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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



पूरब टाइम्स, दुर्ग। बुधवार को जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल जी के जन्मदिवस पर उनके प्रतिमा पर मोदी आर्मी के सदस्यों द्वारा माल्यार्पण कर बस स्टैंड पर आने वाले मुसाफिरों को प्लास्टिक छोडऩे की अपील की गई साथ ही दूर दराज से आने वाले ग्रमीणों को थैला देकर उनसे प्लास्टिक से नाता तोडऩे की अपील भी की। प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने कहा दीनदयाल जी ने सादा जीवन यापन किया साथ ही समाज मे समानान्तर की भावना आए इसके लिए अपना जीवन भी समर्पित किया,ऐसे महापुरुष के जीवन पर हमारे संगठन ने भी लोगों से प्लास्टिक जैसे जहर से शहर को मुक्त करने का छोटा सा प्रयाश किया,इस दौरान मोदी आर्मी के यश कसेर, दुर्गेश रामटेके,प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल दिक्सित, नवनीत त्रिपाठी, पिर्यान्क पटेल,प्रशांत,आमिर शेख, इशू, संस्कार, गोलु, सागर, आकाश आदि उपस्थित थे।


दुर्ग।  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धनोरा गांव में बीती रात एक परिवार के लिए डर के साए में गुजरी। दरअसल यहां घर के किचन में फन फैलाए कोबरा नजर आया। वैजंतिन साहू नाम की महिला के घर पर  सांप की मौजूदगी की खबर पूरे गांव में फैली। रात में करीब 12 बजे ग्रामीणों ने पुलिस से मदद मांगी। खाकी पहने जवान यहां आए सांप को देखा भी लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते कहकर चले गए। रात भर परिवार परेशान रहा। एक कमरे में परिजन सांप पर नजर रख रहे थे। बाकि का परिवार बाहर बैठकर रात बिता रहा था। सुबह करीब 4 बजे गांव के सरपंच जितेंद्र को स्नेक कैचर एम सूरज का नंबर मिला। स्नेक कैचर सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। लोगों को हटाकर सांप को किचन से निकाला गया। बाद में इसे जंगल में छोड़ दिया गया। एम सूरज ने बताया यह स्पैक्टल्ड कोबरा प्रजाति का सांप था। गांव में बारिश के इन दिनों में 15 कोबरा घरों से निकाले जा चुके हैं। 

पूरब टाइम्स, दुर्ग गवर्नेंस का एक माडल ऐसा होता है जिसमें नागरिक शासकीय संस्थाओं में पहुंचकर सेवाओं का लाभ लेते हैं। एक ऐसा माडल भी होता है जिसमें कोशिश की जाती है कि अधिकारी खुद लोगों तक पहुंचे, उनसे शासकीय सेवाओं से जुड़े फीडबैक लें, एवं उनकी समस्या हल करें। दुर्ग जिले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहा है। दीगर विभागों के साथ ही हेल्थ में भी इस पहल को अपनाया गया है। जिले में इसकी मिसाल स्लम एरिया में कार्य कर रही मोबाइल मेडिकल यूनिट हैं।
हेल्थ के मामले में सजग रहना और रिस्पांस टाइम सबसे अहम- स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षाओं में यह बात सामने आई कि स्वास्थ्य के मामले में रिस्पांस टाइम बेहद अहम है। मसलन कोई स्वास्थ्यगत समस्या प्रारंभिक रूप से पनपती है और इसकी उपेक्षा की जाए तो धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। सही समय पर यह पकड़ में आ जाए तो इसे पूरी तरह से ठीक भी किया जा सकता है और नियंत्रित भी किया जा सकता है। अक्सर लक्षण गंभीर होने पर ही लोग अस्पतालों में चेकअप के लिए जाते हैं। स्लम एरिया में जहां जागरूकता की कमी है वहां यह पाया जाता है कि कई बार मरीज प्रारंभिक रूप से समस्या की उपेक्षा कर देते हैं और समस्या गंभीर होने पर इसका इलाज मुश्किल हो जाता है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के कार्य करने से इस दिशा में लोगों का चिन्हांकन करना आसान हो गया है। मौके पर ही टेस्ट, वहीं पर दवाइयां- मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक के साथ ही लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट एवं एएनएम होती हैं। ये लोगों को हेल्थ चेकअप के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि बीपी, शुगर, एनीमिया जैसी बीमारियों का चिन्हांकन इससे आसान हो जाता है। कभी-कभी यह होता है कि लोग सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए आते हैं और उनकी एनीमिया या डायबिटीज जैसी समस्या का पता चल जाता है। फिर इसका इलाज शुरू हो जाता है। डा. ठाकुर ने बताया कि जल्द चिन्हांकन से इलाज आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए यदि टीम पाती है कि किसी व्यक्ति को लंबे समय से खांसी है तो इसके सैंपल एकत्र कर लेती है। इससे टीबी जैसे रोगों की रोकथाम में भी मदद मिलती है।
स्वास्थ्य जागरूकता भी- मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी कार्य करती हैं। ये विभिन्न बीमारियों से बचने के संबंध में एवं ऐसी बीमारियां हो जाने पर रखी जाने वाली सावधानियों के संबंध में पैंफलेट आदि भी वितरित करती हैं। डाक्टर ठाकुर ने यह भी बताया कि मेडिकल टीम के माध्यम से हमें उस क्षेत्र से जुड़े फीडबैक भी मिलते हैं। किसी खास तरह के रोगों के मरीजों की संख्या का चिन्हांकन होने से इसे पूरी तरह से क्षेत्र में समाप्त करने के लिए कार्ययोजना बनाने में आसानी होती है। अगस्त माह में 5601 मरीजों ने कराया इलाज- अगस्त माह में निगम क्षेत्रों में पांच हजार छह सौ एक मरीजों ने अपना इलाज मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से कराया। भिलाई में 36 जगहों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट गई और 1843 मरीजों का इलाज किया। चरौदा में 24 जगहों पर यूनिट गई और यहां 2042 मरीजों का इलाज किया। दुर्ग में 21 जगहों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट गई और 1716 मरीजों का इलाज किया।

