Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



भिलाई। लाईट इंडस्ट्रियल एरिया में कोरोना के कारण बंद रखे गये फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में तांबा चोरी करने वाले दो चोरों को जामुल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से चोरी के 55 हजार रूपये कीमती 55 किलो ताबां भी बरामद की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जामुल थाना क्षेत्र अंतर्गत लाइट इंडस्ट्रियल एरिया में करोना संक्रमण की वजह से बंद पड़ी फैक्ट्री परमार रिवान्डिंग फैक्ट्री में से रिवाइंडिंग तांबे का तार काफी मात्रा में चोरी होने की शिकायत जामुल थाने में नीरज परमार उम्र 47 वर्ष निवासी वैशालीनगर भिलाई (फैक्ट्री के मालिक) के द्वारा की गई थी, जो थाना जामुल में अपराध क्रमांक 347/20 धारा 380 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया था। 

अपराध पंजीबद्ध होने के पश्चात वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना जमुल में पृथक टीम बनाकर मामले की जांच शुरू की गई थी। टीम को सूचना मिली कि दो चोर बोरे में चोरी का सामान भरकर कही बेचने के लिए ले जा रहे है। मुखबीर सूचना के आधार पर तत्काल एसीसी चौक जामुल में रेड कार्यवाही कर दो लोगो को बोरियों में तांबे के तार सहित पुलिस के अभिरछा में लिया गया। उनसे बोरे में ले जाये जा रहे तांबे के तार के विषय मे पूछताछ करने पर उन्होंने साथ मिलकर कुछ दिन पूर्व परमार रिवान्डिंग फैक्ट्री से तांबे का तार चुराना स्वीकार किया। दोनो आरोपी जितेंद्र सिंह 35 वष, प्रदीप सोनी उम्र 21 वर्ष, सकिनान राजीव नगर जामुल से उपरोक्त फैक्ट्री से चोरी किया गया और तांबे का रिवान्डिंग वायर जिसे बेचने से पहले आरोपियों ने जला कर तार को अलग कर दिया था, वजनी 55 किला जुमला कीमती 55 हज़ार जप्त किया है। 



लिहाजा होटल संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ये हैं आरोपी, आनंद गोयल, पता कादम्बरी नगर दुर्ग,कल्याण बंसोड़, पता पोलसाय पारा दुर्ग,श्याम राव, पता स्टेशन रोड गुरूद्वारा के सामने दुर्ग,राहूल जैन, पता पोलसाय पारा दुर्ग,खेमलाल साहू, पता स्मृति नगर सभाष पेट्रोल पंप के पास भिलाई,अभिषेक जैन, पता साकेत कालोनी दुर्ग,अरूण अग्रवाल, पता कुंआ चौक मोहन नगर जिला दर्ग,बलवीर सिंग, पता गुरूद्वारा के पीछे संतराबाडी दुर्ग




सांसद विजय बघेल ने चर्चा करते हुए बताया कि रक्षा बंधन त्योहार के चलते बाजार में मिठाइयों की मांग रहती है, जिसे देखते हुए अभी से निर्णय लिया जाना जरूरी है कि व्यापारी भी अपनी तैयारी पूरी कर सके. उन्हें कच्चे माल से लेकर हलवाई तक की व्यवस्था करनी पड़ती है, वहीं कई व्यवसायियों ने पहले से ही त्योहारी सीजन की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन बाजार के समय की वजह से उनका व्यापार संकट से गुजर रहा है. ऐसे में जिला प्रशासन को तैयारी करनी चाहिए कि इस भाई-बहन के त्योहार की मिठास फीकी न पड़े.

