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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है





उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की शुरुआत की गई। थानों के उन पुलिस कर्मियों को अवकाश का लाभ मिल रहा है, जो मैदानी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। सिर्फ थानों के पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलता देख यातायात विभाग के जवानों ने भी अवकाश देने की बात रखी। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने साप्ताहिक के स्थान पर मासिक अवकाश देने का फैसला कर इसे शुरू किया। वर्तमान में जिले के यातायात विभाग में करीब 180 जवान पदस्थ हैं और सभी को इसका लाभ दिया जा रहा है।




दुर्ग । मोतीलाल वोरा लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहे, लेकिन उनके गृहनगर दुर्ग की सियायत भी पिछले सात दशक से उनके इर्द-गिर्द ही घूमती रही। त्रिस्तरीय पंचायत से लेकर नगर निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन से लेकर टिकट वितरण तक उनकी दखलंदाजी बनी रहती थी। खासकर दुर्ग जिले में उनकी भूमिका काफी प्रभावी हुआ करती थी।

अविभाजित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, कांग्रेस संगठन में कई उच्च पदों पर होने की वजह से कांग्रेस हाईकमान तक मोतीलाल वोरा की सीधी पैठ थी। राष्ट्रीय राजनीति में लंबे अर्से से दखल होने की वजह से छत्तीसगढ़ राज्य के कांग्रेसी नेता उन्हें तवज्जाो देते रहे। दुर्ग जिले में पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग वोरा निवास में हाजिरी लगाते रहे हैं। अधिकांश लोगों यह मानकर चलते थे कि वोराजी की हामी के बिना न ही चुनाव में टिकट मिल सकता है और न ही संगठन में कोई पद। दुर्ग जिले की सियासत पर नजर डालें तो राज्य गठन के बाद कुछ वर्षों तक जिले की राजनीति में तीन गुटों का दबदबा रहा। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष वासुदेव चंद्राकर, पूर्व विधायक प्रदीप चौबे और मोतीलाल वोरा...। मोतीलाल वोरा ने गुटबाजी को कभी तवज्जाो नहीं देने का प्रयास किया। स्थानीय स्तर पर पार्टी में उभरे असंतोष पर वे कभी ध्यान ही नहीं देते थे। जिले की राजनीति में इसका उन्हें कई बार नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन विरोधियों को जवाब देने का उनका अपना अलग अंदाज रहा है। समय आने पर वे इसका हिसाब-किताब जरूर पूरा कर लेते थे।

कई समर्थकों को दिलाई राजनीतिक पहचान

समर्पण की ताकत ने वोरा को ऊंचाइयों तक पहुंचाया

दुर्ग विधानसभा क्षेत्र से मोतीलाल वोरा के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बिसे यादव भी उनके समर्पित व्यक्तित्व के कायल हैं। बिसे ने कहा कि वे पार्टी ही नहीं आम लोगों के प्रति भी समर्पित थे। समर्पण की ताकत ने ही उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाया। बिसे यादव ने मोतीलाल वोरा के खिलाफ वर्ष 1984 और 1989 में दो बार दुर्ग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। उन्होंने वर्ष 1984 में भाजपा से और वर्ष 1989 से शिवसेना से चुनाव लड़ा था। बिसे ने कहा कि वे अपने काम के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। वे अकूत कार्यक्षमता के धनी थे। इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उनका प्रभाव ही था कि वर्ष 1989 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने किसी भी प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा था।

सिर्फ इतना ही बताना काफी था कि दुर्ग से आया हूं

उन्होंने कहा कि मोतीलाल वोरा जब तक दिल्ली में रहे, दुर्ग शहर अथवा दुर्ग जिले से जाने वालों को किसी भी बात की चिंता नहीं रहती थी। बस उन्हें सिर्फ इतना ही बताना होता था कि मैं दुर्ग से आया हूं। वोराजी तक खबर पहुंचा दो। वोराजी दुनिया छोड़कर चले गए, लेकिन शहरवासियों के जेहन में उनकी यह तस्वीर बसी हुई है। दुर्ग शहर अथवा जिले का परिचय देने के बाद वोराजी के बंगले में रहने वाले कर्मचारी उनसे कोई दूसरा सवाल नहीं पूछते थे। वे सीधे उन्हें बंगले के भीतर ले जाते और वोराजी से मुलाकात करवाने की व्यवस्था में लग जाते। वोराजी उनके आने का कारण पूछते और जो भी मदद अथवा सहयोग करते बनता, वे जरूर करते। उनके इस व्यवहार की चर्चा शहरवासी अक्सर करते रहे हैं।

