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लंदन/ए.। ब्रिटेन  के प्रिंस चार्ल्स कोरोना वायरस पॉजिटिव  पाए गए हैं। वह पहले ही स्कॉटलैंड में आइसोलेशन में हैं। वहीं, उनकी पत्नी कैमिला निगेटिव पाई गई हैं। कुछ दिन पहले ही चार्ल्स की मुलाकात मोनैको के प्रिंस ऐल्बर्ट से हुई थी जो बाद में कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। ब्रिटेन में अब तक कोरोना वायरस के चलते 422 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 8,077 लोग इसकी चपेट में हैं।

कोराना वायरस के लिए पॉजिटिव प्रवक्ता ने बताया है कि प्रिंस ऑफ वेल्स को कोराना वायरस के लिए पॉजिटिव पाया गया है। उनमें बीमारी के थोड़े लक्षण हैं लेकिन उसे छोड़कर उनका स्वास्थ्य ठीक है। वह पिछले कई दिन से घर से ही काम कर रहे हैं। डचेज ऑफ कॉर्नवॉल का भी टेस्ट किया गया लेकिन उनमें वायरस नहीं निकला है। सरकारी और मेडिकल सलाह के मुताबिक प्रिंस और डचेज स्कॉटलैंड के बालमोरल कासल में आइसोलेशन में रह रहे हैं।

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने पहले ही बर्मिंघम पैलेस छोड़ दिया था। उन्हें विंडसर कासल ले जाया गया। वहीं, शाही जिम्मेदारियां छोड़ चुके प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल ने संदेश दिया था कि वे कोरोना वायरस के कारण मानसिक और भावनात्मक तनाव से गुजर रहे लोगों की मदद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से लडऩे के संसाधन हो या सूचना आने वाले दिनों में वे हर चीज साझा करेंगे।

दिल्ली।  आज से भारतीय नववर्ष और नवरात्रि दोनों का शुभारंभ हो रहा है। उधर कोरोनावायरस ने देश और दुनियाभर में कोहराम मचाया है। इस मौके पर पीएम ने कोरोनावायरस से लड़ाई लड़ रहे योद्धाओं को जमकर सराहा। कल रात प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई का ऐलान करते हुए देश में 21 दिनों के संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया था। संयोग से आज इसका पहला दिन है। वहीं आज से भारतीय नववर्ष और पवित्र नवरात्रि भी शुरू हो रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लोगों को नवरात्रि की मंगलकामना प्रेषित की। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कोरोनावायरस से जंग लड़ रहे 

चिकित्सकों, पुलिस व सफाईकर्मियों को जमकर सराहा व उनकी कुशलता की कामना देवी से की। उन्होंने ट्वीट में कहा कि वह कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने वाले लोगों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने मेडिकल स्टाफ, पुलिस, मीडिया का नाम लेते हुए इन्हें धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा कि नवरात्रि हर बार धूमधाम से मनाई जाती है लेकिन इस बार हम घरों में नवरात्रि मनाएंगे। हम संकट की घड़ी में हौसले के साथ बाहर निकल आएंगे। उन्होंने पूरे देशवासियों से इस मौके पर एकजुट रहने की अपील भी की।

नई दिल्ली।  कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए रद की गई ट्रेनों के यात्रियों का किराया वापस करने के लिए रेलवे ने जरूरी कदम उठाए हैं। यात्रियों को पूरा किराया रिफंड किया जा रहा है। आरक्षण केंद्र से लिए गए टिकट को जमा कराकर किराया वापस लेना होगा, लेकिन ई-टिकट लेने वालों के बैंक खाते में अपने आप किराया लौटा दिया जाएगा।

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) ने यात्रियों को सलाह दी है ई-टिकट लेने वालों को वेबसाइट पर जाकर इसे रद करने की जरूरत नहीं है। प्रवक्ता सिद्धार्थ ¨सह का कहना है कि यदि यात्री वेबसाइट या मोबाइल एप पर जाकर टिकट रद करेगा तो संभव है कि उसे कैंसिलेशन चार्ज काटकर किराया वापस मिलेगा। इसलिए वह खुद टिकट रद करने की गलती नहीं करें।







वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रेस कांफ्रेंस में केंद्र सरकार द्वारा दी गई राहतों की घोषणा करते इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि में बढ़ोतरी करने के अलावा टीडीएस पर ब्याज दर 18 प्रतिशत की बजाए 9 प्रतिशत करने, विविदा से विश्वास योजना की तारीख भी 30 जून तक बढ़ाई गई है. इस अवधि में कोई भी जुर्माना भी नहीं लगाया जाएगा. वहीं आधार -पैन कार्ड लिंक करने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ाई दी गई है.


