Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है




भोपाल। कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी कलाकारों को हुई है। राजधानी भोपाल में डिंडोरी के कई गोंड चित्रकार रहते हैं, जो अपनी कला के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। इन्हीं में से एक हैं बालमती टेकाम। हालात ऐसे हो गए थे कि बालमती को अपनी चार साल की बेटी की मिठाई की मांग को पूरा करने के लिए साइकिल बेचनी पड़ी थी। थोड़े दिन बाद एक संस्था की मदद से उन्होंने अपनी बादल वाले आसमान समेत सात पेंटिंग्‍स इंटरनेट मीडिया पर डालीं और तीन घंटे में ही इनके ग्राहक मिल गए। बालमती की ये पेंटिंग्स 45 हजार रुपये में बिकी हैं। इन पैसों से उन्‍होंने अपने घर का किराया और परिचितों से लिया उधार चुकाया है। बालमती ने अब ऑनलाइन माध्यम को ही पेंटिंग बेचने का जरिया बना लिया है।

बालमती डिंडोरी का रहने वाली हैं, लेकिन वह पिछले दस साल से बाणगंगा इलाके में किराए के मकान में रह रही हैं। उनके परिवार में पति और दो बच्‍चे हैं। छह साल का बेटा और चार साल की बेटी। कोरोना काल से पहले बालमती ट्राइबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (ट्राइफेड) के लिए काम कर रही थीं। उन्हें ट्राइफेड को पेंटिंग देने के बदले सालाना करीब 25,000 रुपये मिलते थे। उनके पति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करते थे, उन्हें 8,000 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। बालमती का जीवन सुचारू रूप से चला, लेकिन महामारी ने उनके पति की नौकरी छीन ली और ट्राइफेड ने पेंटिंग लेना भी बंद कर दिया। पिछले दिनों चार महीने तक किराया नहीं देने पर मकान मालिक ने मकान खाली करने को कहा। वे तीन हजार रुपये महीना मकान किराया नहीं दे पा रहे थीं।

बादल वाले आकाश से फूटी आशा की किरण : फिर, बादल वाले आकाश में आशा की एक किरण फूट पड़ी। वह बताती हैं कि मैंने सामाजिक कार्यकर्ता पूजा अयंगर से संपर्क किया और उन्हें अपनी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने पहले हमें राशन दिया। फिर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पेंटिंग बेंचने के लिए कहा। बालमती कहती हैं कि पूजा मैडम उनके लिए एक फरिश्ता बनकर आईं, क्योंकि जब उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी तब उन्होंने मदद की।

आदिवासी महिला कलाकार का कहना है कि उन्‍होंने इन पैसों से घर का किराया और कर्ज चुकाया, जो अपने परिचितों से लिया था। उसने कैनवास और रंग भी खरीदे हैं। बालमती कहती हैं कि मेरे पति और मैंने गरीबी से बाहर निकलने के लिए कुछ और पैसे पाने की उम्मीद में कैनवास और कागजों पर 40 पेंटिंग्‍स बनाई हैं, जिनमें से ज्यादातर छोटी हैं। बालमती का कहना है कि उन्हें सरकार और ट्राइफेड से कोई सहयोग नहीं मिला, जबकि बरसात के दिन अभी बाकी हैं। बालमती कहती हैं कि वह आगे की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। यही उन्‍होंने अपने पूरे जीवन में किया है।

बालमती टेकाम ने हमसे संपर्क किया, तो हमने उनकी सात पेंटिंग्‍स और एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उसके सभी काम तीन घंटे के भीतर बिक गए। खरीदार भोपाल, अमेरिका में न्यू जर्सी, गोवा, चेन्नई, बेंगलुरु और दिल्ली से थे। पेंटिंग 45 हजार में बिकीं। हमने कलाकार को 29 हजार रुपये दिए हैं। जब हमें खरीददार से बाकी रकम मिल जाएगी, तो हम उसे भेज देंगे।

बॉलिवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो बेहद प्रतिभा के बावजूद अपना मुकाम नहीं बना पाते हैं। ऐसा ही एक नाम सिंगर और ऐक्ट्रेस सुलक्षणा पंडित का है। अच्छी आवाज और खूबसूरत लुक्स वाली सुलक्षणा पंडित पिछले काफी समय से गुमनामी की जिंदगी बिता रही हैं और उनका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं है।@GI@

