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जिला अस्पताल के टेलीमेडिकल कक्ष से की गई जूम कॉन्फेसिंग में दुर्ग विधायक अरुण वोरा, सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंग ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. बालकिशोर की उपस्थिति में रोटरी क्लब भिलाई ग्रेटर के दिलीप गोलछा, मनोज जैन ,मधुर अग्रवाल, व भूत पूर्व अध्यक्ष मलय जैन,मधुर चितलांग्या, प्रवीण तिवारी, सचिव श्रीकांत अग्रवाल व रोटरी के अन्य सदस्यों ने 10 आईसीयू बेड के उपकरण मल्टी पैरा- मॉनिटर, पीपीई किट, व फेस मास्क, जिनकी लागत लगभग 25 लाख रुपए थी, जिला अस्पताल दुर्ग को हस्तांतरित किया. इस शानदार वर्चुअल कार्यक्रम का बेहतरीन ढंग से संचालन रोटरी क्लब भिलाई ग्रेटर के अध्यक्ष दीप गोयल ने किया व उनकी मदद डीजीएन शशांक रस्तोगी ने की।

पूरब टाइम्स,दुर्ग। रोटरी क्लब भिलाई ग्रेटर व रोटरी क्लब भिलाई पिनाकल के तत्वावधान में रविवार को सुबह 11 बजे टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के जरिये, दुर्ग जिला अस्पताल के टेली मेडिकल हॉल से वृहद चर्चा हुई व रोटरी इटरनेशनल के ग्लोबल ग्रांट प्रोजेक्ट के तहत, दुर्ग जिला अस्पताल को 10 आईसीयू बैड के लिए उपकरण हस्तांतरित किये गए .इस ट्रेलिकॉन्फ्रेंसिंग के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव थे और विशेष अतिथि राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा थे। इस ट्रेलिकॉन्फेसिंग में अन्य विशेष अतिथि रोटरी के डिस्टिक गवर्नर एफ सी मोहंती, डीजीई सुनील पाठक, डिगीएन शशांक रस्तौगी व रोटरी क्लब के अन्य उच्चाधिकारी थे।

इस कार्यक्रम में दुर्ग के विधायक अरुण वोरा ने कहा कि रोटरी क्लब की यह पहल न सिर्फ मरीजो की जान बचाएगी बल्कि अन्य लोगो को भी इस तरह के अच्छे काम करने की प्रेरणा देगी. कार्यक्रम के विशेष अतिथि राजसभा सांसद विवेक तन्खा ने बताया कि रोटरी क्लब स्वास्थ्य के मामलों में शासन प्रशासन की मदद करने सदा तत्पर रहती है. मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र में कई ब्लड बैंक स्थापित किए. उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया कि रोटरी क्लब की मदद से सरकार, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में ऑक्सीजन कॉंसेंट्रेटर बैंक लगाने की पहल करे. 

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने आश्वासन दिया कि छ.ग. सरकार रोटरी क्लब के सहयोग से मेडिकल क्षेत्र में कार्यक्रम जरूर करेगी। कार्यक्रम में रोटरी क्लब के अन्य उच्चाधिकारियों ने भी अपनी बात रखी व बताया कि किस तरह से इस ग्लोबल ग्रांट प्रोजेक्ट के लिए की तैयारी की गई. जिन सम्माननीय जनो ने विचार रखे वे थे, एफसी मोहंती, दीपक मेहता, हरजीत सिंग हुरा, शशांक रस्तोगी. कार्यक्रम के अंत मे रोटरी क्लब पिनाकल भिलाई की अध्यक्षा अनुभा जैन ने सुव्यवस्थित तरीके से अपनी बात रखी. पूरे कार्यक्रम को संचालित करने में दीप गोयल व दिलीप गोलछा ने प्रमुख भूमिका निभाई।

पूरब टाइम्स दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देशानुसार कातुलबोर्ड सड़क किनारे अवैध रुप से तिरपाल बांधकर, ठेला, खोमचा लगाकर व्यवसाय करने वालों को हटाने की कार्यवाही की गई । कार्यवाही के दौरान भवन अधिकारी प्रकाशचंद थवानी, तहसीलदार  दुर्गा साहू, सहायक भवन अधिकारी गिरीश दीवान, भवन निरीक्षक विनोद मांझी, एवं अतिक्रण दस्ता के कर्मचारी जेसीबी के साथ मौजूद थे ।  

