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रिसाली के भाजपा पार्षद प्रत्याशी चुनाव हार गए इसके बाद  भाजपा ने रिसाली क्षेत्र को ऐसा विधानसभा प्रत्याशी दिया जो रिसाली ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र हार गया उल्लेखनीय है कि रिसाली ग्रामीण में सरोज पांडे जैसी बड़ी राजनीतिक हस्ती निवास करती हैं जिसको भाजपा ने अपने केंद्रीय पद पर नियुक्त किया है लेकिन विडंबना यह है कि भाजपा के इस बड़ी हस्ती के वार्ड में और विधानसभा में भाजपा अस्तित्व विहीन हो गई है यहां के कार्यकर्ता खेमों में बंटकर अपना कार्य करते नजर आ रहे हैं मैडम पांडे ने इस विषय पर कभी भी खुलकर कुछ नहीं बोला लेकिन आने वाले समय यह प्रश्न लेकर भाजपा कि इस बड़ी हस्ती को प्रश्नंकित करेगा कि रिसाली क्षेत्र से भाजपा की हार के कारण क्या है ?
रिसाली का निगम चुनाव अब कुछ ही महीनों बाद होने वाला है वर्तमान स्थिति यह है कि भाजपा का एक पार्षद और कांग्रेस से बागी और निष्कासित पार्षद को छोड़कर रिसाली क्षेत्र के बाकी सभी पार्षद कांग्रेस के हैं और उनमें आपसी तालमेल स्पष्ट दिखाई दे रहा है सरोज पांडे और प्रीतपाल बेलचंदन भाजपा के ऐसे पदाधिकारी हैं जिन पर भाजपा ने पूर्व में विश्वास जताया है और उन्हें पार्टी का प्रत्याशी बनाकर अलग-अलग चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया है सरोज पांडे और प्रितपाल बेलचंदन दोनों हारे हुए प्रत्याशी दोनों अनुभवी भी हैं हारने के बाद भी दोनों को पार्टी ने उल्लेखनीय स्थान प्रदान किया है अब ऐसी स्थिति में दोनों के अनुभव पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन क्या दोनों अपने अनुभवों को पार्टी के नीति निर्धारण में साझा करके भाजपा को रिसाली ग्रामीण क्षेत्र में स्थायित्व प्रदान करने के लिए उपयोग करेंगे और क्या भाजपा इन दोनों को आगामी निगम चुनाव में कोई जिम्मेदारी देगी यह समय बताएगा।
भाजपा से दुर्ग ग्रामीण के विधानसभा प्रत्याशी रहे प्रीतपाल बेलचंदन रिसाली क्षेत्र से हार गए थे इसका कारण भाजपा ने कभी भी स्पष्ट नहीं किया बावजूद इसके प्रीतपाल बेलचंदन विगत विधानसभा में स्वयं को प्रत्याशी बनाए जाने के इच्छा रखते दिखे वैसे तो प्रीतपाल बेलचंदन ने कभी भी अपनी दावेदारी नहीं की लेकिन उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह भी नहीं कहा कि वे विधानसभा प्रत्याशी बनाना नहीं चाहते है इसलिए उनकी इच्छा जगजाहिर हो गई उल्लेखनीय है कि इस बार  विधानसभा चुनाव रिसाली ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा फिर हार गई है कांग्रेस के प्रत्याशी ने यहां विजय दर्ज कराई व गृह मंत्री के पद का कार्यभार संभाला है रिसाली क्षेत्र में भाजपा के लिए प्रीतपाल बेलचंदन ने क्या किया है इसका आकलन चुनाव परिणाम ने कर दिया अब आने वाला समय बताएगा कि क्या प्रीतपाल बेलचंदन को रिसाली ग्रामीण का विधानसभा क्षेत्र अपना नेतृत्व करने का अवसर प्रदान करेगा क्या ?
भाजपा ने पूर्व मंत्री रमशिला साहू को इस बार विधानसभा की टिकट नहीं दी गई जबकि वे रिसाली ग्रामीण क्षेत्र की निर्वाचित विधायक थी और भाजपा की मंत्री थी लेकिन उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन में निर्णय लिया था कि उन्हें टिकट नहीं दिया जाना चाहिए लेकिन भाजपा द्वारा इस विषय पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं किए जाने से अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रमशिला साहू को टिकट नहीं दिए जाने का निर्णय किसका था इस बार रिसाली ग्रामीण से भाजपा का प्रत्याशी हार जाने के कारण भाजपा का नुकसान हुआ महिलाओं का अवसर देने की बात पर भी भाजपा प्रश्नांकित हुई कांग्रेस को इसका बेहतरीन लाभ हुआ भाजपा के इस निर्णय के कारण कांग्रेस को कई विधानसभाओं में लाभ लेने का अवसर मिला और दुर्ग जिले की अधिकांश सीटों पर कांग्रेस काबिज हो गई।

