Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



ग्रेटर नोएडा। नोएडा में अपने कर्ज को वापस लेने के लिए एक शख्स ने खुद को ही संकट में डाल लिया। 35 साल के शख्स ने खुद को जंजीर में बांधा और पैरों में कील ठोंक ली। सोमवार शाम 6 बजे का आसपास राहगीरों ने दादरी बाइपास के पास झाड़ियों के पीछे से कराहने की आवाज सुनी। लोगों ने जाकर देखा तो वहां अमीरुद्दीन चिल्ला रहे थे और उनके पैरों से खून बह रहा था। बाद में उन्हें बादलपुर में मोहन स्वरूप अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शुरू में पुलिस को लगा कि किसी ने अमीरुद्दीन को बुरी तरह घायल किया है।लेकिन बाद में पीड़ित ही आरोपी भी बन गया। उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और मंगलवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

नोएडा पुलिस चीफ वैभव कृष्ण ने कहा, उनके बयान में कई गड़बड़ियां पाई गईं। बाद में अमीरुद्दीन ने स्वीकार किया कि उन्होंने खुद के 
अपहरण की साजिश रची थी। उसने खुद अपने लोगों से पैर में कील ठोंकने को कहा था। आरोपी ने जिससे अपहरण करने को कहा था वह उसी का कर्मचारी है।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में चलती कार में आग लग गई। यह घटना पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर बड़वास के समीप हुई। आग लगने से वहां अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते कुछ ही पलों में कार जलकर राख हो गई। गाड़ी हरियाणा नंबर की थी। गाड़ी में दो युवक सवार थे।

कार में आग कैसे लगी इसका पता नहीं चल पाया है। मिली जानकारी के मुताबिक कार नंबर एचआर 51 एच 1671 पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर गांव पंजोड की ओर जा रही थी। कार में रविंद्र सिंह और सुमित सवार थे। चलती कार से धुआं उठता देख दोनों ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।

दोनों को हल्की चोटें आई हैं। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, वहां पर एकत्रित हुए लोगों ने आग बुझाने की पूरी कोशिश की लेकिन तब तक गाड़ी को आग ने अपनी चपेट में ले लिया था। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की भेंट चढ़ गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

हम आजकल प्राय: अनेक मंत्रों , पौराणिक कथाओं को आज के परिपेक्ष में व्यवहारिक जीवन से जोड़कर अनेक महानुभावों को सुनते हैं । पंडित विजय शंकर मेहता ने तो हनुमान चालिसा की अद्भुत व्याख्या की है । इसी प्रकार अनेक जगह सुनी व पढ़ी बातों के आधार पर ग्रहों के राजा सूर्य की स्थिति व उनकी रणनीति पर पूरब टाइम्स की व्यवहारिक व्याख्या प्रस्तुत है.....
जब हम साथ में दिये हुए नवग्रह के चित्र को देखते हैं तो हमें दिखाई देता है कि सूर्य की सेना में सबसे आगे बुध , शुक्र और चंद्रमा दिखाई देते हैं। सूर्य मध्य में और बायें दायें बृहस्पति (गुरु) और मंगल दिखाई देते हैं । सूर्य के पीछे बायें और दायें केतु व राहू दिखाई देता है । इसके अलावा सूर्य के एकदम पीछे उसकी छाया में छिपा शनि होता है। किसी भी क्षेत्र या संस्थान  पर पूर्ण नियंत्रण करने के लिये किसी भी राजनेता या किसी भी उद्योगपति को यह रणनीति महा लाभदायी हो सकती है। 
बचपन से साइंस की खोज बताए गए नौ ग्रहों की तरह ही, ज्योतिष शास्त्र में भी नव ग्रह बताए गए हैं। ये नौ ग्रह इस प्रकार हैं -सूर्य, शनि, शुक्र, बृहस्पति, चंद्रमा, बुध, मंगल, राहु, केतु। वैदिक ज्योतिष की गणना में ग्रह बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारे भाग्य की अनेक चीज़े सीधे इन ग्रहों से जुड़ी हैं।ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति के शरीर का संचालन भी ग्रहों के अनुसार होता है। सूर्य आंखों, चंद्रमा मन, मंगल रक्त संचार, बुध हृदय, बृहस्पति बुद्धि, शुक्र प्रत्येक रस तथा शनि, राहू और केतु उदर का स्वामी। 
कोई भी संस्था के प्रमुख के सामने की सेना में बुध यानि समझदारी दिखाने वाला , दिल से चलने वाला , अगले से सही व्यवहार रखने वाला , सुवक्ता व्यक्ति होना चाहिये । जो अपने स्तर पर बातचीत कर अनेक मसले हल कर ले। उसके बाज़ू में शुक्र होता है । शुक्र यानि रस से भरपूर । बाहर की दुनिया में तामझाम दिखाने वाला । इसे यूं कह सकते हैं कि यह मार्केटिंग व पब्लिसिटी का विभाग हुआ । इसकाकार्य अच्छे लोगोंको सामने लाकर इमेज बिल्डिंग भी करना है । इसके बाद आते हैं । चंद्र यानि शीतल व सुंदर व्यक्तित्व । ऐसे व्यक्तियों को सामने किया जाये जो जल्दी आपा नहीं खोते । अपने जादुई व्यक्तित्व से सामने वाले को समाधान कारक शीतलता प्रदान करें । किसी भी हालत में ये व्यक्ति मानसिक नियंत्रण नहीं खोते ।
सूर्य खुद महा तेजस्वी होता है परंतु बगैर पूरी टीम के वह राजाधिराज नहीं बन सकता है।  उसकी टीम में होश व जोश दोनों एकदम ज़रूरी होता है । गुरु की स्थिति एक जानकार ज्ञानी साथी की होती है । विषयवस्तु के ज्ञान अलावा वह रणनीति बनाकर जीत दिलवाने का माद्दा रखने वाला होता है । पुराणों में बृहस्पति देवताओं के गुरु रहकर , उन्हें हमेशा असुरों से जितवाते थे। मंगल यानि जोशीला । टीम में रिस्क लेकर जि़म्मेदारी लेने वाला , जोशीला , आक्रामक साथी भी होना चाहिये , जो मौका लगने पर सामने वाले से टकरा भी जाये। पुराने समय में भी महाराजा के साथ महामंत्री और सेनापति होते थे । 
किसी भी साम्राज्य में सामने से ना दिखने वाला परंतु छुपावट में इन बदनाम लोगों का महत्व भी बहुत ज़्यादा होता है । समुद्र मंथन कथा के अनुसार राहू के पास  सिर का हिस्सा व केतु के पास पेट का हिस्सा था। आज के परिपेक्ष में कहें बड़े कार्य के लिये तो राहू यानि तेज़ तर्रार दिमाग वाले अधिकारी , विघ्न संतोषी बुद्धिजीवियों को साधकर उनका साथ बहुत ज़रूरी होता है।  इसी तरह से केतु मतल्ब पेट यानि जिनके पास धन है। पैसों की व्यवस्था करने वाले फाइनेंसर , बैंक व अन्य चतुर व्यापारियों का साथ मिलने से कार्य बिना रुकावट के चलता है। शनि का मतलब है कि गुंडा तत्व। बाहुबली भी यदि आपकी छाया में आ जायें या येन केन प्रकारेण उनका भी छद्म साथ रहे तो आप्की शक्ति बेहद बढ़ जाती है। इस तरह से आज यदि व्यापार या राजनीति में चक्रवर्ती बनना है तो नवग्रह की स्थिति के अनुसार रणनीति आवश्यक है।

