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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है




देश की शीर्ष अदालत ने 17 मार्च को अपने एक फैसले में नौसेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि महिला और पुरुष अधिकारियों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने नौसेना में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन को मंजूरी दी और केंद्र को तीन महीने के भीतर इसके तौर-तरीके पूरे करने को कहा था। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा ​​और इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि भारतीय नौसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) की महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया जा रहा है।

केंद्र ने कोरोना महामारी का हवाला देते हुए समय सीमा को छह महीने तक बढ़ाने के लिए जून में आवेदन दिया था। शीर्ष अदालत, जिसने बुधवार को आवेदन लिया उसने कहा कि वह 31 दिसंबर तक इस समय सीमा को बढ़ा रही है। पीठ ने केंद्र से यह भी कहा कि वह पांच नौसैनिक महिला अधिकारियों को चार सप्ताह में 25 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करे, जिन्हें पेंशन लाभ के अलावा स्थायी कमीशन के लिए नहीं माना गया था, जो उन्हें पहले ही दे दिया गया था।


गुवाहाटी। असम में आइआइटी जेईई प्रवेश परीक्षा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आइआइटी में अपनी जगह दूसरे को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। इस परीक्षा में उसे 99.8 फीसद अंक मिले थे। इस मामले में पुलिस ने उसके डाक्टर पिता और तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपितों को गुरुवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि इस मामले में मित्रदेव शर्मा नामक व्यक्ति ने 23 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह शिकायत वायरल फोन कॉल रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट के आधार पर दर्ज की गई थी।

उसने अपनी शिकायत में बताया कि गत पांच सितंबर को हुई जेईई-मेंस परीक्षा में एक अभ्यर्थी ने अपनी जगह दूसरे को परीक्षा में बिठाया था। इससे उसे 99.8 फीसद अंक मिले। इस शिकायत पर पुलिस ने एक जांच टीम बनाई जिसने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभ्यर्थी ने जेईई में अपनी जगह दूसरे को बिठाने का जानकारी अपने एक दोस्त से फोन पर साझा की थी। पुलिस ने यह काल रिकार्डिग भी हासिल कर ली है।

शिकायतकर्ता के अनुसार परीक्षा वाले दिन अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बायोमीट्रिक हाजिरी लगाकर अंदर गया और कक्ष निरीक्षक की मदद से बाहर आ गया। फिर उसकी जगह किसी और ने परीक्षा दी। अभ्यर्थी ने अंदर जाकर उत्तर पुस्तिका पर अपना नाम और रोल नंबर भरा था। आरोप है कि इस मामले में गुवाहाटी के एक कोचिंग संस्थान की भी इस मामले में मिलीभगत है। शिकायतकर्ता और अभ्यर्थी के मित्र के बीच क्या संबंध है इसके बारे में पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है। पुलिस ने इस मामले में परीक्षा कराने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से भी संपर्क साधा है। पुलिस ने कहा कि परीक्षा केंद्र को सील कर दिया गया है और प्रबंधन को तलब किया गया है।

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त एमपी गुप्ता ने बताया कि परीक्षा में बैठने के लिए एक प्रॉक्सी (प्रतिनिधि ) का उपयोग करने के लिए असम में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन्स के टॉपर के खिलाफ असम में अजरा पुलिस में एक प्राथमिकी (एफआइ आर) दर्ज की गई है। हमने मामले की जांच की और पता लगाया है कि उम्मीदवार द्वारा किसी अन्य एजेंसी की मदद से एक प्रतिनिधि का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े में गुवाहाटी में परीक्षा केंद्र के कर्मचारी भी शामिल हैं। अपराध में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। 

बिहार। बिहार में विधानसभा चुनाव के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। नेता परेशान है और वोटर शांत। एक-एक वोट अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी जी-जान से जुटा है। इसी बीच गया शहर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रत्याशी मोहम्मद परवेज आलम चर्चा में आ गए हैं। ऐसा इस लिए हो रहा है क्योकि वह अपना प्रचार भैंस पर बैठकर कर रहे हैं। 

और इसी वजह से नेताजी पर कानूनी डंडा चल गया और सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज हो गया। उनके ऊपर पशु क्रूरता अधिनियम के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन न करने का केस दर्ज हो गया है। आखिर वह ऐसा क्याें कर रहे हैं के सवाल पर मोहम्म्द परवेज आलम का कहना है कि उनके पास महंगी गाड़ी खरीदने के लिए पैसा नहीं है। मेरे पास सं​पत्ति के नाम पर भैंस है।