भिलाई।  महिला थाने में दहेज उत्पीड़न एक मामला दर्ज हुआ है। जिसमें आरोपित ससुराल वालों ने एक कार और 10 लाख रुपये के लिए विवाहिता को शादी के महीने भर बाद ही घर से निकाल दिया। जब प्रार्थिया ने इसकी महिला थाने में शिकायत की तो आरोपित महिला थाने पहुंचे लेकिन काउंसलिंग से निकलने के बाद केस करने पर प्रार्थिया को जान से मारने की धमकी दी। अंततः पीड़िता को अपने पति समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कराना पड़ा। महिला थाने में चारों आरोपितों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया है। महिला थाना प्रभारी योगिता खापर्डे ने बताया कि नेहरू नगर में अपने भाई व भाभी के साथ निवासरत एक विवाहिता ने राजापारा बाप चौक रायगढ़ निवासी अपने पति भवेश कुमार सिंह, ससुर भगवान सिंह, सास राजेश्वरी सिंह और ननंद भावना सिंह के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। प्रार्थिया की शादी 26 फरवरी 2019 को हुई थी। प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि शादी में उसके भाई ने जरूरत के सभी घरेलू सामान दिए थे लेकिन उसके बाद भी शादी के महज तीन दिनों बाद ही उसके पति ने उसे मायके लाकर छोड़ दिया। आरोपित ससुरालियों ने कार या उसे खरीदने 10 लाख रुपये की मांग की और शादी के दूसरे दिन से ही पीड़िता से मारपीट शुरू कर दी थी। प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि उसका पति 10 मार्च 2019 को उसे लेने के लिए उसके मायके आया। प्रार्थिया अपने ससुराल गई तो वहां जाते ही प्रार्थिया के सास ससुर और नंनद ने फिर से दहेज के लिए ताना देना शुरू कर दिया। उसे कमरे में बंद कर मारपीट किया जाने लगा। आरोपितों ने पीड़िता का मोबाइल भी छीन लिया और धमकी दी कि यदि उसने कार के लिए पैसे नहीं लाए तो वो उसे मारकर फांसी पर लटका देंगे। 12 मार्च को प्रार्थिया के हाथ मोबाइल लगा तो उसने अपने भाई को फोनकर पूरी स्थिति के बारे में बताया। प्रार्थिया का भाई वहां पहुंचा तो आरोपितों ने उससे भी दुर्व्यवहार किया और प्रार्थिया के साथ उसे वहां से निकाल दिया। इसके बाद वे दोनों भिलाई लौट आए। यहां लौटने के बाद प्रार्थिया ने महिला थाने में शिकायत की। जिसकी जांच के बाद आरोपितों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है।

पूरब टाइम्स, भिलाई चरोदा . पिछले दिनों नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा  के आयुक्त कीर्तिमान सिंह राठौर व महापौर चन्द्रकांता माण्डले के बीच के झगड़े ने अखबारों की सुर्खियां बटोरीं थी . जिसमें आयुक्त ने एकतरफा निर्णय लेकर महापुर को प्रदत्त अनेक सुविधाओं व स्टाफ से वंचित कर दिया था . सूत्रों के अनुसार महापौर ने इसका विरोध कर , आयुक्त से स्पष्टीकरण भी मांगा था परंतु आयुक्त उन पत्रों को दबाकर बैठ गये हैं. इस मामले से भिलाई चरोदा निगम के कांग्रेस के पार्षद व सभापति विजय जैन , आयुक्त को अपने ग्रुप का मानते हुए , इसके अलावा किसी भी अन्य मामले में पूछताछ करना बंद कर चुके हैं . इससे आयुक्त , एमआईसी व महापौर के अधिकारों से बेपरवाह होकर अपने मन से सभी निर्णय लेने लगे हैं . महापौर को स्वत:  जानकारी देना तो दूर , उनके द्वारा मांगे गये अपेक्षित जवाब भी देना उचित नहीं समझते हैं. कानूनविदों के अनुसार आगे चलकर , इस तरह की कार्यशैली व कार्य व्यवहार  उच्चाधिकारियों व  न्यायपालिका के समक्ष अवश्य जायेगा. पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ...   
जैसे ही भिलाई चरोदा में नव नियुक्त आयुक्त ने अपना पदभार संभाला वैसे ही महापौर के आरोप से आयुक्त का स्थान सुर्खियों में आ गया.  मामला यह था कि महापौर आवास में कार्यरत सेवको को आयुक्त द्वारा कार्य से हटाने का आरोप लगाया गया था.  महापौर महोदय ने बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सार्वजनिक तौर पर लगाये इस आरोप से आयुक्त सीधे-सीधे प्रश्नांकित हुआ लेकिन सभापति ने इस ममाले में कोई संज्ञान नहीं लिया और ना ही आयुक्त ने आखबारो में प्रकाशित आरोपों के विषय में राज्य सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग को अवगत करने की कार्यवाही सार्वजनिक की . जिसके कारन आम जनता के मन में यह बात घर कर गयी है कि आयुक्त अपने पदेन शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है . राज्य शासन और नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक ने इस मामले में किसी भी प्रकार से कार्यवाही करने के संकेत अब तक नहीं दिए है , जिससे प्रतीत होता है कि आरक्षित महापौर सीट से निर्वाचित महिला महापौर अकेले आयुक्त के द्वारा दी जा रही तथाकथित व आरोपित प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करने को मजबूर हो रहीं है .
इस प्रश्न को निगम कार्यवाहियों में होने वाली गड़बडिय़ाँ विधि सम्मत आधार प्रदान करती है कि क्या छत्तीसगढ़ नगरपालिका (कामकाज के संचालन की प्रकिया ) नियम 2016 के विधिनिदेशानुसार निगम कामकाज क्रियान्वयन के प्रकिया नियमो का अनुपालन भिलाई चरोदा निगम आयुक्त द्वारा कराया जाता है ? गौरतलब रहे कि जब भी निगम कार्यवाहियां होती है , तब यह विधि अपेक्षित होता है कि इस नियम का पालन किये जाने की सुनिश्तिता सभापति के द्वारा किया जाना चाहिए . इस नियम का विधि निर्देश है कि निगम की सभी कार्यवाहियां विधान सभा की तर्ज पर होनी चाहिए . सभी पार्षदों को इस नियम से प्राप्त होने वाला अधिकार मिलना चाहिए लेकिन निगम कार्यवाहियों का बहुत बड़ा समय होहल्ला के हवाले हो जाता है . विडम्बना यह है कि सभापति स्वयं इस अनियमित कार्यव्यवहार करने वाले लोकसेवको के आचरण का प्रत्यक्षदर्शी होते है . आयुक्त इस नियम की कार्यवाहियों में उसके पदेन कर्तव्यों को पूर्ण करते नजर नहीं आता है और सभापति भी आयुक्त की भूमिका पर . कोई भी पार्षद प्रतिक्रिया करते नहीं दिखते है इसलिए निगमहित के लिए आवश्यक है कि सभापति को इस प्रश्न पर प्रतिक्रिया करनी चाहिए कि क्या निगम सभापति चरोदा आयुक्त के कर्तव्य निष्ठा को मौनानुकुलता से अभिप्रमाणित करते है ?
भिलाई चरोदा निगम पार्षदों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर निगम कार्यवाहियों में क्या कार्यवाही होती है और निगम आयुक्त और महापौर पार्षदों को कितना महत्त्व देते है ? इस प्रश्न के उत्तर खोजने का प्रयास इस समाचार प्रकाशन के पूर्व किया गया . कुछ पार्षदों ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी कि उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों से संबन्धित नस्ति का अवलोकन करने की व्यवस्था निगम आयुक्त द्वारा नहीं करायी जाती है जो कि अपने आप में एक गंभीर मामला है . गौरतलब रहे कि छत्तीसगढ़ नगरपालिका (कामकाज के संचालन की प्रकिया ) नियम 2016 के नियम 6 में स्पष्ट प्रवधान है कि निगम कार्यवाहियों के कार्यसूची की मदों से सम्बंधित दस्तावेजो का निरीक्षण किये जाने का पार्षदों का अधिकार अधिनियमित है . इस अधिकार को सुनुश्चित किये जाने हेतु सम्बंधित विभागाध्यक्ष द्वारा पार्षदों के निवेदन आवेदन के क्रमानुसार पार्षदों को दस्तावेजो को निरीक्षण करने का अवसर प्रदान करना सुनिश्चित करेगा . उल्लेखनीय है कि विधान ने इस नियम का अनुपालन नहीं करने वाले प्राधिकारियों के लिए दंड को भी स्पष्ट किया है कि क्या है दंड ? यदि विभागाध्यक्ष एवं प्राधिकारी यह कार्यवाही करने में असफल होता है तो उसे प्रथम विफलता पर 50 रु अर्थदंड से दण्डित किया जायेगा . द्वितीय विफलता पर एम.आई.सी द्वारा निर्धारित अर्थदंड के साथ-साथ विभागाध्यक्ष एवं प्राधिकारी दोनों की सेवा पुस्तिका में दण्डित किये जाने की कार्यवाही को लेखबद्ध किया जायेगा लेकिन भिलाई चरोदा के आयुक्त जिन पर इस नियम को कार्यान्वित करवाने का पदेन कर्तव्य है , वे क्या कार्यवाही करते हैं , यह खोज का विषय बन गया है.