पूरब टाइम्स, दुर्ग।  मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रचार प्रसार हेतु परिक्षेत्र 2 शंकरनगर परियोजना दुर्ग शहरी अंतर्गत बुद्ध विहार वार्ड11 शंकरनगर में महिला जागृति शिविर का आयोजन किया गया कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चंदिका चंद्राकर महापौर नगर निगम दुर्ग थी। कार्यक्रम में18 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार तथा 11 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई। पर्यवेक्षक आरती बैस द्वारा बताया गया कि सुपोषण अभियान के तहत 6 माह से 54 माह के मध्यम वर्ग गंभीर कुपोषित बच्चों तथा 11से 7 ग्राम हिमोग्लोबिन वाली गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को लक्षित किया गया है और 6 माह की निर्धारित समय सीमा में उक्त चिन्हांकित बच्चों व महिलाओं को सामान्य श्रेणी में लाया जाएगा।इस महायज्ञ में स्वसहायता समूह की महिलाएं ,मितानिन महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अपना योगदान देगें ।इस शिविर में व्यंजन तथा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में वार्ड11 की पार्षद श्रीमती रीता बजाज, बुद्ध विहार महिला मंडल की अध्यक्ष रीता मेश्राम तथा अन्य सदस्य और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। सुपोषण अभियान के तहत प्रतिकात्मक रुप से एनीमिया से पीडितएक गरभवती महिला को स्वचछता किट तथा एक गंभीर कुपोषित बच्चे को सुपोषण टोकरी प्रदान की गई।

दुर्ग वर्तमान में जिले के थोक एवं चिल्हर प्याज विक्रेताओं द्वारा विक्रय किये जा रहे प्याज की कीमतों एवं आगामी त्योहार एवं पर्व में प्याज की समुचित मात्रा की आपूर्ति एवं बाजार भाव को नियंत्रित रखने के परिप्रेक्ष्य में छ.ग. शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्रदत्त निर्देशों के अनुसरण में खाद्य विभाग जिला दुर्ग के संयुक्त जांच दल द्वारा जिले के 09 थोक प्याज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानां का निरीक्षण किया गया। खाद्य विभाग द्वारा उक्त प्रतिष्ठानों में प्याज की उपलब्धता एवं बाजार भाव के संबंध में जानकारी ली गई। विभिन्न प्रतिष्ठानों से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में जिले में प्याज का थोक मूल्य लगभग 32 रू. से लेकर 35 रू. प्रतिकिलो तक पाया गया है। जिले के प्रतिष्ठानों में वर्तमान में प्याज समुचित मात्रा में उपलब्ध है। तथा विगत 01 सप्ताह के बाजार भाव के आंकलन के अनुसार प्याज के भाव में लगभग 05 रू. प्रतिकिलो की कमी आई है। व्यापारियों द्वारा इसमें और कमी आने के संकेत दिये गये है। खाद्य विभाग द्वारा जिले के समस्त थोक प्याज व्यापारियों को शासन द्वारा जारी नवीन दिशा निर्देशों के पालन में निर्धारित मात्रा के भीतर प्याज का स्टाक रखने, पर्याप्त मात्रा में इसकी उपलब्धता बनाये रखने एवं प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने हेतु सभी संभव प्रयास करने के निर्देश प्रदाय किये गये है।

पूरब टाइम्स, भिलाई। शहर के बड़े ट्रांसपोर्ट व्यवसायी वीरा सिंह का गुरूवार सुबह 9.40 बजे निधन हो गया। वीरा सिंह का स्वास्थ्य पिछले कई दिनों से खराब था। उन्हें विशाखापट्नम के सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। इलाज के दौरान अस्पताल में उनके साथ उनके पुत्र इंद्रजीत सिंह, प्रभुनाथ मिश्रा, हरेंदर यादव आदि मौजूद थे।जानकारी के अनुसार बीरा सिंग कुछ दिनों से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। इसके पहले मेजर हार्ट अटैक आ जाने के कारण उनकी स्थिति काफी बिगड़ गई थी। भिलाई से एयर एंबुलेंस के जरिए उन्हें वैजाग के सेवन हिल्स अस्पताल ले जाया गया। लगभग दा सप्ताह से भी अधिक समय से वे अस्पताल में भर्ती थे। यहां के डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए थे। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार वीरा सिंह जिंदगी की जंग हार गए। वीरा सिंह के निधन पर भिलाई के समस्थ ट्रांसपोर्टर, उद्योगपति व व्यवसायियों ने गहरा दुख जताया है।

पूरब टाइम्स, भिलाई । गांधी जयंती के अवसर पर  योजना के द्वारा अंगीकार कार्यक्रम अंतर्गत संपादित किया गया जिसके तहत् अपना स्वयं के मकान का सपना देख रहे 7 हितग्राहियों ने गृह प्रवेश किया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत नगर पालिक निगम, भिलाई द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर 63 हितग्राहियों के नवीन आवास एवं 72 हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य पूर्ण कराते हुए जियोटैगिंग किया गया। वार्ड क्रं. 28 के हितग्राही सुखो देवी,  राम रघु राय सिंह एवं रामश्री शर्मा वार्ड क्रमांक 29 के हितग्राही पीर मोहम्मद,  बासमती देवी एवं  जोहन देवांगन, वार्ड क्रमांक 31 के व्ही. वासुदेव के नवीन आवास पर श्रीफल एवं पौधा भेंट कर गृह प्रवेश का कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
नवीन डी.पी.आर. अंतर्गत स्वीकृत नेहरू नगर जोन क्रमांक 01 के कुल 32 हितग्राहियों को भवन अनुज्ञा जारी करते हुए योजना का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के साथ-साथ प्रोत्साहन देकर आवास निर्माण शीघ्र ही प्रारंभ करने कहा गया। आम्रपाली स्थित ए.एच.पी. आवास स्थल में अस्थाई रूप से निवासरत कुल 11 हितग्राहियों को उनके वास्तविक नवीन आवास में गृह प्रवेश कराया गया।
इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता एसपी साहू, सहायक अभियंता विनीता वर्मा एवं उप अभियंता जयंत शर्मा आदि उपस्थित थे