नई दिल्ली।  भूत के नाम से किसे डर नहीं लगता. आमतौर पर इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए भी सिहर से जाते हैं. लेकिन जब आपको बेहद भुतहा घर  में जाने और वहां समय बिताने के लिए बड़ी रकम अदा की जाए तो शायद आप दुविधा में पड़ जाएंगे ऐसा ही एक भुतहा घर है अमेरिका के टेनेसी प्रांत में मैककैमी मैनर  नामक इस भुतहा घर के मालिक वहां पर किसी भी व्‍यक्ति को 10 घंटे बिताने के एवज में 20000 अमेरिकी डॉलर करीब 14.16 लाख रुपये देने को तैयार हैं, यह घर इतना भुतहा है कि इसके अंदर जाने के लिए भी कई नियम और शर्तें रखी गई हैं, भुतहा घर के मालिक रस मैककैमी के अनुसार अभी तक इसमें 10 घंटे कोई भी नहीं बिता पाया है, इस घर के अंदर जाने के लिए व्‍यक्ति को डॉक्‍टर से स्‍पोर्ट्स फिटनेस टेस्‍ट पास का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है, इसमें डॉक्‍टर को यह प्रमाणित करना होगा कि व्‍यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से पूर्ण स्‍वस्‍थ है, इसमें व्‍यक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य और नशे की आदतों से संबंध में पूरे टेस्‍ट किए जाते हैं

भुतहा घर के अंदर जाने वाले व्‍यक्ति के पास मेडिकल इंश्‍योरेंस होना भी अनिवार्य है, साथ ही उसे 40 पेज का एक दस्‍तावेज भी भी साइन करना होगा भुतहा घर के अंदर जाने वाले व्‍यक्ति की उम्र 21 साल होनी चाहिए लेकिन 18-20 साल के युवा अगर अंदर जाने के इच्‍छुक हैं तो उनके पास उनके अभिभावक की ओर से स्‍वीकृति प्रमाण होना चाहिए जिस दिन व्‍यक्ति अंदर जाएगा उस दिन उसका ड्रग टेस्‍ट भी होगा इसके अलावा अंदर जाने के दौरान व्‍यक्ति के लिए कुछ नियम कायदे भी हैं, अगर कोई भी इन नियम कायदों को तोड़ता है तो उसे हारा हुआ मान लिया जाता है, उसकी डील वहीं खत्‍म हो जाती है, भुतहा घर के मालिक रस मैककैनी के अनुसार भुतहा घर के अंदर जाने वाले व्‍यक्ति को रस के पांच कुत्‍तों के लिए एक बैग भरकर खाना लाना होगा यही अंदर जाने की फीस होगी उनके अनुसार वह अंदर जाने वाले हर व्‍यक्ति का वीडियो भी रिकॉर्ड करते हैं, उनके मु‍ताबिक उनका घर काफी भुतहा है, लेकिन उसमें जाने वाले किसी भी व्‍यक्ति को कोई नुकसान नहीं होता है,

