Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



पूरब टाइम्स। आज के दौर में हर इंसान पर इतना ओवर स्ट्रेस बढ़ गया है कि रात को नींद तक आना  मुश्किल हो जाता है। काफी कोशिशें करने पर भी नींद नहीं आती है, ऐसे लोग लेट नाइट मोबाईल और टीवी का इस्तेमाल करते है ताकि उन्हें नींद आ सके लेकिन इस बीच उनकी सेहत पर काफी बुरा असर पड़ता है। यह जरूरी नहीं कि दिनचर्या में ज्यादा काम करने के वजह से हमें नींद नहीं आती लेकिन कई बार रात को हमारे गलत खाने की वजह से भी हम नींद न आने की समस्या से परेशान होते हैं। आइए जानते हैं रात में किन चीज़ों का परहेज करना चाहिए ताकि हमें चैन की नींद आ सके- 




लहसुन- लहसुन वैसे तो हमारे शरीर के लिए लाभदायक है लेकिन रात में इसका सेवन करने से आपकी नींद में खलल पैदा हो सकती है।  लहसुन में मौजूद पोषक तत्व आपकी हड्डियों और स्वास्थ के लिए फायदेमंद हो सकते हैं लेकिन ये नींद भी खराब कर देती है। अगर आपको भी अकसर रात में नींद न आने की दिक्कत रहती है उनको रात में लहसुन के सेवन से बचना चाहिए।


पूरब टाइम्स दुर्ग।  आज दुर्ग रेल्वे स्टेशन परिसर में रेल्वे प्रशासन एवं जी.आर.पी. के विशेष सहयोग से राजेश श्रीवास्तव जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन एवं निर्देश पर यात्रीगणों को उपभोक्ता अधिनियम, नशा उन्मूलन संबंधी कानूनी विधिक जानकारी दिये जाने के संबंध में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। रेलवे परिसर में उक्त जागरूकता अभियान में विशेष तौर पर ऐसे लोग को जो कि बिना मास्क धारण किए रेलवे परिसर में घूम रहे हैं, उन्हें इस आशय का बंधपत्र भरवाया जा रहा है कि कोविड-19 संक्रमण के बचाव के संबंध में सार्वजनिक स्थान पर मास्क अवश्य लगाउॅगा तथा शासन की कोविड संबंधी नियमों का पालन करूंगा ।

 राहुल शर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि कोविड संबंधित नियमों का पालन करना अति आवश्यक है ताकि कोविड-19 महामारी से बचा जा सके साथ ही उन्होंने बताया कि रेलवे क्षेत्र में अक्सर यह शिकायत प्राप्त होती है कि विक्रेता किसी वस्तु पर वर्णित एमआरपी से ज्यादा उस वस्तु को बेचते हैं।

विक्रेता मुद्रित एमआरपी से ज्यादा का कोई सामान नहीं ले सकता है और  कोई भी दुकानदार और निर्माता द्वारा निर्धारित एमआरपी से अधिक नहीं बेच सकता है, परंतु यदि कोई दुकानदार एमआरपी मूल्य से ज्यादा मूल्य से वस्तु को बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती हैं। वर्तमान में ग्राहकों से एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने वालों को अधिकतम 1 लाख रुपए का जुर्माना देना होता है। पहली गलती पर 25 हजार रुपये का जुर्माना है, जिसे बढ़ाकर 1 लाख रुपए किये जाने का प्रस्ताव है। दूसरी गलती पर अभी 50 हजार लिए जाते हैं, जिसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए किये जाने की बात है। तीसरी गलती पर अभी 1 लाख रुपए का जुर्माना लगता है, जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का प्रस्ताव है।

रेल्वे परिसर एवं दुर्ग रेल्वे स्टेशन पर उपस्थित होने वाले यात्रीगणों  एवं जनमानस को उपभोक्ता अधिनियम की जानकारी नही होती है यात्रीगणों को उपभोक्ता अधिनियम की जानकारी नही होने से कानूनी उपचार प्राप्त नही हो पाता है। यात्रा के दौरान तथा समय पर साईबर क्राईम के माध्यम से यात्रीगण ठगी का शिकार हो जाते है। यात्रा के दौरान नशा का सेवन करने वाले व्यक्ति भी यात्रियों से अव्यवहारिक व्यवहार करते है। इन सभी की कानूनी जानकारी दिये जाने के उद्वेश्य से ही इस विशेष जागरूकता अभियान की शुरूआत की गई है। जागरूकता अभियान 16 जुलाई से 19 जुलाई 2021 तक चलाया जाएगा तथा परिसर में लोगों को विधिक जागरूक किया जाएगा।

