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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है




देश के करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ शिक्षा जगत में स्कूल और कालेज के खुलने को लेकर फैले भ्रम को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने साफ कर दिया है। उन्होंने कहा है कि स्कूलों और कॉलेजों को अगस्त 2020 के बाद फिर से खोला जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो संभवतः 15 अगस्त 2020 के बाद शैक्षणिक संस्थान खोल दिये जाएंगे। डॉ. रमेश पोखरियाल ने ये बयान एक मीडिया इंटरव्यू में दिया।

मंत्री ने ये भी साफ किया कि सरकार की मंशा उससे पहले स्कूलों और कालेजों के रूके हुए रिजल्ट को घोषित कर देने की है।  गौरतलब है कि स्कूल खोलने की बाबत दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एचआरडी मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र भी लिख चुके हैं। स्कूलों के खुलने को लेकर बच्चों और अभिभावकों में काफी भ्रम फैला हुआ था।

शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर में निजी अस्पताल में इलाज का बिल नहीं चुकाने पर मरीज को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा है कि वरिष्ठ नागरिक के साथ क्रूरतम व्यवहार के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार देर शाम एसडीएम साहेब लाल सोलंकी स्वास्थ्य टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और बयान लिए। राजगढ़ जिले के रनारा गांव निवासी लक्ष्मीनारायण दांगी को पेट में तकलीफ होने पर शाजापुर के निजी अस्पताल में एक जून को भर्ती कराया गया था। स्वजन उन्हें घर ले जाना चाह रहे थे, किंतु बिल नहीं चुकाने से अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें रोक लिया।

मरीज की बेटी सीमा दांगी ने आरोप लगाए कि उनके पास रुपये नहीं थे, इसलिए पिता को ले जा रहे थे। अस्पताल स्टाफ ने उन्हें रोक लिया और उनके पिता के पलंग से हाथ-पैर बांध दिए। दो दिन वे इसी हाल में रहे। शुक्रवार देर रात मीडियाकर्मी पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पहुंची पुलिस ने मरीज को घर जाने दिया। शनिवार को मामले ने तूल पकड़ा और मुख्यमंत्री ने अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई किए जाने को लेकर ट्वीट किया।
बेटी सीमा का कहना है कि पेट में तकलीफ होने पर पिता को भर्ती कि या था। इलाज से आराम भी हुआ। दो बार हमने यहां रुपये जमा किए। रुपये खत्म होने पर हमने छुट्टी करने को कहा तो अस्पताल वाले 11 हजार रुपए मांगने लगे। हम जाने लगे तो रोक लिया और पिता के हाथ-पैर पलंग से बांध दिए। अस्पताल में ही मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी इस बात की पुष्टि की। राधेश्याम नामक व्यक्ति ने बताया कि पैसे का कोई चक्कर था, इसलिए मरीज को बांध रखा है। दो दिन से खाने को भी कुछ नहीं दिया, सिर्फ पानी पिलाया है। उन्होंने उसे भोजन कराने की कोशिश की किंतु हाथ-पैर बंधे होने के कारण मदद नहीं कर सके।
अस्पताल के संचालक डॉ. वरुण बजाज ने बताया कि मरीज को आंत की रुकावट थी। वह फ्रेश नहीं हो पा रहा था, इसलिए उसकी नाक से नली डाली गई थी। ऐसे में मरीज को तकलीफ होती है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति गड़बड़ा जाती है। इससे वह अजीब हरकतें करने के साथ उठकर भागने लगता है। इस कारण उसे रोकने के लिए बांधा गया था। बिल की राशि के लिए मरीज को बांधने के आरोप गलत हैं। मरीज की बेटी का कहना था कि हम बिल नहीं देंगे। इसे लेकर हमने लिखित में पुलिस को शिकायत भी की थी।

