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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



भिलाई। कांग्रेस सरकार ने शराबबंदी के बजाय घर पंहुच सेवा प्रारंभ करने व किसानों के धान खरीदी सहित चुनाव में अपने किए गऐ वादे से मुकरने के विरोध में बुधवार को भाजपा के प्रदेश व्यापी कार्यक्रम के तहत भाजपा जिला भिलाई के कोषाध्यक्ष अर्जुन सचदेव व वैशाली नगर मंडल के कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की जनता से वादाखिलाफी, पूर्ण शराबबंदी की मांग की, किसानों की धान खरीदी की अंतर की राशि न देना, कोरोना महामारी को लेकर घोर लापरवाही आदि, 5 ज्वलंत मुद्दे को लेकर अपने निवास के बाहर धरना देकर राज्य सरकार से जनता के किए वादे तत्काल पूरा करने व कोरोना संकट से जूझ रहे मजदूरों को राहत प्रदान करने की मांग की। भाजपा के प्रांत व्यापी कार्यक्रम के तहत जिलेभर के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने अपने घरों से धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना देकर अपनी आवाजों को बुलंद किया।

पाटन। नमक के लिए सुबह से पाटन, रानीतराई, जामगांव एम, जामगांव आर, सेलूद सहित आसपास के बाजारों में मारामारी देखने को मिली। बाजार में यह अफवाह फैल गई कि नमक की सप्लाई बंद हो गई है। यह सुनते ही दुकानों में नमक खरीदने वालों की लाइन लग गई। दुकानदारों ने भी मौका का फायदा उठाना शुरू कर दिया। 10 रुपये का नमक 25 रुपये से 50 रुपये पैकेट तक बिकने लगा। कई दुकानदार तो नमक का स्टॉक समाप्त हो जाने की जानकारी ग्राहकों को देते रहे।

 सोशल मीडिया में नमक की ब्लेक मार्केटिंग की खबर फैली तो प्रशासन हरकत में आया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे बाजार में यह हल्ला फैल गया कि नमक की सप्लाई बंद हो गई है। जैसे ही यह अफवाह फैली लोग नमक के पैकेट खरीदने दुकानों में पहुंचने लगे। दुकानों में अचानक भीड़ जुट गई। नमक की कीमत अचानक बढ़ गई। इस खबर से अधिकारियों में हड़कंप मच गई। तत्काल एक टीम दुकानों पर जांच के लिए भेजी गई।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। कोरोना जैसे अदृश्य दुश्मन से लड़ाई में वायरस के तेज संक्रमण को रोकने हेतु इमरजेंसी उपाय अपनाना वर्तमान में अतिआवश्यक हो गया है। नागरिकों एवं व्यवसायियों को अपने घरों में बंद रहने पर मजबूर करने वाले कोविड-19 लोगों की सेहत के लिए खतरा साबित हो रहा है। साथ ही मूलभूत आवश्यकता में हो रही दिक्कतों के निपटान के लिए निगम क्षेत्र ग्रीन जोन बनने के साथ ही वायरस जैसे महामारी के समय तेजी से कदम उठाने और इससे निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सोशल डिस्टेशन व मास्क सहित सेनेटाईजेशन आवश्यक है।

इसी के तहत सेनेटाईजेशन महाअभियान के दूसरे दिन सुबह- सुबह दुकानों के प्रारंभ होने के पूर्व कोरोना को हराने हेतु विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल एवं जनप्रतिनिधियों के साथ राजेन्द्र पार्क चौक रेल्वे स्टेशन व सिकोलाभाठा से धमधा रोड सहित शहर के अधिकांश भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में यह अभियान चलाया गया। लोगों ने सेनेटाईजेशन मार्च में शामिल निगम कर्मीयों व फायर बिग्रेड व अन्य गाडिय़ो को चलाने वाले एवं सिकर कर्मी जैसे योद्धा का जगह-जगह स्वागत किया गया। मोर्चा के दौरान विधायक वोरा ने कहा कि कोरोना को हराने व मानव जिन्दगी को वापस पटरी पर लाने का ही हम सबका मुख्य उद्देश्य है कि सावधानी बरतने के अलावा सतकर्ता अतिआवश्यक है। 