पूरब टाइम्स भिलाई। बीएसपी टाउनशिप में शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए प्रबंधन ने अब तक गंभीर प्रयास न करने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बीएसपी प्रबंधन को इस संबंध में पत्र भी लिखा है। पत्र में कलेक्टर ने कहा कि बीएसपी टाउनशिप के रहवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना बीएसपी प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर ने कहा कि गंगरेल नहर से पूरी क्षमता से पानी सप्लाई हो रही है, मरोदा टैंक 47 प्रतिशत भरा हुआ है। बीएसपी प्रबंधन पुराने फिल्टर प्लांट को त्वरित अपडेट करने का कार्य आरंभ करे और तब तक शुद्ध पेयजल प्रदाय के लिए ठोस कार्ययोजना बनाए।

कलेक्टर डा सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि जब टाउनशिप से साफ पेयजल को लेकर लोगों ने शिकायत की तो प्रशासन ने बीएसपी प्रबंधन को इसे ठीक करने निर्देश दिया था। इसके बाद बीएसपी प्रबंधन ने कहा कि कुछ दिनों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करा देंगे। साथ ही बीएसपी प्रबंधन को यह भी कहा गया था कि बगैर फिल्टर प्लांट को अपडेट किये शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को पूरी तरह ठीक करना संभव नहीं है, इसके बावजूद फिल्टर प्लांट को अपडेट करने की दिशा में अब तक कुछ भी ठोस निर्णय प्रबंधन द्वारा नहीं लिया गया है। बीएसपी प्रबंधन ने मरोदा टैंक में खरखरा जलाशय से जलापूर्ति पर सवाल उठाये तो गंगरेल से जलापूर्ति सुनिश्चित की गई। गंगरेल की नहर पूरी क्षमता के साथ मरोदा टैंक को पानी सप्लाई कर रही है और जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जलाशय की पूर्ण भराव क्षमता का 47 प्रतिशत भरा हुआ है। यह आपूर्ति 21 दिनों के लिए बीएसपी एवं भिलाई टाउनशिप में पानी देने पर्याप्त है।

भिलाई निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी एवं जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता सुरेश पांडेय आज मरोदा टैंक पहुंचे। दोनों के मुताबिक यहां पानी बिल्कुल साफ है। इससे स्पष्ट है कि आधुनिक पैमानों के मुताबिक अपडेट नहीं होने के कारण और काफी पुराना होने की वजह से बीएसपी का जलशोधन संयंत्र शुद्ध जल के मानकों में पूरी तरह खरा नहीं उतर रहा।

कलेक्टर ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन को चाहिए कि समस्या की जड़ पर काम करें। फिल्टर प्लांट को तुरंत अपडेट करने की कार्रवाई आरंभ करें तथा इस कार्रवाई के पूरे होने तक शुद्ध जल प्रदाय का ऐसा सिस्टम तैयार करे जिससे लोगों को साफ पेयजल मिल सके। टाउनशिप के परिवारों के प्रति बीएसपी प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी है और ऐसे में जिम्मेदारी के निर्वाह के लिए जब तक ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाये जाएंगे, नागरिकों में असंतोष बना रहेगा। यह स्थिति प्रशासन द्वारा स्वीकार्य नहीं होगी।




एसएलआरएम सेंटर में कचरा निश्पादन की जिम्मेदारी पी वी रमन गु्रप को दिया गया है। गीला कचरा से खाद बनाना और सूखा कचरा को अलग-अलग कर उसका निश्पादन करना है। आयुक्त ने निरीक्षण में पाया कि स्वास्थ्य विभाग एसएलआरएम सेंटर का समय≤ पर माॅनिटरिंग नहीं कर रहा है। इसे आधार बनाते हुए आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग से सवाल जवाब किया है।

