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नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में प्रदीप सिंह ने टॉप किया है। दूसरे स्थान पर जतिन किशोर और तीसरे स्थान पर प्रतिभा वर्मा रही हैं। इस बार कुल 829 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। चुने गए उम्मीदवारों में 304 उम्मीदवार जनरल कैटेगरी, 78 उम्मीदवार ईडब्ल्यूएस, 251 उम्मीदवार ओबीसी, 129 एससी और 67 उम्मीदवार एसटी कैटेगरी के शामिल हैं। 

तीन चरणों में यूपीएससी की परीक्षा में चयन किया जाता है, इसमें पहले प्रारंभिक, फिर मुख्य और आखिरी में साक्षात्कार कर उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। यूपीएससी की परीक्षा में पास होने पर उम्मीदवारों का भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) समेत कई सेवाओं मे चयन किया जाता है।


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि यदि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने वाले सुशांत सिंह राजपूत के पिता सीबीआई जांच की मांग करते हैं तो राज्य सरकार इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है। मंगलवार सुबह सुशांत के पिता केके सिंह ने राज्य के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय से बात कर सीबीआई जांच की मांग की, जिसके बाद राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की।

सुशांत की मौत के मामले मे सीबीआई जांच के लिए हर तरफ से दबाव बढ़ता जा रहा था। पहले सुशांत सिंह राजपूत का परिवार सीबीआई जांच के पक्ष में नहीं था, लेकिन पटना के सिटी एसपी को मुंबई में जबर्दस्ती क्वारेंटाइन किए जाने के बाद सुशांत के परिजन सीबीआई जांच की मांग करने के लिए राजी हुए। सुशांत के चचेरे भाई और बीजीपी विधायक नीरज बबलू ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मंगलवार सुबह चर्चा कर उन्हें पूरी जानकारी दी।

वाराणसी। वाराणसी में एक महिला की मौत के बाद सरकारी हॉस्पिटल से एम्बुलेंस नहीं मिली तो परिजन स्ट्रेचर पर ही शव रख कर चल दिए। रास्ते भर लोग देखते रहे। पुलिस वाले भी बगल से गुजरे लेकिन किसी ने मदद नहीं की। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वह एंबुलेंस की व्यवस्था कर रहा था लेकिन परिजन पहले ही शव में लेकर चले गए। 

वाराणसी के छोटी पियरी निवासी एक महिला शुक्रवार रात करीब 9.40 बजे अस्पताल में आई थी। महिला को सर्दी जुकाम और बुखार था। डॉक्टर ने उन्हें वार्ड नंबर चार में भर्ती किया था। इस दौरान महिला की अचानक तबियत बिगड़ने लगी। परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते महिला की मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना है कि वे लोग घंटों एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं आया। इस कारण वे लोग स्ट्रेचर से ही शव को लेकर घर चल दिए।

स्ट्रेचर के साथ एक महिला थी जो पूरे रास्ते रोते बिलखती जा रही है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मामले में मंडलीय अस्पताल के एसआईसी प्रसुन्न कुमार ने बताया कि महिला की मौत के बाद परिवार के लोगों को एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था। एम्बुलेंस आने में 15-20 मिनट का समय लगता है। इस दौरान वे लोग स्ट्रेचर सहित मरीज को लेकर चले गए। हम लोगों को जब स्ट्रेचर नहीं मिलने की जानकारी हुई तो कोतवाली थाने में एक मेमो दिया गया।


24 मार्च को वेंटिलेटर के निर्यात पर पाबंदी लगा दी गई थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बयान में कहा कि भारत में कोरोना से मृत्युदर में लगातार गिरावट को देखते हुए यह फैसला किया गया है। वर्तमान में कोरोना से मृत्युदर 2.15 फीसद है, जो दुनिया कई देशों के मुकाबले बहुत कम है। कम मृत्युदर का मतलब है कि बहुत कम मरीजों के लिए वेंटिलेटर की जरूरत है। 31 जुलाई को सक्रिय मामलों में से मात्र 0.22 फीसद ही वेंटिलेटर पर थे।