आइए, सुलक्षणा पंडित के 67वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी दुखभरी कहानी।
सुलक्षणा का जन्म 12 जुलाई 1954 को मशहूर संगीत घराने में प्रताप नारायण पंडित के घर में हुआ था। संगीत एक तरह से सुलक्षणा को परिवार से मिला था। उन्होंने केवल 9 साल की उम्र में सिंगिंग शुरू कर दी थी। मशहूर संगीतकार जतिन-ललित उनके छोटे भाई हैं और ऐक्ट्रेस विजेयता पंडित छोटी बहन हैं। बाद में सुलक्षणा ने फिल्मों में भी गाना शुरू कर दिया। उन्होंने लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और किशोर कुमार जैसे सिंगर्स के साथ गाने गाए थे।@GI@

रतलाम। स्टेशन रोड पुलिस थाना पर पदस्थ महिला एसआइ 34 वर्षीय कविता सोलंकी की जहर पीने से मौत हो गई। उसके पास से माता-पिता के नाम लिखा सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि उसकी शादी नहीं हो रही है, इससे वह डिप्रेशन में है। इस कारण जीना नहीं चाहती, इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। कविता सोलंकी मंदसौर जिले के सीतामऊ की रहने वाली है। वे वर्ष 2017 में पुलिस विभाग में एसआइ के पद पर भर्ती हुई थी।

 जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ रहने के बाद वे 16 फरवरी 2020 से स्टेशन रोड थाने पर पदस्थ थी। 7 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे कविता ने हाकिमवाड़ा रोड स्थित रंजित पुलिस लाइन में अपने सरकारी क्वार्टर में जहर पी लिया था। इसके बाद उसने थाने पर पदस्थ एक महिला पुलिसकर्मी को फोन कर बताया कि उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे उल्टी हो रही है। थाने से कुछ कर्मचारी उनके घर पहुंचे और उन्हें शास्त्रीनगर स्थित निजी अस्पताल रतलाम हास्पिटल ले जाकर भर्ती कराया था।

 सूचना मिलने पर सीएसपी हेमंत चौहान, टीआई किशोर पाटनवाला व अन्य अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उनका मरणासन कथन भी कराया गया था तथा उनके माता-पिता को सूचना दी गई थी। वे भी कुछ देर बाद अस्पताल पहुंच गए थे। गुरुवार सुबह कविता सोलंकी ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव उनके स्वजन को सौंप दिया गया। एसपी गोरव तिवारी ने मीडिया को बताया कि कविता द्वारा डिप्रेशन में आकर खुदकुशी करने संबंधी सुसाइड नोट मिला है, मामले की जांच की जा रही है।

नई दिल्ली। आगरा जेल में बंद नाबालिगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 14 से 22 वर्षों से आगरा जेल में बंद नाबालिगों को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। अब आगरा जेल में लंबे समय से बंद इन आरोपियों की रिहाई प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले सप्ताह जस्टिस इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर एक जवाब दाखिल करने के लिए कहा था।

बता दें कि आगरा की केंद्रीय जेल में पिछले 14 से 22 साल से बंद 13 कैदियों की रिहाई को लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में इन कैदियों की रिहाई की मांग की गई थी। घटना के वक्त सभी दोषियों को नाबालिग घोषित किया जा चुका है। इन दोषियों को खूंखार कैदियों के साथ रखा गया है।

नई दिल्ली। नये मंत्रियों के शपथ लेने के बाद अब उनके बीच विभागों के बंटवारा किया जा चुका है। देश के सबसे अहम मंत्रालयों में से एक रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी एक पूर्व आएएस अधिकारी को दी गई है। अश्विनी वैष्णव को रेल के अलावा आईटी और संचार मंत्रालय का कार्यभार भी सौंपा गया है। पूर्व नौकरशाह अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को मंत्री पद की शपथ ली थी। हम आपको बताते हैं कि आखिरकार कौन हैं देश के नये रेल मंत्री ?