पूरब टाइम्स, भिलाई।  क्लब ऑफ भिलाई पिनाकल द्वारा रविवार को होटल ग्रैंड ढिल्लन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान रोटेरियन अनुभा जैन ने अपना अध्यक्षीय कार्यभार रोटेरियन मीनाक्षी जैन को तथा रोटेरियन स्नेहा गुलाटी सेके्रटरी ने कार्यभार  रोटेरियन रजनी कथुरिया को सौंपा। कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर डीजीई शशांक रस्तोगी ने नये सदस्यों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में  शालीनी रीना छाबरा आईएफएस मुख्य वन संरक्षक  मुख्य अतिथि रहीं द्वारा। मुख्य अतिथि ने अपने व्याख्यान में पौधों की महत्ता के विषय में बात की व कहा कि पौधे लगाने के साथ हमे ग्लोबल वार्मिंग कम करने विषय में भी विचार करना चाहिये। 
रोटरी क्लब ऑफ भिलाई पिनाकल की नई कार्यकारिणी में सदस्यों को इस प्रकार पदभार मिला- रोटेरियन मीनाक्षी जैन प्रेसिडेंट, रोटेरियन रजनी कथुरिया सेक्रेटरी  , रोटेरियन भावना गोलछा वाइस प्रेसिडेंट ,  रोटेरियन रूचिका जैन ट्रेजरर , रोटेरियन मीनाक्षी जैन प्रेसिडेंट, रोटेरियन प्रीति गोयल एक्जीक्यूटिव सेक्रेटरी, रोटेरियन मीनाक्षी जैन प्रेसिडेंट, रोटेरियन चांदनी कोठारी डायरेक्टर एन्वायरमेंट, रोटेरियन मधुलिका अग्रवाल डायरेक्टर फेलोशीप, रोटेरियन रिंपल पाटनी डायरेक्टर एम्पावरमेंट, रोटेरियन प्रीति जैन डायरेक्टर मीडिया, रोटेरियन रूचि अग्रवाल डायरेक्टर लिट्रेसी, रोटेरियन अनुभा जैन आईपीपी, रोटेरियन तान्या अग्रवाल फाउंडेशन चेयर, रोटेरियन मीनाक्षी प्रतीक्षा गोलछा मेंमबरशिप चेयर, रोटेरियन स्मिता अग्रवाल सारजेंट इन आर्म्स . 

पूरब टाइम्स दुर्ग। जिले में बारिश तय समय पर शुरू हो गई। शुरूआती कुछ दिनों वर्षा की स्थिति बेहतर रही लेकिन वर्तमान में खंड बारिश हो रही है। बारिश की अवधि एक महीने से अधिक बीत गई लेकिन जलशयों में अब तक जल भराव शुरू नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि भरे बरसात के मौसम में तादुंला जलाशय सूखा नजर आ रहा है। दुर्ग जिले के किसानों को सिंचाई के लिए तांदुला जलाशय से और दुर्ग-भिलाई के रहवासियों को पेयजल के लिए खरखरा जलाशय से पानी दिया जाता है। लेकिन बरसात के मौसम में दोनों ही जलाशय सूखे हुए नजर आ रहे हैं।

जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार तांदुला जलाशय मे मात्र आठ फीसद और खरखरा जलाशय में सिर्फ 17 फीसद पानी है। खपरी जलाशय में 65 फीसद जल भराव होना बताया जा रहा है। जिले में बारिश की शुरूआत जून महीने से हो गई है। शुरुआती कुछ दिनों तक अच्छी बारिश हुई लेकिन उसके बाद से खंड वर्षा होती रही । तांदुला और खरखरा जलाशय के कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने के कारण इन जलाशयों में अब तक जलभराव शुरू नहीं हो पाया है। तांदुला जलाशय का पूरा पार सूखा नजर आ रहा है।

एक लाख सात हजार 850.30 मि.घन फुट जल भराव क्षमता वाली इस जलाशय से बालोद और दुर्ग जिले के खेतों की सिंचाई की जाती है। गर्मी के दिनों में दुर्ग जिले के 543 तालाबों को भी तांदुला के ही पानी से भरा जाता है। हर साल गर्मी के दिनों में खरखरा जलाशय से दुर्ग और भिलाई निगम को पेयजल के लिए पानी दिया जाता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है अभी बारिश का मौसम गया नहीं है।



