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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



मार्निंग विजिट के दौरान रिसाली निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे श्रमिक बाहुल्य व निचली बस्ती का भ्रमण किया। आयुक्त साइकिल से गली-कूचो की सफाई व्यवस्था देखते हुए मस्जिद गली रूआबांधा पहुंचे। यहां पर कुछ लोगों ने घरों के सामने नाली पर स्लैब ढाल कर उस पर बैठने चबूतरा बना लिया था। इस वजह से निगम के कर्मचारी नाली सफाई नहीं कर पा रहे है। 

बजबजाती नाली को देख आयुक्त ने स्लैब को तत्काल तोड़ने निर्देश दिए। आयुक्त ने आम नागरिकों से कहा है कि नाली पर किए अतिक्रमण स्वतः हटा ले। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देश दिए है कि वे पूरे क्षेत्र का सर्वे करे और नाली पर अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल उसे हटाकर जुर्माना वसूल करे। भ्रमण के दौरान क्षेत्र में नालियों में कचरा फेके जाने की शिकायत अधिक मिली। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिस स्थान के नाली में कचरा मिला है उस क्षेत्र में पूछताछ करे कि कचरा किसने फेका है। नाम पता नहीं चलने पर उस घर से जुर्माना वसूल करे जिस घर के सामने नाली में कचरा मिला है।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। ओवरलोड ट्रकों पर जुर्माने के साथ परिवहन विभाग ने शिकंजा कसना बंद कर दिया है. ट्रको में नंबर प्लेट तो रहते है लेकिन पीछे के नंबर प्लेट छुपे रहते है जिससे दुर्घटना के बाद नंबर जानना बेहद मुश्किल रहता है. हादसों के बाद ट्रकों को नंबर प्लेट के साथ पकडऩे से चालकों और परिचालकों को जेल भी भेजने में आसानी होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि सड़कों पर ज्यादातर ओवरलोड ट्रकों के छुपे नंबर प्लेट सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनके खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग कार्रवाई करने में विफल है।@GI@
दुर्ग भिलाई रायपुर की सड़को पर ओवरलोड ट्रकें तेजी से चलनी शुरू हुई है. पुलिस और परिवहन विभाग ने इसे जांचना देखना भी बंद कर दिया है। वहीं, ओवरेलोड ट्रकों के चलने से सड़कें खराब होती रही है। एनएचआई और लोकनिर्माण विभाग ओवरलोड ट्रकों से सड़कें खराब होने के साथ पत्राचार करता रहा लेकिन इन दोनों विभागों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ता रहा। ओवरलोड ट्रकों पर शिकंजा कसने के लिए कांग्रेस सरकार ने यातायात पर कार्यवाही के कोई निर्देश नहीं दिए है। चालान और जुर्माना से बचने के लिए ट्रक मालिकों और चालकों ने नंबर प्लेट को दिखाना उचित नहीं समझते।@GI@
परिवहन विभाग के अफसरों जिले में तैनात तो है लेकिन वहां की गाडिय़ों की चेकिंग कम हैं। वह इसलिए कि लोकल गाड़ी रोकने पर बवाल होगा। गाड़ी मालिक तुरंत मौके पर आ जाएगा। इसका फायदा उठाते हुए ओवरलोड ट्रक मालिकों और चालकों ने जिस जिले से गुजरना हैं वहां छुपे हुए नंबर प्लेट से जिले में प्रवेश करते हैं  नंबर प्लेट जिससे उन्हें कोई रोकने वाला ही नहीं है।@GI@
टोल प्लाजा से गुजरने वाले ट्रकों के नंबर की सूची लेकर उनका चालान करें। सूची के आधार पर परिवहन विभाग ने चालान करना शुरू किया तो मालूम होगा की दुर्घटना पर गाडी के नंबर प्लेट से आसानी से पहचाना जा सकता नंबर किस वाहन आ हिअ वाहन किस क्षेत्र से है। यातायात अधिकारियों ने बाइक पर चालानी कार्यवाही तो खूब की है कार सवार बड़े वाहनों पर क्यों नहीं ?@GI@





भिलाई। जेवरा सिरसा व कुटेला भाठा ग्राम पंचायत के मध्य बनने वाले आईआईटी का बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे हेलीकाप्टर से आईआईटी स्थल पहुंचे। आईआईटी स्थल पर उन्होंने ईंट रखकर सीमेंट व रेती का गारा मिलाया। मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, पीएचई मंत्री रुद्र गुरु भी मौजूद हैं।@GI@


पूरब टाइम्स , भिलाई , दिसंबर माह के अंत में , भिलाई नगर पालिका निगम के चुनाव की पूर्व नियत तिथियां होनी थी परंतु अभी तक रदेश चुनाव आयुक्त व प्रदेश सरकार ने किसी भी प्रकार का कोई भी संकेत नहीं दिया है परंतु भिलाई के स्थानीय पूर्व मंत्री पुत्र , जोकि एक गैर राजनैतिक संगठन के पदाधिकारी हैं , ने एक राजनैतिक बयान देकर चुनावी आरोप प्रत्यारोप व चर्चाओं की शुरुआत कर दी है. विदित हो कि पिछले भिलाई के नगर निगम के चुनाव में भी उक्त मंत्री ने अपनी नाराजग़ी दिखाते हुए कई दिनों तक पार्टी के अधिकृत कैंडिडेट का साथ नहीं दिया था . कहा तो यहां तक जाता है कि एक निर्दलीय प्रत्याशी ,  उक्त पूर्व मंत्री के आश्वासन से ही चुनावी मैदान में अंत तक डटे रहे . अब फिर से चुनाव की बेला आ गई है और पिछले 5 सालों से गर्दिश में रह रहे , पिता –पुत्र के लिये फिर मौका आ गया है कि वे अपने राजनीतिक निर्वासन को दूर करें . ऐसे हालात में पूर्व मंत्री पुत्र द्वारा , पांच सालों तक बिना किसी राजनीतिक गतिविधि के , यकायक , वर्तमान शहर सरकार से सवाल पूछने पर लोग मज़े ले रहे हैं . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट .....