इस हेतु महासेनेटाईजेशन अभियान प्रारंभ किया गया है। जिसका शहर वासियों ने आभार व्यक्त किया। महापौर बाकलीवाल ने कहा कि जनता ने हमें जनसेवा की जिम्मेदारी सौपी है उसे निभाने का प्रयास जारी है। सेनेटाईजेशन महाअभियान में शहर कांग्रेस अध्यक्ष गया पटेल, एमआईसी सदस्य मनदीप भाटिया, शंकर ठाकुर, पार्षद बृजेन्द्र भारद्वाज, मनीष बघेल, नरेश तेजवानी, पूर्व पार्षद राजेश शर्मा, प्रकाश गीते, नंदू महोबिया, पप्पू श्रीवास्तव, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, वीरेन्द्र ठाकुर, जसबीर सिंग भुवाल, सुरेश भारती, देवेश मिश्रा एवं नगर निगम की टीम मौजूद थे।   

भिलाई। कोरोना संक्रमण को लेकर देशभर में लॉकडाउन लगाया गया है। इसके चलते सैलून एवं व्यूटी पार्लर को शत प्रतिशत बंद कर दिया गया है। इसकी वजह से होने वाली परेशानी को देखते हुए संचालकों ने नया तरीका सुझाया है। सुपेला स्थित सैलून के संचालक टोमन सिंह श्रीवास ने बताया कि 22 मार्च से सैलून बंद है। इसके चलते रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है। शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए स्क्रीनिंग मशीनें मंगाली गई है। 

सेंटर में सात कस्टमर को सर्विस देने की व्यवस्था की गई है। इसके बकायदे शारीरिक दूरी का पालन भी किया जाएगा। कस्टमर को दरवाजे पर आने पर सबसे पहले हैंडवास, सैनिटाइजर और स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी ताकि दूसरे कस्टमर और स्टाफ को कोरोना के संक्रमण का खतरा ना हो। शारीरिक दूरी का पालन स्टाफ द्वारा अल्टरनेट व्यवस्था की जाएगी जिससे उन्हे फोन करके बुलाया जा सके। इसके साथ ही कस्टमर को आने एवं जाते समय हैंडवास एवं सैनिटाइजर करवाया जाएगा।

दुर्ग। कादंबरी नगर वार्ड 17 के समीप बाईपास रोड पर रविवार की अलसुबह 500 और 200 के नोट बिखरे पड़े मिले। इससे आसपास के लोगों में कोरोना वायरस फैलाने की आशंका से हलचल मच गई। रास्ते पर पड़े मिले नोटों में 500 के 15 नोट,200 रुपये के दो नोट और 100 रुपये के एक नोट हैं। पुलिस ने कुल 8000 रुपये की जब्ती बनाई है। नोट देखे जाने पर मोहल्ले वालों में अज्ञात भय है। इन दिनों नोट बिखेरकर कोराेना संक्रमण को बढ़ाने की अफवाहें खूब चल रही है। इसके चलते सड़क पर पड़े नोटों को कोई हाथ नहीं लगाया और इस वाक्ये की जानकारी तत्काल ही वार्ड पार्षद देवनारायण चंद्राकर को दी गई।

जिस पर पार्षद चंद्राकर मौके पर पहुंचे और उन्होंने तत्काल मोहन नगर थाने को घटना की इसकी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी नोटों को पहले सैनिटाइज किया और उसे एक पॉलिथीन में रखा है। नगर पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने इस संबंध में कहा कि किसी को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी व्यक्ति के नोट रास्ते में गिर गए हैं। ऐसी परिस्थिति में संबंधित व्यक्ति अपनी पहचान के साथ थाने में संपर्क कर सकता है। नोटों के मालिक की पुष्टि होने पर उसके सुपुर्द कर दिया जाएगा।

भिलाई। टाउनशिप के एक क्षेत्र में उस समय दहशत फैल गई जब एक उत्तर प्रदेश गये पार्षद पति क्वारेंटाइन सेंटर से भाग कर घर आ गये। जब आस पास के लोगों ने पार्षद पति को घर में देखा तो दहशत में आ गये और बीएसपी के उच्च प्रबंधन से शिकायत की उसके बाद फिर बीएसपी प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पार्षद के घर भेजी। इस मामले में पार्षद का कहना है कि उनके पति भोजपुरी फिल्म बनाने नेपाल जा रहे थे। उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल जाना था उसी दौरान लॉकडाउन हो गया, उसके बाद वे भिलाई आये और दुर्ग जिला चिकित्सालय जाकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जहां से डॉक्टरों ने कहा कि घर जाये और घर में एक पर्ची चिपका दिये।

