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पूरब टाइम्स। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इस साल खेले जाने वाले टी20 वर्ल्ड कप के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। 2007 की टी20 चैंपियन भारतीय टीम विश्व कप में अभियान की शुरूआत 24 अक्टूबर से करेगी। टीम का पहला ही मुकाबला चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के साथ खेला जाएगा। उधर, टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 17 अक्टूबर को ओमान और पपुआ न्यू गिनी के बीच खेला जाएगा। फाइनल 14 नवंबर को होगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछला मुकाबला 2016 में खेला गया था। यह भी टी-20 वर्ल्ड कप मैच था। दोनों टीमें टी-20 वर्ल्ड कप में 5 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इन सभी में भारत ने पाकिस्तान को हराया है। ओवरऑल टी-20 की बात करें, तो भारत और पाकिस्तान ने 8 मैच खेले हैं। इसमें टीम इंडिया ने 7 और पाकिस्तान ने 1 मैच जीता। 1 मैच भारत ने टाई के बाद बॉल आउट में जीता था।


टोक्यो।  भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ओलिंपिक में इतिहास रच दिया। 41 साल बाद मेडल का सूखा खत्म करते हुए कैप्टन मनप्रीत की टीम ने बेल्जियम को 5-4 से मात देते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा कर लिया। इसके बाद देशभर में जश्न और बधाइयों का दौर शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो में मौजूद टीम से जीत के तुरंत बाद मोबाइल पर बात की।

मैच के बाद कैप्टन मनप्रीत ने मीडिया से बात की। मनप्रीत ने कहा कि मुझे लगता है इस ओलिंपिक में खिलाड़ियों ने बहुत मेहनत की है और वे मेडल डिजर्व करते हैं। खुशी जाहिर करने के लिए शब्द नहीं हैं मेरे पास। श्रीजेश ने कहा था कि ये प्रेशर वाला मैच है। हमें एन्जॉय करना चाहिए और नेचुरल गेम खेलना चाहिए। अगर मेडल और प्रेशर के बारे में ज्यादा सोचेंगे तो परफॉर्म नहीं कर पाएंगे। हमें अपना बेस्ट देना था और हमने यही किया। शुरुआत से लेकर आखिर तक हम लोगों ने हार नहीं मानी। प्रेशर को एन्जॉय किया।

प्रधानमंत्री ने महिला टीम की कैप्टन रानी रामपाल और ज्योर्ड मरिज्ने से भी फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि आप बहुत काबिल हैं और आपको भविष्य की ओर देखना चाहिए। जीत और हार जीवन का हिस्सा होते हैं। आपको इस मौके पर निराश नहीं होना चाहिए। महिला टीम सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ एक गोल से हार गई थी। हालांकि, अभी महिला टीम से भी मेडल की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं। अब वो ब्रॉन्ज के लिए ब्रिटेन से शुक्रवार को भिड़ेगी।

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले शुभमन गिल चोटिल हो गए और इसके बाद वो इस टेस्ट सीरीज से बाहर भी हो गए। गिल के बाहर होने के बाद रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का पहला विकल्प मयंक अग्रवाल ही हैं। मयंक का बतौर ओपनर काफी अच्छा रिकॉर्ड है और उन्होंने अब तक दो दोहरे शतक के साथ 1005 रन बनाए हैं। हालांकि पिछले कुछ टेस्ट मैचों में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला है, लेकिन वो इस वक्त टीम इंडिया के कुछ बेहतरीन ओपनर्स में से एक हैं। 

मयंक अग्रवाल के अलावा टीम इंडिया के पास केएल राहुल को भी आजमाने का विकल्प है, लेकिन टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज आकाश चोपड़ा को लगता है कि, ऐसा नहीं होगा। यही नहीं उन्होंने टीम मैनेजमेंट के उस फैसले पर भी आश्चर्य जाहिर किया जिसमें कहा गया है कि, वो केएल राहुल को मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में देख रहे हैं। मैनेजमेंट के इस फैसले पर आकाश चोपड़ा हैरान हैं क्योंकि केएल राहुल ने टेस्ट क्रिकेट में ज्यादातर ओपनिंग की है। राहुल ने भारत के लिए 36 टेस्ट खेले हैं जिसमें से उन्होंने 33 मैचों में 36.82 की औसत से 1915 रन बनाए हैं। यही नहीं टेस्ट में उन्होंने पांच शतक भी ओपनिंग करते हुए ही लगाए हैं। 

आपको बता दें कि, कुछ दिन पहले ही दैनिक जागरण को एक सूत्र ने बताया था कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज मे केएल राहुल ओपनिंग नहीं करना चाहते और इसके लिए उन्होंने टीम मैनेजमेंट को भी बता दिया है साथ ही विराट कोहली भी अपने चहेते से ओपनिंग नहीं करवाना चाहते क्योंकि इससे हो सकता है उनका क्रिकेट करियर खराब हो जाए। अब आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि, इस कहानी में दो पहलू हैं। पहला ये कि भारत के पास मयंक अग्रवाल और अभिमन्यू ईश्वरन हैं जो ओपनिंग कर सकते हैं। दूसरा ये कि, केएल राहुल ओपनिंग कर सकते हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट उन्हें मध्यक्रम के बल्लेबाज के तौर पर देख रहा है। 

आकाश चोपड़ा ने कहा कि, ये चौंकाने वाला है क्योंकि राहुल ने अपने सभी पांच शतक टेस्ट में ओपनिंग करते हुए लगाए हैं। ऐसे में टीम मैनेंजमेंट अचानक ही क्यों उन्हें मध्यक्रम के बल्लेबाज के तौर पर देख रहा है मुझे नहीं पता।मैंने सोचा था कि वो हमेशा एक बैक-अप सलामी बल्लेबाज था, लेकिन जाहिर तौर पर वो नहीं है। असाधारण परिस्थितियों में भी। मैं समझता हूं लेकिन जो मुझे समझ नहीं आ रहा है वो यो है कि केएल राहुल अब सलामी बल्लेबाज नहीं हैं, वो मध्यक्रम बल्लेबाज हैं, वाह।


