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पूरब टाइम्स, दुर्ग। पूरब टाइम्स, दुर्ग। शासकीय पालीटेक्निक कालेज परिसर दुर्ग में एक करोड़ 90 लाख 19 हजार रुपये की लागत से बालक छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इससे दूरस्थ क्षेत्रों से अध्यापन के लिए आने वाले छात्राओं को हास्टल की सुविधा मिलेगी। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए गुरुवार को दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने भूमिपूजन किया। इस दौरान दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल भी मौजूद रहे।

पूर्व में भी पॉलिटेक्निक कॉलेज में 73 लाख की लागत से 3 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण हेतु विधायक वोरा द्वारा भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ कराया गया था जिसका कार्य प्रगतिरत है। दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने बताया कि दशकों पुराने पॉलिटेक्निक कॉलेज में दूरस्थ क्षेत्रों के सैकड़ों छात्र अध्यन करते हैं। छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है।@GI@

50 सीटर हॉस्टल एवं कैंटीन बन जाने से छात्रों को कॉलेज कैंपस में ही बेहतर आवास व्यवस्था मिल सकेगी जिससे उनके समय की बचत होगी। इस सत्र में तकनीकी शिक्षा मंत्री से पॉलिटेक्निक कालेज की सीटों में वृद्धि करने एवं जीएसटी ऑपेरशन का डिप्लोमा कोर्स प्रारंभ करने बजट मांग भी की गई है जिससे अधिक से अधिक छात्र प्रोफेशनल कोर्स का लाभ प्राप्त कर सकें। 

शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र 6 करोड़ के बोरसी रुआबन्धा मार्ग का भी शुभारंभ करवाया जाएगा। भूमिपूजन के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा, एल्डरमैन अंशुल पांडेय, देव सिन्हा लोनिवि के कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास, एसडीओ चंद्रशेखर ओगरे, उप अभियंता नर्मदा रामटेके सहित कालेज स्टाफ आदि उपस्थित थे।@GI@




वो सड़क किनारे खड़े होकर अपने दोस्त का इंतजार करते हुए मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान केपीएस की तरफ से एक बाइक क्रमांक सीजी-24 पी 2391 में सवार दो युवक वहां पहुंचे। दोनों युवकों ने मुंह पर सफेद रंग का गमछा बांधा हुआ था। वहां पहुंचने के बाद पीछे बैठा बदमाश बाइक से उतरकर आया और शिकायतकर्ता की गाड़ी चालू करके लेकर भाग गया।

पूरब टाइम्स,दुर्ग। स्मार्ट सिटी, स्मार्ट ट्रॉफिक के आवश्यकताओ को देखते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ सुरक्षित परिवहन आज की परम आवश्यकता है इसी उद्देश्य से आज से स्थाई रूप से यातायात कार्यालय गुरुद्वारा चौक नेहरू नगर में आम नागरिकों की सुविधा के लिए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के नये नियमों के अनुसार स्मार्ट (यलो) कार्ड का शुभारंभ किया गया है।@GI@

स्मार्ट यलो कार्ड के माध्यम से सभी वाहन मालिकों के वाहनों का ना केवल सत्यापन होगा। बल्कि इनके वाहन मालिकों के मोबाईल नंबर-पता कि सही जानकारी पुलिस के पास तत्काल आ सकेगी। इससे सुरक्षित परिवहन की आगामी योजना के संचालन में काफी मददगार होगा। यह भविष्य में परिवहन प्रणाली नियंत्रण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। वाहन चालक द्वारा स्मार्ट यलो कार्ड रखने से मूल दस्तावेज(आरसी बुक, वाहन का बीमा,लायसेंस) रखने की समस्या समाप्त हो जाएगी। 

इस कार्ड की सुविधा से आम नागरिक अपने वाहन की बीमा का नवीनीकरण  समय पर कर सकेंगे जिससे दुर्घटना के बाद पीड़ित की समुचित सहायता की जा सकेगी। यह कार्ड ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान दिखाने पर मान्य रहेगा। जिससे विवादों में कमी आयेगी। पुलिस अधिकारी द्वारा वाहन के नंबर से मिलान कर चेकिंग स्थान पर ही सत्यापित कर सकेंगे।  स्मार्ट यलो कार्ड बनाने के लिए 7869696100 इस नंबर पर अपने वाहन के बीमा रजिस्ट्रेशन एवं ड्राइविंग लाइसेंस पर फ़ोटो व्हाट्स कर इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

पूरब टाइम्स, भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में गोयल इंजीनियरिंग के द्वारा सड़क में स्लेग डंप कर आवागमन को बाधित किए जाने की जानकारी निगम प्रशासन को प्राप्त हुई है। फैक्ट्री के सामने के रोड पर दोनो किनारे बड़ी मात्रा में लोहे का स्लेग डंप हो जाने के कारण वहां से आने जाने वालों लोगों एवं वाहनों को काॅफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र में दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।