मंत्रालय ने कहा है कि मंत्रियों के समूह के फैसले से विदेश व्यापार महानिदेशालय को अवगत करा दिया गया है, जो स्वदेशी वेंटिलेटर के निर्यात की व्यवस्था करेगा। मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि इससे वेंटिलेटर निर्माताओं को विदेश में नए बाजार मिलेंगे। इस समय देश में 20 ज्यादा कंपनियां वेंटिलेटर का निर्माण कर रही हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए मार्च में वेंटिलेटर के निर्यात पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसके दायरे में सभी प्रकार के वेंटिलेटर थे।

नई दिल्ली। दो पहिया वाहन चालकों की जान सलामती के लिए सरकार ने का बड़ा फैसला लिया है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने अब दो पहिया वाहनों के लिए  स्टैण्डर्ड के हेलमेट को अनिवार्य कर दिया है. यानि अब लोकल या घटिया क्वालिटी का हेलमेट लगाने पर जुर्माना भरना पड़ेगा और जेल भी हो सकती है. केंद्रीय परिवहन मंत्रालय जल्द ही बीआईएस मानक वाले हेलमेट लगाने, उत्पादन और बिक्री के लिए नए नियम लागू करने जा रहा है. सरकार का कहना है कि घटिया क्वालिटी के हेलमेट बेचना, नकली दवाई बेचने के बराबर है. इससे लोगों की जान को खतरा लगातार बना रहता है. ऐसे में BIS कैटेगरी में हेलमेट को शामिल करके न केवल लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी, बल्कि सेफ्टी स्टैण्डर्ड में भी सुधार होगा।  

सरकार ने साफ किया है कि अगर कोई दुपहिया सवार लोकल हेलमेट पहनकर बाहर निकला तो जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं लोकल हेलमेट के मैन्युफैक्चरर पर जुर्माना और जेल होगी. इसे लागू करने से पहले परिवहन मंत्रालय ने 30 जुलाई को अधिसूचना जारी कर लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं. लोगों और सम्बंधित कम्पनियों को सुझाव देने के लिए 30 दिन का वक्त दिया गया है. वहीं टू व्हीलर हेल्मेट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट और स्टीलबर्ड हेलमेट कंपनी के चेयरमैन राजीव कपूर ने सरकार के इस फैसले की तारीफ करते हुए इसे सही करार दिया है।  

दिल्ली। पिछले कुछ वक्त से बॉलीवुड अदाकारा कंगना रनौत सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी हुई हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही कंगना की डिजिटल टीम सोशल मीडिया पर बेबाकी से अभिनेत्री की राय रख रही है। इस बीच खबर सामने आई कि कंगना रनौत के मनाली स्थित घर के बाहर फायरिंग हुई है, जो उन्हें डराने के लिए की गई है। लेकिन इस वायरल खबर की सच्चाई कुछ और ही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंगना ने कहा, मैं रात को करीब 11:30 बजे अपने बेडरूम में थी। हमारे घर में तीन फ्लोर हैं। यहां बाउंड्री वॉल है जिसके पीछे सेब के बगीचे हैं। रात को 11:30 बजे मैंने पटाखों जैसी आवाज सुनी। पहले मुझे लगा कि यह पटाखों की आवाज है और फिर एक और शॉट हुआ। मुझे थोड़ा अंदेशा हुआ कि यह गन शॉट की आवाज है। मैंने तुरंत अपने सिक्योरिटी चार्ज को बुलाया।

कंगना ने आगे बताया,  सिक्योरिटी से पूछा- क्या हुआ है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि बच्चे हों। हम जाकर देखेंगे कि यह पटाखों की आवाज है या किसी और चीज की। हो सकता है कि उन्होंने कभी बुलेट (गोली) की आवाज ना सुनी हो लेकिन मैंने सुनी है। वो देखने के लिए गए लेकिन कोई मिला नहीं। हम यहां पांच लोग थे। जो लोग मेरे साथ थे सबको यही लगता है कि यह गोली की आवाज थी। यह पटाखों की आवाज नहीं थी और इसलिए हमने पुलिस को बुलाया। अब हम आपको इस खबर की सच्चाई से रूबरू करवाते हैं। दरअसल मनाली में कंगना रनौत के घर के आसपास बागवानों ने अपनी पकी हुई सेब की फसल को चमगादड़ों समेत अन्य जानवरों से बचाने के लिए शुक्रवार देर रात पटाखे चलाए। कंगना ने पटाखों की आवाज सुनकर मनाली पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस तुरंत कंगना के घर पहुंची और मामले की गहनता से छानबीन की गई।