इस फाइनल मुकाबले पर बारिश ने अपना प्रभाव जबरदस्त तरीके से डाला है और इसकी वजह से खेल में बार-बार बाधा पहुंच रही है। मैच के पहले दिन का खेल पूरी तरह से बारिश की भेंट चढ़ गया था तो वहीं दूसरे दिन भी टी-ब्रेक के बाद खराब रोशनी और बारिश की आंख-मिचौली जारी रही और आखिरकार 64.4 ओवर के बाद खेल हो ही नहीं पाया। दूसरे दिन का खेल जब खत्म हुआ उस वक्त टीम इंडिया ने 3 विकेट खोकर 146 रन बना लिए थे। 

भारत को पहली पारी में रोहित शर्मा व शुभमन गिल ने अच्छी शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़े, लेकिन काइल जैमिसन ने इस साझेदारी को तोड़ दिया। जैमिसन ने रोहित शर्मा को 34 रन के स्कोर पर टिम साउथी के हाथों कैच आउट करवा दिया। टीम इंडिया को दूसरा झटका नील वैगनर ने दिया। उन्होंने टीम के युवा ओपनर बल्लेबाज शुभमन गिल को 28 रन के स्कोर पर विकेट के पीछे कैच आउट करवा दिया।

चेतेश्वर पुजारा ने 54 गेंदों का सामना करते हुए 8 रन बनाए। उन्हें ट्रेंट बोल्ट ने पगबाधा आउट करके पवेलियन वापस भेज दिया। भारतीय कप्तान विराट कोहली अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन वो कीवी तेज गेंदबाज काइल जैमीसन की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। विराट कोहली ने 132 गेंदों पर 44 रन बनाए। युवा बल्लेबाज रिषभ पंत अपना दम पहली पारी में नहीं दिखा पाए और वो 4 रन बनाकर काइल जैमीसन की गेंद पर टॉम लाथम के हाथों कैच आउट हो गए। अच्छी बल्लेबाजी कर रहे अजिंक्य रहाणे 49 रन बनाकर आउट हुए और उन्हें नील वैगनर ने कैच आउट करवा दिया। 



टेस्ट क्रिकेट के 144 साल के इतिहास में पहली बार इस फाइनल मैच जीतने वाली टीम को ना सिर्फ ट्रॉफी मिलेगी बल्कि ये टीम दुनिया का पहला टेस्ट चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल करेगी। जो टीम चैंपियन बनेगी उसे पुरस्कार स्वरूप 12 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी जबकि उप-विजेता टीम को 6 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा खिताब जीतने वाली टीम को टेस्ट गदा भी दी जाएगी और अगर फाइनल मैच टाई या ड्रॉ रहता है.

खेल टेक्स। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आइसीसी ने कोई इवेंट आयोजित कराने का फैसला किया है, जिसका फाइनल मैच कल यानी 18 जून से साउथैंप्टन के एजियास बाउल में खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आइसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल होना है। इस मैच में दोनों टीमें किस प्लेइंग इलेवन के साथ उतर सकती हैं, इस बारे में जान लीजिए।

भारतीय टीम की बात करें तो रोहित शर्मा और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी मैदान पर होगी। वहीं, नंबर तीन पर चेतेश्वर पुजारा, नंबर चार पर कप्तान विराट कोहली और पांच नंबर पर अजिंक्य रहाणे होंगे। छठे नंबर पर विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में रिषभ पंत को देखा जाएगा। सातवें नंबर पर रवींद्र जडेजा और आठवें नंबर पर आर अश्विन होंगे। नौवें नंबर पर मोहम्मद शमी, 10वें नंबर पर इशांत शर्मा और 11वें नंबर पर जसप्रीत बुमराह होंगे। कप्तान कोहली और टीम मैनेजमेंट मोहम्मद सिराज को प्लेइंग इलेवन में चाहते हैं, लेकिन ये संभव नहीं लग रहा।

न्यूजीलैंड टीम की बात करें तो टॉम लाथम और डेवोन कोनवे की सलामी जोड़ी मैदान पर होगी। नंबर तीन पर कप्तान केन विलियमसन, चार पर रोस टेलर और पांचवें नंबर पर विल यंग खेलते नजर आएंगे। आखिरी टेस्ट मैच खेलने उतरने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज वीजे बाटलिंग छठे नंबर पर खेलेंगे। सातवें पायदान पर काइल जैमीसन को देखा जा सकता है, जबकि आठवें नंबर पर एजाज पटेल नजर आ सकते हैं। 9वें नंबर पर ट्रेंट बोल्ट, दसवें पर टिम साउथी और 11वें पर नील वैगनर दिख सकते हैं।


रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रिषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, आर अश्विन, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग इलेवन टॉम लाथम, डेवोन कोनवे, केन विलियमसन (कप्तान), रोस टेलर, विल यंग, बीजे वाटलिंग (विकेटकीपर), एजाज पटेल, काइल जैमीसन, ट्रेंट बोल्ट, टिम साउथी और नील वैगनर।

खेल टेक्स। भारत के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप यानी डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले इरादे के महत्व पर प्रकाश डाला। 21 वर्षीय बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि यह उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा मैच होगा। दमदार सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने पहले ही ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद इंग्लैंड के खिलाफ घर में अपने असाधारण स्वभाव से क्रिकेट जगत को प्रभावित किया है। ऐसे में इंग्लैंड में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय कार्यकाल में उनसे यही उम्मीद की जा रही है कि वे अच्छा प्रदर्शन करें।

आइपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलने वाले शुभमन गिल ने अपनी फ्रेंचाइजी को दिए इंटरव्यू में कहा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल, यह मेरे जीवन का अब तक का सबसे बड़ा मैच होगा। साउथैंप्टन में हाल ही में इंट्रा-स्क्वाड मैच में, उन्होंने प्रभावशाली 85 रन बनाए, जिसने अंततः उन्हें फाइनल के लिए 15-सदस्यीय भारतीय टीम में जगह दिलाई और सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी स्थिति की लगभग गारंटी दी। वहीं, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की तरफ से दो शतक जड़ने वाले मयंक अग्रवाल को ओपनर के तौर पर टीम में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन गिल पर भरोसा मैनेजमेंट ने जताया है।

रन बनाने की मानसिकता के बारे में बात करते हुए शुभमन गिल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता रन बनाने के इरादे को बनाए रखने की है न कि उम्मीदों के दबाव को महसूस करने की। शुभमन गिल ने कहा, मुझे लगता है, इंग्लैंड में रन बनाने का आपका इरादा कभी भी पीछे की सीट पर नहीं जाना चाहिए। जब आप रन बनाना चाहते हैं, तो गेंदबाज बैकफुट पर आ जाते हैं और आप गेंदबाज पर कुछ दबाव डाल सकते हैं। नॉट आउट रहें, आपको अधिक अच्छी गेंदें रन बनाने के लिए मिलती हैं। गिल ने अंडर 19 और लिस्ट ए मैचों के लिए इंग्लैंड के दौरा किया हुआ है, जहां उनका औसत शानदार रहा है।

खेल टेक्स। मंगलवार 15 जून को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए भारत की फाइनल 15 का ऐलान कर दिया। टीम मैनेजमेंट ने जो नाम बीसीसीआइ को दिए उनमें एक ऐसे खिलाड़ी नाम शामिल नहीं है, जिसने शानदार प्रदर्शन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में किया है। यहां तक कि दो दोहरे शतक भी इस बल्लेबाज ने जड़े हैं, लेकिन निरंतरता को ध्यान में रखते हुए उनको मौका नहीं दिया गया है।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं मयंक अग्रवाल की, जिनको विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले के लिए रोहित शर्मा के दूसरे जोड़ीदार सलामी बल्लेबाज के रूप में देखा जा रहा था, क्योंकि उन्होंने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 850 से ज्यादा रन बनाए हैं। इतना ही नहीं, भारत की तरफ से मयंक अग्रवाल एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में 2 दोहरे शतक जड़े हैं। बावजूद इसके मयंक को प्लेइंग इलेवन तो छोड़िए फाइनल 15 में भी नहीं रखा गया है।

आइसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में मयंक अग्रवाल 12वें नंबर पर हैं। वहीं, इस टूर्नामेंट में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की लिस्ट में वे उपकप्तान अजिंक्य रहाणे, ओपनर रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली के बाद चौथे स्थान पर हैं। मयंक ने 12 टेस्ट मैचों की 20 पारियों में 42.85 के औसत से 3 शतक और दो अर्धशतकों के साथ 857 रन बनाए हैं। 104 चौके भी उन्होंने जड़े हैं।

आपको ये बात भी जानकार हैरानी होगी कि भारतीय टीम के ही नहीं, बल्कि कुछ विदेशी पूर्व क्रिकेटरों ने भी इस बात की वकालत की थी कि मयंक अग्रवाल को रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में करानी चाहिए। हालांकि, टीम मैनेजमेंट को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने रोहित शर्मा के जोड़ीदार के तौर पर अनुभवी मयंक को नहीं, बल्कि युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को चुना है।

शुभमन गिल ने डेब्यू के बाद 7 टेस्ट मैचों की 13 पारियों में 34.36 के औसत से अब तक 378 रन बनाए हैं, जिसमें एक भी शतक शामिल नहीं है। 3 अर्धशतक उन्होंने जरूर जड़े हैं, लेकिन शतक का सूखा अभी भी जारी है। यही कारण था कि वीरेंद्र सहवाग और अजीत अगरकर जैसे दिग्गज चाहते थे कि मयंक अग्रवाल न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 जून से होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग करें, लेकिन टीम मैनेजमेंट को ये पसंद नहीं है।


वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए 15 सदस्यीय टीम चुनने के लिए शायद टीम मैनेजमेंट ने इंट्रा स्क्वाड मैच को भी एक आधार बनाया होगा। इस मैच में मयंक का बल्ला नहीं चला था। वहीं, रोहित शर्मा के साथ शुभमन गिल पिछले करीब सात टेस्ट मैचों से ओपनिंग करते आ रहे हैं। ऐसे में इस निरंतरता को बरकरार रखने के लिए टीम प्रबंधन शुभमन गिल के साथ गया होगा। इसके अलावा पिछले कुछ मैचों में मयंक अग्रवाल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, जो कि उनके टीम से बाहर होने का प्रमुख कारण रहा होगा।


खेल टेक्स। लंबे समय के बाद भारतीय टीम टेस्ट मैच खेलने उतरने वाली है। भारत और इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के बीच बुधवार से यहां एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाना है। इससे पहले एक हैरान करने वाली खबर सामने आई, जिसके लिए मेजबान इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी को माफी मांगनी पड़ी है, क्योंकि भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट मैच में जिस पिच का इस्तेमाल होना है, वह पिच नई नहीं है। पहले ही इस पिच का इस्तेमाल हो चुका है।

दरअसल, जिस पिच पर भारत और इंग्लैंड की महिला टीम के बीच पांच दिवसीय टेस्ट मैच खेला जाना है। उसी पिच पर पांच दिन पहले ही ग्लूसेस्टरशायर और ससेक्स के बीच टी20 ब्लास्ट का एक मैच खेला जा चुरा है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम करीब सात साल बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेलने उतरने वाली है। ब्रिस्टल के मैदान की फ्रेश पिच नहीं, बल्कि एक यूज्ड पिच पर मैच होना है। इसी के लिए ईसीबी ने आधिकारिक रूप से माफी मांगी है।