गोयल इंजीनियरिंग के द्वारा डंप किए हुए स्लेग को तत्काल हटाने निगम प्रशासन ने पत्र जारी किया है, अगर स्लेग शीघ्र ही नहीं हटाया गया तो निगम द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा। जोन 02 की आयुक्त पूजा पिल्ले द्वारा गोयल इंजीनियरिंग को जारी किए नोटिस में फैक्ट्री के सामने रोड में रखे गए लोहे के स्लेग को हटाने का निर्देश दिया गया है। नहीं हटाने पर निगम प्रशासन द्वारा हटाने की कार्यवाही की जावेगी और इसकी व्यय की वसूली गोयल इंजीनियरिंग वर्क्स से की जाएगी। 

पूरब टाइम्स, भिलाई। सेक्टर 1 स्थित उद्यान में जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों से संबंधित प्रदर्शनी का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री ने 12 जनवरी को किया है इसके बाद से आम लोगों के लिए यह प्रदर्शनी अवलोकन के लिए आगामी कुछ दिनों तक रहेगी, जिसे दिन के अलावा रात्रि में भी देखा जा सकता है! सेक्टर 1 उद्यान में भ्रमण के साथ ही प्रदर्शनी का भी अवलोकन कर सकते है। नगर पालिक निगम, भिलाई के द्वारा जनहित के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है। 

शिक्षा, खेलकूद, स्वच्छता का ध्यान रखते हुए मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है। सौंदर्यीकरण की दिशा में शहर के विभिन्न वार्डों में उद्यान, मुख्य मार्गों पर लाइट तो शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए इंग्लिीश मीडियम स्कूल जैसे बड़े कार्य किए गए हैं। टाउनशिप तथा पटरीपार क्षेत्र में वृहद स्तर पर पेवर ब्लाॅक लगाए जा रहे है। बीते पांच साल में निगम प्रशासन द्वारा किए गए विकास कार्यों तथा आगामी योजना की जानकारी के साथ फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है। नवनिर्मित सेक्टर 01 के गार्डन में लगी प्रदर्शनी आगामी कुछ दिनों तक आम लोगों के अवलोकन के लिए रखा गया है।

महापौर देवेन्द्र यादव के कार्यकाल में भिलाई निगम प्रशासन ने कई उपलब्धियां हासिल किए है, सभी क्षेत्रों में निगम प्रशासन का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को आम जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है! इंग्लिश मीडियम स्कूल, खेल के क्षेत्र में निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर खेल मैदान, एस्ट्रोग्रास युक्त फुटबाॅल, बास्केट ग्राउंड, सेक्टर 09 में फुटबाॅल मैदान, हाउसिंग बोर्ड में सर्वसुविधायुक्त क्रिकेट स्टेडियम, सेक्टर 05 में 6 प्रैक्टिस ग्राउंड, जवाहर नगर में स्पोर्ट्स कांपलेक्स, अमृत मिशन के तहत फिल्टर प्लांट, पानी टंकियों का निर्माण। 

खम्हरिया, जुनवानी, प्रियदर्शनी परिसर, मैत्री विहार, कुरूद, श्याम नगर, हाउसिंग बोर्ड, बापूनगर आदि स्थानों पर उद्यान, इसके अलावा महिलाओं के लिए पिंक गार्डन, स्वच्छता सर्वेक्षण में किए गए कार्य, जामुल स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में दशकों से डंप कचरे को खाद में तब्दील करने का कार्य, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत स्लम क्षेत्र के नागरिकों का निःशुल्क जांच व इलाज, डेंगू जैसी महामारी को नियंत्रित करने, डेंगू से बचाव हेतु जागरूकता अभियान, 

आईएचएसडीपी, अटल आवास, वाम्बे आवास, रैश्ने आवास पर रहे परिवारों को मालिकाना हक, मुख्य सड़कों के बीचोबीच स्थित पोल पर रंगीन रोप वे लाइट, पौनी पसारी योजना, गढ़ कलेवा, कोरोना काल में किए गए कार्य, पट्टा में किया गया कार्य, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय, तालाबों के सौंदर्यीकरण कार्य, ओपन जिम, शहीद पार्क, वेस्ट वाटर रीयूज़, सामुदायिक भवन, गोधन न्याय योजना जैसे कार्यों से संबंधित फोटो प्रदर्शनी सेक्टर 01 उद्यान में लगाई गई है जो कि आगामी कुछ दिनों तक के लिए आम लोगों के अवलोकन के लिए खुला रहेगा।

पूरब टाइम्स ,दुर्ग। दुर्ग भिलाई की सीमा पर जेल तिराहा के पास हुडको रेलवे क्रासिंग बार बार बंद होने के कारण जनता को समय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब ओवरब्रिज निर्माण से लोगों को स्कूल, अस्पताल सहित जिला मुख्यालय पहुंचने में ना सिर्फ आवागमन में सुविधा होगी अपितु समय की भी बचत होगी। 37 पिल्लरों पर पूरा स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। प्रकाश व्यवस्था, डामरीकरण एवं रंगाई पुताई का काम भी पूर्णता की ओर है।@GI@

इस 41 करोड़ की लागत से बन रहे ब्रिज निर्माण हेतु पूर्व में तत्कालीन राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा ने भी राज्य एवं केंद्र सरकार से पत्र व्यवहार किया था। लगभग 2 साल में यह निर्माण पूर्ण होने जा रहा है। निरीक्षण में पहुंचे विधायक अरुण वोरा ने लोनिवि ब्रिज विभाग के अधिकारियों से कहा कि अतिशीघ्र कार्य को निष्पादित कराया जाए फरवरी माह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू के हाथों इस भव्य ब्रिज का लोकार्पण करवा के ट्विन सिटी के नागरिकों को समर्पित किया जाएगा।

