Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



नई दिल्‍ली। पूरी दुनिया जहां अभी तक जानलेवा कोरोना वायरस से निजात नहीं पा सकी है कि वहीं कुछ देशों में एक और जानलेवा वायरस के बच्‍चों पर हो रहे हमले ने डॉक्‍टरों को परेशान कर दिया है। अमेरिका समेत ब्रिटेन में ऐसे करीब 200 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं जिनमें बच्‍चों के अंदर इस तरह की जानलेवा बीमारी का पता लगा है। अमेरिका में इसकी वजह से अब तक पांच बच्‍चों की जान तक चली गई है। वहीं ब्रिटेन में भी एक 14 वर्षीय किशोर की जान इसकी वजह से चली गई है। केले अमेरिका में ही ऐसे करीब 102 मामले सामने आ चुके हैं।
आपको बता दें कि अमेरिका दुनिया में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देश है। इसके मरीज ही नहीं बल्कि इससे होने वाली मौतों के मामले में भी अमेरिका पहले नंबर पर है। यहां पर कोरोना की दवा बनाने को लेकर डॉक्‍टर रात-दिन एक किए हुए हैं। इसके अलावा कुछ दवाइयों का क्‍लीनिकल ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है लेकिन इनका रिजल्‍ट आने और इन्‍हें आम लोगों तक पहुंचने में डेढ़ वर्ष तक का समय लग सकता है। ऐसे में डॉक्‍टरों के सामने बच्‍चों को ही रही जानलेवा बीमारी से हर कोई परेशान है।
आपको बता दें कि इस तरह के मामले की शुरुआत कुछ समय पहले कनाडा से हुई थी। वहां पर कोरोना से पीड़ित बच्‍चों में इस तरह के लक्षण सामने आए थे जो इंफ्लेमेटरी डिजीज या कावासाकी डिजीज शॉक सिंड्रोम से मिलते जुलते हैं। डॉक्‍टरों के मुताबिक ये काफी गंभीर बीमारी होती है। इसमें बच्‍चों के शरीर पर लाल रंग के चकत्‍ते उभर आते हैं और आंखें लाल हो जाती हैं। इसके अलावा पेट में तेज दर्द के साथ बुखार, गले की ग्‍लैंड्स में सूजन और होंठों के सूखकर फट जाने जैसे लक्षण भी इसमें शामिल हैं। 
यूं तो ये बीमारी 5 वर्ष या इससे कम बच्‍चों को अपनी चपेट मे लेती है। लेकिन वर्तमान में इस तरह के लक्षण 16 वर्ष के किशोरों में सामने आ रहे हैं। सीबीएस न्‍यूज ने डॉक्‍टरों के हवाले से लिखा है कि वायरल इंफेक्‍शन होने पर भी ये बीमारी बच्‍चों को घेर सकती है। कुओमो के मुताबिक उनके मुताबिक अमेरिका के दूसरे राज्‍यों में भी इसको लेकर कवायद शुरू हो गई है ताकि इससे लड़ने के लिए एक राष्ट्रीय मानदंड तैयार किए जा सकें।
अमेरिका में अब तक सामने आ चुके ऐसे मरीजों में से करीब 71 फीसद को आइसीयू, 19 फीसद को इंटुबैशन में रखा गया है। इस प्रक्रिया में मरीज के शरीर में एक नली डाली जाती है। इसका मकसद मरीज को दवाई देने के लिए शरीर के अंदर हवा का मार्ग साफ करना होता है। इस नली को डालने से पहले मरीज को एनेसथीसिया दिया जाता है जिससे मरीज को इस दौरान होने वाली पीड़ा महसूस नहीं होती। ये प्रक्रिया अकसर गंभीर रोगियों को बचाने के लिए अपनाई जाती है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में शराब की दुकानें बंद करने और सिर्फ ऑनलाइन बिक्री के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी जिस पर कोर्ट का यह फैसला आया है। बता दें कि 8 मई 2020 को मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में शराब की आनलाइन बिक्री और डोर टू डोर डिलवरी की इजाजत दी थी।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने शराब की दुकानों को फिर से बंद कराने की याचिका को खारिज कर दिया है। कोरोना वायरस के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन के बीच खोली गई शराब की दुकानों को बंद करने को लेकर एक याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में कहा गया है कि दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों और बाकी मानदंडों की अनदेखी की जा रही है, लेकिन कोर्ट ने इस तरह की किसी भी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है।