भोपाल।  दवा खरीदी घोटाले  का ये मामला साल 2003 से 2009-10 का है, आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग  के तत्कालीन संचालक से सांठगांठ कर दवा सप्लायर अशोक नंदा ने ज्यादातर आर्डर हासिल कर करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दिया नंदा ने डमी कंपनियों के माध्यम से न केवल मध्य प्रदेश  बल्कि छत्तीसगढ़  के ठेके  भी हासिल किए और डमी कंपनियों के माध्यम से काले पैसे को व्हाइट बनाकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया इन कंपनियों के नाम से काम करता था नंदा नंदा मालवा ड्रग हाउस मंडीदीप के नाम से दवाइयों की आपूर्ति करते थे इसके बाद में नंदा यह काम हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ फार्माकॉन लिमिटेड के नाम से करने लगे नंदा पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, ईओडब्ल्यू इससे पहले सिंहस्थ, ई टेंडरिंग, एमसीयू घोटाले में भी एफआईआर दर्ज कर चुकी है, जल्द ही दवा घोटाले के केस में भी अशोक नंदा समेत मामले से जुड़े बाकी के लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए जाएंगे


करोड़ों के दवा खरीदी घोटाले में जल्द दर्ज होगी एफआईआरकरोड़ों के दवा खरीदी घोटाले में जल्द दर्ज होगी एफआईआर ये था नंदा के काम करने का तरीका बताया जा रहा है कि नंदा ने तीन डमी कंपनियों के जरिए 5.63 करोड़ रुपए नेताम इंडस्ट्रीज 17 करोड़ रुपए नेप्च्यून इंडस्ट्रीज और छत्तीसगढ़ फार्मास्यूटिकल्स के नाम पर भी करोड़ों का कारोबार किया इन कंपनियों के नाम पर मप्र के साथ छग में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य विभाग में दवा और उपकरणों के सप्लाई आर्डर लिए गए सूत्रों के अनुसार कई कंपनियों के फर्जी होने की पुष्टि हुई है, इन कंपनियों के जरिए नंबर दो का पैसा घुमाकर लाया गया  ईओडब्ल्यू ने स्वास्थ्य विभाग से भी जानकारी मांगी है कि इन कंपनियों को कितने आर्डर दिए गए और हकीकत में कितनी दवाएं आई

इस बंदे के नाम पे  सियासत गर्मा चुकी है सिरसा से गोपाल कांडा निर्दलीय चुनाव जीत कर आया है। पता नही इस देश मे एकतरफा राय बनाने वाले कब तक नाटक मचाते रहेंगें कोई मुझे बताये कि गोपाल कांडा ने कौन सा  अपराध किया था  एक बारहवीं पास लडकी  कांडा के संपर्क मे आती है। कांडा के गोवा स्थित कैसीनो और होटलो मे सपरिवार कांडा परिवार के साथ महीनो रहती है । चूँकि लडकी  एयर होस्टेज की  ट्रैनिंग ले चुकी है । कांडा उस लडकी पर मेहरबान है । वो लडकी कांडा की बेटी के  हमउम्र और उसकी दोस्त भी है । लडकी के माँ-बाप भी कांडा के होटलो कैसीनो और पब मे मालिको की हैसियत से क्वालिटी टाईम व्यतीत करते रहते है। गोपाल कांडा  एमडीएलआर के नाम से  उस महत्तवाकांक्षी लडकी के लिए बाकायदा एयरलाईन लाँच करता है । लडकी एमडीएलआर एयरलाईन की एमडी यानि मैनेजिंग डायरेक्टर बना दी जाती है । इसके अलावा कांडा उसे सिरसा मे चलने वाले एक इंरनेशनल स्कूल की ट्रस्ट की  चेयरपर्सन भी बनाकर रखता है । 

एक दिन लडकी कांडा से शादी करने का दबाव डालती है, कांडा मना कर देता है। लडकी फिर से दबाव डालती है, मगर कांडा बेटी की दोस्त होने उम्र और अपनी  हैसियत का हवाला देकर मना कर देता है । लडकी एक सुसाईड नोट लिखकर आत्महत्या कर लेती है । लडकी की माँ  रो धोकर कांडा पर आरोप लगाती है। कांडा गिरफ्तार होता है। एमडीएलआर एयरलाईन दिवालिया हो जाती है।   रोहिणी कोर्ट मे गोपाल कांडा सूबूतो के साथ स्वीकार करता है कि उसके लडकी गीतिका शर्मा से शारिरिक संबंध थे। लडकी का दो तीन बार  अबार्शन भी हुआ था। दो बार तो ये अबार्शन लडकी की मम्मी ने ही कराया था। लडकी कांडा से शादी करना चाहती थी। मगर कांडा नही माना था। रोहिणी कोर्ट मे ये भी सूबूतो के साथ साबित होता है कि गोपाल कांडा और उसके अरबो रूपयो के एंपायर मे गोवा मे उसके   कैसीनो होटल रिजाॅर्ट के अलावा वो अकूत संपत्ति का मालिक है। जब कुछ ही सालो पहले तक वो मात्र जूते चप्पलो की दुकान चलाया करता था। सिरसा मे भी कांडा के पास और उसके ससुराल पक्ष के पास महलनुमा घर और खरबो की जमीन जायदाद है। कांडा के मामूली दुकानदार से खरबपति बनने मे उसके  ससुराल पक्ष की भी बडी भूमिका है । 