ईसीबी ने अपने बयान में कहा, हम सभी इस बात से निराश हैं कि भारत के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए जिस विकेट का इस्तेमाल होना है। उस पर 37 ओवर खेले जा चुके हैं। हम जानते हैं कि इंग्लैंड की महिलाएं नई विकेट की हकदार हैं और हमें खेद है कि हम इस उदाहरण में इसे उपलब्ध कराने में असमर्थ रहे।इसी पिच पर शुक्रवार को ससेक्स और ग्लूसेस्टरशायर के बीच मैच खेला गया था, जिसमें ससेक्स ने पांच विकेट से जीत दर्ज की थी।

इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हीथर नाइट ने कहा है कि इस्तेमाल की गई पिच पर खेलना सही नहीं है। उन्होंने कहा, मैंने पिच देखी है, ये एक प्रयोग में लाई गई विकेट है। इस पिच का इस्तेमाल पिछले हफ्ते ग्लूसेस्टरशर टी 20 मैच के लिए किया गया था, जो मैं समझती हूं कि कहीं से भी टेस्ट मैच की आदर्श पिच नहीं है। हम चाहते थे कि हमें फ्रेश पिच खेलने को मिलेगी। अब मुझे नहीं पता कि जो पिच मिली है, वो किस तरह का व्यवहार करेगी।

हालांकि, भारतीय महिला टीम की कप्तान मिताली राज ने इस मामले पर चुप रहना ही बेहतर समझा। उन्होंने कहा, हम यहां एक मैच खेलने के लिए आए हैं। हमें जो भी स्ट्रिप मिलती है, हम कोशिश करते हैं और उससे परिणाम प्राप्त करें। यह हमारा विचार है। चाहे वह एक इस्तेमाल किया हुआ विकेट हो या ताजा विकेट.. खिलाड़ियों के रूप में, और एक कप्तान के रूप में मैं निश्चित रूप से चाहती हूं कि मेरी टीम को कोई परिणाम मिले और इसके लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम उसी के अनुसार अपनी रणनीति बनाएं।

खेल टेक्स। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की 5 स्टार खिलाड़ी इंग्लैंड की बहुचर्चित लीग द हंड्रेड में हिस्सा लेंने को तैयार हैं। टीम की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना टी20 की कप्तान हरमनप्रीत कौर के अलावा 3 और खिलाड़ी इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड की ड्रीम लीग के पहले एडिशन में अगले महीने की आखिरी हफ्ते से खेलेंगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आम तौर पर अपने खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने की अनुमति नहीं देती लेकिन इन सभी को खास तौर पर इजाजत दी गई है।

भारत की टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा 21 जुलाई से ब्रिटेन में शुरू हो रहे द हंड्रेड के शुरुआती चरण में क्रमश: मैनचेस्टर ओरजिनिल्स और बर्मिघम फिनिक्स का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारतीय टी20 कप्तान हरमन और उप कप्तान स्मृति ऑस्ट्रेलिया के बैग बैश लीग में भी खेल चुकी हैं। बीसीसीआइ के महिलाओं के आइपीएल Women s T20 Challenge में ये सभी खिलाड़ी भाग लेती हैं।

इन दोनों के अलावा 100 गेंद के इस टूर्नामेंट में ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स भी हिस्सा लेंगी। आठ पुरुष और आठ महिला टीमें द हंड्रेड के शुरुआती चरण में खेलेंगी। दुनिया की नंबर एक टी-20 बल्लेबाज शेफाली हालांकि बर्मिघम फिनिक्स में न्यूजीलैंड की सोफी डेविने की जगह खेलेंगी जबकि दीप्ति लंदन की टीम से खेलेंगी।

भारतीय टी-20 टीम की उप कप्तान स्मृति इंग्लैंड की डैनी वाट के साथ सदर्न ब्रेव में पारी का आगाज करेंगी तो जेमिमा नार्दन सुपरचार्जर्स के लिए खेलेंगी। हरमनप्रीत मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के शुरुआती मैच में खेलेंगी। पिछले साल द हंड्रेड को कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था जो 21 जुलाई से महिलाओं के मैच से शुरू होगा।

नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ड्रीम लीग द हंड्रेड के आयोजन से पहले उसे बड़ा झटका लगा है। टूर्नामेंट से ऑस्ट्रेलिया के दो बड़े खिलाड़ियों ने नाम वापस ले लिया है। डेविड वार्नर और मार्कस स्टोइनिस इस टूर्नामेंट के पहले एडिशन में खेलने नजर नहीं आएंगे। इन दोनों ही खिलाड़ी इंग्लैंड में कोरोना वायरस की वजह से लागू सख्त नियमों की वजह से द हंड्रेड लीग के पहले सीजन से अलग हुए हैं।

गुरुवार को वार्नर और स्टोइनिस के टूर्नामेंट से हटने की खबर सामने आई। इन दोनों ही खिलाड़ी को साउथन ब्रेव ने खरीदा था। टीम की तरफ से डेविड वार्नर के साथ एक लाख यूरो का करार किया गया था। जबकि स्टोइनिस को 80 हजार यूरो देकर टीम के साथ जोड़ा गया था। वेस्टइंडीज और बांग्लादेश के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया की टीम को जाना है और ये खिलाड़ी बायो बबल में जाने से पहले कुछ वक्त अपने परिवार के साथ बिताना चाहते हैं।

पिछले साल द हंड्रेड लीग के पहले एडिशन की शुरुआत की जानी थी लेकिन कोरोना महामारी फैलने की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया। अब इस साल अगले महीने इसका पहला सीजन 21 जुलाई से 21 अगस्त के बीच खेला जाना है। टूर्नामेंट के दौरान ही ऑस्ट्रेलिया की टीम वेस्टइंडीज और बांग्लादेश का दौरा करेगी। यहां उसे लिमिटिड ओवर सीरीज में खेलना है।