कंगना के घर के सीसीटीवी के अलावा आसपास के घरों-होटलों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। लेकिन पुलिस की जांच में इन फुटेज में कोई भी घटना दर्ज हुई नहीं पाई गई। एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने बताया कंगना के घर ऊंची आवाज सुने जाने की कॉल आई। जिस पर मौके पर पहुंची पुलिस को सब सामान्य लगा। उन्होंने फुटेज चेक करने पर कुछ भी नहीं मिलने की बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कंगना के घर के बाहर पुलिस की तैनाती नहीं की गई है। गौरतलब है कि इस घटना की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसको दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस से जोड़ा जाने लगा। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ऐसे दावे किए कि कंगना रनौत को डराने के लिए ऐसा किया जा रहा है। हालांकि ये सभी दावे खोखले साबित हुए।



लखनऊ। उत्तर प्रदेश की प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण की रविवार को मौत हो गई। शिक्षा मंत्री कमलरानी कोरोना पॉजिटिव थी। उनका लखनऊ पीजीआई में इलाज चल रहा था। उत्तर प्रदेश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी जद में नेता और बड़े-बड़े अधिकारी आने लगे हैं। कैबिनेट मंत्री कमल रानी को दो दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने सिविल अस्पताल में ट्रनेट मशीन से जांच कराई, जिसके बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ़ डीएस. नेगी ने बताया कि फाइनल जांच के लिए सैंपल केजीएमयू भेजा गया है। जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव आयी थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के चलते आईसीयू में रखा गया था। शनिवार रात को उनकी तबीयत विगड़ गई थी। रविवार सुबह अचानक  तबीयत और बिगड़ी जिससे उनकी मौत हो गई।  

राजस्थान। राजस्थान के धौलपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक बकरा दूध दे रहा है. दिलचस्प बात ये है कि बकरे के मालिक का कहना है कि हम इस बकरे का दूध पी भी रहे हैं. दरअसल, ये मामला धौलपुर के गुर्जा का है, यहां एक बकरा हार्मोन की गड़बड़ी के चलते सुबह और शाम कुल मिलाकर करीब आधा लीटर दूध प्रतिदिन देता है. बकरा मालिक राजवीर के मुताबिक 16 माह पूर्व पास के कस्बे में लगे पशु हाट से उन्होंने दो माह के इस बकरे को महज ढाई हजार रुपये में खरीदा था. 16 माह पूर्व खरीदे गए बकरे में 6 माह पहले ही मादा बकरी के हार्मोन विकसित हुए जिस वजह से बकरा दूध देने लग गया और अब पूरा परिवार बकरे के दूध का सेवन कर रहा है. उनको इस दूध से कोई परेशानी नहीं हो रही हैं. बकरे में नर और मादा दोनों के अंग विकसित हैं.

इस गांव में आसपास के तमाम लोग अनोखा बकरा देखने के लिए पहुंच रहे हैं. पूरे जिले में बकरे का दूध देना उनके लिए आश्चर्यचकित करने वाला है. जिले में पहली बार एक बकरे के दूध देने की खबर सुनने के बाद बड़ी संख्या में लोग बकरा मालिक के घर पहुंच कर उसकी पूरी जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं. इस बारे में जब एक पशु डॉक्टर रामअवतार सिंघल से बात की गई तो उन्होंने भी इसे लाखों में से एक केस सामने आने की बात कहते हुए हार्मोन की गड़बड़ी बताया है. उन्होंने भी बताया कि इसके दूध का सेवन करने से कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन गर्म दूध ही उपयोग में लेना चाहिए. बकरीद से ठीक पहले अजीबोगरीब मामला सामने आने के बाद जहां लोगों के बीच दूध देने वाला बकरा चर्चा का विषय बना हुआ है, तो वहीं बकरे के मालिक ने इसे बेचने से इनकार कर दिया है। @GI@