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में कार्यरत एक शिक्षिका का वेतन 1 करोड़ निकला. इसके लिए शिक्षिका प्रदेश के 25 स्कूलों में एक साथ नौकरी कर वेतन पा रही थी. ये मामला संज्ञान में तब आया जब विभाग ने शिक्षकों का डेटाबेस बनाना शुरू किया और अब विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, अब शिक्षकों का डिजिटल डेटाबेस बनाया जा रहा है।  

केजीबीवी में काम करने वाली पूर्णकालिक शिक्षिका अमेठी, अंबेडकरनगर, रायबरेली, प्रयागराज, अलीगढ़ और अन्य जिलों में एक साथ 25 स्कूलों में काम करती हुई पाई गईं। एक डिजिटल डेटाबेस के बावजूद, शिक्षिका इस साल फरवरी तक का वेतन धोखाधड़ी कर विभाग से निकालने में सफल रही. शिक्षिका ने 13 महीनों तक का वेतन लगभग 1 करोड़ रुपये निकाले हैं. विभाग के मुताबिक, अनामिका शुक्ला नाम की महिला 25 स्कूलों में शिक्षिका के तौर पर काम कर रही थी. विभाग के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार मैनपुरी जिले की मूल निवासी है।  

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की अधिकतम सीमा तय करने की मांग पर विचार करेगा। कोर्ट ने अविशेक गोयनका की इस याचिका पर केंद्र सरकार से 1 हफ्ते में जवाब मांगा है।सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे प्राइवेट अस्पतालों में अधिकतम फीस तय करने के लिए केंद्र से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर केंद्र की ओर से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की प्रतिक्रिया की मांग करते हुए निजी अस्पतालों द्वारा COVID-19 मरीजों का इलाज करने के लिए ली जा रही फीस की ऊपरी सीमा निर्धारित करने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश के निजी अस्पतालों में COVID-19 मरीजों के इलाज के खर्च की मांग करने वाली जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने अविषेक गोयनका द्वारा निजी अस्पतालों द्वारा COVID-19 उपचार की ऊपरी सीमा तय करने के लिए दायर जनहित याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।

गौरतलब है कि गत 31 मई को एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन कर्नाटक से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रही थी। इसके कोच एस-7 में साफिया हाशमी नामक महिला बैठी थी। उसकी बेटी दूध नहीं मिलने की वजह से रो रही थी। ट्रेन जब रात 8.43 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंची तो साफिया ने बाहर खड़े जवान इंदर से मदद मांगी थी। ट्रेन रात 8.43 बजे के करीब भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म-1 पर पहुंची थी। महिला ने पास खड़े जवान इंदर यादव से मदद मांगी। कहने लगी खाना तो मिल रहा है, मेरा पेट भी खाली नहीं है, लेकिन मेरी बेटी रो रही है। पिछले स्टेशनों से मांग करती आ रही हूं, दूध नहीं मिल रहा है। 
यह बात सुन जवान ने महिला को तसल्ली दी और दौड़ लगाते हुए स्टेशन से बाहर भागा। दुकान पर पहुंचा, वहां 27 रुपये खर्च कर आधा लीटर दूध खरीदा और प्लेटफार्म के अंदर पैर रखा ही था कि ट्रेन चलने लगी। यह देख जवान तेज दौड़ने लगा और आखिरकार उसने महिला के हाथ में दूध का पैकेट दे दिया।अगले दिन साफिया ने वीडियो संदेश के जरिये इंदर को असली हीरो बताया था। यह बात रेलमंत्री गोयल तक पहुंची थी। उन्होंने भी वीडियो जारी किया था। इसके बाद गुरुवार को रेलमंत्री ने ट्वीट कर जवान को सम्मानित करने की बात कही है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए 25 मार्च से बंद पड़े देश को धीरे-धीरे खोलने का ऐलान क्या हुआ नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में धरना फिर से शुरू करने की तैयारी होने लगी। कुछ महिलाएं गुरुवार को फिर से धरना देने पहुंचीं, लेकिन पहले से चौकस दिल्ली पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया। बताया जाता है कि धरना बहाल करने की ठोस रणनीति बनाई गई। खबर है कि देशभर के कम-से-कम 200 संगठनों ने शाहीन बाग में फिर से धरना शुरू करने का आह्वान किया। 
अब वॉट्सऐप पर मेसेज भेजकर लोगों को पुराने धरना स्थल पर जुटने को कहा जा रहा है। हालांकि, इस बार पुराने वॉट्सऐप नंबरों और ट्विटर हैंडल्स का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। पुलिस को अंदरखाने चल रही तैयारियों की भनक नहीं लगे, इसलिए नए सोशल मीडिया अकाउंट्स खोले गए। इस बार धरने की थीम तय किया गया है. सब याद रखा जाएगा।
बहरहाल, शाहीन बाग, जामिया गेट और सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के पास भारी पुलिस बल तैनात है। दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है। वहीं दिल्ली के सभी जिलों के डीसीपी को कहा गया है कि अपने-अपने जिले में कानून व्यवस्था के इंतजामों को लेकर अत्यंत सतर्क रहें और सुरक्षा बलों को स्टैंड बाय मोड में रखे। एहतियात के तौर पर पैरामिलिट्री फोर्स की कुछ कंपनियों को भी दिल्ली के कुछ थानों में रुकवाया गया है।