नई दिल्ली।  एक ओर लोग कोरोना वायरस के मरीजों के बारे में जानकर उनसे दूर भाग रहे हैं। उनके घर वालों से कोई संपर्क तक नहीं करना चाह रहे हैं, ऐसे में यदि कोई टीम विदेश में फंसे नागरिकों को लाने के लिए जाती है तो ये अपने आप में बड़ी बात है। खासतौर पर तब ये टीम और भी अधिक खास हो जाती है जब वो कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देश में इस काम के लिए जा रही हो। एयर इंडिया की टीम के पायलटों ने कुछ ऐसा ही काम किया जिसकी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तारीफ कर रहे हैं। इस टीम में शामिल कैप्टन स्वाति रावल की खासी तारीफ की जा रही है। स्वाति रावल 5 साल के एक बच्चे की मां हैं और वो एयर इंडिया 777 की कमांडर है। स्वाति भी उस टीम की सदस्य थीं जो इटली की राजधानी में फंसे 265 भारतीयों को बचाने के लिए गई हुई थीं। 

उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि एयर इंडिया की टीम पर गर्व है जिसने धैर्य रखते हुए मानवता का परिचय दिया है।  देश भर में उनके असाधारण प्रयास की प्रसंसा हो रही है। नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी एयर इंडिया की प्रशंसा की है। उन्होंने ट्वीट किया कि एयर इंडिया के बोइंग 777 के चालक दल ने कप्तान स्वाति रावल औऱ राजा चौहान के नेतृत्व में कर्तव्य का निर्वहन करते हुए 263 भारतीयों की स्वदेश वापसी कराई है। वापस आए लोगों की सुरक्षा का दिया आश्वासन एयर इंडिया ने ईरान से वापस लौटे भारतीयों को आश्वासन दिया कि सभी सुरक्षा सावधानियों का पालन किया जा रहा है। यह कहा गया कि वे जनवरी 2020 में वापस तैयार किए गए यात्री और स्वयं की देखभाल के लिए प्रोटोकॉल दिशानिर्देशों का पालन कर रहे थे।

 ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि स्वाति खबरों में आई हों, इससे पहले भी वो खबरों में रही हैं। साल 2010 में वो एयर इंडिया की सभी महिला क्रू का हिस्सा थी जिसने मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरी थी। वो बीते 15 सालों से विमान उड़ा रही हैं। ऐसा नहीं है कि स्वाति की शुरू से ही इच्छा एयर इंडिया के विमान को उड़ाने की रही है।  दरअसल उनका बचपन का सपना लड़ाकू पायलट बनना था लेकिन उस समय महिलाओं को वायु सेना में उड़ान भरने की अनुमति नहीं थी, इसलिए वो फाइटर पायलट नहीं बन पाई, इसके बाद उन्होंने एयर इंडिया ज्वाइन किया और एक वाणिज्यिक पायलट बन गईं। स्वाति का कहना है कि उनके परिवार ने उनकी पसंद के लिए उनका समर्थन किया है।  

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून सीएए के खिलाफ पिछले 100 दिनों से चल रहे प्रदर्शन पर पुलिस ने कार्रवाई की है. दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे इस प्रदर्शन को मंगलवार सुबह प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह से खाली करवा लिया है. इसके अलावा वहां प्रदर्शन के दौरान लगाए गए टेंट को भी हटा दिया गया है. हालांकि, लोगों ने कहा कि हमने रात को ही कर्फ्यू की आशंका से प्रदर्शन स्थल खाली कर दिया था. साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी ने बताया कि शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन वाली जगह से लोगों को हटा दिया गया है. आने-जाने के लिए रास्ते को खाली कराया जा रहा है. उन्होंने कहा, इस कार्रवाई के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुलाई गई थी. हमने प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की थी कि कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन की वजह से यहां से हट जाएं. लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया. 