उसके बाद वे घर पही रहे कहीं किसी से मिलने नहीं गये और शनिवार को कहा गया कि 14 दिन क्वारेंटाइन में रहना होगा उसके बाद से क्वारेंटाइन सेंटर गये। इस मामले में सीएमएचओ गंभीर सिंह ठाकुर का कहना है कि दो लोग बाहर से आये थे उनकी जांच हुई थी। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है,उसके बाद उनको होम आईसोलेशन में रहने कहा गया था, लेकिन लोग डर रहे हैं। आसपास के लोगों की शिकायत करने पर उन्हें क्वांटराईन सेंटर भेजा गया है। लोगों को डरने की आवश्यकता नहीं है, यदि कोई होम आईसोलेशन में है तो वो भी घर से बाहर नहीं निकल सकता है।

पूरब टाइम्स दुर्ग। राज्य शासन द्वारा लाकडाउन के कारण अन्य राज्य में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाने की तैयारी श्रम विभाग ने प्रारंभ कर दी है। शासन के गाइड लाइन के अनुसार श्रम विभाग में 2593 श्रमिक अन्य राज्यों में जाने के लिए पंजीकृत हुए है। जिसमें झारखंड से 896, उडि़सा से 529, बिहार से 555, पश्चिम बंगाल से 562 श्रमिकों की संख्या दर्ज की गई है। जो कि दुर्ग जिले में निवासरत् है एवं अन्य राज्यों के नागरिक है। ये अपने घर वापसी के लिए तैयार है। साथ ही अब तक 1374 श्रमिकों ने दूसरे राज्यों से श्रम विभाग को दुर्ग वापस आने के लिए संपर्क किया है। जिसमें पुणे से 412, हैदराबाद से 164, नागपुर से 135, सूरत से 103 सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिक शामिल है।
वर्तमान में दुर्ग जिले में जिसमें पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, उडि़सा, राजस्थान एवं पंजाब राज्य के लोगों को राहत शिविर केन्द्र अग्रसेन भवन, सांस्कृतिक भवन कुम्हारी, आकाशगंगा आश्रय स्थल, रैन बसेरा बस स्टैण्ड, कुशाभाऊ ठाकरे भवन, सांस्कृतिक भवन वैशालीनगर, कुगदा, रैन बसेरा जिला अस्पताल, चंद्रखुरी, मंगल भवन खुर्सीपार में कुल 165 श्रमिक को ठहराया गया है। श्रम विभाग के अधिकारी आरके प्रधान ने विधायक अरुण वोरा को जानकारी देते हुआ कहा कि देश के किसी भी स्थान व राज्य से संपर्क करने वाले श्रमिकों की आने-जाने की व्यवस्था का संचालन सुगमंता से किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक वोरा ने कहा है कि जिला प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारी संयुक्त रुप से सर्वेक्षण कर ले ताकि श्रमिको के आने, उनके स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हे गंतव्य तक भेजने तथा क्वारेंटाइन में रखने की उचित व्यवस्था करें। अरुण वोरा

