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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



 करनाल। देश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सर्दी खांसी जैसे शुरुआती लक्षणों के सामने आने पर ही लोगों को कोरोना संदिग्ध मानकर उनका इलाज शुरू कर रहा है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग के लिए एक और परेशानीभरी खबर सामने आई है। हरियाणा के पानीपत में एक ऐसा कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आया है जिसमें खांसी, जुकाम जैसे कोरोना संक्रमण के शुरुआती लक्षण ही नजर नहीं आए। ऐसे में डॉक्टर्स ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर युवक को कोरोना संक्रमण कैसे हुआ। युवक की ट्रैवल हिस्ट्री भी पता की जा रही है। जिस युवक को कोरोना संक्रमण पाया गया है उसे सर्दी, खांसी के साथ ही सांस लेने में भी किसी तरह की दिक्कत सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि करनाल के रसूलपुर गांव में रहने वाला यह युवक 9 अप्रैल को एमपी से लौटा था। उसे जीटी रोड पर उसके 4 दोस्तों के साथ पकड़ा गया था। 11 अप्रैल को उसका सैंपल लिया गया था और 14 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

 पटना। सोशल मीडिया या किसी भी जरिए से बिहार में सांप्रदायिक सौहार्द्र (communal harmony) बिगड़ने की कोशिश की तो वह किसी भी सरकार लाभ लेने का योग्य नहीं रह जाएगा। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने सख्त लहजे में कहा है कि सांप्रदायिक सौहार्द्र (communal harmony) बिगाड़ने वाले लोगों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। दोषी पाए जाना वाला शख्स एक चपरासी की नौकरी पाने लायक नहीं बचेगा। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने यह भी कहा कि कोरोना संकट या किसी भी समय कोई भी व्यक्ति अगर बिहार में सांप्रदायिक सौहार्द्र (communal harmony) बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसे नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी सांप्रदायिक सौहार्द्र (communal harmony) बिगाड़ेगा उनकी छवि हम खराब करके रख देंगे। उसका नाम ना सिर्फ गुंडा रजिस्टर में दर्ज होगा, बल्कि वे जेल जाएंगे। उस व्यक्ति को सरकारी या प्राइवेट नौकरी मिलने में दिक्कत होगी, क्योंकि उनका कैरेक्टर सर्टिफिकेट ही खराब हो जाएगा। इसके अलावा न तो वे ठेकेदारी कर पाएंगे न ही हथियार का लाइसेंस मिलेगा। उल्टा उनके घर मे अगर लाइसेंसी हथियार होंगे तो वह भी कैंसिल कर दिया जाएगा।

जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि मुख्य रूप से ट्यूबरक्लोसिस के खिलाफ उपयोग में लाए जाने वाली बेकिले कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) वैक्सीन लोगों को नोवल कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचा सकती है। इससे पहले आई खबरों में कहा गया था कि यह टीका कोरोना से बचाव में फायदेमंद है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने डेली सिचुएशन की रिपोर्ट के हवाले से कहा, ‘डब्ल्यूएचओ सबूतों के अभाव के चलते कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए बीसीजी वैक्सीन (टीकाकरण) की सिफारिश नहीं करता है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, ‘पशु और मानव दोनों पर किए गए शोध के एक्सपेरिमेंटल एविडेंस हैं कि बीसीजी वैक्सीन का इम्यून सिस्टम पर गैर-विशिष्ट प्रभाव पड़ता है। इन प्रभावों की अच्छी तरह से विशेषता नहीं है और क्लीनिकल रिलिवेंस की भी जानकारी नहीं है।