पूरब टाइम्स, रायपुर . प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के मातहत कई विभाग अलग अलग ऑफिसों में कार्यरत हैं , जिनपर पूरी तरह से स्वास्थ्य विभाग का नियंत्रण नहीं दिखाई देता है . हर जिले में स्वास्थ्य विभाग की कमान सीएमएचओ ( मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ) के हाथ में रहती है परंतु वे अन्य ऑफिस के कार्यों का ठीक तरह से सुपरविजऩ नहीं करते . जैस- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग , आयुष विभाग इत्यादि. खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के दो विंग हैं जो दोनो अपने मन की करते हैं . किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट ,गंदगी , सडऩ या बीमारी कारक होने की शिकायत पर इस विभाग को कार्यवाही करना होता है. अखबारों में छपने या शिकायतों के बाद अनेक सैंपलिंग की जांच में खाद्य पदार्थों में कोई गड़बड़ी नहीं निकलना , बेहद आश्चर्य की बात होती है. इसी तरह  मेडिकल दुकान खोलने के लिये अनेक ड्रग के लाइसेंस बिना पूरी अर्हता के मनमानी ढंग से बांटे गये है , उनकी जांच और कोई कार्यवाही नहीं होती. केवल इतना ही नहीं उन तथाकथित मेडिकल दुकानों में झोला छाप डॉक्टर अपना व्यवसाय संचालित करते हैं.  पूरी तरह से अपने कर्तव्यों की अनदेखी पर पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ...

जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी लोक स्वास्थ्य के सभी मामलो में कार्यवाही करने का प्राधिकारी है प्रदेश सरकार ने सीएचएमओ के पद में ऐसे प्राधिकार प्रदत्त किये है जिनका प्रयोग कर वह मरीजो के साथ होने वाली ठगी और अनियमितताओं को प्रशासनिक नियंत्रण में लेकर उस पर अंकुश लगा सकता है लेकिन जिला स्तर की कार्यवाहियों से यह प्रतीत नहीं होता है की सीएचएमओ दुर्ग इस विषय पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं संचालक स्तर से भी इस मामले में कोई कार्यवाही की जाती है इसका भी संकेत और जानकारी संचालक स्वास्थ्य सेवाए प्रेस मिडिया को प्रेषित नहीं करते है जिसके कारण यह मामला सीएचएमओ के एकाधिकार का हो गया है परिणामस्वरूप सीएचएमओ अपने प्राधिकार का मनमाना प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र हो गया है कोई भी दूसरा लोकसेवा में लगा तंत्र मरीजो के अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करता है तो वह तंत्र आधारभूत जानकारी के आभाव में विफल हो जाता है नगर निगम और नगर पंचायतो के स्वास्थ्य विभागों की विफलता का भी यह एक प्रमुख कारण है इसलिए आवश्यक है की सीएचएमओ के कार्याचरण की समीक्षा संचालक स्तर से होनी चाहिए और उसमे जनभागीदारी को भी महत्व दिया जाना चाहिए तब मरीजो के साथ होने वाली ठगी रुकेगी और अनियमितता निवारण का शासकीय तंत्र अपने अस्तित्व में आएगा.
सीएचएमओ दुर्ग के सन्दर्भ में जब इस प्रश्न का उत्तर खोजने व्यथित पक्षकार निकले तो उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए जानकारी दी की आम जनता को नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्राप्त अधिकारों की जानकारी नहीं दी जाती है सीएचएमओ कार्यालय में संपर्क करने पर भी इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया जाता सीएचएमओ कार्यालय में ऐसा कोई बोर्ड या सूचना तंत्र नहीं है जो यह जानकारी दे की नर्सिंग होम एक्ट के तहत किस प्राधिकारी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की जाये अमूमन यही हाल संचालक स्वास्थ्य सेवा के कार्यालय का भी है यहाँ भी नर्सिंग एक्ट के तहत शिकायत दर्ज करने के लिए किस अधिकारी को प्राधिकार प्रदान किया गया है इसका उल्लेख किए बोर्ड पर सर्वसाधारण के लिए नहीं है स्वास्थ्य सेवाओं की वेबसाइट और नर्सिग होम एक्ट के पर्यवेक्षी प्राधिकारी के वेब साईट पर भी इस विषय की जानकारी नदारद है . अब जनता जाएगी भी तो कहाँ और किसके पास यही कारण है की चिकित्सा व्यवसायियों से व्यथित लोगो की समस्याओ की सुनवाई की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाती है जिसका लाभ लेकर चिकित्सा व्यवसायी मौज कर रहे है.