दुर्ग। शुक्रवार की शाम मुखबीर से मिली सूचना पर कार्यवाही करते हुए दुर्ग से लगा हुआ ग्राम मोहलाई में पुलिस ने एक जुआ के अड्डे  पर छापा मारकर जुआ खेलते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1 लाख 10 हजार रूपये नगद एवं ताशपत्ती जब्त किया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मोहलई में एक जगह बैठकर 13 लोगों द्वारा जुआ खेलने की जानकारी पर पुलिस ने वहां छापा मारकर जुवारियों को पकड़ा 

सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस द्वारा आज अवैध जुआ खेलने वालों के विरुद्ध अभियान छेड़ कर सख्त कार्यवाही की गई। जिसमे जुआ अभियान के तहत दिनांक 31 जुलाई 2020 को थाना दुर्ग में मुखबिर की सूचना पर जुआड़ियों से 52 पत्ती ताश एवं नकदी रकम 110000 रुपए जप्त कर कार्यवाही की गई है। जिस पर 13 जुआड़ियों के खिलाफ अ प क्र 506/20 धारा 13 जुआ एक्ट के तहत.

आरोपी मो. कलीम पिता मो. सलीम उम्र 32 साल साकिन मिलपारा दुर्ग , आयुष सिंह राजपूत पिता विष्णु सिंह उम्र 24 वर्ष साकिन शंकर नगर दुर्ग , जितेंद्र गौरिया पिता रामा गौरिया उम्र 24 साल साकिन उरला बॉम्बे आवास दुर्ग , प्रकाश सिंह गढ़े पिता भगवान गढ़े उम्र 26 साल साकिन गांधी चौक उतई दुर्ग , विनय उर्फ स्टार यादव पिता गोपाल यादव उम्र 24 साल साकिन रुआबांधा बस्ती भिलाई , बमन जैन पिता विमल जैन उम्र 19 साल  साकिन रुआबांधा बस्ती सत्यम चौक भिलाई , दीपक जैन पिता प्रकाशचंद जैन उम्र उम्र 32 साकिन गया नगर दुर्ग , बलराम देवांगन पिता श्यामलाल उम्र 24 साल साकिन शंकर नगर दुर्ग , हेमलाल उर्फ लाल सोनवानी पिता सतानु उर्फ सन्तु उम्र उम्र 20 साल साकिन शिवपारा रुआबांधा भिलाई , सुमित सांकरे पिता प्रकाश उम्र 25 साल साकिन नहर पारा उरला दुर्ग , ओमप्रकाश साहू पिता गजानंद उम्र 30 साल मोती चौक शंकर नगर दुर्ग , निर्मल दुबे पिता सूरज प्रसाद उम्र 43 साल मिलपारा दुर्ग , साकेत जैन पिता संतोष उम्र 32 साल दादाबाड़ी दीपक नगर दुर्ग को गिरफ्तार कर लिया गया है।





 लोगों का चालान काटा जा रहा है। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए प्रशासन ने  सात दिन का लॉकडाउन घोषित कर रखा है, लेकिन सड़कों पर साइकिल, दोपहिया, चार पहिया वाहनों में लोग घूमने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं। इस दौरान केवल सब्जी दूध, दवा जैसी आवश्यक सुविधाएं ही संचालित थीं, लेकिन लोगों की आवाजाही सड़कों पर पहले जैसी ही बनी रही।



दुर्ग। स्वास्थ्य अमला भी अब प्रभावशील व्यक्तियों को लेकर दबाव में आकर काम करने लगा है। ठेकेदारी कार्य से जुड़े राजनीतिक रसूख वाला व्यक्ति रविवार दोपहर जिला अस्पताल स्थित फीवर क्लीनिक पहुंचा था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर व्यक्ति ने हंगामा कर दिया कि उसे घर जाना है। वह घर पर ही रहकर कोरोना उपचार करवाएगा। इसी बात को लेकर वह मनमानी में उतर आया। लेकिन विवाद की स्थिति होने पर ड्यूटी प्रभारी डॉक्टर ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी।
पॉजिटिव मरीज के हंगामे पर संयुक्त संचालक स्वास्थ्य विभाग डॉ. सुभाष पांडेय ने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट दुर्ग में शुरू किया है। ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं, उन्हें घर पर रहने की अनुमति दी जा रही है। पृथक से टीम बनाने का प्रावधान है। टीम नहीं बनी है तो गंभीर बात है। इस मामले में सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मरीज की मॉनिटरिंग की जा रही है। वीडियो कॉलिंग से मरीज की स्थिति का आंकलन करेंगे। इसके लिए मैंने संबंधित क्षेत्र के डॉक्टर को जिम्मेदारी दी है। यह पायलेट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