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के तीसरे चरण में शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी थी। हालांकि इस दौरान कंटेनमेंट जोन में शराब की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है। कंटेनमेंड जोन वो क्षेत्र हैं जहां पर कोरोना संक्रमितों की संख्या ज्यादा है। रेड, ग्रीन और ओरेंज जोन में शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखने के लिए भी कहा गया है। गृह मंत्रालय ने अपने दिशा-निर्देशों में लोगों को शराब खरीदने के दौरान 6 फीट की दूरी का फासला रखने को कहा था।


केरल। केरल में 8 वर्षीय बच्चे ने पुलिस थाने में यह कहते हुए अपनी बहन और 4 लड़कियों की शिकायत दर्ज कराई की, वो लोग लॉकडाउन में घर में और मेरे साथ साथ खेलते नहीं है. उसने कहा कि वो सब मेरा मजाक उड़ाती हैं, क्योंकि मैं एक लड़का हूं. वे मुझे लूडो, शटल बैडमिंटन, पुलिस और चोर का खेल नहीं खेलने देती हैं. इसलिए पुलिस उन पांचों लड़कियों को गिरफ्तार करो। 

जानकारी के मुताबिक बच्चे का नाम उमर निडार, जो कि तीसरी कक्षा में पढ़ता है. जब उसके पिता ने उसकी बहन और बाकी लड़कियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा तो उसने पुलिस से संपर्क कर लिया। इनमें से एक लड़की उस बच्चे की बड़ी बहन है और बाकी चार लड़कियां उसके पड़ोस में रहती हैं. उस बच्चे ने पुलिस से कहा कि उसने उन लड़कियों को कई बार अपने साथ खेलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने हर बार मना कर दिया। 

पुलिस उस बच्चे के घर पहुंची और लड़कियों को उसके साथ खिलाने की बात कहते हुए मामले को सुलझाया, तब जाकर मामला शांत हुआ. बच्चे की शिकायत दूर करने लिए पुलिस ने अन्य बच्चों को बुलाया और उन्हें खेलते समय निडार को भी शामिल करने की सलाह दी। लड़के की बहन ने कहा कि उसने यह कभी नहीं सोचा था कि उसके साथ नहीं खेलने पर वह पुलिस से शिकायत कर देगा। 

रायपुर। कोरोना संक्रमण के मामले को छत्तीसगढ़ में जरूर कुछ राहत है, लेकिन देश में लगातार इसके आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। ताजा स्थिति की बात करें तो भारत में कोरोना प्रतिदिन कई हजारों की तरफ्तार से आगे बढ़ रहा है। आज देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 78 हजार को पार कर गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना 3 हजार 722 नए मरीज सामने आए हैं, जबकि 134 मरीजों की कोरोना की वजह से मौत हुई है। इस तरह अब तक देश में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 78 हजार से अधिक हो गई है. इसमें से 26 हजार 235 लोग ठीक भी हो चुके हैं, जबकि 2 हजार 549 लोग जान गंवा चुके हैं. अभी देश में 49 हजार 219 एक्टिव केस हैं।
वहीं छत्तीसगढ़ की बात करें तो छत्तीसगढ़ में बुधवार को एक और कोरोना मरीज को स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। बुधवार को डिस्चार्ज होने वाले मरीज कबीरधाम का रहने वाला है। लेकिन फिलहाल उसे अगले 14 दिनों तक होम आइसोलेशन पर रहना होगा। वहीं इस मरीज के बाद कोरोना मरीजों की संख्या छत्तीसगढ़ में सिर्फ 4 ही गए गई है। इसकी पुष्टि एम्स ने ट्वीट कर की है।

आपको बता दें कि एम्स में भर्ती कोरोना पॉजीटिव के कुल 6 एक्टिव मरीजों में से एक और को मंगलवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। ये रायपुर का है। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी। वहीं सोमवार को 4 और कोरोना पॉजीटिव मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे। कोरोना पॉजीटिव जिन 4 मरीजों को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई है, उनमें दो सूरजपुर और दो कबीरधाम जिले के थे।

छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 59 सामने आई थी। इनमें कोरबा से 28, दुर्ग से 10, रायपुर से 07, कवर्धा से 06, सूरजपुर में 06, बिलासपुर से 01 और राजनांदगांव से एक था। वहीं सोमवार को 4 और मरीजों के डिस्चार्ज होते ही एक्टिव मरीजों की संख्या मात्र 5 रह गई थी और मंगलवार को एक और मरीज के डिस्चार्ज होते ही सिर्फ 5 मरीज ही रह गए थे। वहीं बुधवार को एक और मरीज डिस्चार्ज हुआ तो अब सिर्फ 4 मामले ही रह गए हैं।