अश्विनी वैष्णव को देश का नया रेल मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा वह आईटी मंत्री भी होंगे। रेल मंत्री का जि्म्मा अभी पीयूष गोयल के पास था, जिन्हें अब कपड़ा मंत्रालय दिया गया है। कपड़ा मंत्रालय संभाल रहीं स्मृति ईरानी को अब महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया है। शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा धर्मेंद्र प्रधान को दिया गया है तो अब हरदीप सिंह पुरी पेट्रोलियम मंत्री बनाए गए हैं। 

बता दें कि ओडिशा से भाजपा सांसद अश्विनी वैष्णव नौकरशाह रह चुके हैं। वहीं, अश्विनी वैष्णव 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। अश्विनी वैष्णव ने आईएएस अधिकारी रहते हुए कई शानदार काम किए थे, जिसमें से एक ओडिशा के बालासोर में आए समुद्री तूफान के दौरान राहत पहुंचाना भी शामिल था। वो यहीं से चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया था।

अश्विनी वैष्णव मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले हैं। साल 1994 बैच के आईएएस अधिकारी वैष्णव को सबसे पहले बालासोर का डीएम बनाया गया था। वह नवीन पटनायक के करीबी और पसंदीदा अधिकारियों में से एक थे। इसलिए जब वह सीएम बने तो उन्हें सबसे पहले ओडिशा के महत्वपूर्ण शहर कटक का कलेक्टर बनाया गया था। यहां उन्होंने कई बदलाव किए, जिसमें कानून-व्यवस्था दुरुस्त करना भी शामिल है।

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन से 8 राज्यों में नए राज्यपाल की नियुक्ति का आदेश जारी हुआ है. इस आदेश के मुताबिक रमेश बैस को झारखंड का नया राज्यपाल बनाया गया है. फिलहाल वह त्रिपुरा के राज्यपाल का पद संभाल रहे थे. रमेश बैस का ताल्लुक छत्तीसगढ़ से है और वह सात बार सांसद रह चुके हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में उन्हें त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया था. 

झारखंड में रमेश बैस को राज्यपाल बनाए जाने के साथ ही राष्ट्रपति भवन से कुल 8 राज्यों में नए राज्यपाल की नियुक्ति की गई है. इनमें पीएएस श्रीधर को गोवा, सत्यदेव नारायण आर्य को त्रिपुरा, थावर चंद गहलोत को कर्नाटक, बंडारू दत्तात्रेय को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. ये सभी राज्यपाल इससे पहले भी अलग-अलग राज्यों में गवर्नर पद संभाल रहे थे. वहीं हरिबाबू कम्भपति और मंगूभाई छगनभाई पटेल और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की पहली बार गवर्नर पद पर नियुक्ति हुई है. 

2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ के सभी तत्कालीन सांसदों की टिकट काट दी थी. जिनमें रायपुर से सांसद रमेश बैस भी शामिल थे. इसे लेकर रमेश बैस के समर्थकों में भारी नाराजगी भी दिखी थी. हालांकि बाद में पार्टी ने उन्हें त्रिपुरा का राज्यपाल बना दिया था. रमेश बैस इन दिनों रायपुर आए हुए हैं. रविवार को उन्होंने पूर्व सीएम रमन सिंह से मुलाकात भी की थी. 



नई दिल्ली। अरसे से लंबित केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार संभवत: बुधवार शाम छह बजे होगा। नरेंद्र मोदी कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों को जगह दिए जाने की अटकलों के बीच पार्टी आलाकमान के बुलावे पर मध्य प्रदेश से भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र से नारायण राणे और असम से सर्बानंद सोनोवाल दिल्ली पहुंच गए। बताया जा रहा है कि आधा दर्जन कैबिनेट मंत्रियों की छुट्टी होगी, जबकि एक दर्जन मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जाएगा। इसके अलावा आठ से 10 राज्य मंत्रियों को भी टीम मोदी से बाहर होना पड़ सकता है। विस्तार से पहले पीएम मोदी बुधवार दिन में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक कर विभागों के बंटवारे को अंतिम रूप देंगे। 