भिलाई. रोटरी क्लब भिलाई ग्रेटर के 23 वें स्थापना समारोह में, रविवार को निवृत्तिमान अध्यक्ष दीप गोयल ने नव पदस्थ अध्यक्ष राजेश जैन को रोटरी चार्टर , टोंग व पिन प्रदान कर पदभार दिया . वहीं पूर्व सचिव श्रीकांत अग्रवाल ने नये सचिव, बृजमोहन अग्रवाल को पदभार सौंपा. इस अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3261 के उच्चाधिकारी गण, डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुनील फाटक, डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट शशांक रस्तोगी, पूर्व गवर्नर निखिलेश त्रिवेदी, डिस्ट्रिक्ट सचिव अखिल मिश्रा व असिस्टेंट गवर्नर श्वेता साहू ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दी. 

कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष दीप गोयल ने पिछले साल की अपनी गतिविधियों व अनुभवों के बारे में विस्तृत जानकारी दी . पूर्व सचिव श्रीकांत अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष ,रोटरी क्लब भिलाई ग्रेटर के द्वारा, नेहरू नगर भिलाई में, श्री वत्स नाम से ओल्ड एज होम ( वृद्धाश्रम ) खोला गया. इसके अलावा दुर्ग के जिला अस्पताल में 10 आईसीयू बेड के लिये समस्त उपकरण, मल्टीपर्पज़ मॉनिटर इत्यादि जिनकी कीमत लगभग 25 लाख थी, रोटरी इंटरनेशनल की मदद से उनके क्लब द्वारा दिया गया. 

नव पदस्थ अध्यक्ष राजेश जैन ने अपने आने वाले कार्यकाल की रूप रेखा बताई. जिनमें से प्रमुख था, डेंगू से बचाव के लिये जागरुकता अभियान तथा सरकार से प्राप्त ज़मीन पर रोटरी क्लब  द्वारा वृहद प्लांटेशन व संधारण की स्थाई योजना. इसी दौरान क्लब के पहले के प्रोजेक्ट, एलएन 4 कृत्रिम हाथ लगाने को विस्तारित करते हुए एक ज़रूरत मंद को कृत्रिम हाथ भी लगाया गया. कार्यक्रम में नये सदस्यों के बारे में पूरी जानकारी दी गई. फिर उन नये सदस्यों, डॉ विपिन अरोरा, संजय अग्रवाल, साकेत मोहता, प्रदीप गुप्ता , रोहन कुक्रानिया, प्रतीक गर्ग, सजल श्री श्रीमाल, प्रकाश पारख, नवीन जैन, विनोद गांधी व एस एस सिधु ने रोटरी संस्था के नियमों व नैतिक मूल्यों को पालन करने की शपथ ली.

अध्यक्ष राजेश जैन ने अपनी अनेक योजनाओं के क्रियांवयन के लिये अपनी कार्यकारिणी की घोषणा की. जिसमें प्रखर गोलछा, संदीप अग्रवाल ( तंकेश्वरी) , संदीप अग्रवाल ( जेडीएम), संदीप अग्रवाल ( एनआर), अभिनव बंसल, नीलाद्री साहा, केतन गुलाटी, अंशुल जैन, अनंत अग्रवाल, मधुर चितलांग्या, सागर सोनी, अमित अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, मयंक रोज़िनदार, श्रीकांत अग्रवाल, मनीष अग्रवाल व दीप गोयल शामिल थे. मंचस्थ अतिथियों ने अपने उद्बोधन से उपस्थित लोगों को रोटरी क्लब की ना सिर्फ जानकारी दी.

बल्कि रोटरी के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिये प्रेरणा दी. डीजी सुनील फाटक ने रोटरी क्लब की सदस्य संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दिया . डीजीई शशांक रस्तोगी ने रोटरी क्लब भिलाई ग्रेटर के कदम दर कदम आगे बढ़ने बात बताई व आगे और बेहतर कार्य करने के लिये आव्हान किया. पीडीजी निखिलेश अवस्थी, डिस्ट्रिक्ट सचिव अखिल मिश्रा व एजी श्वेता साहू ने भी अपने उद्बोधन में रोटरी से संबंधित जानकारी से उपस्थित जनों को अवगत कराया. कार्यक्रम में भारी संख्या में रोटरी क्लब भिलाई के सदस्य, उनके परिवार के सदस्य व आमंत्रित रोटरी पिनाकल की अध्यक्ष मीनाक्षी जैन व उस संस्था के सदस्य तथा भारी संख्या में गणमान्य लोग शामिल थे.@GI@