हथिनी का दर्द इतना था कि वह तीन दिन तक नदी में सूंढ़ डालकर खड़ी रही. आखिर वह जिंदगी की जंग हार ही गई और उसकी मौत हो गई. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसकी उम्र 14-15 साल थी. अधिकारियों ने बताया कि समय पर उस तक मदद नहीं पहुंचाई जा सकी. हथिनी की जानकारी मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी उसे रेस्क्यू करने पहुंचे. लेकिन वो पानी से बाहर नहीं आई और शनिवार को उसकी मौत हो गई।


जम्मू-कश्मीर। कोरोना वायरस  के बढ़ते मामलों के बीच फिक्र अपनों तक सीमित हो गई है। ढेरों मामले सामने आ रहे हैं, जो इंसानियत को शर्मसार कर रहे हैं। जम्मू से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। कोरोना वायरस (कोविड-19) की वजह से एक शख्स की मौत हो गई थी। मृतक का दाह संस्कार किया जा रहा था। इस दौरान भीड़ ने हमला कर दिया, जिसके बाद परिजन चिता पर जलती अधजली लाश को वहां से भागने को मजबूर हो गए। मामले में जब प्रशासन ने हस्तक्षेप किया तब जाकर दूसरी जगह पर नियमों के मुताबिक शव का दाह संस्कार किया जा सका।

मृतक के बेटे के ने  बताया डोडा जिले के रहने वाले 72 वर्षीय व्यक्ति की सोमवार को जम्मू स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में कोविड-19 की वजह से मौत हो गई थी। जम्मू संभाग में कोविड-19 से यह चौथी मौत है। मृतक के बेटे ने कहा, हम एक राजस्व अधिकारी और चिकित्सीय टीम के साथ अंतिम संस्कार कर रहे थे। डोमना इलाके की श्मशान भूमि में चिता को अग्नि दी ही गई थी। तभी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां आ गए और अंतिम संस्कार को बाधित किया। अंतिम संस्कार के समय मृतक की पत्नी और दो बेटों सहित कुछ करीबी रिश्तेदार ही थे। जब भीड़ ने पथराव किया और डंडों से हमला किया तब परिजन चिता से अधजली लाश ऐम्बुलेंस में रखकर वहां से भागे।
युवक ने कहा, हमने अपने गृह जिले में अंतिम संस्कार करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी थी लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जहां मौत हुई है, वहीं अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था की जाएगी और दाह संस्कार में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भी कोई मदद नहीं की। मृतक के बेटे ने कहा कि घटनास्थल पर दो पुलिसकर्मी थे लेकिन उग्र भीड़ के खिलाफ कार्रवाई करने में वे नाकाम रहे। वहीं, उनके साथ मौजूद राजस्व अधिकारी गायब हो गया।
मृतक के बेटे ने कहा,  ऐम्बुलेंस चालक और अस्पताल के कर्मचारियों ने हमारी बहुत मदद की और लाश के साथ हमें हॉस्पिटल ले गए। सरकार को कोरोना वायरस से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए बेहतर योजना बनानी चाहिए। ऐसे लोगों के अंतिम संस्कार में हाल में आई परेशानियों और अनुभवों पर गौर करना चाहिए। बाद में शव जम्मू के भगवती नगर इलाके स्थित श्मशान भूमि ले जाया गया और अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया।