3 मई 1913 को मुंबई के मैजिस्टिक टॉकीज पर दादा साहब फालके की पहली मूक फिल्म राजा हरिश्चंद्र रिलीज हुई थी। उस फिल्म को लेकर लोगों में काफी क्रेज था। फिल्म की रिलीज से दो दिन पहले ही इस टॉकीज के बाहर सैकड़ों लोग टिकट काउंटरों के बाहर बोरी-बिस्तर लिए डेरा डालकर जम गए थे। कहते हैं कि रिलीज के पहले तीन हफ्तों तक हर दिन इस टॉकीज के बाहर यही नजारा दिखाई दिया करता था। इस वजह से अंग्रेज सरकार के सामने मुंबई में लॉ ऐंड ऑर्डर को कायम रखने की मुश्किल आ गई थी।
महान शिक्षाविद डॉ.जाकिर हुसैन का जन्म 8 फरवरी, 1897 को हैदराबाद के एक पठान परिवार में हुआ था। उनके पूर्वज 18वीं सदी में अफगानिस्तान से आकर उत्तर प्रदेश के एक कस्बे कायमगंज में बस गए थे। उनके पिता का नाम फिदा हुसैन था और माता का नाम नाजनीन बेगम। पिता कारोबार के सिलसिले में हैदराबाद रहने लगे। उनके पिता को पढऩे-लिखने का बहुत शौक था। उन्होंने हैदराबाद से ही वकालत पढ़ी और काबिल वकील बने। न्होंने अपना सारा जीवन शिक्षा को समर्पित कर दिया था और खुद को शिक्षक कहलाने में गर्व महसूस करते थे। देश की अहम यूनिवर्सिटियों में शामिल जामिया मिल्लिया इस्लामिया की बुनियाद भी उन्होंने ही रखी थी। उनका निधन 3 मई, 1969 को हुआ था।
संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने 3 मई को विश्व प्रेस दिवस या विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस घोषित किया ताकि प्रेस की आजादी के महत्व से दुनिया को आगाह कराया जाए। इसका एक और मकसद दुनिया भर की सरकारों को यह याद दिलाना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार की रक्षा और सम्मान करना इसका कर्तव्य है। 1991 में अफ्रीका के पत्रकारों ने प्रेस की आजादी के लिए एक पहल की थी। उन्होंने 3 मई को प्रेस की आजादी के सिद्धांतों से संबंधित एक बयान जारी किया था जिसे डिक्लेरेशन ऑफ  विंडहोक के नाम से जाना जाता है। उसकी दूसरी जयंती के अवसर पर 1993 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने पहली बार विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का आयोजन किया। तब से हर साल 3 मई को यह दिन मनाया जाता है।

अमेरिका के ही एक अधिकारी ने वहां की मीडिया को बताया था कि करीब 24000 अमेरिका फिलहाल भारत में हैं। करीब 800 लोगों को पूछा गया था कि क्या वे फ्लाइट से वापस अमेरिका आना चाहते हैं तो इसपर सिर्फ 10 ने आने की हामी भरी थी। अमेरिका में अबतक पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 5 लाख से ज्यादा कोरोना मरीज मिल चुके है। इतना ही नहीं वहां 22 हजार से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस बीच इंग्लैंड अपने लोगों को निकाल रहा है। इस हफ्ते उनकी 12 और चार्टर फ्लाइट अमृतसर, नई दिल्ली, मुंबई, गोवा, चेन्नै, हैदराबाद, कोच्चि, बेंगलुरु, अहमदाबाद और कोलकाता आएंगी। इससे पहले 20 हजार ब्रिटेन के लोग वापस अपने देश गए थे।कोरोना की तबाही के बीच अपने देश नहीं जाना चाहते अमेरिकी
अमेरिका के ही एक अधिकारी ने वहां की मीडिया को बताया था कि करीब 24000 अमेरिका फिलहाल भारत में हैं। करीब 800 लोगों को पूछा गया था कि क्या वे फ्लाइट से वापस अमेरिका आना चाहते हैं तो इसपर सिर्फ 10 ने आने की हामी भरी थी। अमेरिका में अबतक पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 5 लाख से ज्यादा कोरोना मरीज मिल चुके है। इतना ही नहीं वहां 22 हजार से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस बीच इंग्लैंड अपने लोगों को निकाल रहा है। इस हफ्ते उनकी 12 और चार्टर फ्लाइट अमृतसर, नई दिल्ली, मुंबई, गोवा, चेन्नै, हैदराबाद, कोच्चि, बेंगलुरु, अहमदाबाद और कोलकाता आएंगी। इससे पहले 20 हजार ब्रिटेन के लोग वापस अपने देश गए थे।

