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खेल टेक्स। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2021 में आंध्रा और पुडुचेरी के बीच खेला गया लीग मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस मैच में दोनों टीमों की तरफ से खूब रन बने और गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई। पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मुकाबले में आंध्रा की टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 226 रन का बड़ा स्कोर बनाया और पुडुचेरी को जीत के लिए 227 रन का बड़ा लक्ष्य दिया, लेकिन इस टीम ने 19.2 ओवर में 6 विकेट पर 228 रन बनाकर मैच में 6 विकेट से जीत दर्ज कर ली। 
दूसरी पारी में जब पुडुचेरी की टीम बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरी तब उसके सामने जीत के लिए 227 रन का बड़ा लक्ष्य था, लेकिन टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज शेल्डन जैक्सन व पारस डोगरा की तूफानी पारी के सामने ये स्कोर चेज करने में इस टीम ने सफलता हासिल की। शेल्डन जैक्सन ने अपनी पारी के दौरान 50 गेंदों पर नाबाद 106 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 8 छक्के व 7 चौके जड़े और उनका स्ट्राइक रेट 212.00 का रहा। इसके अलावा पारस डोगरा ने 18 गेंदों पर 6 छक्के व 2 चौकों की मदद से 51 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 283.33 का रहा। इन दोनों बल्लेबाजों की तूफानी पारी की वजह से पुडुचेरी को आसान जीत मिली। 
पहली पारी में इस मैच में बल्लेबाजी करने उतरी आंध्रा की टीम की शुरुआत अच्छी रही और पहले विकेट के लिए अश्विन और एस भारत के बीच 107 रन की शतकीय साझेदारी हूई। अश्विन 45 रन जबकि एस भारत ने 34 गेंदों पर 5 छक्के व 4 चौकों की मदद से 62 रन की पारी खेली। इनके अलावा अंबाती रायुडू ने भी अपनी टीम के लिए तेज पारी खेलते हुए 26 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 5 छक्के व 5 चौके लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 238.46 का रहा। इनकी पारी की मदद से आंध्रा ने 226 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। 

नई दिल्ली। सरकार ने न्यूनतम मानदंड वाले दिव्यांगों की खातिर केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में 3,566 नौकरियां अधिसूचित की हैं। इन पदों को नई श्रेणी की दिव्यांगता वाले लोगों के लिए भी उपयुक्त बताया गया है जिसमें बौनापन, तेजाब हमले के पीडि़त, बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक बीमारी और कई तरह की दिव्यांगता शामिल हैं।


सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस अधिसूचना से न्यूनतम मानदंड वाले दिव्यांगों के लिए सरकारी प्रतिष्ठानों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे पहले 2013 में न्यूनतम मानदंड वाले दिव्यांगों के लिए 2,973 उपयुक्त पदों की सूची जारी की गई थी। पूर्व अधिसूचित सूची की तुलना में 593 नए पदों को जोड़ा गया है।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वैक्सीन भारत को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत दिलाएगी। उन्होंने लोगों से वैक्सीन को लेकर अफवाहों से बचन की सलाह दी।

साथ ही कहा कि कोरोना टीकाकरण की शुरुआत का मतलब यह नहीं है कि हम एहतियात बरतना छोड़ दें। हमें मास्क पहनने और शारीरिक दूरी का पालन करते रहना है। दवाई भी और कड़ाई भी का मंत्र याद रखे। प्रधानमंत्री महामारी के मुश्किल दौर को याद करके भावुक हो गए।  बता दें कि पहले चरण में तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। 

नई दिल्ली। देश के विभिन्न इलाकों में वैक्सीन वितरण का काम तेजी से हो रहा है। 16 जनवरी से देशभर में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके तहत पहले चरण में फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन दी जाएगी। इसमें डॉक्टरों, हेल्थकेयर वर्करों, सफाईकर्मियों को वैक्सीन के डोज मिलेंगे। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सरकार कोरोनावायरस वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन का विभिन्न मानकों के तहत तुलना करेगी। 

मंत्रालय के अनुसार इसके तहत वैक्सीन प्लेटफार्म, विशेषताएं, डोज, कोल्ड चेन स्टोरेज की आवश्यकताओं को शामिल किया जाएगा। भारत में दो कोविड-19 वैक्सीन के आपातकाल इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। 16 जनवरी से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन प्रोग्राम के तहत पहले फेज में तीन लाख हेल्थ वर्करों को देशभर के 2,934 जगहों पर वैक्सीन दी जाएगी। 