जिसकी पास कार होती है वो कार पर प्रचार करता है मेरे पास भैंस है तो मैं भैंस पर कर रहा हूं। मंसूरी ने कहा कि शहर में लगातार प्रदूषण बढ़ते जा रहा है। इसलिए हम भैंस पर चढ़े हैं, ताकि प्रदूषण न फैले। प्रत्याशी अपने वोटरों को लुभाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में कुछ गलतियां भी कर दे रहे है। गांधी मैदान गेट नम्बर आठ के समीप से राष्ट्रीय  उलेमा कांसिल के गया शहरी विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी परवेज मंसूरी भैंस पर सवार होकर जन संपर्क अभियान को निकले। मंसूरी के इस अंदाज को देख कर भीड़ भी जुटने लगी। 

मंसूरी ने कहा कि शहर में लगातार प्रदूषण बढ़ते जा रहा है। इसलिए हम भैंस पर चढ़े हैं, ताकि प्रदूषण न फैले।  परवेज मंसूरी की सोच को समर्थन भी मिलने लगा, लेकिन सिविल लाइन के थानेदार ने नियम का ऐसा पाठ-पढ़ाया कि नेताजी को महंगा पड़ गया और उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज हो गया। सिविल लाइन थानाध्यक्ष उदय कुमार ने बताया कि पशु क्रूरता अधिनियम व सोशल डिस्र्टेंसग का पालन नही करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गयी है। आगे भी जो लोग नियम तोड़ेंगे, उन पर कार्रवाई जरूर होगी।



बता दें कि कमलनाथ ने कल ग्वालियर जिले के डबरा में आयोजित चुनावी सभा में भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी को आइटम कहा है। इसके बाद से ही भाजपा काफी हमलावर हो गयी है। वहीं कमलनाथ ने कल देर रात अपनी सफाई में दावा करते हुए कहा कि आइटम कोई असम्मानजनक शब्द नहीं है। वहीं इमरती देवी का भी मीडिया से चर्चा का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें इमरती देवी कमलनाथ को लेकर काफी भला बुरा कहते हुए सुनी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ पश्चिम बंगाल के हैं और वे महिलाओं के प्रति अक्सर सम्मानजनक भाव नहीं रखते हैं। इस वीडियो में इमरती देवी की आंखों में आंसू भी दिखायी दे रहे हैं।

नई दिल्ली। एलपीजी सिलिंडर की होम डिलिवरी से जुड़े नियमों में एक नवंबर, 2020 से बड़ा बदलाव होने वाला है। दरअसल, एक नवंबर से देश के 100 स्मार्ट सिटीज में गैस की डिलिवरी के लिए वन टाइम पासवर्ड ओटीपी अनिवार्य हो जाएगा। जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य यह है कि गैस सिलेंडर सही उपभोक्ता तक पहुंचे। इसे सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत एलपीजी उपभोक्ता को गैस की बुकिंग के बाद एक ओटीपी प्राप्त होगा।

इसके बाद जब डिलिवरी ब्वॉय आपके घर पर गैस सिलेंडर पहुंचाने आएंगे तो ग्राहक को ओटीपी बताना होगा। ओटीपी साझा किए बगैर एलपीजी सिलेंडर डिलिवर नहीं हो पाएगा। IOCL से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राजस्थान की राजधानी जयपुर और तमिलनाडु के कोयंबटूर में इस व्यवस्था को पायलट आधार पर लागू किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रायोगिक स्तर पर इस स्कीम के पूरी तरह सफल रहने के बाद एक नवंबर, 2020 से इस योजना का विस्तार देश के 100 स्मार्ट शहरों में किया जा रहा है। इन शहरों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर व्यवस्था का विस्तार देशभर में किया जाएगा। 
नई व्यवस्था के तहत एलपीजी सिलेंडर बुक करने के बाद उपभोक्ता को एक कोड प्राप्त होगा। एलपीजी सिलेंडर की डिलिवरी के समय उपभोक्ता को यह कोड डिलिवरी करने वाले व्यक्ति को दिखाना होगा। इस पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस की डिलिवरी किसी गलत व्यक्ति को नहीं हुई है। हालांकि, इस व्यवस्था से ऐसे लोगों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, जिन्होंने पेट्रोलियम कंपनी के साथ अपना मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया है।  