भिलाई। तेजी से बढते कोरोना संक्रमण के कारण 23 जुलाई से लॉकडाउन होने की घोषणा के बाद मुनाफाखोरी के लिए दुकानदार अभी से सामान रहते हुए भी जानबूझकर कृत्रिम आभाव उत्पन्न कर जमाखोरी करने लगे हैं। अचानक भिलाई-दुर्ग की सभी बाजारों में आवश्यक वस्तुओं का अभाव दिखने लगा है। वहीं पान मसाला, बीड़ी सिगरेट, तम्बाकू और गुड़ाखू जैसे व्यसन वाली चीजो के कीमत में जबर्दस्त उछाल आ गया है।

दुर्ग जिले में एक बार फिर 23 से 29 जुलाई तक लॉकडाउन घोषित किए जाने की घोषणा ने कालाबाजारियों को सक्रिय कर डाला है। शनिवार को राजधानी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में जिला कलेक्टरों को अपने अधिकार क्षेत्र की सीमा में परिस्थितियों के मद्देनजर लॉकडाउन लगाने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भिलाई-दुर्ग में कभी भी लॉकडाउन लगने की संभावनाओं पर चल रही चर्चा के बीच कतिपय व्यापारियों ने जमाखोरी को तेज कर दिया है। 

अचानक शहर के सभी बाजारों में आवश्यक वस्तुओं का कृत्रिम अभाव दिखने लगा है। उपभोक्ताओं में भी संशय की स्थिति बन गई है। इसके चलते लोग रोजमर्रा की जरुरतों वाली चीजों की अतिरिक्त खरीददारी करने लगे हैं। इस स्थिति में व्यापारियों के द्वारा स्टाक नहीं होने का हवाला देकर कीमतों में इजाफा कर दिया गया है। कई वस्तुएं लोगों को अपनी मांग के अनुरुप बाजार से उपलब्ध हीं हो पा रहा है।

खासकर पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू और गुड़ाखू जैसी मादक वस्तुओं की जमाखोरी फिर एक बार उफान पर आ गई है। रविवार को कलेक्टर डॉ सर्वेश्र नरेन्द्र भूरे के आदेश पर 23 जुलाई से सप्ताह भर के लिए लॉकडाउन घोषित करते ही व्यसन वाली वस्तुओं की कीमतें अचानक उछाल लेने लगी। आलम यह है कि 125 रुपए पुड़ा में मिलने वाला राजश्री और विमल ब्रांड का पान मसाला 150 रुपये में बिकने लगा है। गुड़ाखू की 36 डिब्बी वाला पूड़ा 200 रुपए से एक दिन के भीतर 500 रुपए जा पहुंचा है। 

जबकि पहली बार जब लॉकडाउन लगा था तो इसका पूड़ा 160 रुपए था और लोगों को चिल्हर में एक डिब्बी महज पांच रुपए में मिलती थी। लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद थोक में 200 रुपए पुड़ा के साथ चिल्हर में एक डिब्बी 10 रुपए में बिक रही थी। इसी तरह बीड़ी सिगरेट और तम्बाकू के कीमत में भी लगातार वृद्धि होती चली जा रही है। गौरतलब रहे कि दुर्ग जिले में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती चली जा रही है। इस स्थिति के चलते फिर एक बार लॉकडाउनन लगाये जाने की संभावना शनिवार के बाद से ही बन गई थी।

