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पूरब टाइम्स, भिलाई। कोरोना पाॅजिटिव सुनते ही न केवल समाज दूरी बना लेता है, बल्कि अपने भी वायरस की चपेट से बचने भय खाते है। सबसे भयावह स्थिति तब हो जाती है जब कोरोना से किसी व्यक्ति की मौत हो जाए। एहतियात के तौर पर पीड़ित परिवार को शव के नजदीक नहीं आने दिया जाता। ऐसे समय पर नगर पालिक निगम के कोरोना योद्धा संक्रमित मृतक का अंतिम संस्कार करने में पीछे नहीं हटते।

नगर पालिक निगम रिसाली के स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षक बृजेन्द्र परिहार के नेतृत्व में गठित टीम मेघनाथ कुर्रे, मंगल सिंह सेन, जागेश्वर प्रसाद देशमुख, रैन सिंह व गौतरिहा पटेल इन दिनों ऐसे शव का अंतिम संस्कार कर रहे है, जिनकी मृत्यु कोरोना से हुई है। सुपरवाइजर मेघनाथ कुर्रे का कहना है कि मृत्यु की सूचना मिलते ही वे बिना समय देखे सीधे शव लेकर मुक्तिधाम पहुंच जाते है। जहां मृतक के अपनों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार करते है। 

इस नेक कार्य करने वाले टीम के सदस्यों का कहना है कि शुरूआत में वे काफी डरे हुए थे, लेकिन अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे व नोडल अधिकारी रमाकांत साहू ने हौसला बढ़ाते हुए सुरक्षा के उपायों को बताया। तब से मनोबल बढ़ा और इस कार्य को कर्तव्य समझने लगे। सफाई मित्र का कहना है कि कईबार विषम परिस्थिति निर्मित हो जाती है। परिजन मृतक का चेहरा देखने विवाद करने लगते है। ऐसे समय में परिजनों को समझाना मुश्किल हो जाता है। फिर भी वे सयंम से काम करते है।
स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षक बृजेन्द्र परिहार ने बताया कि टीम में शामिल सुपरवाइजर व स्वास्थ्य मित्र की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा हैं। अंतिम संस्कार प्रक्रिया के बाद सुरक्षा मित्रों के पहने हुए पीपीई कीट को तत्काल मुक्तिधाम में नष्ट किया जाता है। वहीं पहने हुए कपड़ों को तत्काल गर्म पानी में डुबाने के बाद सेनेटाइज किया जाता है। इसके बाद साफ सुथरा कपड़ा पहनकर कार्यालय के लिए रवाना होते है। इसके अलावा निगम के अन्य कर्मचारी पूरे मुक्तिधाम को सेनेटाइज करते है।

दुर्ग। महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा आज निगम के स्वास्थ्य विभाग सफाई अमला कर्मचारियों को सफाई संसाधन सामग्री के तहत् डस्टबीन और हाथ ठेला का वितरण किया गया। विधायक अरुण वोरा की मंशा के अनुरुप निगम की सफाई संसाधन बढ़ाने के निर्देश के तहत् महापौर व आयुक्त द्वारा लगभग 120 नग डस्टबीन और हाथ ठेला की व्यवस्था की गई है। 

आयुक्त बर्मन ने बताया सफाई संसाधन के अभाव में वार्डो के अंदर सफाई कार्य प्रभावित हो रही थी। आम जनता भी सफाई संबंधी शिकायत कर रहे थे। जिसे देखते हुये डस्टबीन और हाथ ठेला की व्यवस्था की गई है। महापौर एवं आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित कर कहा जिन वार्डो में समस्या अधिक हो वहाॅ दो-दो डस्टबीन हाथ हाथठेला दिया जावे। बाकी सभी वार्डो में एक-एक डस्टबीन देवें ताकि सड़क सफाई करने वाली महिला कामगार और नाली सफाई करने वाले पुरुष कामगार को काम करने में सुविधा हो और वह वार्ड की अच्छी तरह से सफाई कर सके। 