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया है.  पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है. प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की 10 कंपनी लगाई गई हैं. पुलिस चार ट्रक में सामान भरकर ले जा रही है. इससे पहले पुलिस ने कार्रवाई करने के लिए आसपास की गलियों को ब्लॉक कर दिया था. बड़ी संख्या में महिला व पुरुष पुलिस की तैनाती की गई थी, जिससे कोई टकराव की स्थिति ना हो. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस दौरान उपद्रव करने वाले कुल 9 लोग हिरासत में लिए गए हैं, जिनमें 6 महिलाएं और 3 पुरुष हैं. दिल्ली पुलिस का मानना है कि लॉक डाउन और दिल्ली में धारा-144 लागू होने के दौरान आवश्यक वस्तुओं और इमेरजेंसी वाहनों के आवागमन में दिक्कत न हो, इसलिए यह कार्रवाई की गई है.

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर  एक ट्वीट रिट्वीट किया है. पीएम मोदी ने जिस ट्वीट को रिट्वीट किया है उसमें एक बुजुर्ग महिला अपनी झोपड़ी के बाहर थाली बजाती हुई दिख रही है. पीएम मोदी ने इस बुजुर्ग महिला को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद दिया है. प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, आइए इस मां की भावना का आदर करें और घर में रहें. वो हमें यही संदेश दे रही हैं. दरअसल 22 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर पूरे देश में जनता कर्फ्यू रखा गया था. इसमें पीएम मोदी ने एक और अपील की थी  कि 22 मार्च को सभी लोग शाम को 5 बजे 5 मिनट तक ताली, थाली या फिर घंटी बजाकर इस मुश्किल घड़ी में भी काम कर रहे 


स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस और मीडिया के लोगों को धन्यवाद दें. बता दें कि देश में अब तक कोरोना मरीजों की संख्‍या बढ़कर 492 हो गई है. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक इनमें से 34 मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए हैं जबकि 9 लोगों की मौत हुई है. वहीं पूरी दुनिया की बात करें तो करीब 3 लाख 80 हजार से ज्यादा लोग COVID-19 के मरीज हैं और 16,497 लोगों की मौत हो चुकी है. गौरतलब है कि कोरोना की वजह से बनी इतनी भयावह स्थिति के बावजूद भी कुछ लोग कोरोना से बचने के लिए बताई गईं सावधानियां नहीं बरत रहे हैं. 

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे। यह उनका 5 दिन में दूसरी बार और 6 साल में छठा राष्ट्र के नाम संबोधन होगा। इस दौरान वे महामारी बन चुके कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें देशवासियों के साथ साझा करेंगे। देश में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 512 हो गई, जबकि 9 लोगों की मौत हो चुकी हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 101 मामलों की पुष्टि हुई। 

दूसरे नंबर पर केरल 95 है। वहीं, मंगलवार को मणिपुर में संक्रमण का पहला मामला सामने आया। मोदी बुधवार को शाम 5 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लोगों को संबोधित करेंगे। इससे पहले मोदी ने 19 मार्च को देश को संबोधित किया था। तब उन्होंने देश में कोरोनावायरस से मुकाबले के लिए सरकार की कोशिशों के साथ लोगों का सहयोग हासिल करने के लिए जनता कर्फ्यू की अपील की। उन्होंने कहा था- 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें, कुछ हफ्ते भीड़ में जाने से बचें।


नई दिल्ली।  जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्‍दुल्‍ला की नजरबंदी खत्‍म हो गई है. वह पिछले साल 5 अगस्‍त 2019 से नजरबंद थे. सात महीने बाद उन पर लगाया गया पब्लिक सेफ्टी एक्‍ट हटा लिया गया है. सरकार ने उनकी रिहाई के आदेश दिए हैं. इससे पहले 13 मार्च को उनके पिता फारूक अब्दुल्ला  की नजरबंदी हटाने का फैसला किया गया था. वह भी जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पिछले साल 5 अगस्त से नजरबंद थे. बता दें पिछले साल 5 अगस्तर को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्ज को समाप्त कर दिया था. राज्य का दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया था. 5 अगस्त को ही राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया था. 