भिलाई। दुर्ग संसदीय क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संकट के समय में अत्यावश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे क्षेत्र के पेट्रोल पंप डीलर्स उनके सेल्समेंन तथा अन्य कर्मचारियों से बातचीत की तथा बेहतर सेवाएं देने के लिए उनका उत्साहवर्धन किया। वीडियों कंाफ्रेसिंग के माध्यम से हुई इस बातचीत के दौरान पेट्रोल पंप के सेल्समेन तथा कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं व कठिनाईयों को भी साझा किया।

सांसद विजय बघेल ने कहा कि इस कठिन समय में आप सभी महान जनसेवा कर रहें हैए यह कार्य देवतुल्य कहा जा सकता है। सांसद विजय बघेल ने वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से दुर्ग जिला व बेमेतरा जिला के पेट्रोल पंप डीलर्स व उनके कर्मचारियों से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वैष्विक महामारी के कठिन समय में कोरोना वारियर्स तमाम खतरों को उठाते हुये जो सेवाएं दे रहे है, उसकी हमेशा सराहना की जायेगी।

पेट्रोल पंप के डीलर, सेल्यमेन व अन्य कर्मचारी कोरोना वारियर्स की महत्वपूर्ण कडी है। इनकी महत्वपूर्ण सेवाओं के बदौलत ही वाहनों के पहिए थमें नही और जिंदगी चलती रही। कोरोना वारियर्स के परिजन, माता-पिता, पत्नि बच्चे नही चाहते कि वे घर से बाहर निकले लेकिन अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुये ये सब अपने सेवाएं प्रदान कर रहे है। इसे भुलाया नही जा सकेगा। उन्होंने वीडियों कांफ्रेसिंग में शामिल लोगों से इस दौरान षासन के द्वारा जारी गाइड लाईनए मास्क पहननाए हाथ धोंने इत्यादि नियमों का निरंतर पालन करने की भी अपील की।



दुर्ग। दुर्ग में मंगलवार देर रात दो सिपाहियों ने करीब एक किमी तक पीछा कर दो चोरों को पकड़ा। हालांकि इस दौरान दलदल का फायदा उठाते हुए एक चोर उनके हाथ से निकल भागा। दोनों सिपाही 112 में तैनात हैं और रायपुर पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थे। चोरों के पकड़े जाने पर कॉल करने वाले लोगों ने पुलिस को बधाई दी है। 

जानकारी के मुताबिक, दुर्ग पुलिस को मंगलवार देर रात सूचना मिली कि मकान में चोर घुसे हुए हैं। इस पर मोहन नगर थाने में तैनात 112 के सिपाहियों ने कॉल करने वाले से जानकारी ली। इस पर कॉल करने वाले ने बताया गया कि उसके पड़ोस का मकान बंद हैं और वहां तीन चोर घुसे हुए हैं। इसके बाद कांस्टेबल सनत कुमार भारती और ड्राइवर मोहम्मद आसिफ खान मौके पर पहुंच गए। पुलिस की गाड़ी देख चोर वहां से भाग निकले। 

इस पर दोनों सिपाहियों ने पैदल ही चोरों को दौड़ा लिया। करीब एक किमी तक पीछा करने के दौरान जयभीम नगर उरला पटरी पार कर चोर दलदल में फंस गए। यह देख दोनों सिपाही भी कमर तक दलदल में उतर गए और दोनों चोरों को पकड़ लिया। हालांकि इस दौरान एक चोर उनके हाथ से भागने में सफल हो गया। फिलहाल तीनों चोर मकान से कोई सामान ले जाने में कामायाब नहीं हो सके थे। 