भिलाई । दुर्ग के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय बेंचप्रेस व डेड लिफ्ट चैंपियनशिप के दौरान रविवार को हुई चाकूबाजी की घटना के बाद सोमवार को वहां पर पुलिस का पहरा रहा। पुलिस की मौजूदगी में महिला वेटलिफ्टरों ने दम दिखाया। वहीं रविवार को हुई घटना में दुर्ग कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

उल्लेखनीय है कि रविवार की शाम को प्रतियोगिता के दौरान हुई चाकूबाजी में बिलासपुर निवासी वेट लिफ्टर व अंतरराष्ट्रीय गोल्ट मेडलिस्ट निसार अहमद व राहुल सारथी घायल हो गए थे। प्रतियोगिता के दौरान गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए दुर्ग और बिलासपुर के खिलाड़ियों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद वहां पर खूनी संघर्ष भी हुआ था। उक्त घटना में दुर्ग कोतवाली पुलिस ने राहुल सारथी की शिकायत पर पद्मनाभपुर निवासी विकास चक्रवर्ती व उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहीं विकास चक्रवर्ती की शिकायत पर निसार अहमद, राहुल सारथी और निखिल दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

दुर्ग। प्रकांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के निधन पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारी का जायजा लेने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू कृषि मंत्री रविंद्र चौबे स्वयं शिवनाथ नदी के मुक्तिधाम दुर्ग में पहुंचे हुए हैं। इस दौरान पूर्व विधायक प्रदीप चौबे प्रतिमा चंद्राकर, दुर्ग नगर निगम सभापति राजेश यादव, आरएन वर्मा गया पटेल भवरलाल जैन आदि उपस्थित थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर ले जाया गया।@GI@


कांग्रेस नेता उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए। वरिष्ठकांग्रेस नेता मो​तीलाल वोरा का सोमवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से देशभर के सियासी गलियारों में शोक की लहर है। वहीं, देशभर के नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।@GI@

बताया गया कि मोतीलाल वोरा का अंतिम संस्कार कल शाम  राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। बता दें कि उनके निधन पर छत्तीसगढ़ शासन ने तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। दिवंगत मोतीलाल वोरा के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने राहुल गांधी कल दुर्ग पहुचेंगे।@GI@


इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ भी दुर्ग पहुंच सकते हैं। दुर्ग मुक्तिधाम में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने मंत्रियों के साथ पहुंचे कल दुर्ग में ही होना है मोतीलाल वोरा का अंतिम संस्कार।@GI@


छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रहने वाले मोतीलाल वोरा कांग्रेस पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली। मोतीलाल वोरा ने कई वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए पत्रकारिता की और बाद में 1968 में राजनीति में प्रवेश किया। इनका राजनीतिक जीवन काफी सफल रहा। अविभाजित मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री रहे। मोतीलाल वोरा ने उत्तरप्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दी। वे लंबे समय तक एआईसीसी के कोषाध्यक्ष भी रहे।



मोतीलाल वोरा 1983 में कैबिनेट मंत्री बने और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त हुए। 13 फरवरी 1985 में मोतीलाल वोरा को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। 13 फरवरी 1988 को मोतीलाल वोरा ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर 14 फरवरी 1988 में केंद्र के स्वास्थ्य परिवार कल्याण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार संभाला। अप्रैल 1988 में मोतीलाल वोरा राज्यसभा के लिए चुने गए। 26 मई 1993 से 3 मई 1996 तक मोतीलाल वोरा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे।