4 करोड़ के ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरण हो जाने के बाद शहर का प्रवेश स्थल नए कलेवर में नज़र आएगा। अधिकारियों ने वोरा को जानकारी देते हुए कहा कि डामरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है 20 दिनों के भीतर कार्य पूर्ण करवाने का प्रयास किया जाएगा जिसके बाद ब्रिज लोकार्पण हेतु तैयार हो जाएगा। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा एल्डरमैन अंशुल पांडेय ब्रिज विभाग के उप अभियंता आई एल देशमुख मौजूद थे।@GI@

भिलाई। दुर्ग के रिसाली के निवासियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रिसाली निगम के नवीन कार्यालय का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रिसाली निगम में 12 करोड़ 74 लाख रुपये के कार्यों का लोकार्पण तथा 1 करोड़ 59 लाख रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने राजीव गांधी आश्रय योजना एवं मुख्यमंत्री आबादी पट्टा योजना के हितग्राहियों को भूमिस्वामी अधिकार भी सौंपे। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री और वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया भी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर रिसाली निगम में 30 बिस्तर अस्पताल तत्काल आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल को 100 बिस्तर तक विस्तारित किया जाएगा। इसके साथ ही रिसाली में आउटडोर स्टेडियम भी बनाया जाएगा। उन्होंने उद्यान निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी और तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य की भी घोषणा की। बघेल ने कहा कि रिसाली निगम की जरूरतों के अनुरूप नागरिकों के साथ मिलकर उनका फीडबैक लेकर कार्य योजना तैयार की जाएगी तथा कार्य आरंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रिसाली नगर निगम का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। यहां पर सभी जरूरत जैसे अस्पताल, महाविद्यालय सामुदायिक भवन आदि सभी आवश्यकताओं के संबंध में विकास का खाका तैयार किया जा रहा है, रिसाली निगम में जिस तरह से भी मांगे आएंगी उनका परीक्षण कर उन्हें तत्काल स्वीकृत किया जाएगा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार किसानों को सम्मान निधि प्रदान करती है उसी प्रकार राज्य सरकार भी किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से प्रोत्साहन देती है। इस प्रकार से किसानों को दिए गए प्रोत्साहन से व्यापक रूप से कृषि की वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ओडिशा में और तेलंगाना में भी वहां की सरकारें किसानों की सहायता के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करती हैं जिनके माध्यम से किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल पाता है। उसी तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान किसान न्याय योजना भी है। देश में कृषि को बढ़ावा देने ऐसी योजनाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश भर में कोरोना के चलते बारदानों की कमी हुई क्योंकि जूट मिलें बंद थी हमने केंद्र सरकार से लगभग साढ़े तीन लाख गठान मांगे लेकिन हमें केवल अभी तक एक लाख पांच हजार गठान मिल पाए हैं। किसानों को बारदानों की कमी ना हो इसके लिए हमने राइस मिलर्स से बारदाने खरीदें, पीडीएस शॉप से बारदाने लिए। किसानों से अपील की कि वे बारदाने लाए और हमें खुशी है कि काफी हद तक बारदानों का संकट दूर हो सका। राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है कि किसानों को धान खरीदी की व्यवस्था उचित तरीके से मिल सके इसके लिए सोसायटी की संख्या में काफी बढ़ोतरी सरकार ने की। किसानों का संतोष सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भिलाई। मुख्यमंत्री ने आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर दुर्ग-भिलाई के प्रवास के दौरान रिसाली नगर निगम के नवीन कार्यालय भवन का शुभारंभ किया। उन्होंने इस कार्यक्रम में राजीव गांधी आश्रय योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को पट्टों का वितरण किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की : रिसाली में 30 बिस्तर अस्पताल तत्काल प्रारंभ करने की घोषणा, इस अस्पताल को 100 बिस्तरों तक विस्तारित किया जाएगा।

रिसाली में आउटडोर स्टेडियम बनाया जाएगा। उद्यान निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की मंजूरी। तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य भी होगा। जनता से फीडबैक लेकर विकास का संपूर्ण खाका खींचा जाएगा। इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक अरुण वोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

भिलाई। अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर आश्रित परिवार के साथ आदिवासी समाज भी सड़क पर उतर चुका है। भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी कार्तिक राम ठाकुर की दोनों किडनी खराब होने से चार जनवरी को मौत हो चुकी है। अनुकंपा नियुक्ति का ऑफर लेटर नहीं मिलने से नाराज परिवार ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंगलवार को दूसरे दिन भी मुर्गा चौक पर आदिवासी समाज के बैनर तले प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रबंधन विरोधी नारेबाजी की जा रही है।

बीएसपी प्रबंधन ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए समुचित प्रक्रिया परिवार द्वारा नहीं अपनाने की बात बोली। इसलिए नौकरी देने से इन्कार कर दिया गया है। आदिवासी समाज का कहना है कि प्रबंधन के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण आज पीड़ित परिवार को सड़क पर उतरना पड़ा है। मृत कर्मचारी कार्तिक राम ठाकुर ने प्रबंधन को पत्र लिखकर दोनों किडनी खराब होने की जानकारी दी थी। इसलिए अनुकंपा नियुक्ति उनके परिवार के एक सदस्य को दी जाए।