भिलाई । नगर पालिक निगम भिलाई, क्षेत्र अंतर्गत सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की धरपकड़ की जा रही है, साथ ही निगम का अमला पशुपालकों से रोका-छेका संकल्प अभियान के तहत 714 पशु मालिकों से संकल्प पत्र भरा चुके हैं ताकि निगम क्षेत्र को आवारा पशुओं से मुक्त किया जा सके। शासन के निर्देश के परिपालन में निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने निगम के अधिकारी/कर्मचारियों का दल इस कार्य के लिए गठन किया गया है। रोका-छेका संकल्प अभियान के तहत पशु मालिकों को अपने मवेशी की सुरक्षा स्वंय करने, चारा, पानी की समुचित व्यवस्था करने भिलाई निगम क्षेत्र में संकल्प पत्र भराया गया है। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने आदेश जारी कर रोका छेका संकल्प अभियान को आगामी आदेश तक जारी रखने आदेशित किया गया है। आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए गठित दल के प्रभारी जोन 02 के एआरओ संजय वर्मा व जोन 04 के एआरओ बालकृष्ण नायडू ने बताया कि रोका छेका अभियान के तहत सड़क पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को निगम के अमले द्वारा धरपकड़ की कार्यवाही की जा रही है।

19 जून से की जा रही कार्यवाही में निगम का अमला सड़क पर घुमने वालें 211 पशुओं को अब तक पकड़ चुके हैं। उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि सड़कों पर आवारा घूमने वाले मवेशी पाए जाने पर पशु मालिकों पर भी नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी! आवारा मवेशियों के सड़क पर चलने से दुर्घटना में पशुधन एवं जनधन की हानि होती है। निगम की अपील है कि इससे बचने के लिए पशुपालक अपने पालतू मवेशियों को सड़कों पर आवारा घूमने न दें। जोन कार्यालयों में गठित दल के कर्मचारियों द्वारा 714 पशु मालिकों से संकल्प पत्र भराया जा चुका है, संकल्प पत्र अभियान में जोन कं. 01 में 154 पशु मालिक, जोन 02 में 220 पशु मालिक, जोन 03 में 97 पशु मालिक, जोन 04 में 218 पशु मालिक, जोन 05 में 25 पशु मालिक से संकल्प पत्र भरवाया जा चुका है।

पूरब टाइम्स , भिलाई . इस कोरोना संक्रनण काल
में अनेक राजनेता , सरकारी मद से या समाज सेवियों से इकट्ठे किये गये धन से , गरीब
व ज़रूरत मंद लोगों को बांटकर वाहवाही लूट रहे हैं. वे ऐसा प्रदर्शित कर रहे हैं
जैसे कि अपनी खून पसीने की गाढ़ी कमाई को वे स्वेच्छा से , बिना प्रतिफल की चाह में
, इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं . ऐसे नवोदित महात्मा के रूप में
अनेक लोग मिल जायेंगे, जिनमें कई नगर निगमों के अनेक पार्षद व एमआईसी सदस्य भी हैं
. ये लोग अपनी इस तथाकथित सेवा से इतने आत्म-मुग्ध हो जाते हैं कि भूल जाते हैं कि
कोई इनकी ईमानदारी का हिसाब भी मांग सकता है. दुर्ग में एक मीडियाकर्मी द्वारा
राशन व अन्य बांटने के सामान की खरीदी में, नगर निगम के द्वारा हुई घपले बाज़ी को
सामने लाया गया है व शीघ्र जांच शुरू हो जायेगी . क्या भिलाई में भी कोई आगे आकर
ऐसे ही अनेक महात्माओं के चेहरे से नक़ाब उतार पायेगा , यह तो वक़्त ही बतायेगा ?
  पूरब
टाइम्स की एक रिपोर्ट ...

क्या लक्ष्मी पति
राजू ने विगत वर्षों के डेंगू प्रकोप से निपटने हेतु भिलाई निगम द्वारा की गई
कार्यवाहियों के रिपोर्ट कार्ड को सर्व साधारण की पहुंच स्थापित की है
?