पूरब टाइम्स  भिलाई। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही एक बार फिर निजी स्कूल संचालकों द्वारा कि जाने वाली फीस वसूली के चर्चा का बाजार गर्म हो गया है लोग इस विषय पर हर साल की तरह अपनी शिकायत और व्यथा बताने लगे है लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी जो कार्यवाही कर रहे है उससे पालकों की समस्याओं का समाधान होता दिखाई नहीं पड़ रहा है विगत वर्षो की तरह इस वर्ष भी जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रत्येक नोडल अधिकारी के स्तर से यह जानकारी सर्व साधारण के लिए प्रवाधनानुसर  प्रकाशित व प्रसारित नहीं करवाई है कि डीईओ के अन्तर्गत कार्यरत नोडल अधिकारी के कार्यक्षेत्र में संचालित होने वाली निजी संस्थाओं की शालाओं के द्वारा पालकों से वसूली जाने वाली फीस का अनुमोदन पालक शिक्षक समिति द्वारा कब और कैसी प्रक्रिया को अपनाकर किया गया है और नोडल अधिकारी ने फीस अनुमोदन कार्यवाही को प्रावधानों के अनुसार सर्व साधारण की दावा आपत्ति के बाद स्वीकृति प्रदान के लिए अंतिम कार्यवाही क्या कि है और उसे जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित किया गया है क्या ? यह विषय अभी शोध का विषय बन गया है 
जानकारों के अनुसार सीबीएसई बोर्ड और राज्यो के बोर्ड ने अपने अपने ऑनलाइन एप की व्यवस्था की है जो नए शैक्षणिक सत्र में लॉक डाउन की स्थति में विद्यार्थियों को शिक्षनिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए सक्षम है लेकिन  निजी शाला संचालक शासकीय कार्यवाहियों और एप के संबंध में कोई जानकारी पालकों को नहीं दे रहे है जिसके कारण पालकों को इस दुविधा का सामान करने के लिए मजबुर होना पड़ रहा है कि लॉक डॉउन की स्थिति में आगामी शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई यदि ऑनलाइन होगी तो निजी स्कूलों के संचालक किस एप से शैक्षणिक गतिविधि का संचालन करेंगे और उसकी विधि मान्यता क्या होगी इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी और निजी स्कूल संचालक खामोश है और दोनों के कार्य व्यवहार से प्रतीत होता है कि इनका तालमेल बहुत अच्छा है जिसके कारण पालक दुविधा में है 
फीस वसूली की चर्चाओं के साथ साथ इस समय छत्तीसगढ़ के बाहर के किसी न्यायालय के आदेश की चर्चा वायरल हो रही है इस वायरल खबर ने पलको को हतोत्साहित कर दिया है और इससे राज्य सरकार के साथ साथ केंद्र सरकार की भी छवि धूमिल हो रही है बताया जा रहा है कि जिन ब्लॉग और वेबसाइट से ऐसी खबरें प्रकाशित व प्रसारित की गई है उनकी गतिविधियों पर नजर भी रखी जा रही है इस विषय के जानकारों का कहना है कि याचिका में कि गई प्रार्थना और याचिका पर सुनवाई करने के बाद दिया गया आदेश और प्रकाशित खबरों के विषय पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को संज्ञान लेना चाहिए लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी ऐसा करेंगे इसकी संभावना कम है उल्लेखनीय है कि ऐसे ब्लॉग समाचार पत्र के रूप में अधिसूचित नहीं होते है इसलिए इनकी विश्वसनीयता को व्यक्तिगत दृष्टिकोण से पाठकों को परखना चाहिए। लॉक डाउन के समय में पालकों से फीस वसूली के निजी शाला संचालक बना रहे है दबाव और जिला शिक्षा अधिकारी खानापूर्ति करते क्यों नजर आ रहे हैं 
लॉक डाउन के इस विषम परिस्थितियों में पालकों से स्कूल फीस वसूली के लिए निजी स्कूलों के संचालक दबाव बना रहे है अब तक किसी भी शाला संचालक संस्थाओं ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि आपातकालीन स्थिति में उनकी शाला आगामी शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई कब से और कैसे संचालित करेगी अनाधिकृत तौर पर प्रत्येक शाला संचालकों के प्रतिनिधि पालकों को जानकारी दे रहे है चुकी पालकों को दी जाने वाली जानकारी अनाधिकृत माध्यम से और मौखिक रूप से दी जा रही है इसलिए पालक दुविधा में है और पालकों की विवशता को जिला शिक्षा अधिकारी भी अपनी मौनकुलता से बढ़ा रहे है उल्लेखनीय है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने इस विषय पर वैधानिक प्रकाश डालने वाला कोई खुलासा अब तक नहीं किया है इसलिए उसकी भूमिका परिस्थितिवश पालकों को परेशानी का सामना करवा रही है