आयुक्त श्री मंडावी से कातुलबोर्ड क्षेत्रवासियों ने सड़क किनारे अतिक्रमण कर ठेला, खोमचा लगाये जाने वाले अतिक्रमण अवैध कब्जा को हटाने की मांग की गई थीं इस संबंध में भवन अधिकारी द्वारा संबंधितों को स्वयं अतिक्रमण हटाने नोटिस दिया गया था। परन्तु अवैध कब्जाधारियों अमीर खान, कालू पाटकर, सुनीता हरपाल, एवं अन्य ने अपना अतिक्रमण नहीं हटाया था। आज आयुक्त के निर्देश पर कार्यवाही कर अतिक्रमण हटाया गया । इस मौके पर मोहन नगर थाना पुलिस ए.एस.आई भीखम साहू, नवीन यादव, ओम प्रकाश देशमुख रोशनी ठाकुर आदि उपस्थित थे । 

पूरब टाइम्स दुर्ग। नगर निगम क्षेत्र में पटरी पर स्थित जवाहर नगर में अजंता टाइल्स के पास 10 फ़ीट लंबा 25 वर्ष पुराना 400 एमएम डाया का सीआई पाइप फटने से प्रातः आस पास के क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई थी जिसकी शिकायत विधायक अरुण वोरा एवं महापौर धीरज बाकलीवाल तक पहुंची। पाइप फटने से शहर की आधी आबादी पेयजल से वंचित हो गई कई क्षेत्रों में नल नहीं खुल सका। पीने के पानी की बर्बादी को रोकने के लिए 24 एमएलडी फ़िल्टर प्लांट को बंद करवा कर आवश्यक सेवा के तहत तत्काल मरम्मत कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। विधायक वोरा ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु और नौतपा को देखते हुए किसी भी वार्ड में जल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। तीन नवीन पानी टंकियों के प्रारंभ होने के बावजूद आमजनों को पानी के लिए भटकाव उचित नहीं है। अमृत मिशन के अंतर्गत नई पाइप लाइन के साथ ही पुरानी पाइप लाइन की भी लगातार मोनिटरिंग की जाए व आम जनों द्वारा फोन पर शिकायत मिलने पर तत्काल कार्यवाही की जाए ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल की समस्या ना हो। महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि लीकेज सुधार का कार्य प्रारंभ करवा दिया गया है जनता को जल संकट से जल्द ही निजात मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को पानी की आपूर्ति निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। इस दौरान पार्षद देव नारायण चंद्राकर, निर्मला साहू, शंकर ठाकुर, उषा ठाकुर, अल्ताफ अहमद एल्डरमैन राजेश शर्मा, हरीश साहू मौजूद थे।

पूरब टाइम्स, भिलाई। छत्तीसगढ़ की उद्योग नगरी भिलाई में हाईप्रोफाइल धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. सिंप्लेक्स कास्टिंग कंपनी की डायरेक्टर संगीता केतन शाह के साथ 87 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की वारदात हुई है. डायरेक्टर संगीता केतन शाह सुपेला थाने में 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराई है. आरोप लगा है कि सिंप्लेक्स कंपनी को घाटा से उबारने के लिए प्रलोभन देकर आरोपियों ने कंपनी पर कब्जा कर धोखाधड़ी की है.

जानकारी के मुताबिक सिंप्लेक्स कास्टिंग कंपनी रायपुर के उरला में स्थित है. जब कंपनी घाटे में चल रही थी, तब कोलकाता की कंपनी के 13 डायरेक्टरों ने सिंप्लेक्स की एक यूनिट को खरीदने का झांसा दिया. डायरेक्टर उनके झांसे में आ गई. 2019 में दोनों कंपनी के बीच 87.5 करोड़ रुपए में एग्रीमेंट हुआ था. कोलकाता की कंपनी ने 62 करोड़ रुपए देने के बाद सिंप्लेक्स के साथ नाता तोड़ दिया. बकाया राशि दिए बगैर ही आरोपियों ने यूनिट को अपने नाम करा लिया था. आरोपियों ने उसी के बेस पर 50 करोड़ रुपए का इंटरनेशनल बैंक से लोन लिया था.

सिंप्लेक्स कास्टिंग कंपनी की डायरेक्टर संगीता केतन शाह सुपेला थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. जिसमें 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने टेक्समैको रेल एंड इंजीनयिरिंग लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर्स सरोज कुमार पोद्वार, अक्षय पोद्वार, अमल चंद्र चक्रवर्ती, उत्सव पारेख, सुनील मित्रा, कार्तिकेयन देवरायपुरम रामासामी, दामोदर हजारीमल केला, अशोक कुमार विजय, इंद्रजीत मुखर्जी, वीरेंद्र सिंहा, मृदृला झुनझुनवाला, आशीष कुमार गुप्ता, रूषा मित्रा पंजीकृत कार्यालय बेलघरिया उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 34, 420 और 406 के तहत केस दर्ज किया है. 