पूरब टाइम्स, भिलाई। युवाओं ने ठाना है डेंगू को भगाना है । का आँठवा चरण अभियान सफलता पूर्वक वार्ड क्र.34 में चलाया गया। इस अभियान के तहत डेंगू जैसे खतरनाक बीमारी से बचने के लिये दुर्ग शहर के युवाओं द्वारा वार्ड क्रं.34 शिव पारा दुर्ग में डेंगू एवं स्वच्छता जागरूक अभियान चलाकर एंटी लार्वा दवाई का छिड़काव किया  और साथ ही वार्डवासियों को इसके बचाव के बारे में बताया। इसके साथ अपने आस-पास के जगह को साफ  सुथरा एवं स्वच्छता रखने की अपील की गई। युवाओं द्वारा निंरतर दुर्ग शहर के प्रत्येक वार्ड में अभियान को चलाया जा रहा है साथ ही लोगों के घरों मे लगे कूलरों की सफाई भी करवाई जा रही हैं ताकि कहीं भी डेंगू का लार्वा जिंदा ना रहे युवाओं के निरंतर प्रयास से दुर्ग शहर मे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी पर अंकुश लगा है। युवाओं का कहना है कि आजकल के वातावरण में शहर एवं अपने देश के प्रति हर व्यक्ति को जिम्मेदार एवं जागरूक रहना चाहिये। तभी हम अपने शहर को साफ रख पायेंगे। आज हर नागरिक विदेश की यात्रा करना चाहता है और उनकी स्वच्छता की तारीफ  भी करता है कयोंकि वहां के प्रत्येक नागरिकों के योगदान से एक खूबसूरत शहर का निर्माण होता है। हम भी अपने शहर अपने देश को स्वच्छ एवं खुबसूरत बना सकते है बस एक जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य जिम्मेदारी से निभाने का संकल्प करे। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत बनाने का संकल्प लिया है तो हमें भी अपने शहर को स्वच्छ बनाने का संकल्प प्रत्येक नागरिक को करना चाहिये। इसलिये दुर्ग शहर के कुछ युवाओं के द्वारा डेंगू जैसे खतरनाक बीमारी से बचने एवं स्वच्छता अभियान को लेकर प्रत्येक वार्डो में निरंतर मुहिम चलाया जा रहा है। जिसमें विशेष रूप से  नवीन राव, दीपक साहू, हरिश बंटी चौहान, संजय चंद्रिकापुरे, संतोष तिवारी, पुष्कर मिश्रा, संजू निर्मलकर, महेश निर्मलकर, ऋषि निर्मलकर, विनय निर्मलकर, लक्की निर्मलकर, सुधीर कुमार एवंम समस्त वार्ड वासियों की उपस्थिति रही।

पूरब टाइम्स, कुम्हारी। बिटिया दिवस के दिन कुम्हारी मेें चौक में रविवार सुबह सड़क हादसे में आठ साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं स्कूटी चला रही मां गंभीर रूप से घायल हो गई है। कुम्हारी थाने से मिली जानकारी के अनुसार कुम्हारी स्टेशन चौक के पास रहने वाली मां, जया राव अपनी दो बच्चों को स्कूटी में बैठाकर सुबह लगभग 10.30 बजे दुर्ग से रायपुर की ओर जा रही थी। इसी बीच नेशनल हाइवे 53 में तेज गति से आ रहे ट्रक ने उन्हें ठोकर मार दी। ट्रक की ठोकर से स्कूटी सवार मां और दोनों बच्चे अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गए। आठ साल की बेटी विद्या राव, पिता भास्कार राव की ट्रक के पहियों के नीचे आ गई। जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लगभग एक घंटे तक नेशनल हाइवे जाम कर दिया है। बालिका जिसका नाम कुमारी दिव्या राव है वह अपनी मां एवं छोटे भाई के साथ रायपुर जा रही थी कुम्हारी कपड़ा मार्केट के सामने दुर्ग से रायपुर रोड पर एक ट्रक चालक ने उन्हें रौंद दिया जिसमें दिव्या की मौत हो गयी , मां और 4 वर्षीय बच्चे को भी सर पर काफी गंभीर चोटे आई है जिन्हें हॉस्पिटल में लोंगो ने भर्ती कराया ।
हादसे के बाद पिता सदमे है जिन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है । घटना से आक्रोशित लोंगो ने गुस्से में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया डेढ़ घंटे तक लोंगो ने चक्काजाम कर दुर्घटना स्थल पर रोड ब्रेकर बनाने की मांग की । हालात को देखते हुए  सीएसपी छावनी विश्वास चंद्राकर कुम्हारी थाना प्रभारी आशीष यादव सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे । एसपी विश्वास चंद्राकर ने लोगों को समझाइश देकर रास्ता को खुलवाया।