कोर्ट मे एक और बात निकलकर  सामने आती है, कि कांडा का परिवार और  बारहवीं पास लडकी गीतिका शर्मा के परिवार  गीतिका शर्मा की वजह से बेहद करीबी रहे है। शर्मा परिवार  गोवा थाइलैंड और कई  डेस्टिनेशनो पर सालो से साथ साथ छुट्टियां मनाते आ रहे है। गीतिका के माता पिता कांडा के बिजनेस  एंपायर मे अच्छा खासा दखल रखते है। फिर अचानक लडकी के आत्महत्या करते ही  लडकी का परिवार कांडा पर एक के बाद एक आरोप लगाता है। मगर उनकी लडकी का कांडा से क्या संबंध था इस पर खामोश रहता है। कभी सवाल नही करता कि उनकी बारहवीं पास लडकी  एमडीएलआर एयरलाईन की मैनेजिंग डायरेक्टर कैसे बनी खरबो रूपयो के  साम्राज्य के मालिक की आखिर उनकी बेटी मे क्या दिलचस्पी है,  बेटी के दम पर उन्हे देश विदेश की सैर क्यों कराई जा रही है उनकी कुँवारी बेटी क्यों बार बार एबार्शन करवा रही है । फरवरी 2013 मे गीतिका शर्मा की माँ  अनुराधा शर्मा ने भी बिल्कुल उसी तरीके से आत्महत्या कर ली थी जैसे 2012 मे उनकी बेटी ने की थी। वो भी बिल्कुल उसी तरीके से सुसाईड नोट छोडकर मरी थी। कांडा कोई  चरित्रवान या दूध का धुला  धर्मात्मा नही है। निसंदेह अय्याश भ्रष्टाचारी और दलाली से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाला इंसान है। गरीबी से निकला है, और खरबो का साम्राज्य खडा किया है। चरित्रहीन भी है, अय्याश भी हराम के पैसे से गुलछर्रे भी उडाता है। हर चीज को पैसे से हासिल करने का  ख्वाहिशमंद  मै गोपाल कांडा को एक  बिगडैल रईस, चरित्रहीन दुष्ट, कपटी, पापी, नीच, कमीना, मक्कार, भ्रष्ट मानता हूँ। मगर दस सालो तो कांडा के हरम की रानी बनने वाली लडकी और उसके परिवार को दूध का धुला, चरित्रवान, और बेचारे लाचार समझना, हमारे समाज की  अपरिपक्व सोच का परिचायक है।  हालाँकि, मार्च 2014 मे दिल्ली हाई कोर्ट, गीतिका शर्मा केस मे कांडा पर लगे सेक्सुअल हेरासमेंट  के आरोपो को निरस्त कर चुका है । 





मुंबई पुलिस ने कहा  की महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था मद्देनजर मुंबई में 40 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इस दौरान निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता प्रणय अशोक ने कहा 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर मुंबई में लगभग 40 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।  ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा  उन्होंने आगे कहा कि मुंबई में 1,537 स्थानों पर 9,894 मतदान केंद्र हैं। इनमें से 270 मतदान केंद्रों को संवेदनशीलघोषित किया गया है, जहां सुरक्षाव्यवस्था मजबूत काफी होगी। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा और मुंबई पुलिस की सोशल मीडिया टीम निगरानी रखेगी। इसके अलावा फ्लाइंग स्क्वॉड भी तैनात किया जाएगा।




सीएपीएफ और सीआरपीएफ की 12 कंपनियां भी शहर में तैनात अशोक ने कहा कि इसके अलावा 2,700 होमगार्ड, सीएपीएफ की 22 कंपनियां और सीआरपीएफ की 12 कंपनियां भी शहर में तैनात की जाएंगी। इसके अलावा विधानसभा चुनाव के संबंध में धारा 107 के तहत 3,860 लोगों धारा 110 के तहत 1,279 लोगों धारा 109 के तहत 292 लोगों और धारा 149 के तहत 1,979 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

श्रीनगर। आतंकियों का निशाना बन रहे अन्य राज्यों के श्रमिकों को राज्य प्रशासन सुरक्षित माहौल और निर्माण स्थलों पर ही आवासीय सुविधा भी मुहैया करवाएगा ताकि घाटी में लंबित सरकारी विकास योजनाओं को समय रहते पूरा किया जा सके। इसका निर्देश शुक्रवार को मंडलायुक्त कश्मीर बसीर अहमद खान ने जिला श्रीनगर में जारी विकास योजनाओं की मौजूदा हालात पर बैठक में दिया। वादी में सुधरते हालात से हताश आतंकियों ने छह दिनों में राजस्थान के ट्रक चालक और सेब व्यापारी की हत्या करने के अलावा छत्तीसगढ़ के श्रमिक को भी मौत के घाट उतारा है। इससे वादी में बाहरी श्रमिकों में भय का माहौल बन गया है। कई घाटी भी छोड़ने लगे हैं। इससे कश्मीर में जारी विभिन्न विकास योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। खान ने कहा कि श्रमिकों को इन कायरें को पूरा करने के लिए लाया जाए। उन्हें निर्माण स्थल पर ही रहने व खाने की उचित सुविधा और सुरक्षा दी जाए ताकि वह बिना किसी डर काम कर सकें।



प्रशासन की हिदायत सुरक्षाबलों के शिविरों में शरण लें ट्रक चालक पिछले पांच दिनों में कश्मीर में हुई पांच आतंकवादी घटनाओं ने एक बार फिर कश्मीर में दहशत का माहौल व्याप्त कर दिया है। तीन बाहरी लोगों की हत्या और गत रात सेब की पेटियों को आग के हवाले करने की घटना के बाद घाटी में मौजूद बाहरी लोगों व ट्रक चालकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। हालांकि राज्य सरकार ने अन्य राज्यों के ट्रक चालकों श्रमिकों और सेब व्यापारियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है। ट्रक चालकों को सुरक्षाबलों के शिविर में जाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा फ्रूट मंडी परिसर में भी ठहरने की हिदायत दी गई है। हाईवे पर भी उन्हें निर्धारित स्थानों पर ही रुकने के लिए कहा गया है। 