पूरब टाइम्स,  भिलाई। भिलाईनगर विधायक व मेयर देवेंद्र यादव बीएसपी के ठेका श्रमिकों के हित के लिए पहल कर रहे हैं। बीएसपी में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को 60 साल के बजाए 58 साल में ही सेवानिवृत्त कर दिया जा रहा है। देवेंद्र यादव ने बीएसपी के सीईओ को पत्र लिखा है। जिसमें  बीएसपी प्रबंधन से कहा है कि वे शासन के आदेश व दिशा निर्देश के तहत काम करें। बीएसपी में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को 60 साल में सेवानिवृत्त करें।  एचएसएलटी ठेका श्रमिकों ने  विधायक व मेयर  देवेंद्र यादव को आवेदन दिया था। जिसमें श्रमिकों ने अपनी परेशानी बताई थी। देवेंद्र यादव ने उनके आवेदन को गंभीरता से लिए हैं और उनके हित में काम करने के लिए सीईओ को पत्र लिखा है। पत्र में  कहा है कि श्रमिकों से मिली आवेदन के अनुसार बीएसपी में काम करने वाले इन ठेका श्रमिकों को संयंत्र प्रबंधन द्वारा पर्सनल नंबर प्रदान किया गया है। साथ ही इनके श्रमिकों का सीपीएफ की कटौती की जाती है। ठेका श्रमिकों की सेवानिवृत्त आयु 58 वर्ष तक की है। जबकि शासन ने सेवानिवृत्त का समय 60 साल कर दिया है। शासन के आदेश होने के बाद भी बीएसपी प्रबंधन ने शासन के आदेश का अबतक पालन नहीं किया है। विधायक व मेयर  देवेंद्र यादव पत्र लिख कर बीएसपी प्रबंधन को शासन के आदेश के तहत काम करने और ठेका मजदूरों के हित में पहल करने के लिए कहा है। इन्होंने अवगत कराया है कि 58 वर्ष के बजाए बीएसपी प्रबंधन यदि श्रमिकों की सेवानिवृत्त शासन के आदेश के तहत 60 वर्ष कर देती है। तो इससे  बीएसपी को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है। लेकिन इससे ठेका मजदूरों को काफी लाभ मिलेगा।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। दुर्ग पुलिस के द्वारा मंगलवार को सड़क सुरक्षा के अंतर्गत 12 सुरक्षा मित्र की मोटर सायकिल मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल के द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। सुरक्षा मित्र मोटर सायकल के अंतर्गत पी.एस.सिस्टम, फ्लैस लाईट, तथा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के प्राथमिक ईलाज के लिए फस्र्ट एड बाक्स युक्त है जिसे लगातार वर्तमान में चल रहे शारदेय नवरात्रि के अवसर पर मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए जाने वाले पदयात्रियों के सुरक्षा के लिए तैनात किया जावेगा। नवरात्रि के बाद यह मोटर सायकल दुर्ग पुलिस की सड़क सुरक्षा संस्कार  योजना अंतर्गत सुरक्षा मित्र के रूप में 12 संस्कार युक्त चैक चैराहों पर नियुक्त रहेगें तथा शहर के  आम नागरिकों को यातायात नियम के संबंध में जागरूक करेगें साथ ही साथ किसी आपात स्थिति एवं सड़क जाम की स्थिति में लोगो की तत्काल मद्द करेगें। दुर्ग पुलिस द्वारा आमजन सुरक्षा के लिये किये जा रहे प्रयोजन के शुभ अवसर पर  हिमांशु गुप्ता, एडीजी पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज, प्रखर पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, दुर्ग,  रोहित झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर दुर्ग,  बलराम हिरवानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात, गुरजीत सिंह, उप पुलिस अधीक्षक, यातायात एवं  निलेश द्विवेदी, रक्षित निरीक्षक दुर्ग उपस्थित रहें।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। दुर्गोत्सव में डांडिया व रास-गरबा का आयोजन अपने प्राचीन वैभवशाली सांस्कृतिक की परिचायक रही है, लेकिन अब इसमें सेहत का भी समन्वय किया गया है। यह अभिनव पहल आदर्शनगर महाराजा चौक स्थित आयरन एडीक्ट जिम द्वारा किया गया है। जिसे लेकर लोगों में जन-जागरुकता फैलाने बाफना मंगलम् आदर्श नगर में 4, 5 व 6 अक्टूबर को डांडिया व रास-गरबा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। फलस्वरुप आयोजन का हिस्सा बनने अब तक 180 कपल ने अपना पंजीयन करवा लिया है। सेहत से जुड़े यह डांडिया व रास-गरबा का आयोजन प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक चलेगा। 5 अक्टूबर को दुर्ग सांसद विजय बघेल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। वहीं आयोजन के अंतिम दिन 6 अक्टूबर को महाराष्ट्र का ब्यूटी कॉपीटिशनशीप अपने नाम कर चुकी छत्तीसगढ़ की एक्ट्रेस पूजा साहू कार्यक्रम में अतिथि के रुप में शिरकत करेंगी। इस दौरान पूजा प्रतिभागी कपल्स के साथ डांडिया व रास-गरबा में नाच गाकर स्वस्थ सेहत का टिप्स सांझा करेगी। यह बातें आयरन एडीक्ट जीम के संचालक व वल्र्ड बॉडी बिल्डर चैम्पियनशीप में कॉस्य पदक विजेता नीरज सिंह राठौर ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा में कही। इस दौरान आयोजन के कोरियोग्राफर आर्यन रजा, म्यूजिशियन अविनाश भट्ट, धीरज साहू भी मौजूद थे। एशिया में सिल्वर व वल्र्ड बॉडी बिल्डर चैम्पियनशीप में कॉस्य पदक जीत चुके नीरज सिंह राठौर ने चर्चा में बताया कि दुर्गोत्सव में डांडिया व रास-गरबा के आयोजन को लेकर हाल ही में 12 दिन का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। शिविर उपरांत जब प्रशिक्षणार्थियों की वजन की जांच की गई तो अधिकांश प्रशिक्षणार्थियों का वजन 12 किलो कम मिला। यही विषय आयोजन का मूलमंत्र बना। श्री राठौर ने बताया कि लोग जीवन की भागदौड़ में अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते है। जबकि खेल, नाच-गाना व अन्य मनोरंजन में स्वस्थ सेहत छिपा हुआ है। इसके लिए डांडिया व रास-गरबा कारगर कदम है। इसलिए इस आयोजन में सेहत का समन्वय किया गया है।