भारतीय टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप कप्तान स्मृति मंधाना को मिलाकर कुल 4 भारतीय महिला द हंड्रेड में खेलने वाली हैं। हरमन मैनचेस्टर ओरजिनिल्स जबकि शेफाली बर्मिघम फिनिक्स का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारत की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा के अलावा ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स भी इस लीग में खेलेंगी।


साउथैप्टन। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के दौरान विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला है। भारत और न्यूजीलैंड 18 जून से यहां के एजियास बाउल में डब्ल्यूटीसी के फाइनल में भिड़ेंगे। ट्रेंट बोल्ट और टिम साउथी दाएं हाथ के खिलाड़ियों के लिए एक चुनौती बने हुए हैं, लेकिन अगरकर को लगता है कि काइल जैमीसन का सामना करना पूरी तरह से एक अलग खतरा होगा।

स्टार स्पोर्ट्स के शो गेम प्लान में बात करते हुए अजीत अगरकर ने कहा, न्यूजीलैंड की टीम में निश्चित रूप से बहुत विविधता है। मेरा मतलब है कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि आप जैमीसन जैसे किसी व्यक्ति को देखते हैं जो एक लंबा लड़का है और एक अलग चुनौती पेश करेगा। बोल्ट और साउथी दोनों गेंदबाजी करेंगे, एक गेंद आपके पास आएगी, एक गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में आपसे दूर जाएगी। और फिर वैगनर, जब कुछ (सीम और स्विंग) नहीं हो रहा होता है, और आप जानते हैं, सब कुछ सपाट लगता है तो वह आते हैं और कुछ करते है और वह इसे नियमित रूप से करते आ रहे हैं। ऐसे में चुनौतियां थोड़ी अलग है


भारत के पूर्व तेज गेंदबाज ने यह भी कहा कि इंग्लैंड में परिस्थितियां न्यूजीलैंड के पक्ष में होने की अधिक संभावना है, क्योंकि कोहली की अगुवाई वाली टीम ने हाल के दिनों में घर से दूर कोई टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। उन्होंने कहा है, साथ ही जो चीज उनके पक्ष में काम करती है, वह है स्थिति, क्योंकि आप इंग्लैंड में खेल रहे हैं, यह लगभग वैसा ही है जैसा आपको न्यूजीलैंड में मिलता है। तो यह उस ड्यूक गेंद के साथ थोड़ा आसान हो जाता है जो चारों ओर स्विंग करती है। इसलिए चुनौतियां बहुत हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भारत ने हाल के दिनों में कोई टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से घर से दूर टेस्ट क्रिकेट नहीं है।

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अपनी सबसे बड़ी सफलता की शुरुआत साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के साथ की थी और लीजेंड बनने की राह की तरफ अपना पहला कदम बढ़ाया था। धौनी ने बतौर भारतीय कप्तान ऐसा बेंचमार्क सेट कर दिया है जिससे आगे जाना काफी मुश्किल लगता है। भारतीय टीम मैनेजमेंट ने डेब्यू टी20 वर्ल्ड कप टूर्नांमेंट के लिए धौनी को टीम का कप्तान बनाने का फैसला किया था और युवराज सिंह को हैरत में डाल दिया था जो उम्मीद कर रहे थे कि, उन्हें टीम का कप्तान बनाया जाएगा। 

टी20 वर्ल्ड कप 2007 में पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने कभी नहीं भूलाने वाला प्रदर्शन किया था और फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया था। युवराज सिंह को इस टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया था। धौनी की कप्तानी में युवराज सिंह ने कमाल का खेल दिखाया था और साबित किया था कि, वो क्या कुछ कर सकते हैं। युवराज सिंह ने कहा कि, इस साल टीम इंडिया 2007 वनडे वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन की वजह से शुरुआत में ही बाहर हो गई थी।  

युवी ने कहा कि, इसके बाद भारतीय क्रिकेट में काफी उथल-पुथल मचा हुआ था और फिर इंग्लैंड का दो महीने का दौरा था। इस बीच में हमें एक महीने के लिए आयरलैंड और साउथ अफ्रीका दौरे पर जाना था। इस दौरे के बाद टी20 वर्ल्ड कप खेला जाना था और हम घर से चार महीने के लिए दूर रहने वाले थे। इस वजह से सीनियर खिलाड़ियों ने सोचा कि, उन्हें ब्रेक की जरूरत है और शायद किसी ने टी20 वर्ल्ड कप को गंभीरता से नहीं लिया था। 

इसके बाद मैं इस टूर्नामेंट के लिए कप्तान बनाए जाने की उम्मीद कर रहा था और फिर घोषणा हुई कि, एम एस धौनी कप्तान होंगे। युवी ने ये सारी बातें 22 यार्न पोडकास्ट पर कही। उन्होंने कहा कि, कप्तान किसी को भी बनाया गया हो उसके बाद हमारा काम था कि हम पूरी तरह से अपने कप्तान को सपोर्ट करें और टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करें। 

नई दिल्ली। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी 20 मुकाबले में 8 विकेट से हार मिली और मेहमान टीम ने सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। इस हार के बाद एक बार फिर से टीम सेलेक्शन को लेकर काफी बातें की जा रही है। तीसरे मैच में सूर्यकुमार यादव को बाहर कर दिया गया जो कि दूसरे मैच का हिस्सा थे और वो एक भी गेंद नहीं खेल पाए थे। उनके बाहर किए जाने पर टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज गौतम गंभीर ने काफी बातें कही हैं साथ ही कुछ अहम सलाह भी दी है। 


गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार यादव को प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बारे में कहा कि, इस फैसले से मुझे हैरानी हुई। विराट कोहली पर बरसते हुए गंभीर ने कहा कि, टी20 वर्ल्ड कप से 7 महीने पहले वो इसकी तैयारी कर रहे हैं साथ ही वो इस विश्व कप के बाद अगले विश्व कप के लिए तैयारियां करेंगे। वैसे तैयारी की बात ज्यादा मायने नहीं रखती, लेकिन आपका फॉर्म कैसा है ये सबसे अहम होता है। 


उन्होंने कहा कि, अगर टीम में इंजरी की कोई समस्या आती है तो आपने सूर्यकुमार यादव के खेल को कितना देखा है। इंटनेशनल क्रिकेट में आपने उन्हें कितना खेलते देखा है। अगर आपने किसी को टीम में रखा है तो आपको उनके खेल को देखना चाहिए। आप उसे तीन-चार मैचों में मौका दें और उसके खेल के बाद ही पता लग पाएगा कि वो कहां पर स्टैंड करता है। अगर वो रन बनाते हैं तो नंबर चार के लिए वो एक शानदार बैकअप हो जाएंगे। अगर आप किसी को इस सीरीज में खेलने का मौका देंगे तो उसका फायदा आपको भविष्य में मिलेगा। 


अगर कभी श्रेयस अय्यर चोटिल हो जाते हैं तो आपके पास क्या विकल्प है। ऐसे में अगर सूर्यकुमार को आपने देखा है तो वो आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं। आप हमेशा वर्ल्ड कप की तैयारी की बात करते हैं, लेकिन उनकी तैयारी ना के बराबर हो रही है। आप सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को देख रहे हैं जिनको आप कई साल से खेलते हुए देखते आ रहे हैं। जब आप नए खिलाड़ियों को मौका ही नहीं देंगे तो उसकी प्रतिभा का पता कैसे लग पाएगा। 

नई दिल्ली। मेजबान भारत और इंग्लैंड के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत शुक्रवार 5 फरवरी से हो रही है। पहला टेस्ट मैच चेन्नई में कल से खेला जाएगा। इस मैच में भारत और इंग्लैंड की टीम किन 11-11 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरेगी ये देखने वाली बात होगी, लेकिन हम आपको दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शुक्रवार को मैदान पर उतर सकती हैं।

भारत की बात करें तो ओपनिंग जोड़ी के तौर पर रोहित शर्मा और शुभमन गिल के देखा जा सकता है, जबकि नंबर तीन पर हमेशा की तरह चेतेश्वर पुजारा नजर आएंगे। कप्तान विराट कोहली नंबर चार पर खेलते नजर आएंगे, जबकि उपकप्तान अजिंक्य रहाणे पांचवें नंबर की जिम्मेदारी संभालेंगे। नंबर 6 पर विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर रिषभ पंत को देखा जाएगा, क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अच्छी बल्लेबाजी की थी, लेकिन विकेटकीपिंग को उन्हें सुधारना होगा।

ऑलराउंडर के तौर पर वॉशिंग्टन सुंदर खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं, जबकि आर अश्विन 8वें नंबर पर नजर आएंगे। गेंदबाजों की बात करें तो जसप्रीत बुमराह के साथ इशांत शर्मा और कुलदीप यादव को मैदान पर देखा जाएगा। मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा चोटिल हैं। ऐसे में उनकी कमी खलेगी, लेकिन मोहम्मद सिराज को भी कप्तान विराट कोहली प्लेइंग इलेवन में शामिल करना चाहेंगे, लेकिन अनुभव की वजह से इशांत शर्मा प्लेइंग इलेवन में खेल सकते हैं।

खेल मल्टीमीडिय। 2021 का पहला सेमीफाइनल अहमदाबाद के मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान और तमिलनाडु के बीच खेला जा रहा है। इस अहम मैच में राजस्थान की टीम के कप्तान अशोन मेनारिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। खबर लिखे जाने तक राजस्थान ने 3 ओवर में 1 विकेट खोकर 17 रन बना लिए हैं।  इस मैच में तमिलनाडु की टीम ने एक बदलाव किया है।

हिमाचल प्रदेश के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलने वाले संदीप वॉरियर को प्लेइंग इलेवन से बाहर किया गया है, जबकि उनकी जगह अस्विन क्रिस्ट को मौका मिला है। संदीप भारतीय टीम के साथ जुड़ गए हैं। राजस्थान की टीम ने दो बदलाव किए हैं। क्वार्टर फाइनल में बिहार के खिलाफ खेलने वाले आकाश सिंह और अंकित लांबा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया है, जबकि आदित्य गढ़वाल और तनवीर उल हक को मौका मिला है।

तमिलनाडु की प्लेइंग इलेवन हरि निशांत, एन जगदीशन, अरुण कार्तिक, दिनेश कार्तिक (कप्तान और विकेटकीपर), बाबा अपराजित, शाहरुख खान, आर साई किशोर, अस्विन क्रिस्ट, एम मोहम्मद, मुरुगन अश्विन और सोनू यादव। राजस्थान की प्लेइंग इलेवन  भरत शर्मा (विकेटकीपर), आदित्य गढ़वाल, अशोक मेनारिया (कप्तान), महिपाल लोमरोर, राजेश बिश्नोई, अर्जित गुप्ता, चंद्रपाल सिंह, अनिकेत चौधरी, रवि बिश्नोई, खलील अहमद और तनवीर उल हक।

आपको बता दें, दिनेश कार्तिक की कप्तानी वाली तमिलनाडु की टीम ने क्वार्टर फाइनल समेत लगातार सात मुकाबले जीते हैं। वहीं, राजस्थान की टीम भी तमिलनाडु से कुछ कम नहीं है। राजस्थान ने अपने सात में से क्वार्टर फाइनल तक 6 मुकाबले जीते हैं। राजस्थान को इस टूर्नामेंट में सिर्फ गोवा की टीम से हार झेलनी पड़ी है, लेकिन गोवा की टीम क्वार्टर फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में ये मुकाबला दोनों दिग्गज टीमों के बीच दिलचस्प होने वाला है।  