श्रमिकों की बस्तियों और फ्रूट मंडियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अंदरुनी इलाकों की सड़कों पर भी सुरक्षाबलों की गश्त बढ़ा दी गई है। फ्रूट मंडियों, ट्रक अड्डों के आसपास सीआरपीएफ व अन्य केंद्रीय अर्द्धसैनिकबलों को तैनात किया गया है। राज्य प्रशासन ने वादी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उसे नए सिरे से चाक चौबंद किया है। ट्रक चालकों को निर्देश दिया गया है कि अगर कोई वादी के भीतरी इलाके में जाता है तो दिन ढलने से पहले निकल जाएं। अगर रुकना पड़े तो सुरक्षा शिविर में ही शरण लें। शोपियां में हैं अन्य राज्यों के करीब पांच सौ ट्रक चालक  कल देर रात आतंकवादियों ने शोपिया फ्रूट मंडी में सेब पेटियों में आग लगा दी। हालांकि इस घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो सिर्फ जिला शोपियां में ही इस समय अन्य राज्यों के करीब पांच सौ ट्रक चालक हैं। इन्हें बस स्टैंड फ्रूट मंडी और जिला उपायुक्त कार्यालय परिसर में रखा गया है। करीब दो दर्जन से ज्यादा ट्रकों को शोपियां में एक सुरक्षा शिविर में ले जाया गया है, जबकि अगलर फ्रूट मंडी में लगभग एक दर्जन ट्रक चालकों को रखा गया है।

अहमदाबाद। सूरत में दिवाली के दिन रात के 10 बजे के बाद पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सूरत पुलिस आयुक्त ने इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी की है। इस अधिसूचना का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ कर्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं। दिवाली के पर्व में अब गिनती के ही दिन बाकी बचे हैं।

लोगों ने खरीदी भी शुरू कर दी है। इस बीच सूरत पुलिस आयुक्त ने एक फरमान जारी कर लोगों को चौंका दिया है। सूरत पुलिस आयुक्त आर.बी ब्रम्‍ह भट्ट ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर आदेश दिया कि सूरत में दिवाली व नए साल की रात 10 बजे के बाद आतिशबाजी नहीं की जा सकेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि अस्पताल व शिक्षा संस्थान के 100 मीटर पर पटाखे जलाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

सूरत पुलिस आयुक्त ने बताया कि लोग 10 बजे के पहले ही पटाखे जला सकेंगे। अगर इसके बाद कोई भी पटाखे जलाते हुए पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सूरत पुलिस आयुक्त के इस फरमान का लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है।

आगामी दिनों इस फरमान का विरोध करने के लिए कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। मालूम हो कि पिछले साल भी दिवाली पर आतिशबाजी के लिए ऐसे ही समय सीमा तय की गई थी। उसमें कहा गया था कि रात 10 बजे बाद आतिशबाजी प्रतिबंधित है। मध्‍यप्रदेश के भोपाल में भी ऐसा प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी किया गया था, जिसके अगले दिन कथित रूप से उल्‍लंघन करने वालों को गिरफ्तार भी किया गया था।

मुंबई। अपनी तरह के पहले मामले में महाराष्‍ट्र के नांदेड़ जिले की मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमिटी (एमसीएमसी) ने 12 प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुपों के ऐडमिन को चुनावी आचार संहिता के उल्‍लंघन के सिलसिले में नोटिस भेजा है। महत्‍वपूर्ण बात यह है कि जिन मेसेज के लिए नोटिस भेजा गया वह इन लोगों ने नहीं भेजे थे केवल उनके ग्रुप में पोस्‍ट किए गए थे।                         एमसीएमसी के इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे। इसका मतलब है कि जिस दौरान चुनावी आचार संहिता लागू है उस समय अगर किसी प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुप में कोई ऐसा मेसेज पोस्‍ट होता है जो किसी उम्‍मीदवार को वोट देने या न देने के लिए प्रेरित करता है तो यह आचार संहिता का उल्‍लंघन है। अगर कोई उसका स्‍क्रीन शॉट लेकर चुनाव आयोग के ऐप cVigil पर भेजता है तो आयोग आचार संहिता के उल्‍लंघन के लिए उस ग्रुप के ऐडमिन को जिम्‍मेदार मानेगा।

फेसबुक और ट्विटर पर भी नियम लागू
यह नियम केवल वॉट्सऐप ग्रुप के लिए ही नहीं है बल्कि फेसबुक और ट्विटर पर भी लागू होगा। दो साल पहले अमेरिका में हुए कैंब्रिज एनालिटिका स्‍कैंडल के बाद चुनावी मैदान में सोशल मीडिया का रोल बहुत अहम हो गया है। भारत में भी इसके महत्‍व को महसूस किया जा सकता है।

अब तक 1200 शिकायतें cVigil ऐप पर
नांदेड़ एमसीएमसी के प्रमुख राजेंद्र चह्वान का कहना है, उम्‍मीदवार को चुनाव आयोग से अनुमति लेनी पड़ती है कि वह प्रिंट या इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया के किस माध्‍यम से अपना प्रचार करना चाहता है। अगर बिना अनुमति के कोई उस माध्‍यम पर प्रचार करता है तो उसके खिलाफ आचार संहिता के उल्‍लंघन का मामला बनता है। इस बात से भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह मेसेज किस पार्टी या उम्‍मीदवार के खिलाफ है। महाराष्‍ट्र में जब से आदर्श आचार संहिता लगी है तब से 1200 शिकायतें cVigil ऐप पर आ चुकी हैं।