धरना-प्रदर्शन में गोंडवाना गोंड महासभा के जिला अध्यक्ष व रिसाली के पार्षद चंद्रभान सिंह ठाकुर, जंगो लिंगो महिला समाज की अध्यक्ष तामेश्वरी ठाकुर, गोंडवाना महिला समाज सेक्टर-2 की अध्यक्ष शकुंतला राज सिंह, गोंडवाना समाज भिलाई के अध्यक्ष घनश्याम सिंह मंडावी, रिसाली गोंडवाना समाज के अध्यक्ष अशोक कंगाली, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष अविनाश मरकाम, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव देवेंद्र नेताम, कंवर समाज के अध्यक्ष गीतांजलि जयसिंधु, गोंडवाना गोंड महासभा के महासचिव चंदन मंडावी, उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, मंजू ठाकुर, केआरके ध्रुव, समय लाल मरावी, रामचंद्र ध्रुव, कोमल, शुभम, राजा, जीवन, महेंद्र आदि शामिल थे।

दुर्ग। दुर्ग में पुलगांव बस्ती के 15 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित नाबालिग हैं। आरोपित, मृतक युवक को हमेशा चिढ़ाते रहते थे। इस कारण से युवक ने उन्हें गाली दे दी थी। इसी बात का बदला लेने के लिए आरोपितों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपितों ने मृतक के जैकेट के हुड (टोपी) की लेस से ही उसका गला घोंट दिया था। पुलगांव पुलिस ने दोनों अपचारियों के खिलाफ हत्या की धारा के तहत कार्रवाई की है।

उल्लेखनीय है कि रविवार की रात को पुलगांव बस्ती निवासी दानेश्वर साहू उर्फ पप्पू (15) की उसके घर के सामने स्थित शासकीय स्कूल की छत पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक रविवार की रात करीब आठ बजे घर से निकला था और अगले दिन सोमवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसकी लाश मिली थी। पुलगांव पुलिस को इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।@GI@

पुलिस ने संदेह के आधार पर कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ शुरू की थी। पूछताछ में दानेश्वर के दो नाबालिग दोस्तों ने हत्या करने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने बताया कि आरोपितों की उम्र 15 और 17 साल है। दोनों आरोपित, दानेश्वर को हमेशा चिढ़ाया करते थे। इससे गुस्सा होकर दानेश्वर ने रविवार को दोनों को गाली दे दी थी। इसी बात से नाराज दोनों आरोपितों ने दानेश्वर की हत्या की योजना बनाई।


पूरब टाइम्स ,दुर्ग। शहर के स्लम वार्डों से पेयजल, पाइप लाइन लीकेज, साफ सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में कमी की लगातार मिल रही शिकायत के बाद विधायक अरुण वोरा महापौर बाकलीवाल के साथ शहर के वार्डों के औचक निरीक्षण में पहुंचे। वार्ड क्रमांक 1 नयापारा, वार्ड 2 राजीव नगर, बघेरा एवं वार्ड 33, 34 कंडरा पारा में बस्तियों में दौरा कर लोगों से उनकी समस्याओं एवं वार्ड में मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। नयापारा एवं कंडरा पारा में पेयजल एवं साफ सफाई की शिकायत मिलने पर विधायक ने मौके पर ही अधिकारियों को तलब किया। 

वोरा ने कहा कि अमृत मिशन योजना कागजों पर 80 प्रतिशत पूर्ण बताया जा रहा है किंतु जमीनी स्थिति संतोषप्रद नहीं है पेयजल की समस्या किसी भी वार्ड के किसी भी घर मे नहीं होनी चाहिए। पीने के पानी की शिकायत आने पर रैपिड एक्शन टीम बनाई जाए व त्वरित निराकरण किया जाए। किसी भी मूलभूत नागरिक सुविधाओं की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। विधायक व महापौर ने वार्ड 34-35 सरस्वती नगर में बन रहे 35 करोड़ के प्रधानमंत्री आवासों का भी निरीक्षण किया जहां चौपाल लगाकर वार्ड वासियों की समस्याएं सुनी इस दौरान निगम अमला वोरा के निर्देश पर जनशिकायतों को नोट करता रहा।

विधायक व महापौर के आकस्मिक दौरे के जानकारी मिलते ही शहर अध्यक्ष गया पटेल, सभापति राजेश यादव ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार साहू समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसजन भी एकत्रित होते रहे एवं लोगों से मेल मुलाकात की। महापौर धीरज बाकलीवाल ने स्वास्थ्य अधिकारी से साफ सफाई में और अधिक तेजी लाने का निर्देश दिया व अमृत मिशन के कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। इस दौरान पूर्व पार्षद कन्या ढीमर, मनीष यादव, राजकुमार वर्मा एल्डरमेन अंशुल पांडेय, अजय गुप्ता, देव सिन्हा, जगमोहन ढीमर, आनंद कपूर ताम्रकार एवं नगर निगम के कार्यपालन अभियंता मोहन पुरी गोस्वामी, राजेश पांडेय उप अभियंता जगदीश केशरवानी, जितेंद्र समैय्या, प्रकाश थवाने उप अभियंता भीम राव सहित वार्ड वासी मौजूद थे।@GI@