पूरब टाइम्स दुर्ग। कोविड-19 नोवल कोरोनावायरस के संक्रमण के रोकथाम हेतु बाहर से आए हुए व्यक्तियों को होम आइसोलेशन में रखने के निर्देश दिए गए है, ऐसे व्यक्तियों का नाम, पता, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर, छ.ग. राज्य में आने का दिनांक, किस राज्य से आए हैं उसका पता, होम आइसोलेशन की तिथि, सैंपल लिया गया है या नहीं इसकी जानकारी, संबंधित के घर में स्टीकर लगा है या नहीं उसकी जानकारी, होम आइसोलेशन वाले व्यक्ति के द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है कि नहीं आदि जानकारी एकत्रित की जा रही है। भिलाई निगम क्षेत्र में बाहर से आए हुए लोगों पर निगरानी रखी जा रही है इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए। कोरोनावायरस कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु ऐसे व्यक्ति जो भिलाई शहर के वार्ड, क्षेत्र, मोहल्ला या आसपास में अन्य शहर, गांव, राज्य से आए हुए हैं उनकी जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1100 या 07882210180 पर दे सकते हैं। इसके अलावा इस कार्य के लिए नियुक्त भिलाई निगम के नोडल अधिकारी जोन क्रमांक एक नेहरू नगर के जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा मोबाइल नंबर 7000092136, विनोद चंद्राकर सहायक राजस्व अधिकारी मोबाइल नंबर 9826685701, जोन क्रमांक 2 वैशाली नगर के जोन आयुक्त सुनील अग्रहरि मोबाइल नंबर 7050344444, संजय वर्मा प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मोबाइल नंबर 9669332966, जोन क्रमांक 3 मदर टैरेसा नगर के जोन आयुक्त महेंद्र पाठक मोबाइल नंबर 9424227177, परमेश्वर चंद्राकर प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मोबाइल नंबर 9826947891, जोन क्रमांक 4 खुर्सीपार की जोन आयुक्त प्रीति सिंह मोबाइल नंबर 7697590459, बालकृष्ण नायडू प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मोबाइल नंबर 9425245007, सेक्टर क्षेत्र जोन क्रमांक 5 के जोन आयुक्त सुनील जैन मोबाइल नंबर 9425555648, मलखान सिंह सोरी प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मोबाइल नंबर 9977421330 पर संपर्क करके जानकारी दे सकते हैं! जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों को पंपलेट व स्टीकर के माध्यम से प्रत्येक दुकानों में चस्पा कर प्रचारित किया जा रहा है इसके साथ ही होर्डिंग, फ्लेक्स एवं पंपलेट के माध्यम से भी प्रसारित करने का कार्य किया जा रहा है लगातार क्षेत्रों में मुनादी भी कराई जा रही है। कोरोनावायरस को हराने और इस कार्य के लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निगम भिलाई आम जनता से अपील करता है कि ऐसे लोगों की सूचना तत्काल इन नंबरों पर देकर निगम प्रशासन को सहयोग करें। समस्त जोन आयुक्त अपने-अपने जोन के क्षेत्र में ऐसे लोगों की जानकारी प्राप्त करने का कार्य कर रहे हैं। जो भी व्यक्ति भिलाई निगम क्षेत्र में बाहर से आए हैं या आ रहे हैं वह भी अपने आने की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन एवं नियुक्त नोडल अधिकारियों को देंगे अन्यथा जानकारी छुपाने वाले संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी। जानकारी देने वाले का नाम निगम द्वारा गोपनीय रखा जाएगा। कोरोनावायरस के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जोन के जोन आयुक्तों द्वारा भी निगम के कर्मचारियों को अपने सूचना तंत्र मजबूत करने हेतु वार्ड क्षेत्रों में नियुक्त किया गया है तथा क्षेत्रवार ड्यूटी भी लगाई गई है। निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने जोन आयुक्तों को निर्देशित करते हुए कहा है कि बाहर से आए हुए व्यक्तियों का प्रतिदिवस में चार बार निरीक्षण करावे व वार्ड वार कर्मचारियों की ड्यूटी लगावे तथा होम आइसोलेशन के नियमों का पालन भी कराएं, निरीक्षण कर्ता द्वारा ऐसे लोगों के घरों के निरीक्षण का समय, स्थान के साथ ही पूरा विवरण की जानकारी देंगे तथा नोडल अधिकारी को जानकारी प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए नोडल अधिकारी उपायुक्त अशोक द्विवेदी को नियुक्त किया गया है। इन समस्त कार्यवाही के दौरान छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एसओपी का यथावत पालन भी सुनिश्चित करना होगा।

पूरब टाइम्स भिलाई।  भिलाई निगम के कुछ क्षेत्रों की दुकानें सोशल डिस्टेंस के नियमों के पालन हेतु बंद रखी जाएगी। उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि जोन क्रमांक 1 क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 5 लक्ष्मी नगर सुपेला में (1) सुपेला का हार्डवेयर लाइन, (2) चूड़ी लाइन अत्यधिक सघन बसाहट होने के कारण यहां पर सोशल डिस्टेंस मेंटेन करना कठिन होगा इसलिए यहां की दुकानें बंद रहेंगी! जोन क्रमांक 3 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 23 में (1) सर्कुलर मार्केट के मसाला दुकान, (2) बूट हाउस,(3) रेडीमेड कपड़ा की दुकाने सकरी रोड होने के कारण तथा घना बसाहट होने के कारण यहां पर भी सोशल डिस्टेंस मेंटेन कर पाना संभव नहीं हो पाएगा इसलिए यह दुकानें भी बंद रहेंगी। जोन क्रमांक 5 सेक्टर 6 क्षेत्र अंतर्गत बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र में सिविक सेंटर स्थित चैपाटी में बहुत लोगों की आवाजाही रहती है और बैठकर खाने में अत्यधिक भीड़ होने की सम्भावना को देखते हुए बंद रहेंगी। कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत ऐसे बाजार क्षेत्र एवं व्यवसायिक दुकाने जहां पर सोशल डिस्टेंस मेंटेन करना कठिन साबित होगा उन क्षेत्रों में दुकानें बंद रखे जाने का निर्णय निगम प्रशासन द्वारा लिया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। एक तरफ जहां जिला प्रशासन के मुखिया जिलाधीश अंकित आनंद पूरी मुस्तेदी से कोरोना नियंत्रण के प्रयास में दिन रात लगे है, वही दूसरी तरफ दुर्ग की सीमाओं पर उपस्थित प्रशासनिक अमला प्रवासी मजदूरो के अवैध प्रवेश को रोकने में पूरी तरह से फेल हो गया है. ऐसा लगता है की बिना जांच के उन प्रवासियों के द्वारा पूरे दुर्ग जिले में बिंदास घूमने से कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है. पूरब टाइम्स ने पूर्व में भी ऐसी खबरों को प्रमुखता से छाप कर जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया था. तत्काल जिला प्रशासन ने जांच की कार्यवाई भी शुरु की थी. परंतु फिर से हालात बिगड़ गए है. 