पूरब टाइम्स, दुर्ग। मोहन नगर क्षेत्र में शंकर नगर दुर्गा चौक के पास शुक्रवार रात 8:30 बजे के लगभग एक युवक पर आरोपियों द्वारा धारदार हथियार से हमला कर हत्या की गई थी. शंकर नगर दुर्गा चौक के पास बीती रात एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते विवाद के बाद चाकु से ताबड़तोड़ वार हुआ। 6 आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए 6 आरोपियों में से 3 नाबालिग है और दो सगे भाई है। दिलचस्प बात यह है कि जिस क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया गया था उस क्षेत्र के अब तक गिरफ्तार आरोपियों के साथ ही मृतक निवासी नहीं है।@GI@

एएपी रोहित झा, सीएसपी विवेक शुक्ला ने बताया शुक्रवार 8:30 बजे शंकर नगर दुर्गा चौक के पास शुक्रवार की रात लगभग 8 बजे हुई चाकूबाजी की इस घटना में घायल युवक प्रतीक उर्फ लक्की परिहार (23 वर्ष) की मौत हो गई थी। मृतक आदित्य नगर निवासी था और केटरिंग का काम करता था। आरोपी भी उसके सहयोगी थे। किसी बात को लेकर उनमें विवाद था। जिसके निपटारे के लिए सभी शंकर नगर के दुर्गा चौक के पास इक्कठा हुए थे।@GI@

बताया जाता है कि इस पहले सभी ने शराब भी पी थी। नशे में उनके बीच विवाद हो गया और दर्जन भर से अधिक लोगों ने लक्की पर हमला कर दिया। इसी दौरान आरोपी रवि चंद्राकर ने उस पर चाकू से वार करना प्रारंभ कर दिया। युवक को गंभीर रूप से घायल कर आरोपी मौके से फरार हो गए। जिसके बाद लक्की को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल में दाखिल किया गया। जहां उसकी मौत हो गई।@GI@

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी प्रारंभ की और कुछ घंटों में ही 6 आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस की गिरफ्त में आए 6 आरोपियों में से 3 नाबालिग है। वहीं शिवपारा निवासी रवि चंद्राकर (19 वर्ष) व कृष्णा उर्फ किशन चंद्राकर (23 वर्ष) सगे भाई है। इनके अलावा सिंधी कालोनी निवासी बलकरन उर्फ गोविंद यादव (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।@GI@






पूरब टाइम्स भिलाई ।  भूत के डर से अपने पड़ोसी के घर पर सोना एक दंपती को भारी पड़ गया। दंपती अपने पड़ोसी के यहां सोने के लिए गया था। इसी दौरान रात में किसी अज्ञात आरोपित ने घर में घुसकर आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, मोबाइल और 2600 रुपये नकद चोरी कर लिया। अगली सुबह इसकी जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने जामुल थाना में शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ चोरी की नीयत से भीतर प्रवेश करने और चोरी की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस ने बताया कि विश्वबैंक कालोनी ढांचा भवन हाउसिंग बोर्ड निवासी शिकायतकर्ता प्रेम रंजन कुमार बीते 15 दिसंबर को अपनी पत्नी के साथ घर पर सोया हुआ था। आधी रात किचन में बर्तन और रैक नीचे गिर गया। इसकी आवाज से दोनों काफी डर गए और पूरी रात नहीं सो पाए। अगले दिन 16 दिसंबर की रात वे लोग अपने पड़ोसी मनोज यादव के घर पर सोने के लिए चले गए थे।

17 दिसंबर वो अपनी पत्नी के साथ अपने घर पर गया, तो उसे दरवाजे का ताला टूटा मिला। आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, मोबाइल और नकदी नहीं थे। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता बीईसी कंपनी हथखोज में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर काम करता है। यहां वो किराये पर रहता है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को जानकारी दी है कि कुछ दिनों से रात में उसके घर के बर्तन गिर रहे थे।

इससे वो और उसकी पत्नी काफी ज्यादा भयभीत थे। उन्हें यह लग रहा था कि उनके घर में कोई भूत या प्रेत है। इसलिए वे लोग अक्सर अपने पड़ोसी के घर पर सो जाते थे। बुधवार की रात को भी वे लोग इसी डर से अपने पड़ोसी के यहां सोने चले गए थे। इसी दौरान उनके घर पर चोरी की घटना हो गई। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है।