पूरब टाइम्स, भिलाई। नगर पालिक निगम, भिलाई-चरौदा द्वारा अधोसंरचना मद् से राशि 50 लाख की लागत से निर्माणाधीन सर्वसमाज मंगल भवन का निरीक्षण महापौर चन्द्रकांता माण्डले ने किया। उनके साथ एमआईसी सदस्य चन्द्रप्रकाश पाण्डे, किशोर साहू, आशा यादव, राजू कुमार देवांगन, वार्ड पार्षद आशीष वर्मा तथा प्रभारी अधिकारी डी.के.पाण्डेय उपस्थित थे।

    2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर तक विभिन्न आयोजन किए जाएंगे जिनका विवरण निम्रानुसार है- 2 अक्टूब को प्रात: 7 बजे सर्किट हाऊस दुर्ग में प्रार्थना सभा, उसके बाद हिन्दी भवन के सामने स्थित गांधी प्रतिमा माल्यार्पण एवं भजन, प्रात: 8 बजे पांच कंदिल चौक में स्वच्छता अभियान, अन्य कार्यक्रम के साथ 9.30 को मुख्य आयोजन स्थल महा. गांधी उ.मा.वि. इंदिरा मार्केट दुर्ग में मंचीय कार्यक्रम होगा। इसी प्रकार 3 अक्टूबर को प्रात: 8 बजे गांधी शांति यात्रा दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र, उतई, खोपली, कातरो, मचांदुर, फुन्डा, मोतीपुर, नारधी आदि में भजन, स्वच्छता अभियान एवं सायं 5 बजे गांधी सद्साहित्य वितरण एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मान, स्थानीय उद्बोधन, 4 अक्टूबर को प्रात: 7 बजे सर्किट हाऊस दुर्ग से रायपुर के लिए गांधी शांति यात्रा की रवानगी, तथा पावर हाऊस चौक में माल्यार्पण एवं भजन,10.45 बजे महालेखाकर भवन चौक, विधानसभा रोड-रायपुर में विषय आधारित नुक्कड़ चर्चा और नारे, 11 बजे उपरोक्त चौक से छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पैदल यात्रा एवं इसके बाद दुर्ग के लिए रवानगी होगी।

वाकयुद्ध में आरोप प्रत्यरोप करते हुए कांग्रेस पार्षद ने कहा की क्या बीजेपी  चौक में जलाने वाले बयान का समर्थन कर रही है? क्या गुंडागर्दी एवं सत्ता का नशा अभी तक प्रेमप्रकाश पांडेय एवं उनके पुत्र मनीष पांडेय के सर से नही उतरा है इसलिए वो चौक- चौराहे में लोगो को जलाने की बात कर रहे एवं पूरी पार्टी भी इसका समर्थन कर रही है। पूर्व केबिनेट मंत्री के बेटे मनीष पांडेय की भी मानसिक स्थिति खराब हो गई है इस वजह से मनीष पांडेय शहर में जलाने - मारने- काटने की धमकी देते फिर रहे है निगम स्वास्थ्य विभाग चेयरमेन लक्ष्मीपति राजू ने आगे कहा कि मनीष पांडेय लोगों के धार्मिक भावनाओं से खेल रहे हैं और धर्म के नाम पर लोगों में आपसी द्वेष फैला रहे हैं। अपनी राजनीति रोटी सेकने के लिए जिस तरह प्रेम प्रकाश पांडेय एवं मनीष पांडेय द्वारा धर्मिक द्वेष का माहौल शहर में फैलाया जा रहा है, वह बहुत ही शर्मनाक है। प्रदेश में बीजेपी की 15 साल सरकार रही जब सरकार थी  तब बीजेपी के नेताओं ने खूब अत्याचार किए यहाँ तक कि मतदान की शाम को भी सेक्टर 4 की बूथ में बाप-बेटे ने गुंडागर्दी का परिचय देकर अपने गुंडो से माहौल खराब किया था साथ ही गरीब व असहाय लोगों को प्रताडि़त किया उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया शहर में खुलेआम दादागिरी की शराब की कोचियागरी, सट्टा-जुए खिलाने में भी अव्वल रहे और अब जब प्रदेश में इनकी बूरी तरह से हार हुई है इस हार का प्रमुख कारण ही बीजेपी के नेताओं की दादागिरी रही है इसीलिए शहर के लोगों ने इन बीजेपी के नेतावो और पूर्व केबिनेट मंत्री को मुह तोड़ जवाब दिया। 