उम्‍मीदवारों की उम्‍मीदवारी भी खतरे में हो सकती है
फिलहाल नांदेड़ में भेजे गए इन नोटिसों में इन 12 वॉट्सऐप ग्रुप के ऐडमिन से कहा गया है कि वे अपने ग्रुपों पर सभी तरह का चुनाव प्रचार बंद कर दें और एक सप्‍ताह के अंदर अपना पक्ष प्रस्‍तुत करें। एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि अभी इन लोगों को दंडित करने को कोई विचार नहीं है केवल कड़ी चेतावनी देकर उन्‍हें छोड़ दिया जाएगा। लेकिन इन्‍होंने दोबारा उल्‍लंघन किया तो उनके खिलाफ सख्‍त कदम उठाया जा सकता है। साथ ही अगर ऐसा पाया गया कि किसी उम्‍मीदवार को अपने बारे में सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे प्रचार की जानकारी थी तो उसकी उम्‍मीदवारी भी जा सकती है और उसे अगले चार वर्षों के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्‍य घोषित किया जा सकता है।

चेन्‍नै। तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग का भव्‍य स्‍वागत कर दोनों एशियाई शेरों के बीच रिश्‍ते में गर्माहट लाने की जोरदार कोशिश की। प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्‍ट्रपति को महाबलीपुरम के मंदिरों और दक्षिण भारतीय संस्‍कृति से रू-ब-रू कराया। दोनों नेताओं की एक तस्‍वीर अब सोशल मीडिया में लोगों के कौतूहल का विषय बन गई है। इस तस्‍वीर में पीएम मोदी और शी चिनफिंग के पीछे एक बड़ा सा पत्‍थर दिखाई दिखाई दे रहा है जो बेहद खतरनाक तरीके से आगे की ओर काफी झुका हुआ है।                                                                                      1300 साल से टिका है 250 टन वजनी कृष्णा बटर बॉल
दरअसल, यह 250 टन वजनी पत्‍थर कृष्‍णा बटर बॉल है जो पिछले करीब 1300 सौ वर्षों से भूकंप, सुनामी, चक्रवात समेत कई प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी अपने स्‍थान पर बना हुआ है। यही नहीं इस पत्‍थर को हटाने के लिए कई बार मानवीय प्रयास किए गए लेकिन सभी विफल रहे। दुनियाभर से महाबलीपुरम पहुंचने वाले लोगों के लिए प्राकृतिक पत्‍थर से बना 
कृष्‍णा बटर बॉल आश्‍चर्य का केंद्र बना हुआ है।                                                                                                             आकाश के भगवान का पत्‍थर
कृष्‍णा बटर बॉल या वानिराई काल (आकाश के भगवान का पत्‍थर) एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है। 20 फीट ऊंचा और 5 मीटर चौड़ा यह पत्‍थर करीब 250 टन वजनी है। यह विशालकाय पत्‍थर पहाड़ी पर बेहद कम स्‍थान पर खड़ा है जिससे ऐसा लगता है कि यह कभी भी गिर सकता है। इसी वजह से रिस्‍क उठाने वाले लोग ही इस पत्‍थर के नीचे बैठते हैं। यह पत्‍थर करीब 45 डिग्री के स्‍लोप पर पिछले 1300 साल से महाबलीपुरम में है।

पत्थर पर गुरुत्वाकर्षण शक्ति बेअसर
इस पत्‍थर पर गुरुत्‍वाकर्षण का भी कोई असर नहीं है। उधर, स्‍थानीय लोगों का मानना है कि या तो ईश्‍वर ने इस पत्‍थर को महाबलीपुरम में रखा था जो यह साबित करना चाहते थे कि वह कितने शक्तिशाली हैं या फिर स्‍वर्ग से इस पत्‍थर को लाया गया था। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि यह चट्टान अपने प्राकृतिक स्‍वरूप में है। भूवैज्ञानिकों का मानना है कि धरती में आए प्राकृतिक बदलाव की वजह से इस तरह के असामान्‍य आकार के पत्‍थर का जन्‍म हुआ है।

तमिलनाडु में बेंगलुरु से करीब 60 किमी दूर मेरीगौदान डोड्डी गांव में 7 फन वाले नाग की केचुल मिली है। इसे देखने के आसपास के ग्रामीणों का तांता लग गया है। लोगों ने अभी तक सात सिर या फन वाला सांप नहीं देखा लेकिन सात सिर वाले नाग की केचुल देखकर बहुत ही अचरज में हैं।
जब से यहां सात फन वाले सांप की केचुल मिली तब से गांव लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां बुधवार को एक मंदिर कर्मचारी को सांप की एक केचुल(स्किन) मिली। उसने पास से देखा तो पाया कि इसमें सात सिर हैं। कर्मचारी को यह केंचुल मंदिर के आसपास सफाई करने दौरान मिली।
बताया जा रहा है कि सांप की यह केचुल एक मंदिर के पास मिली है। जिससे पौराणिक कथाओं में विश्वास करने वाले लोगों का भरोसा और गहरा होगा गया है। लोगों का मानना है कि मंदिर में आज भी दैवीय शक्ति मौजूद है जिसका सात फन वाला सांप प्रमाण है।
सैकड़ों लोग मंदिर के पास पड़ी केचुल देखने पहुंचे और वहां मौजूद पत्थरों हल्दी व कुमकुम लगा रहे हैं। जहां लोग सांप की केचुल देखने के दौड़ रहे हैं वहीं टीवी चैनल वाले भी इस अजीब गरीब वाकये से खुद नहीं रोक पा रहे। रिपोर्टर वहां कैमरा व माइक लेकर दौड पड़े हैं।