16 सितंबर, 2019 को सांसद और तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया था. नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने रिहा होने के बाद जम्मू-कश्मीर के सभी दलों से केंद्र शासित प्रदेश के बाहर जेलों में रखे गए सभी लोगों को मानवीय आधार पर वापस लाने के लिए केंद्र सरकार पर एकजुट होकर दबाव बनाने की अपील की थी. अब्दुल्ला ने कहा,  मैं राज्य के सभी दलों के नेताओं से अपील करता हूं कि केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के बाहर जेलों में रखे गए सभी लोगों को वापस लाने के लिए एकजुट हो कर आह्वान करें.

नई दिल्ली। जयपुर और मुंबई में वे दो कोरोना को हरा चुके थे, लेकिन फिर भी जिंदगी से हार गए। कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी क्या जान का खतरा बना रहता है. पहले जयपुर और आज महाराष्ट्र में हुई मौत से यह सवाल सभी को परेशान कर रहा है। दोनों जगहों पर मरीज कोरोना से ठीक हो चुके थे, फिर अन्य बीमारी से दोनों की जान चली गई। क्या ऐसे में भी कोरोना को उनकी मौत का जिम्मेदार माना जा सकता है; जवाब है हां, बिल्कुल। जाने माने डॉक्टर और मेदांता हॉस्पिटल के चेयरमैन त्रेहन बताते हैं कि कोरोना पूरी बॉडी पर असर डालकर दिल, फेफड़ों, किडनी पर गंभीर असर डालता है। कोरोना वायरस के बारे में बात हुए डॉक्टर त्रेहन ने बताया कि यह बिल्कुल नए तरीके का वायरस है। इसके कैरेक्टर के बारे में किसी को नहीं पता। वह बोले कि यह वायरस इसलिए जानलेवा है, क्योंकि यह पूरे शरीर को प्रभावित करता है।

                          क्यों हो रही रिकवर होने के बाद मौत
निजी चैनल से बात करते हुए डॉक्टर त्रेहन ने कहा कोरोना का सबसे पहले असर फेफड़ों और आंत पर होता है। उसके बाद किडनी और फिर लिवर पर। इस तरह यह वायरस पूरे शरीर पर असर करता है। डॉक्टर त्रेहन कहते हैं कि जो इस वायरस से बच जाए, उसकी किस्मत अच्छी होती है। लेकिन इससे उबरे मरीज के लंग्स में फिर भी बीमारी की गुंजाइश बनी रहती है। कई को किडनी और दिल की प्रॉब्लम हो जाती है। इससे बाद में मौत भी हो जाती है।

नागपुर।  नागपुर जिले के कुही तहसील के फारेस्ट एरिया में 5 लोगों ने 19 साल की लड़की से कथित रूप से गैंगरेप किया. ये लड़की वहां अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ गई थी. पुलिस ने  बताया कि घटना 17 मार्च की है. उन्होंने कहा कि पीड़िता ने हाल में राज्य बोर्ड से बारहवीं कक्षा की परीक्षा दी थी. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की उम्र 19 से 27 वर्ष के बीच है. वीडियो बना सोशल मीडिया पर डालने की दी धमकी पीड़िता ने बताया की आरोपियों ने उसका वीडियो भी बनाया था और उसे धमकी दी थी की यदि वो किसी को ये बताएगी तो वो लोग उसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देंगे. अधिकारी ने बताया, युवती अपने ब्वॉयफ्रेंड से मिलने कुही शहर गई थी. इसके बाद दोनों एक मोटरसाइकिल से खैरी गांव के वन क्षेत्र में गए. उनकी मोटरसाइकिल में कुछ खराबी आ गई. तभी आरोपी वहां पहुंचे और युवती को सुनसान जगह पर ले गए जहां उन्होंने उससे बलात्कार किया. पुलिस ने बताया कि युवती ने चार दिनों बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 