उन्होनें सभी वार्ड के सुपरवाईजरों को निर्देशित कर कहा वार्डो की अच्छी सफाई कर सेनेटाईजिंग अवश्य करायें। ब्लीचिंग, चूना और दवाई कर छिड़काव भी बार बार करवायें। इस दौरान आयुक्त इंद्रजीत बर्मन, स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर, राजस्व प्रभारी ऋषभ जैन, जलकार्य प्रभारी संजय कोहले, विद्युत यांत्रिकी प्रभारी भोला महोबिया, शिक्षा प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया, पार्षद सुश्री श्रद्धा सोनी, श्रीमती उषा ठाकुर,संतीश देवांगन,कांशाीराम रात्रे,तथा स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता व शिव शर्मा, आदि उपस्थित थे।

पूरब टाइम्स दुर्ग। मंगलवार दोपहर मां को स्कूल छोड़कर दुर्ग की ओर लौट रहा युवक हादसे का शिकार हो गया  था। करीब 12.20 बजे तालाब के पास दुर्ग से बोरसी की ओर तेज रफ्तार में आती हुई  हाइवा (सीजी07 डीई 7269) से युवक की टक्कर हुई जिस से वह गंभीर रूप से घायक हो गया था। स्कूटी सवार को देखकर हाइवा चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। नजदीक आने पर सीधे स्कूटी में टक्कर मार दी। आमने-सामने की टक्कर में अर्पित के सिर में गहरी चोट लगी। 






पूरब टाइम्स, दुर्ग। कलेक्टर जनदर्शन में मिली शिकायत के आधार पर नगर निगम के राजस्व विभाग ने तहसीलदार व पुलिस बल के साथ आईएचएसडीपी आवास में अनाधिकृत तौर पर कब्जा कर रहने वाले 27 आवासों में अपना ताला लगाकर सील कर दिया। ज्ञात हो निगम ने कुल आईएचएसडीपी 1638 आवास बनाए है। इसमे करीब 1578 सौ आवास का आवंटन किया जा चुका है। 

गौरतलब है कि उरला स्थित आईएचएसडीपी आवास में लगातार असामाजिक तत्वों के उत्पातो की खबर लगातार आती रही है. इन आवास  में रहने वाले ज्यादातर लोगो ने इसे किराये पर लिया है या अवैध रूप से रह रहे. लम्बे समय के बाद निगम ने कार्यवाही तो की है. लेकिन इसके साथ सवाल ये उठ रहा है कि राजस्व विभाग ने बाकियों को क्यों छोड़ दिया? क्या जनदर्शन में सिर्फ 27 आवासों की शिकायत की गई थी? 

दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते दिनों आम जनता में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने काढे के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए निःशुल्क काढ़ा वितरण के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। इसके अनुपालन में दुर्ग जिले में काढ़ा वितरण का कार्यक्रम आरंभ हो गया है। काढा वितरण के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि इस संबंध में सभी निगम अधिकारियों एवं आयुष विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। चिन्हांकित स्थानों पर शिविर लगाने आरंभ कर दिए गए हैं।

नगर निगम भिलाई चरौदा में आज पदुम नगर के पास लगाए गए काढ़ा वितरण शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया। काढा लेने आए राजेश श्याम कर ने बताया कि कोविड से बचाव के लिए हम लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। मास्क लगा रहे हैं। व्यर्थ लोगों से मिलने जुलने को से बच रहे हैं। इसके साथ ही गर्म पानी का उपयोग कर रहे हैं। अब चूंकि काढ़ा वितरण कार्य  जिला प्रशासन ने आरंभ कर दिया है इसलिए अब काढे को भी दिनचर्या में शामिल करेंगे। 

दुर्ग। महापौर धीरज बाकलीवाल ने आज रायपुर नाका जीरो वेस्ट सेंटर में बेलिंग मशीन का बटन दबाकर मशीन का उद्घाटन किया गया। जीरो वेस्ट से आने वाले प्लास्टिक पाॅलिथिन को छोटो साइज में कम्प्रेस कर सुरक्षित रखा जा सकेगा। नगर पालिक निगम दुर्ग के जीरो वेस्ट सेंटरों में डोर टू डोर एक-एक कर लाये जाने वाला कचरा सेंटरों में बिखरा पड़ा दिखाई देता है। 

आम जनता द्वारा भी कचरा फैलने की शिकायत की जाती है। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा जीरो वेस्ट में आने वाले कचरों को व्यवस्थित रखने के लिए दो प्रकार की मशीन की खरीदी की गई। जिसमें एक कटका मशीन जिसकी लागत 1.80 लाख रु. है, इस मशीन के माध्यम से डोर टू डोर से लाये जाने वाले प्लास्टिक, पाॅलिथीन में लगे रेत, मिट्टी आदि की साफ-सफाई किया जायेगा। 