सूत्रों के अनुसार रावण का दहन करने का कार्यक्रम आयोजित करने वाली समितियां इस बार विशेष निगरानी में है क्योंकि सेक्टर-7 में होने वाले रावण दहन की समिति दम ख़म दिखाकर बड़ा चंदा इक्कठा करती है। ऐसी ही स्थिति शाही दशहरा की भी है विरोधी इस बात का खुलासा करने में लगे है कि इन समितियों द्वारा कैसे और कहाँ से चंदा उगाही की जाती है। दशहरा  कार्यक्रम आयोजन के बाद इन समितियों के खर्चो और चंदा वसूली के स्त्रोत दोनों का अनुपातित तुलना करके जाँच एजंसियो तक इसे भेजने की तैयारी लोग कर रहे है। बिजली विभाग पर भी विशेष निगरानी विरोधी रखने का दावा कर रहे है। सूत्रों का कहना  है की ये समीतियाँ इस बार कांग्रेस के बड़े पदाधिकारियों को तथाकथित दहन कार्यक्रम में बुलाकर अपना संरक्षण ले सकती है लेकिन इन समितियों की कार्यक्रम रुपरेखा अभी तक बनायीं नहीं गयी है जैसे ही यह तैयार हो जाएगी तो विवाद भी सामने आयेंगे गौरतलब रहे की लक्ष्मीपति राजू अगर भिलाई के अगले महापौर बनेंगे तो खुर्सीपार वाली खींचतान की स्थिति अगले साल भिलाई टाउनशिप में भी देखने को मिलेगी।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। हिन्दू युवा छात्र मंच द्वारा सोमवार को दुर्ग विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं व अनियमितताओं के विषय में ज्ञापन के माध्यम से कुलपति को अवगत कराया गया। हिन्दू युवा छात्र को अध्ययनरत छात्रों द्वारा महाविद्यालय में प्रवेश से सम्बंधित समस्याओं की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थी जिस पर छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए संगठन द्वारा ऑनलाइन पंजीयन की तिथि आगे बढ़ाने तथा ऑनलाईन पंजीयन सुधार हेतु 120/- का शुल्क लिया जाता हैं उसे रद्द करने की मांग के साथ कुलपति को ज्ञापन सौंप कर इसे संज्ञान में लेने का निवेदन किया गया। कुलपति ने इसे संज्ञान में ले त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी समस्याओं के निराकरण की बात कही है।



पूरब टाइम्स दुर्ग।  रविवार को मिली किन्नर की लाश मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया पुलिस ने इस मामले में शहर के राजीव नगर इलाके से काजल किन्नर को पकड़ा है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि 70 हजार रुपए उधार लेने के बाद मृतक सोनू किन्नर पैसे नहीं लौटा रहा था। इसी के चलते इस घटना को अंजाम दिया पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार की रात आरोपी ने मर्डर का प्लान बनाया इसके बाद उसने सोनू को फोन कर घर खाने पर बुलाया सोनू को आरोपी ने खूब शराब पिलाई नशा ज्यादा हो जाने के बाद आरोपी ने ब्लेड और चाकू से सोनू का गला रेत दिया लाश को उसने बोरी में भरकर खाली प्लॉट पर फेंक दिया था जो रविवार को लोगों की नजर में आया था। 

पूरब टाइम्स, दुर्ग। महापौर चंद्रिका चंद्राकर द्वारा सोमवार को गंजपारा गंजमण्डी के पीछे अमृत मिशन योजना के अंतर्गत पानी टंकी निर्माण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और ठेकेदार को सख्त निर्देश देते हुये कहा कल से नवरात्र का पर्व प्रारंभ हुआ है। इस मार्ग में आवाजाही अधिक होती हैं। आप लोगों ने 10 फीट गढ्डा गोद दिया है और सड़क एरियें को भी खुला रखा हुआ है जिससे गंभीर घटना घट सकती हैं तत्काल आज ही बेरीकेट्स लगाकर मुझे अवगत करायें। उन्होंने निगम सहा.अभियंता राजू पोद्दार को निर्देशित कर कहा यहॉ पर अमृत मिशन के तहत् पानी टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है रात्रि के समय भीड़ होती है एैसे में प्रकाश की समुचित व्यवस्था करें। कार्य क्षेत्र के पास 3 से 4 फोकस लाईटें लगाकर मुझे अवगत करायें। महापौर श्रीमती चंद्राकर ने गंजमण्डी प्रांगण में स्थापित दुर्गा प्रतिमा का दर्शन कर दुर्ग शहर की खुशहाली एवं विकास के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर राजस्व प्रभारी शिवेन्द्र परिहार, सहा. अभियंता राजू पोद्दार, उपअभियंता गिरीश दीवान, स्वास्थ्य अधिकारी उमेश कुमार मिश्रा व ठेकेदार और नागरिक उपस्थित थे।