नई दिल्ली। आखिर जिसका सबको इंतजार था उस सवाल का जवाब कल मिलने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल खुद सुबह 10 बजे देश को संबोधित करनेवाले हैं। कल ही 21 दिन का लॉकडाउन भी खत्म हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री खुद आगे का प्लान बता सकते हैं कि लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं। वैसे ताजा हालात देखते हुए लॉकडाउन दो हफ्ते बढऩे के पूरे चांस हैं। हालांकि, कुछ नई छूट मिल सकती हैं। इससे पहले आज मोदी के संबोधन की बात कही जा रही थी। लेकिन फिर सरकारी सूत्रों ने खुद इसे खारिज किया था। देशभर में पहले ही कोरोना वायरस लॉकडाउन बढऩे की चर्चा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात की थी। उस मीटिंग में यह बात निकलकर आई थी कि लॉकडाउन को कम से कम दो हफ्ते यानी इस पूरे महीने के लिए बढ़ाया जाना चाहिए। अब हो सकता है कि मोदी खुद कल इस बात की घोषणा कर दें।

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 7,447 हो गए हैं। हालांकि, अगर समय रहते लॉकडाउन का फैसला नहीं लिया गया होता तो देश में अब तक स्थिति बहुत खराब हो सकती थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लॉकडाउन और कन्टेनमेंट बहुत महत्वपूर्ण हैं। अगर हमने इस तरह के कदम नहीं उठाए होते तो आज देश में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की संख्या 2 लाख तक पहुंच चुकी होती। स्वास्थ्य मंत्रालय में जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल ने बताया कि अगर देश में लॉकडाउन लागू नहीं किया गया होता तो कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 41 प्रतिशत बढ़ जाते। इस वजह से 15 तब अप्रैल तक देश में 8.2 लाख से ज्यादा केस हो जाते। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल ने बताया, भारत ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए ऐहतियाती कदम उठाए। हमने एक ग्रेडेड अप्रोच अपनाया। 2 राज्यों में और केंद्रीय स्तर पर देश में सिर्फ कोरोना वायरस से जुड़े मामलों के इलाज के लिए 587 अस्पताल हैं। देशभर में 1 लाख आइसोलेशन बेड और 11,500 आईसीयू बिस्तर कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं।

नई दिल्ली। देश में कोविड-19 संक्रमण तेजी से फैल रहा है और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ ही राजनीतिक राजधानी दिल्ली और दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु देश में कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। मुंबई में जहां संक्रमितों का आंकड़ा एक हजार के करीब पहुंच गया है, वहीं दिल्ली और तमिलनाडु में भी इनकी संख्या नौ-नौ सौ को पार कर गई है। इन दोनों ही राज्यों में हालात बिगाडऩे में तब्लीगियों का सबसे बड़ा हाथ है। शुक्रवार को ही दिल्ली में 183 नए मामले सामने आए, जिनमें से 154 तब्लीगी हैं। दिल्ली में नौ सौ से ज्यादा संक्रमित हो गए हैं, जिनमें ज्यादातर तब्लीगी ही हैं। अगर पूरे देश की बात करें तो एक दिन में आठ सौ नए मामले सामने आए, जो एक दिन में संक्रमितों की सबसे बड़ी संख्या है। संक्रमितों का आंकड़ा साढ़े सात हजार को पार कर गया है, जबकि 20 मौतों के साथ मृतकों की संख्या भी ढाई सौ के करीब हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अभी तक कुल संक्रमित 6,761 सामने आए हैं और 206 लोगों की मौत हुई है। 516 लोग स्वस्थ भी हुए हैं।

आंकड़ों में अंतर को लेकर अधिकारियों का कहना है कि राज्यों की संबंधित इकाइयों से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को आंकड़े मिलने में देरी के कारण यह अंतर रहता है। कई निजी एजेंसियां सीधे राज्यों से आंकड़े जुटाती हैं। राज्य सरकारों से मिली सूचनाओं के मुताबिक शुक्रवार को महाराष्ट्र में 10, मध्य प्रदेश में चार, गुजरात और दिल्ली में दो-दो, और पंजाब व तमिलनाडु में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। देश में अब तक इस महामारी ने 247 लोगों की जान ले ली है। जबकि, संक्रमितों का आंकड़ा भी 7,510 पर पहुंच गया है। इनमें 70 से ज्यादा विदेशी और पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके 677 व्यक्ति भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र में शुक्रवार को 210 नए मामले सामने आए और राज्य में संक्रमितों की संख्या 1,574 हो गई। मुंबई में ही 132 नए मामले मिले हैं, जिनमें 11 केस धारावी के हैं, जो सबसे चिंता की बात है। लगभग 15 लाख की आबादी वाली एशिया की इस सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में अब तक 28 संक्रमित केस मिल चुके हैं, जिनमें से दो की मौत भी हो चुकी है। मुंबई में संक्रमितों की संख्या 993 हो गई है।

