अजित पवार का फैसला था और उन्हें संज्ञान में लिए बिना अजित ने बीजेपी के साथ सरकार बनाई लेकिन महाराष्ट्र में एनसीपी की सहयोगी कांग्रेस इस पूरे उलटफेर के लिए एनसीपी को ही जिम्मेदार मान रही है।

अहमद पटेल ने एनसीपी पर साधा निशाना
शिवसेना और एनसीपी की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के थोड़ी ही देर बार कांग्रेस ने मीडिया से बात की। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, जैसे ही शरद पवार दिल्ली में आए। उनके घर दो बैठकें हुईं। सबकुछ तय हो गया था। कुछ चीजें शिवसेना के साथ तय होना था बस। एक दो मुद्दों पर ज्यादा चर्चा की जरूरत थी इसलिए हम 12 बजे मिलने वाले थे। इससे पहले आज सुबह जो कांड हुआ उसकी आलोचना करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। एनसीपी से कुछ लोग बाहर निकले, उन्होंने एक लिस्ट दे दी। जिससे यह घटना घटी।
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुई कांग्रेस
एनसीपी-शिवसेना की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले कांग्रेस के नेता भी शामिल होने वाले थे लेकिन महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और अशोक चव्हाण साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही बाहर निकल गए। कांग्रेस अब ताजा हालात पर अलग से बैठक करेगी। सूत्रों के मुताबिक राज्य में सियासी उलटफेर के लिए कांग्रेस एनसीपी चीफ शरद पवार को जिम्मेदार मान रही है। कांग्रेस की तरफ से कहा भी गया कि बिना शरद पवार के एनसीपी में टूट संभव नहीं है।

नई दिल्ली। 70 साल तक चली कानूनी लड़ाई, 40 दिन तक लगातार मैराथन सुनवाई के बाद आज अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ ने सर्वसम्मति यानी 5-0 से ऐतिहासिक फैसला सुनाया। निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान और सुन्नी वक्फ बोर्ड को ही पक्षकार माना। टॉप कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा विवादित जमीन को तीन पक्षों में बांटने के फैसले को अतार्किक करार दिया। आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने साथ में यह भी आदेश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ जमीन दी जाए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बनाए। इस ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को भी प्रतिनिधित्व देने को कहा है।

विवादित जमीन रामलला की, सुन्नी पक्ष को कहीं और जमीन
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने फैसले में कहा कि टाइटल सिर्फ आस्था से साबित नहीं होता है। 1856-57 तक विवादित स्थल पर नमाज पढ़ने के सबूत नहीं हैं। उधर हिंदू इससे पहले अंदरूनी हिस्से में भी पूजा करते थे। हिंदू बाहर सदियों से पूजा करते रहे हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड को कहीं और 5 एकड़ की जमीन दी जाए। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बनाकर स्कीम बताए। इस ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने आखिर में 2.77 एकड़ जमीन का मालिकाना हक रामलला विराजमान को दे दिया। कोर्ट ने आगे कहा कि हर मजहब के लोगों को संविधान में बराबर का सम्मान दिया गया है।

मुंबई। बीजेपी के साथ खींचतान के चरम पर पहुंचने के बाद भी शिवसेना ने सीएम पद पर अड़े रहने की बात कही है। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना अब भी सीएम पद की मांग पर कायम है। गवर्नर से मिलने के बाद बीजेपी नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में राउत ने कहा कि बीजेपी यदि सरकार नहीं बना रही है तो साफ है कि उसके पास बहुमत नहीं है। वे राष्ट्रपति शासन लगाने की मंशा रखते हैं। यदि वे सरकार नहीं बना पा रहे हैं तो फिर बताएं कि हमारे पास बहुमत नहीं है। यदि वे राज्यपाल से मिलकर आए हैं तो उन्हें 145 विधायकों की सूची उन्हें सौंपनी चाहिए थी। राउत ने कहा पार्टी विधायकों से कहा कि हमारी मांग अब भी बदली नहीं है। यही नहीं बीजेपी को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे साथ ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी। राउत ने कहा कि जब बीजेपी गवर्नर के पास गई तो फिर सरकार गठन का दावा क्यों नहीं पेश किया। ठाकरे फैमिली के वफादार माने जाने वाले राउत ने कहा कि हम अब भी सीएम की मांग पर कायम हैं। सरकार में शिवसेना का मुख्यमंत्री होना चाहिए।