दुर्ग। आरक्षक ने साथी हवलदार की बेटी से शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। पद्भनाभपुर पुलिस ने नेवई थाने में पदस्थ आरक्षक पुलेश्वर साहू के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। उसने अन्य थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की 23 वर्षीय बेटी से अनाचार किया। पुलेश्वर साहू के खिलाफ युवती की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। 




पूरब टाइम्स , भिलाई . छ.ग. के उच्च न्यायालय ने, नगर निगम भिलाई  द्वारा किये गये नये वार्ड परिसीमन पर लगाये गये आपत्ति के केस के आधार पर पहले परिसीमन पर स्टे दे दिया था. उसके बाद नगर निगम भिलाई प्रशासन की दलीलो से अप्रभावित होकर, उस स्टे को कायम रखा यनि की परिसीमन मामले में नगर निगम भिलाई के द्वारा की गई बड़ी-बड़ी गलतियों को संग्यान में ले लिया. विदित हो कि भिलाई नगर निगम के अनेक विपक्ष भाजपा के पार्षदों व कांग्रेस के नेताओं ने निगम द्वारा परिसीमन के वक़्त बिना सुनवाई एक तरफा निर्णय लेने का विरोध किया था. उनके तत्यात्मक विश्लेषण व आपत्तियों को निगम प्रशासन ने  बिना देखे ताक पर रख दिया था. पूरब टाइम्स ने भी कम से कम 4-5 खबरों में उन आपत्तियों के बारे में छप कर प्रशासन को आगाह कराया था परन्तु  ना जाने किस अधिकारी के अहंकार भरी नाही के चलते , उस मामले पर निगम अपनी मुर्गी की एक टांग दिखा रहा था. अब यक्ष प्रश्न यह है कि इस परिसीमन को फिर से करने व लोकतंत्र की हत्या करने के प्रयास के लिये ( निगम का अपेक्षित चुनाव दिसंबर अंत तक होना था ) किस अधिकारी की ज़िम्मेदारी तय की जाती है ? क्या आयुक्त निगम यह कार्यवाही करेंगे या लोगों की भावना का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार , इस नुकसान की क्षति पूर्ती के लिये किस मनमानी करने वाले अधिकारी पर कार्यवाही करेगी ? पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ....

सर्व विदित है कि भिलाई और रिसाली निगम का चुनाव विधि निर्देशित समय पर नहीं होने वाला है . जिसका कारण भिलाई निगम के अधिकारियों के द्वारा निगम निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली अनियमितता है . वैसे तो वर्तमान में यह मामला न्यायालय के समक्ष है और न्यायालय ने इस मामले में संज्ञान लेकर सुनवाई कार्यवाही को मंजूरी प्रदान कर यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भिलाई निगम के निर्वाचन कार्यवाहियों में अनियमितताओं का भी स्थान है इसलिए इस मामले में अभी फैसला आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि निगम कार्यवाहियों की विधि निर्देशित प्रक्रिया की त्रुटियों को किस अधिकारी ने कारित किया है.  लेकिन कटुसत्य यह भी है कि वर्तमान में इस मामले के कारण भिलाई की जनता अपना निर्वाचन अधिकार अभिप्राप्त करने में विफल हो गई है. इसका जिम्मेदार क्या मंत्री शिवकुमार डहरिया नहीं है ? इस प्रश्न का जवाब कौन देगा?  यह विषय भी अब पहेली बन चुका है और जनता इसका जवाब आगामी निगम चुनाव में जरूर दे देगी.
छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की प्रशासनिक विफलता के कई प्रमाण नगरीय निकायों की विफल कार्यवाहियों के साथ सामने आ चुके है लेकिन विडंबना यह है कि इन मामलों को न्यायालय में चुनौती मिलने के बाद भी नगरीय प्रशासन विभाग मूक दर्शक बनकर नगर निगमों की अनियमितताओं को अनदेखा कर रहा है और प्रदेश सरकार के साथ-साथ भिलाई निगम को भी अपूरणीय क्षति पहुंचाने वाला कार्याचरण कर रहा है. उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव व संचालक की भूमिका इस मामले में बेहद शंकास्पद है क्योंकि ये दोनों पदाधिकारी नगर निगम भिलाई दुर्ग चरोदा व रिसाली की अनियमितताओं का संज्ञान कराए जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं करते हैं और यह भी स्पष्ट करने का पदेन कर्तव्य पूरा नहीं करते है कि इस तरह नियम विरूद्ध गतिविधि को नजरंदाज करने का कारण क्या है ?
छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की प्रशासनिक विफलता के कई प्रमाण नगरीय निकायों की विफल कार्यवाहियों के साथ सामने आ चुके है लेकिन विडंबना यह है कि इन मामलों को न्यायालय में चुनौती मिलने के बाद भी नगरीय प्रशासन विभाग मूक दर्शक बनकर नगर निगमों की अनियमितताओं को अनदेखा कर रहा है और प्रदेश सरकार के साथ-साथ भिलाई निगम को भी अपूरणीय क्षति पहुंचाने वाला कार्याचरण कर रहा है. उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव व संचालक की भूमिका इस मामले में बेहद शंकास्पद है क्योंकि ये दोनों पदाधिकारी नगर निगम भिलाई दुर्ग चरोदा व रिसाली की अनियमितताओं का संज्ञान कराए जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं करते हैं और यह भी स्पष्ट करने का पदेन कर्तव्य पूरा नहीं करते है कि इस तरह नियम विरूद्ध गतिविधि को नजरंदाज करने का कारण क्या है ?