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना संकट के बीच उच्चतम न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि 18 मई से होने वाला डेढ़ माह का ग्रीष्मावकाश इस बार नहीं होगा। बताया जा रहा है कि सोमवार से पांच नियमित बेंच बैंठना शुरू हो जाएगी। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए ये बेंच वीडियो कॉन्फे्रंस तकनीक के जरिए सुनवाई करेंगी। आपको बता दें कि कोरोना महामारी लॉकडाउन के चलते उच्चतम न्यायालय पिछले 22 मार्च से अर्जेंट मामलों की वीडियो कॉन्फे्रंस तकनीक के जरिए सुनवाई कर रहा है। इस दौरान दो या तीन बेंचें बैठ रही थीं और उनमें पांच से दस मामले की ही सुनवाई हो रही थी।

इस कारण कोर्ट में मुकदमे ज्यादा लंबित हो गए हैं, इसी को दूर करने के लिए छुट्टियों में पांच बेंच लगाने का फैसला किया गया है। कोर्ट कार्य समिति के अध्यक्ष ने कहा है कि सोमवार से पांच बेंच कोर्ट रूम में बैठेंगी और वकील अपने चैंबर से उनमें पेश हो सकेंगे। वहीं समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को दे दी है। इसमें सुझाव दिया गया है कि छह हफ्तों की गर्मियों की छुट्टी को पूरी तरह से समाप्त किया जाए या इसे दो हफ्तों तक सीमित कर दिया जाए। इसमें यह भी कहा गया है कि छुट्टियों को किसी और माह में शिफ्ट भी किया जा सकता है। वकीलों को चैंबर से वीडियो कांफ्रेंसिंग करने के लिए चैंबरों को खोला जाएगा जो पिछले डेढ़ माह से लॉकडाउन के चलते बंद हैं।

सिंध। कोरोना वायरस (COVID ​​-19) संकट को देखते हुए, सिंध के शिक्षा मंत्री सईद गनी ने कहा है कि प्रांत भर में कक्षा एक से आठवीं तक के छात्रों को वार्षिक परीक्षा कराए बिना अगले ग्रेड में पदोन्नत किया जाएगा। उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि, लेकिन स्कूल प्रशासक उन्हें महत्वपूर्ण विषयों पर परीक्षा दे सकते हैं।मंगलवार को जानकारी देते हुए कहा कि माध्यमिक स्कूल सर्टिफिकेट  और हायर सेकंडरी स्कूल सर्टिफिकेट  की वार्षिक परीक्षाओं के लिए उपस्थित होने वाले छात्रों के भाग्य का फैसला करने के लिए, प्रासंगिक संचालन समिति ने एक और समिति का गठन किया है।

समिति में सार्वजनिक शिक्षा बोर्डों के अध्यक्ष, निजी बोर्डों के प्रतिनिधि, आगा खान विश्वविद्यालय परीक्षा बोर्ड और ज़ियाउद्दीन विश्वविद्यालय परीक्षा बोर्ड, कॉलेज शिक्षा सचिव और विश्वविद्यालयों और बोर्डों विभाग के एक प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति को 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार करने और इसे गनी को प्रस्तुत करने का काम सौंपा गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मैं रिपोर्ट राष्ट्रीय समन्वय समिति [एनसीसी] को प्रस्तुत करूंगा और जो कुछ भी फैसला लिया जाएगा वह सूबे में लागू होगा।

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए के कोविड-19 के राहत पैकेज का पूरा ब्रेकअप आज से वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण दे सकती हैं। खबर है कि चार दिनों तक इस पर जानकारी दी जाएगी। इसमें जिस चार एल यानी लैंड, लेबर, लॉ और लिक्विडिटी पर फोकस किया गया है, उसे एक-एक दिन में जारी किया जाएगा। आज वित्तमंत्री शाम को 4 बजे पहली घोषणा करेंगी।     
बता दें कि 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का करीबन 8 लाख करोड़ रुपए पहले ही आरबीआई और सरकार ने जारी कर दिया था। अब 12 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ब्रेकअप दिया जाएगा। इसमें से 50,000 करोड़ रुपए टैक्स के लिए घोषित किए जा सकते हैं। जबकि पावर सेक्टर को करीबन एक लाख करोड़ रुपए जारी हो सकता है। इसी तरह देश के गरीबों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए एक बड़ी राशि का अलोकेशन हो सकता है। इसमें एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को करीबन एक लाख करोड़ रुपए का अलोकेशन हो सकता है।
तीसरे और चौथे दिन सेक्टरल सुधार पर जोर दिया जा सकता है। इस सुधार में प्रमुख रूप से एविएशन, खनन, रक्षा पर फोकस किया जाएगा। सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सुधारों पर फोकस करेगी। इस पैकेज में से एसएमई और एग्रो सेक्टर को सबसे बड़ा हिस्सा मिलेगा। एग्री को जहां 3 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है वहीं एमएसएमई को 2.5 लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। असंगठित क्षेत्र जैसे ठेला वाले और फेरीवालों के लिए भी इसमें एक बड़ी राशि का आवंटन किया जा सकता है। हाउसिंग सेक्टर को भी एक बड़ा पैकेज मिल सकता है।