पूरब टाइम्स, दुर्ग। जिले में कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए शहर विधायक अरुण वोरा ने सीएमएचओ गंभीर सिंह ठाकुर से विस्तार से चर्चा कर शहर में कोरोना वारियर्स एवं आम जनता के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। सीएमएचओ ने बताया कि वर्तमान में दुर्ग जिले में चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज मचांदुर एवं शंकराचार्य मेडिकल कालेज जुनवानी में शासन द्वारा निःशुल्क इलाज की व्यवस्था कराई गई है व बिना लक्षण के मरीजों को निःशुल्क दवाइयों एवं डॉक्टरी मार्गदर्शन के साथ होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। 

साथ ही जिला अस्पताल दुर्ग, शासकीय अस्पताल सुपेला सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है। विधायक वोरा ने कहा कि कोविड पॉजिटिव मरीजों को लगातार अपनी सेवाएं दे रहे कोरोना वारियर्स एवं आम जनता को इलाज के लिए भटकाव की स्थिति नहीं निर्मित होनी चाहिए। सभी का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से भी एक बार पुनः घरों पर रहने व खुद को सुरक्षित रखने की अपील की।

दुर्ग। स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमैन विधायक अरुण वोरा ने आज स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से चर्चा कर स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने का आग्रह किया है। वोरा ने जिले के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के इलाज को लेकर मिल रही शिकायतों की जानकारी देते हुए कहा है कि महामारी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाना होगा। 

वोरा ने कहा कि दुर्ग जिला अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से लैस ब्लड बैंक है। यहां कोरोना पेशेंट के लिए प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत की जा सकती है। शासन से अनुदान मिलने पर यहां ठीक हो चुके कोविड पेशेंट से प्लाज्मा डोनेट कराया जा सकता है। प्लाज्मा थेरेपी की सुविधा दुर्ग में शुरू होने पर कोरोना मरीजों को स्वस्थ किया जा सकता है।

वोरा ने कोविड टेस्ट के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट लैब की स्थापना करने और अतिरिक्त वेंटीलेटर की व्यवस्था के साथ कोविड पेशेंट के लिए आईसीयू स्थापित करने का आग्रह भी किया है। वोरा ने कहा कि अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होना चाहिए। कई नॉन कोविड मरीजों को निमोनिया या अन्य किसी तरह की बीमारी होने पर अस्पतालों में भर्ती नहीं किया जा रहा है। यह दुर्भाग्यजनक है।   

स्वास्थ्य मंत्री ने वोरा को आश्वस्त किया है कि सभी जरूरी इलाज सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। कोविड पेशेंट के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। ट्रीटमेंट या भर्ती मरीजों को होने वाली परेशानियां दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। सिंहदेव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में महामारी के नियंत्रण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार अपग्रेट किया जा रहा है। रायपुर के बाद सबसे ज्यादा कोरोना पेशेंट दुर्ग जिले में मिल रहे हैं। 

जिले के शंकराचार्य हास्पिटल व चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में मरीजों को इलाज, देखरेख का अभावए भोजन व सफाई व्यवस्था का खामियों की शिकायतें लगातार उजागर हो रही है। शुक्रवार को कलेक्टोरेट में प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में भी इस मामले की शिकायतें की हैं। वोरा ने इन सभी मामलों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री से दुर्ग जिले में कोरोना महामारी नियंत्रण और उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा है।

दुर्ग। खुद को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भतीजा बताकर लोगों पर रौब जमाने और ठगी करने वाले एक युवक को भिलाई 3 पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी गुलशन बघेल दुर्ग के दीपक नगर का रहने वाला है। बघेल सरनेम की वजह से कुछ लोग इसे सच में सीएम का रिश्तेदार मानते थे। एक महिला से इस युवक ने  व्यायाम शिक्षक की सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 50 हजार रुपए ठगे थे। इस मामले में प्रशांत शुक्ला नाम के व्यक्ति ने शिकायत की थी। प्रशांत की पत्नी अनीता शुक्ला ने व्यायाम टीचर के लिए जुलाई में बीईओ ऑफिस दुर्ग में फॉर्म जमा किया था।