पूरब टाइम्स भिलाई। निगमायुक्त  ऋतुराज रघुवंशी ने आज मॉर्निंग विजिट के दौरान 77 एमएलडी जलशोधन संयंत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फिल्टर बेड, फाकूलेटर, एरीएशन चेंबर, वाश वाटर एवं जल शोधन संयंत्र के अन्य स्थानों में पहुंचकर जल शुद्धिकरण के लिए अपनाए जा रहे पूरे कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। जल शुद्धीकरण की प्रत्येक विधि का जायजा लेते हुए, निगम क्षेत्र के हर वार्ड में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था निरंतर बनी रहे इसके लिए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के नागरिकों को शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जा सके इसके लिए जलकार्य विभाग की टीम पूरी मुस्तैदी से अपने कार्य में जुटी हुई है।

 बारिश के मौसम में कहीं भी विशुद्ध पानी की शिकायत न हो इसके लिए आज निगम आयुक्त  रघुवंशी ने 77 एमएलडी जलशोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। जल शुद्धिकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधनों जैसे क्लोरीन, ब्लीचिंग एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी ली। वाटर टेस्टिंग लैब में पहुंचकर संधारित पंजियों का तिथि अनुसार अवलोकन किए। इस दौरान सही तरीके से पंजी संधारित नहीं करने पर जल विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर किए। आयुक्त महोदय ने प्रतिदिन पानी टंकी और अंतिम छोर के जल स्रोत से लिए जाने वाले सेम्पल के पानी टेस्टिंग की रिकाॅर्ड व्यवस्थित तरीके से अधिकृत अधिकारी का हस्ताक्षरित विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। शहर के नागरिकों को शुद्ध पेयजल प्रदाय करने के लिए किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए अन्यथा सख्त कार्यवाही किए जाने की हिदायत उपस्थित अधिकारियों को दिए। 

जलशोधन संयंत्र में साफ सफाई बनाए रखने और मोटर पंप, इलेक्ट्रिानिक पैनल्स आदि उपकरण की समय समय जांच व संधारण करते रहने आदेशित किए ताकि जलप्रदाय व्यवस्था में कोई बाधा न आए। औचक निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता बृजेश श्रीवास्तव एवं उप अभियंता बसंत साहू मौजूद रहे!

पूरब टाइम्स दुर्ग। कोरोना के चलते अपने परिजनों को खो चुके बच्चों को महतारी दुलार योजना से शिक्षा की मदद मिल रही है। इस योजना में अब तक 288 आवेदनों को कार्रवाई के लिए शासन के पास भेजा जा चुका है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीईओ श्री प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि महतारी दुलार योजना के क्रियान्वयन के लिए हेल्प डेस्क बनाया गया है। हेल्प डेस्क के अधिकारी कोरोना से अपनी जान गंवा चुके लोगों के परिवारजनों से संपर्क करते हैं। इनसे घर में बच्चों की जानकारी, उनकी पढ़ाई लिखाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली जाती है तथा महतारी दुलार योजना की जानकारी भी दी जाती है। उनसे आवेदन ले लिया जाता है और आगे कार्रवाई के लिए भेज दिया जाता है। 

श्री बघेल ने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने विशेष रूप से निर्देश दिये हैं कि कोई भी बच्चा जिसके आजीविका अर्जित करने वाले पिता या माता का कोरोना के चलते निधन हो गया है की पढ़ाई जारी रहने में किसी तरह की बाधा नहीं आये। उन्होंने बताया कि महतारी दुलार योजना के आने के बाद लगातार इस संबंध में चिन्हांकन किया जा रहा है और प्रकरण प्रेषित किये जा रहे हैं। निजी स्कूलों को भी निर्देश दिये गये हैं कि उनके यहाँ यदि कोई बच्चा पढ़ाई कर रहा है और इसके आजीविका अर्जित करने वाले माता या पिता का निधन हो गया हो तो इस दशा में उसकी पढ़ाई का खर्च शासन उठाएगा। ऐसे बच्चों का महतारी दुलार योजना के अंतर्गत आवेदन भरें। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि कोशिश यह हो कि बच्चों को स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षा मिल पाए, इस दिशा में विशेष प्रयत्न करें। उल्लेखनीय है कि महतारी दुलार योजना में बच्चों के पढ़ने का खर्च तो शासन वहन करेगी ही, इसके साथ ही छात्रवृत्ति का प्रावधान भी इस योजना के अंतर्गत है जिससे बच्चों को शिक्षा के इतर कुछ जरूरी खर्च करने के लिए राशि उपलब्ध होगी।