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) के परिणाम आने के बाद पिछले 11 दिन से सरकार बनाने को लेकर जारी खींचतान के बीच मंगलवार को एनसीपी (NCP) ने बड़ा बयान दिया है. अभी तक विपक्ष में बैठने की बात करने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सरकार बनाने की इच्छा जताते हुए शिवसेना के सामने सरकार गठन के लिए कुछ शर्त रखी हैं. एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि यदि शिवसेना (Shiv Sena) हमारे साथ गठबंधन में सरकार बनाती है तो पांच साल के लिए मुख्यमंत्री (Chief Minister) उनका होगा. हमें सीएम का पद नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि इस स्थिति में दो डिप्टी सीएम के पद होंगे उनमें भी एक शिवसेना का ही होगा, लेकिन ये बातें तभी संभव होंगी जब शिवसेना बीजेपी (BJP) के साथ अपना गठबंधन तोड़ ले. 

मुंबई. भारतीयों को अब सोना ज्यादा लुभा नहीं पा रहा है. जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत में सोने की डिमांड 32 फीसदी गिरकर 123.9 टन पर आ गई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक नरमी और स्थानीय स्तर पर ऊंची कीमतों की वजह से भारत की सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले इस साल सितंबर तिमाही में 32 फीसदी गिरकर 123.9 टन पर आ गई है. वहीं, सोने का आयात भी 2019 की तीसरी तिमाही में 66 प्रतिशत गिरकर 80.5 टन रह गया. चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है. आपको बता दें कि दुनियाभर में सोने की डिमांड तीसरी तिमाही में बढ़कर 1,107.9 टन पर पहुंच गई है. एक साल पहले की इसी अवधि में मांग 1,079 टन थी.

क्यों गिरी डिमांड- डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जूलर्स पहले से आयात किए स्टॉक और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) से अपनी मांग को पूरा कर रहे हैं. इससे आयात में गिरावट आई है. इसके अलावास्थानीय बाजार में, सितंबर में सोने का भाव 39,011 रुपये प्रति दस ग्राम पर था , जो अब 38,800 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास है. ऐसे में महंगा होने से डिमांड पर असर पड़ा है.

आपको बता दें कि 2019 की तीसरी तिमाही में सोने की डिमांड 32.3 फीसदी गिरकर 123.9 टन रह गई. इसमें आभूषणों की कुल मांग का 101.6 टन और 22.3 टन सिक्का/बिस्कुट मांग शामिल है. 2018 की तीसरी तिमाही में सोने की मांग 183.2 टन थी.

नई दिल्ली। बैंक में जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं तो इस खबर को पूरा पढ़ लीजिए। ऐसा इसलिए क्योंकि नवंबर में 12 दिन बैंक बंद रहेंगे। यहां आपको किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए आरबीआई ने इसे लेकर अभी से सूचना जारी कर दिया है।

आरबीआई की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवंबर में बैंक एक नहीं, दो नहीं, बल्कि 13 दिन बंद रहेंगे। वहीं, अलग-अलग राज्यों में छुट्टियों होने की वजह से इस माह पूरे 12 दिन बैंक में काम नहीं होंगे। इसलिए अगर खाताधारक कुछ जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं तो इन तारीखों को जनना बेहद जरूरी है।

इस महीने इस महीने छठ पूजा, गुरु नानक जयंती, कन्नड राज्योत्सव, वांग्ला फेस्टिवल, आदि के चलते बैंक बंद रहेंगे। चलिए आपको बताते हैं नवंबर में किस दिन बैंक बंद रहेंगे।

इन तारीखों में बंद रहेंगे बैंक
2 नवंबर – छठ पूजा
3 नवंबर – रविवार
9 नवंबर – महीने का दूसरा शनिवार
10 नवंबर – रविवार
12 नवंबर – गुरु नानक जयंती
17 नवंबर – रविवार
23 नवंबर – चौथा शनिवार
24 नवंबर – रविवार