पूरब टाइम्स, दुर्ग। पुलिस अधीक्षक दुर्ग प्रशांत कुमार ठाकुर द्वारा जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों थाना एवं चौकी प्रभारियों की बैठक लेकर संपत्ति संबंधी अपराधों चोरी नकबजनी के प्रकरणों पर नियंत्रण लाए जाने एवं जिन प्रकरणों में आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। ऐसे प्रकरणों में आरोपियों की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तार करने एवं मशरुका बरामद किए जाने हेतु सख्त हिदायत दिया गया।

इसी प्रकार महिला संबंधी चिटफंड के एवं दीगर लंबित अपराधों में त्वरित कार्यवाही कर निराकरण किए जाने के निर्देश दिए गए। वर्षांत में लंबित अपराध एवं चालान का निकाल करने जुआरियों, सटोरियों, कबाडि़ओ ,अवैध शराब, नशे के कारोबार करने वालों, डेरा एवं फेरी वालों पर कार्यवाही कर इस पर पूर्णत: अंकुश लगाए जाने हेतु भी सख्त हिदायत दिया गया। 


मीटिंग में रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दुर्ग, प्रज्ञा मेश्राम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्ग, विवेक शुक्ला नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग, राकेश जोशी नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर, आकाश राव गिरेपुंजे पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पाटन, प्रवीर चंद्र तिवारी उप पुलिस अधीक्षक क्राइम के साथ ही जिले के समस्त थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित थे।@GI@

पूरब टाइम्स ,दुर्ग। राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने आज यह जानकारी दी कि उन्होंने अपने सांसद निधि से दुर्ग शहर के शिवनाथ नदी के पास स्थित शमशान घाट के कायाकल्प के लिए 1 करोड़ की राशि जारी की है. इस सम्बन्ध में उन्होने शिवनाथ नदी मार्गी संघ के पदाधिकारियों से भी बैठक की और उनसे शमशान घाट में किये जाने वाले उन्नयन और विकास के कार्यों पर चर्चा की I  


साथ ही,जनता के लिए मूलभूत सुविधाओ का भी अभाव है. इन्ही सब चीज़ों  को ध्यान  में  रखते हुए वहां के उन्नयन की  योजना बनायीं गयी है. मुक्तिधाम में शवदाह के लिए एक नए शेड का निर्माण किया जाएगा जिसमे  एक साथ 10 शवों के शवदाह  की व्यवस्था होगी. शेड के पास जूते चप्पल रखने स्टैंड भी बनाया जायेगा I साथ ही,पैरों को  शीतलता प्रदान करने के लिए बहते  पानी की भी व्यवस्था होगी I
शेड के पास ही अंतिम संस्कार के क्रियाओं के लिए स्नान हेतु व्यवस्था की जाएगी जिसमे ठण्ड और गर्मी के हिसाब से स्नान की व्यवस्था रहेगी, ठण्ड में वहां गरम पानी भी उपलब्ध रहेगा जिससे परिजनों को कोई तकलीफ न हो. उसके पास ही, अन्य क्रियाओं,जैसे की बाल उतरवाना आदि का स्थान भी नियत किया जायेगा और उसे सुविधापूर्ण बनाया जाएगा. शोकसभा के लिए एक अष्टकोणीय हाल का निर्माण किया जाएगा जिसमे बैठने की भी व्यवस्था रहेगी. इस हाल में मिस्टिक फाउंटेन लगाया जायेगा जो  इसे शीतल रखेगा I