नई दिल्ली।  जनता कर्फ्यू के दिन भी खासतौर से बिहार और उत्तर प्रदेश के कई रेलवे स्टेशनों में जिस तरह भीड़ दिखी वह जनता के बीच जागरुकता और प्रशासन की सक्रियता पर सवाल खड़ा करता है। एक तरफ जहां कोरोना से सोशल डिस्टेंसिंग ही सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है, वहीं जनता घबड़ाहट में इसे भूल रही है और नेता अपनी नेतागिरी में। यह भी साफ हो गया है कि राज्य सरकारों के बीच भी समन्वय की कुछ कमी है।  शनिवार की रात 12 बजे से रेल संचालन बंद होने की खबरों के बीच मुंबई, पुणे जैसे शहरों से बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश के लिए स्टेशनों पर सभी जरूरी सावधानियों को ताक पर रखते हुए बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गई थी। इसके लिए दोषी कौन थर्मल चेकिंग भी सिर्फ औपचारिकता रह गई थी। रविवार को जब पूरे देश में जनता कर्फ्यू लागू था और स्थानीय जनता घरों में बंद थी तो इन ट्रेनों से हजारों की संख्या में यात्री अलग अलग शहरों में झुंड बनाकर उतरे थे।


 सवाल यह है कि इसके लिए दोषी कौन है। जनता, नेता या प्रशासन। किसी भी तरह घर पहुंचने की कोशिश कोरोना से भयभीत जनता किसी भी तरह अपने घर पहुंचने की कोशिश करे इसमें असामान्य कुछ नहीं है। लेकिन यह सवाल जरूर है कि आखिर पुणे प्रशासन ने इतने लोगों को स्टेशन पर आने कैसे दिया संबंधित रेलवे स्टेशन ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया  वहीं यह संशय भी पैदा हो गया है कि कहीं राज्यों के बीच समन्वय तो नहीं है। प्रधानमंत्री ने जरूर तीन दिन पहले सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग कर केंद्र राज्य में समन्वय बनाने की कोशिश की थी। लेकिन क्या राज्यों के मुख्यमंत्री भी आपसे में बात कर रहे हैं क्या कोरोना से प्रभावित पुणे प्रशासन दूसरे राज्यों से आई भीड़ से मुक्ति चाहता था फिलहाल इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

नई दिल्ली।  ऐसे लोग जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण हों, वे आई-ब्रूफेन (Ibuprofen) ना लें, इसकी जगह पेरासिटामोल (Paracetamol) का इस्तेमाल करें। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री के इस दावे का समर्थन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी किया है। संयुक्त राष्ट्र के इस स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों ने कहा है कि वे इस पर आगे भी निर्देश जारी करेंगे।  WHO के एक एक्सपर्ट ने कहा, यदि खुद दवा ले रहे हों तो हम सलाह देंगे कि पेरासिटामोल का इस्तेमाल करें, आई-ब्रूफेन नहीं। 

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आई-ब्रूफेन लेने की सलाह डॉक्टर ने दी है तो यह उनपर निर्भर है।हाल ही में मेडकिल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स जैसे आई-ब्रूफेन से बढ़ने वाला एक एंजाइम कोविड-19 संक्रमण को बढ़ा सकता है। इसके बाद फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ने भी चेतावनी दी कि कोविड-19 के संभावित मरीज इस दवा का इस्तेमाल ना करें। यह दवा बुखार, दर्द या सूजन में लोग काउंटर से खरीदकर खाते हैं। यदि बुखार हो तो पेरासिटामोल लें। उन्होंने यह भी कहा कि जो मरीज पहले से एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा ले रहे हों, वे अपने डॉक्टर से सलाह लें।

दिल्ली। कोरोना से बचने के लिए दुनिया भर के देशों द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है। इस दौरान अमेरिका ने अपने नागरिकों को कोरोनावायरस से बचाने के लिए अनूठी स्कीम शुरू की है। अमेरिका में लोगों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए एक अनूठा कदम उठाया गया है। अमेरिका में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कॉमकास्ट ने 60 दिनों के लिए फ्री वाईफाई देने का ऐलान किया है। 

ये कदम कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते उठाया गया है, जिससे कि लोगों को अपनों से जुड़े रहने में किसी तरह की परेशानी ना हो। साइबर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी कॉमकास्ट के मुताबिक फ्री वाईफाई को पूरे देश में वाई फाई हाटस्पाट के ज़रिये लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। दरअसल, सरकार लोगों को घर में रहने के लिए कह रही है। लोग घर से काम कर रहे हैं। ऐसे में उनको मुफ्त इंटरनेट मिलने से अपना वक्त गुजारने में और भी आसानी रहेगी।