मुंबई। सट्टा बाजार अमूमन चुनाव तक सक्रिय रहता है लेकिन महाराष्ट्र में चुनाव के रिजल्ट के एक सप्ताह बाद भी सटोरियों की अभी दिलचस्पी खत्म नहीं हुई है। एक विश्वस्त सूत्र ने एनबीटी को बताया कि मुंबई के सट्टा बाजार में इस बात के भाव लगने शुरू हो गए हैं कि महाराष्ट्र में एक साल में फिर विधानसभा चुनाव होंगे। इस सूत्र के अनुसार, शुक्रवार को महाराष्ट्र में स्थाई सरकार का भाव सिर्फ 20 रुपये था।
इस सूत्र का कहना है कि महाराष्ट्र में इन दिनों जिस तरह का माहौल है, सटोरियों को लगता है कि यदि कोई भी सरकार बन भी गई तो भी वह चंद महीनों से ज्यादा टिकेगी नहीं। इसलिए संभावना है कि साल 2020 में राज्य में फिर चुनाव होगा। दूसरी ओर, राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम पर नौकरशाहों की भी दिलचस्पी बढ़ गई है। उन्होंने अपना खुफिया नेटवर्क फैला दिया है।

मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे को अगस्त में तीन महीने का सेवा विस्तार मिला था, जो इस 30 नवंबर को खत्म हो रहा है। तब ऐसा माना गया था और अब भी माना जा रहा है कि यदि बीजेपी का मुख्यमंत्री रहा और गृह मंत्रालय भी बीजेपी के पास रहा, तो बर्वे को अभी तीन माह का विस्तार और मिल सकता है। दूसरे राजनीतिक समीकरण में उन्हें दूसरा एक्सटेंशन मिल पाएगा या नहीं, यह वक्त ही बताएगा।

दिग्गज सोशल मीडिया एप व्हाट्सएप (Whatsapp) ने इजरायल की जासूसी कंपनी एनएसओ ग्रुप (NSO) पर गंभीर आरोप लगाया है। इंस्टेंट मैसेजिंग एप ने कहा है कि यह कंपनी भारतीय पत्रकारों और समाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कर रही थी। व्हाट्सएप ने हैकिंग की पुष्टि करते हुए इजरायली जासूसी कंपनी पर मुकदमा भी ठोका है।

व्हाट्सएप के अधिकारी ने दिया बयान 

व्हाट्सएप के एक अधिकारी ने कहा है कि एनएसओ कंपनी भारतीय पत्रकारों और मानवधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी Peagasus सिस्टम के जरिये कर रही थी। साथ ही, व्हाट्सएप ने एक दर्जन से ज्यादा वकील, प्रोफेसर, दलित कार्यकर्ता और पत्रकारों को इस बारे में सतर्क किया है। वहीं, यूजर्स के डिवाइसेज को मई में सर्विलांस पर लिया गया था।

एनएसओ पर लगाया गंभीर आरोप

मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए एक हफ्ते हो चुके हैं लेकिन सत्ता के लिए रस्साकशी अब तक जारी है। बीजेपी और शिवसेना के बीच अभी 50-50 फॉर्म्युले पर मामला अटका हुआ है। इस बीच शिवसेना विधायक दल की बैठक में एकनाथ शिंदे को नेता चुना गया है। इसके लिए आदित्य ठाकरे ने प्रस्ताव रखा था, जिस पर शिवसेना के सभी 56 विधायकों ने अपनी सहमति दी। वहीं सुनील प्रभु को सदन में पार्टी का चीफ विप बनाया गया है। अब सभी विधायक राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में बीजेपी के उपमुख्यमंत्री पद वाले ऑफर पर चर्चा नहीं हुई।

इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि इस बैठक में आदित्य ठाकरे को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। हालांकि आदित्य ठाकरे ने खुद एकनाथ शिंदे के नाम का प्रस्ताव रखा। इसी के साथ ही सत्ता को लेकर चल रहा सस्पेंस और गहरा गया है। दूसरी ओर शिवसेना के सभी विधायक राज्यपाल से मुलाकात करने जा रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि शाम को 6.15 बजे पार्टी के विधायक राज्यपाल से मिलेंगे। बताया गया है कि यह मुलाकात राज्य मेें सूखे की समस्या को लेकर की जा रही है। हालांकि कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरान सरकार बनाने की संभावनाओं पर भी बात हो सकती है।