पूरब टाइम्स, दुर्ग। राज्य शासन द्वारा ठगड़ा बांध को दुर्ग शहर का भव्य पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने 14 करोड़ की राशि से विकास कार्य कराए जा रहे हैं जिसके लिए वर्षों से वहां निवास कर रहे लोगों को बोरसी हनोदा रोड स्थित गैलेक्सी हाइट के निकट मोर मकान मोर चिन्हारी के अंतर्गत निर्मित पक्के मकानों में शिफ्ट किया गया है। आवास योजना के नव निर्मित मकानों में ही समस्याएं सामने आने लगी हैं जिसकी शिकायत लेकर रहवासियों ने विधायक अरुण वोरा से गुहार लगाई। 

बस्ती वासियों के आग्रह पर विधायक वोरा ने गरीबों को दिए गए मकानों का निरीक्षण करने पहुंचे। 252 मकानों में से कई मकानों में लगातार पानी रिसने एवं सीपेज की शिकायत सामने आई वोरा ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि जिस तरह कैम्प लगाकर बस्ती वासियों को शिफ्ट कराया गया है उसी तरह जब तक नए मकानों को समस्या मुक्त नहीं कराया जाता व मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं होती गैलेक्सी में अधिकारी कैम्प लगाकर बैठें।

आम जनता की समस्या के निराकरण में ढीला रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नए मकानों में सीपेज आना कहीं ना कहीं गुणवत्ता में कमी व निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग में लापरवाही को प्रदर्शित करता है। उन्होंने महापौर एवं आयुक्त से स्वयं निरीक्षण करने को कहा है। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष अल्ताफ अहमद एल्डरमैन अंशुल पांडेय व पी एम सी अभिषेक मिश्रा मौजूद थे।

भिलाई। भिलाई के ग्राम मनगटा से गनियारी रोड पर एक खलिहान में रखी धान की छह बोरियां चोरी हो गई। किसान को इसकी जानकारी होने के बाद उसने गांव में ही अपने स्तर पर पतासाजी शुरू की। उसे जानकारी मिली कि उसके गांव खुरसुल के ही एक व्यक्ति ने छह बोरी धान चोरी कर अपने घर पर रखा है। पूछने पर आरोपित ने इस बात को स्वीकार भी किया ।

इसके बाद किसान ने पुलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपित को धान चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि ग्राम खुरसुल निवासी शिकायतकर्ता दुग्धे राम साहू ने 27 नवंबर को मनगटा-गनियारी रोड पर स्थित अपने खेत में सरना चावल की फसल बोई थी। फसल तैयार होने के बाद मिंजाई कर 13 बोरी धान को उसने खलिहान में रखा था।

28 नवंबर की सुबह वो दोबारा अपने खलिहान में गया, तो वहां से छह बोरी धान गायब था। उसने गांव के लोगों से पूछताछ की को पता चला कि ग्राम खुरसुल का निवासी शिव कुमार ठाकुर रात मेें शिकायतकर्ता के खलिहान में गया था। इस पर शिकायतकर्ता ने शिव कुमार ठाकुर से पूछताछ की, तो उसने बाइक से धान चोरी करने की बात स्वीकार की, लेकिन उसने धान लौटाने से इनकार कर दिया।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलगांव थाना में शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ चोरी की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपित के कब्जे से बरामद किए गए धान की कीमत साढ़े सात हजार रुपये आंकी गई है।