रायपुर/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11 बजे `मन की बात` कार्यक्रम के 67 वें संस्करण में लोगों को संबोधित कर रहे हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके इस कार्यक्रम में चर्चा के लिए लोगों से अपने विचार मांगे थे। कोरोना संकट की वजह से लगे लॉकडाउन और अनलॉक के दौर में प्रधानमंत्री का यह पांचवां `मन की बात` कार्यक्रम है। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने कारगिल विजय दिवस की चर्चा से की। उन्होंने कहा आज 26 जुलाई है और आज की तारीख बेहद विशेष है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 26 जुलाई है, आज का दिन बहुत खास है। आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है। 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था। कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो भारत कभी नहीं भूल सकता। पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था।

आप कल्पना कर सकते हैं, ऊचें पहाडों पर बैठा हुआ दुश्मन और नीचे से लड़ रही हमारी सेना, हमारे वीर जवान। लेकिन जीत पहाड़ की ऊंचाई की नहीं, भारत की सेनाओं के ऊंचे हौंसले और सच्ची वीरता की हुई साथियों, उस समय मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला। वो दिन मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। मेरा, देश के नौजवानों से आग्रह है, कि आज दिन-भर कारगिल विजय से जुड़े हमारे जाबाजों की कहानियां, वीर-माताओं के त्याग के बारे में, एक-दूसरे को बताएं, शेयर करें।

माना जा रहा है कि इस बार वह कोरोना संक्रमण और राम मंदिर को लेकर अपने विचार रख सकते हैं। इसके अलावा वह इसके अलावा मोदी रक्षाबंधन के पावन त्यौहार को लेकर देशवासियों को शुभकामनाएं दे सकते हैं। पांच अगस्त को राम मंदिर का भूमि पूजन किया जाना है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल होंगे और वह पांच चांदी की ईंट नींव में रखेंगे। बताते चलें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 11 जुलाई को ट्वीट कर कहा था मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि आप लोग सामूहिक प्रयास से आने वाले सकारात्मक बदलाव की कहानियों से परिचित होंगे।

आप निश्चित रूप से ऐसी कहानियों को जानते होंगे, जहां सकारात्मक पहल ने लोगों की जिंदगी बदल दी है। आप ऐसी कहानियों और प्रयासों को इस महीने 26 जुलाई को प्रसारित होने वाले `मन की बात` कार्यक्रम के लिए कृपया शेयर करें। इससे पहले 28 जून को प्रधानमंत्री ने मन की बात में चीन को करारा जवाब देते हुए कहा था. भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है, अगर भारत दोस्ती निभाना जानता है तो आंख में आंख डालकर उचित जवाब देना भी जानता है।

नई दिल्ली। सिंगर अभिजीत भट्टाचार्जा के बेटे ध्रुव भट्टाचार्या कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वह 28 साल के हैं और रेस्त्रां चलाते हैं। सिंगर ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि ध्रुव विदेश जाने की प्लानिंग कर रहा था। वहां जाने के लिए एक रूल है कि आपको अपना कोरोना टेस्ट कराना पड़ेगा। उसने जब टेस्ट कराया तो वह एसिम्टोमैटिक निकला। उसे हल्का जुखाम और बुखार था। उसने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। सभी दिशा-निर्देशों का वह पालन कर रहा है। कोई भी चिंता की बात नहीं है। 

आपको बता दें कि अभिजीत इस समय शूट के चलते कोलकाता में हैं। स्वास्थ्य के बारे में पूछने पर अभिजीत ने कहा कि मैं कोलकाता में हूं। यहां रूल है कि जब आप कोरोना नेगेटिव पाए जाते हैं तभी आपको सेट पर जाने की अनुमति मिलेगी। मैं कोरोना नेगेटिव आया हूं और मैं शूट कर सकता हूं। बताते चलें कि हाल ही में अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन और अभिषेक बच्चन कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। सभी मुंबई में नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज जारी है। जल्दी ही सभी ठीक होकर घर वापस आएंगे।  