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने अनौपचारी चर्चा में यह बताया था कि दूसरे राज्यों से प्रवेश करने वाले प्रवासी मजदूरों के क़वारेंटाइन एवं इलाज की जिम्मेदारी सीमा वर्ती जिला प्रशासन की है, लेकिन  केवल दूसरे के नाम जवाबदारी बता कर अपने जिले को खतरे में नही ढकेला जा सकता है. दुर्ग जिला प्रशासन को सचेत रह कर प्राथमिता से अवैध तरीके से, प्रवासियों के आवागमन को रोकना होगा तथा, जिले में पहुँचने वाले प्रत्येक प्रवासी की जांच व कवारेंटाइन का कार्य करना होगा।

मुंगेली। मुंगेली में गुरुवार सुबह शराब के लिए रुपए नहीं देने पर एक युवक ने टंगिये से वार कर अपनी मां की हत्या कर दी। बचाने आई छोटी बहन पर भी कई वार किए। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वह नशे की हालत में टंगिया लहराते हुए बाहर घूम रहा था। घटना कोतवाली क्षेत्र की है। मुंगेली में महिला की हत्या के बाद विलाप करता उसका पति। बेटे ने ही शराब के लिए अपनी मां की हत्या कर दी।

जानकारी के मुताबिक रामगाेपाल तिवारी वार्ड निवासी सुनील उर्फ साेनू यादव कोई काम नहीं करता है। वह शराब पीने और जुआ खेलने का आदी है। शराब दुकान खुलने के बाद वह गुरुवार सुबह अपनी मां सुनीता यादव से शराब के लिए रुपए मांग रहा था। इस पर मां ने मना कर दिया और नसीहत दी कि कुछ कमाता नहीं है। काम किया कर। तीन-तीन बहनें हैं। 

उनके लिए भी कुछ बचा कर रखना है। बीच-बचाव करने आई बहन पर भी किया हमला इस पर सोनू भड़क गया और मां पर चिल्लाते हुए टंगिये से कई वार कर दिए। चेहरे और गले पर लगातार किए गए वार के कारण सुनीता का सिर धड़ से अलग हो गया। इस दौरान उसकी छोटी बहन मधु बीच-बचाव करने के लिए पहुंची। सोनू ने उसके भी सिर और पेट पर कई वार किए। इससे वह वहीं पर गिर पड़ी। इसके बाद हाथ में टंगिया लिए वह बाहर लहराते हुए घूमने लगा। सूचना मिलने पर एएसपी कमलेश्वर चंदेल सहित बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। 


इस 5 किलोमीटर के पैदल मार्च में एसएसपी एवं कलेक्टर ने आम जनता से विभिन्न स्थानों पर रुक कर चर्चा भी की और दुर्ग जिले में कल से लॉक डाउन के जो नए नियम आए हैं. उन से अवगत कराया साथ ही उन्हें बताया गया कि अब सभी दुकाने कुछ प्रतिबंध के तहत सोमवार से शुक्रवार तक खुल सकती है. एवं शनिवार तथा रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रहेगा।