नई दिल्‍ली। भारत में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में पिछले 24 घंटों में 3604 कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में अब पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 70,756 हो गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इसमें 46,008 सक्रिय मामले और 22454 ठीक हुए लोग भी शामिल हैं। अब तक 2,293 लोगों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो चुकी है। वहीं, बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस के संक्रमण से देशभर में 87 लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में कुछ राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों ने लॉकडाउन को बढ़ाने की मांग की है। इनमें से एक महाराष्‍ट्र भी है। दरअसल, देश में इस समय कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र ही है। यहां अब तक 23 हजार 401 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 868 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र के बाद गुजरात में तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है। यहां अब तक 8 हजार 541 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 513 लोगों की मौत हो चुकी है।

तेजी से कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण तमिलनाडु तीसरे नंबर पर आ गया है। यहां अब तक 8002 केस की पुष्टि हुई है, जिसमें 53 लोगों की मौत हो चुकी है। देश की राजधानी दिल्ली में कोविड-19 मरीजों का आंकड़ा 7233 पहुंच गया है, जिसमें 73 की मौत हुई है। दिल्‍ली में कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्‍या पर भाजपा ने आप सरकार पर हमला बोले दिया है। भाजपा का कहना है कि दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार मौत का आंकड़ा छिपा रही है। हालांकि, दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

दिल्ली। शराब और शराबी अपने कारनामों के चलते चर्चा में रहते है। शराब के चक्कर में लोगों की जान तक चली जाती है। इस बार एक शख्स की जान चली गई लेकिन चखना के चक्कर में। एक हैरतअंगेज घटना सामने आई है तमिलनाडु से। जहां एक शख्स ने अपने दोस्त की हत्या केवल इसलिए कर दी क्योंकि वह शराब के साथ चखने का इंतजाम नहीं कर पाया। इस घटना के बारे में सुनने वाला हर शख्स हैरान और भौचक्का है। पूरे तमिलनाडु में हर जगह इस घटना की चर्चा हो रही है। घटना तमिलनाडु के चेंगलपुरा जिले के गुडुवनचेरी शहर की है। जहां एक शख्स ने अपने दोस्त की चाकू मारकर हत्या कर दी। हत्या की वजह सिर्फ इतनी थी कि वो शराब के साथ खाने की व्यवस्था नहीं कर पाया। पुलिस फिलहाल हत्यारे वासु को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 

जानकारी के मुताबिक दोनों दोस्त रियल एस्टेट बिजनेस करते थे। लॉकडाउन में शराब बिक्री की इजाजत मिलने के बाद दोनों ने शराब पीने की योजना बनाई। दोनों दोस्तों वासु और विनायगम की योजना थी कि विनायगम शराब खरीदकर लाएगा और वासु को चखने के लिए बतख का मांस बनाना था। वासु ने अपने दोस्त विनायगम को शराब पीने के लिए एक खेत में बुलाया। जब दोनों शराब पीने बैठे तो वासु ने विनायगम को बताया कि वह बतख का मांस नहीं लाया है। इस पर विनयगम गुस्सा हो गया और बतख का मांस ना लाने पर दोनों के बीच भयंकर झगड़ा शुरू हो गया। जिसमें वासु ने विनयगम को चाकू मार दिया और मौके से फरार हो गया।बाद में एक गांववाले ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की रविवार को तबीयत खराब होने के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  में भर्ती किया गया है। मनमोहन सिंह को रविवार शाम सीने में दर्द की शिकायत हुई थी जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती किया गया है। 87 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री को एम्स के कार्डियक न्यूरो सेंटर में भर्ती कराया गया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक रात 8:45 बजे पूर्व प्रधानमंत्री को एम्स लाया गया जहां डॉक्टर्स उनकी जांच कर रहे हैं। मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।