इस क्रम में कर्नाटक के कलबुर्गी सिटी कार्पोरेशन कमिश्नर स्नेहल लोखंडे ने शुक्रवार को कहा, महानगर पालिका के सफाईकर्मियों ने कड़ी मेहनत की है। महामारी के दौरान जोखिम में उन्होंने काफी अच्छा काम किया है। अस्पतालों व घरों से कचरा इकट्ठा करने वाले इन मेहनती लोगों को पहले चरण में वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। कर्नाटक को कोवैक्सीन के 20,000 डोज मिलेंगे। यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर के सुधाकर ने दी। 

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जनवरी को कोविड वैक्सीन की खुराक लेने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत कर सकते हैं, जब कोरोना वायरस के खिलाफ राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  सहित देश भर में कम से कम 60 अस्पतालों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के लिए तैयार करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्‍पतालों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। 

एम्स में लगभग 100 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना के खिलाफ टीके की खुराक लगाई जाएगी। एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स स्टाफ इसमें शामिल हैं। उन्‍होंने कहा कि हमने ईएचएस ओपीडी में 8 वीं मंजिल पर नए ओपीडी ब्लॉक में एक टीकाकरण केंद्र बनाया है। उन्‍होंने कहा कि हमने ईएचएस ओपीडी में 8 वीं मंजिल पर नए ओपीडी ब्लॉक में एक टीकाकरण केंद्र बनाया है। सभी 100 लाभार्थियों को एक दिन पहले अपने टीकाकरण के विवरण के बारे में मोबाइल फोन पर एक मैसेज मिलेगा।केंद्र ने टीकाकरण के पहले दिन 2,934 सत्र स्थलों पर लगभग 3 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण की योजना बनाई है। 

दो कोविड वैक्‍सीन कोविशिल्ड और कोवाक्सिन को एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद आपातकालीन उपयोग के मंजूरी दी गई थी, जो एक अच्छी तरह से निर्धारित नियामक प्रक्रिया के माध्यम से स्थापित सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनकता से गुजरा गया है। इन टीकों की कीमत भारत में 200 रुपये से लेकर 295 रुपये तक हो सकती है। इससे पहले दिन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविशिल्ड और कोवाक्सिन वैक्सीन की 1.65 करोड़ खुराक की प्रारंभिक खरीद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के डेटाबेस के अनुपात के अनुसार आवंटित की गई है।

मंत्रालय ने कहा कि टीके की खुराक की प्रारंभिक आपूर्ति और आने वाले हफ्तों में लगातार इसकी भरपाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी टीकाकरण के सत्र साइटों की संख्या बढ़ाने की सलाह दी गई है जो हर दिन प्रोग्रेसिव तरीके से चालू होंगे क्योंकि टीकाकरण प्रक्रिया स्थिर हो जाती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत ने पिछले 24 घंटों में कोविड 19 के 16,946 नए मामले और 198 मौतों की सूचना दी है। देश में कोरेाना के कुल 25,123 सक्रिय मामलों सहित 1,05,12,093 तक पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में 17,652 कोविड पीड़ि‍तों को डिस्चार्ज कर दिया गया। अब तक कोरोना पीड़ितों की संख्‍या 1,01,46,763 तक पहुंच गई है। कोरेाना से मरने वालों की संख्या 1,51,727 हो गई है।



पहली मंजिल से नीचे गिर गई थी धनिष्ठा  अपने घर की पहली मंजिल पर खेलते हुए धनिष्ठा 8 जनवरी की शाम नीचे गिर गई। उसे बेहोशी के हाल में गंगाराम अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।  डॉक्टरों ने 11 जनवरी को उस मासूम को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। उसका ब्रेन यानि मस्तिष्क काम नहीं कर रहा था बाकि सभी अंग बिल्कुल स्वस्थ थे।@GI@

अमरावती। एक लड़की को अपने प्रेमी द्वारा बेवफाई करना ऐसा नागवार गुजरा, उसके लिए ऐसी सजा दी, जिसके बारे में सोचकर रूह कांप जाएगी। यह मामला आंध्र प्रदेश राज्य का है, जहां लड़की ने तलवार से प्रेमी को सरेआम मौत के घाट उतार दिया। ये निर्मम हत्याकांड सोमवार शाम सात बजे को एक व्यस्त सड़क पर हुआ। यह घटना पश्चिम गोदावरी के कोवूर की है। इस दौरान एक युवती ने बाइक चलाते हुए आ रहे  प्रेमी को तलवार से काट दिया। 