विगत वर्षोंमें  भिलाई निगम क्षेत्र में डेंगू प्रकोप ने लोगो
में भय स्थापित कर दिया था . तत्कालीन भिलाई विधायक प्रेम प्रकाश पाण्डेय केंद्र
सरकार के स्वच्छता अभियान की अगुवाई भिलाई में कर रहे थे और सफाई कर्मचारियों के
साथ बड़े डंडा वाला झाड़ू पकड़ कर सफाई करने के लिए रोजाना निकल रहे थे . आम जनता
को उनके इस सामाजिक योगदान की जानकारी अखबारों में रोजाना छपने वाली फोटो से हो
रही थी लेकिन बावजूद
इसके डेंगू प्रकोप
ने भिलाई को अपने गिरफ्त में ले लिया . कई आमजन इससे पीड़ित हुए , स्थिति जब
नियंत्रण के बाहर हो गई तो निगम स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मी पति राजू ने मोर्चा
संभाला . निगम मद से कई राहत कार्य संपादित किए .  परिणाम स्वरूप लोगों के बीच कांग्रेस की छवि
अच्छी बनी . जनता ने स्वछता अभियान के भाजपा वाले वरिष्ठ नेताजी को विधानसभा की सदस्यता
नहीं सौंपी और कांग्रेस का युवा महापौर विधायक निर्वाचित हो गया .  लेकिन अब जन अपेक्षा है कि लक्ष्मीपति राजू
द्वारा
  विगत वर्ष डेंगू प्रकोप से निपटने के
लिए निगम मद से किए गए खर्च की गई राशि और तत्कालीन भाजपा कि प्रदेश द्वारा भिलाई
निगम को डेंगू प्रकोप से निपटने के लिए प्रदान की गई राशि का ब्यौरा प्रकाशित कर
सार्वजनिक करे
  .

कोरोनावायरस
महामारी से सीधी लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्य प्रभारी बेहद व्यस्त है इसलिए उन पर
एमआईसी कार्यवाही का अतिरिक्त भार सौपना सही है क्या
?





इन दिनों वैश्विक महामारी के रूप में
पहचान बना चुके कोरोनावायरस से भिलाई निगम क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य रक्षण
करने के लिए भिलाई निगम के एमआईसी स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू अहम भूमिका
निभा रहे है . विगत वर्षों में भी लक्ष्मीपति राजू ने डेंगू प्रकोप में अपनी
कार्यक्षमता का प्रदर्शन किया था . उस समय भी लक्ष्मीपति राजू ने स्वास्थ्य संबंधी
सभी जिम्मेदारी संभालने के साथ - साथ डेंगू प्रकोप से निपटने के आर्थिक मोर्चा भी
संभाले रखा था और वर्तमान आपातकालीन स्थिति में भी लक्ष्मीपति राजू ने भिलाई निगम
स्वास्थ्य विभाग का आर्थिक और वित्तीय व्यवहार को बखूबी संभाले रखा है . लेकिन
शायद अत्यधिक व्यस्तता के कारण निगम स्वास्थ्य विभाग के आर्थिक लेन देन और
कार्यवाहियों को पब्लिक डोमेन में लाने में लक्ष्मीपति राजू विफल दिखाई पड़ रहे है
और कई शंकाओं को जन्म देकर कांग्रेस छवि को जाने अंजाने धूमिल कर रहे है . ऐसी
स्थिति में महापौर,  भिलाई निगम द्वारा
महापौर परिषद की कार्यवाहियों का अतिरिक्त बोझ बेचारे स्वास्थ्य प्रभारी पर डाला
जाना कितना तर्क संगत है
  ? अभी
ध्यान नहीं दिया तो यह चिंगारी , आग बन सकती है.

लॉक डाउन कालावधि
में भिलाई निगम निगम क्षेत्र के शराबी सुधार गए थे या कि  शराब कोचियाओं ने नया वितरण तंत्र विकसित कर
लिया था
?