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग के दौरान उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि वो लोग आम जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करें। साथ ही उन्होंने कहा कि इन दिनों देश का लोकतंत्र सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। देश के तमाम राज्यों में अराजकता का माहौल देखने को मिल रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एआईसीसी के महासचिवों और राज्य प्रभारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं, इसी बैठक में उन्होंने ये बातें भी कहीं।

शाम 4 बजे शुरू होने वाली बैठक के बारे में ट्वीट करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया जी ने लोगों के मुद्दों के लिए संघर्ष करने और उनके कष्टों को कम करने के लिए सभी को प्रेरित किया क्योंकि हमारा लोकतंत्र इस कठिन समय से गुजर रहा है। देश के तमाम राज्यों में किस तरह के हालात हैं ये सभी को पता चल रहा है।

ऐसे में ये लगता है कि प्रदेश की सरकारें किस तरह से शासन चलाने में नाकाम हैं। लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है इस वजह से अपराध में बढ़ोतरी हो रही है। शासन का किसी तरह से डर नहीं रह गया है जिसकी वजह से अपराधी और बदमाश इस तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। उनके अंदर शासन का खौफ बिल्कुल नहीं रह गया है। मध्य प्रदेश की कुछ सीटों पर उपचुनाव होने हैं और बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं।


उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि वो सरकार के बिगड़े कामकाज और हालात के लिए जिम्मेदार सरकार के बारे में भी जनता को बताएं। इससे पहले किसानों के लिए लाए गए बिल को लेकर कांग्रेस ने पूरे देश में जगह-जगह प्रदर्शन का आयोजन किया था। कुछ प्रदेशों में तो अब तक किसान अपने आंदोलन को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।  

जलगांव। महाराष्ट्र के जलगांव जिले की रावेर तहसील के बोरखेड़ा गांव में हुई चार नाबालिगों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल भी किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपियों ने माना कि उनलोगों ने पहले रेप की कोशिश की थी। 

इस हिला देने मामले में राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख शनिवार को पीड़ित परिवार से दोपहर बाद मुलाकात करेंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस डिटेक्शन में डॉग स्क्वायड की काफी मदद मिली। जब खोजी कुत्तों को खून से सनी कुल्हाड़ी सुंघाई गई तब खोजी कुत्ते पुलिस को रावेर तहसील के एक लॉज में लेकर गए। वहां पर पुलिस को एक संदिग्ध आरोपी मिला। इसके बाद पुलिस ने 5 लोगों को अपनी हिरासत में लिया। इन 5 लोगों में से 3 लोगों ने अपना जुर्म स्वीकार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना इस प्रकार घटी। रात को जब बच्चे सो रहे थे, तब आरोपियों ने खिड़की तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और 14 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार करने की कोशिश की। इसी बीच बाकी भाई बहन की नींद टूट गई और वे बीच-बचाव करने लगे। आरोपियों ने एक-एक करके तीनों भाई-बहनों को मारा और फिर बारी-बारी से 14 वर्ष की लड़की के साथ बलात्कार किया। बलात्कार के बाद आरोपियों ने उसकी भी हत्या कर दी और फरार हो गए।

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी आदिवासी समाज से ताल्लुक रखते हैं और सभी की उम्र 21 से 23 साल के बीच में है। जलगांव शहर के संरक्षक मंत्री गुलाबराव पाटिल ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कथित रूप से इन लोगों ने कुल्हाड़ी से वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने दो लाख रुपये आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को देने का ऐलान किया है। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को अपने पति के माता-पिता के घर में रहने का अधिकार है। न्यायाधीश अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने तरुण बत्रा मामले में दो न्यायाधीशों की पीठ के फैसले को पलट दिया है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि परिवार की साझा संपत्ति और रिहायशी घर में भी घरेलू हिंसा की शिकार पत्नी को हक मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत दिए अपने फैसले में साफ कहा है कि पीड़ित पत्नी को अपने ससुराल की पैतृक और साझा संपत्ति यानी घर में रहने का कानूनी अधिकार होगा। पति की अर्जित की हुए संपत्ति यानि अलग से बनाए हुए घर पर तो अधिकार होगा ही।