भिलाई 3 पुलिस ने धारा 420 के तहत अपरध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी का मुख्यमंत्री के परिवार से दूर-दूर तक का कोई वास्ता नहीं है। भिलाई 3 थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव मिश्रा ने बताया कि, पुराना बाजार चौक पाटन निवासी प्रशांत शुक्ला 35 वर्ष ने लिखित में शिकायत किया कि, 20 जुलाई को दीपक नगर दुर्ग निवासी गुलशन बघेल पिता रमेश बघेल ने सिरसा गेट भिलाई 3 में बुलाया। वहां उससे मुलाकात हुई, उसने खुद को सीएम भूपेश बघेल का भतीजा बताकर अपने झांसे में ले लिया और दोनों के बीच नौकरी लगाने के लिए सौदा हुआ। तय रकम के अनुसार पार्थी ने आरोपी को 50 हजार रुपये एडवांस दे दिये।

चार-पांच दिन बाद प्रार्थी को पता चला कि आरोपी का सीएम भूपेश बघेल से कोई रिश्ता नहीं है और वह उसके साथ ठगी कर रहा है। प्रार्थी प्रशांत शुक्ला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी गुलशन बघेल के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें प्रार्थी प्रशांत शुक्ला की पत्नी अमिता शुक्ला व्यायाम टीचर की नौकरी के लिए अप्लाई किया है। थाना पुरानी भिलाई की टीम ने इस युवक को पकड़ लिया अब पूछताछ जारी है। पुलिस को शक है कि इसने और भी लोगों को ठगा होगा।

दुर्ग। नेता प्रतिपक्ष के आग्रह पर राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने जिलाधीश से चर्चा कर मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखने कहा। गौरतलब है कि विगत 5 माह से वैश्विक महामारी का कोरोना काल चल रहा है। इस बीच में निगम कर्मचारियों ने कोरोनावायरस के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई है, ऐसे समय में जब लोगों को जान का भय बना हुआ है तब भी निगम कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं देकर शहर में अनिवार्य सेवा जैसे जल प्रदाय सफाई एवं बिजली जैसे कार्यों को निर्बाध रूप से दुर्ग शहर में जारी रखा है.विगत दिवस दुर्ग नगर निगम के आयुक्त  का आदेश निगम के विभिन्न विभागों में जारी हुआ कि प्रत्येक कर्मचारी प्रति घंटे अपनी उपस्थिति मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज कराएं अन्यथा की स्थिति में उनका वेतन काटा जाएगा ।

क्योंकि निगम में अनेकों ऐसे कर्मचारी है जिनका प्रति घंटा उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मोबाइल में फोटो खींचकर भेजना संभव नहीं है, क्योंकि इस दौरान कोई कर्मचारी फाइलों में ध्यान लगाना छोड़ कर या डाक बांटते समय मोटरसाइकिल चलाना छोड़ कर यह बिजली के खंभे से उतर कर अपनी हाजिरी लगाएं यह अव्यवहारिक है। नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने आगे बताया कि अनेकों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है कई कर्मचारियों को व्हाट्सएप चलाना नहीं आता इस स्थिति में जान जोखिम में डालकर काम करने के बावजूद वेतन कटने का डर कर्मचारियों के मन में बना रहता है, कर्मचारियों का पूरा ध्यान काम करने में नहीं बल्कि मोबाइल से हाजिरी लगाने में लगा रहता है, जिससे नगर निगम कर्मचारियों की कार्य क्षमता घट रही है।

इस विषय की चर्चा नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने दो बार दुर्ग शहर के महापौर रहीं एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद सरोज पांडे से की तब उन्होंने कर्मचारियों की पीड़ा को समझ कर जिलाधीश से चर्चा की. सरोज पांडे ने कहा कि यह उसी दुर्ग निगम के कर्मचारी हैं जिनकी मेहनत के बदौलत दुर्ग नगर निगम देश एवं प्रदेश में अनेकों क्षेत्रों में सिरमौर रहा उन्होंने जिलाधीश से कहा कि प्रशासन चलाना आपका पहलू है ,किंतु मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर कार्य करें। जिलाधीश ने मामले को संज्ञान में लेकर निराकरण करने की बात कही।