सूत्रों के अनुसार, उस समय लड़की को तलवार को पकड़े हुई और उसे फोन पर बातें करते हुए देखा गया। वारदात के बाद लड़की घटनास्थल से फरार नहीं हुई बल्कि पुलिस के आते ही उसने आत्मसमर्पण कर दिया। मृतक की पहचान 22 वर्षीय युवक टाटाजी नायडू के रूप में हुई है। वह थडेपल्लीगुडेम का रहने वाला है, जबकि लड़की 21 साल की पास के पावनी मलाकापल्ली गांव की रहने वाली है।  इस बारे में पश्चिम गोदावरी के एसपी के. नारायण नाइक ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों इंटरमीडिएट के दिनों से एक दूसरे से संबंध में थे।

हाल के दिनों में लड़के ने लड़की को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था। वह लड़की से शादी करने के लिए तैयार नहीं था। साथ ही वह लड़की को पैसों के लिए भी परेशान कर रहा था। इससे तंग आकर लड़की ने उसे खतरनाक बदला लेने करने का फैसला किया और वारदात को अंजाम दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। पुलिस युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 



बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आंगलवाड़ी केंद्रों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब तलब किया था। साथ ही कोर्ट ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों द्वारा वच्चों और महिलाओं को पोषक आहार उपलब्ध कराने को कहा था। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से शून्य से छह वर्ष के बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन दिया जाता है।



सीबीआई ने कई बच्चों का यौन शोषण करने और उनके अश्लील वीडियो व फोटो अश्लील वेबसाइटों को बेचने को मामले में 16 नवंबर को जूनियर इंजीनियर रामभवन को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक बीत 10 साल से रामभवन इस तरह के कुकर्म कर रहा था। CBI की टीम ने उत्तरप्रदेश के चित्रकूट में जूनियर इंजीनियर और दोस्तों के घरों पर तलाशी ली थी।

तलाशी के दौरान करीब 8 लाख रुपए नकद, 12 मोबाइल फोन, लैपटॉप, वेब-कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस मिले थे। पुलिस के ऐसे भी प्रमाण मिले हैं कि रामभवन ऑनलाइन वीडियो और फोटोग्राफ की बिक्री करता था। गौरतलब है कि NCRB के डाटा के अनुसार भारत में हर रोज 100 से अधिक बच्‍चों का यौन शोषण होता है, बीते साल के मुकाबले इसमें करीब 22 फीसदी का उछाल आया है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक नए कृषि कानूनों को लागू करने से रोक लगाने के बावजूद किसानों का प्रदर्शन दिल्ली की सीमाओं पर जारी है। आज शाम 5.30 बजे किसान यूपी गेट पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे और लोहड़ी मनाएंगे। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे और आंदोलनरत किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ऐलान किया है कि बुधवार को किसान लोहड़ी की अग्नि में तीनों कानूनों की कॉपी को जलाकर अपना विरोध जताएंगे। इसके लिए यूपी गेट पर शाम साढ़े पांच बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा और मंच के पास लोहड़ी जलाई जाएगी।

किसानों ने कहा है कि 18 जनवरी को मंच की बागडोर महिला किसानों के हाथ में होगी। इसके लिए 17 जनवरी से महिला किसान आंदोलन स्थल पर पहुंचने लगेंगी। उनके ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। किसान महिलाओं को रुकने के लिए अलग से कैंप तैयार करेंगे। इसके साथ ही महिला वॉलेंटियर को महिलाओं को हर तरह की सुविधा मुहैया कराने के लिए तैनात किया जाएगा। महिला कैंप के आसपास पुरुषों का आना जाना प्रतिबंधित रहेगा।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में ट्रैक्टर रैली निकालने की चेतावनी दी है। इससे पहले किसानों ने 7 जनवरी को दिल्ली के चारों तरफ ट्रैक्टर रैली निकाली थी। हालांकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बाद कोर्ट ने मंगलवार को किसान संगठनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। लेकिन ट्रैक्टर रैली को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि 26 जनवरी को योजना के अनुसार ट्रैक्टर रैली जारी रहेगी और किसान सीमाओं को नहीं छोड़ेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर तत्काल रोक लगाते हुए इस मामले को सुलझाने के लिए एक कमेटी का गठन किया है जिसमें चार लोग शामिल होंगे। कमेटी में भारतीय किसान यूनियन के एचएस मान, डॉक्टर प्रमोद कुमार जोशी, कृषि विशेषज्ञ अशोक गुलाटी और शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल धनवत शामिल हैं। ये कमेटी दो महीने में कृषि कानूनों की चर्चा कर कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेंगे। 