पूर्व मंत्री पुत्र अपने पिता के समर्थकों के विश्वास पर सवार होकर भिलाई निगम की अगली पारी में किस्मत आजमाने की सुरसुरी छोड़ कर चुका हैं लेकिन उसके बाद पूर्व मंत्री के करीबियों और समर्थकों के बीच यह चर्चा छिड़ गई है कि क्या पूर्व मंत्री पुत्र के कारण भाजपा के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता और स्थानीय नेता महापौर बनने के अवसर से वंचित कर दिए जायेंगे ? वैसे अभी पूर्व मंत्री पुत्र की तथाकथित घोषणा की कोई अधिकृत जानकारी भाजपा की स्थानीय इकाई से प्रेस और मीडिया को नहीं मिली है इसलिए इस मामले में कई प्रकार की चर्चा चल रही है . वैसे स्थानीय कांग्रेस के लिए पूर्व मंत्री पुत्र कोई मायने नहीं रखता है इसलिए किसी ने पूर्व मंत्री पुत्र की तरफ से आने वाली तथा कथित खबरों को गंभीरता से नहीं लिए है इसलिए स्वाभाविक है कि पूर्व मंत्री पुत्र बेहद असहज महसूस कर रहा होगा .



विगत भिलाई नगर निगम चुनाव के दौरान तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार के चर्चित मंत्री पुत्र तत्कालीन भाजपा की स्थानीय इकाई ने चुनाव लडने के लिए महापौर और पार्षद दोनो निर्वाचित पदों के लिए योग्य नहीं समझा और पूर्व मंत्री पुत्र को निगम चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने का मौका नहीं मिला . अब पुन: निगम चुनाव आ गए हैं और पूर्व मंत्री पुत्र भिलाई निगम चुनावों में अपना स्थान तलाशता नजर आ रहा है . सूत्रों के अनुसार पूर्व मंत्री के समर्थक,  मंत्री पुत्र को आश्वस्त कर दावेदारी करवा रहे हैं लेकिन सूत्र यह भी बता रहे है कि स्थानीय भाजपा इकाई के पदाधिकारी पूर्व मंत्री पुत्र को समर्थन करने के मूड में नजर नहीं आ रहें हैं .


पूर्व मंत्री पुत्र को भिलाई निगम चुनाव जितने का तथाकथित आश्वासन देने वाले लोग इस चर्चा को हवा देने में सफल होते नजर आ रहे है कि पूर्व मंत्री पुत्र भिलाई निगम का सशक्त पार्षद प्रत्याशी बनेगा लेकिन अभी यह चर्चा का आधार क्या है ? इस पर से किसी ने पर्दा नहीं उठाया है . भिलाई में किसी के पास इस बात की अधिकृत जानकारी नहीं है कि पूर्व मंत्री पुत्र आखिर किस वार्ड से चुनाव लडने की तैयारी कर रहा है इसलिए पूर्व मंत्री के समर्थक होने के नाते जो लोग पूर्व मंत्री पुत्र का समर्थन भिलाई निगम चुनावों में करने की सोच रहे है, वे अभी इस प्रश्न का उत्तर भी तलाश रहे है कि पूर्व मंत्री पुत्र आखिर किस वार्ड से चुनाव लडने मैदान में उतरने वाले है .

पूरब टाइम्स, दुर्ग। राजेंद्र पार्क चौक की सड़कों पर लगने वाली दुकानों ने आगे चौड़ी सड़कों को संकरा बना दिया है। सड़कों पर लग रही चाट गुपचुप सहित अन्य दुकाने लग रही हैं पार्किंग तथा सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लेकिन नगर निगम बाजार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। न तो बाजार में अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई की जा रही है और न पार्किंग पर रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों को रोका जा रहा है।
नगर निगम की लापरवाही के बावजूद ट्रैफिक पुलिस के जाम से निपटने के पुरजोर प्रयास किये लेकिन अब वह भी आधे-अधूरे साबित हो रहे हैं। लोगों के सामने पार्किंग की असुविधा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस भी अब चालानी कार्यवाही से दूर है. क्योंकि लोगों से अधिक नगर निगम प्रबंधन की लापरवाही जाम की समस्या पैदा कर रही है।@GI@
राजेंद्र पार्क चौक एक बड़ा यातायात चौक है जहा सिग्नल होते ही इस रोड पर जैसे बड़े हैवी वाहन भी आवागमन करते है चार पहिया वाहन दुपहिया वाहन तेज गति से चलते है दूसरी ओर सड़क के नजदीक लगने वाली रेहड़ियो के कारण सड़क पर कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। नगर निगम के बाजार विभाग के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस भी इनपर कार्रवाई नहीं कर पाती है। हैवी वाहन भी आवागमन कर रहे हैं, जिसे सड़कों पर बार-बार जाम लगने की स्थिति रहती है।@GI@
पार्किंग की अव्यवस्था, सड़कों पर पार्किंग का असर बाजार क्षेत्र की आधा दर्जन सड़कों पर सीधे तौर पर पड़ रहा है। जरा सी रुकावट पर शहर के बटालियन शराब दूकान, इंदिरा मार्किट रोड, बस स्टैंड रोड, रेलवे रोड, श्री शिवम मॉल, गंजपारा,पर सीधे प्रभाव जाता है। लेकिन इस सड़क पर अतिक्रमण ने भी खूब पांव पसारे हुए हैं। नगर निगम की तरफ से सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इस सड़क पर भीड़ के अंदर से ई रिक्शा, थ्री व्हीलर व फोर व्हीलर जैसे वाहन भी गुजर रहे हैं।@GI@