विस्तार में 20-25 नए मंत्रियों को जगह देने की बात कही जा रही है। इस बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जदयू के मंत्रिमंडल में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा, केंद्रीय कैबिनेट में कौन शामिल होगा कौन नहीं, यह प्रधानमंत्री तय करेंगे। मोदी जो चाहेंगे, वह होगा। उधर, लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि अगर चाचा पशुपति पारस को पार्टी के कोटे से मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया तो हम कोर्ट जाएंगे। इससे पहले मंगलवार दिन में केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री और दलित चेहरा माने जाने वाले थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का नया राज्यपाल बना दिया है। वहीं, सात अन्य राज्यों के राज्यपाल भी बदल दिए। थावरचंद को कर्नाटक भेजे जाने से मंत्रिमंडल में एक और सीट खाली हो गई है। 
सूत्रों का कहना है कि विस्तार के जरिए पीएम मोदी की कोशिश पार्टी में नई पीढ़ी तैयार करने की भी है। इस रणनीति के तहत इस विस्तार में युवा चेहरों पर दाव लगाया जाएगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनावी समीकरण साधने के लिए सोशल इंजीनियरिंग का भी ध्यान रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल से ब्राह्मण, ओबीसी और दलित चेहरे को विस्तार में जगह मिलना तय है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल के संभावित चेहरे के लिए पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यालय से फोन जा रहा है, जबकि सहयोगियों के साथ गृहमंत्री अमित शाह संपर्क में है। नड्डा के कार्यालय से असम के पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुशील मोदी, नारायण राणे, शांतनु ठाकुर, निशिथ प्रमाणिक सहित एक दर्जन नेताओं को बुलावा भेजा गया है। जबकि शाह ने लोजपा के नए अध्यक्ष पशुपति पारस को दिल्ली बुलाया है। शाह ने मंगलवार को जदयू के अध्यक्ष आरसीपी सिंह, अन्नाद्रमुक और वाईएसआर कांग्रेस के साथ बातचीत की। वहीं, बुधवार को शाह अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल से बातचीत करेंगे।
सिंधिया ने मंगलवार सुबह उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए। वह जैसे ही मंदिर से बाहर निकले, भाजपा हाईकमान से फोन आ गया। इसके बाद सिंधिया आगे का कार्यक्रम निरस्त कर दिल्ली रवाना हो गए। सिंधिया ने उज्जैन में कहा, मुझे महाकाल मंदिर में दर्शन करने का सौभाग्य मिला। मेरी यही कामना है कि कोरोना के युद्ध में मानव जाति को भगवान आशीर्वाद प्रदान करें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रहे 73 वर्षीय थावरचंद गहलोत वजुभाई वाला की जगह लेंगे, जो कर्नाटक में 2014 से राज्यपाल रहे हैं। केंद्र सरकार की अनुशंसा पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक साथ आठ राज्यपालों की नियुक्ति की। इनमें से चार नए हैं, जबकि चार राज्यपालों का दूसरे राज्यों में स्थानांतरण किया है। गोवा भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। 

वहीं, अब तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे बंडारू दत्तात्रेय को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया है। जिन चार नए राज्यपालों की नियुक्ति हुई है, उनमें गहलोत को कर्नाटक, गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगुभाई छगनभाई पटेल को मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. हरिबाबू कंभमपति को मिजोरम और गोवा विधानसभा के पूर्व स्पीकर रहे राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। चार राज्यपालों को दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया गया है।


नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल में पहला और बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। फेरबदल में कई मंत्रियों को प्रोन्नति भी मिलने के आसार हैं तो कुछ की छुट्टी भी हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मोदी कैबिनेट के इस फेरबदल में कुछ पांच किस्म के बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फेरबदल को लेकर सत्ता के गलियारों में जो अनुमान लगाए जा रहे हैं, उनमें अच्छा प्रदर्शन करने और क्षेत्रीय समीकरणों के चलते कई राज्यमंत्रियों को प्रोन्नति, खराब प्रदर्शन करने वाले कई मंत्रियों की छुट्टी, नए चेहरों को जगह, सहयोगी दलों की फिर से एंट्री तथा कई मंत्रियों के विभागों का बोझ कम किया जाना शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, संभावना व्यक्त की जा रही है कि कई मंत्रियों को प्रोन्नत किया जा सकता है। इनमें ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया, कार्मिक राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह, पर्यावरण राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो के नामों की चर्चा में है। क्षेत्रीय एवं जातीय समीकरणों के आधार पर कुछ और राज्यमंत्रियों को भी प्रोन्नत किया जा सकता है। 