इससे पहले वह 1991 में नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री रहे। मनमोहन सिंह के वित्त मंत्री रहते ही देश के बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोला गया। मनमोहन सिंह भारतीय रिजर्व बैंक के 15 वें गवर्नर रहे. वह राजीव गांधी की सरकार में योजना आयोग के डिप्टी चेयरमैन भी रहे. हाल ही में कोविड-19  के कारण बनी स्थिति के लिए कांग्रेस ने एक सलाहकार समूह बनाया है जिसकी अध्यक्षता मनमोहन सिंह ही कर रहे हैं।

नई दिल्ली। हर किसी को अब 17 मई का इंतजार है और उत्सुकता यह जानने की है कि क्या लॉकडाउन खुलने के बाद ट्रेनें चलने लगेंगी अभी यह साफ नहीं है, लेकिन इंडियन रेलवे ने लॉकडाउन बाद की अपनी रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। प्लानिंग यह है कि यदि लॉकडाउन खुलने के बाद Trains चलाई जाती हैं तो क्या व्यवस्था रखी जाए कि यात्रियों को असुविधा भी न हो और कोरोना वायरस से उनका बचाव भी हो सके।

इस बात पर विचार हो रहा है कि क्या जब तक कोरोना वायरस काबू नहीं हो जाता, ट्रेनों में खाना ने बांटा जाए, सिर्फ पानी ही सर्व किया जाए। खबर है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस, गतिमान एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस के साथ राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों को खाना अपने साथ लाना पड़ सकता है। इसके साथ ही यह भी व्यवस्था की जा रही है कि पहले चरण में केवल वंदेभारत, शताब्दी और जनशताब्दी जैसी ट्रेनें चलाई जाए। लोगों लोगों का आवागमन सुरक्षित बनाने के लिए ट्रेन में आधी सीटों की ही बुकिंग का प्लान बनाया जा रहा है।

नई दिल्ली। एयर इंडिया के 5 पायलट कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। इन सभी की कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दरअसल, उड़ान की ड्यूटी के लिए 72 घंटे पहले ये टेस्ट किया जाता है। ये सभी मुंबई में स्थित हैं। इन सभी में कोरोना वायरस को कोई लक्षण नजर नहीं आए थे। पायलटों ने हाल ही में गुआंगज़ौ के लिए कार्गो उड़ानों में से एक का संचालन किया था।

जानकारी के लिए बता दें कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 3277 नए मामले सामने आए हैं और वायरस की वजह से 127 लोगों की मौत हुई है। रविवार को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर करीब साठ हजार यानी 62939 हो गए हैं। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार देश में इस वक्त 41472 एक्टिव केस हैं । कुल मामलों में से अब तक 19357 लोग ठीक हो चुके हैं और करीब 2109 लोगों की मौत हो चुकी है। 

वॉशिंगटन। रूस में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (COVID-19)के 11,012 मामले सामने आए और 88 लोगों की मौत हो गई। देश में अब तक 2.09,688 मामले सामने आ गए हैं। देश में अब तक 1,915 लोगों की मौत हो गई है। फ्रांस और जर्मनी को पीछे छोड़ सबसे ज्यादा मामले वाले देशों की सूची में रूस पांचवें नंबर पर आ गया है। पाकिस्तान में कोरोना वायरस (COVID-19)के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 1991 मामले सामने आ गए हैं और 21 लोगों की मौत हो गई है।देश में अब तक 29,465 मामले सामने आ गए हैं और 639 लोगों की मौत हो गई है। देश में अब तक 2,83,517 टेस्ट हुए हैं। पिछले 24 घंटे में 13,341 टेस्ट हुए हैं।  

दुनियाभर में कोरोना वायरस (COVID-19) के 4,026,691 मामले सामने आ गए हैं। इनमें से 276,894 लोगों की मौत हो गई है। 13,28,128 लोग ठीक हो गए हैं। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार सबसे ज्यादा यूरोप में 1,570,400 केस सामने आ गए हैं। 1,49,913 लोगों की मौत हो गई है। 5,79,509 लोग ठीक हो गए हैं। एशिया में अभी तक 2,83,935 मामले सामने आ गए हैं। 10,397 लोगों की मौत हो गई है। 1,41,064 ठीक हो गए हैं।