लखनऊ। यूपी के शहरों में वायु प्रदूषण सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। बुधवार को यूपी के कई शहरों में दिनभर धुंध की चादर छाई रही। इस दौरान लोग घर से निकलने के लिए बचते रहे। कई लोग मास्क लगातर घूमते नजर आए। बुधवार को गाजियाबाद सबसे अधिक प्रदूषित रहा और इसके बाद टॉप 10 लिस्ट में यूपी के 7 अन्य शहर शामिल हैं जहां एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 से भी ऊपर यानी बेहद खराब रहा।

सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी डेटा के अनुसार, बुधवार को गाजियाबाद का एक्यूआई 478 था जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। इसके बाद 461 एक्यूआई के साथ बागपत चौथे नंबर पर, नोएडा (450) पांचवे नंबर पर, ग्रेटर नोएडा (438) छठे नंबर पर और हापुड़ (435) सातवें नंबर पर रहा।

मेरठ (430) और बुलंदशहर (430) आठवे नंबर पर और मुजफ्फरनगर (428) नवे नंबर पर रहा। वहीं देश की राजधानी दिल्ली 419 एक्यूआई के साथ 10वें नंबर पर रही। इसके अलावा हरियाणा के दो शहर पानीपत (475) और बल्लभगढ़ (467) एयर क्वॉलिटी इंडेक्स लिस्ट में दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे।

हरियाणा, यूपी और दिल्ली में एयर पल्यूशन अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से बढऩा शुरू हुआ लेकिन दिवाली के बाद यह बढ़कर काफी अधिक हो गया है। यूपी और हरियाणा के शहर शुरुआत से ही टॉप 10 शहरों में हैं। मंगलवार को यूपी के चार शहर पहली बार टॉप 10 की श्रेणी में आए जिनका एक्यूआई लेवल 400 पार हो गया है। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं, खासकर दिल और फेफड़े के रोगियों के लिए प्रदूषित हवा में सांस लेना नुकसानदेह है।

पर्यावरणविद वेंकटेश दत्ता ने बताया, आने वाले दिनों में एयर क्वॉलिटी और खराब ही होगी क्योंकि सर्दियों में तापमान गिरेगा और पर्यावरण में नमी बढ़ेगी। ग्रीन कॉरिडोर की कमी और बरोक-टोक निर्माण कार्य एयर क्वॉलिटी खराब होने की मुख्य वजह है।

ग्रेटर नोएडा। नोएडा में अपने कर्ज को वापस लेने के लिए एक शख्स ने खुद को ही संकट में डाल लिया। 35 साल के शख्स ने खुद को जंजीर में बांधा और पैरों में कील ठोंक ली। सोमवार शाम 6 बजे का आसपास राहगीरों ने दादरी बाइपास के पास झाड़ियों के पीछे से कराहने की आवाज सुनी। लोगों ने जाकर देखा तो वहां अमीरुद्दीन चिल्ला रहे थे और उनके पैरों से खून बह रहा था। बाद में उन्हें बादलपुर में मोहन स्वरूप अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शुरू में पुलिस को लगा कि किसी ने अमीरुद्दीन को बुरी तरह घायल किया है।लेकिन बाद में पीड़ित ही आरोपी भी बन गया। उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और मंगलवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

नोएडा पुलिस चीफ वैभव कृष्ण ने कहा, उनके बयान में कई गड़बड़ियां पाई गईं। बाद में अमीरुद्दीन ने स्वीकार किया कि उन्होंने खुद के 
अपहरण की साजिश रची थी। उसने खुद अपने लोगों से पैर में कील ठोंकने को कहा था। आरोपी ने जिससे अपहरण करने को कहा था वह उसी का कर्मचारी है।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में चलती कार में आग लग गई। यह घटना पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर बड़वास के समीप हुई। आग लगने से वहां अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते कुछ ही पलों में कार जलकर राख हो गई। गाड़ी हरियाणा नंबर की थी। गाड़ी में दो युवक सवार थे।

कार में आग कैसे लगी इसका पता नहीं चल पाया है। मिली जानकारी के मुताबिक कार नंबर एचआर 51 एच 1671 पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर गांव पंजोड की ओर जा रही थी। कार में रविंद्र सिंह और सुमित सवार थे। चलती कार से धुआं उठता देख दोनों ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।