कानपूर। यूपी के कानपुर में मंधना पचोर रोड पर सोमवार की सुबह एक पेंट फैक्ट्री में आग लग गई। पेंट में केमिकल होने के होने के कारण लगभग 50 धमाकों के साथ पूरा मंधना दहल गया। धुंआ का गुबार कई सौ मीटर की दूर से देखा जा सकता है। सूचना पर दमकल की आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी है। फैक्ट्री में किसी मजदूर के न फंसे होने की बात अभी तक सामने आ रही है।

कमल ग्रामोद्योग के नाम से पचोर रोड पर पेंट फैक्ट्री चलाई जा रही है। फैक्ट्री मालिक कमल धीर को घटना के बारे में जानकारी दी गई है। मजदूरों से मिली जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 9:30 बजे वह लोग काम करने पहुंचे थे। सुबह के समय पांच मजदूर आए थे। जैसे ही उन्होंने फैक्ट्री का गेट खोला तो अंदर आग धधक रही थी। मजदूर बाहर की तरफ शोर मचाते हुए भागे और उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने पुलिस के अलावा फैक्ट्री मालिक को सूचना दी।

 इसी दौरान एक एक कर लगभग 50 धमाके हुए। ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर सड़क की तरफ भाग निकले। धमाके इतने जोरदार थे की ड्रम के टुकड़े उड़कर 100 मीटर से अधिक दूरी तक गिरे। दमकल की गाड़ियां ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। अभी तक किसी मजदूर के फंसे होने की बात पुष्ट नहीं हो सकी है।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के काफिले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिए निकल गए। यमुना एक्सप्रेस-वे पर रोके जाने के बाद प्रियंका और राहुल पैदल ही हाथरस के लिए रवाना हो गए। जहां उन्हें रोका गया था, वहां से हाथरस की दूरी 142 किलोमीटर है। 

उधर, हाथरस जिलाधिकारी पी.के. लक्षकार ने बताया कि जिले में सीआरपीसी की धारा-144 लागू कर दी गई है, जो आगामी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था। 

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरे देश में सारी गतिविधियां अगले पंद्रह दिनों में खुल जाएगी। 15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल, व्यापार मेला, स्वीमिंग पूल और इंटरटेनमेंट पार्क को भी कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति होगी। कोरोना के कारण बंद गतिविधियों को खोलने के लिए जारी गाइडलाइन्स में गृहमंत्रालय ने इस बार स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को भी खोलने की अनुमति दे दी है, लेकिन इस पर फैसला राज्यों पर छोड़ दिया गया है।

15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल खोलने की इजाजत देते हुए गृहमंत्रालय ने साफ कर दिया है कि दर्शकों के लिए 50 फीसद सीट का ही उपयोग कर सकेंगे। सूचना व प्रसारण मंत्रालय इसके लिए अलग से एसओपी जारी करेगा। इसी तरह व्यापार मेलों की भी 15 अक्टूबर से ही अनुमति होगी, लेकिन इसमें आम लोगों के आने पर मनाही होगी। स्वीमिंग पूल को खिलाडि़यों के लिए पहले ही खोल दिया गया था, अब उसमें आम लोगों के लिए भी इजाजत होगी। युवा और खेल कार्यक्रम मंत्रालय इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेसिंग (एसओपी) जारी करेगा। वहीं इंटरटेनमेंट पार्क के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को एसओपी जारी करने को कहा गया है।
मार्च से ही बंद स्कूलों, कालेजों और कोचिंग संस्थान तो खुलेंगे, लेकिन बंद के दौरान चल रही ऑनलाइन पढ़ाई को बंद नहीं किया जाएगा। छात्रों को स्कूल जाने या ऑनलाइन क्लास में भाग लेने की छूट होगी और स्कूल की ओर से कोई दवाब नहीं बनाया जाएगा। स्कूल जाने वाले छात्रों के अभिभावक की लिखित सहमति के प्रावधान को बरकरार रखा गया है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई के साथ आर्थिक गतिविधियों को पूरी क्षमता के साथ खोलने पर बल दिया है। महामारी से सबसे अधिक प्रभावित सात राज्यों के हालात की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लागू करने की जगह माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ध्यान केंद्रित की जरूरत बताई। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सात राज्यों के सिर्फ 60 जिले ही चिंता का कारण हैं, जहां तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में प्रभावी जांच, पहचान, उपचार, निगरानी और स्पष्ट संदेश के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया। सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों व प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन के साथ संक्रमण के प्रसार को रोकने के साथ ही सामान्य गतिविधियों को भी बहाल रखने में मदद मिलेगी।
बुधवार को महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में कुल 700 से अधिक जिले हैं, लेकिन कोरोना से सबसे अधिक मामले सात राज्यों में 60 जिलों में सबसे अधिक हैं। जिलों में कोरोना को नियंत्रित करना इतना मुश्किल नहीं है। उनके अनुसार यदि मुख्यमंत्री एक हफ्ते तक हर दिन एक घंटे का समय निकालकर स्थानीय अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक करें, तो निचले स्तर तक गंभीरता लाने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री ने कोरोना के माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर जोर देते हुए ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के सिस्टम को मजबूत करना की जरूरत बताई। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमत्रियों से एक-दो दिनों के लिए लगाए जाने वाले लॉकडाउन पर पुनर्विचार करने को कहा। प्रधानमंत्री का कहना था कि ऐसी रणनीति बनानी होगी, जिससे कोरोना को रोका भी जा सके और बाकि गतिविधियां भी सामान्य रूप से चल सके।