दिल्ली। देश में जानलेवा कोरोना वायरस के मामले आज दो लाख के पार पहुंच गए हैं. पिछले 24 घंटों में 8909 नए मामले सामने आए हैं. वहीं 217 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अबतक दो लाख 7 हजार 615 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं 5815 लोगों की मौत हो चुकी है. एक लाख 303 लोग ठीक भी हुए हैं. महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा संक्रमित राज्य हैं।

इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने दावा किया है कि पतंजलि आयुर्वेद ने कोरोना के इलाज की सौ फीसदी कारगर दवा बना ली है। इस समय दवा का परीक्ष्ण चल रहा है। जल्दी ही इसे वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ लोगों के सामने पेश किया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी दवाओं के उपयोग, योगासन, शाकाहारी भोजन और शुद्ध अहिंसक जीवन अपना कर कोरोना संक्रमण का सौ फीसदी पक्का इलाज किया जा सकता है। इन दवाओं के निर्माण में तुलसी, अश्वगंधा जैसी सौ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है।

बाबा रामदेव ने कहा कि उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत पूरे कैबिनेट को कोरोना की आशंका थी, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज समेत अन्य लोगों को गिलोय, तुलसी आदि भिजवाई है। इसका काढ़ा इम्युनिटी मजबूत करने में मददगार है और इससे कोरोना संक्रमण के खतरे से भी बचा जा सकता है। एक चैनल से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि तुलसी-गिलोय आदि से बने काढ़े से पहले ही दिन से इम्युनिटी बढ़ने लगती है और पहले ही दिन से सर्दी, जुकाम, खांसी ठीक होने लगती है। 

उन्होंने दावा किया कि अभी जिन कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का वे इलाज कर रहे हैं उनका टेंप्रेचर 102-103 डिग्री तक था। उनको गिलोय और तुलसी की गोली देने से 103 डिग्री बुखार भी ठीक हो गया। सर्दी जुकाम भी चला गया और अब सभी मरीज स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि मैं पिछले 10 सालों से गिलोय और आंवला-एलोवेरा का जूस नियमित तौर पर सेवन करता हूं। गिलोय से हड्डियां भी मजबूत रहती हैं। हर दिन खाली पेट सुबह-सुबह गिलोय के जूस का सेवन किया जा सकता है।

नई दिल्ली। निसर्ग तूफान आज दोपहर में तट को पार करेगा। इस दौरान इसकी गति 100-120 प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। खासतौर पर मुंबई, ठाणे, रायगढ़ में। दक्षिण कोंकण में भारी वर्षा अभी रिकॉर्ड की गई है, उम्मीद है कोंकण में बारिश जारी रहेगी। आधी रात के बाद तूफान कमजोर होगा। आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने इसकी जानकारी दी।


चक्रवात का आज दोपहर के बाद अलीबाग के पास लैंडफॉल होगा। इसके मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। एनडीआरएफ की टीमों ने आज सुबह कोलिवाड़ा से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। हर बीच पर पुलिस तैनात है,144 कर्फ्यू का ऑर्डर है तो हर जगह से लोगों को निकाल दिया गया है।कल हमने 12000 लोगों को (स्कूल,समाज मंदिर में) शिफ्ट किया है।6तटीय पुलिस स्टेशन में 800 पुलिसकर्मी तैनात हैं साथ ही चक्रवात प्रभावित गांवों में हमारे10-10 टीमें तैनात है। 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोगों को राज्य स्थापना दिवस पर लोगों की बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आंध्र प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं। कड़ी मेहनत और साहस इस भूमि की संस्कृति का पर्याय है। भारत के विकास में राज्य की भूमिका को गहराई से महत्व दिया गया है। राज्य के नागरिकों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।