लखनऊ। बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष अदालत शुक्रवार को पूर्व गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी का बयान दर्ज करेगी। आडवाणी वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेश होंगे। सीआरपीसी 313 के तहत यह बयान दर्ज किया जाएगा। कुल 32 में से 29 आरोपियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। आडवाणी के लिए 1000 से ज्यादा सवाल सीबीआई ने तैयार किए हैं।

इससे पहले गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष भाजपा के दिग्‍गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराया था। उन्होंने कोर्ट से खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं थे। यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और मुझे फर्जी तरीके से फंसाया गया है। इसके अलावा जोशी ने सीबीआई के सभी आरोपों को सिरे से नकाराते हुए गवाहों के बयान को भी झूठा बताया है।

भाजपा के दिग्‍गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने साथ ही कोर्ट से कहा कि सबूत के तौर पर पेश वीडियो कैसेट से छेड़छाड़ हुई है, जबकि योजना के तहत कैसेट को जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा उन्‍होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद कल्याण सिंह राम जन्मभूमि स्थल गए थे और उन्‍होंने वहां मंदिर निर्माण का संकल्प नहीं दोहराया था। उन्‍होंने कोर्ट से कहा कि वह अपनी बेगुनाही के सबूत समय आने पर पेश करेंगे।

आपको बता दें कि सीबीआई ने बाबरी ढांचा ध्वंस मामले में जोशी से 1050 सवाल पूछे। जी हां, सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुआ बयान दर्ज करने का सिलसिला 3:30 बजे तक चला। बहरहाल, बाबरी मामले में अब तक 29 आरोपियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अब सिर्फ लाल कृष्ण आडवाणी और सतीश प्रधान के बयान होने हैं. 28 जुलाई को सतीश प्रधान के बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग से होंगे। इस मामले में एक आरोपी ओमप्रकाश पांडे फ़रार घोषित हैं।

6 दिसंबर 1942 को अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया गया था। इस मामले में बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं को आरोपी बनाया गया था, जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, कल्‍याण सिंह, जयभान सिंह पवैया समेत कई और बड़े नेता शामिल थे। इन सभी ने अदालती कार्रवाई का सामना किया. कई साल से चल रहे इस केस में कुछ आरोपियों की मृत्यु भी हो चुकी है। अब यह सुनवाई अंतिम दौर में मानी जा रही है, जिसके तहत आरोपियों के बयान दर्ज हो रहे हैं।



शिखर सम्मेलन के अन्य प्रमुख वक्ताओं में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ, वर्जीनिया के सीनेटर एवं सीनेट इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष मार्क वार्नर, संयुक्त राष्ट्र में पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली, इत्‍यादि शामिल हैं। इस शिखर सम्मेलन के दौरान ‘भारत-अमेरिका सहयोग और महामारी काल के बाद की दुनिया में दोनों देशों के बीच पारस्‍परिक संबंधों का भविष्य’ सहित विभिन्‍न विषयों पर गहन चर्चाएं होगी। 


नलिनी के वकील पुगलेंती ने के मुताबिक, जेल में पिछले 29 साल से बंद नलिनी के साथ ऐसा पहली बार हुआ जब उसने खुदकुशी करने की कोशिश की। वकील ने बताया कि जेल में नलिनी और एक कैदी के बीच कथित तौर पर झगड़ा हुआ था। नलिनी का जिससे झगड़ा हुआ था, वह भी उम्र कैद की सजा में बंद है। उस कैदी ने झगड़े की शिकायत जेलर से की जिसके बाद नलिनी ने आत्महत्या करने की कोशिश की।