सूत्रों के अनुसार, खराब कार्य करने वाले कई मंत्रियों को हटाया जा सकता है। पिछली समीक्षा बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कह चुके हैं कि कड़े फैसले लेने होंगे। जिसका स्ष्ट संदेश यह है कि खराब कार्य करने वाले मंत्रियों को आगे जारी नहीं रखा जा सकता। कई कैबिनेट मंत्रियों के दो या इससे ज्यादा मंत्रालय हैं। ऐसे मंत्रियों के विभाग कम किए जा सकते हैं। नौ मंत्री ऐसे हैं जो एक से अधिक विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 

सूत्रों के अनुसार, फेरबदल में चौथा अहम बदलाव नए चेहरों के रूप में होगा। पार्टी से कई नये चेहरों को राज्यों के चुनावों या अन्य कारणों के चलते कैबिनेट में जगह दी जाएगी। पांचवा जो अहम बदलाव होगा, वह सहयोगी दलों की कैबिनेट में फिर से एंट्री होने जा रही है। इसमें जदयू, अपना दल, लोजपा तथा कुछ अन्य छोटे दलों को एंट्री मिल सकती है।



गूगल ने इन ऐप्स को प्ले स्टोर से डिलीट कर दिया है. अगर आपके फोन में ये ऐप्स अभी भी है तो आप भी तुरंत इसको डिलीट कर दें. रिसर्चर डॉक्टर वेब ने इसको रिपोर्ट किया है. डॉक्टर वेब के अनुसार इन एंड्रॉयड ऐप्स में 5 तरह के मैलवेयर टाइप्स मिक्स हैं.ये  ऐप्स उसी जावा स्क्रिप्ट और फाइल फॉर्मेट का यूज करते हैं जो लोगों के फेसबुक क्रेडेंशियल को चुराने में काम आता है. इसको करने के लिए काफी आसान तरीका अपनाया गया था.

ये ऐप्स फेसबुक साइन इन हो जाने के बाद वो इन-ऐप्स ऐड ना दिखाने और ऐप के कई और फीचर्स एक्सेस करने का ऑफर करते हैं. यहां पर कई लोग अपने फेसबुक से लॉगिन कर देते हैं. इसके लिए लॉगिन प्रांप्ट भी उनको दिया जाता है. इसके बाद malicious प्रोसेस शुरू होता है. एक बार फेसबुक अकाउंट लॉगिन हो जाने के बाद ऐप्स को स्पेशल सेटिंग्स मिल जाते हैं. इसकी मदद से वो डेटा को चुराने के साथ कमांड और कंट्रोल सर्वर से JavaScript लोड करने लगते हैं.

रांची। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को लेकर झारखंड सरकार अलर्ट है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की निगरानी में इसके खिलाफ जंग की तैयारी चल रही है। उनके निर्देश पर सरकारी अस्पतालों में बच्चों के अनुकूल वार्ड और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) स्थापित किए जा रहे हैं। दरअसल, चिकित्सकों, विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों को आशंका है कि तीसरी लहर बच्चों को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है।

इसे देखते हुए राज्य के सभी जिलों में बच्चों के इलाज के लिए इंटेंसिव केयर यूनिट युद्धस्तर पर तैयार की जा रही है। राज्य के सभी सदर अस्पतालों तथा कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पीआइसीयू विकसित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों को बेहतर इलाज मुफ्त में मिल सके। सभी जिलों में चाइल्ड वार्ड के अतिरिक्त डेडिकेटेड चाइल्ड वार्ड विकसित हो रहे हैं। ये सभी वार्ड व पीआइसीयू वेंटिलेटर, बाल चिकित्सा वेंटिलेटर, बबल सीपीएपी, रेडिएंट वार्मर, ऑक्सीजन आपूर्ति सुविधा और अन्य आवश्यक उपकरणों से लैस किए जा रहे हैं।