पूरब टाइम्स, रिसाली. प्रदेश की भूपेश सरकार अपने नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी की योजना के लिये संकल्पित है इसलिये उसने जगह जगह पर नगर निगम, नगर पालिका व पंचायतों के माध्यम से गोठानों को बनवाने , देखभाल व रखरखाव की ज़िम्मेदारी दी थी. शुरुआत में नय्रे बने गोठानों की गतिविधियों को मीडिया व शोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर कई नगर निगमों ने वाहवाही लूटी. रिसाली नगर निगम भी उनमें से एक था परंतु जैसे जैसे समय बीतते गया, रिसाली के गोठान की देखभाल व रखरखाव की हालत खराब होने लगी. ऐसे में रिसाली निगम्का गोठान, शासन से आये पैसों का दुरुपयोग व दुर्गति का प्रत्यक्ष उदाहरण बनने की कगार पर है. ना जाने क्यों रिसाली आयुक्त व निगम प्रशासन इसे संज्ञान नहीं लेता है ? क्या उनकी मंशा दोशियों को बचाने की है या फिर अपनी कोताही से राज्य सरकार की इस योजना को विफल बना, जनता के विरोधी सुर को भड़काने का  काम कर रही है. पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ....
रिसाली निगम क्षेत्र के आयुक्त एवं अधिकारी इन दिनों शासन की महत्वाकांक्षी योजना को अव्यस्था के हवाले करके गोठान योजना को खस्ताहाल बना चुके है. इसका सबूत गोठान की अव्यवस्थित रखरखाव व बेतरतीब व्यवस्था दे रही है.  बताया जा रहा है कि गोठान योजना को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक संसाधनों का इंतजाम शासन स्तर से नगर निगम रिसाली को दिया जा चुका है लेकिन निगम प्रशासन का उदासीन कार्य व्यवहार भूपेश बघेल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को खस्ताहाल बना रही है और इस प्रश्न को आधार दे रही है कि रिसाली क्षेत्र के खस्ताहाल गोठान का संज्ञान कौन लेगा ?
रिसाली निगम के गोठान परिचालन व्यवस्था की अनियमितता को वहां की भौतिक स्थिति सत्यापित कर रही है लेकिन रिसाली निगम के आयुक्त और सचिव इस मामले का संज्ञान लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाने की स्थिति नजर आ रहे है. बताया जा रहा है कि गोठान योजना को रिसाली निगम में जिन कर्मचारियों को संचालन का प्राधिकार दिया गया है, वे अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर अपनी पदेन जिम्मेदारी पूरी नहीं करते है. वैसे इस मामले में कितनी सच्चाई है, यह तो निगम के आयुक्त और सचिव ही स्पष्ट कर सकते है लेकिन रिसाली के गोठान की अव्यवस्थित रखरखाव व्यवस्था यह प्रमाणित कर रही है कि रिसाली के आयुक्त शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना को महत्वहीन और विफल बनाने वाला कार्य व्यवहार कर रहे है. 
गोठान योजना का व्यवसायिक लक्ष्य भी है जो स्थानीय स्व सहायता समूहों को सीधे व्यवसायिक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करता है . वैसे गोठान योजना का प्रमुख लक्ष्य गायों और आवारा पशुओं को संरक्षण प्रदान करना है . इसके लिए स्व सहायता समूहों को शासन वित्तीय सहायता प्रदान कर प्रोत्साहित करती है. शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से , प्रदेश के कांग्रेस शासन की सामाजिक भूमिका को सशक्त बनाने के प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है लेकिन रिसाली निगम का आयुक्त और सचिव इस योजना को ऐसे कर्मचारियों के हवाले चुके है जो शासन कि इस महत्वाकांक्षी योजना को गर्त में ले जा रहे है इसलिए रिसाली क्षेत्र में संचालित गोठान अपने लक्ष्य  से कोसो दूर नजर आ रहे हैं.