दक्षिण कोरिया में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (COVID-19)के 34 नए मामले सामने आए हैं। सभी मामले क्लब जाने वालों से जुड़ा है। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार कोरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों में कोरोना से 256 मौतों के साथ अब तक 10,874 मामले सामने आने की सूचना दी। एजेंसी ने कहा कि 9,610 ठीक हो गए है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार वायरस के फिर से लौटने के डर से दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल ने सभी क्लबों और बारों को बंद करने का आदेश दिया है।

जर्मनी में कोरोना वायरस (COVID-19)के 667 नए मामले सामने आ गए हैं और 13 लोगों की संक्रमण से मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार यहां मरीजों की संख्या 1,69,218 हो गई है और अब तक 7,395 लोगों की मौत हो गई है। तुर्की ने शनिवार को कोरोना वायरस से 50  मौतों और 1,546 ताजा मामलों की सूचना दी। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार देश में कोरोना वायरस से 3,739 लोगों की मौत हो गई है, जबकि अब तक 137,115 केस सामने आ गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए आंकड़ों के अनुसार 89,480 मरीज ठीक हो गए हैं।

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी सोमवार को अपराह्न तीन बजे राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस बातचीत में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन  से बाहर निकलने के साथ साथ कोरोना से निपटने के उपायों के अगले चरण पर चर्चा होगी। बीते दिनों प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जान भी. जहान भी की बात कही थी। पीएम मोदी चाहते हैं कि कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में लोगों की जान के साथ साथ अर्थव्‍यवस्‍था को भी धीरे धीरे शुरू किया किया जाए। सूत्रों के मुताबिक, मुख्‍यमंत्रियों के साथ बैठक में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाए जाने के साथ ही कंटेनमेंट जोन में कोरोना को हराने के उपायों पर चर्चा हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ यह पांचवीं बैठक होगी। 

बता दें कि देश में 25 मार्च को पहली बार देशव्‍यापी लॉकडाउन की घो‍षणा की गई थी जिसे 14 अप्रैल को खत्म होना था लेकिन जमातियों के साथ साथ दूसरी वजहों से कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया था। बाद में इस लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया था। हालांकि लॉकडाउन के मौजूदा दौर में आर्थिक गतिविधियों को भी तेजी से बढ़ावा दिया गया है। इस बीच राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए ने लॉकडाउन के बाद उद्योगों को फिर से खोलने और कामगारों के साथ-साथ संयंत्रों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले एहतियाती कदमों को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। 

एनडीएमए ने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों को सफलतापूर्वक दोबारा शुरू करने और जोखिम को कम करने के लिए इन दिशानिर्देशों का पूरी तरह अनुपालन अन‍िवार्य है। उल्‍लेखनीय है कि देश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या रविवार को 2,109 हो गई जबकि कुल मामले बढ़कर 62,939 पर पहुंच गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो बीते 24 घंटे में संक्रमण से 128 लोगों की मौत हुई है जबकि 3,277 नए मामले सामने आए हैं। देश में मरीजों के ठीक होने की दर करीब 30.75 फीसद है। संक्रमण के कुल मामलों में 111 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। 

भोपाल। महाराष्ट्र के जालना स्थित स्टील फैक्ट्री के ठेकेदार ने मध्य प्रदेश के उमरिया के मजदूरों की औरंगाबाद में ट्रेन हादसे में मौत से पहले उनसे उस रोटी की कीमत तक वसूल ली थी, जो उसने उन्हें कुछ दिनों तक खिलाई थी। यह आरोप रेल हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर नेमशाह की पत्नी देववती ने लगाया है। गौरतलब है कि औरंगाबाद में रेल की पटरी पर सो रहे मध्य प्रदेश के 16 मजदूरों की मालगाड़ी के गुजर जाने से मौत हो गई थी। वह महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश स्थित अपने-अपने घर पैदल ही आ रहे थे। थक जाने पर पटरियों पर ही सो गए थे।

देववती ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उसके पति के पास पैसे नहीं बचे थे। खाने के लिए भी उनके पास कुछ नहीं था। इस दौरान ठेकेदार ने नेमशाह को खाना खिलाया। जब नेमशाह ने वापस जाने के लिए कहा तो ठेकेदार ने उस पर दबाव डाला कि पहले वह उसके खाने के पैसे चुका दे, तब वह उसे जाने देगा। आरोप है कि बाकी मजदूरों से भी ठेकेदार ने रुपये वसूले हैं।