सरकारी अस्पतालों में चाइल्ड फ्रैंडली पीडियाट्रिक वार्ड बनाए जा रहे हैं। वार्डों में कार्टून की पेंटिंग की जा रही है। उपयोग किए जाने वाले पर्दे, चादरें और कवर रंगीन और आकर्षक रूप से तैयार किए गए हैं। इनके अलावा वार्ड में टेलीविजन सेट भी लगाए जा रहे हैं, ताकि बच्चों को घर से बाहर होने का अहसास न हो। अस्पतालों के आंगन और वार्डों के गलियारे को बच्चों की चहलकदमी लायक बनाया जा रहा है। कई स्टोरी बुक और अन्य शिक्षण सामग्री के साथ बुकशेल्फ भी स्थापित किए जा रहे हैं। कोडरमा, रांची, धनबाद, जमशेदपुर, गुमला, लातेहार, गिरिडीह आदि में पीआइसीयू का काम पूरा हो चुका है जबकि अन्य जिलों में कार्य प्रगति पर है।







राज्य सरकार लोगों और बच्चों के लिए हरसंभव स्वास्थ्य सुविधा तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। संभावित तीसरी लहर के खिलाफ जंग लड़ने के लिए सरकार खुद को पहले से तैयार कर रही है। हमने दूसरी लहर के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। दूसरी लहर हमारे लिए एक सबक थी, जिसने हमें अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं में खामियों को खोजने में मदद की। इस बार हम खुद को पहले से तैयार कर रहे हैं।-हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड

चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस में पहले मचे हुए कोहराम का अभी हाईकमान हल ही नहीं निकाल पाई है कि हाल ही में हुई कैबिनेट में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दो विधायकों के बेटों को डायरेक्ट अफसर बनाकर फिर नया विवाद खड़ा कर दिया है. विपक्षी दल तो इसका विरोध कर ही रहे हैं, लेकिन कैप्टन के बहुत ही करीबी पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़  सहित मंत्रियों और विधायकों ने भी इन नियुक्तियों का पूरजोर विरोध किया है.

उन्होंने कहा कि इस फैसले को वापिस नहीं लिया गया तो कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. हालांकि इस बार कैप्टन के धुरविरोधी रहे सांसद प्रताप सिंह बाजवा के भतीजे और विधायक फतेहजंग बाजवा के बेटे अर्जुन बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर लगाया गया है इसलिए उनके करीब तीन दिन पहले से ही सूर बदले हुए हैं और वह कैप्टन के पक्ष में आकर खड़े हो गए हैं. लुधियाना से विधायक राकेश पांडेय के बेटे भीष्म पांडेय को नायब तहसीलदार बनाया गया है.


कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा विधायकों के बेटों नौकरी देना बिलकुल गलत है. उन्होंने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में एजेंडा लाने से पहले भी उन्होंने इस तरह विधायकों के बेटों को नौकरी देने का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि वह इस मसले पर सहयोगी मंत्रियों से बैठक करेंगे और सीएम से भी बात करेंगे. बाजवा ने कहा कि इस फैसले पर दोबारा विचार किए जाने की जरूरत है.

फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत नागरा दो विधायकों के बेटों को नौकरी देने के फैसले से मैं सहमत नहीं. उन्होंने पूरी कैबिनेट, सीएम कैप्टन अमरिंदर और पार्टी से मांग की है कि पंजाब के युवाओं के भविष्य को देखते हुए उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस फैसले को वापिस लिया जाना चाहिए. गिद्दड़बाहा के विधायक राजा वड़िंग दो विधायकों के बटों को नियक्तियां देने का फैसला गलत है.


शिरोमणि अकाली दल: राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से कैप्टन सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है. बिक्रमजीत सिंह मजीठिया और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए करोड़पति कांग्रेस विधायकों के बेटों को नौकरी दी. आम आदमी पार्टी: प्रदेशाध्यक्ष भगवंत मान ने कहा कि नियम बदलकर चहेतों को फायदा पहुचाया जा रहा है. यह सब कैप्टन ने असंतुष्टों को खुश करने के लिए किया है. हमारी सरकार बनी तो इन दोनों नियुक्तियों को रद्द किया जाएगा.

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार लाख रुपए अनुग्रह राशि दिए जाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर केंद्र सरकार ने कहा कि वह कोरोना वायरस की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकती है। केंद्र ने कहा है कि कोविड-19 के पीड़ितों को 4 लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है.