तेलंगाना के लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने में कहा, कि तेलंगाना के लोगों को उनके राज्‍य के स्‍थापना दिवस पर बधा। इस राज्य के लोग विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। यह राज्य भारत के विकास को नई गति देने में बहुमूल्य योगदान दे रहा है। मैं तेलंगाना के लोगों की प्रगति और समृद्धि की मंगल-कामना करता हूं।

वहीं इस मौके पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने भी लोगों को शुभकामनाएं दी। लोगों को बधाई संदेश देने से पहले मुख्यमंत्री केसीआर ने तेलंगाना शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की साथ ही ध्वजारोहण भी किया। इस बार कोरोना वायरस के असर के कारण तेलंगाना स्थापना दिवस बेहद सादगी से मनाया जा रहा है। लोग सामाजिक दूरी का खयाल रख रहे हैं।

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन के दौरान स्वदेशी पर जोर देने की अपील की थी। अब इसका असर देखने को भी मिलना शुरू हो गया है। केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार से 1000 से ज्‍यादा विदेशी उत्‍पादों को बिक्री बंद कर दी गई है। इसमें माइक्रोवेव ओवन से लेकर फुटवियर और ब्रांडेड उत्पादों जैसे टॉमी हिलफिगर शर्ट सहित 1000 से अधिक आयातित उत्पाद शामिल हैं। अब ये विदेशी उत्‍पाद केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार में उपलब्ध नहीं होंगे। इन विदेशी उत्‍पादों की जगह अब कैंटीन में स्वदेशी उत्पाद दिखाई देंगे।

यह फैसला देशभर में पैरामिलिट्री (अर्धसैनिक बलों) कैंटीन का संचालन करने वाली संस्था ने लिया है। इन कैंटीनों में एक जून से केवल स्वदेशी उत्पाद बेचे जाएंगे। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस बयान के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि केवल मेड इन इंडिया उत्पादों को ही सभी केपीकेबी कैंटीनों में बेचा जाएगा। इसके अलावा, कैंटीन कई ऐसी कंपनियों के उत्‍पादों को भी हटा दिया है, जो विदेशों से सामान आयात करती हैं। साथ ही केपीकेबी ने कुछ ऐसी कंपनियों के उत्‍पादों को कैंटीन से हटाने का निर्णय लिया है। 

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। बीते 24 घंटे में 990 मामले सामने आए हैं। इसके बाद कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 20,834 पहुंच गई हैं। वहीं अब तक कोरोना से होने वाली मौतों की बात करें तो वो आंकड़ा भी बढ़कर 523 पहुंच गया है। दिल्ली में अब कोरोना मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल के बेड भी फुल हो चुके हैं। आज रेलवे के आइसोलेशन कोच को दिल्ली में तैनात किया गया है जिससे मरीजों को भर्ती किया जा सके।
कोरोना के और ज्यादा केस आने के डर से दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सभी जिलाधिकारियों से ऐसी जगहों की पहचान करने को कहा है जहां कोरोना मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड लगाए जा सकें। हॉल इंडोर स्टेडियम आदि का प्राथमिकता देने को कहा गया है। दिल्ली में कोरोना वायरस से लगातार मौतें हो रही हैं, इसके कारण अब प्रशासन को अंतिम संस्कार के लिए जगह की भी चिंता सताने लगी है। दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रेजिडेंशल इलाकों से अलग अंतिम संस्कार के लिए जमीन भी पता लगाने को कहा है।