पूरब टाइम्स, दुर्ग . अगली बार दुर्ग नगर निगम से सामान्य वर्ग का महपौर तय होने के बाद , दोनों बड़ी पार्टियों में राजनीतिक उठापठक शुरू हो गई है . जहां हेमचंद यादव की मृत्यु के बाद , भाजपा में सरोज पाण्डेय ग्रुप का पूरी तरह से वर्चस्व हो गया है . वहीं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और मुखय मंत्री भूपेश बघेल के द्वारा दखलंदाज़ी की स्थिति में कांग्रेस के विधायक अरुण वोरा के वर्चस्व में कमी आ सकती है . वैसे भी हर बार अरुण वोरा द्वारा चयनित कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी की हार हुई है जिसका कारण अंतिम समय पर वोरा टीम का अपना हाथ खींच लेना बताया जाता है . सूत्रों के अनुसार यह सब एक खास रणनीति के तहत वोरा गुट करता था . महापौर चुनाव में सरोज पाण्डेय के प्रत्याशी को समर्थन देने की स्थिति में विधायक चुनाव में उन लोगों के द्वारा अरुण वोरा को फायदा दिया जाता था. लेकिन इस बार परिस्थियां पूरी तरह बदल गईं हैं .  अब देखने वाली बात होगी कि क्या वोरा के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार हाई कमान उनको प्रत्याशी चयन में तवज्जो देता है या नहीं . पूरब टाइम्स की एक राजनीतिक रिपोर्ट .... 

दुर्ग निगम चुनाव और अरुण वोरा की विधायकी का कूटनीतिक सबंध होना क्या आलोचकों की कोरी कल्पना मात्र है ?

आगामी नगर निगम चुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव के बहाने मोदी सरकार यह साबित करेगी कि जीएसटी और नोटबंदी का मुद्दा अब कांग्रेस को वोट दिलाने के लिए काफी नहीं है , जनता यह जानती है कि जीएसटी और नोटबंदी राष्ट्र हित के लिए उठाया गया कदम है . इसी मामले के आधार पर कांग्रेस हाईकमान और राहुल गांधी महापौर चुनाव के बहाने कांग्रेस के लिए सीट लेकर यह साबित करने में लगे रहेंगे कि मोदी सरकार की अनेक नीतियां गलत है . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा और भाजपा की तेजतर्रार नेत्री सरोज पांडे के दुर्ग जिला का मुख्यालय,  इस बार किस पार्टी का महापौर बनाएगा इस बात पर सभी की नजर है । दुर्ग की पूर्व महापौर सरोज पांडे अब राष्ट्रीय नेता बन गई है . उनका संपर्क कार्यकर्ताओं से कितना है,  यह भी बहस का मुद्दा है . इसलिए वें भाजपा के लिए निगम चुनावो में कितना मायने रखती है यह आने वाला समय बताएगा लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दुर्ग विधायक अरुण वोरा की विधायकी भी दुर्ग महापौर चुनाव से गहरा नाता रखती है.  भिलाई के महापौर देवेंद्र यादव को विधायक पद का टिकट दिए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दुर्ग के महापौर को भी दुर्ग विधानसभा का टिकट आने वाले समय में दिया का सकता है . यदि महापौर के कार्य अच्छे रहेंगे तो कांग्रेस हाईकमान उसे विधानसभा टिकट देने में परहेज नहीं करता इसलिए अरुण के लिए यह राजनीतिक दृष्टिकोण गंभीर है . अगर कांग्रेस का महापौर बनेगा और वह कांग्रेस की विधानसभा सीट की मांग नहीं करेगा इस बात की गारंटी वाले देने वाला कांग्रेसी नेता कौन है ?

अरुण वोरा द्वारा कि गई मंत्री पद की दावेदारी में 

आए यू - टर्न का राजनीतिक दृष्टिकोण क्या है ?

विधानसभा चुनाव के ठीक बाद मंत्री पद जब मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा बाटा जा रहा था तब दुर्ग के विधायक ने भी जोर शोर से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी लेकिन तब यह आम जन धारणा बन गई थी कि हाईकमान ने इसे महत्व नहीं दिया.  दूसरे शब्दो यूं कहा जाए कि अरुण अरुण ने अपनी दावेदारी छोड़ दी लेकिन इस घटना को राजनीतिक विश्लेषक बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं . विश्लेषकों के बीच हो रही बहस में सभी अपना- अपना दृष्टिकोण दे रहे हैं . इस दृष्टिकोण में सबसे महत्वपूर्ण बात दुर्ग महापौर चुनाव को लेकर सामने आ रही है . वह यह है कि दुर्गा के महापौर की टिकट विधायक अरुण वोरा ही तय करेंगे प्रत्याशी और दावेदारों के बीच जो फैसला होगा उसमें निर्णायक फैसला अरुण का ही होगा . उनके इच्छानुसार दुर्ग महापौर तय होगा.  कांग्रेस पार्टी हाईकमान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से विधायक अरुण वोरा के सहमति को पूरा सम्मान देंगे और आने वाले समय में दुर्ग को ऐसा महापौर प्रत्याशी मिलेगा जो विधायक अरुण वोरा के विचारों से एक मत हो.