दोनों को हल्की चोटें आई हैं। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, वहां पर एकत्रित हुए लोगों ने आग बुझाने की पूरी कोशिश की लेकिन तब तक गाड़ी को आग ने अपनी चपेट में ले लिया था। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की भेंट चढ़ गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

हम आजकल प्राय: अनेक मंत्रों , पौराणिक कथाओं को आज के परिपेक्ष में व्यवहारिक जीवन से जोड़कर अनेक महानुभावों को सुनते हैं । पंडित विजय शंकर मेहता ने तो हनुमान चालिसा की अद्भुत व्याख्या की है । इसी प्रकार अनेक जगह सुनी व पढ़ी बातों के आधार पर ग्रहों के राजा सूर्य की स्थिति व उनकी रणनीति पर पूरब टाइम्स की व्यवहारिक व्याख्या प्रस्तुत है.....
जब हम साथ में दिये हुए नवग्रह के चित्र को देखते हैं तो हमें दिखाई देता है कि सूर्य की सेना में सबसे आगे बुध , शुक्र और चंद्रमा दिखाई देते हैं। सूर्य मध्य में और बायें दायें बृहस्पति (गुरु) और मंगल दिखाई देते हैं । सूर्य के पीछे बायें और दायें केतु व राहू दिखाई देता है । इसके अलावा सूर्य के एकदम पीछे उसकी छाया में छिपा शनि होता है। किसी भी क्षेत्र या संस्थान  पर पूर्ण नियंत्रण करने के लिये किसी भी राजनेता या किसी भी उद्योगपति को यह रणनीति महा लाभदायी हो सकती है। 
बचपन से साइंस की खोज बताए गए नौ ग्रहों की तरह ही, ज्योतिष शास्त्र में भी नव ग्रह बताए गए हैं। ये नौ ग्रह इस प्रकार हैं -सूर्य, शनि, शुक्र, बृहस्पति, चंद्रमा, बुध, मंगल, राहु, केतु। वैदिक ज्योतिष की गणना में ग्रह बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारे भाग्य की अनेक चीज़े सीधे इन ग्रहों से जुड़ी हैं।ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति के शरीर का संचालन भी ग्रहों के अनुसार होता है। सूर्य आंखों, चंद्रमा मन, मंगल रक्त संचार, बुध हृदय, बृहस्पति बुद्धि, शुक्र प्रत्येक रस तथा शनि, राहू और केतु उदर का स्वामी। 
कोई भी संस्था के प्रमुख के सामने की सेना में बुध यानि समझदारी दिखाने वाला , दिल से चलने वाला , अगले से सही व्यवहार रखने वाला , सुवक्ता व्यक्ति होना चाहिये । जो अपने स्तर पर बातचीत कर अनेक मसले हल कर ले। उसके बाज़ू में शुक्र होता है । शुक्र यानि रस से भरपूर । बाहर की दुनिया में तामझाम दिखाने वाला । इसे यूं कह सकते हैं कि यह मार्केटिंग व पब्लिसिटी का विभाग हुआ । इसकाकार्य अच्छे लोगोंको सामने लाकर इमेज बिल्डिंग भी करना है । इसके बाद आते हैं । चंद्र यानि शीतल व सुंदर व्यक्तित्व । ऐसे व्यक्तियों को सामने किया जाये जो जल्दी आपा नहीं खोते । अपने जादुई व्यक्तित्व से सामने वाले को समाधान कारक शीतलता प्रदान करें । किसी भी हालत में ये व्यक्ति मानसिक नियंत्रण नहीं खोते ।
सूर्य खुद महा तेजस्वी होता है परंतु बगैर पूरी टीम के वह राजाधिराज नहीं बन सकता है।  उसकी टीम में होश व जोश दोनों एकदम ज़रूरी होता है । गुरु की स्थिति एक जानकार ज्ञानी साथी की होती है । विषयवस्तु के ज्ञान अलावा वह रणनीति बनाकर जीत दिलवाने का माद्दा रखने वाला होता है । पुराणों में बृहस्पति देवताओं के गुरु रहकर , उन्हें हमेशा असुरों से जितवाते थे। मंगल यानि जोशीला । टीम में रिस्क लेकर जि़म्मेदारी लेने वाला , जोशीला , आक्रामक साथी भी होना चाहिये , जो मौका लगने पर सामने वाले से टकरा भी जाये। पुराने समय में भी महाराजा के साथ महामंत्री और सेनापति होते थे । 
किसी भी साम्राज्य में सामने से ना दिखने वाला परंतु छुपावट में इन बदनाम लोगों का महत्व भी बहुत ज़्यादा होता है । समुद्र मंथन कथा के अनुसार राहू के पास  सिर का हिस्सा व केतु के पास पेट का हिस्सा था। आज के परिपेक्ष में कहें बड़े कार्य के लिये तो राहू यानि तेज़ तर्रार दिमाग वाले अधिकारी , विघ्न संतोषी बुद्धिजीवियों को साधकर उनका साथ बहुत ज़रूरी होता है।  इसी तरह से केतु मतल्ब पेट यानि जिनके पास धन है। पैसों की व्यवस्था करने वाले फाइनेंसर , बैंक व अन्य चतुर व्यापारियों का साथ मिलने से कार्य बिना रुकावट के चलता है। शनि का मतलब है कि गुंडा तत्व। बाहुबली भी यदि आपकी छाया में आ जायें या येन केन प्रकारेण उनका भी छद्म साथ रहे तो आप्की शक्ति बेहद बढ़ जाती है। इस तरह से आज यदि व्यापार या राजनीति में चक्रवर्ती बनना है तो नवग्रह की स्थिति के अनुसार रणनीति आवश्यक है।