नई दिल्ली। कैबिनेट बैठक में आज मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दिवाली तोहफे का ऐलान किया। सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 12% से बढ़ाकर 17% कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले से 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों को लाभ मिलेगा। इस फैसले से सरकार पर 16,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस फैसले के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मौजूदा 12 फीसदी से बढ़कर अब 17 फीसदी हो गया है। इसका लाभ जुलाई 2019 से मिलेगा। इसके साथ ही पीओके से आए विस्थापितों को 5.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

सरकारी कर्मचारियों का DA 5 फीसदी बढ़ा
केंद्रीय मंत्री ने सरकारी कर्मचारियों को त्योहारी सीजन में सौगात का ऐलान किया। उन्होंने कहा, पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ाकर 17% कर दिया गया है। दिवाली के त्योहार पर हमारे 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों को इससे लाभ मिलेगा। मोदी सरकार के नेतृत्व में कई क्षेत्रों में हमने काफी अच्छा काम किया है और उसका असर भी नजर आ रहा है। जावड़ेकर ने कहा कि पहली बार एक बार में ही 5% महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान किया गया है।
पीओके के विस्थापितों के लिए 5 लाख का मुआवजा
प्रकाश जावड़ेकर ने पीओके के विस्थापितों के लिए मुआवजे का ऐलान करते हुए कहा कि इससे ऐतिहासिक भूल सुधार का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, आज कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। पीओके से विस्थापित हुए 5300 परिवार जो देश के दूसरे हिस्सों में बस गए और फिर जम्मू-कश्मीर में ही लौट गए उन्हें 5.5-5.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह विस्थापित हुए परिवारों के साथ हुई ऐतिहासिक गलती सुधारने के तौर पर लिया गया कदम है।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के अंदर गहरी नाराजगी की खबरें और टॉप लीडर राहुल गांधी के विदेश जाने पर उठ रहे सवालों से पार्टी पहले से ही हलकान थी। अब रही-सही कसर पार्टी के दो शीर्ष नेताओं में मतभेद सामने आने से पूरी हो गई। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी अपनी ही पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद के राहुल गांधी पर दिए बयान से इतने खफा हो गए कि उन्होंने इशारों-इशारों में खुर्शीद को घर (कांग्रेस पार्टी) में आग लगाने वाला और पार्टी का दुश्मन तक बता दिया।


मॉस्को। साइबेरिया की एक खदान में एक हीरे के अंदर एक और हीरा मिला है। इतिहास में इस तरह का यह पहला वाकया है। रूस की खदान कंपनी अलरोसा पीजेएससी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अलरोसा ने एक बयान में कहा कि हीरा 80 करोड़ साल से ज्यादा पुराना हो सकता है। इसे रूस की पारंपरिक गुड़िया मैट्रीओशका जैसा कहा जा रहा है। उस गुड़िया में बड़ी गुड़िया के अंदर छोटी गुड़िया होती है। मैट्रीओशका हीरे का वजन 0.62 कैरट है, जबकि इसके अंदर के पत्थर का वजन 0.02 कैरट है। अलरोसा के ‘रिसर्च ऐंड डिविलपमेंट जियोलॉजिकल एंटरप्राइज’ के उपनिदेशक ओलेग कोवलचुक ने कहा, जहां तक हम जानते हैं वैश्विक हीरे के खनन के इतिहास में अभी तक इस तरह का हीरा नहीं मिला है, यह वास्तव में प्रकृति की एक अनूठी रचना है। आमतौर पर कुछ मिनरल्स कैविटी के बने बिना दूसरों द्वारा प्रस्थापित किए जाते हैं।

नई दिल्ली। जब से भारत ने प्याज के निर्यात पर रोक लगाई है, पड़ोसी देश श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश प्याज के आंसू रो रहे हैं। खुद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने खाने में प्याज लेना बंद कर दिया। यह बात उन्होंने पब्लिक प्लैटफॉर्म पर स्वीकार की। चार दिवसीय दौरे पर भारत पहुंची बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने कहा कि उन्हें मालूम नहीं कि प्याज के निर्यात पर रोक क्यों लगाई है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें थोड़ा दिक्कत हो गई है।
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना ने अपने संबोधन के बीच में ही प्याज की किल्लत का जिक्र कर दिया। उन्होंने कहा, प्याज में थोड़ा दिक्कत हो गया हमारे लिए। मुझे मालूम नहीं क्यों आपने अचानक से प्याज बंद कर दिया? मैंने कुक को बोल दिया कि अब से खाने में प्याज बंद कर दो। उनके इतना कहते ही वहां मौजूद लोग हंसने लगे

मुंबई। महाराष्ट्र चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस के भीतर की कलह खुलकर सतह पर आ गई है। मुंबई कांग्रेस के दिग्गज नेता संजय निरुपम ने शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के बड़े नेताओं पर हमला बोला और आरोप लगाया कि राहुल गांधी व उनके करीबियों के खिलाफ साजिश रची जा रही है। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके निरुपम ने टिकट बंटवारे पर असंतोष जताते हुए कहा कि 3-4 को छोड़ ज्यादातर सीटों पर पार्टी की जमानत जब्त हो जाएगी। खड़गे को निशाने पर लेते हुए निरुपम ने कहा कि उनके सुझाए हुए उम्मीदवारों से बात तक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इसे जल्द से जल्द ठीक नहीं किया गया तो पार्टी और बर्बाद हो जाएगी।