खेल टेक्स। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ खेली जा रही चार मैचों की टेस्ट सीरीज में ओपनिंग जोड़ी की समस्या को जूझ रही है। पहले दो टेस्ट मैच में नियमित ओपनर डेविड वार्नर के चोटिल होने की वजह से नई ओपनिंग जोड़ी मैदान पर उतरी। तीसरे टेस्ट में वार्नर की वापसी के बाद विल पुकोव्स्की को मौका मिला अब चौथे टेस्ट में एक नई जोड़ी के साथ ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के खिलाफ उतरेगी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन के गाबा में खेला जाने वाला सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच निर्णायक होने वाला है। इस वक्त दोनों ही टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर है। एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 8 विकेट से हराया था। मेलबर्न के दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने इतने ही विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में बराबरी की थी। सिडनी में खेला गया तीसरा मुकाबला ड्रॉ रहा था।

भारत के खिलाफ एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए पारी की शुरुआत जो बर्न्स और मैथ्यू वेड ने की थी। तीसरे टेस्ट मैच में डेविड वार्नर ने चोट से वापसी की और बर्न्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया जबकि वेड को नीचले क्रम में बल्लेबाजी करने भेजा गया। वार्नर के साथ तीसरे टेस्ट में पहला मैच खेलने उतरे विल पुकोव्स्की ने ओपनिंग की थी।

तीसरे टेस्ट के दौरान चोटिल होने की वजह से विल आखिरी मैच में नहीं खेल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में ओपनर मार्कस हैरिस को शामिल किया गया है। इसका मतलब यह है कि आखिरी मुकाबले में वार्नर और हैरिस की जोड़ी मैदान पर पारी की शुरुआत करने उतरेगी। डेविड वार्नर, मार्कस हैरिस, मार्नस लाबुशाने, स्टीव स्मिथ, मैथ्यू वेड, कैमरोन ग्रीन, टिम पेन (कप्तान और विकेटकीपर), पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, नाथन लयोन और जोश हेजलवुड।

खेल टेक्स। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने कहा कि, टीम इंडिया के साथ ऑफ फील्ड जो कुछ भी हो रहा है उससे उनके प्रदर्शन पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है और हम चौथे टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मैच शुक्रवार से ब्रिस्बेन में शुरू होगा। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली टीम इंडिया तीसरे टेस्ट मैच के बाद सिडनी से ब्रिस्बेन पहुंची तो उन्हें कड़े क्वारंटाइन का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम के लिए काफी चीजों पर रोक लगा दी गई थी। 

विक्रम राठौड़ ने कहा कि, भारतीय टीम पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरी हुई है और प्रेरित है। मैदान के बाहर जो कुछ भी हो रहा है उससे टीम पर कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि, बीसीसीआइ टीम के खिलाड़ियों को लेकर लगातार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि, हम ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल रहे हैं जिनके पास दुनिया की बेहतरीन अटैक है। उन्होंने आगे कहा कि, यहां मोटिवेशन है और हमें इसके लिए हाउसकीपिंग या फिर रूम सर्विस की जरूरत नहीं है। टीम के साथ जो भी दिक्कतें थीं उसके बारे में बोर्ड को बता दिया गया था। 

और बोर्ड लगातार सीए के संपर्क में है। अब जहां तक टीम मैनेजमेंट और प्लेयर्स की बात है तो हमारा ध्यान सिर्फ गेम पर है और सभी खिलाड़ी इसी दिशा में आगे की तरफ देख रहे हैं। टीम इंडिया के कई खिलाड़ी अब तक चोटिल होकर टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं और कुछ अहम खिलाड़ी अब भी चोट की चपेट में है। विक्रम राठौड़ ने टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बारे में कहा कि, मेडिकल टीम की नजर उन पर बनी हुई है और मैच से ठीक पहले यानी शुक्रवार को ही उनके खेलने पर फैसला किया जाएगा। इससे पहले रवींद्र जडेजा, उमेश यादव, मो. शमी व हनुमा विहारी जैसे खिलाड़ी टीम से बाहर हो चुके हैं। 

खेल टेक्स। श्रीलंका क्रिकेट टीम की बुरा प्रदर्शन सुधरता नजर नहीं आ रहा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद अपने घर पर इंग्लैंड के खिलाफ टीम गॉल टेस्ट में महज 135 रन पर सिमट गई। पहली पारी में कप्तान दिनेश चांदीमल ने सबसे ज्यादा 28 रन की पारी खेली। गॉल में श्रीलंका की टीम का यह अब तक का यह सबसे छोटा स्कोर है। इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। डॉन बेस ने अपने पहले ही ओवर में ओपनर लहिरू थिरिमने को आउट कर श्रीलंका को पहला झटका दिया। इसके बाद ओवर की पांचवीं गेंद पर कुसल मेंडिस भी विकेट गंवा बैठे।

इसके बाद टीम को एक के बाद एक लगातार झटके लगते रहे और पूरी टीम महज 135 पर सिमट गई। टीम के सिर्फ चार बल्लेबाज ही 20 रन के स्कोर तक पहुंच पाए। बेस ने 10.1 ओवर में 30 रन देकर 5 विकेट हासिल किए जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 9 ओवर में 20 रन देकर तीन विकेट चटकाए। श्रीलंका की टीम का गॉल टेस्ट की पहली पारी में यह सबसे छोटा जबकि मैच में बनाया गया यह दूसरा सबसे छोटा स्कोर है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2011 में टीम दूसरी पारी में महज 105 रन पर सिमट गई थी। इससे पहले भारत के खिलाफ 2008 में टीम दूसरी पारी में 136 रन पर ढेर हो गई थी।