नई दिल्ली।  भूत के नाम से किसे डर नहीं लगता. आमतौर पर इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए भी सिहर से जाते हैं. लेकिन जब आपको बेहद भुतहा घर  में जाने और वहां समय बिताने के लिए बड़ी रकम अदा की जाए तो शायद आप दुविधा में पड़ जाएंगे ऐसा ही एक भुतहा घर है अमेरिका के टेनेसी प्रांत में मैककैमी मैनर  नामक इस भुतहा घर के मालिक वहां पर किसी भी व्‍यक्ति को 10 घंटे बिताने के एवज में 20000 अमेरिकी डॉलर करीब 14.16 लाख रुपये देने को तैयार हैं, यह घर इतना भुतहा है कि इसके अंदर जाने के लिए भी कई नियम और शर्तें रखी गई हैं, भुतहा घर के मालिक रस मैककैमी के अनुसार अभी तक इसमें 10 घंटे कोई भी नहीं बिता पाया है, इस घर के अंदर जाने के लिए व्‍यक्ति को डॉक्‍टर से स्‍पोर्ट्स फिटनेस टेस्‍ट पास का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है, इसमें डॉक्‍टर को यह प्रमाणित करना होगा कि व्‍यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से पूर्ण स्‍वस्‍थ है, इसमें व्‍यक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य और नशे की आदतों से संबंध में पूरे टेस्‍ट किए जाते हैं

भुतहा घर के अंदर जाने वाले व्‍यक्ति के पास मेडिकल इंश्‍योरेंस होना भी अनिवार्य है, साथ ही उसे 40 पेज का एक दस्‍तावेज भी भी साइन करना होगा भुतहा घर के अंदर जाने वाले व्‍यक्ति की उम्र 21 साल होनी चाहिए लेकिन 18-20 साल के युवा अगर अंदर जाने के इच्‍छुक हैं तो उनके पास उनके अभिभावक की ओर से स्‍वीकृति प्रमाण होना चाहिए जिस दिन व्‍यक्ति अंदर जाएगा उस दिन उसका ड्रग टेस्‍ट भी होगा इसके अलावा अंदर जाने के दौरान व्‍यक्ति के लिए कुछ नियम कायदे भी हैं, अगर कोई भी इन नियम कायदों को तोड़ता है तो उसे हारा हुआ मान लिया जाता है, उसकी डील वहीं खत्‍म हो जाती है, भुतहा घर के मालिक रस मैककैनी के अनुसार भुतहा घर के अंदर जाने वाले व्‍यक्ति को रस के पांच कुत्‍तों के लिए एक बैग भरकर खाना लाना होगा यही अंदर जाने की फीस होगी उनके अनुसार वह अंदर जाने वाले हर व्‍यक्ति का वीडियो भी रिकॉर्ड करते हैं, उनके मु‍ताबिक उनका घर काफी भुतहा है, लेकिन उसमें जाने वाले किसी भी व्‍यक्ति को कोई नुकसान नहीं होता है,