इस दौरान एक रोचक वाकया हुआ शनिचरी बाजार में एक बुजुर्ग महिला भाजी बेचते हुए बैठी हुई थी. जिस पर कलेक्टर साहब की नजर पड़ी उस गरीब सब्जी वाली को देखकर कलेक्टर और एसपी ने उन्हें समझाया की अभी दुकान बंद करने का समय है. आप सब्जी नहीं बेच सकती और उन्हें समझाते हुए मानवता का परिचय देते हुए उसकी पूरी भाजी को कलेक्टर द्वारा खरीद लिया गया।

पूरब टाइम्स, भिलाई। सारे मीडिया व लोग शराब दुकान पर लगी भीड़ के बारे में दो दिनों से चिल्ल-पों मचा रहे थे परंतु किसी का भी ध्यान नेहरू नगर बाईपास पर स्थित डी मार्ट की भीड़ पर नही गया. यूं तो कहने के लिए सरकार ने सभी भीड़  वाली जगहों पर पाबंदी लगा दी है. यहां तक शव यात्रा में भी 20 लोगो से ज्यादा जाने की अनुमति नही दी है परंतु डी मार्ट पर महेरबानी क्यों? यह सवाल आम जनता के दिमाग मे कौंध रहा है.

यूं तो कहने के लिए डी मार्ट के भीतर जाने के पूर्व ग्राहक के हाथों को भी सेनिटाइज किया जाता है व टेम्प्रेचर चेक करने की औपचारिकता की जाती है ,व उन्हें माक्स लगाने कहा जाता है . सोशल डिस्टेसिग मेंटेन करने के लिए मॉल के अंदर 15 से 20 लोगो को एक बार मे जाने दिया जाता है. इसके अलावा 15-20 डी मार्ट के स्टाफ़ भी अंदर रहते है. इस प्रकार से कम से कम 30 से 40 लोग हर वक्त अंदर घूमते है. अनेक लोग माक्स निकाल कर मोबाइल पर बात करते दिखते है. अनेक लोग रेक पर रखे सामन को छूते हुए दिखते है. ऐसी स्थिति में यदि एक भी संक्रमित आदमी भीतर चला गया तो वह बीमारी के फैलने का कारण बन सकता है.

पूरब टाइम्स भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्तऋतुराज रघुवंशी ने मुख्य कार्यालय स्थित विभिन्न विभागों का निरीक्षण मास्क एवं सोशल डिस्टेंस को लेकर किया! लॉक डाउन के दौरान सोशल डिस्टेंस एवं मास्क की अनिवार्यता को देखते हुए आज आयुक्त श्री रघुवंशी ने विभागों का निरीक्षण किया तथा प्रत्येक विभाग में जाकर मास्क का जायजा लिया! इस दौरान डाटा सेंटर में कुछ कर्मचारियों द्वारा मास्क रखे होने के बावजूद नहीं पहना गया था जिन्हें फटकार लगाकर मास्क पहनने की हिदायत दी गई! आयुक्त महोदय सर्वप्रथम स्टेनो कक्ष पहुंचे, संपत्तिकर,जलकर वसूली काउंटर, पेंशन शाखा,भवन अनुज्ञा शाखा, स्वास्थ्य विभाग, योजना शाखा, राजस्व, सचिवालय,जनसंपर्क विभाग,अधीक्षण अभियंता कक्ष, डाटा सेंटर, लेखा शाखा, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के कक्ष का निरीक्षण किया एवं अधिकारी कर्मचारियों को स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए! स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कार्यालयों में सैनिटाइजिंग की जानकारी प्राप्त की! बता दें कि मुख्य कार्यालय में प्रवेश करने पर थर्मल स्क्रीनिंग से तापमान की जांच की जा रही है, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुख्य कार्यालय के प्रवेश द्वार पर 1 मीटर दूरी पर कुर्सियां लगाई गई जहां पर बैठकर नागरिक अपने कार्यों के लिए इंतजार कर सकते हैं! टैक्स जमा करने के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है जोकि पूर्व शाखा से लगा हुआ है!
निगम मुख्य कार्यालय में मास्क लगाए हुए व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है! निगम भिलाई द्वारा सोशल डिस्टेंस मेंटेन करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं जिसका निरीक्षण आज आयुक्त महोदय द्वारा किया गया! निरीक्षण के दौरान उपायुक्त अशोक द्विवेदी एवं तरुण पाल लहरें, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली मौजूद रहे!