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस  के नए मामले बढ़ने के साथ ही संख्या 147 के पार पहुंच गई हैं। वायरस से संक्रमित तीन लोगों की देश में मौत हो गई हैं। चिकित्सा समुदाय बढ़ते रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं। वह इस पर अध्ययन कर रहे हैं ताकि, वायरस से निपटने के लिए पुरी तैयारी की जा सके।  चीन के वुहान में वायरस का पहला मामला आने के तीन महीने बाद दुनियाभर में इससे 7,500 लोगों की मौत हो गई हैं। करीब 160 से अधिक देश कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। लाखों की संख्या में लोग इससे संक्रमित हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है।  
पुरुषों को कोरोना वायरस से ज्यादा खतरा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने आईएएनएस को बताया कि चिकित्सा समुदाय ने अब तक जिन आंकड़ों का अध्ययन किया है, उनमें यह प्रतीत होता है कि पुरुषों को महिलाओं के बजाय संक्रमित होना का ज्यादा खतरा है। उन्होंने आगे कहा कि आप इस वायरस को अपने पालतू जानवरों से प्राप्त नहीं करेंगे। साथ ही ये आपसे पालतू जानवर को होगा भी नहीं। यह मनुष्यों को संक्रमित करता है। फिलहाल, इस वायरस से लड़ने की क्षमता मनुष्य में ज्यादा नहीं पाई जा रही है। 

महिलाओं की तुलना में ज्यादा पुरुष हुए संक्रमित गुलेरिया ने कहा एक दिलचस्प बात ये भी है कि महिलाओं की तुलना में ये वायरस पुरुषों को अधिक हुआ हैं। साथ ही वुहान में हुए एक अध्ययन से यह भी पता चला है कि A ब्लड ग्रुप वाले लोगों को ये वायरस ज्यादा प्रभावित करता हैं। एम्स प्रमुख ने कहा कि अभी भी इसका कारण अभी भी अज्ञात है। मुझे नहीं पता कि क्या यह महिलाओं की इम्युनिटी है जो की पुरुषों की तुलना में अच्छी है। उन्होंने कहा कि चीन से जो आंकड़े आए हैं, उनसे पता चलता है कि जिन लोगों को गंभीर बीमारी है, वे महिलाओं की तुलना में अधिक पुरुष हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के सभी तथ्यों के बारे में निश्चित होना अभी भी जल्दबाजी होगी, क्योंकि स्वास्थ्य समुदाय अभी भी प्रासंगिक डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया में है। हर्ड इम्युनिटी थ्योरी  हर्ड इम्युनिटी थ्योरी के बारे में बात करते हुए कि ब्रिटेन ने कथित तौर पर इस बीमारी से लड़ने के लिए इसे शामिल किया है, गुलेरिया ने कहा कि हालांकि कुछ देश  हर्ड इम्युनिटी  थ्योरी को अपना रहे हैं, लेकिन परिणाम बहुत कठोर हो सकते हैं। हर्ड इम्युनिटी का मतलब है कि 60 प्रतिशत आबादी जो स्वस्थ है और कम जोखिम पर है, देश उन्हें संक्रमण प्राप्त करने और अपनी स्वयं की प्रतिरक्षा से उबरने की अनुमति देता है।

दिल्ली।  अब कोई भी शादी शुदा मर्द अपनी बीवी की इजाजत के बिना बच्चे गोद नहीं ले पाएगा। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ फैसला सुना दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि बच्चे को गोद लेने के लिए किसी भी व्यक्ति को अपनी पत्नी की इजाजत लेनी होगी, बिना बीवी की सहमति और इजाजत के कोई भी बच्चा गोद नहीं ले सकेगा। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि विधिवत समारोह के बगैर बच्चे को गोद लेने को गोद लेना नहीं कहा जा सकता। 

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि पत्नी की सहमति के बिना कोई व्यक्ति किसी बच्चे को गोद नहीं ले सकता है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि गोद लेना तभी वैध माना जा सकता है जब हिंदू अडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट 1956 की धारा 7 और 11 का पालन किया गया हो। किसी बच्चे को गोद लेने के लिए पत्नी की सहमति लेना जरूरी है। साथ ही गोद लेने के समारोह का प्रमाण भी होना चाहिए।