भोपाल।  दवा खरीदी घोटाले  का ये मामला साल 2003 से 2009-10 का है, आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग  के तत्कालीन संचालक से सांठगांठ कर दवा सप्लायर अशोक नंदा ने ज्यादातर आर्डर हासिल कर करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दिया नंदा ने डमी कंपनियों के माध्यम से न केवल मध्य प्रदेश  बल्कि छत्तीसगढ़  के ठेके  भी हासिल किए और डमी कंपनियों के माध्यम से काले पैसे को व्हाइट बनाकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया इन कंपनियों के नाम से काम करता था नंदा नंदा मालवा ड्रग हाउस मंडीदीप के नाम से दवाइयों की आपूर्ति करते थे इसके बाद में नंदा यह काम हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ फार्माकॉन लिमिटेड के नाम से करने लगे नंदा पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, ईओडब्ल्यू इससे पहले सिंहस्थ, ई टेंडरिंग, एमसीयू घोटाले में भी एफआईआर दर्ज कर चुकी है, जल्द ही दवा घोटाले के केस में भी अशोक नंदा समेत मामले से जुड़े बाकी के लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए जाएंगे


करोड़ों के दवा खरीदी घोटाले में जल्द दर्ज होगी एफआईआरकरोड़ों के दवा खरीदी घोटाले में जल्द दर्ज होगी एफआईआर ये था नंदा के काम करने का तरीका बताया जा रहा है कि नंदा ने तीन डमी कंपनियों के जरिए 5.63 करोड़ रुपए नेताम इंडस्ट्रीज 17 करोड़ रुपए नेप्च्यून इंडस्ट्रीज और छत्तीसगढ़ फार्मास्यूटिकल्स के नाम पर भी करोड़ों का कारोबार किया इन कंपनियों के नाम पर मप्र के साथ छग में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य विभाग में दवा और उपकरणों के सप्लाई आर्डर लिए गए सूत्रों के अनुसार कई कंपनियों के फर्जी होने की पुष्टि हुई है, इन कंपनियों के जरिए नंबर दो का पैसा घुमाकर लाया गया  ईओडब्ल्यू ने स्वास्थ्य विभाग से भी जानकारी मांगी है कि इन कंपनियों को कितने आर्डर दिए गए और हकीकत में कितनी दवाएं आई

इस बंदे के नाम पे  सियासत गर्मा चुकी है सिरसा से गोपाल कांडा निर्दलीय चुनाव जीत कर आया है। पता नही इस देश मे एकतरफा राय बनाने वाले कब तक नाटक मचाते रहेंगें कोई मुझे बताये कि गोपाल कांडा ने कौन सा  अपराध किया था  एक बारहवीं पास लडकी  कांडा के संपर्क मे आती है। कांडा के गोवा स्थित कैसीनो और होटलो मे सपरिवार कांडा परिवार के साथ महीनो रहती है । चूँकि लडकी  एयर होस्टेज की  ट्रैनिंग ले चुकी है । कांडा उस लडकी पर मेहरबान है । वो लडकी कांडा की बेटी के  हमउम्र और उसकी दोस्त भी है । लडकी के माँ-बाप भी कांडा के होटलो कैसीनो और पब मे मालिको की हैसियत से क्वालिटी टाईम व्यतीत करते रहते है। गोपाल कांडा  एमडीएलआर के नाम से  उस महत्तवाकांक्षी लडकी के लिए बाकायदा एयरलाईन लाँच करता है । लडकी एमडीएलआर एयरलाईन की एमडी यानि मैनेजिंग डायरेक्टर बना दी जाती है । इसके अलावा कांडा उसे सिरसा मे चलने वाले एक इंरनेशनल स्कूल की ट्रस्ट की  चेयरपर्सन भी बनाकर रखता है । 