पूरब टाइम्स, दुर्ग भिलाई। शहर के हर इलाके इन दिनों अवैध अहाता बिक्री के बड़े केंद्र बन गए है। शहर के लगभग सभी ग्रामीण शहरी क्षेत्र के साथ-साथ आउटरों में अवैध अहाता प्रशासन और पुलिस के नाक के नीचे जारी है। सरकारी सहित दुर्ग,भिलाई की शराब दुकानों में होड़ चल रही है। अवैध अहाता पर प्रशासन के लगाम नही होने के चलते शहर में जगह-जगह अवैध अहाता भी जारी रही हैं। शहर के सभी इलाकों में डेढ़ गुनी कीमतों में आहता संचालक की सामानो की बिक्री निर्बाध गति से जारी रही।@GI@
आबकारी विभाग का लगाम नही होने के चलते अब शहर के शराब दुकानों में चखना दुकानों की संख्या भी रोजाना बढ़ रही है। शराब दुकानों के आसपास खुले चखना दुकानों का दायरा अब शहर के सड़को तक आ चुका है। शहर में शराब दुकान के अलावा भी चखने की व्यवस्था लगभग आस पास उपलब्ध है। ज्यादा रेट दर पर बिक्री होती सामानो की. आबकारी विभाग शहर के सड़कों में,खुल चुकी चखना दुकानों को अवैध आहता बिक्री की तरह प्रश्रय देने में लगी है। बेरोकटोक जारी कारोबार अब शहर में बड़ा रूप ले चुका है।@GI@
दुर्ग भिलाई मुख्य मार्ग में शराब दुकान व अवैध चखना सेंटर से रोजाना यातायात बाधित हो रहा है. जिससे दुर्घटना होने की आशंका भी बनी रहती है। यातायात पुलिस, की कोई कोई कार्यवाही नहीं शराबियो पर लगाम लगाने उनकी स्पीड कम करने यातायात पर पैनी नजीर नहीं  है शराब दुकान के पास अवैध चखना सेंटर हटाने प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं। बटालियन मार्ग पर स्थित उक्त शराब दुकान दोपहर बाद गुलजार हो जाता है।
जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं शहरी क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मुख्य मार्ग पर शराब पीकर गाली-गलौच करते शराबी रोज नजर आते हैं। शाम को जमने वाली शराब की महफिल और बदहवास मयकशों के चलते कई बार दुर्घटना घट चुकी है।नागरिक चाहते हैं कि शराब दुकान मुख्य मार्ग से हटाकर अन्यत्र ले जाया जाये। ताकि लोगों को आवागमन में असुविधा न हो।@GI@

पूरब टाइम्स, भिलाई। सर्वप्रथम संविधान की किताब एवं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर संविधान की प्रस्तावना की सार्वजनिक रूप से शपथ लिया गया। गोंडवाना गोंड महासभा के अध्यक्ष चन्द्रभान सिंह ठाकुर ने सर्वप्रथम संविधान दिवस की बधाई देते हुए संविधान की शक्तियों को पहचानने की अपील की एवं संविधान से ही पढ़ने, लिखने, बोलने, समानता, मताधिकार एवं महिलाओं को सम्मान मिला। 
संविधान से ही महिलाओं को पढ़ने लिखने डॉक्टर इंजीनियर वकील नौकरी सांसद विधायक प्रधानमंत्री राष्ट्रपति बनने का अवसर मिला। प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन से सविधान की शक्तियां जुड़ी हुई है सिर्फ जानने समझने की आवश्यकता है।
चंद्रकला तारम ने संविधान की रक्षा पर कविता प्रस्तुत की और सभी को समानता का अधिकार देने और पाने की बात रखी। के आर के ध्रुव ने अपने अनुभव को व्यक्त किया जब उन्होंने संविधान एवं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के बारे में जाना एवं उनके विचारों को गांव-गांव पहुंचाने का प्रयास किया 
लेकिन लोगों का सहयोग नहीं मिलता था लोग डरते थे आज खुश है कि युवा वर्ग बढ़-चढ़कर संवैधानिक संगोष्ठी का आयोजन लगातार करते आ रहे हैं। कार्यक्रम में नागपुर से आए अंकित ने संविधानिक चर्चा एवं नागपुर में किस तरह लोगों को संविधान की शक्तियों से अवगत कराते हैं एवं देश के निर्माण में संविधान की भूमिका को बताने का प्रयास किया।

इस अवसर पर कॉलेज प्रभारी प्राचार्य डॉ सिद्दीकी,साइंस कॉलेज एनएसयूआई अध्यक्ष आदित्य नारंग, जनभागीरदारी समीति सदस्य शिबू मिर्जा, एनएसयूआई  नेता भूपेंद्र ऊके ,दीक्षित ऊके,कौशलेन्द्र मेश्राम,रिया बारले,प्रीति निर्मलकर,अनुराग मेश्राम, एवं अन्य छात्र-छत्राएं उपस्थित थे।@GI@

पूरब टाइम्स, दुर्ग। त्योहारी मौसम के बाद गाड़ियों के परिचालन मे वृद्धि होने की संभावना के बावजूद  रेलवे पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाते दिखलाई नहीं देती है गाड़ियों की संख्या बढ़ाए जाने पर रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में यात्रियों की संख्या मे बढ़ोतरी होने की संभावना है। यात्रा के दौरान यात्रियों द्वारा सुरक्षा मानको की अनदेखी या उसके प्रति की गई लापरवाही कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ा सकती है, बावजूद इसके रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान नही रख  रहा है। किसी भी व्यक्ति के द्वारा जानबूझ कर की गई लापरवाही रेलवे मुसाफिरों की सुरक्षा को खतरे मे बदल सकती है।@GI@