नई दिल्ली। भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के लिए अब विदेश भागना मुश्किल हो जाएगा। सरकार ने फैसला लिया है कि निलंबित हो चुके और जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में अभियोजन की अनुमति दी जा चुकी है, ऐसे सरकारी अधिकारियों का पासपोर्ट अब नहीं बनेगा। कार्मिक मंत्रालय ने केंद्रीय सतर्कता आयोग और विदेश मंत्रालय के परामर्श से मौजूदा दिशा-निर्देशों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा सभी सरकारी विभागों को जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे अधिकारियों को पासपोर्ट लेने के लिए सतर्कता मंजूरी की जरूरत होगी। इसके अनुसार, फैसला किया गया है कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है या उसके खिलाफ आपराधिक मामलों में जांच एजेंसी द्वारा अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, तो उसकी सतर्कता मंजूरी रोकी जा सकती है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम या किसी अन्य आपराधिक मामले के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंजूरी देने के बाद भी 

कर्मचारियों को पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए सतर्कता मंजूरी से इन्कार किया जा सकता है। अदालत द्वारा इसका संज्ञान लिया जाएगा। सभी विभागों से यह जांचने के लिए कहा गया है कि क्या पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 6 (2) का कोई प्रावधान उन कर्मचारियों के मामले में लागू होता है, जो भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करते समय उनके अधीन काम कर रहे हैं। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 6 (2) के तहत अधिकारी ऐसे किसी व्यक्ति को पासपोर्ट जारी करने से इन्कार कर सकते हैं, जिसके बारे में लगे कि भारत के बाहर उसकी उपस्थिति किसी देश के साथ भारत के संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती है। अधिनियम के अनुसार, न्यायालय द्वारा यदि आवेदक की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया हो या उसके भारत से जाने पर रोक लगाने वाला आदेश जारी किया गया हो, तब भी पासपोर्ट से इन्कार किया जा सकता है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के निजीकरण के लिए शनिवार को बोली आमंत्रित की। डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) ने निविदा दस्तावेज में कहा है कि बीपीसीएल की रणनीतिक बिक्री के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) आमंत्रित किया गया है। इसे भरने की आखिरी तारीख दो मई, 2020 है। इस दस्तावेज में कहा गया है कि भारत सरकार बीपीएसएल में अपने 114.91 करोड़ इक्विटी शेयरों की रणनीतिक बिक्री का प्रस्ताव रखती है, जो बीपीसीएल की कुल इक्विटी शेयर का 52.98 फीसद है। इसके साथ ही रणनीतिक खरीदार को कंपनी का मैनेजमेंट कंट्रोल भी सौंप दिया जाएगा। हालांकि, इसमें नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड में BPCL के 61.65 फीसद शेयर शामिल नहीं हैं। एनआरएल में कंपनी की हिस्सेदारी किसी सरकारी तेल एवं गैस कंपनी को बेची जाएगी।  दो चरण में होगा विनिवेश सरकार ने इस रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया से जुड़े परामर्श एवं इसे मैनेज करने के लिए देलोइटे तौचे तोहमत्सू इंडिया  LLP को नियुक्त किया है। यह विनिवेश प्रक्रिया दो चरण में होगी। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट वाले चरण के पात्र बोलीदाताओं को दूसरे चरण में वित्तीय बोली लगाने के लिए कहा जाएगा। 

PSU कंपनियों को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं ऑफर डॉक्युमेंट के मुताबिक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियां BPCL के निजीकरण प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। 10 अरब डॉलर से अधिक नेटवर्थ वाली कोई भी कंपनी या अधिकतम चार कंपनियों का समूह इस बोली प्रक्रिया में हिस्सा ले सकता है। बीपीसीएल का निजीकरण सरकार के लिए अहम BPCL का बाजार पूंजीकरण फिलहाल 87,388 करोड़ रुपये है और वर्तमान मूल्य पर सरकार की हिस्सेदारी 46,000 करोड़ रुपये है। बीपीसीएल का निजीकरण सरकार के विनिवेश लक्ष्य के हिसाब से काफी अहम है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 में विनिवेश के जरिए 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। बीपीसीएल देश में चार जगहों मुंबई (महाराष्ट्र), कोच्चि (केरल), बीना (मध्य प्रदेश) और नुमालीगढ़ (असम) में रिफाइनरियों का परिचालन करती है। इन चारों रिफाइनरियों की कुल क्षमता 3.83 करोड़ टन प्रति वर्ष की है। 