लक्ष्मीपति राजू ने
विगत लॉक डाउन कार्यकाल में अपने कार्य क्षमता का परिचय देते हुए एक और उपलब्धि
पूर्ण कार्य करके अपनी पहचान बनाई है.  वह
यह कि भिलाई निगम के स्वास्थ्य प्रभारी ने लोक स्वास्थ्य के साथ - साथ शहर के
शराबियों के मदिरा प्रेम पर बेहतरीन ढंग से नियंत्रण रखा . लक्ष्मीपति राजू ने इस
वाक्य को व्यवहारिक स्वरूप देकर दिखा दिया कि "घृणा नशे से करो नशेड़ियों से
नहीं" .  गौरतलब रहे कि लॉक डाउन
स्थिति में शराबियों का विधि नियंत्रित व्यवहार लक्ष्मी पति राजू की उपलब्धि नजर आ
रही थी लेकिन जैसे ही शराब दुकानों का संचालन प्रारंभ हुआ तो शराबियों की
अनियंत्रित भीड़ शराब दुकानों पर जमा हो गई और सारा मामला शंकस्पाद हो गया . क्योंकि
लॉक डाउन के दौरान सिर्फ प्रशासनिक और राहत कार्य में लगे वाहन चलाए जाने की
अनुमति थी . ऐसे में अगर शराब कोचिए सक्रिय थे तो उन पर प्रशासनिक नजर क्यो नहीं
पड़ी और अगर शराब कोचिये सक्रिय नहीं थे तो लॉक डाउन के दौरान शराबियों पर
नियंत्रण रखना कैसे संभव हुआ ? यह शोध का विषय है बावजूद इसके लक्ष्मी पति राजू के
कार्यों से सभी प्रभावित है .  बस
दानदाताओं के नाम और उनके द्वारा दी गई सहयोग राशि का प्रकाशन भिलाई निगम द्वारा
नहीं किए जाने के कारण मनमुटाव की स्थिति बनी हुई है ।

पूरब टाइम्स, भिलाई। विश्व पर्यावरण दिवस पर युवाओं ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया। सेक्टर-2 अर्पण सेवा समिति ने  5 जुन को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में सेक्टर-2 के प्रयास आवासीय विद्यालय में छात्रा मोनिका के नेतृत्व में पर्यावरण दिवस पर विद्यालय में पेड़ लगाए गए। छात्रा मोनिका ने कहा कि कारखानों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है. एवं वनों के अत्यधिक मात्रा में हो रहे कटान से प्रकृति को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

पर्यावरण ओर मानव जाति के लिए चिंता का विषय है। पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी की जवाब दारी हैं, आशा है इसी तरह सभी अपने घरों के आसपास पेड़ लगाए पर्यावरण को बचाने की जवाबदेही हम सभी की है। और सभी पेड़ लगाए वृक्षारोपण करने वालों में  अध्यक्ष रोहन कुमार मून, मनोज ध्रुव, वर प्रसाद, शिरीष मट्टु,सिद्धु, नीलू, निशा, छोटी, गरिमा, प्रतिभा एवं समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।

भिलाई। भिलाई के कृष्णा नगर गांधी चौक सुपेला निवासी एक युवती ने स्लाटर हाउस के पास राधिका नगर निवासी एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रार्थिया ने अपनी शिकायत में बताया है कि आरोपित उसे और उसके पति समेत ससुराल के अन्य सदस्यों को मोबाइल पर फोनकर उसे धमकी दे रहा है। उससे शादी न होने की बात से बौखलाए आरोपित ने पीड़िता व उसके ससुराल के अन्य सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी है। सुपेला पुलिस ने शिकायत पर आरोपित के खिलाफ जान से मारने की धमकी और फोन पर धमकाने की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि स्लाटर हाउस के पास रहने वाला आरोपित शेख सिराजुल, प्रार्थिया से शादी करना चाहता था। प्रार्थिया की कहीं और शादी हो गई तो आरोपित उससे बौखला गया। उसने प्रार्थिया को फोन किया और उससे अश्लील बातें की। आपत्ति करने पर उसने प्रार्थिया को धमकाया। इसके बाद आरोपित ने पीड़िता के पति के नंबर पर फोन करना शुरू कर दिया और बाद में उसकी जेठानी और ससुर के नंबर पर फोन कर धमकी देने लगा। आरोपित ने पीड़िता से कहा कि उसने उससे शादी न कर किसी और शादी कर ली। इसलिए वो उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। आरोपित बार-बार प्रार्थिया के पति के रायपुर का पता पूछ कर उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। घटना की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में जारी 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से किसानों में हर्ष की लहर है। कांग्रेस ने कभी भी किसानों की कहीं कोई सुध नहीं ली तथा न्यूनतम मूल्य बढ़ाने में भारी कंजूसी की है। वर्ष 2006-07 में केंद्र सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य मात्र 10 रू. प्रति क्विंटल बढ़ाकर 580 रू. किया गया था, इसी प्रकार मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नही की थी और यथावत 540 ही रखा गया था। अरहर के समर्थन मूल्य में मात्र 10 रू. वृद्धि कर मात्र 14 सौे रुपए प्रति क्विंटल किया गया था।