इंग्लैंड के खिलाफ गॉल में 135 रन पर आउट होने के साथ ही मेजबान टीम ने छठी बार 150 रन से कम रन बनाए हैं। वेस्टइंडीज की टीम अब तक टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा बार अपने घर पर 150 रन के स्कोर से कम पर आउट हुई है। श्रीलंका और इंग्लैंड अब 6-6 बार ऐसा करने वाली टीम बन गई है। ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका की टीम 5-5 ऐसा करने वाली टीम है। भारत और जिम्बाब्वे की टीम अपने घर पर खेलते हुए 3 बार ऑलआउट हुई है। न्यूजीलैंड की टीम 2 जबकि आयरलैंड की टीम महज 1 बार ही अपने घर पर खेलते हुए 150 रन से कम के स्कोर पर सिमटी है।

खेल टेक्स। श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज होने जा रही है। इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान किया है। गुरुवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच से पहले श्रीलंका क्रिकेट ने 22 सदस्यीय टीम का चुनाव किया है। अनुभवी बल्लेबाज एंजलो मैथ्यूज, जो हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका की अपने हालिया दौरे से चूक गए थे, गुरुवार से इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की घरेलू सीरीज के लिए टेस्ट में वापसी कर रहे हैं।

33 वर्षीय पूर्व कप्तान एंजलो मैथ्यूज को इस सीरीज के लिए श्रीलंका के 22 सदस्यीय टीम में नामित किया गया था, जिसे मार्च में स्थगित कर दिया गया था, क्योंकि COVID-19 महामारी के कारण इंग्लैंड की टीम स्वदेश लौट गई थी और अब यह बिना प्रशंसकों के गाले में खेला जाएगा। आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत पहला मैच 14 से 18 जनवरी से खेला जाएगा। वहीं, दूसरा टेस्ट मैच दोनों टीमों के बीच 22 से 26 जनवरी के बीच खेला जाएगा।

दक्षिण अफ्रीका में दो बड़ी हार के दौरान श्रीलंका को चोटों का सामना करना पड़ा और दिमुथ करुणारत्ने की कप्तानी में अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल, तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल और लाहिरु कुमारा इंग्लैंड के खिलाफ वापसी करेंगे। दक्षिण अफ्रीका में चोटिल होने के बाद बल्लेबाज धनंजया डी सिल्वा और तेज गेंदबाज कसुन रजिता दोनों को इंग्लैंड के खिलाफ बाहर किया गया है।

दिमुथ करुणारत्ने (कप्तान), कुसल परेरा, दिनेश चांदीमल, कुसल मेंडिस, एंजलो मैथ्यूज, ओशाडा फर्नांडो, निरोशन डिकवेला, मिनोद भनुका, लाहिरु थिरिमाने, लसिथ एम्बुलडेनिया, वनिंदु हसरंगा, दिलरुवान परेरा, सुरंगा लकमल, लाहिरु कुमारा, विश्वा फर्नांडो, दुशमांता चमीरा, दसुन शनाका, असिता फर्नांडो, रोशन सिल्वा, लक्षन संदाकन, नुवान प्रदीप और रमेश मेंडिस।

खेल टेक्स। सिडनी टेस्ट मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तान टिम पेन ने जिस तरह की हरकतें की उसके बाद से उनकी जमकर आलोचना की जा रही है, हालांकि शुरुआत में पेन ने इसे खेल का हिस्सा करार दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी इस गलती के लिए माफी मांगी और यहां तक कह दिया कि, वो अपनी हरकतों की वजह से बेवकूफ नजर आ रहे थे। 

इन सारी बातों के बीच अब ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कोच जस्टिन लैंगर ने आलोचकों के गुस्से का शिकार बन रहे टीम के कप्तान टिम पेन का समर्थन करते हुए उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि पेन शानदार कप्तान हैं और वो कुछ समय और तक टेस्ट टीम के कप्तान बने रहेंगे। टिम पेन की आलोचन इस वजह से हो रही है क्योंकि उन्होंने भारत के खिलाफ खराब विकेटकीपिंग की थी साथ ही उन्होंने एक भावना के विपरीत व्यवहार मैदान पर दिखाया था। 

सिडनी टेस्ट मैच के आखिरी दिन आर अश्विन इंजरी के वाबजूद बल्लेबाजी कर रहे थे और इस दौरान टिम पेन ने विकेट के पीछे से उन पर जमकर स्लेजिंग की थी और काफी चिल्लाए भी थे। यही नहीं उन्होंने इस मैच में तीन कैच भी छोड़े थे। टीम के कोच जस्टिन लैंगर ने एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, आपको शायद ये पता भी नहीं होगा कि टिम पेन पर मैं कितना भरोसा करता हूं। 

लैंगर ने कहा कि टिम पेन अपने बेस्ट प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन पिछले तीन साल से वो ऑस्ट्रेलिया के लिए शानदार कप्तानी कर रहे हैं। उन्होंने काफी ऊंचे मानदंड सेट किए हैं और इससे नीचे जब वो जाते हैं तो उनकी आलोचना होती है जैसा कि इस समय हो रहा है। वो बेहतरीन कप्तान हैं और कुछ समय तक वो कप्तान बने रहेंगे साथ ही मेरा सौ फीसदी समर्थन उन्हें है।

इसके अलावा लैंगर ने टिम पेन की तारीफ करते हुए कहा कि, उन्होंने जो गलती की उसके लिए माफी मांगी और इस तरह से सबके सामने माफी मांगने के लिए काफी हिम्मत चाहिए होती है जो उन्होंने दिखाई। मुझे यकीन है कि वो वापसी करेंगे क्योंकि इस खेल को लेकर वो बेहद जुनूनी हैं साथ ही वो काफी मेहतनी भी हैं। भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मैच अब गाबा में 15 जनवरी से खेला जाएगा।