दुर्ग। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देशानुसार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग दुर्ग राजस्व विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम अमलेश्वर में विकसित किए जा रहे कॉलोनियों का निरीक्षण किया गया। स्थल निरीक्षण में पाया गया कि विकासकर्ताओं के द्वारा नियमानुसार अभिन्यास अनुमोदन किए बगैर कृषि भूमि पर अवैध रूप से मार्गों का निर्माण कर भूखंड चिन्हांकित कर भूखंडों का विक्रय किया जा रहा है, जिससे अवैध कालोनियां विकसित हो रही है जिसमें कल्पतरु बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, श्रद्धा विहार एवं बालाजी प्रॉपर्टीज के द्वारा किए जा रहे अवैध विकास व कॉलोनियों की जांच की गई।

तथा अवैध विकासकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी की गई है। कलेक्टर के द्वारा जिले में अवैध विकासकर्ताओं के विरुद्ध कड़ाई से कार्यवाही के सख्त निर्देश प्राप्त है जिसके अनुसार राजस्व विभाग के सहयोग से अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। 

भिलाई । देर रात तक डीजे बजाकर हंगामा कर रहे तीन युवकों ने डायल 112 के एक सिपाही को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर डायल 112 का सिपाही वहां पहुंचा था। आरोपितों ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की कोशिश की, लेकिन सिपाही ने चालक को गाड़ी लेकर भेज दिया।

इसके बाद आरोपितों ने सिपाही से मारपीट की। शिकायत पर वैशाली नगर पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और शासकीय सेवक से मारपीट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे डायल 112 पर सूचना मिली की कैंप-1 आजाद मोहल्ला में चैता मैदान के पास कुछ लड़के तेज आवाज में डीजे बजाकर हंगामा कर रहे हैं। इस पर छावनी थाना के डायल 112 में पदस्थ सिपाही सर्वेश पांडेय व ईआरवी का चालक मंटू साव के साथ वहां पहुंचा।

उसने डीजे बजा रहे आरोपित गोलू उर्फ सूरज व अन्य दो लड़कों को सिपाही ने समझाने की कोशिश की। इस पर आरोपितों ने सिपाही से ही विवाद शुरू कर दिया। तीनों आरोपित डायल 112 की गाड़ी की तरफ बढ़े तो सिपाही सर्वेश पांडेय ने वाहन चालक मंटू साव को गाड़ी लेकर निकलने इशारा किया।

इसके बाद आरोपितों ने सिपाही को दौड़ा-दौड़ाकर उससे मारपीट की। आरोपित गोलू उर्फ सूरज ने अपने हाथ में पहने कड़े से सिपाही के सिर पर मारा। जिससे सिपाही के सिर में गहरी चोट लगी है। वहां मौजूद राहुल सिंह ने बीच बचाव की भी कोशिश की, लेकिन तीनों आरोपितों ने उससे भी मारपीट की। सिपाही सर्वेश पांडेय ने कुछ दूर जाकर वैशाली नगर थाना की पेट्रोलिंग को फोनकर बुलाया। पेट्रोलिंग टीम के पहुंचते ही आरोपित वहां से भाग गए।

दुर्ग । कुछ दिन बाद वर्ष 2020 चला जाएगा। 2021 का आगाज होगा। नव वर्ष की खुशी का इजहार करने के लिए दुर्ग जिलेवासी जिले और आसपास के स्थलों पर जाएंगे। जिले के इर्द-गिर्द पर्यटन, धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ जुटेगी। साथ ही लोग कोरोना महमारी की वजह से नववर्ष की विशेष तैयारी भी नहीं कर रहे है। इसके लिए लोग सुबह जाकर शाम तक लौटने को प्राथमिकता दे रहे हैं।


ट्विनसिटी के साथ ही दुर्ग जिलेवासी बड़ी संख्या में नववर्ष का जश्न मनाते है। शहर के सितारा होटलों के साथ ही पब, लान, पार्टी हाल और बड़ी कालोनियों में भी नववर्ष का जश्न मनाया जाएगा। जानकार बता रहे है कि इस बार हर वर्ष के मुकाबले कोरोना की वजह से नववर्ष का जश्न फीका रहने वाला है, क्योंकि कोरोना के साथ ही उसकी दूसरी लहर से लोग भयभीत हैं। साथ ही शहर के बड़े होटलों और समूहों द्वारा बालीवुड से लेकर कई क्षेत्र की हस्तियों को भी नववर्ष के लिए आमंत्रित किया जाता रहा है, किंतु इस बार ट्विनसिटी के किसी भी प्रतिष्ठान, संस्थान या समूह द्वारा भव्य आयोजन नहीं किया जा रहा है।