एक दिन लडकी कांडा से शादी करने का दबाव डालती है, कांडा मना कर देता है। लडकी फिर से दबाव डालती है, मगर कांडा बेटी की दोस्त होने उम्र और अपनी  हैसियत का हवाला देकर मना कर देता है । लडकी एक सुसाईड नोट लिखकर आत्महत्या कर लेती है । लडकी की माँ  रो धोकर कांडा पर आरोप लगाती है। कांडा गिरफ्तार होता है। एमडीएलआर एयरलाईन दिवालिया हो जाती है।   रोहिणी कोर्ट मे गोपाल कांडा सूबूतो के साथ स्वीकार करता है कि उसके लडकी गीतिका शर्मा से शारिरिक संबंध थे। लडकी का दो तीन बार  अबार्शन भी हुआ था। दो बार तो ये अबार्शन लडकी की मम्मी ने ही कराया था। लडकी कांडा से शादी करना चाहती थी। मगर कांडा नही माना था। रोहिणी कोर्ट मे ये भी सूबूतो के साथ साबित होता है कि गोपाल कांडा और उसके अरबो रूपयो के एंपायर मे गोवा मे उसके   कैसीनो होटल रिजाॅर्ट के अलावा वो अकूत संपत्ति का मालिक है। जब कुछ ही सालो पहले तक वो मात्र जूते चप्पलो की दुकान चलाया करता था। सिरसा मे भी कांडा के पास और उसके ससुराल पक्ष के पास महलनुमा घर और खरबो की जमीन जायदाद है। कांडा के मामूली दुकानदार से खरबपति बनने मे उसके  ससुराल पक्ष की भी बडी भूमिका है । 




कोर्ट मे एक और बात निकलकर  सामने आती है, कि कांडा का परिवार और  बारहवीं पास लडकी गीतिका शर्मा के परिवार  गीतिका शर्मा की वजह से बेहद करीबी रहे है। शर्मा परिवार  गोवा थाइलैंड और कई  डेस्टिनेशनो पर सालो से साथ साथ छुट्टियां मनाते आ रहे है। गीतिका के माता पिता कांडा के बिजनेस  एंपायर मे अच्छा खासा दखल रखते है। फिर अचानक लडकी के आत्महत्या करते ही  लडकी का परिवार कांडा पर एक के बाद एक आरोप लगाता है। मगर उनकी लडकी का कांडा से क्या संबंध था इस पर खामोश रहता है। कभी सवाल नही करता कि उनकी बारहवीं पास लडकी  एमडीएलआर एयरलाईन की मैनेजिंग डायरेक्टर कैसे बनी खरबो रूपयो के  साम्राज्य के मालिक की आखिर उनकी बेटी मे क्या दिलचस्पी है,  बेटी के दम पर उन्हे देश विदेश की सैर क्यों कराई जा रही है उनकी कुँवारी बेटी क्यों बार बार एबार्शन करवा रही है । फरवरी 2013 मे गीतिका शर्मा की माँ  अनुराधा शर्मा ने भी बिल्कुल उसी तरीके से आत्महत्या कर ली थी जैसे 2012 मे उनकी बेटी ने की थी। वो भी बिल्कुल उसी तरीके से सुसाईड नोट छोडकर मरी थी। कांडा कोई  चरित्रवान या दूध का धुला  धर्मात्मा नही है। निसंदेह अय्याश भ्रष्टाचारी और दलाली से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाला इंसान है। गरीबी से निकला है, और खरबो का साम्राज्य खडा किया है। चरित्रहीन भी है, अय्याश भी हराम के पैसे से गुलछर्रे भी उडाता है। हर चीज को पैसे से हासिल करने का  ख्वाहिशमंद  मै गोपाल कांडा को एक  बिगडैल रईस, चरित्रहीन दुष्ट, कपटी, पापी, नीच, कमीना, मक्कार, भ्रष्ट मानता हूँ। मगर दस सालो तो कांडा के हरम की रानी बनने वाली लडकी और उसके परिवार को दूध का धुला, चरित्रवान, और बेचारे लाचार समझना, हमारे समाज की  अपरिपक्व सोच का परिचायक है।  हालाँकि, मार्च 2014 मे दिल्ली हाई कोर्ट, गीतिका शर्मा केस मे कांडा पर लगे सेक्सुअल हेरासमेंट  के आरोपो को निरस्त कर चुका है ।