आज कई लोग अपने तथाकथित बौद्धिक क्षमता के आधार पर शिक्षण और प्रशिक्षण का कार्य कर रहे है . लेकिन वस्तुस्थित यह है कि जिन संस्थानों का टर्नओवर ज्यादा है उन संस्थानों से अभिभावक ज्यादा व्यथित है क्योकि कोचिंग संसथान के मालिक , विज्ञापनों में बड़े बड़े दावे व  बड़ी बड़ी बाते करने वाले सेल्स प्रतिनिधि नियुक्त  करके अपने संस्थान में एडमिशन करवाकर बच्चो और छात्रों के अभिभावकों से मोटी रकम वसूल कर लेते है . सेल्स प्रतिनिधि जो वादे और आश्वासन करता है उसे कोचिंग संस्थान पूरे नहीं करते . अधिकांश कोचिंग में महिलाओ को सामने करके व्यवसायिक लक्ष्य हासिल किया जाता है.  जब तक अभिभावक कोचिंग शुल्क जमा नहीं करवाता, तब तक रिसेप्शनिष्ट के संपर्क में अभिभावक रहता है और जैसे ही अभिभावकों से राशि वसूल ली जाती है , कोचिंग संस्थान के मालिक अभिभावकों को उसके बच्चो की कमजोरी गिनवाकर मानसिक रूप से परेशान करने लगते है .  यहाँ उल्लेखनीय यह भी है कि जो बच्चे कमजोर होते है , उन्हीं बच्चो को कोचिंग की जरुरत होती है. यदि कोचिंग में प्रवेश लेने के बाद छात्र में कोई सुधर नहीं आता है तो इसका सीधा सा अर्थ यह है कि कोचिंग संसथान अपने लक्ष्य में विफल हो गया है और कोचिंग संस्थान द्वारा प्रवेशकर्ता छात्र से ट्युशन फ़ीस लेने का अधिकार स्वमेव ख़त्म हो जाता है . वत्र्तमान परिस्थिति में कोचिंग संस्थान और अभिभावकों के मध्य उत्पन्न होने वाले विवादों का निराकरण करने के लिए कोई विशेष प्राधिकारी शासन ने नियुक्त नहीं किया है,  इसलिए अधिकांश मामलो में ट्यूशन प्रदाता ही जनता की नजर में गलत दिखाई पड़ता है और कोचिंग संस्थानों को कई बार इसका बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है  . लेकिन हर मामले में  अभिभावक को  पैसे और समय दोनों गवाना पड़ता है इसलिए आवश्यक हो गया है की कोचिंग संस्थानों के आर्थिक लेनदेन पर प्रशासनिक निगरानी होनी चाहिए.

वैसे तो राजनीतिक पार्टियों ने युवावो को जोडऩे के लिए अपने विचारधारा के अनुसार नाम देकर अपने पार्टी के युवा नेतावो को संगठित किया है लेकिन इन संगठनो के द्वारा कोचिंग मामले में कोई गतिविधि नहीं करने का कार्याचरण आम जनता के समझ से परे है.  पार्टी के युवा विंग से जुड़े लोग स्वाभाविक है कि युवा ही होंगे और उनको युवावो की सबसे अहम समस्या कोचिंग संस्थानों की अनियामितताओं की जानकारी भी होगी लेकिन पार्टी का युवा प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले ये संगठन निष्क्रिय है . इसलिए इन संगठनो का वास्तिविकता के धरातल पर अपेक्षित अस्तित्व नहीं दिखता है . छात्रों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए ये संगठन कोई उल्लेखनीय कार्य करते प्रतीत नहीं होते है.  कोचिंग संस्थान  और कौशल विकास केंद्र छात्रों के अभिभावकों से और सरकार से शिक्षण प्रशिक्षण के नाम पर कोचिंग वाले राशि वसूलते है लेकिन मूल उद्देश्य को प्राप्त करने में विफल हो जाते है . पार्टी के युवा संगठन छात्रों को वांछित सहयोग नहीं करते जिसका लाभ लेकर कोचिंग संस्थान गैर क़ानूनी तरीके से फल फूल रहे हैं.

पूरब टाइम्स, दुर्ग । दुर्ग प्रेस क्लब की बैठक में आज सर्वसम्मति से अरूण मिश्रा को अध्यक्ष चुना गया। वही वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए सईद खान, उपाध्यक्ष रोमशंकर यादव और महासचिव देवीलाल साहू को चुना गया। इस पर आवश्यक बैठक रविवार को आहूत हुई बैठक में अध्यक्ष सहित 9 पदों के लिए पदाधिकारियों का निर्विरोध चयन कर लिया गया। इनमें अध्यक्ष पद पर अरूण मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सईद खान, उपाध्यक्ष रोमशंकर यादव, महासचिव देवीलाल साहू, सहसचिव घनश्याम भारद्वाज, कोषाध्यक्ष राहुल थिटे, कार्यालय सचिव मुकेश देशमुख को चुना गया। वहीं महिला प्रतिनिधि के रूप में वीणा दुबे और संयोजक पद पर आकाश राव मदने का चयन किया गया। अध्यक्ष अरूण मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से विचार- विमर्श कर कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा और पत्रकार कल्याण से जुड़ी बातें और मुद्दों को सुलझाया जाएगा।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। पूर्व केबिनेट मंत्री के बेटे मनीष पांडेय की भी मानसिक स्थिति खराब हो गई है। इस वजह से मनीष पांडेय शहर में जलाने - मारने - काटने की धमकी देते फिर रहे है  यह बातें निगम स्वास्थ्य विभाग चेयरमेन लक्ष्मीपति राजू ने कही। आगे उन्होंने कहा कि मनीष पांडेय लोगों के धार्मिक भावनाओं से खेल रहे हैं और धर्म के नाम पर लोगों में आपसी द्वेश फैला रहे हैं। 