मेरठ। दुनिया में तबाही मचाने पर आमादा कोरोना वायरस को एक सरल और घरेलू नुस्खा रोक सकता है। आयुर्वेदाचार्यों की मानें तो तिल या अणु के तेल की दो बूंदें नाक में सुरक्षा परत बनाकर वायरस को सांस की नली में पहुंचने से रोक देती हैं। ऐसे में व्यक्ति संक्रमित नहीं होगा। अगर वायरस गले में पहुंच गया तो भी निमोनिया का खतरा कम रहेगा। चरक संहिता के 28वें अध्याय में तिल के तेल की दो बूंदें नाक में डालकर सूक्ष्म कणों से होने वाली बीमारियों से बचाव को अकाट्य बताया गया है। जानें क्‍या कहते है प्राचार्य, महावीर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के डॉ. देवदत्त भादलीकर। चरक संहिता में वर्णित प्रतिमर्श नस्य- नाक से दवा डालकर इलाज करने की विधि बताई गई है। तेल नाक के अंदर एक प्रतिरक्षा परत बनाता है। हानिकारक कण, वायरस और बैक्टीरिया इसी परत में फंस जाते हैं। ये कण नाक के जरिये फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाते। नाक के अंदर की श्लेष्मिक झिल्ली को ताकत मिलती है। 150 मरीजों पर शोध  महावीर आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज की एसोसिएट प्रोफेसर डा. निधि शर्मा ने पंचकर्म सिद्धांत के अंतर्गत 150 मरीजों पर प्रतिमर्श नस्य का शोध किया है। उनका दावा है कि तेल से नाक में बनी परत में जहां पीएम 2.5 माइक्रान तक के कण फंस जाते हैं, वहीं इससे सूक्ष्म वायरस और बैक्टीरिया भी परत को पार नहीं कर पाते हैं। एक सप्ताह तक नस्य कर्म के बाद मरीजों को प्राणायाम करना चाहिए, 

जिससे माहभर में फेफड़ों की ताकत बढ़ जाएगी। प्रतिमर्श नस्य पर सेंटर काउंसिल रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंस के वैद्य केएस धीमान भी शोध कर रहे हैं। प्रदूषण रोकने में भी कारगर : हवा में सल्फर, नाइट्रोजन, कार्बन एवं मोनोआक्साइड के सूक्ष्म कण नाक की नलियों में सूजन से अस्थमा बनाते हैं। सीओपीडी के मरीजों को सांस का अटैक आ जाता है। नाक में तेल डालने पर प्रदूषित सूक्ष्म कण इसमें चिपक जाते हैं। प्रदूषित वातावरण में रहने वाले मरीजों में एलर्जिक रानाइटिस में कमी भी मिली। चरक संहिता में प्रतिमर्श नस्य यानी नाक में तेल डालकर प्रदूषित कणों को रोकने की विधि बताई गई है। ये कोरोना और स्वाइन फ्लू के ड्रापलेट को भी नाक में पहुंचने से रोक देगी। तिल या अणु का तेल प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। कई विवि में इसपर शोध भी हो रहा है। डॉ. देवदत्त भादलीकर, प्राचार्य, महावीर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज नाक में तेल बनाता है सुरक्षा परत, इसी में फंस जाता है वायरस व बैक्टीरिया, चरक संहिता के 28वें अध्याय में भी है जिक्र, फेफड़े तक नहीं पहुंचता वायरस। 

दिल्ली। कोरोनावायरस का खौफ अब देश में भी घर करने लगा है। अब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने इस वायरस के खौफ के चलते लोगों से होली न मिलने का फैसला लिया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, दुनियाभर के विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने वाले कार्यक्रमों को कम करने की सलाह दी है। इसलिए इस साल मैंने किसी भी ‘होली मिलन’ समारोह में न जाने का फैसला किया है। मोदी की देखा देखी दूसरे नेताओं ने भी ऐसा करने का फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नक्शे कदम पर चलते हुए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी कहा कि कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए वे इस बार होली मिलन कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होंगे। इसके बाद ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी होली मिलन कार्यक्रम न करने का फैसला लिया। अब कई नेताओं ने कोरोनावायरस के खौफ के चलते होली मिलन समारोह रद्द कर दिये हैं।