देववती ने बताया कि उसने पति के कहने पर उनके खाते में एक हजार रुपये डाले थे। जब नेमशाह जालना से जाने लगे तो ठेकेदार ने उससे एक हजार में से आधे यानी पांच सौ रुपये ले लिए। इसके बाद ही उसने नेमशाह को जाने दिया। नेमशाह ने अपनी पत्नी को यह बात फोन पर बताई थी और यह भी बताया था कि ठेकेदार ने सभी मजदूरों से पैसे लिए हैं। पांच सौ रुपये जेब में रखकर नेमशाह ने वापसी का सफर शुरू किया था, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।

औरंगाबाद रेल हादसे में शहडोल जिले के अंतौली गांव ने बहुत कुछ खोया। एक साथ गांव के नौ लोगों की मौत हो गई। 60 वर्षीय रामनिरंजन सिंह ने हादसे में अपने दूसरे और तीसरे नंबर के दो बेटे और दामाद को खो दिया। वहीं चौथे नंबर का बेटा रघुराज सिंह पिछले पांच साल से लापता है। वह बेरोजगारी से तंग आकर काम की तलाश में चला गया था। रामनिरंजन के पांच बेटों में सबसे बड़ा बेटा अजीत सिंह रायपुर में मजदूरी करता है। दूसरा निरवेश व तीसरा रावेंद्र औरंगाबाद रेल हादसे का शिकार हो गए। सबसे छोटा पांचवें नंबर का बेटा जयप्रकाश सिंह अभी पढ़ाई कर रहा है।

रामनिरंजन की छोटी बेटी चंद्रवती की शादी मोहल्ले में ही रहने वाले दीपक सिंह के साथ हुई थी। वह भी दोनों बेटों के साथ रेल हादसे का शिकार हो गया। हादसे के बाद से रामनिरंजन की मानसिक हालत ठीक नहीं है। वह कभी अचानक हंसने लगते हैं तो कभी खामोश होकर रोने लगते हैं। रामनिरंजन की पत्नी का निधन काफी पहले हो गया था। ज्ञात हो कि औरंगाबाद से 35 किलोमीटर पैदल सफर तय करने के बाद पैर दुखने लगे तो प्रवासी मजदूर रेल की पटरियों पर आराम करने लगे। इस दौरान श्रमिकों को झपकी लग गई और इसी बीच मालगाड़ी पटरियों पर सो रहे मजदूरों के ऊपर से निकल गई। मध्‍य प्रदेश के शहडोल-उमरिया के 16 लोगों की मौत इस दौरान हो गई।

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर लगातार जारी है. प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कोरोना के 28 नये संक्रमित मिलने के बाद हडकंप मच गया है.मिली जानकारी के मुताबिक हॉटस्पाट के रुप में चिन्हित किये गये जहांगीराबाद इलाके से 16 संक्रमित मरीज मिले हैं,जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग शामिल हैं.एक और हॉटस्पाट क्षेत्र मगलवारा में भी कोरोना के 9 नये मरीज पाये गये हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दो हॉटस्पाट इलाकों से संक्रमण के कुल 23 मामले आये हैं,जबकि अन्य अलग-अलग इलाकों से पांच लोगों में कोरोना पाजीटिव का केस पाया गया है.आज कुल कोरोना संक्रमण के 28 मामले सामने आये हैं,जिनमें एक जमाती और एक जीएमसी का डॉक्टर भी शामिल बताया जा रहा है.जहांगीराबाद में एक ही परिवार के तीन लोगों को कोरोना पाजिटिव पाया गया है,जिनमें एक 8 साल का और एक 9 साल का बच्चा भी शामिल है।




कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस खतरनाक कोविड-19 से लाखों लोगों की मौत हो चुकी है, फिर भी इसका इलाज नहीं मिल पाया है। मगर इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि उनके देश ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली है। रक्षा मंत्री नैफ्टली बेन्‍नेट ने अपने एक बयान में कहा कि इजरायल के डिफेंस बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट ने कोविड-19 का टीका बना लिया है। उन्‍होंने कहा कि हमारी टीम ने कोरोना वायरस को खत्म करने के टीके के विकास का चरण पूरा कर लिया है। यह जानकारी द जेरूसलम पोस्ट ने दी है।