ट्विनसिटीवासी नव वर्ष के लिए पर्यटन स्थल के साथ ही धार्मिक स्थलों की ओर ज्यादा जाने की बात कह रहे हैं। इसके लिए दुर्ग जिला और आसपास के केंद्र में होटलों के अपेक्षाकृत भीड़ रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसमें सबसे प्रमुख है शिवनाथ नदी स्थित महमरा एनीकट, जहां लोग शिवमंदिर में पूजा करने के साथ ही नदी का नजारा देखने जाते हैं। इसके साथ ही चरोदा स्थित प्राचीन शिवालय देवबलौदा में भी लोग नववर्ष के मौके पर जुटने की बात कह रहे हैं। साथ ही प्रदेश के सबसे बड़ी चिड़ियाघर मैत्रीबाग में भी नव वर्ष पर अच्छी-खासी रौनक होती है। वहीं सगनीघाट, मनगट्टा और पहाड़ीपाट जैसी कई प्रमुख स्थल शामिल हैं।

भिलाई। भारतीय इस्पात प्राधिकरण-सेल से जुड़े युवा प्रबंधकों का एक बैच तैयार हो गया है। प्रबंध प्रशिक्षणार्थी (तकनीकी) के रूप में युवा प्रबंधकों की पदस्थापना भिलाई इस्पात संयंत्र में की गई है। इनकी प्रारंभिक ट्रेनिंग के बाद ये युवा प्रबंधक अपने पदस्थ विभागों में कार्यभार संभालेंगे। युवा इंजीनियर देश के विभिन्ना कोने से भिलाई आए हैं। इन्हें सेल की प्रतिष्ठा तथा बीएसपी की कार्यसंस्कृति व भिलाई की आबोहवा ने मोहित कर लिया है। इन युवा प्रबंधकों ने सेल और भिलाई इस्पात संयंत्र के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।


ओडिशा की लिप्सामयी शंखुआ आइएसएम धनबाद से जियोलाजी में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। नृत्य व गायन की शौकिन शंखुआ कहती हैं कि सेल जैसे बड़े महारत्न कंपनी में मौका मिला। सेल में काम करने की जो आजादी है, वह आपको कुछ बेहतर कर दिखाने के लिए प्र्रेरित करेगी। सेल में काम का एक अच्छा माहौल है जो युवा प्रबंधकों को सीखने का अवसर प्रदान करेगी।


भिलाई के आबोहवा में पले-बढ़े आदित्य राणे की तीन पीढ़ियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र में अपनी सेवाएं दी है। राणे की प्रारंभिक शिक्षा भिलाई में हुई और उन्होंने नेशनल फायर सर्विस कालेज नागपुर से फायर इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री पूर्ण की। राणे बताते हैं कि भिलाई के वर्क कल्चर की तारीफ सुनते हुए बड़ा हुआ हूं और यहीं से मुझे प्रेरणा मिली कि मैं भी सेल परिवार का हिस्सा बनूं। भिलाई में सीखने-सिखाने का एक कल्चर है।



आइआइटी वाराणसी (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) से सिरेमिक इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त शुभम कार्तिकेय बाक्सिंग का शौक रखते हैं। शुभम बताते हैं कि मेन्युक्चरिंग सेक्टर में सेल स्टील की अपनी प्रतिष्ठा है। देश के विकास में सेल की अहम भूमिका है। रक्षा क्षेत्र से लेकर निर्माण क्षेत्र तक सेल की एक वैश्विक पहचान है। यहां पर आपरेशनल प्रबंध में सीखने के साथ करियर ग्रोथ का भी बड़ा स्कोप है।



इन युवा प्रबंधकों में शामिल लखनऊ निवासी सचिन पाल ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आइएसएम धनबाद से जियोलाजी में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। बैडमिंटन खेलने व फिल्म देखने के शौकिन पाल बताते हैं कि सेल जाब सेक्यूरिटी के साथ-साथ सोशल सेक्यूरिटी प्रदान करता है। भिलाई की हरियाली वाकई मन को सुकून पहुंचाती है। भिलाई के लोग बेहद ही खुशमिजाज व मददगार हैं। ज्वाइन करने से पहले भिलाई का नाम सुना था। आज इसे पास से देखने का मौका मिला।

दुर्ग   जिंदगी की यही रीत है ,हार के बाद ही जीत है गीत की ये पंक्तियां मतवारी की जागृति साहू पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। जिन्होंने शिक्षिका बनने की चाहत पूरी न होने के बाद फिर से कोशिश की हारने के बाद फिर उठीं और तय किया नया रास्ता और जीत भी हासिल की । पति का साथ और प्रोत्साहन मिला और 2 साल में जागृति साहू को मिला दुर्ग की ‘‘मशरूम लेडी’’ का खिताब। सफर आसान तो नहीं था मगर खुद को साबित करने के जुनून में जागृति ये मंजिल पाई है। सीईओ जिला पंचायत श्री सच्चिदानंद आलोक ने उनके काम को देखकर यह उपमा उन्हें दी है।

पति और बेटी को पसंद था मशरूम खाना,इसलिए शुरू किया उत्पादन- जागृति साहू बीएससी और एमए पास हैं। इसलिए उनकी इच्छा थी कि नौकरी करें। जागृति बताती है कि शिक्षाकर्मी के लिए चयनित होने के बाद भी कुछ तकनीकी कारणों से जागृति का शिक्षिका बनने का सपना अधूरा रह गया था। वह कुछ उदास  रहने लगी थी । लेकिन कहते हैं ना जिंदगी ठहरने का नाम नहीं है। जागृति बताती है कि उनके पति और बच्ची को मशरूम खाना बहुत पसंद था। सप्ताह में करीब दो से तीन बार उनके घर मशरूम जरूर आता था। वे 200 रुपए प्रति किलो में मशरूम खरीदा करतीं।