पूरब टाइम्स, भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत नेहरू नगर 77 एमएलडी जल शोधन यंत्र में पानी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अमृत मिशन योजना अंतर्गत 6 नग नया पावर पंप लगाया जाना है। इस कार्य के लिए 77 एमएलडी जल शोधन संयंत्र के क्लियर वाटर टैंक को खाली कर क्लियर वाटर टैंक की दीवार तोड़कर पाइप लाइन लगाकर नवीन पावर पंपों से जोड़ा जाना है कार्य करने के उपरांत सभी तोडफ़ोड़ किए गए स्थानों को सीमेंट कंक्रीट से बंद करने का कार्य किया जाएगा यह एक वृहद कार्य है जिसके कारण दिनांक 23 सितंबर से 26 सितंबर तक निगम क्षेत्र में उच्च स्तरीय सभी 10 टंकियों में पानी नहीं भर पाएगा, टंकियों में पानी नहीं भरने के कारण वितरण पाइपलाइन से जल प्रदाय भी बंद रहेगा! इस अवधि में वार्डों में स्थापित पावर पंप ज्यादा समय तक चालू रहेंगे तथा हस्त पंपों को निरंतर चालू रखे जाने का प्रयास किया जाएगा! जिन क्षेत्र के वार्डों/मोहल्लों में पावर पंप नहीं है वहां पर टैंकरों के माध्यम से जल प्रदाय किए जाने पर्याप्त टैंकर की व्यवस्था की जा रही है!
इस अवधि में किसी को पानी की समस्या होने पर संबंधित क्षेत्र के जोन आयुक्त से उनके दूरभाष नंबर पर संपर्क कर अवगत करा सकते हैं पानी से संबंधित समस्या के लिए इनको करा सकते हैं अवगत अमिताभ शर्मा जोन आयुक्त जोन क्रमांक 1 मो.नं. 7879152951, सुनील दुबे कार्यपालन अभियंता जोन क्रमांक 1 मो.नं.9300769151, सुनील अग्रहरि जोन आयुक्त जोन क्रमांक 2 मो.नं. 9827167685,  एमपी देवांगन कार्यपालन अभियंता जोन क्रमांक 2 मो.नं.9827178547,  प्रीति सिंह जोन आयुक्त जोन क्रमांक 3 मो.नं. 8319517473, डीके वर्मा कार्यपालन अभियंता जोन क्रमांक 3 मो.नं. 9302893108,  महेंद्र कुमार पाठक जोन आयुक्त जोन क्रमांक 4 मो.नं. 9406045450, संजय बागडे जोन क्रमांक 4 कार्यपालन अभियंता मो.नं. 9302893102, रमाकांत साहू जोन आयुक्त जोन क्रमांक 6 मो.नं. 9098907321, बी के सिंह कार्यपालन अभियंता जोन क्रमांक 6 मो.नं.9302893113.

पूरब टाइम्स, दुर्ग।  आप बुजुर्गों के अनुभव का जितना अधिक लाभ लेंगे, उतना ही आपका जीवन भी समृद्ध हो जाएगा। यह बात गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने वरिष्ठ नागरिकों के तृतीय राज्य स्तरीय सम्मेलन के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि कोई 30 साल का युवा यदि 80 साल के बुजुर्ग के अनुभव का लाभ ले तो उसके अनुभव में 110 साल जुड़ जाते हैं। बुजुर्गों के अनुभव से हम परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना करने में सक्षम होते हैं। जिंदगी के कठिन मुकामों को किस युक्ति से उन्होंने पार किया। यह सब सीखने हमें उनसे मिलता है। गृह मंत्री श्री साहू ने कहा कि बच्चों को अकादमिक शिक्षा के साथ ही पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा देना भी महत्वपूर्ण है। बुजुर्ग व्यक्ति को खुशी भौतिक ऐशोआराम से नहीं होती, न ही बैंक बैलेंस और नौकर चाकर से होती है। उनको सच्ची संतुष्टि तब मिलती है जब उनके बच्चे उनसे तबियत का विशेष ध्यान रखने आग्रह करते हैं। जब वे दवाइयों को समय पर नहीं लेने पर उन पर बिफर जाते हैं। यही सच्चा धन होता है जो बुजुर्गों के पास होता है। युवा पीढ़ी को चाहिए कि अपने बुजुर्गों को समय दें, उनसे वे बहुत कुछ सीखेंगे। उनसे जो आशीर्वाद मिलेगा, वो उन्हें जिंदगी में तरक्की की राह पर आगे ले जाएगा। श्री साहू ने कहा कि मैं इस संघ से लंबे अरसे से जुड़ा हूँ। आप लोग अनवरत अच्छा कार्य करते रहते हैं। समाज सेवा का कार्य करते हैं। यह सब देखकर बहुत अच्छा लगता है। श्री साहू ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की ओर से जो मांग आई है। उसे शासन के समक्ष रखेंगे और इसके क्रियान्वयन की दिशा में कार्य करेंगे। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक संघ बहुत अच्छे कार्य कर रहा है। उनकी गतिविधियों का लाभ समाज को निरंतर मिल रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि वे अपने अनुभवों का निचोड़ हमें दे रहे हैं। इसका पूरा लाभ उठाना है। उनके आशीर्वाद से, उनके मार्गदर्शन से समाज उज्ज्वल भविष्य की राह में आगे बढ़ सकता है। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिक संघ के पदाधिकारियों ने भी अपना संबोधन दिया।

पूरब टाइम्स, भिलाई . भिलाई नगर निगम के लिये महापौर सामन्य वर्ग से होगा , इस बात से अनेकों लोगों की बांछें खिल गई हैं . अनेक लोगों के भीतर छिपा हुआ दावेदार , मन के भीतर कुंचाले मारने लगा है . यूं तो पहले से ऐसा ही माना जा रहा था कि इस बार के चुनाव में कांग्रेस व भाजपा से महापौर पद के उम्मीदवार क्रमश: देवेन्द्र यादव और प्रेमप्रकाश पाण्डेय की पसंद के ही होंगे परंतु अभी परिस्थिति में भारी परिवर्तन दिखने लगा है . एक ओर जहां देवेन्द्र यादव अपने समर्थकों को अनजाने में या जानबूझकर या किसी दबाव के कारण , उचित स्थान दिलाने में पूरी तरह से नाकामयाब दिख रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रेमप्रकाश पाण्डेय भी प्रदेश की राजनीति में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप से दूर नजऱ आते हैं. फिर भी भिलाई की जनता अभी भी इन्हें किंगमेकर की भूमिका में देख रही है . पूरब टाइम्स की नगर निगम भिलाई की राजनैतिक समीक्षा ( भाग-1 )


यूपी और बिहार से संबंध रखने वालो की दावेदारी को ही  क्या भिलाई शहर सरकार की कमान सौपेगी जनता ?