क्योंकि आपदा प्रबंधन कानून में केवल भूकंप, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं पर ही मुआवजे का प्रावधान है। सरकार ने आगे कहा कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजे की राशि दी जाए और दूसरी पर नहीं तो यह पूरी तरह से गलत होगा।सरकार ने कहा कि अगर कोरोना से जान गंवाने वाले सभी लोगों को 4 लाख की अनुग्रह राशि दी जाती है तो फिर एसडीआरएफ का पूरा पैसा सिर्फ एक चीज पर खर्च हो जाएगा और इससे महामारी के खिलाफ लड़ाई में उपयोग होने वाली राशि प्रभावित होगी। 

अगर एसडीआरएफ फंड को कोरोना पीड़ितों को मुआवजा देने में खर्च किया जाता है तो इससे राज्यों की कोरोना के खिलाफ लड़ाई प्रभावित होगी और अन्य चिकित्सा आपूर्ति और आपदाओं की देखभाल के लिए पर्याप्त धन नहीं बचेंगे। इसलिए कोरोना से मरे व्यक्तियों को अनुग्रह राशि के भुगतान के लिए याचिकाकर्ता की प्रार्थना राज्य सरकारों की वित्तीय सामर्थ्य से परे है।


स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो देश में कोरोना वायरस की वजह से महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक करीब चार लाख लोगों की जानें जा चुकी हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में केंद्र और राज्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का अनुरोध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा।

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना महामारी के दौरान सबसे ज्यादा गरीबी भारत में बढ़ने संबंधी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि देश के पुनर्निर्माण की शुरुआत तब होगी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी गलतियां स्वीकार करेंगे और विशेषज्ञों की मदद लेंगे।

उन्होंने एक रिपोर्ट साझा करते हुए ट्वीट किया, यह भारत सरकार के महामारी कुप्रबंधन का परिणाम है। परंतु अब हमें भविष्य की ओर देखना है। कांग्रेस नेता ने कहा, हमारे देश के पुनर्निर्माण की शुरुआत तब होगी जब प्रधानमंत्री अपनी गलतियां स्वीकार करेंगे और विशेषज्ञों की मदद लेंगे। नकारने की मुद्रा में बने रहने से किसी भी चीज का हल नहीं निकलेगा।

विशाखापट्टनम। 16 साल के लड़के ने फंदा लगा किया सुसाइड षणमुख ने ऑनलाइन एक कुत्ता देखा, जिसकी कीमत 30 हजार रुपये थी. षणमुख को कुत्ता बहुत पसंद आया और उसने अपने माता-पिता से उसे दिलाने की जिद की. हालांकि उसके परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए. इस बात से नाराज षणमुख ने फांसी लगाकर जान दे दी. बच्‍चों में कई बार किसी चीज को पाने की हसरत इस कदर हावी हो जाती है कि वो चीज न मिलने पर गुस्‍से में कई बार खतरनाक कदम तक उठा लेते हैं. 


 षणमुख ने ऑनलाइन एक कुत्ता देखा, जिसकी कीमत 30 हजार रुपये थी. षणमुख को कुत्ता बहुत पसंद आया और उसने अपने माता-पिता से उसे दिलाने की जिद की. हालांकि उसके परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए. बता दें कि षणमुख की मां ने कुत्ता लाने से साफ इनकार कर दिया था. षणमुख की मां ने कहा था कि अगर वह कुछ वक्त ठहर जाएगा तो वह उसे कुत्ता दिला देंगी. हालांकि घरवालों के ऐसा कहने पर षणमुख वामसी नाराज हो गया. 

इसके बाद जब षणमुख की मां सोमवार को जरूरी घरेलू सामान खरीदने बाजार गई तो षणमुख वामसी ने फांसी से लटककर जान दे दी. मां ने जब बेटे को फंदे से झूलता देखा तो वह बेहोश हो गईं. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने षणमुख वामसी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के दौरान डॉक्‍टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एमआर पेट्टा थाने की पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है और आगे जांच की जा रही है.