एक दिन उनके पति ने कहा कि घर पर यूं ही खाली बैठने से अच्छा क्यों ना वह मशरूम का उत्पादन शुरू करें। जागृति को ये आइडिया जम गया पति की प्रेरणा के बाद उन्होंने मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लेने की सोची। जागृति पढ़ी लिखी तो थी हीं और लगन की पक्की भी। जब उनको पता चला कि जिला पंचायत द्वारा बिहान कार्यक्रम के तहत स्व सहायता समूह की महिलाओं को उनकी इच्छा अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वह स्वरोजगार की स्थापना कर सकें। उन्होंने मशरूम उत्पादन का  प्रशिक्षण लेने की इच्छा व्यक्त की 2018 में पहले पीएनबी से 3 दिवसीय और देना बैंक के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 दिवसीय प्रशिक्षण लिया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा शुरुआत में 5 हजार रुपए से मशरूम उत्पादन शुरू किया। फिर बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज के माध्यम से 99 हजार रुपए का ऋण मिला।

जिसमें से 50 हजार रुपए से उन्होंने अपनी मशरूम उत्पादन की यूनिट को बड़ा रूप दिया। बाकी के रुपए समूह की महिलाओं को कृषि कार्य के रूप में ऋण के रूप में दिया। जागृति न केवल खुद काबिल बनी बल्कि मतवारी गांव की दूसरी महिलाओं को भी उन्होंने अपने काम से जोड़ा। आज घर बैठे महिलाएं अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं।

अपनी मेहनत से गायत्री स्व सहायता समूह ने मशरूम उत्पादन कर 2 साल में 6 लाख रुपए कमाए - जागृति साहू बताती है  कि उनके समूह में 12 महिलाएं हैं वर्ष 2018 से लेकर अब तक उन्होंने 6 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की है। इस साल उनके इस समूह द्वारा 2 लाख 20 हजार रुपए का मशरूम बेचा गया है। जागृति ने बताया कि बताया कि मशरूम में लागत का दोगुना फायदा होता है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से  120 रु. प्रति किलो में मशरूम के बीज खरीदती हैं और 1 किलो बीज से 10 किलो मशरूम का उत्पादन होता है। सभी खर्चे निकाल कर भी अच्छी आमदनी हो जाती है।


बता दें कि श्री शंकराचार्य महाविद्यालय, जुनवानी भिलाई के छात्र आदित्य घोष का चयन 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में एनसीसी के तरफ से हुआ है। आदित्य घोष एनसीसी के 37 बटालियन दुर्ग की तरफ से प्री आरडीसी कैंप भोपाल में आयोजित एक महीने के कैंप में प्रशिक्षण लेने के बाद दिल्ली आरडीसी के लिए चयन हुआ है। यह जानकारी देते हुए आदित्य घोष शहर के व्यवसायी मोनीदीपा घोष और जाय घोष ने बताया कि आदित्य बचपन से ही सेना में अफसर बन कर देश की सेवा करने का एकमात्र लक्ष्य निर्धारित कर चुका हैं।



दुर्ग  मजबूत इच्छा शक्ति हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं हैये साबित किया है पाटन ब्लॉक के महकाखुर्द की महिलाओं ने । वर्ष 2013 में सेलूद के पास महकाखुर्द गांव की कुछ महिलाओं ने गरिमा स्व-सहायता समूह का गठन किया। शुरुआत में थोड़े-थोड़े रुपए जमा करने का काम किया जाता थाताकि जरूरत पड़ने पर समूह की किसी महिला को लोन के रूप में रुपए प्रदान की जा सकेइससे महिलाओं में बजत की आदत विकसित हुई। लेकिन समूह की गतिविधि इतने में ही सीमित होकर रह गई थी। गांव के खेतों में रोजी मजदूरी कर थोड़े बहुत रुपए कमा लेती थी। 

जनपद पंचायत के माध्यम से मिला प्रशिक्षण और बैंक से उपलब्ध कराया गया 2 लाख रुपए के लोन- समूह की अध्यक्ष द्रौपदी देवांगन ने बताया कि जब उन्होंने ये काम सीखने की इच्छा जताई तो जनपद पंचायत पाटन के द्वारा इच्छानुसार प्रशिक्षण दिलवाया गया। गरिमा स्व-सहायता समूह को चेन लिंक फेंसिंग बनाने का प्रशिक्षण दिया गयाफिर इसके बाद बैंक लिंकेज के माध्यम से इस समूह को सिर्फ 1 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध कराया गया। 

अपनी कड़ी मेहनत से लिए गए ऋण का एक लाख रुपए लौटा भी चुकी हैं महिलाएं- समूह की कोषाध्यक्ष नूतन यादव बताती हैं कि गरिमा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने दिन-रात मेहनत कर आधे ऋण की अदायगी भी कर दी है। समूह ने अब तक करीब ढाई लाख रुपए का कच्चा माल खरीदा है। बाजार के रुख के अनुसार लोहे के तार की कीमत होती है 45 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से तार खरीदते हैं। जाली बनने के बाद 60 से 65 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री हो जाती है। 