नई दिल्ली। नया साल ने त्योहारों की एक सीरीज से शुरुआत की है, उनमें से एक लोहड़ी का त्योहार है। हर साल, मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। आज 13 जनवरी है और देश भर में लोहड़ी मनाई जा रही है। यह त्योहार मुख्य रूप से उत्तर भारत- पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है और लोग सूर्यास्त के बाद अलाव जलाते हैं, आशीर्वाद मांगते हैं, पारंपरिक कपड़े पहनते हैं और पॉपकॉर्न, रेवड़ी और मूंगफली बांटते हैं। 

आज के दिन आग में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाने का रिवाज है। लोहड़ी को सर्दियों के जाने और बसंत के आने का संकेत भी माना जाता है। खबरों के मुताबिक, कई जगहों पर लोहड़ी को तिलोड़ी भी कहा जाता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आर देश के नागरिकों को को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल, भोगली बिहू, उत्तरायण और पौष पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने कहा कि इन त्योहारों से हमारे समाज में प्रेम, स्नेह और सौहार्द की भावना मजबूत होती है और देश में समृद्धि और खुशी बढ़ती है।

भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू आज अपने परिवार के साथ भोगी को गोवा के राजभवन में मनाया। वहीं आंध्र प्रदेश की मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास राव ने परिवास संग विजयवाड़ा में भोगी त्योहर का मनाया। भोगी चार दिवसीय पोंगल त्योहार की शुरुआत करते हैं। टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू कृष्णा जिले के परिताला में भोगी उत्सव में भाग लेते हैं। पूर्व सीएम ने वहां मौजूद लोगों के साथ मिलकर राज्य सरकार द्वारा किसानों पर जारी किए गए सरकारी आदेशों को भी आग लगा दी। इसके अलावा तेलंगाना में में भोगी उत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।

सतना। बर्ड फ्लू फैलने के बाद प्रशासन हर तरह से इसे रोकने के इंतजाम कर रहा है, लेकिन आवारा कुत्ते इन प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। एक बार फिर सतना में रेलवे स्टेशन के बाहर चार से पांच कबूतर बुधवार सुबह मृत पड़े दिखाई दिए जिन्हें आवारा कुत्तों ने अपना निवाला बना लिया और उठाकर ले गए। इस प्रकार सतना जिले में रोज मृत मिल रहे पक्षियों से आम जन भी दहशत में हैं।


जानकारी के मुताबिक, पीड़ित की मां ने पुलिस को बताया कि बीते 5 दिसंबर को उसका 15 साल का बेटा अपने ननिहाल जा रहा था। तभी नानिहाल के रास्ते में उसके पड़ोसी जसराज बिश्नोई, उसके रिश्तेदार हरीश, सोमराज और विकास ने उसका अपहरण कर लिया और पिकअप में बैठाकर लूणकरणसर ले गए। रास्ते में आरोपियों ने उसे जबरदस्ती शराब पिलाकर मारपीट की। इस दौरान उन्होंने नाबालिग को भीषण यातनाएं दीं। 

शिकायत के मुताबिक, इन दरिंदों ने बच्चे के गुप्तांग में पेट्रोल डाला और साथ ही उसके शरीर को सिगरेट से भी दागा। इसके बाद चारों आरोपियों ने लूणकरणसर में स्थित जंभेश्वर भादू भाई होटल में नाबालिग से कुकर्म किया। जब इसकी शिकायत की गई तो आरोपियों ने नाबालिग की मां और पिता को जान से मारने की धमकी दी। जानकारी के अनुसार, यह नाबालिग एक माह तक उनकी गिरफ्त में रहा। जब 4 जनवरी को वह किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर भागा तो मामले का खुलासा हुआ। 

अब जाकर पीड़ित बालक की मां ने बज्जू पुलिस थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस के अनुसार इस मामले में शिकायत के बाद जांच जारी है। बीकानेर की एसपी प्रीति चंद्रा ने कहा कि आरोपी और पीड़ित के परिवारों में पुरानी दुश्मनी है। हमारी प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बच्चे के गुप्तांगों और अन्य हिस्सों पर कुछ मामूली चोटें आई हैं।