उन्होंने कहा कि वहीं मूंग और उड़द दोनों का समर्थन मूल 1520 रुपए प्रति क्विंटल था जिसमें कोई वृद्धि नहीं की गई थी, पीला सोयाबीन में मात्र 10 रू. का वृद्धि कर प्रति क्विंटल 1020 रू. किया गया था यदि हम 5 वर्षों का लेखा-जोखा देखें तो 2005-06 से 2009-10 तक कुल 5 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने बाजरा में 315 रुपए की, सोयाबीन में 380 रू., मुंग में 1240 रू. की वृद्धि की थी जबकि मोदी सरकार ने 2016-17 से 2020-21 के मध्य 5 वर्षों में बाजरा में 820 रू., की सोयाबीन में 1105 रू., मून्ग में 1971 रू. की वृद्धि की है। वही धान में इन्हीं वर्षों में कांग्रेस सरकार ने 380 रू. को बीजेपी सरकार ने 398 रू. प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा खरीफ और रबी की फसलो में 2005 की स्थिति से 2020 की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्यों में तीन से चार गुणा वृद्धि की गई है जो मोदी सरकार का किसानों के प्रति लगाव को बताता है। वही 2005 व 2020 की स्थिति में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 570 रू. था जो आज 1868 रुपया है। इसी प्रकार मूंग 1520 रू. से 7196 रू. हो गया। अरहर का 1400 रू. से 6000 रू. हो गया, सोयाबीन का 1010 रू. से 3880 रू. हो गया। 

इस प्रकार अन्य सारी फसलो की भी मूल्यों में तीन से चार गुणा वृद्धि की गई हैं। मोदी सरकार के द्वारा 2018-19 में धान में 200 रू., बाजरा में 525 रू.उड़द में 200 रू., अरहर में 225 रू. व मूंग में 1400 रू. की वृद्धि की गई थी जो कांग्रेस सरकार के द्वारा 2013-14 की वृद्धि तीन से चार गुना है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस के नेताओं ने गंगाजल हाथ में लेकर जनता से झूठा वादा किया था कि धान लेते ही 2500 रू. क्विंटल की दर से भुगतान किया जावेगा मगर कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के किसानों को 1815 रुपए के हिसाब से प्रति क्विंटल धान का भुगताना न किया और यह राशि भी उसे केंद्र सरकार से प्राप्त हुई है। 

यह राज्य की राशि नहीं है। राज्य से उन्हें जो 685 रू. प्रति क्विंटल की राशि देनी थी मगर उन्होने इस वित्तिय वर्ष में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के नाम से उक्त राशि चार किस्त में दिये जाने का कार्य कर रही है। वास्तव में यह योजना राजीव गांधी किसान योजना के बजाय राजीव गांधी किसान उधार योजना है और सरकार अपना उधार चार किस्त में चुका रही है। वही कृषि लागत के दाम कांग्रेस ने बढ़ाया है। मोदी सरकार ने इन छह साल में कृषि लागत को नही बढ़ाया है।खाद के दर भी नहीं बढ़े हैं।