मार्ग अवरुद्ध करने के बाद पहुंची उतई पुलिस द्वारा अफसरों से बात करने व हल निकालने का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ। वहीं सोमवार की सड़क दुर्घटना के बाद फूंडा के लोगों ने भी रास्ता बंद कर दिया था। दोनों गांव के लोगों को बुलाकर एसडीएम ने खदान संचालकों के साथ बैठक कर रास्ता निकाला। क्षेत्र के सेलूद, चुनकट्टा, मुड़पार, पतोरा, परसाही, गोड़पेंड्री, छाटा, ढौर, अचानकपुर में दर्जन भर से अधिक चूना पत्थर खदान संचालित है।

खदान संचालकों द्वारा मनमानी पूर्वक हैवी ब्लास्टिंग की जाती है। इससे पूरा गांव ब्लास्टिंग के कंपन व धूल से परेशान रहता है। इसी से तंग आकर गोड़पेंड्री के ग्रामीणों द्वारा टेंट लगाकार खदान प्रवेश मार्ग पर जाने वाली गाड़ियों को रोक दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही साथ घर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है।


जैसे ही सड़क जाम करने की खबर एसडीएम को मिली तो उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों के प्रतिनिधि के रूप में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं खदान संचालकों को पाटन बुलाया। पाटन में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष शर्मा भी मौजूद रहे। सभी की सहमति से यह तय हुआ कि जब तक सड़क निर्माण नहीं हो जाता तब तक धूल व डस्ट न उड़े इसके लिए सड़क पर रोज पानी का छिड़काव किया जाएगा।

इसके अलावा खदान संचालकों से भी कहा गया कि वे वाहन की गति को घनी आबादी क्षेत्र में धीरे करवाएं जिससे दुर्घटना ना हो। बैठक में एसडीएम विनय पोयम के साथ ही ग्राम पंचायत फूंडा एवं गोंडपेंड्री व छाटा के भी सरपंच मौजूद रहे। ज्ञात हो कि ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग से दर्जनों वाहन चलते हैं, इस कारण यह मार्ग काफी व्यस्त मार्ग है। खदानों से गिट्टी, डामर फैक्ट्री से डामर एवं सीमेंट फैक्ट्री से सीमेंट लेकर यहां पर वाहन आते जाते हैं।


भारी वाहनों के आने-जाने के कारण इस स्थान पर इससे पहले भी कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। इसी स्थान पर कुछ माह पहले एक गांव के ही बुजुर्ग का ट्रक से कुचलकर मौत हो गई है। वहीं इसके पास में ही कुछ ही दूरी पर एक युवक की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। अंधे मोड़ होने के कारण और भारी तेज रफ्तार से चलने के कारण यहां पर हमेशा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। इस कारण से भी ग्रामीण काफी भयभीत हैं।


दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा दुर्ग द्वारा मात्स्यिकी के क्षेत्र का पालीटेक्निक खोला जा रहा है। यह महाविद्यालय दुर्ग जिले में आकार लेगा, जो छत्तीसगढ़ का एकमात्र मात्स्यिकी के क्षेत्र का पालीटेक्निक महाविद्यालय होगा। इस महाविद्यालय के खुल जाने से पशु पालन और कृषि संबंधी क्षेत्रों का विकास तो होगा ही। साथ ही इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा। साथ ही तकनीकी तौर पर इस क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों को लाभ होगा, विकास होने की बात भी विषय विशेषज्ञों द्वारा कही जा रही है।


कामधेनु विश्वविद्यालय से संबद्ध छत्तीसगढ़ के पहले मात्स्यिकी पालीटेक्निक में आगामी वर्ष में पढ़ाई आरंभ कर दी जाएगी। इसके लिए दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम राजपुर में आकार लेगा। इसमें कुल 30 सीटों पर प्रवेश मिलेगा। मात्स्यिकी डिप्लोमा में प्रवेश के लिए कक्षा बारहवीं में जीव विज्ञान विषय का होना अनिवार्य है। मात्स्यिकी पालीटेक्निक में प्रवेश के लिए अन्य अर्हताएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती हैं।

मात्स्यिकी पालीटेक्निक डिप्लोमा की कोर्स अवधि दो वर्ष है इसमें मात्स्यिकी से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विषय को संक्षिप्त में पढ़ाया जाएगा एवं इनका प्रायोगिक कौशल विकास के साथ-साथ उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। मात्स्यिकी पालीटेक्निक डिप्लोमा का मुख्य उद्देश्य स्थायी एक्वा कल्चर के लिए लघु और सीमांत कृषकों को तकनीकी सहायता प्रदान करके जलीय कृषि उद्योग का समर्थन करने के लिए क्षेत्र स्तर के तकनीशियनों का विकास करना है।



मात्स्यिकी डिप्लोमाधारियों को निजी क्षेत्रों में जैसे फिश फार्म, फीड कंपनी, हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, फिस मार्केटिंग इत्यादि में रोजगार के अनेक संभावनाओं का द्वार खुल जाएगा। इसके साथ-साथ डिप्लोमा धारी अपना स्वयं का फिश फार्म सीड प्राडक्शन यूनिट, ओर्नामेंटल यूनिट फिश प्रोडक्ट यूनिट इत्यादि जैसे स्वरोजगार प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।