कटनी। दलालों ने मोटी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर धनवाही और करियापाथर के 52 मजदूरों को मौत के मुंह में भेज दिया गया। ये सभी मजदूर शुक्रवार रात लगभग 2.50 बजे सकुशल अपने गांव लौट आए।  हरकत में आए जिला प्रशासन हरकत ने सोलापुर (महाराष्ट्र) से 20 किलोमीटर दूर कुंदल गांव में बंधक मजदूरों का पता लगाकर उनकी वापसी के प्रयास किए। सोलापुर के जिला प्रशासन और मदरूप थाने से बातचीत कर मजदूरों को दलालों से मुक्त कराया। मजदूरों ने बताया कि गन्ना खेत मालिक ने उन्हें बंधक बना लिया था। मारता-पीटता और भूखे पेट काम कराता था। हम लोगों की मजदूरी भी खा गया।
वापस आए मजदूरों ने बताया कि दीपावली के चार दिन बाद भरदा और कूडन गांव निवासी शंभू बर्मन और किशन लाल गांव आए और हम लोगों से मजदूरी के लिए नागपुर के पास चलने के लिए कहा। दलाल ने सभी को 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दिलाने का वादा किया। इस पर धनवाही के 38 मजदूर तैयार हो गए। इस बीच करियापाथर के भी 14 मजदूरों को तैयार कर लिया। 

सभी 52 मजदूरों को बसों से नागपुर तक भेजा और नागपुर के लोगों के हवाले कर दिया। वहां से उन्हें कुंदल गांव ले जाया गया। कुंदल गांव में इनसे गन्ने की कटाई करवाई गई। एक सप्ताह बाद खेत मालिक ने इनकी मजदूरी 400 से घटाकर 200 रुपये कर दी। फिर 150 और बाद में 100 रुपये कर दी गई। इससे मजदूर खाने और रहने के लिए मोहताज होने लगे। विरोध करने पर खेत मालिक मारने -पीटने लगा।

नई दिल्ली। बर्ड फ्लू का प्रकोप देश के दस राज्यों तक पहुंच गया है। इसके अलावा भी कई राज्यों में पक्षियों की असामान्य मौत की खबरें हैं। इससे बर्ड फ्लू के वायरस के प्रसार की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय कंट्रोल रूम का गठन कर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं, जबकि बर्ड फ्लू प्रभावित राज्यों में निगरानी के लिए विशेष दल बनाए गए हैं। अब तक दस राज्यों में पक्षियों की अस्वाभाविक मौत होने से वायरस के प्रकोप से दहशत बढ़ गई है, जबकि सात राज्यों में वायरस से हुई मौत की पुष्टि हो चुकी है। राहत की बात है कि अभी देश में मानव में बर्ड फ्लू के फैलने की कोई सूचना नहीं है।
केंद्रीय पशुधन व डेयरी विभाग ने देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों व प्रशासकों से संपर्क में रहने और राज्यों में बर्ड फ्लू की आशंका वाले क्षेत्रों पर कड़ी नजर बनाए रखने की अपील की है। केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के प्रकोप की पुष्टि हो चुकी है।
वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में जलाशयों के आसपास कौओं और बत्तखों के मारे जाने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। महाराष्ट्र के दो जिलों में पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की अस्वाभाविक मौत की सूचनाएं हैं। इन सभी राज्यों से सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। राज्य सरकारों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

बलूचिस्‍तान की ख्‍यात एक्टिविस्‍ट करीमा बलूच की मौत की खबर से दुनिया भर में उनके समर्थकों को धक्‍का पहुंचा है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अत्याचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाली करीमा बलूच की कनाडा के टोरंटो में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह पिछले तीन दिनों से लापता थीं। उनका शव एक झील से मिला है। उनके करीबी लोगों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी पर हत्या कराने का शक है।

 पुलिस के अनुसार करीमा को रविवार को दोपहर 3 बजे देखा गया था। उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। बाद में उनका शव हार्बरफ्रंट झील के किनारे पानी में मिला। उनके परिवार ने मौत की पुष्टि की है। करीमा बलूच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना भाई मानती थीं। उन्होंने 2016 में रक्षाबंधन पर मोदी से वीडियो पर मार्मिक अपील की थी। करीमा बलूच 2016 में विश्व की सौ सबसे अधिक शक्तिशाली महिलाओं में शामिल की गई थीं। करीमा की महिला एक्टिविस्ट के रूप में पूरे विश्व में पहचान थी।

 उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के एक सत्र में पाकिस्तान सरकार और सेना के बलूचिस्तान में अत्याचारों की जमकर आवाज उठाई थी। वह बलूच स्टूडेंट आर्गनाइजेशन की अध्यक्ष भी रही थीं। 2015 में पाकिस्तान में सरकार द्वारा आतंकवाद के आरोप मढ़े जाने के बाद वे देश छोड़कर कनाडा निर्वासित हो गई थीं। वे तब से बलूचों के अधिकारों को लेकर सक्रिय थीं। वे काफी समय से पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड अफसरों के कनाडा में बसने का कड़ा विरोध कर रही थीं। इसे लेकर वे पाकिस्तानी हुकूमत की आंख की किरकिरी बनी हुई थीं।