पूरब टाइम्स दुर्ग।  दुर्ग. शहर जिला धोबी समाज ने विधायक अरुण वोरा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने पर सामाजिक सम्मान के साथ अभिनंदन किया, समाज के प्रदेश अध्यक्ष  सूरज निर्मलकर के अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में भारी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार माना। इस अवसर पर गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष विधायक अरुण वोरा ने कहा धोबी समाज भी अब अन्य विकसित समाज की श्रेणी में आ रहा है और इनकी भी सक्रियता दिख रही है उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष  सूरज निर्मलकर की मांग पर समाज के अध्ययन रत्न बेटा बेटियों के लिए छात्रावास भवन बनाने के लिए 11 लाख रुपया स्वीकृत किए उन्होंने जोर देकर कहा हमारी कांग्रेस सरकार चाहती है धोबी समाज को भी प्रतिनिधित्व मिले और धोबी समाज का विकास हो इसीलिए सरकार ने रजक कार बोर्ड का गठन किया है। 

राजधानी से पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने युवाओं और महिलाओं के सर्वाधिक उपस्थिति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा यह ऐतिहासिक क्षण है की बहुत कम समय और कम खर्च पर इतना बड़ा आयोजन इतने बड़े कामयाबी समाज को मिल जाए और समाज ने कांग्रेश को इतना बड़ा सम्मान दे दिया विज्ञान के युग और कोविड- 19 के संक्रमण को देखते हुए ऐसा ही आयोजन होना चाहिए सोशल मीडिया के सूचना मात्र से ही इतने बड़ी संख्या में समाज जनों का उपस्थिति बहुत बड़ी बात है उन्होंने कहा समाज के लिए यह स्वर्णिम अवसर है समाज के प्रादेशिक प्रवक्ता  अमन निर्मलकर और जिला प्रवक्ता महेंद्र निर्मलकर का जन्म दिवस है जिसको हम लोग कांग्रेस के पित्र पुरुष स्वर्गीय मोतीलाल वोरा के निवास में राजनेता  अरुण वोरा के निवास में उनके साथ मना रहे हैं। 

समारोह का संचालन युवा प्रदेश महासचिव जिला संगठन प्रभारी प्रदीप निर्मलकर और महिला विंग के नगर अध्यक्ष सुश्री ज्योति निर्मलकर कर रहे थे. आभार प्रदर्शन समाज के जिलाध्यक्ष सतीश रजक ने किया समारोह में प्रमुख रूप से दुर्ग जिला महिला विंग के अध्यक्ष  राम दीदी निर्मलकर जिला महासचिव खुशी निर्मलकर समाज के वरिष्ठ नेता धनेश्वर गुरुजी निर्मलकर युवा जिला महासचिव नारायण निर्मलकर मोनू निर्मलकर, आदि अनेक सक्रिय पदाधिकारी शामिल रहे इसके पूर्व समाज के प्रदेश अध्यक्ष  सूरज निर्मलकर के दुर्ग आगमन पर जिला अध्यक्ष सतीश रजक के नेतृत्व में समाज के युवाओं और महिलाओं ने जिले के बॉर्डर कुम्हारी में गर्मजोशी से स्वागत किया।

जिला उपाध्यक्ष अजय निर्मलकर, राजेंद्र निर्मलकर , जिला महासचिव नारायण निर्मलकर, जिला सचिव मोनू निर्मलकर, निर्मलकर, कार्यकारिणी अध्यक्ष गणेश निर्मलकर, दीपक निर्मलकर,नारायण निर्मलकर, संजय निर्मलकर, हेमंत निर्मलकर, विष्णु निर्मलकर, किशन निर्मलकर चंद्रेश नेवले, अनिल निर्मलकर अजय रजक नरेंद्र बुंदेल धनेश्वर रजक हरिश रजक शरद रजक खुमेश निर्मलकर लव निर्मलकर गोविंद रजक टीकाराम निर्मलकर राजू निर्मलकर, मकसूदन निर्मलकर, भोला निर्मलकर, परमेश्वर निर्मलकर, सागर निर्मलकर वासुदेव निर्मलकर  उपस्थित हुए। 