शहर के सब्जी बाजार इंदिरा मार्केट सहित अन्य व्यापारिक स्थल में खरीददारी के लिए पहुंचने वाले लोगों में अधिकांश फीजिकल डिस्टेसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। कई उपभोक्ताओं के साथ दुकानदार भी मास्क पहने बिना दुकान में बैठे नजर आते हैं। निगम प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। 

पूर्व में निगम के स्वास्थ्य विभाग अमला ने गंजपारा, नया बस स्टैंड, पचरी पारा, फरिश्ता कॉम्पलेक्स क्षेत्र, इंदिरा मार्केट स्टेशन रोड की दुकानें, हटरी बाजार, गांधी चौक ब्राह्मण पारा, मान होटल क्षेत्र में अभियान चलाया था। इस दौरान निगम अमले ने 70 लोगों से जुर्माना वसूल किया था। जिनमें कुछ लोगों से फीजिकल डिस्टेसिंग का पालन नहीं करने व कुछ लोगों से बिना मास्क लगाए बाजार आने पर जुर्माना वसूल किया गया था। निगम ने सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक जुर्माना वसूल किया था, परंतु दुर्ग निगम के स्वास्थ्य विभाग अमला अब चालानी कार्यवाई से मौन है। 

शहर के सब्जी बाजार,इंदिरा मार्केट सहित अन्य व्यापारिक स्थलों में बिना मास्क लगाए बाजार पहुंचने वालों तथा बाजार में खरीददारी के दौरान फीजिकल डिस्टेसिंग का पालन नहीं करने वाले  लोगों से जुर्माना वसूला बंद कर दिया है। बिना मास्क के नजर आते सब्जी व्यापारी, मिष्टान भंडार में सभी विक्रेता बिना मास्क व्यवसाय करते देखे जा सकते हैं । क्या दुर्ग नगर निगम आयुक्त निगम के स्वास्थ्य विभाग को कार्यवाही करने के निदेश देंगे ?

पूरब टाइम्स ने प्रमुखता से खबर बनाई थी कि दुर्ग नगर निगम के कर्मचारी भी अब बिना मास्क के निगम कार्यालय में नजर आने लगे. इस पर आयुक्त इंद्रजीत बर्मन ने कार्यवाही करते हुए कई कर्मचारियों पर पेनाल्टी लगाई थी व चेतावनी भी दी थी. क्या अब निगम के स्वास्थ्य विभाग अमला कार्यवाही करने के लिये इस बार भी आयुक्त के निर्देश का इंतज़ार कर रहा है। 

विदित हो दुर्ग जिले में दिन ब दिन कोरोना के मरीज मिल रहे है. दुर्ग जिले में बिना मास्क के ऐसे ही लोग घूमते व व्यवसाय करते रहे तो दुर्ग जिले को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. अब लोगों के दिमाग में यह प्रश्न कौंध रहा है कि क्या राजनांदगांव की तर्ज़ पर दुर्ग जिला प्रशासन, कड़े निर्देश देकर, सात दिवसीय लॉकडाउन करवाएगा ?  

पूरब टाइम्स,भिलाई। शंकरा कोरोना केयर सेंटर जुनवानी में गुरुवार को दाखिल एक मरीज कराहता रहा , बिना चादर के बेड पर। वह मरीज तड़पते-तड़पते आखिर दुनिया से चल बसा। तब भी यहां के जिम्मेदारों की इंसानियत नही जागी। रात 10:30 बजे तक उसके शव को बेड से उठाया ही नही गया था। जिससे आसपास इस वार्ड में मौजूद दूसरे मरीज दहशत में आ गए थे।



पूरब टाइम्स ,दुर्ग। आज मोदी आर्मी के सदस्यों ने प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के उत्तम याददाश्त के लिए जिलाधीश के हाथों बादाम और सामान्य ज्ञान की किताब भेजी। ज्ञात हो प्रदेश के गृहमंत्री ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र प्रश्न काल के दौरान भाजपा विधायक के सवाल पर गृहमंत्री कोई जवाब नहीं दे बता पाए थे. राष्ट्रपति के नाम के साथ साथ नए विधानसभा भवन के भूमिपूजन के समय बोलते हुए प्रदेश का गठन कब हुआ यह भी भूल गए थे.

इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को मोदी आर्मी के सदस्यों ने उनके लिए बादाम और सामान्य ज्ञान को किताब भेजी है ताकि पुनः ऐसी गलती न हो. मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने कहा बड़े दुर्भाग्य की बात है प्रदेश के कैबिनेट मंत्री को यह नही पता कि छत्तीसगढ़ की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुई.उनके नजर में यह स्थापना 1 दिसम्बर 2000 को हुई, 

वही मंत्री जी ने कहा राजकुमार कॉलेज के जयपुर भवन में विधानसभा का सत्र आरम्भ किया गया था. जबकि यह सत्र जशपुर भवन में हुआ था.मोदी आर्मी के सदस्यों ने गृह मंत्री पर तंज कसते हुए कहा की इतने बड़े ओहदे पर विराजमान मंत्री जी ही अगर गलती दोहराते जाएंगे तो फिर आम जनता से जो वादे सरकार ने किए वो उन्हें कैसे याद रहेंगे।@GI@

भिलाई। सेक्टर-6 एलआईसी कॉलोनी के पास बीती शाम एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते विवाद के बाद चाकु से ताबड़तोड़ वार हुआ। दो युवकों द्वारा इस वारदात को अंजाम दिया गया। इसके बाद मौके से वे फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक को उसके बड़े पिता सेक्टर-9 अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स भेजा गया जहां देर रात युवक की मौत हो गई।

इस घटना से आक्रोशित मृतक युवक के परिजन मोहल्ले वालों ने आज भिलाई नगर थाने का घेराव किया। वहीं पुलिस ने भी मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ धारा 302,34 के तहत अपराध कायम किया गया है। भिलाई नगर पुलिस ने बताया कि बुधवार शाम 7.30 बजे सेक्टर-6 इस्पात क्लब के पीछे बीएसपी स्कूल के पास पास डी मनीष, उसके बड़े पापा डी रमेश व बी आशीष आपस में बातचीत कर रहे थे। 

इस दौरान वहां जॉन पाल उर्फ डीके व रमेश नाम के युवक पहुंचे और मनीष से विवाद करने लगे। विवाद इतना बड़ गया कि जॉन पाल ने मनीष के हाथ को पीछे से पकड़ लिया। इसके बाद रमेश ने अपने पास रखे चाकू से मनीष के पूरे शरीर पर कई वार किये मौके से दोनों फरार हो गए। इससे मनीष को काफी गंभीर चोटें आई। गंभीर रूप से घायल मनीष को उपचार के लिए सेक्टर 9 अस्पताल लेकर गए। वहां से डॉक्टरो ने तुरंत एम्स रेफर कर दिया। 




भिलाई। भिलाई। छत्तीसगढ़ में लोक कलाकारों की जो सुध राज्य की कांग्रेस नेतृत्व वाली भूपेश सरकार ने ली है, वह इस जगत के लिए किसी फ़रिश्ते से कम नहीं है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में कई ऐसे कलाकार आज भी हैं जो मुफ़्लसी का जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे ही एक कलाकार की आज हम चर्चा कर रहे हैं। वैसे तो इनकी मदद के लिए अब तक कई हाथ उठ चुके हैं, लेकिन वास्तव में जो मदद मिलन चाहिए। उससे ये कलाकार अब तक वंचित हैं।
ये हैं धुरवा राम मरकाम, इन्होने लोकगीत को अपनी आवाज में छतीसगढ़ में एक नई पहचान दी है, लेकिन आज वे स्वयं रहने के लिए एक अदद छत को तरस रहे हैं। पिछले दिनों हुई बारिश ने जो नुकसान पहुंचाया है, उससे घुरवा राम की झोफडी भी छीन ली। अब जब बारिश हो तो किसी के बरामदे का आसरा और जब मौसम खुले तो खुली छत के नीचे जिंदगी का गुजारा करते घुरवा के दिन कट रहे हैं।

इन सब के बाद भी घुरवा राम की सोंच ही कि जब सब रास्ता बंद हो जाता है तब ऊपर वाला कोई न कोई रास्ता खोलता है। लोक कलाकार धुरवा राम मरकाम के लिए भी प्रसिद्ध बांसुरी वादक व लोक गायक, संगीतकार और रंगझरोखा के संचालक दुष्यंत हरमुख ने कुछ सुध ली। उनकी एक अपील पर छतीसगढ़ के कोने-कोने से कला की पारखी लोग धुरवा राम मरकाम की सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं।