राजनीतिक विश्लेषक इस गुणा भाग में लगे हैं कि भिलाई शहर सरकार का महापौर इस बार भी यादव होगा कि कोई और बनेगा ? सर्वज्ञात विषय है कि भिलाई ने लगातार दो यादव महापौर दिए हैं.  देवेंद्र यादव तो महापौर से विधायक भी बन गए है . जब वे विधानसभा लड़ रहे थे , तब यह बात उठने लगी थी कि क्या भिलाई की सीट यादव प्रत्याशी के लिए अधिक सुरक्षित है . अब आने वाला समय बताएगा कि भिलाई को यादव समाज से पुन: महापौर मिलेगा या नहीं लेकिन इसके साथ-साथ एक चर्चा और भी है कि क्या इस बार यूपी बिहार से संबंध रखने वाले को भाजपा और कांग्रेस अपना महापौर प्रत्याशी बना पाएगी ? इस वक़्त यह कटुसत्य है कि  स्थानीय वादÓ के चलते यह प्रश्न अपना अस्तित्व बनाने लगा है.  विगत राजनीतिक फेर बदल में सबसे गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा ने इस बार सरोज पांडे को टिकट नहीं दी और सांसद के रूप में विजय बघेल को मौका दिया और वे भारी मतों से  दुर्ग के सांसद पद पर निर्वाचित हुए है . पूर्व सांसद ताम्रध्वज साहू ने विगत विधानसभा चुनाव के ठीक पहले लोकसभा का लालच छोड़ ,  एक बुलंद फैसला लिया और  गृह मंत्री का पद हासिल किया . विधानसभा और लोकसभा के चुनाव परिणाम तथा भाजपा और कांग्रेस के द्वारा चयनित प्रत्याशियो का विश्लेषण करने पर इस बात को भी आधार मिलता है कि आगामी शहर सरकार के चुनाव में छत्तीसगढिय़ा प्रत्याशी को या यूं कहें कि मूल छत्तीसगढिय़ा निवासी को दोनों ही पार्टियां प्राथमिकता देगी और मत बटोरने का प्रयास  करेंगी .  

वर्तमान सांसद और मुख्यमंत्री "बघेल" है ऐसी स्थिति में साहू समाज को कितने शहरो की सरकार बनाने का मौका मिलेगा ?

छत्तीसगढिय़ा जन प्रतिनिधि विषय पर सभी स्थानीय लोगो की सहमति विगत चुनाव परिणाम आने के साथ प्रमाणित हो गई है.  परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री बघेल है और गृहमंत्री साहू हैं. अब नगरीय निकायों के चुनाव आ गए है . दोनों पार्टियों ने जातिगत समीकरण बनाकर लोकसभा और विधासभा में अपने अपने प्रतिनिधि भेजे है . इस बार भी नगरीय निकाय चुनावों में , सबसे पहले दुर्ग निगम का चुनाव होगा और बाद में भिलाई और चरोदा निगम के चुनाव होंगे. गौरतलब रहे कि भिलाई दुर्ग और चरोदा तीनों ही निगम क्षेत्रों में दूसरे राज्यो के लोगो की मत संख्या भी निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखती है .  ये संख्या बल मुख्यमंत्री और सांसद दोनों की राजनीति समझ की परीक्षा लेगी . नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम के आधार पर पार्टी का हाई कमान इस निर्णय पर पहुंच सकेगा कि दुर्ग जिले में मुख्यमंत्री और सांसद की कहां कितनी पकड़ है ?

देवेन्द्र यादव और प्रेम प्रकाश पाण्डेय के करीबियों को भिलाई निगम चुनावों में क्या पार्टी टिकट मिल पाएगी ? 

भिलाई के पूर्व व वर्तमान विधायकों के चहेतो की सूची बेहद लंबी है . इन दोनों के लिए भिलाई का निगम चुनाव भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों एक बार फिर भिलाई चुनावों के बहाने मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ साबित करेंगे . भाजपा की केंद्र सरकार और कांग्रेस के अग्रणी नेता राहुल गांधी के लिए प्रथम दृष्टया भले ही भिलाई निगम चुनाव महत्त्वपूर्ण ना हो लेकिन पूर्व व वर्तमान विधायकों के लिए भिलाई निगम चुनाव राजनीतिक वर्चस्व कायम करने का आधार साबित होगा . यदि भिलाई में कांग्रेस का महापौर बनेगा तो विधायक देवेन्द्र यादव को राष्ट्रीय राजनीति में स्थान मिलने के रास्ते खुलेंगे और अगर भाजपा का महापौर प्रत्याशी हार गया तो प्रेम प्रकाश पाण्डेय को भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ साथ राष्ट्रीय कार्यकारणी के समक्ष भी स्पष्टीकरण देना पड़ेगा.  वर्तमान परिस्थिति में यह पूर्वानुमान लगाया जा सकता है कि माहौल अभी देवेन्द्र यादव के साथ है लेकिन असंतुष्ट साथियों ने पूर्व विधायक को सत्ता से बाहर करवाया है , यह भी चर्चाओं का एक हिस्सा है

पूरब टाइम्स, दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग में कार्यरत सफाई मित्रों, नियमित/प्लेसमेंट/एमसीसी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हेतु देयक वेतन विलम्ब से बैंक खाता में जमा हुआ जिसके कारण कर्मचारियों ने हड़ताल कर निगम परिसर में निगम प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की व नाराजगी व्यक्त किये जिससे निगम प्रशासन की छबि धूमिल हुई है। यह कृत्य उच्चाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना, घोर लापरवाही एवं गैर जिम्मेदाराना कार्य का द्योतक मानते हुये आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा ने इस सब के लिए स्वास्थ्य अधिकारी उमेश कुमार मिश्रा को जिम्मेदार मानते हुये सोमवार तक जवाब प्रस्तुत करने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आयुक्त ने इस संबंध में बताया कि नगर पालिक निगम दुर्ग में कार्यरत प्रत्येक सफाई मित्रों, नियमित/ प्लेसमेंट/एमसीसी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हेतु देयक वेतन की कार्यवाही महीने की 07 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है। बावजूद कर्मचारियों का वेतन देयक माह अगस्त देय सितम्बर 2019 को वेतन विलम्ब से बैंक खाता में जमा कराया गया। वेतन भुगतान में देरी के कारण कर्मचारियों ने सफाई कार्य को बंद कर निगम परिसर में आकर निगम प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। इससे एक ओर शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुआ वहीं दूसरी ओर निगम की छबि शासन स्तर पर धूमिल हुआ। उन्होंने कहा स्वास्थ्य विभाग के इन कर्मचारियों को मेरे निर्देश के बाद भी समय पर वेतन का भुगतान नहीं करना कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारी उमेश कुमार मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि क्यों न इस कृत्य के लिए उन्हें निलंबित कर दिया जावे। 23 सितंबर तक संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर निलंबित कर विभागीय कार्यवाही की जावेगी।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। दुर्ग के संयम जैन नामक एक छात्र ने मानव तस्करी के विषय को लेकर एक शॉर्ट फिल्म बनाई है जिसे कान फिल्म फेस्टिवल में भेजा गया है। विश्व स्तरीय इस फेस्टिवल में पूरे विश्व से लगभग 61 लाख शॉर्ट फिल्म सम्मिलित किये गए थे। कड़ी प्रतिस्पर्धा करते हुए संयम जैन की फिल्म तलाश शॉर्ट लिस्टेड होते हुए 11000 की रैंकिंग तक पहुंच चुकी है यह प्रतिस्पर्धा वर्तमान समय में लगातार जारी है। मानव तस्करी के बढ़ते कारोबार पर बनाई गई फिल्म को विश्व स्तर पर काफी पसंद किया जा रहा है डायरेक्टर संयम जैन जो कि वर्तमान समय मे अविश  एडकॉम दुर्ग के छात्र हैं इन्होंने अपनी फिल्म तलाश के बारे में बताया कि यह मुख्य रूप से मानव तस्करी  पर आधारित है कि मानव शरीर के अंगों का शोषण  किया जाता है। फिल्म निर्माण में लगभग 27 सदस्यों की एक टीम थी जिसे उनके द्वारा पहली बार निर्देशित किया गया था। संयम जैन ने कहा इस प्रतिस्पर्धा का रिजल्ट 1 अक्टूबर को आएगा। पूरे भारत से इसमे 51 हजार से ज्यादा एंट्री हुई थी।