संक्रमित तमिलनाडु में 77 नए मामले सामने आए हैं और कोरोना पीडि़तों का आंकड़ा 911 हो गया है। इनमें से भी ज्यादातर तब्लीगी हैं। 10 दिन पहले तक राज्य में संक्रमितों की संख्या 50 से कुछ ज्यादा थी। लेकिन दिल्ली से तब्लीगी क्या लौटे महामारी को साथ लेते गए और राज्य के हालात ही बदल गए। कर्नाटक में 10 नए केस मिले हैं और संक्रमित 207 हो गए हैं। जबकि, आंध्र प्रदेश में दो नए केस के साथ आंकड़ा 365 हो गया और केरल में सात मरीजों के साथ अभी तक कुल 364 संक्रमित सामने आए हैं। नए मामलों में दो तब्लीगी जमात से जुड़े हैं। साथ ही कुल संक्रमितों में स्वस्थ हो चुके 124 लोग भी शामिल हैं।


राजस्थान में 98 नए केस मिले हैं और संक्रमितों की संख्या 561 हो गई है। 20 नए मरीजों के साथ पंजाब में 151 संक्रमित हो गए हैं। हरियाणा में सात नए मामले सामने आए हैं और कुल संक्रमित 165 हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में 23 नए मामलों में सात जमाती हैं। राज्य में अभी तक 207 लोग संक्रमित पाए गए हैं। बिहार में भी संक्रमितों की संख्या 60 हो गई है। जबकि, मध्य प्रदेश में 27 नए मरीजों के साथ संक्रमितों की संख्या 483 हो गई है।

नई दिल्ली। महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं और लोगों के इनोवेटिव आइडिया की न सिर्फ प्रशंसा करते हैं, बल्कि उसे प्रोत्साहित करने के लिए अपनी तरफ से हर संभव मदद भी करते हैं। बीते दिनों उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर कुछ तस्वीरें डाली हैं, जिनमें एक कैंटीन में केले के पत्ते पर खाना परोसा जा रहा है। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। आइए जानते हैं, महिंद्रा ने ये तस्वीरें क्यों डाली है और इसका कारण क्या है।
आनंद महिंद्रा ने इन तस्वीरों के बारे में लिखा, एक रिटायर्ड जर्नलिस्ट पद्म रामनाथ ने मुझे ई-मेल कर कहा था कि अगर हमारे कैंटीन में खाना केले के पत्ते पर परोसा जाए तो इससे अपना उत्पाद बेचने में परेशानी झेल रहे केले का उत्पादन करने वाले किसानों की बड़ी मदद हो जाएगी। इस पर हमारी फैक्ट्री की टीम ने तुरंत इसपर अमल किया और नतीजा आपके सामने है। आप लोगों का धन्यवाद!
रिटायर जर्नलिस्ट पद्म रामनाथ के सुझाव पर आनंद महिंद्रा ने तुरंत उसपर अमल किया और अपनी ऑटोमोबाइल कंपनी के कैंटीन में खाने की प्लेट की जगह केले के पत्ते का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर महिंद्रा के इस कदम की खूब प्रशंसा हो रही है। एक यूजर लिखती हैं, बेहतरीन पहल। अपनी प्राचीन संस्कृति की तरफ लौटने का यही सही वक्त है। केले का पत्ता इस्तेमाल करने का कारण यह न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इसका निराकरण भी आसानी से किया जा सकता है। इसमें पानी की कोई जरूरत नहीं होती, क्योंकि बर्तन को धोने में काफी पानी बर्बाद होता है। महिंद्रा आपका दिल जीतने का कोई मौका नहीं चूकते। इस महामारी के वक्त में भी आपकी कंपनी काम कर रही है। आपने देश का दिल जीत लिया।