नई दिल्ली। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट और बदसुलूकी अब महंगी पड़ेगी। राज्यसभा ने शनिवार को वह विधेयक पारित कर दिया जिसमें कोविड-19 महामारी या वर्तमान महामारी जैसी किसी स्थिति में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। राज्यसभा से पारित हुआ महामारी रोग संशोधन अधिनियम, 2020

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उच्च सदन में महामारी रोग (संशोधन) अधिनियम, 2020 पेश किया जिसका विभिन्न पार्टियों के अधिकांश सदस्यों ने समर्थन किया। हालांकि कुछ सदस्यों ने इसके दायरे में अस्पतालों के सफाई कर्मियों, आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कर्मियों और पुलिस व अन्य विभागों जैसी आपात सेवाओं के कोरोना वॉरियर्स को भी लाने का सुझाव दिया। यह विधेयक सरकार द्वारा 22 अप्रैल को जारी अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है। कोविड-19 मरीजों का इलाज कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को गैरजमानती अपराध बनाने के लिए सरकार ने उक्त अध्यादेश के जरिये महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन किया था।

विधेयक का मकसद वर्तमान महामारी जैसी किसी भी स्थिति के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ किसी तरह की हिंसा और संपत्ति को नुकसान पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित अधिनियम में ऐसी हिंसा में लिप्त होने या उकसाने पर तीन महीने से पांच साल तक की कैद और 50 हजार से दो लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। गंभीर चोट के मामले में छह महीने से सात साल तक की कैद और एक लाख से पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बड़े भाई प्रोफेसर सत्य रंजन जोगी का कोरोना से निधन हो गया है. उन्होंने बिलासपुर में अंतिम सांस ली. इस दुखद घटना की जानकारी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने ट्वीट कर दी. अमित ने ट्वीट में लिखा कि ‘मेरे पिता जी स्वर्गीय श्री @ajitjogi_cg जी के बड़े भाई और मेरे बड़े पापा प्रोफ़ेसर सत्य रंजन जोगी का कल देर रात बिलासपुर में निधन हो गया. परम पिता परमेश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें. दोनों भाइयों का अलौकिक साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी। 

नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। सरकार की ओर से पेश दो कृषि विधेयकों को किसान विरोधी ठहराते हुए उन्‍होंने गुरुवार को खाद्य प्रसंस्करण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। हरसिमरत कौर की जगह राष्‍ट्रपति ने नरेंद्र सिंह तोमर को मंत्रालय का अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा है।

राष्ट्रपति भवन की एक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सलाह लेने के बाद राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री परिषद से हरसिमरत का इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत स्वीकार किया है। भाजपा की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल इस अध्यादेश का लगातार विरोध कर रही है। संसद में विपक्ष के हंगामे के बावजूद ध्वनिमत से दोनों कृषि विधेयक पारित हो गए।

हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर मोदी कैबिनेट से अपने इस्तीफे की जानकारी दी। अपने ट्वीट में उन्होंने लिका कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए इस्तीफे में हरसिमरत कौर बादल ने कहा, मुझे विश्वास था कि जब इन अध्यादेशों अंतिम रूप दिया जाएगा तो उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को इसमें शामिल करते उनका समाधान किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। 

मेरा इस्तीफा, किसानों के पक्ष में आवाज उठाने वाली मेरी पार्टी की सोच को कायम रखने वाला है। अकाली दल हमेशा किसानों के हितों की बात करता आया है। बता दें कि लोकसभा में शिरोमणि अकाली दल के सांसद सुखबीर सिंह बादल ने बिल का विरोध किया था। उन्होंने संसद से ही ऐलान कर दिया कि हरसिमरत कौर बादल मंत्रीपद से इस्तीफा देंगी। हालांकि, शिरोमणि अकाली दल का सरकार को समर्थन जारी रहेगा। विपक्ष की ओर से मुख्य आरोप था कि यह विधेयक एमएसपी को खत्म करने का पहला कदम है।

नई दिल्ली। प्रख्यात फैशन डिजाइनर शरबरी दत्ता अपने कोलकाला स्थित निवास पर मृत पाई गई हैं। शरबरी का शव कोलकाता स्थित उनके निवास के बाथरूम में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को बरामद किया गया। हालांकि अब तक खुलासा नहीं हो पाया है कि शरबरी की मौत किस वजह से हुई है। मामले को लेकर पुलिस के सूत्रों से जानकारी मिली है कि बाथरूम से करीब रात को करीब सवा बारह के आसपास दत्ता का शव बरामद किया गया है। 

जानकारी मिलते ही कोलकाता पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। वहीं मामले को लेकर शरबरी के परिवार का कहना है 63 वर्षीय फैशन डिजाइनर को आखिरी बार मंगलवार को रात के समय डिनर करते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही उन्होंने किसी से बात नहीं की। मामले की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि शरबरी का निधन कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ है। लेकिन उनके परिवार वालों का कहना है कि वो बिल्कुल ठीक थीं और ऐसी कोई भी बात नहीं थी। 

हालांकि मामले की कोलकाता पुलिस जांच कर रही है और शरबरी की अचानक हुई मृत्यु की वजह का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शरबरी दत्ता सुप्रसिद्ध बंगाली कवि अजित दत्ता की बेटी थीं। शरबरी सालों से एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर थीं। वो सबसे ज्यादा मर्दों के एथनिक वियर की डिजाइंस के लिए पहचानी जाती थीं। बल्कि ऐसा कहा जाता है कि दत्ता ने ही पहली बार बंगाली पुरुषों के लिए रंगीन धोती और डिजाइनर पंजाबी कुर्ता को फैशन वर्ल्ड में इंट्रोड्यूज करवाया था।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 70 वें जन्मदिवस 17 सितंबर के अवसर पर देश भर से शुभकानाएं तो आ ही रहीं हैं साथ ही विदेशों से भी उनके लिए बर्थडे ग्रीटिंंग्स आए हैं। दुनिया के सभी सुपरपावर भारत के साथ संबंधों में प्रगति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हैं। जर्मनी फिनलैंड, नेपाल, रूस, स्पेन, केन्या समेत कई देशों ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 1950 में 17 सितंबर को हुआ था। भूटान में ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक ने तस्वीरों को ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने लिखा कि वर्ष 2013 में आपसे मुलाकात हुई थी उस वक्त कौन जानता था कि मैं देश के भावी प्रधानमंत्री से मिल रहा हूं। जर्मनी की चांसलर एंंजेला मर्केल ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामना संदेश भेजा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं और भारत के साथ मिलकर काम जारी रखने व द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई के साथ उनके अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की भी कामना की है। उन्होंने लिखा, `दिल से जन्मदिन की शुभकामनाएं, मैं आपके लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशियां, और सफलता की कामना करता हूं।

फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मरिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70 वें जन्मदिवस पर शुभकामनाएं भेजी हैं। साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई। उन्होंने पत्र में लिखा, आपके 70 वें जन्मदिन के मौके पर मेरी ओर से शुभकामनाएं और आपके अच्छे स्वास्थ्य ओर बेहतर भविष्य के लिए कामना करती हूं।