पूरब टाइम्स भिलाई। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में संचालित अवैध बालगृह से शनिवार को 20 बच्चों को मुक्त कराया गया है। मुक्त कराए गए ज्यादातर बच्चे मध्य प्रदेश के मंडला के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि कई बच्चों के माता-पिता की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि जिस संस्था से इन बच्चों को मुक्त कराया गया है, उसे महज 20 दिन पहले ही शुरू किया गया था। ऐसे में बाल तस्करी की भी आशंका जताई जा रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों को सूचना मिली कि भिलाई के रिसाली की लाइफ शो फाउंडेशन यहां राखी क्षेत्र के सेक्टर-29 में अवैध रूप से बाल गृह का संचालन कर रही है। इस पर टीम ने मौके पर छापा मारा तो एक मकान में ये बच्चे मिले। इस मकान के सामने अनाथ आश्रम का बैनर लगाकर बच्चों को रखा गया था। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि नियमों के अनुसार बालगृह का संचालन नहीं हो रहा था। सभी बच्चों को यहां अवैध रूप से रखा गया था।

यह भी सामने आया कि जिन बच्चों को संस्था में रखा गया था, उनके संबंध में चाइल्ड लाइन (1098), पुलिस, सखी सेंटर (181), बाल संरक्षण इकाई या बाल कल्याण समिति (CWC) को किसी तरह की कोई सूचना तक नहीं दी गई थी। जबकि, बच्चा मिलने के 24 घंटे के अंदर ऐसी जानकारी देना जरूरी होता है। पूछताछ में यह भी पता चला कि संस्था महज 20 दिन से ही संचालित हो रही है। नियमानुसार, लड़के और लड़कियों को अलग-अलग न कर एक साथ, एक ही कमरे में रखा गया था। उन सभी को जमीन पर गद्दा डालकर सुलाया जा रहा था।

विभाग की ओर से इस संबंध में राखी थाने में कार्रवाई की जा रही है। बच्चों के लिए बनाए गए अनाथ आश्रम में कर्मचारी भी नहीं थे। वहां केवल एक रसोइया था। बताया जा रहा है कि ज्यादातर बच्चे मध्य प्रदेश के मंडला के रहने वाले हैं। फिलहाल इस संबंध में और जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद बच्चों में 10 लड़के और 10 लड़कियां बताए जा रहे हैं। बच्चों को माना स्थित CWC में पेश कर लड़कों को बाल गृह और लड़कियों को LOS गृह में भेजा गया है।

पूरब टाइम्स दुर्ग । जिले में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों व 11 से 19 वर्ष की किशोरियों में पोषण स्तर के आंकलन के लिए समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन त्यौहार प्रारंभ किया गया है। प्रदेश व्यापी वजन त्यौहार 7 से 16 जुलाई तक आंगनबाड़ी केंद्रों में चलाया जा रहा है। वहीं किशोरियों का वजन, ऊंचाई के साथ हीमोग्लोबिन की भी जांच की जा रही है। दुर्ग ग्रामीण परियोजना के सेक्टर रसमड़ा में महिला औऱ बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले 11 से 18 वर्ष की सभी किशोरियों को इस अभियान में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर वजन त्यौहार में किशोरियों के हिमोग्लोबिन व सिकल सेल का भी टेस्ट कराया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग ग्रामीण परियोजना अधिकारी अजय कुमार साहू ने बताया, सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए वजन त्यौहार आयोजित किया जा रहा है। कोविड-19 पाजिटिव बच्चों का वजन उनके कोविड निगेटिव आने पर ही लिया जायेगा। ऐसे बच्चों का वजन 20 जुलाई के पूर्व लिया जायेगा। वजन त्यौहार में आंगनबाड़ी केंद्रों में सेल्फी जोन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