नई दिल्ली। अयोध्या विवादित जमीन मामले में सुनवाई की तारीख आज सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन कम कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिन का वक्त कम करते हुए संबंधित पार्टियों को बहस 17 अक्टूबर तक खत्म करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई का दिन कम करते हुए सभी पक्षों से कहा कि उनकी अदालत से जो भी समाधान की उम्मीद है वह 17 तारीख तक अपने तर्कों के जरिए रख दें। चीफ जस्टिस 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। 
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली संवैधानिक बेंच मामले की सुनवाई कर रही है और चीफ जस्टिस का कार्यकाल 17 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इससे पहले की की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मामले की निर्बाध गति से सुनवाई चलती रहेगी और साथ में मध्यस्थता भी चल सकता है।

4 हफ्ते के बाद फैसले का दिन निर्धारित
17 अक्टूबर तक सभी पक्षों की दलील अब समाप्त हो जाएगी। जिसके बाद जजों को 4 हफ्ते का वक्त मिलेगा ताकि जजमेंट लिखा जा सके। इससे पहले भी अधिक समय की मुस्लिम पक्ष की मांग पर चीफ जस्टिस ने कहा था, हमें मिलकर प्रयास करना चाहिए कि सुनवाई 18 अक्टूबर तक खत्म हो जाए। जरूरत पड़ी तो हम एक घंटे रोजाना सुनवाई की अवधि बढ़ा सकते हैं। जरूरत पड़ी तो शनिवार को भी सुनवाई की जा सकती है। हालांकि, अब सुनवाई की तारीख एक दिन कम कर दी गई है।

लखनऊ. रायबरेली सदर से कांग्रेस  विधायक अदिति सिंह  ने महात्मा गांधी  की 150वीं जयंती पर बुलाए गए उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया. हालांकि उनकी पार्टी ने इस सत्र का बहिष्कार किया है. उन्होंने बुधवार से शुरू हुए 36 घंटे चलने वाले विशेष सत्र में हिस्सा लिया और अपनी बात भी रखी. विपक्षी पार्टियों समाजवादी पार्टी, बसपा, कांग्रेस और एसबीएसजे ने इस सत्र का विरोध किया है और उनका दावा है कि राज्य सरकार सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए ऐसा कर रही है.

जब अदिति से विपक्षी पार्टी के बहिष्कार के बाद भी सदन में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, अगर आपने मेरा भाषण सुना होगा तो मैंने सिर्फ विकास और सतत विकास लक्ष्य के बारे में चर्चा की. मैं अपने पिता के रास्ते पर चलते हुए राजनीति करती हूं. मुझे जो सही लगता है, मैं करती हूं. उन्होंने कहा कि वह सदन में आईं और चर्चा में हिस्सा लिया क्योंकि उन्हें ऐसा करना सही लगा. जब उनसे पार्टीलाइन का उल्लंघन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैं पार्टी लाइन से ऊपर उठी और विकास पर बात करने की कोशिश की. यह मेरी पहली और शीर्ष प्राथमिकता है.

अहमदाबाद। वैसे तो भैंस को सीधा प्राणी माना जाता है और वो बेवजह किसी को परेशान नहीं करती। वृहद काया वाला यह मूक प्राणी अपने काम से काम रखता है। लेकिन, गुजरात में एक ऐसी भैंस है जिसने राज्य के बिजली विभाग के अफसरों की नाम में दम कर रखा है। दरअसल, यहां एक भैंस अपने मालिक के घर आने वाले बिजली कर्मचारियों को घर के मीटर की रिडिंग नहीं लेने देती। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किया है। वहीं भैंस के मालिक का कहना है कि उसके घर में बिजली की आपूर्ति ठीक से नहीं हो रही है जिस वजह से उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, गुजरात में बिजली विभाग ने एक मकान मालिक को नोटिस भेजते हुए शिकायत की है कि उसकी भैंस विभाग के कर्मचारियों को मीटर की रीडिंग नहीं लेने देती है। जब रीडर उनके घर रीडिंग लेने पहुंचता है तो भैंस ने उनकी टीम पर हमला भी कर दिया। उधर मकान मालिक का कहना है कि दो माह से बिजली की आपूर्ति ही नहीं हो रही है।

बताया जा रहा है कि राज्यमे के मध्‍य गुजरात वीज कॉरपोरेशन लिमिटेड के कर्मचारी पिछले दिनों पंचमहाल जिले के सिमलिया गांव में रहने वाली सरिता बारिया के घर बिजली मीटर की रिडिंग लेने गए थे।

वो रिडिंग नहीं ले पाए और बाद उन्‍होंने सरिता को एक नोटिस भेजकर बताया कि उनकी भैंस मीटर की रीडिंग नहीं लेने देती है, जब वे रीडिंग लेने पहुंचे तो भैंस ने टीम पर हमला भी किया। गोधरा सर्किलके इंजीनियर राकेश चंदेल ने बताया कि सरिता बारिया को नोटिस भेजकर मीटर को दूसरी जगह लगवाने को कहा है। सरिता विभाग को अर्जी करके मीटर को उस पेड से हटवा सकती है जहां भेंस को बांधा जाता है।

उधर सरिया बारिया का कहना है कि उसकी भैंस ने कभी किसी पर हमला नहीं किया। सरिता का यह भी कहना है कि दो माह से उसके घर पर बिजली की आपूर्ति ही नहीं हो रही है, उन्‍होंने अपने मकान का पुनर्निर्माण कराया है लेकिन मीटर पहली की जगह पर ही है, उसकी जगह नहीं बदली है।