दिल्ली। कभी जोर शोर से अमेठी की जनता की सेवा करने का दावा करनेवाली अमेठी की सांसद और भाजपा नेता स्मृति ईरानी से उनके क्षेत्र की जनता बेहद खफा है। गौरतलब है कि स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी  में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच लंबे अरसे से उनके क्षेत्र में ना आने पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। अब अमेठी में एक बार फिर से पोस्टर वार शुरू हो गया है। अमेठी के कुछ इलाकों में सांसद स्मृति ईरानी को लापता बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें सवाल लिखकर पूछा गया है।  

सांसद जी अब क्या अमेठी सिर्फ लोगों की लाश को कंधा देने के लिए आएंगी। अमेठी में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब जिले के जामो व शाहगढ़ ब्लॉक में बिजली के खंभों पर लापता सांसद से सवाल शीर्षक के पोस्टर चिपके दिखे। पुलिस ने जानकारी होते ही पोस्टर को हटवा दिया लेकिन तब तक जिले का राजनीतिक तापमान बढ़ चुका था। पोस्टर में बेहद तल्ख अंदाज में ईरानी से सवाल पूछे गए थे और कोरोना महामारी पर क्षेत्र के लोगों को नजरअंदाज करने और ट्विटर पर उनके बयानों को लेकर निशाना भी साधा गया।

पूरब टाइम्स। महाराष्ट्र के सोलापुर से प्रवासी मजदूरों को झारखंड लेकर आ रही बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक समेत उसमें सवार छत्तीसगढ़ के 2 श्रमिकों समेत चार लोगों की मौत तथा 15 लोग घायल हुए हैं। जिसमे में मृतकों में पलामू जिले के मजदूर बताए जा रहे हैं। वहीं घायलों में गढ़वा जिले के भी मजदूर शामिल हैं। यह दुर्घटना महाराष्ट्र के यवतमाल में घटित हुई है।

घायलों का इलाज यवतमाल अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार प्रवासी मजदूरों को लेकर आ रही बस यवतमाल में एक ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। इससे यह हादसा हुआ है। इस हादसे में गढ़वा जिले के भवनाथपुर थाना क्षेत्र के लोहरगड़ा पंचायत के बेलास साह, अशोक साह, सोनू साह, अनूप राम, उमेश राम, नंदू राम, जितेंद्र साह, इंद्रजीत साह आदि घायल हैं।

नई दिल्‍ली। लॉकडाउन-3 रविवार को समाप्‍त हो चुका है अब केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार पूरे देश में लॉकडाउन 4 लग चुका है। ऐसे में दिल्‍ली में क्‍या हालात रहेंगे यह आप सोच रहेंगे होंगे। आइए हम आपको बताते हैं कि लॉकडाउन 4 में दिल्‍ली को कितनी रियायत मिली है। यहां किन दुकानों को खोलने की छूट मिली है और किन दुकानों को बंद रखने का आदेश पारित हुआ है।
नई गाइडलाइन जारी होते ही दिल्‍लीवालों के राहत की खबर लेकर आई है। इसमें परिवहन सेवा को मंजूरी मिली है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि डीटीसी की बसों को चलाने की मंजूरी मिली है। इसमें 20 सवारियों को लेकर चलने की इजाजत मिली है। यह बहुत राहत की खबर है क्‍योंकि कई इलाकों को धीरे-धीरे खोला जा रहा है। सरकारी और प्राइवेट दफ्तर खुलेंगे तो लोगों को आने जाने के लिए मेट्रो की सेवा नहीं है। ऐसे में डीटीसी की सेवा से राहत मिलेगी। वहीं मैक्‍सी कैब में पांच सवारी बैठाने को मंजूरी मिली है और आरटीवी में 11 सवारी को बैठाने की अनुमति दी गई है।