पूरब टाइम्स,दुर्ग। कलेक्टर खाद्य विभाग दुर्ग के आदेशानुसार दिनांक 20 सितंबर और 21 सितंबर को कुल 18 वार्डो का नवीनीकृत राशनकार्ड वार्डो में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की सूची और नंबर के साथ नगर पालिक निगम दुर्ग में प्रेषित किया गया है। जिसके आधार पर आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा चार नोडल अधिकारी और अन्य सहायक कर्मचारियों की ड्यूटी नवीनीकृत राशनकार्ड वितरण के लिए लगाया गया है। उन्होंने बताया कुछ शासकीय दुकाने बंद हो गई है जिसके कारण एक-दो वार्ड के कार्ड को वहॉ पास के शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में मर्ज किये जाने की जानकारी दी गई है। आयुक्त श्री बर्मन ने बताया खाद्य विभाग से प्राप्त नवीनीकृत राशनकार्ड को निम्नानुसार स्थानों पर 20 और 21 सितंबर तक वितरण किया जावेगा। इसमें पचरीपारा और अस्पताल वार्ड का नवनीकृत राशनकार्ड को कार्यालय यंत्री शिवनाथ मंडल जल संसाधन विभाग दुर्ग, चण्डीमंदिर वार्ड 33 का राशनकार्ड नरेरा प्राथ. कन्या प्राथ.शाला शनिचरी बाजार दुर्ग, बाबा रामदेव मंदिर वार्ड 35 का राशनकार्ड मोहन लाल बाकलीवाल स्कूल शनीचरी बाजार में वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार आजाद वार्ड 37 एवं गंजपारा वार्ड 36 का, एवं आपापुरा वार्ड 31 और मीलपारा वार्ड 38 का राशनकार्ड रुंगटा कालेज जी.ई. रोड दुर्ग में वितरण किया जा रहा है। कचहरी वार्ड 39 का राशनकार्ड जे.आर.डी.शा. बहु. उ.मा.शाला में, सुराना कालेज 40 और कसारीडीह वार्ड 43 का राशनकार्ड सुराना कालेज में, केलाबाड़ी वार्ड 41 का राशनकार्ड त्रिलोचन बाल मंदिर केलाबाड़ी दुर्ग में, कसारीडीह वार्ड 42-43 का राशनकार्ड शा.प्रा.शा. कसारीडीह दुर्ग में, गुरुघासीदास वार्ड 44 का के दोनों दुकानों का राशनकार्ड भीमराव अंबेडकर भवन दुर्ग में, सिविल लाईन वार्ड 48 का राशनकार्ड नवीन प्रा.शा.न्यू पुलिस लाईन दुर्ग में, और रायपुर नाका वार्ड 47 का राशनकार्ड गुरुनानक प्राथ0शाला रायपुर नाका दुर्ग में शासकीय उचित मूल्य दुकानवार वितरण किया जा रहा है। आयुक्त श्री बर्मन ने उपरोक्त वार्डो के हितग्राहियों से अनुरोध कर कहा कि वे प्रात: 10.30 से 5.30 बजे तक अपने उचित मूल्य की दुकान अनुसार निर्धारित स्थानों में जाकर अपना नवीनीकृत राशनकार्ड प्राप्त कर नगर निगम को सहयोग प्रदान करें।


दुर्ग। आज शाम के समय शहर के शक्ति नगर, शंकर नगर, और पद्मनाभपुर क्षेत्र में जलप्रदाय प्रभावित रहेगा। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शिवनाथ नदी इंटेकवेल पम्प हाउस में स्थापित ट्रांसफार्मर में से पुराना आईल निकालकर नया ट्रांसफार्मर आईल डाला जाएगा। इसके लिए जलगृह विभाग द्वारा आज सुबह के समय शहर में जलप्रदाय सप्लाई करने के बाद शटडाउन कर दिया गया है। ट्रांसफार्मर आईल बदली करने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगेगा। अत: शाम के समय शंकर नगर, शक्ति नगर, और पद्मनाभपुर की पानी टंकियों से सप्लाई क्षेत्रों में जल प्रदाय पूर्णत: प्रभावित रहेगा। तथा शेष क्षेत्रों में समयानुसार पानी की सप्लाई की जाएगी। गल 21 सितंबर से पानी सप्लाई सामान्य हो जाएगी। नागरिकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद है ।

आरोपी ने वैन में बैठे ड्राइवर को उस्तरा दिखकर जान से मारने की  धमकी दी। जब वैन में सवार गनमैन ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उस्तरा से उस पर हमला कर दिया। हमले में गनमैन अपने आप को बचाते हुये हवा में फायरिंग की। फायरिंग होता देखकर आरोपी वहां से भाग निकला। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कैश वैन में 30 लाख रूपए नगदी थे।
जिसकी सूचना कैश वैन के कर्मचारियों ने छावनी थाना में की गयी। शिकायत के बाद आरोपी की तालाश में लगी पुलिस की टीम ने मौके पर लगे सीसीटीवी को खंगालना शुरू किया। आरोपी के  सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को छावनी थाना के सीपर मोहल्ले से गिरफ्तार किया गया। वहीँ एस पूरे मामले में भिलाई पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी का नाम नवीन हैं, जो कि शराब का आदि भी है। अरोपी के खिलाफ भिलाई के थानों में पहले भी कई अपराध दर्ज है। दो दिन पहले ही नवीन मोबाइल चोरी के केस में जेल जाकर आया था। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