अपनी राजनीति रोटी सेकने के लिए जिस तरह प्रेम प्रकाश पांडेय एवं मनीष पांडेय द्वारा धर्मिक द्ववेश का माहौल शहर में फैलाया जा रहा है, वह बहुत ही शर्मनाक है। प्रदेश में बीजेपी की 15 साल सरकार रही। सरकार थी  तब बीजेपी के नेताओं ने खूब अत्याचार किए। यहाँ तक कि मतदान की शाम को भी सेक्टर 4 की बूथ में बाप-बेटे ने गुंडागर्दी का परिचय देकर अपने गुंडो से माहौल खराब किया था, साथ ही गरीब व असहाय लोगों को प्रताड़ित किया उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया,शहर में खुलेआम दादागिरी की शराब की कोचियागरी,सट्टा-जुए खिलाने में भी अव्वल रहे ।।और अब जब प्रदेश में इनकी बूरी तरह से हार हुई है। इनके हार का प्रमुख कारण ही बीजेपी के नेताओं की दादागिरी रही है। इसी लिए शहर के लोगों ने इन बीजेपी के नेताअेां और पूर्व केबिनेट मंत्री को मुह तोड़ जवाब दिया। 




 खुर्सीपार दशहरा मैदान में कार्यक्रम कराने की। तो पहले ही दोनों समिति पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक करके फैसला कर चुकी हैं। उन्हें अपना कार्यक्रम कराने के लिए कहा गया था लेकन वे CSP चंद्राकर एवं TI के समक्ष ही कार्यक्रम नही करने की बात कही जिस पर प्रशासन ने दूसरी समिति को अनुमति दी  फिर बाद में राजनीति शुरू कर दिए। इस तरह की गंदी राजनीति बीजेपी के लोगों ही कर सकते हैं। अपनी राजनीति रोटी सेकने के लिए मशीष पांडेय अपने बात से मुकर रहे हैं। भिलाई मिनी इंडिया है। जहां हर धर्म समुदाय के लिए एकजुट होकर रहते हैं। लेकिन पूर्व केबिनेट मंत्री के बेटे मनीष पांडेय शांतिपूर्ण कार्यक्रम कराने के बजाए। राजनीति के कारण धार्मिक माहौल खराब कर रहे हैं। यहीं नहीं मिडिया में गलत तरह से बयान बाजी कर रहे हैं।

भिलाई ।  वह जन्म से दिव्यांग हैं। उसके दोनों हाथ नहीं हैं, बोल और सुन भी नहीं सकते लेकिन उसमें इस जन्मजात दिव्यांगता से लड़ने आजादी पाने का जज्बा है। अपने हौसलों से वह खुद के पैरों पर खड़े हैं। किसी भी काम के लिए वह दूसरों के मोहताज नहीं हैं। हम बात कर रहे हैं भिलाई के रहने वाले गौकरण पाटिल की, जो पैरों से पेटिंग करते हैं और पैरों की ही उंगलियों से कम्प्यूटर पर टाइपिंग भी। आज समाज के लिए मिसाल बने गौकरण दिव्यांग बच्चों को फाइन आर्ट सिखा रहे हैं, वह भी पैरों के इसारे पर।
रायपुर का कोपलवाणी दिव्यांग बच्चों का स्कूल है। यहां तकरीबन 150 बच्चे हैं। गौकरण तीन माह से यहां के बच्चों को फाइन आर्ट सिखा रहे हैं। पैरों से साइन लैंग्वेज में बच्चों से बात करते हैं। गौकरण साइन लैंग्वेज में बताते हैं कि बचपन से लेकर अब तक केवल संघर्ष किया। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसी का मोहताज न बनूं इसलिए 12 वीं के बाद उत्तर प्रदेश के चित्रकुट स्थित कॉलेज में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट की पढ़ाई की। इसके बाद भिलाई स्थित एक सेंटर से कम्प्यूटर का ज्ञान लिया। गौकरण ने कई पेंटिंग बनाई है। एक रूम पेंटिंग से भरा हुआ है। स्कूल की प्राचार्य पद्मा शर्मा कहती हैं कि स्कूल में तीन और ऐसे ही शिक्षक हैं जो दिव्यांग हैं। सभी बच्चों को साइन भाषा से शिक्षा देते हैं। गौकरण ने बताया कि बचपन में पिता की मौत हो गई थी। घर में एक भाई और एक बहन हैं।
पिता के निधन के बाद से ठान लिया था कि अब अपने बूते पर खड़ा होना है, कुछ करना है। इसके बाद पेंटिंग को जीवन का आधार बनाया और आज लोग मुझे मेरी कला के चलते पहचानने लगे हैं। गौकरण बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तालाश में भटकते हुए शहर पहुंचे। किसी तरह एक दुकान में जॉब मिला जहां कम्प्यूटर का कार्य करना था। साल भर काम करने के बावजूद दिव्यांगता के कारण मेहनताना नहीं मिला। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। इस तरह के कई अनुभव मिल चुके हैं। वे कहते हैं कि कई जगहों पर लोगों ने मजाक उड़ाया लेकिन कभी हार नहीं मानी। वक्त जरूर बदलता है। शायद यही वजह है कि लोग अब मुझे मेरी पेंटिंग से जानते हैं। इतना ही नहीं कई लोग मुझसे पेंटिंग सिखना चाहते हैं। कभी-कभी खुद पर गर्व होता है।