वकील ने कहा कि नलिनी ने ऐसी कोशिश पहले कभी नहीं की, इसलिए इसकी असली वजह जानने की कोशिश हो रही है। पुगलेंती ने कहा कि नलिनी का पति मुरुगन भी राजीव गांधी हत्याकांड में जेल में बंद है। उसने आग्रह किया है कि नलिनी को वेल्लोर जेल से पुझल जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। वकील पुगलेंती ने कहा कि मुरुगन की इस मांग को कोर्ट में उठाया जाएगा।
राजीव की हत्या की दोषी नलिनी 29 सालों से जेल में बंद है। वह दुनिया में सबसे ज्यादा लंबे वक्त तक कैद काट रही महिला है। वह एलटीटीई के लिए काम करने वाले मुरुगन श्रीहरण की करीबी सहयोगी थी। दोनों ने शादी कर ली थी। जब नलिनी को गिरफ्तार किया गया तब वह दो महीने की गर्भवती थी। जेल में ही उसने एक बेटी को जन्म दिया। वहीं लड़की अरिथ्रा अब लंदन में डॉक्टर है। चेन्नई में जन्मी नलिनी ने अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई की थी और श्रीहरण के उसकी जिंदगी में आने से पहले एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी।

नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 37,148 मामले और 587 मौतें रिपोर्ट हुईं हैं। इसके साथ ही देश में अब तक कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 11,55,191 हो गई है। इसमें 4,02,529 सक्रिय मामले है तो वहीं, 7,24,578 लोगों को ठीक करके डिस्चार्ज कर दिया गया है। लगभग 62.72 फीसद लोगों ने अब तक कोरोना से रिकवरी कर ली है। इसके अलावा देश में अब तक 28084 लोगों की मौतें भी हो चुकी हैं। बता दें कि यह लगातार छठा दिन है जब कोविड-19 मामलों में 30,000 से अधिक की वृद्धि हुई।


भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 20 जुलाई तक कोविड-19 के लिए 1,43,81,303 सैंपलों का टेस्ट किया गया। जिसमें से 3,33,395 का कल टेस्ट किया गया। पिछले 24 घंटों में हुई 587 मौतों में से 176 महाराष्ट्र से, 72 कर्नाटक से, तमिलनाडु से 70, आंध्र प्रदेश से 54, उत्तर प्रदेश से 46, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से 35, गुजरात से 20, मध्य प्रदेश से 17 और जम्मू-कश्मीर से 10 मौते दर्ज की गई हैं।

वहीं, राजस्थान से नौ मौतें हुई हैं, पंजाब में आठ, तेलंगाना में सात, हरियाणा और ओडिशा में छह-छह, झारखंड में चार, उत्तराखंड में तीन, त्रिपुरा और मेघालय में दो-दो और असम, गोवा, छत्तीसगढ़, केरल और पुदुचेरी में एक-एक मौतें हुई हैं। देश में सोमवार को 40000 से ज्यादा मामले एक दिन में रिपोर्ट किए गए थे, जहां मंगलवार को कुछ 3000 मामलों की राहत मिली है। वहीं, बता दें कि सोमवार को देश ने तीन दिनों के भीतर एक लाख से अधिक मामलों को जोड़ते हुए 11 लाख का आंकड़ा पार कर लिया था। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात से सबसे अधिक मामले सामने आए।

कर्नाटक अब एक नया हॉटस्पॉट राज्य बन गया है, जहां 67,000 मामले सामने आ चुके हैं। उधर 3,186,95 मामले और 12,030 मौतों के साथ महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है। कुल 1,75,678 मामलों और 2,551 लोगों की मौत के साथ तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है। पिछले 24 घंटों में 954 नए कोरोना वायरस मामलों और 35 मौतों के साथ, राष्ट्रीय राजधानी में कुल अब तक 1,23,747 मामले दर्ज किए गए और 3,663 मौतें हुईं।

नई दिल्‍ली। भले दिनचर्या अब अनलॉक-1 के बाद अगले पायदान अनलॉक-2 पर आ गई है, लेकिन इसका यह कतई अर्थ नहीं कि कोरोना संक्रमण का दौर धीमा हो रहा है। इस सबके साथ अब मौसम में परिवर्तन हो रहा है। तेज गर्मी और उमस के साथ अब मानसून भी सामने है। ऐसे में शिशुओं, बच्चों व किशोरों में कोरोना संक्रमण के साथ ही निमोनिया और एलर्जी का खतरा भी मंडरा रहा है। डायरिया और कॉलरा की बीमारी भी इसी मौसम में बच्चों को संक्रमित करती है। जानें क्या कहते है कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत कुमार राव।