पूरब टाइम्स, रायपुर (छत्तीसगढ़). पूरे विश्व में पर्यावरण एक ऐसा मुद्दा है जिसे केवल संयुक्त राष्ट्र संघ ही नहीं बल्कि सभी किकसित देश बड़े गंभीरता से ले रहे हैं.  उनके द्वारा भारत की जवाबदेही तय की गई तो उसके परिपालन के लिये भारत सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की स्थापना भी की जोकि ना केवल पर्यावरण संबंधित  शिकायतों का निराकरण करता है बल्कि स्वत: संज्ञान लेकर भी पर्यावरण के संरक्षण में लगे रहता है. इस ट्रिब्यूनल को सुप्रीम कॉर्ट के जितने अधिकार भी दिये गये हैं जिसके कारण किसी भी राज्य का कोई भी विभाग व विशेषत: पर्यावरण विभाग एनजीटी के निर्देशों को सर्वोच्च प्राथमिकता से परिपालन करता व अन्य प्रदुषण कारित व निपटान करने वाले लोगों ( उद्योग, अस्पताल , नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि)  से परिपालन सुनिश्चित करवाता है . और उन्हीं की रिपोट्र्स के आधार पर अपनी प्रादेशिक  रिपोर्ट , राष्ट्रीय कार्यालय को भेजता है . राष्ट्रीय कार्यालय के माध्यम से पूरे देश की पर्यावरण व प्रदूषण संबंधित रिपोट्र्स एनजीटी व वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन को भेजी जाती है . जोकि उसके आधार पर सभी देशों के ऊपर अनेक प्रकार के नियंत्रण , बंधन या छूट देती है (अनेक वित्तीय मददों का निर्धारण व अन्य देशों के साथ अनेक अनुबंधों इत्यादि).   परंतु यह देखने में आया है कि स्थानीय निकायों , इंडस्ट्रीज़ व अस्पतालों इत्यादि से जैसे मिलती है उस रिपोर्ट को सही मानकर उस आधार पर प्रादेशिक पर्यावरण मंडल , उनको संग्रहित कर व उनको समेकित कर अपनी रिपोर्ट बनाती है. पूरब टाइम्स का इस दिशा में एक नज़रिया प्रस्तुत .... 

सोचना के अधिकार से मिली जानकारी के अनुसार एक समाजसेवी ने बताया कि नगर निगम खुद ही सही प्रारूप में किसी भी प्रकार के वेस्ट का रिकॉर्ड नहीं रखता है . इसलिये वह पर्यावरण विभाग को अपनी तरह से तोड़-मरोड़कर , जायज सीमा के भीतर बनाकर देती है . पर्यावरण संरक्षण विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय , उनके साथ अपने पास प्राप्त अन्य रिपोर्टों को जोड़कर , आवश्यक प्रारूप में अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय पर्यावरण विभाग के पास भेज देती है. (यहां भी इन रिपोट्र्स को तोड़ मरोड़्कर जायज़ सीमा के भीतर बना लिया जाता है ) अब देखने वाली बात है कि जब ज़मीनी लेवल से इन रिपोट्र्स में पूरी सच्चाई नहीं होती है तो डब्ल्यूएचओ को भेजी जाने वाली रिपोट्र्स में कितनी सच्चाई होती होगी , यह बड़ी जांच का विषय हो सकता है .



बालोद।  छत्तीगसगढ़ के बालोद जिले में एक बुजुर्ग महिला सरकारी सिस्टम में मर चुकी है। असल में वह जिंदा है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ने कागजों में उसकी मौत लिख दी है। पूरा मामला इस जिले की दल्लीराजहरा नगर पालिका से जुड़ा हुआ है। यहां के वार्ड क्रमांक 20 की रहने वाली 65 वर्षीय बुधयारीन बाई को इसी वजह से पिछले एक महीने से राशन नहीं मिल रहा। सरकारी रिकॉर्ड में मृत होने की वजह से उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है।
बुधयारीन अब हर रोज सरकारी अफसरों के दफ्तर जाकर उन्हें अपनी परेशानी सुना रही है। उसने नगर पालिका अधिकारी को भी अपने जीवित होने की जानकारी दी। साथ ही अपने राशन कार्ड के नवीनीकरण के लिए आवेदन अधिकारी को दिया । लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी। इस गरीब महिला को कोई मदद नहीं मिल पाई है। बुजुर्ग महिला ने बताया कि अंत्योदय खाद्यान्न योजना के तहत गुलाबी रंग का राशनकार्ड उसे दिया गया था।  जुलाई 2019 तक उसे राशन मिलता रहा।
पड़ोस में रहने वाले लोगों से मिली जानकारी के बाद महिला ने पुराने राशन कार्डों के नवीनीकरण प्रक्रिया के तहत अपना आवेदन भरा था। मांगे गए सभी दस्तावेज भी आवेदन के साथ उपलब्ध कराए गए । उसके बाद भी उसका राशन कार्ड का नवीनीकरण नहीं हुआ। फिर पता चला कि अफसरों ने रिकॉर्ड में महिला को मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में सीएमओ एनआर रत्नेश ने कहा है कि यदि ऐसा है तो पुनः आवेदन लेकर राशनकार्ड बनाया जाएगा।


दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अदालत ने बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में फैसला दिया। मामला में दोषीबच्ची का राहत उसका मौसा ही था। कोर्ट ने दोषी कोमृत्यु होने तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पहले दफा, मासूम को 6 साल पहले अनाचार का शिकार बनाया। घटना के चार साल बाद दोबारा मौके का फायदा उठाकर दुष्कर्म किया। बच्ची को उसने इस कदर डराकर रखा था कि वह चुपचाप सब कुछ सहती रही।

अपनी मां के साथ नाना-नानी के घर पर यह बच्ची रहती थी। साल 2013 में मां किचन में काम करते जल्द झुलस गई। उन्हें देखकर उनका हाल-चाल लेने आरोपी आया था। कुछ दिनों के लिए वह यहीं रूक गया। एक दिन जब घर पर कोई नहीं था। आरोपी ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। यहीं उन्होंने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। साथ ही उसे इतना डराया कि घबराकर मासूम ने किसी को कुछ जानकारी नहीं दी।