रिसर्च टीम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर इजरायल के रक्षा मंत्री नैफ्टली ने बताया कि यह एंटीबॉडी कोरोना वायरस पर हमला करता है और इसे शरीर में खत्म कर देता है। उन्होंने कहा कि संस्थान अब एंटीबॉडी के लिए पेटेंट प्राप्त करने और इसके व्‍यापक पैमाने पर उत्‍पादन के लिए तैयारी कर रहा है। इस मामले में अब इजराइल के डिफेंस बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट के साथ रक्षा मंत्रालय समन्वय करेगा।


दरअसल, पिछले महीने बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट ने बताया था कि उसने मूषक पर एंटीबॉडी-आधारित वैक्सीन प्रोटोटाइप का परीक्षण शुरू कर दिया है। संस्थान उन लोगों से प्लाज्मा भी इकट्ठा कर रहा है,  जो कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह शोध में मदद कर सकता है। बता दें कि इजरायल द्वारा दावा किए जाने के बाद सोशल मीडिया #वैक्सीन_बना ट्रेंड करने लगा।

नई दिल्ली। JEE NEET exams 2020: केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय आज जेईई (JEE) और नीट (NEET) परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने छात्रों से ऑनलाइन संवाद में परीक्षाओं की तारीखों सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। संवाद में HRD मंत्री ने JEE Main और NEET 2020 परीक्षाओं की तिथियां घोषित की। JEE Main परीक्षा 18 से 23 जुलाई के बीच आयोजित की जाएंगी। वहीं NEET 2020 परीक्षा 26 जुलाई 2020 को आयोजित की जाएगी। JEE Advanced परीक्षा का आयोजन अगस्त में किया जा सकता है। फिलहाल इस परीक्षा की तारीखें घोषित नहीं की गई है।

इसके अलावा HRD मंत्री ने ये भी कहा कि सीबीएस की परीक्षाओं को लेकर फैसला अगले कुछ दिनों में किया जाएगा। इससे पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि अगले एकेडमिक सत्र के सिलेबस को कम करने का फैसला किया गया है। ऐसे में अगली JEE Main और NEET 2021 की परीक्षाएं घटे हुए सिलेबस के आधार पर ही की जाएगी।

बता दें कि ये परीक्षाएं कोविड 19 महामारी और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से स्थगित कर दी गई थीं। उल्लेखनीय है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा- मुख्य (जेईई-मेंस) का आयोजन देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए होता है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के जरिये छात्र देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं।

- JEE Main परीक्षाएं 18 जुलाई से 23 जुलाई 2020 तक आयोजित की जाएंगी। वहीं NEET 2020 का आयोजन 26 जुलाई 2020 को किया जाएगा।

- CBSE परीक्षाओं को लेकर अभी कोई फैसला नहीं, लेकिन अगले 2 दिनों में हम फैसला कर लेंगे।

- ग्रामीण इलाकों के स्टूडेंट्स तक पहुंचने के लिए मंत्रालय हर संभव कोशिश की जा रही है।

- अगले एकेडमिक सत्र के लिए सिलेबस को कम करने का फैसला किया गया है।

- कॉलेज के लिए UGC गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। यूजीसी कैलेंडर के मुताबिक कॉलेज परीक्षाएं 1 जुलाई से और नया सत्र अगस्त से शुरू होगा।

- NCERT की जो किताबें नहीं मिल रही हैं, उन्हें लेकर अधिकारियों से चर्चा करूंगा। जल्द ही परेशानी को दूर किया जाएगा।

- छात्र-छात्राएं JEE और NEET परीक्षा के लिए दीक्षा पोर्टल से तैयारियां करें।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी और तीसरे लॉकडाउन में घर लौट रहे मजदूरों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बड़ा ऐलान किया है. सोनिया गांधी ने कहा कि मजदूरों, कामगारों के घर लौटने की रेल यात्रा का खर्च कांग्रेस प्रदेश कमेटी उठाएगी. श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं. उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है. सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए।

सोनिया गांधी ने कहा कि 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए. न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन. उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी, पर देश और सरकार का कर्तव्य क्या है? आज भी लाखों श्रमिक व कामगार पूरे देश के अलग-अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा. दुख की बात यह है कि भारत सरकार व रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया व स्पेशल चार्ज वसूल रहे हैं।

श्रमिक व कामगार राष्ट्रनिर्माण के दूत हैं. जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब हम गुजरात के केवल एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु. ट्रांसपोर्ट व भोजन इत्यादि पर खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रु. दे सकता है, तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मेहनतकश श्रमिकों व कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है. दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने. इसलिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी। मेहनतकशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के मानव सेवा के इस संकल्प में कांग्रेस का यह योगदान होगा।