कार्यक्रम की शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्र दमोदा में जिला पंचायत अध्यक्ष  शालिनी यादव के द्वारा किया गया। वजन त्यौहार शुरु करते हुए पहले ही दिन 83 बच्चों की ऊंचाई और वजन लेकर पालकों को पोषण स्तर की जानकारी दी गई। इसके अलावा 52 किशोरियों का वजन ऊंचाई और हीमोग्लोबिन जाँच की गयी । ग्राम महमरा में 152 में से 129 बच्चों का वजन औऱ ऊंचाई नापी गयी। 70 किशोरियों का वजन, उंचाई और हीमोग्लोबिन जाँच की गई। ऊंचाई और वजन के आधार पर बॉडी मास इंडेक्स निकाला जाएगा।

परियोजना अधिकारी अजय कुमार साहू ने बताया, “परियोजना क्षेत्र 52 क्लस्टर बनाकर आंगन बाड़ी केंद्रों में शून्य से 05 वर्ष तक के आयु के 15,000 बच्चे लक्षित हैं। जिनका वजन लेकर आन लाईन साफ्टवेयर में डाटा एन्ट्री कर उनका पोषण स्तर ज्ञात किया जायेगा। अब तक 6,000 बच्चों की जांच वजन त्यौहार में की गयी है। इसके अलावा 7,000 किशोरियों का हिमोग्लोबिन टेस्ट भी कराया जायेगा तथा उनका बीएमआई निकाला जायेगा। अब तक 1,500 किशोरियों की जांच की जा चुकी है। आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले 11 से 19 वर्ष की सभी किशोरियों की एनिमिया व सिकल सेल की जांच होने से इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा। अब तक दो किशोरियों में सिकल सेल के लक्षण मिले हैं। वजन त्यौहार को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, महिला पर्यवेक्षकों के अलावा जन प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित कर लोगों को जागरुक किया जा रहा है।



पूरब   टाइम्स  भिलाई। जिले की सड़कों पर बारिश के मौसम में चलना अभी भी खतरे से खाली नहीं है। शहर के गली मोहल्लो की बात तो छोडिय़े मु य सड़को और नेशनल हाईवे  भी गड्ढे की भेट चढ़ गए हैं.  सड़कों पर गहरे गड्ढे तथा कहीं जमा बारिश व सीवरेज का पानी आम लोगों के लिए  मुसीबत बना हुआ है। सड़कों पर बने गड्ढे लोगों की जान ले रहे हैं लेकिन इनके रखरखाव का जि मा संभालने वाला पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और एनएचएआई  पूरी तरह से चैन की नींद सोया हुआ है।
नेहरू नगर फोर लेन  की रोड पर निकट सड़क पर बने गड्ढे की वजह से आए सड़क हादसे होते है।  नेहरू नगर चौक में कई हादसे भी हुए है।  नेहरू नगर फोर  लेन रोड पर लगभग 2  फीट गहरा गड्ढा बना हुआ था जिसे विगत दिनों गंभीर हादसे के अंदेशे के बाद भर दिया गया है लेकिन इसके अलावा सड़क पर दर्जनों बड़े गढ्ढें है जिनकी स्थिति अभी भी खतरनाक है। सड़क के बीच में बने इन गढ्ढ़ो मेंबारिश का पानी जमा होने से इसमें दोपहिया वाहन चालक कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते है. लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़क को सुधारने की बजाय गहरी नीद में लिप्त है। नेहरू नगर चौक में यातायात पुलिस के चालानी कार्यवाही करने में व्यस्त दिखाई देती है लेकिन इस तरह के जानलेवा गड्ढे से लोगो को सचेत करने के लिए किसी भी प्रकार का संकेतक बोर्ड या मार्किंग नहीं की गई हैं।


सड़क पर बने गड्ढों में सबसे अधिक मुसीबत बारिश के दौरान होती है। बारिश के दौरान वाहन चालकों को सड़क पर बने गड्ढों का अनुमान तक नहीं होता है जिससे कई बार वाहन चालक गिर भी जाते हैं। बड़े वाहन इनमें धंस भी जाते हैं। गुरूद्वारा चौक से सेक्टर एरिया में जाने वाले मार्ग में भी वाहन चलाना बेहद खतरनाक है। इस रास्ते में लोगों को दो बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है पहली तो मुख्य  चौराहा होने के कारण यातायात में होने वाली अव्यवस्था तथा दूसरी  सड़क पर बने गढ्ढे जिनमें पानी भर जाने के बाद उससे निकलना बेहद खतरनाक साबित होता है।