कोलकाता। हाल में संपन्न बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोलकाता पुलिस आज दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस मिथुन से वर्चुअल माध्यम से पूछताछ कर रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान मिथुन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाते हुए महानगर के मानिकतल्ला थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बता दें कि आज मिथुन चक्रवर्ती का जन्‍मदिन भी है।

चुनाव परिणाम घोषित होने के एक माह बाद मिथुन ने उक्त प्राथमिकी के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें एफआइआर खारिज करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि हाई कोर्ट ने मिथुन को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जांच अधिकारी के समक्ष पूछताछ में शामिल होने का पिछले हफ्ते निर्देश दिया था। अदालत ने साथ ही जांच अधिकारी को भी निर्देश दिया था कि वह मिथुन को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उपस्थित होने के लिए तर्कसंगत समय दें। मिथुन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर भाषण में अपनी फिल्मों के चर्चित संवाद बोलकर चुनाव के बाद हुई हिंसा को भड़काया।

हालांकि चक्रवर्ती ने दावा किया है कि फिल्मों के ऐसे संवाद केवल हास्य-विनोद के लिए बोले गए थे और वह निर्दोष हैं तथा ऐसे किसी अपराध में शामिल नहीं हैं जिसके आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए हैं। चक्रवर्ती ने कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। मानिकतल्ला पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में दावा किया गया है कि सात मार्च को भाजपा में शामिल होने के बाद आयोजित रैली में चक्रवर्ती ने  मारबो एखाने लाश पोड़बे शोशाने (तुम्हे मारूंगा तो लाश श्मशान में गिरेगी) और  एक छोबोले चाबी’ (सांप के एक दंश से तुम तस्वीर में कैद हो जाओगे) संवाद बोले, जिसकी वजह से राज्य में चुनाव के बाद हिंसा हुई। 

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वैक्सीन लगने के बाद पहली मौत की पुष्टि हो चुकी है. वैक्सीन की वजह से 68 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है. ये बात केंद्र सरकार की ओर से गठित पैनल की रिपोर्ट में सामने आई है. इंडिया टुडे के पास ये रिपोर्ट है.  वैक्सीन लगने के बाद कोई गंभीर बीमारी होने या मौत होने को वैज्ञानिक भाषा में एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (AEFI) कहा जाता है. AEFI के लिए केंद्र सरकार ने एक कमेटी गठित की है. इस कमेटी ने वैक्सीन लगने के बाद हुई 31 मौतों का असेसमेंट करने के बाद कन्फर्म किया कि 68 साल के एक  बुजुर्ग की मौत वैक्सीन लगने के बाद एनाफिलैक्सीस (Anaphylaxis) से हुई. ये एक तरह का एलर्जिक रिएक्शन होता है. बुजुर्ग को 8 मार्च 2021 को वैक्सीन की पहली डोज लगी थी और कुछ दिन बाद ही उनकी मौत हो गई थी. 

इंग्‍लैंड. दुनिया भर में जानलेवा कोरोना वायरस संक्रमण से लोग जूझ रहे हैं. इसी बीच खबर आई है कि यूके के नॉर्थ वेल्स में Monkeypox के 2 मामले सामने आए हैं. इस बात की जानकारी नॉर्थ वेल्‍स के पब्लिक हेल्‍थ ऑफिसर्स ने दी है. उन्‍होंने बताया कि एक ही परिवार के 2 सदस्‍यों में यह बीमारी सामने आई है. इसके कारण दोनों पेशेंट को शरीर में दाने आने, खुजली होने, बुखार और दर्द की समस्‍या हो गई है.



विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, Monkeypox वायरस के कारण एक ऐसी बीमारी होती है, जिसके लक्षण स्‍मॉल पॉक्‍स जैसे होते हैं, लेकिन उससे कम गंभीर होते हैं. Monkeypox बीमारी के सामान्‍य लक्षण बुखार आना, शरीर में दाने होना हैं. मोटे तौर पर यह बीमारी जंगली जानवरों जैसे चूहों और बंदरों द्वारा इंसानों में फैलती है. इसके अलावा यह एक व्‍यक्ति से दूसरे में भी फैलती है. इस बीमारी से ग्रसित 100 में से 10 मरीजों की मौत होने की आशंका होती है.