नई दिल्ली। महाराष्ट्र ने कोरोना संकट से जूझ रहे देश की तस्वीर को और बदरंग कर दिया है। राज्य में रोजना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। रविवार को राज्य में रिकॉर्ड 2,347 नए मामले मिले और 63 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र के साथ ही तमिलनाडु, दिल्ली और गुजरात में सामने आए नए मामलों के चलते देश में संक्रमितों की संख्या 90 हजार को पार कर गई। अब तक 28 सौ से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में संक्रमण से 120 लोगों की मौत हो गई है जिसके साथ देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2,872 हो गई है। बीते 24 घंटे में 4,987 मामले सामने आए हैं जिसके साथ देश में संक्रमितों की संख्‍या 90,927 हो गई है। महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में 63 लोगों की मौत हुई, जो दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। शनिवार को रिकॉर्ड 67 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा दिल्ली में 19, बंगाल में छह, तमिलनाडु में चार, राजस्थान में दो और जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश, व कर्नाटक में एक-एक मौतें हुई हैं।
महाराष्ट्र की तस्वीर डराने लगी है। राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा 33 हजार को पार कर 33,053 पर पहुंच गया है। मुंबई में 1,595 नए मामले मिले हैं और महानगर में संक्रमितों की संख्या 20 हजार से ज्यादा हुई है। 63 में से 38 मौतें भी महानगर में हुई हैं। राज्य में अब तक 1,198 लोगों की जान भी जा चुकी है, जिसमें मुंबई में ही 734 मौतें हुई हैं। राज्य के औरंगाबाद जिले में भी मामले बढ़ने लगे हैं। 57 नए मामलों के साथ यहां अब तक 958 संक्रमित पाए जा चुके हैं। इसी तरह नागपुर में भी रविवार को 20 नए मामले सामने आए और जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 356 हो गई है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बची हुई परीक्षा की फाइनल डेटशीट की घोषणा कर दी गई है। पूर्व में इसकी घोषणा 16 मई 2020 शनिवार को होने वाली थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसकी घोषणा 2 दिन के लिए टल दिया गया था। पर मानव संसाधन विकास मंत्री (रमेश पोखरियाल निशंक ट्वीट कर डेटशीट की घोषणा की। HRD मंत्री निशंक ने ट्वीट कर शेष बची 12वीं और 10वीं (उत्तर-पूर्वी दिल्ली) की परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा की। गौरतलब है कि HRD मंत्रालय पहले ही घोषणा कर चुका है कि CBSE बोर्ड की 12वीं और 10वीं बोर्ड की बची हुई परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच आयोजित की जाएंगी।

इस वजह से आज 5 बजे होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा की डेटशीट की घोषणा अब सोमवार (18 मई 2020) तक होगी। ऐसे में अब डेटशीट घोषित कर दी गई है। बता दें कि CBSE ने घोषणा की थी कि 12वीं कक्षा के 29 विषयों की परीक्षाएं ली जाएगी। परीक्षा स्थगित होने से देश के लाखों छात्रों का रिजल्ट और कॉलेज में एडमिशन नहीं हो पाया है। दो दिन पहले देशभर के छात्रों से ऑनलाइन संवाद में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया था कि CBSE बोर्ड जल्द ही परीक्षाओं के बारे में फैसला लेगा और लॉकडाउन की स्थिति सामान्य होने पर परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी। इसी क्रम में अब परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी गई।


तीन नए मामलों में एक मामला मुंबई एयरपोर्ट से, एक दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से और तीसरा गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड  कोलकाता से दर्ज किया गया है। शनिवार को कुल चार CISF कर्मी कोरोना वायरस से ठीक हो गए और उन्हें छुट्टी दे दी गई। CISF जवानों में रिपोर्ट किए गए कुल मामलों में से कोलकाता में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। यहां कुल मामलों की संख्या 41 है, इसके बाद मुंबई में 37 मामले हैं। जबकि, दिल्ली में 32, अहमदाबाद में 5, ग्रेटर नोएडा में 2 और तमिलनाडु में एक मामला दर्ज किया गया है।