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कोरोना वायरस संकट को लेकर नेपाल के पीएम के पी ओली से फोन पर बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने COVID-19 पर विचार साझा किए और दोनों देशों के नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विचार साझा किए। इसके अलावा अपने-अपने देशों में महामारी से निपटने को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर भी बात की।इससे पहले पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से इस बारे में बात की थी, जिसे लेकर उन्होंने ट्वीटर पर जानकारी दी और आगे की स्ट्रेटजी के बारे में बताया। पीएम मोदी ने कहा कि COVID-19 के बारे में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ अच्छी बातचीत हुई है। भारत-जापान विशेष सामरिक और वैश्विक भागीदारी कोरोना वायरस के बाद नई तकनीक व समाधान विकसित करने में मदद कर सकती है, जोकि हमारे लोगों, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और दुनिया के लिए होगी।स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 199 तक पहुंच गई है। पिछले 12 घंटों में देश में 547 नए मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं 30 लोगों की मौत कोरोना वायरस की चपेट में आने से हो गई है। कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या भी 6412 तक पहुंच गई है, जिनमें से 5709 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं 504 लोग कोरोना से अब तक ठीक हो चुके हैं। देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू किया गया है हालांकि अब तक इसे आगे बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।



वॉशिंगटन। कोरोना के खिलाफ जंग में जब हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन  टैबलेट के निर्यात को भारत ने मंजूरी दी तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न सिर्फ भारत की प्रशंसा की बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी को महान नेता करार दिया। अमेरिका के लिए पीएम मोदी कितने मायने रखते हैं यह वाइट हाउस के ट्विटर हैंडल द्वारा फॉलो किए जाने वाली सूची से जाहिर होता है। वाइट हाउस कुल मिलाकर 19 हैंडल फॉलो करता है जिनमें चार भारत से जुड़े हैं और बाकी अमेरिका से। इन चार में पीएम नरेंद्र मोदी का निजी हैंडल, प्रेजिडेंट ऑफ इंडिया का ऑफिसल हैंडल, पीएमओ का ऑफिस हैंडल और अमेरिका में भारतीय दूतावास का हैंडल है। यानी पीएम नरेंद्र मोदी वाइट हाउस द्वारा फॉलो किए जाने वाले दुनिया के एकमात्र लीडर हैं।
हाल के दिनों में जब कोरोना से लड़ाई में भारत ने अमेरिका और ब्रिटेन जैसी विश्वशक्ति सहित दुनियाभर के कई देशों के लिए मदद के हाथ बढ़ाए हैं और वहां के नेेताओं ने पीएम मोदी की भरपूर सराहना की तो लोगों में भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बारे में और जानने की उत्सुकता पैदा हुई। इसी क्रम में नजर वाइट हाउस द्वारा फॉलो किए जाने वाले अकाउंट की तरफ गई जिसे देखकर किसी भी भारतीय को गर्व महसूस होगा जिसने विकासित और विकासशील देशों के नेताओं में सिर्फ पीएम मोदी को फॉलो किया है।

भिलाईनगर/ मच्छरों के उन्मूलन हेतु गली-मोहल्लों के सघन क्षेत्रों में हैंड स्प्रे से फाॅगिंग कराया जा रहा है। कर्मचारी वार्डों में हैड मशीन व व्हीकल माउंटेड फागिंग मशीन द्वारा निगम क्षेत्रों में फाॅगिंग कर रहे है। निगम क्षेत्र में डेंगू से बचाव हेतु मलेरिया आॅयल व मैलाथियान का छिड़काव किया जा रहा है साथ ही निगम की टीम एवं मितानीनें घरों में जाकर सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दे रही है। निगम प्रशासन आमजन से अपील करती है कि अपने घर व आस-पास साफ सफाई बनाकर रखे तथा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाली वाहनों को सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग प्रदाय करें। पीलिया से बचाव हेतु पानी को उबालकर पिए, तो पेयजल का ही इस्तेमाल पीने के लिए करें! भिलाई निगम द्वारा मौसमी बीमारी से बचाव हेतु हरसंभव प्रयास किए जा रह है। प्रतिदिन स्वच्छता कार्य निरंतर जारी है। वाहन आवागमन योग्य वाले क्षेत्रों में व्हीकल माउंटेड मशीन तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हैन्ड मशीन से फाॅगिंग किया जा रहा है ! स्वच्छता निरीक्षक के.के. सिंह ने बताया कि निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी द्वारा जोन 03 के मदर टेरेसा नगर, वार्ड 21 सुंदरनगर क्षेत्र के तालाब किनारे, गुरूद्वारा के आस पास, आंगनबाड़ी, आन्ध्रा मार्ग, संतोषी मंदिर के सामने गली, मितानीन निवास गली, वार्ड 33 सड़क 1,2, सरदार मोहल्ला, आदर्श नगर महिला सुलभ के पीछे, पुराना शिव मंदिर, रामू मिस्त्री घर के पास, शर्मा गली के पास, वार्ड 25 संतोषी पारा, गोपाल मिस्त्री लाइन, पक्का कुआं लाइन, साईं मंदिर लाइन, केशव मेमोरियल स्कूल के पास फॅागिंग मशीन से धुआं छोड़ा गया।