रेलवे सुरक्षा बल ने त्योहारी मौसम मे यात्रियों के लिए अनुदेश जारी किया था. लेकिन दूसरी ओर सुरक्षा बल के जवान भी स्टेशन परिसर पर बिना मास्क के नजर आए आम जन को रेलवे अधिकारी शासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दे रहे है लेकिन स्वयं रेलवे पुलिस के जवानों के साथ-साथ यात्री भी बिना मास्क व सोशल डिस्टेसिग नियमों का उल्लंघन कर  केद्र व राज्य सरकार के आदेश  की जमकर धज्जियां उड़ाते रेलवे स्टेशन और स्टेशन परिसर के आस - पास दिखलाई पड़ रहे हैं।@GI@

जबकि वर्तमान में रेलवे स्टेशन, ट्रेन या अन्य परिसर में आने जाने वाले लोगों को शासकीय आदेशों का पालन करने के सख्त नियम मानना जरूरी है। नियमों का पालन नहीं करेंगे तो दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। सामाजिक दूरी न बनाए रखना, कोरोना पॉजिटिव घोषित होने के बाद भी रेलवे क्षेत्र या स्टेशन में आना या ट्रेन में यात्रा करना। परिक्षण के लिए सैंपल देने के बाद कोरोना वायरस रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना रेलवे परिक्षेत्र या ट्रेन में चढ़ना सहित कोरोना के लिए बनाए गए नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई होगी।@GI@

पूरब टाइम्स, दुर्ग। जाड़े की रात कितनी कष्टदायक होती है। अगर आप को इसका हाल जानना हो तो रात को शहर की सड़कों पर निकल जाइए। खुले आसमान के नीचे ठंड में ठिठुरते लोगों को देख कर आप सिहर उठेंगे। दुर्ग शहर में सैकड़ों ऐसे गरीब हैं, जिनकी रात फुटपाथ पर कटती है। सर्द हवा जब शरीर में लगती है, तो लोग सिकुड़ कर पैर और सीना एक कर लेते हैं।

इनके लिए राहत की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर में रात होते ही फुटपाथ गरीबों का बिस्तर बन जाता है। शहर के स्टेशन,अग्रेसन चौक, बस स्टैंड, मार्किट के पास गरीब सड़कों पर सो रहे हैं। मेहनत-मजदूरी करने के बाद मजदूर फुटपाथ पर रात बिताते हैं। बड़े-बड़े आलाधिकारियों की गाड़ियां इस रास्ते से गुजरती है, वही दूसरी ओर बेसहारा लोगो के लिए अन्य संगठन भी मौन है कोई देखने व पूछने वाला नहीं है। 
ठंड में सड़क किनारे ठिठुर रहे हैं,  दिन में घुमतु बेघर गरीब  पूरी रात सड़क पर बिताते हैं। उन्हें ठंडी हवाओं का झोंका खूब परेशान करता है। हालांकि अलाव से थोड़ी सी रहात मिल सकती थी, पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से इन्हें कठिनाइयां हो रही है। सड़क के किनारे प्लास्टिक की झिल्लियां व लकड़ी जला कर अपनी रात काट लेते है ।

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में जल प्रदाय करने वाली शिवनाथ नदी से आने वाली पाइप लाइन का संधारण कार्य दिन और रात लगातार किया जा रहा है। सोमवार से निगम के जल विभाग का पूरा अमला पाइप के संधारण कार्य में लगा हुआ है ताकि जल्द से जल्द जल प्रदाय कार्य प्रारंभ किया जा सके. आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी लगातार फील्ड का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देशित कर रहे है। आज भी आयुक्त रघुवंशी पटेल चौक पहुंचे और काफी देर तक स्पॉट पर रहकर अधिकारियों से पाइपलाइन संधारण को लेकर चर्चा की।  
उन्होंने कहा कि पाइप लाइन में आसपास और कोई लीकेज की आशंका हो तो वहां पर भी मरम्मत कार्य किया जाए, वाइब्रेशन होने वाले जगह पर संधारण कार्य मजबूती के साथ हो उल्लेखनीय है कि पाइपलाइन से लगे हुए पत्थर को तोड़ने में काफी मशक्कत की गई परंतु अधिक समय लगने की संभावना को देखते हुए पाइप के एक हिस्से को ऊपर की तरफ से काटकर कर्मचारी को पाइप के भीतर भेजकर संधारण कार्य किया जा रहा है। ताकि समय की बचत हो और कार्य अच्छे से गुणवत्तापूर्ण हो सके। @GI@

भिलाई। पूरे देश में स्वच्छता पर फोकस किया गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण कर अंको के आधार पर पुरस्कार भी दिया जाएगा। 6000 अंक में अधिक से अधिक अंक हासिल करने रिसाली नगर पालिक निगम बीट चार्ट तैयार कर सफाई कार्य को अभियान के तर्ज पर पूरा कर रहे है। इस कार्य का अवलोकन करने अपर कलेक्टर व रिसाली निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे अल सुबह पहुंचे। निगम आयुक्त सबसे पहले सांई मंदिर रोड पहुंचे। इसके बाद रिसाली निगम क्षेत्र के आशीष नगर, रूआबांधा, प्रगतिनगर क्षेत्र में चल रहे बीट चार्ट कार्य का अवलोकन किया। सड़क की व बाजार क्षेत्र में अपनी उपस्थिति में सफाई कार्य कराया और कचरा उठाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षक बृजेन्द्र परिहार ने बताया कि सड़क की सफाई गैंग द्वारा कराया जा रहा है। वही नाली सफाई के लिए वे हर दिन  500-1000 मीटर नाली को चिन्हित करते है। इसके बाद उस नाली की सफाई की जाती है। नाली से निकाले गीला कचरा को नाली तट पर छोड़ा जाता है। दूसरे दिन नाली से निकले कचरे को उठाने के बाद नाली के आगे की सफाई शुरू की जाती है।
सफाई कार्य में किसी तरह की चूक न हो इस पर विशेष नजर रखा जा रहा है। निगम के नोडल अधिकारी रमाकांत साहू रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था की मानिटरिंग कर रहे है। उल्लेखनीय है कि रात्रिकालीन सफाई निगम क्षेत्र के मैत्री नगर, प्रगति नजर, बाजार क्षेत्र के अलावा कृष्णा टाॅकिज रोड व रिसाली बस्ती मार्केट क्षेत्र में चल रहा है।@GI@