दुर्ग। आम धारणा है कि राजनीति में लोग सरकारी खजाने का दुरुपयोग ही करते हैं, लेकिन दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने कुछ ऐसा किया जो चर्चा का विषय बन गया है। विधायक जी ने महंगी किराये की कार में बैठने से मना कर दिया और कहा कि वे पुरानी कार में ही चलेंगे। विधायक ने अफसरों को भी नसीहत दी कि बेवजह पैसों की बर्बादी न की जाए।

मामला यूं है कि विधायक अरुण वोरा को छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। पिछले दिनों वे रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे। कार्यभार संभालने के बाद जब वे बाहर निकले तो पोर्च में कार खड़ी हुई थी। अधिकारियों ने अध्यक्ष बोरा से कहा कि यह गाड़ी उनके आने-जाने के लिए है। कार में बैठते ही अध्यक्ष ने कहा कि इसकी ऊंचाई थोड़ी अधिक लग रही है। इतना सुनते ही मौके पर मौजूद अफसरों ने अरुण वोरा से कहा कि साहब, आप नीचे उतरिये और पांच मिनट प्रतीक्षा कीजिए। पांच मिनट बाद पोर्च में एक लक्जरी कार आ गई।

अधिकारियों ने अध्यक्ष से कहा कि यह कार आपके लिए मंगाई गई है। कार में बैठते हुए ही अरुण वोरा ने पूछा कि यह गाड़ी किसकी है। इस पर अफसरों ने कहा कि यह किराये की गाड़ी है। यह सुनते ही अध्यक्ष के कान खड़े हो गए। उन्होंने तुरंत कार का किराया पूछा। अफसरों ने बताया कि वाहन चालक का वेतन, डीजल सहित हर महीने करीब 70 हजार रुपये किराया होगा। इतना सुनते ही अध्यक्ष बोरा कार से नीचे उतर गए और कहा कि इससे अच्छी तो पुरानी कार है। उन्होंने किराये पर मंगाई कार को तत्काल लौटाने कहा और विभाग की ढाई साल पुरानी कार में वापस बैठ गए। ज्ञात हो कि अरुण वोरा अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के सुपुत्र हैं।
छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरुण वोरा ने बताया कि अफसरों ने जब महीने भर का किराया 70 हजार रुपये बताया तब पहले तो उन्हें भरोसा नहीं हुआ। दोबारा पूछने पर भी राशि 70 हजार रुपये दोहराई तो उन्होंने खड़े-खड़े सालभर के किराए का हिसाब कर लिया। साल भर यदि नौ लाख रुपये सिर्फ एक गाड़ी का किराया देना पड़ा, तो सरकार को कितना नुकसान हो सकता है। इतनी बड़ी रकम से विभाग का कोई काम हो सकता है, यह सोचकर तत्काल गाड़ी लौटा दी।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। कोरोना संक्रमण के दौरान दुर्ग नगर निगम में हो रही लापरवाही को उजागर करते हुए पूरब टाइम्स ने समाचार का प्रकाशन किया था. वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन के निर्देश के विपरीत निगम में कार्यरत कार्यालयीन अधिकारी व कर्मचारी कार्य के दौरान मास्क सेनिटाइजर का उपयोग नही कर रहे थे. और ना ही विभागीय अधिकारी कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों से सोशल डिस्टेंसिग का पालन नही किया जा रहा था. 


पूरब टाइम्स, दुर्ग। एक तरह जहां दुर्ग निगम के आयुक्त, महापौर व सभापति दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के लोगो से कोरोना से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील कर रहे है. सरकार के द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दे रहे है. वही दुर्ग निगम मुख्यालय में अधिक तर कर्मचारी उनकी धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे है. 

दुर्ग निगम ऑफिस में आज कोई भी कर्मचारी व अधिकारी सेनिटाइजर का स्तेमाल करते हुए नही दिखा निगम ऑफिस में कही भी आम जनता के लिए सेनिटाइजर नही दिखा हेल्फ़ डेक्स पर भी आम जनता के लिए सेनिटाइजर नही है. सोशल डिस्टेंसिग का पालन नही किया जा रहा है निगम कर्मचारियों द्वारा बिना मास्क उपयोग किये आम जनता व आपस मे बात चीत कर रहे है. ऐसे में यह दिखाई देता है की कुछ लोगो के कारण दुर्ग नगर निगम में कोरोना बम फुट जाए तो कोई बड़ी बात नही होगी.@GI@