हालांकि फिलहाल हर उम्र के लोगों में इस तरह के संक्रमण का खतरा अभी कम होने की संभावना है, क्योंकि बीते दिनों हमने स्वच्छता, पौष्टिक आहार और संक्रमण से बचाव के लिए बहुत कुछ सीखा और अपनाया। फिर भी सुरक्षा ही हर तरह के संक्रमण का एकमात्र बचाव है। बदलते मौसम के साथ शिशुओं व बच्चों में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। कुछ बच्चों में आनुवांशिक कारणों या वायरसजनित संक्रमण व एलर्जी की समस्या हो जाती है। अगर आप कोरोना संक्रमण से बचने के सारे उपाय आजमा रहे हैं तो खुद के साथ ही बच्चों को भी इस मौसम की बीमारियों से सुरक्षित रखने में काफी सफल रहेंगे।

निमोनिया के लक्षण व परेशानी: निमोनिया से संक्रमित बच्चों को जुकाम, बुखार, खांसी और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के कारण सांस (पसली चलना) लेने में तकलीफ होती है। कई बार समय से उपचार न मिलने पर बच्चा बेहोश भी हो सकता है। कमजोर इम्युनिटी वाले बच्चों में तेज सांस व खांसी के कारण फेफड़े फटने व पस पड़ने की समस्या हो जाती है। खांसी, जुकाम व बुखार के कारण बच्चे कुछ भी खाना बंद कर देते हैं, इसलिए कोशिश करें कि उन्हें जो पसंद हो वे चीजें खाने को दें। निमोनिया से संक्रमित बच्चे को यदि समय रहते उपचार मिल गया तो अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है लेकिन संक्रमण बढ़ जाने पर ऐसा जरूरी हो जाता है।

दिल्ली। देश के करोड़ों दलितों के आदर्श डॉ. भीमराव अंबेडकर के मुंबई स्थित आवास ‘राजगृह’ में मंगलवार शाम कुछ शरारती तत्वों ने तोड़फोड़ की। दरअसल, शाम को अंधेरे का फायदा उठाकर देश के सम्मानित दलित नेता और संविधान निर्माता डा. अंबेडकर के घर पर कुछ अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ की। अपनी करतूत को छिपाने के लिए इन उपद्रवियों ने घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ डाला। 
घटना के बारे में पता चलते ही महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया। डा. अंबेडकर के अनुयायियों में घटना को लेकर काफी गुस्सा है वहीं महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी और इसकी निंदा की। अब पुलिस की कई टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगाई गई हैं।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी के बीच मामलों की ई-फाइलिंग, मेंशनिंग और सूचीबद्ध करने के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सर्वोच्च अदालत के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी खंडपीठों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही सुनवाई करनी होगी। नए मामले लंबित हैं जिन्हे पहले सूचीबद्ध नहीं किया जा सका था। उनको अब 6 जुलाई से सूचीबद्ध किया जा सकता है। 

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट में अपलोड किए गए दिशा-निर्देशों में बताया गया है कि देश के मुख्य न्यायाधीश ने संविधान पीठों को भी निर्देशित किया है कि वह वर्चुअल अदालतों को छह जुलाई यानी सोमवार से शुरू करें। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते सरकार के इससे संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। बताया जा रहा है कि 13 जुलाई से विविध मामलों की सुनवाई सोमवार और शुक्रवार को हुआ करेगी। 

कोरोना महामारी के कारण इस साल सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी 22 जून से तीन जुलाई तक रही। इस दौरान शीर्ष न्यायालय में सिर्फ जरूरी मामलों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई हुई। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया कि ग्रीष्मावकाश के पहले सप्ताह 22 से 26 जून तक दो खंडपीठ (जज इन चेंबर व रजिस्ट्रार कोर्ट) वीडियो व टेली कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करेंगी। अवकाश के दूसरे सप्ताह 30 जून से तीन जुलाई तक भी दो पीठ मामलों की सुनवाई करेंगी। कोर्ट ने नए मामलों को लेकर भी दिशा-निर्देश और अलग-अलग मामलों के लिए अलग-अलग ईमेल आइडी जारी किए हैं।