पूरब टाइम्स , भिलाई . पूरे देश में फिर से कोरोना की एक नई लहर शुरू हो गई है .छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है . इसके साथ ही अब फिर से दुर्ग व रिसाली नगर निगम चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है . पहले कोरोना संक्रमण के कारण इन चुनावों के आगे बढ़ने के कयास लागाये जा रहे थे परंतु चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव व अन्य उपचुनाव सफलता पूर्वक किये जाने के बाद , अब भिलाई व रिसाली के नगर निगमों के चुनाव समय पर होने की संभावना जताई जा रही थीं . यह चुनाव निर्विघ्न संपन्न भी हो जाते परंतु इन निगमों के आला अधिकारियों के द्वारा किये गये परिसीमन व संपत्ति बंटवारे के न्यायालयीन विवाद में आने के कारण , अब सभी की नज़र , उच्च न्यायालय की तरफ है . न्यायालय के फैसले में देरी से चुनाव में भी देरी हो सकती है . वैसे न्यायालय का फैसला जो भी हो परंतु परिसीमन व वार्ड आरक्षण ने अनेक राजनेताओं के कैरियर को दांव पर लगा दिया है जिसके कारण अनेकों नये समीकरण बनते-बिगड़ॅते दिखाई दिये जाने की संभावना है . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ....

 वैसे तो परिसीमन कार्यवाही की अनियमितताओं का आरोप भिलाई , रिसाली और चरोदा निगम में लोग लगा रहे है लेकिन भिलाई का मामला न्यायालय में पहुंचकर निगम आयुक्त और संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को चुनौती दे चुका है . अब तक मिली जानकारी के अनुसार परिसीमन मामलों का जो परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किए गया है ,उन परिवाद मामलों में निगम आयुक्त और संचालक नगरीय प्रशासन ने अपना पक्ष नहीं रखा है और यदि रखा भी हो तो उसे सार्वजनिक करने के लिए इन दोनों प्राधिकारियों ने प्रेस मीडिया में मध्यम से नगरीय निकायों के मतदाताओं के सामने आकर यह नहीं बताया है कि परिसीमन मामले की वस्तुस्थिति क्या है ? इस मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि वार्डो का परिसीमन नियम , नगरीय निकायों और संचालक , नगरीय प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं किया है तथा इन मामलों में यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि जो परिसीमन कार्यवाही नगर पालिक निगम भिलाई , रिसाली और चरोदा निगम के द्वारा कि गई है, यह कार्यवाही कितनी विधि सम्मत और नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा कब और कैसे प्रमाणित की गई है ? वैसे इन दोनों विषयों की वस्तुस्थिति जल्द ही सामने आने की स्थिति बन रही है क्योंकि ये दोनों विषय तृतीय पक्षकार के रूप में न्यायालय के समक्ष लाने के लिए कुछ समाजसेवी परिवाद प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं .  

सभी जानते हैं कि निगम का परिसीमन मामला अभी सुलझा नहीं है और न्यायालय के समक्ष कार्यवाहियों में है लेकिन इसके बाद भिलाई , रिसाली और चरोदा का वार्ड आरक्षण मामला गरमाने लगा है . उल्लेखनीय है कि वार्ड परिसीमन कार्यवाही से असंतुष्ट लोग अभी तक अपना विरोध इसलिए स्पष्ट नहीं कर रहे थे क्योंकि निगम का आरक्षण नियमानुसार होने की सभी को उम्मीद थी . लेकिन विगत दिनों में निगम प्राधिकारी और संचालनालय नगरीय प्रशासन के प्राधिकारियों की कार्यवाही प्रक्रिया यह संकेत देने लगी है कि निगम के वार्डो के आरक्षण मामले में भी एक तरफा कार्यवाही होगी और आरक्षण नियमों की अवहेलना भी होगी . सूत्रों के अनुसार वार्डो के परिसीमन के दौरान प्रत्येक वार्डो के जनसंख्या ब्लॉक के क्रमांक और उन ब्लॉक में शासन द्वारा घोषित जनसंख्या ब्लॉक की नागरिक संख्या में भारी अंतर देखा जा रहा है . वैसे इस मामले में नगरीय निकायों ने अपनी कार्यवाही सार्वजनिक नहीं की है इसलिए यह मामला अभी तक सुलगा नहीं है . लेकिन निगम की करिवाहयों से यह संकेत भी मिल रहे है कि वार्ड आरक्षण मामला भी विवाद और टकराहट का कारण बनेगा और कई जनप्रतिनिधियों के राजनैतिक धरातल को गड़बड़ाएगा .

राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार , पूर्व में छत्तीसगढ़ के भिलाई, दुर्ग और चरोदा का निगम चुनाव आगामी विधान सभा में होने वाले राजनैतिक फेरबदल का इशारा देने वाला चुनाव साबित हुआ है . विगत चरोदा चुनाव को भाजपा ने इसी दृष्टिकोण से लड़ा था और चरोदा में आरक्षित वर्ग से अपना महापौर बनाया था लेकिन भिलाई मे भाजपा अपनी अंदरूनी टकराहट और निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी का अस्तित्व निगम राजनीति में स्थपित करवाने के चक्कर में हार गई . उल्लेखित है कि पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पांडेय ने निगम चुनावों में किसका समर्थन किया था ? यह निगम चुनाव परिणामों ने साबित कर दिया था लेकिन भाजपा की इसी टकराहट का फायदा तत्कालीन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने बखूबी उठाया और भिलाई के लिए अनजान राजनैतिक चेहरा चुना.  इसी नए चेहरे ने भिलाई निगम में महापौर बनकर,  वर्तमान में विधायक का पद भाजपा के तत्कालीन कद्दावर मंत्री को हराकर छीन लिया .  अब फिर निगम चुनाव आ गए है और इस बार सभी निर्णय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों में है इसलिए आगामी निगम चुनावों में भिलाई चरोदा और रिसाली का महापौर कौन होगा और इस बार कांग्रेस की अंदरूनी टकराहट कितनी नियंत्रित रहेगी ? यह आने वाला समय बताएगा लेकिन एक बात तो तय है कि भिलाई मे स्थानीय लोगों को विगत चुनावों के समान अनदेखा करना कांग्रेस हाई कमान के लिए आसान नहीं होगा .


देहदान की औपचारिकताएं प्रनाम द्वारा उनके घर जाकर सम्पन्न करवाई गई। इस वसीयत में दहदानियों ने मानवता की भलाई के लिए एम्स रायपुर के नाम मरणोपरांत अपना मृत शरीर अध्ययन एवं अध्यापक हेतु दान करने का संकल्प लिया। इस पुनीत कार्य हेतु दहदानियों के परिजन सृष्टि थवाईत और प्रिया ठावरे ने देहदान की वसीयतों में साक्षी के रूप में हस्ताक्षर कर अपना भावनात्मक सहयोग प्रदान किया। 

पूरब टाइम्स दुर्ग। शहर में दीपावली से पहले पूरब टाइम्स पटाखा दुकानों की नियमों की अनदेखी करने वाली दबंगई की शुरूआत हो गई पिछले दिनों पूरब टाइम्स ने ऐसे ही एक पटाखा व्यवसायाी गुप्ता पटाखा के द्वारा नियमों की गंभीरता से अनदेखी करने वाले समाचार का प्रकाशन किया था। पूरब टाइम्स ने समाचार शीर्षक गुप्ता फटाका दुकान, स्मृति नगर मेन रोड, किसके संरक्षण से दबंगाई से नियमों को ताक में रख रहा है से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 

और साथ ही लिखित में दुर्ग कलेक्टोरेट, दुर्ग एसडीएम और साथ ही जोन 1 के आयुक्त सुनील अग्रहरी के पास भी संज्ञान कराया था। जिसके बाद जोन आयुक्त के द्वारा संज्ञान पर ध्यान देते हुए गुप्ता पटाखा के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए 25 हजार का पेनाल्टी लगाई गई। गौरतलब है कि भिलाई के स्मृति नगर मुख्य मार्ग के गुप्ता फटाका दुकान में देखने को मिला कि रोड से लगी इस दुकान के आस पास नाही सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम है।

ना ही नियमानुसार फायर फायटिंग की व्यवस्था, ना ही सोशल डिस्टेसिग का परिपालन करवाया जा रहा है। इस दुकान के आजू बाज़ु भी सटकर दुकानें हैं व पीछे लगा गुआ रिहायशी मकान है. चारों तरफ फायर ब्रिगेड को घूमने के लिये पर्याप्त रास्ता नहीं है और ना ही फायर फाइटिंग की समुचित व्यवस्था. प्रशासन द्वारा दी गई इस खुली छुट से हैरान लोगों ने, गुप्ता फटाका दुकान के खिलाफ पहले भी कई तरह की शिकायते दी गईं थी लेकिन अभी तक किसी भी तरह की कोई कार्यवाही नहीं हुई थी।@GI@



विश्व सिंधी सेवा संगम के  प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज बक्तानि ,प्रदेश सचिव अश्वनी देवानी,भिलाई अध्यक्ष रवि विजवानी, महामंत्री राहुल चेलानी, उपाध्यक्ष संजय कुकरेजा, उपाध्यक्ष राहुल बत्रा, सचिव राकेश सचदेव, सचिव शैलेश बत्रा, सह सचिव विकास होतवानी, कोषाध्यक्ष अंकुर बत्रा, कार्यकारिणी सदस्य दीपक रावलानी आदि उपस्थित रहे।

दुर्ग। मटन मार्केट के पास पार्किंग धनतेरस के दिन से 3 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। वहां पर किसी भी प्रकार की गाड़ी की पार्किंग की व्यवस्था नहीं होगी दीपावली और धनतेरस पर शहरवासियों को जाम से निजात मिलेगी। पब्लिक आसानी से बाजार में प्रवेश कर खरीददारी कर सकेगी। क्योंकि दुर्ग नगर निगम इस दौरान पार्किंग की अलग ही व्यवस्था की गई है।