 लॉकडाउन के चलते देश व दुनिया के सर्राफा बाजार का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसके चलते अपडेट यह है कि देश में सोने के आयात में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। मार्च के महीने में सोने का आयात पिछले साढ़े छह साल के सबसे निचले स्‍तर पर पहुंच चुका है। आंकड़ों की मानें तो सोने का आयात वार्षिक आधार पर 73 प्रतिशत से भी अधिक गिरावट में है। यह बड़ी गिरावट घरेलू दामों में बड़ी तेजी और लॉकडाउन के चलते प्रभावित हो रहे कारोबार के कारण आई है।

देश में गत 25 मार्च को 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया गया था। इसका असर सोने के आयात पर इस गिरावट के रूप में सामने आया है। मालूम हो कि भारत विश्‍व में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्‍ता राष्‍ट्र है। गत माह मार्च में भारत ने केवल 25 टन सोने का आयात किया था।

तुलनात्‍मक रूप से देखें तो यह एक वर्ष पहले ही इसी समान अवधि से 93.24 प्रतिशत कम है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मार्च के माह में सोने का आयात लगभग 63 प्रतिशत गिर गया था और यह 1.22 बिलियन डॉलर पर हो गया था।

वाशिंगटन। अमेरिका में वर्तमान में COVID-19 को लेकर 10 दवाओं का परीक्षण चल रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- प्रशासन के अभूतपूर्व प्रयास के तहत तेजी से फैलने वाले कोरोना वायरस महामारी का चिकित्सीय समाधान खोजने का प्रयास किया जा रहा है। वैक्सीन या दवा के अभाव में कोरोना वायरस ने 88,500 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि विश्व स्तर पर लगभग 15 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में 4.3 लाख लोग संक्रमित हैं और 14,700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

ट्रंप ने अपने दैनिक कोरोना वायरस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से कहा कि जैसा कि अमेरिकी उद्योग मदद के लिए कदम उठाता है, वैसे ही अमेरिका के डॉक्टर और वैज्ञानिक भी हैं। दस दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है और मेरा प्रशासन बिना किसी देरी के नए उपचार उपलब्ध कराने के लिए अभूतपूर्व कदम उठा रहा है। डॉक्टर, लैब तकनीशियन, कंपनियां ऐसी चीजें लेकर आ रही हैं, जिनकी मुझे उम्मीद है कि निकट भविष्य में बहुत जरूरत होने वाली है और वे बहुत विशेष महत्वपूर्ण होने जा रही हैं।

दिल्ली।  कोरोना वायरस से निपटने के लिए देशभर में लागू लॉकडाउन की अवधि खत्म होने वाली है। ऐसे में सरकार और आम लोगों में चर्चा शुरू हो गई है कि आगे क्या होगा। इस बारे में कैबिनेट ने अपनी राय बना ली है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा गठित मंत्रियों के समूह यानि ग्रुप आफ मिनिस्टर्स ने एक सुर में सरकार से 15 मई तक सभी शैक्षणिक संस्थाओं को बंद रखने और सभी धार्मिक गतिविधियों को स्थगित रखने की सिफारिश की है। मंत्रियों के समूह ने एक सुर में कहा कि सरकार भले ही लॉकडाउन पीरियड को आगे ना बढ़ाए लेकिन सभी तरह की शैक्षणिक और धार्मिक गतिविधियों पर 15 मई तक रोक लगानी चाहिए।


 प्रधानमंत्री ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह का गठन किया था जिसे कि इस बारे में सरकार को सलाह देनी थी। इस मंत्री समूह ने एकमत से तय किया कि धार्मिक केंद्रों, शापिंग मॉल और शौक्षणिक संस्थानों को 14 अप्रैल के बाद कम से कम चार सप्ताह तक सामान्य गतिविधि शुरू करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अब इस बारे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री को करना है। इससे एक बात तो साफ हो गई की पाबंदियों का ये दौर लंबा चलने वाला है।