नई दिल्ली । गाँधी परिवार की बेटी और अब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को लुटियंस जोन स्थित आबंटित बंगला खली करने भारत सरकार ने 1 अगस्त तक का समय दिया है, लेकिन प्रियंका के बंगला खाली करने से पहले ही यह बंगला भाजपा सांसद को आबंटित भी कर दिया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को यह बंगला आवंटित किया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी।

बता दे कि मंत्रालय ने 1 जुलाई को प्रियंका गांधी के बंगले का आवंटन रद्द कर दिया और मंत्रालय ने कहा है कि वह एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद आवासीय सुविधा पाने की हकदार नहीं रहती हैं। सूत्रों के अनुसार बलूनी ने स्वास्थ्य आधार पर आवास बदलने का अनुरोध किया था, बता दें कि कुछ समय पहले ही उनका कैंसर का इलाज हुआ था, फिलहाल वह ठीक हो गए हैं लेकिन उन्हें कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। इसी के मद्देनजर उनके वर्तमान निवास को उनके लिए पूरी तरह से उपयुक्त नहीं माना गया है इसलिए उन्हें जगह बदलने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गई थी, और उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी, मंत्रालय के अधिकारी ने बताया की एसपीजी सुरक्षा के तहत प्रियंका गांधी को 21 फरवरी 1997 को यह बंगला आवंटित किया गया था। अधिकारी ने बताया कि जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा में इस तरह की सुविधा का प्रावधान नहीं होता है और ऐसे में उन्हें यह बंगला अब खाली करना पड़ेगा।

कानपुर। कुत्ते की वफादारी और अपने मालिक से लगाव की बातें केवल कहानी ही नहीं होतीं। कानपुर में एक पालतू मादा कुत्ते जया ने इसका ऐसा प्रमाण दिया है कि सभी की आंखें नम हो गई हैं। कानपुर के बर्रा मलिकपुरम में मालकिन की मौत के बाद उनके शव को देख पालतू कुतिया जया इस कदर दर्द से छटपटा गई कि उसने भी घर की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। मलिकपुरम में रहने वाले डॉ. राजकुमार सचान हमीरपुर में मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी डॉ. अनीता राज शहर में ही स्वास्थ्य विभाग में ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर थीं। किडनी की बीमारी के चलते करीब सप्ताह भर पहले प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां बुधवार को उनकी मौत हो गई। बेटा तेजस व बेटी जान्हवी उनका शव लेकर घर पहुंचे। मालकिन का शव देख जया व्याकुल हो गई। 

इसपर तेजस ने उसे दूसरी मंजिल पर ले जाकर बंद कर दिया।  छटपटाती जया किसी तरह चौथी मंजिल पर पहुंच गई और वहां से नीचे छलांग लगा दी। यह देखकर घर वालों के साथ-साथ आसपास के लोगों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। इसके बाद जया का शव भी मालकिन के शव के पास ही रखा गया और मालकिन के अंतिम संस्कार के बाद देर रात जया को भी विधिवत घर के समीप ही दफना दिया गया। डॉ. राजकुमार ने बताया करीब 13 साल पहले पत्नी को केपीएम अस्पताल के पास कुत्ते का पिल्ला रोता हुआ दिखा था जिसके शरीर पर कीड़े पड़ चुके थे। डॉ. अनीता उसे सड़क से उठा कर अपने घर ले आईं। इलाज के बाद वह ठीक हो गया तो पूरे परिवार को उससे लगाव हो गया। जया को डॉ. अनीता से इतना लगाव था कि उनके घर आते ही वो पूरे घर में नाच कर अपनी खुशी का इजहार करती थी।


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में कबाड़ी से एक लड़की के मोबाइल नंबर मांगने कुछ मनचले पहुंच गए। कबाड़ी ने नंबर नहीं होने की बात कही तो वे लोग गाली-गलौच पर उतर आए। विरोध करने पर कबाड़ी के सिर पर बीयर की बोतल फोड़ दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की कोशिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।