पूरब टाइम्स, दुर्ग-भिलाई। अभी दीपावली को चार दिन ही शेष बचे है, शहर की थोक फटाका दुकानों में एक माह पहले से दुकानदारों ने फटाकों का स्टॉक तो कर दिया है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन करवाने को लेकर शासन ने जांच अभी शुरू ही नहीं की है। जिसका बेजा फायदा वे दुकानदार उठा रहे हैं. आलम यह है कि दुर्ग-भिलाई के स्मृति नगर में गुप्ता फटाके की थोक दुकान के आस-पास शहरी क्षेत्र शुरू हो जाता है. साथ ही यह एक आवागम वाली सड़के है बल्कि आस पास में पान-सिगरेट की दुकान भी खुली हुई है। जिससे कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है। सालभर खुलने वाले इन तथाकथित फटाका दुकानों पर निरंतर खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि शासन सिर्फ दीपावली के दौरान ही फुटकर दुकानों के लाइसेंस रिन्यू करने व बाजार में अवैध रूप से बिकने वाले फटाके पर ऊंट के मुंह में जीरे के सामान ही कार्रवाई करता है। जबकि गुप्ता फटाका दुकान वाले जैसे लोग या तो अपनी रसूख-पहचान या अपने द्वारा घूसखोरी या फिर प्रशासन की सुस्ती के कारण निर्विघ्न रूप से शासकीय नियमों को ठेंगा दिखाते हुए, जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं. पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट.

भिलाई के स्मृति नगर मुख्य मार्ग के गुप्त फटाका दुकान में देखने को मिला कि रोड से लगी इस दुकान के आस पास नाही सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम है ना ही नियमानुसार फायर फायटिंग की व्यवस्था, ना ही सोशल डिस्टेसिग का परिपालन करवाया जा रहा है. अब शासन प्रशासन के संज्ञान लाने के बाद क्या इसी तरह के अनेक अवैध फटाका व्यवसाय करने वालो के लिए जिला प्रसासन व निगम प्रबंधक उचित कार्यवाही के लिए तैयार है या किसी बड़ी घटना के बाद ही प्रशासन नीद से जागेगा। 
गुप्ता फटाका की दुकान को शहर के रिहायशी क्षेत्र में फटाके बेचने की खुली छूट मिली हुई है। आजू बाज़ु भी सटकर दुकानें हैं व पीछे लगा गुआ रिहायशी मकान है. चारों तरफ फायर ब्रिगेड को घूमने के लिये पर्याप्त रास्ता है और ना ही फायर फाइटिंग की समुचित व्यवस्था. प्रशासन द्वारा दी गई इस खुली छुट से हैरान लोगों ने, गुप्ता फटाका दुकान के खिलाफ पहले भी कई तरह की शिकायते दी गईं थी लेकिन अभी तक किसी भी तरह की कोई कार्यवाही न होना प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाता है ? आलम यह है कि सड़क के ऊपर के मार्ग संकेतक पर अपना नाम पेंट कर , गुप्ता फटाका दुकान , दबंगाई से व्यापार चला रहा है.
यह दुकान पूरे साल भर खुली रहती है परंतु कभी भी किसी भी ग्रहक को जीएसटी वाला बिल प्रदान नहीं किया जाता. इसके अलाव इसके भाव में समय समय पर काफी बदलाव दिखता है. अब यह यक्ष प्रश्न है कि उन रेट के बदलाव व माल के पूरे रिकॉर्ड्स व टैक्स का भुगतान गुप्ता फटका दुकान, जीएसटी विभाग को कैसे करता है ? क्या एक्साइज़ विभाग इनके रिकॉर्ड जांच से फटका फैक्ट्री की एक्साइज़ की भारी चोरी पकड़ सकता है ? 
गुप्ता फटाका दुकान दुर्ग और भिलाई नगर निगम के बॉर्डर अर्थात स्मृति नगर के पास स्थित है। क्या गुप्ता फटाका ने नगर निगम से बिल्डिंग कोड के अनुसार नक्शा पास करवा कर इस तरह के एक्सप्लोसिव शॉप के लिये लाइसेंस लिया है ? क्या नगर निगम के अधिकारी ने इस जगह का मुआयना कर अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया है ? ये सवाल अनुत्तरित है. सूत्रों के अनुसार दोनो नगर निगम अपने क्षेत्राधिकार से बाहर का होने का बहाना बता कर कार्यवाही से बचने का भरसक प्रयास करती रही हैं। फटाका दुकान को सिर्फ नगर निगम ही नहीं पुलिस की कार्यवाही  से भी संरक्षण प्राप्त है क्या ? क्योंकि सड़क पर बेतरतीब पार्किंग व ट्रैफिक जाम की स्थिति भी यहां पर बह्न जाती है. 
फटाका दुकान जिस तरह से फटाका बेचने से संबंधित अन्य नियमों को धता बताकर अपना व्यापार निरंकुश कर रहा है है, उसी प्रकार पार्किंग  से संबंधित नियमों की भी अनदेखी कर रहा है। फटाका लेने आने वाले ग्राहकों के लिए किसी भी प्रकार की कोई पार्किंगकी व्यवस्था यहां पर नहीं की गई। यहां आने वाले ग्राहकों के कारण कई बार सड़क पर गाडिय़ों का लंबा जाम लग जाता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.