लखनऊ।  कोरोना वायरस से संक्रमित देश की सबसे पहली सेलिब्रिटी बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की हालत अब स्थिर है। रविवार को उनकी चौथी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों ने कनिका की दवाओं व उनके खानपान में कुछ बदलाव किया है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान एसजीपीआईएमएस के निदेशक आरके धीमान ने बताया कि, कनिका अब सामान्य रूप से भोजन ले रही हैं। वह बहुत बीमार हैं, यह सत्य नहीं है।  
कनिका ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया है। वक्त व जिंदगी को लेकर इस पोस्ट में कनिका ने अपने फैन्स को प्यार भेजा और उनसे सुरक्षित रहने की अपील की है। वे लिखती हैं, मेरी चिंता करने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। लेकिन मैं आईसीयू में नहीं हूं। मैं ठीक हूं। उम्मीद है कि मेरा अगला टेस्ट नेगेटिव आएगा। घर जाने, अपने बच्चों और परिवार से मिलने का इंतजार कर रही हूं। उनकी बहुत याद आ रही है।

दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर मन की बात कार्यक्रम के जरिए लोगों से बात करते रहते हैं। इस बार भी पीएम ने देश के लोगों से मन की बात कार्यक्रम में अपने मन की बात कही। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, आमतौर पर मैं मन की बात में कई विषयों को ले करके आता हूं लेकिन आज देश के मन में सिर्फ एक ही बात है। कोरोना वैश्विक महामारी से आया हुआ

 भयंकर संकट, ऐसे में मैं कुछ और कहूं वो उचित नहीं होगा। हो सकता है, बहुत से लोग मुझसे नाराज होंगे कि ऐसे कैसे सबको घर में बंद कर रखा है। मैं आपकी दिक्कतें समझता हूं, लेकिन भारत को कोरोना के खिलाफ जीतने के लिए, ये कदम उठाए बिना कोई रास्ता नहीं था। मैं फिर एक बार आपको जो भी असुविधा हुई है, कठिनाई हुई है, इसके लिए क्षमा मांगता हूं।


नई दिल्ली।  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मौजपुर इलाके में रहने वाला एक डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित मिला है, जिसके बाद अब 800 लोगों को होम क्वॉरनटाइन कर दिया जाएगा. यह डॉक्टर मोहनपुरी इलाके के मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत था. बताया जा रहा है कि सऊदी अरब से लौटी एक महिला ने मौजपुर के मोहल्ला क्लीनिक में इलाज कराया था. इस महिला से मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर को कोरोना का संक्रमण हुआ. बाद में डॉक्टर की पत्नी और बेटी भी इस वायरस की चपेट में आ गई. अब मौजपुर इलाके के करीब 800 लोगो को क्वॉरनटाइन कर दिया जाएगा. 

शाहदरा के एसडीएम ने कहा है कि जो लोग 12 मार्च से 18 मार्च तक इस मोहल्ला क्लीनिक में आएं हैं, वो खुद को 15 दिनों के लिए होम-क्वारंटीन कर लें. साथ ही किसी भी तरह की परेशानी बढ़ने पर तत्काल हॉस्पिटल जाने का निर्देश दिया गया है. बुधवार को इसकी जानकारी मिली है. लेकिन अब तक इसकी जानकारी नहीं मिली है कि कोरोना पॉजिटिव यह मरीज विदेश यात्रा पर गया था या नहीं.दिल्ली में पिछले 24 घंटों के भीतर कोरोना संक्रमित पांच मरीज मिले हैं, जिसके बाद यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर कुल 35 हो गई है. इनमें से एक संक्रमित विदेशी नागरिक है.