भिलाई। कोरोना के मरीजों की संख्या में भले ही कमी आई हो, पर खतरा अभी टला नहीं है। लोगों को सजग करने रिसाली निगम के अधिकारी अभियान चला रहे है। अभियान के दौरान नेवई क्षेत्र में संचालित ब्युटी पार्लर में बड़ी लापरवाही सामने आई। राजस्व निरीक्षक अनिल मेश्राम की नजर जांच के दौरान भानुमति टंडन के ब्युटी पार्लर पर पड़ी।

पार्लर में बिना मास्क के महिलाओं को निकलते देख टीम ने पार्लर संचालिका से संपर्क कर जांच करने की बात कही। जांच करने पहुंची टीम पार्लर का नजारा देख भौचक रह गई। छोटे से कमरे में नौ महिलाएं मेक-अप कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार बिना मास्क लगाए कर रही थीं। इस पर निगम के अधिकारियों ने संचालिका से जुर्माना वसूला और महिलाओं को मास्क लगाकर घर से बाहर निकलने की चेतावनी दी।

कार्यवाही करने वाली टीम में निगम के पंकज भगत व अविनाश खुटेल आदि शामिल थे। इसी तरह से नेवई में अभियान चलाने के बाद निगम के अधिकारी स्टेशन मरोदा बाजार क्षेत्र पहुंचे। बाजार में शारीरिक दूरी का पालन नहीं करने पर छह लोगों से जुर्माना वसूल किया गया।

बताते चलें कि कोराना का प्रकोप अभी थोड़ा कम जरूर हुआ है। मगर, इसकी दूसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, ठंड के मौसम में लोगों की इम्यूनिटी वैसे ही कम हो जाती है। ऐसे में लोगों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। निगम के अधिकारी लोगों से मास्क लगाने और शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

भिलाई। नंदिनी रोड पर शराब दुकान के सामने आज लगभग सुबह 10 बजे तेज गति से आ रही मोटर साइकिल सवार ने चर्च से आ रहे एक 14 वर्षीय किशोर को टक्कर मार दी। जिससे यह बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना हो लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर यहां से शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। मिली जानकारी के अनुसार नंदिनी रोड स्थित देशी शराब दुकान के पास 14 वर्षीय क्रिस पिता जय जोसफ को नजदीक के चर्च से प्रार्थना के बाद लौटते समय मोटर साइकिल सवार ने जबरदस्त टक्कर मार दी।

 घटना में बालक क्रिस को गंभीर चोटे आई है और उसे इलाज के लिए चंदूलाल चंद्राकर हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के साथ मोहल्ले के लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए आवाजाही ठप कर दी। छावनी थाना पुलिस सहित महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान के चलते सड़क यातायात बाधित होने का हवाला देकर उसे अन्यत्र हटाये जाने की मांग रखी। पुलिस अधिकारियो ने जिम्मेदार विभाग तक जनभावना को पहुंचाने का आश्वासन दिया। तब जाकर लगभग घंटे भर बाद नंदिनी रोड से प्रदर्शनकारियों के हटने पर यातायात सामान्य हो सका।

भिलाई। उतई थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में अरुण मिश्रा (27 वर्ष) मठपारा दुर्ग और गौतम चक्रवर्ती (64 वर्ष) गया नगर दुर्ग शामिल है। इनसे 15 किलो गांजा बरमद किया गया है। उतई थाना प्रभारी नवी मोनिका पांडेय के मुताबिक दो युवकों के बारे में जानकारी मिली थी कि वे अपने मोटर साइकिल की डिक्की वाली जगह में लगाकर रखे बैग में, गांजे की छोटी-छोटी पुडिय़ा बनाकर बेच रहे हैं।

 वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद आरोपियों को धरदबोचा गया। आरोपियों से 5 किलो गांजा, 2 मोबाइल फोन, पल्सर मोटर साइकिल और बिक्री के 500 रुपए जब्त किया है। जब्त की गई सामानों की कीमत 1 लाख 70 हजार 500 रुपए आंकी गई है। इस कार्रवाई में एएसआई चन्द्रशेखर सोनी, प्रान आरक्षक अश्वनी कुमार, आरक्षक कौशलेंद्र बघेल, नारायण ठाकुर, आकाश तिवारी व रामकुमार चंद्रा की सराहनीय भूमिका रही।