पूरब टाइम्स दुर्ग। कोटा में पढ़ रहे दुर्ग जिले के बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए आज सुखद दिन रहा। लंबे अरसे बाद वे एक-दूसरे से मिले, यह बहुत भावुक क्षण दोनों के लिए रहा। लाकडाउन पीरिएड में लगातार अपने बच्चों की चिंता वे करते रहे और आज उन्हें सकुशल अपने साथ देखकर वो बहुत भावुक हो गए। आज सभी छात्र-छात्राएं बिलासपुर से बीआईटी परिसर पहुंच गए। इन छात्र-छात्राओं को लेने उनके अभिभावक बीआईटी पहुंचे। बातचीत में छात्र-छात्राओं ने बताया कि हमारे लिए यह बहुत खुशी की बात है कि हम अपने घर वापस आ गए। इसके लिए हम लोग छत्तीसगढ़ शासन को बहुत धन्यवाद देते हैं। इन छात्र-छात्राओं ने कहा कि उन्हें बिलासपुर में क्वारंटीन कर रखा गया था। यहाँ रहने एवं खाने-पीने का अच्छा प्रबंधन जिला प्रशासन ने किया था। छात्र-छात्राओं को लेने आए अभिभावकों ने कहा कि कोटा में जब हमारे बच्चे फंसे थे तो हर पल बहुत मुश्किल से गुजरा। फिर जब छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया तो बहुत अच्छा लगा। लाकडाउन के दौरान इतनी लंबी यात्रा से बच्चों को लाना आसान नहीं रहा होगा क्योंकि रास्ते में सब कुछ बंद रहा होगा। इसमें मध्यप्रदेश की सीमा पार कर राजस्थान जाना और आना। हम प्रशासनिक अमले को भी बहुत धन्यवाद देते हैं जो हमारे बच्चों को इतनी दूर से लेकर आए। अभिभावकों ने बताया कि कोविड के खतरे को देखते हुए उनके बच्चे घर में पूरा समय क्वारंटीन में रहेंगे। हमें इस बात की खुशी है कि हमारे बच्चे स्वस्थ हैं, घर वापस आकर खुश हैं। कोटा में मेडिकल की तैयारी के लिए गई भारती ध्रुव के भाई हितेंद्र ध्रुव ने बताया कि मुझे बहन के स्वास्थ्य को लेकर बहुत चिंता थी। अब वो वापस आ गई है तो बहुत अच्छा लगा। प्रशासन ने भारती का पूरा ध्यान रखा, हम सब बहुत खुश हैं। इसी तरह मेडिकल की तैयारी के लिए गए आदित्य चंद्राकर ने बताया कि कोटा में फंसे होने की वजह से चिंता के कारण भी पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। छत्तीसगढ़ शासन ने हमें लाकडाउन के चलते वहां हो रही परेशानी से भी बचाया और उस चिंता से भी बचाया जो हमें कोटा में रहकर महसूस हो रही थी। जिला शिक्षा अधिकारी एवं इस कार्य के नोडल अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि सभी अभिभावकों को सूचित कर दिया गया था एवं जिला प्रशासन के निर्देशों से भी अवगत करा दिया गया था। पूरी व्यवस्था की मानिटरिंग के लिए टीम का गठन किया गया था। उल्लेखनीय है कि आज ही सूरजपुर जिले के बच्चे भी अपने गृह जिले के लिए रवाना हुए। लड़कियों को विज्ञान विकास केंद्र एवं लड़कों को रूंगटा कालेज में रखा गया था। आज इन बच्चों को भी रवाना किया गया। उल्लेखनीय है कि कोटा से पहुंचते ही सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था एवं इन्हें क्वारंटीन किया गया था। बच्चों को लेने जाने वाले स्टाफ को भी क्वारंटीन किया गया था।


पूरब टाइम्स दुर्ग।  नगर पालिक निगम भिलाई के चार पार्षदों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में मानदेय सहयोग राशि 30675 रुपए सहयोग राशि के रूप में समर्पित किया है। नोवल कोरोनावायरस कोविड-19 के रोकथाम एवं संक्रमण से बचाव के लिए नगर पालिक निगम भिलाई के पार्षद नीरज पाल द्वारा 7950 रुपए, सुभद्रा सिंह द्वारा 7725 रुपए, वार्ड क्रमांक 35 के पार्षद कृष्णवेणी काली प्रसाद ने 7500 रुपए, तथा वार्ड क्रमांक 38 के पार्षद सत्येंद्र बंजारे ने 7500 रुपए माह मार्च 2020 की मानदेय राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग राशि के रूप में समर्पित करने दिया है, जिसे निगम द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के खाता में आरटीजीएस के माध्यम से जमा करा दिया गया है। कई वार्ड पार्षदों ने भी अपने पार्षद निधि का सदुपयोग करते हुए कोरोना वायरस की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अमूल्य योगदान दिया है।