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की शाम को 8 बजे जब से 21 दिनों के लाकडाउन की घोषणा की उसी के बाद से लोगों के मन में घर में रह पाना एक चुनौती जैसा बन गया है। जो लोग सुबह से शाम तक बाहर रह रहे थे उन्हें अपने को घर पर रोक पाना एक युद्ध जैसा ही है।  ऐसे लोग यदि कैलेंडर की तारीखों पर नजर डालेंगे तो उनको ये समझ आएगा कि असल में ये लाकडाउन 21 नहीं बल्कि मात्र 11 दिनों का ही है। बाकी के दिन तो छुट्टियों वाले हैं। इस वजह से अब उनको कैलेंडर देखकर खुश होना चाहिए। वो 21 दिनों के लिए नहीं बल्कि 11 दिनों के लिए ही लाकडाउन जैसी स्थिति में है। अब वो इन दिनों को किस तरह से काट लेते हैं ये उनके ऊपर ही डिपेंड करेगा। कारपोरेट सेक्टर में काम करने वालों को तो दो दिन की छुट्टियां मिलती है उनके लिए ये और कम हो जाता है। कई बार लोग छुट्टी न मिलने का बहाना करते हैं वो अपने परिवार को समय नहीं दे पाते हैं। अब ऐसे लोगों के पास किसी भी वजह से मगर परिवार को देने के लिए पूरा समय है।

वो अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहकर समय काट सकते हैं। न तो आफिस की कोई टेंशन है न ही कोई अन्य जिम्मेदारी का निर्वहन करना है। बस परिवार के सदस्यों के साथ रहना है। उन्हीं के साथ समय बिताना है और आगे की योजनाएं तैयार करनी है। लाकडाउन के समय में तीन शनिवार 21 दिनों के लाकआउट की बात करें तो मार्च माह में ही अभी 28 मार्च को शानिवार और 29 को रविवार पड़ेगा। उसके बाद अप्रैल माह में 4 को शनिवार और 5 को रविवार है। फिर 11 अप्रैल को भी शनिवार है। कुल मिलाकर 21 दिनों के लाकडाउन में तीन शनिवार पड़ेंगे। कई आफिसों में शानिवार और रविवार दोनों दिन छुट्टी होती है, ऐसे लोगों को उन दिनों भी घर में परिवार के साथ ही रहना होता है। लाकडाउन के समय में तीन रविवार यदि रविवार की छुट्टियों की बात करें तो अभी 21 दिनों के लाकडाउन में तीन रविवार भी पड़ने हैं, इन दिनों तो हर हाल में छुट्टियां रहती ही हैं। चाहे सरकारी आफिस हो या निजी, सभी का अवकाश होता है। ये रविवार 29 मार्च, 5 अप्रैल और 12 अप्रैल को पड़ रहे हैं। इसलिए आप इन तारीखों को अपने लाकडाउन कैलेंडर से निकाल सकते हैं। 

लाकडाउन के समय में 5 दिनों की सरकारी छुट्टियां  इस दौरान 5 दिनों तक सरकारी और बैंकों की छुट्टियां भी हैं। इनमें 2 अप्रैल को रामनवमी, 6 अप्रैल को महावीर जयंती, 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे और 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती है। इन सभी दिनों में छुट्टियां है, ऐसे में आप चाहे घर में रहते हो या परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बनाते हो या आप पर निर्भर करता था मगर इस बार आपको अपने घर पर ही रहना है वो भी परिवार के साथ। इस वजह से आप ये सोचकर परेशान न हो कि आपको 21 दिन के लिए लाकडाउन में रहना है बल्कि ये मानें कि ये सिर्फ 11 दिन की बात है बाकी दिन तो छुट्टी होनी ही थी। फिर आपको दुबारा से ऐसा मौका शायद ही मिलेगा। परिवार के साथ रहकर इस समय को अच्छे से यादगार बना सकते हैं। 

नई दिल्ली।  कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए किए गए लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को दूर करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। केंद्र इसके लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा कर सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने यह जानकारी दी है। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर सूत्रों ने बताया कि सरकार ने अभी पैकेज को अंतिम रूप नहीं दिया है और इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय, वित्त मंत्रालय तथा भारतीय रिजर्व बैंक के बीच बातचीत चल रही है।
सूत्रों में से एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रोत्साहन पैकेज 2.3 लाख करोड़ रुपये तक का हो सकता है, हालांकि अंतिम आंकड़े को लेकर बातचीत जारी है। इस सप्ताह के अंत तक इसकी घोषणा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इन पैसों का इस्तेमाल 10 करोड़ जनता के अकाउंट में पैसे सीधे ट्रांसफर करने और लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए बिजनस की मदद करने के लिए किया जा सकता है।