पूरब टाइम्स,दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जिला अस्पताल के कोविड सेंटर की एक तस्वीर सामने आयी है. इस तस्वीर में पार्किंग के बाहर फेका हुआ यूज किया हुआ पीपीई किट,ग्लब्स,मास्क व अन्य मेडिकल वेस्ट को तस्वीर में आप साफ देख सकते है. यह तस्वीर अप्रैल माह की है. दुर्ग जिले के शासकीय अस्पताल में इस्तेमाल की गयी पीपीई किट खुले में फेंकी गई.@GI@

नियम के अनुसार इस्तेमाल करने के बाद पीपीई सूट और ग्लब्स नष्ट किए जाते हैं ताकि इनके ज़रिए किसी और को संक्रमण न फैले. ये सामान बायो मेडिकल वेस्ट के अंतर्गत आता है. इन्हें नियम के अनुसार नष्ट किया जाता है. कोरोना संक्रमण के तेज़ी से फैलने के बाद भी लोग मान नहीं रहे. अगर ये गैर जिम्मेदाराना रवैया खुद स्वास्थ्य विभाग करे तो क्या कहा जाए.जिला अस्पताल में इस्तेमाल की गयी पीपीई किट ज़िला अस्पताल के बाहर खुले में फेंक दी गयी हैं.@GI@

कोविड 19 की रोकथाम के लिए सरकारी स्तर पर जी-तोड़ प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जनता और ज़िम्मेदार लोग ही इसमें पलीता लगा रहे हैं. बात अगर स्वास्थ्य महकमे की हो तो कौन किसे समझाए. दुर्ग का स्वास्थ्य महकमा इन सभी प्रयासों पर पानी फेरता नज़र आ रहा है. अस्पताल परिसर और बाहर इस्तेमाल की गयी पीपीई किट खुले में फेंक दी गयी हैं.@GI@

पीपीई किट का सामान खुले में पड़े होने के कारण इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है. इसे कुत्ते घसीट रहे हैं. खुला रास्ता होने के कारण यहां से गुजरने वाले लोग इसके संपर्क में आ रहे हैं. पार्किंग के लोगों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से भी नहीं की है.गाइड लाइन के मुताबिक यूज्ड पीपीई किट बायो मेडिकल वेस्ट के अंतर्गत आता है. नियम और निर्देश यही है कि इसके इस्तेमाल के बाद पूरी किट का सामान काले पॉलीथिन में बंद कर इसे इंसिनिरेटर में नष्ट करने के लिए भेजा जाना चाहिए.@GI@

पूरब  टाइम्स ,दुर्ग। कोरोना महामारी को फिर से बढ़ने से रोकने के लिए जिला दण्डाधिकारी डाॅ.सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे द्वारा जिले में शाम 06ः00 बजे से प्रातः 06ः00 बजे तक पूर्ण लाॅकडाउन लगाया गया है. लाॅकडाउन का आम नागरिकों से पालन कराने के लिए यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा शाम 06ः00 बजे के बाद घूमने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध 32 फिक्स पाइंट लगाकर कार्यवाही की गई.

जिसमें यातायात पुलिस की 16 पाइंट एवं थाना के 16 फिक्स पाइंट बनाया गया है. पुलिस की कार्यवाही शाम 06ः00 बजे से रात्रि 12ः00 बजे तक जारी रहा जिसमें केवल इमरजेंसी सेवा वाले वाहन के आवागमन में छूट दिया गया.एवं कुल-376 वाहन चालको के विरूद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की कार्यवाही की गई तथा 61 ऐसे भी लापरवाह लोग मिले जो बिना मास्क के घूमते पाये गये जिनके उपर महामारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया.

अपील एवं चेतावनी-यातायात पुलिस दुर्ग शहर के आम नागरिको से अपील करती है कि वर्तमान में दुर्ग जिले के अंतर्गत कोरोना महामारी का प्रकोप कम हुआ लेकिन अभी कोरोना पूर्ण रूप से खत्म नहीं हुआ है. इसलिए शासन द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन करें बिना मास्क के बाहर न निकले आवश्यक होने पर घर से बाहर निकले और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें.@GI@

पूरब टाइम्स,दुर्ग। कोरोना के कारण लॉकडाउन में बंद मैरिज गार्डन और शादी हॉल शनिवार से खुल जाएंगे। यहां विवाह भी हो सकेंगे लेकिन इनमें अधिकतम 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी। शादी के लिए जिला प्रशासन या नगर निगम सहित अन्य किसी भी एजेंसी से अलग से अनुमति नहीं लेनी होगी। कलेक्टर ने धारा 144 के आदेश में संशोधन करते हुए मैरिज गार्डन, शादी हॉल, होटल खोलने की अनुमति अनलॉक के तहत जारी कर दी है। ये सप्ताह में छह दिन खुल सकेंगे।@GI@


वैवाहिक आयोजन के लिए मैरिज हॉल को अनुमति मिलने के मामले में चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि इससे मैरिज हॉल, गार्डन से जुड़े व्यवसाय को मदद मिलने के साथ ही परिवारों को मांगलिक कार्य करने में बड़ी राहत मिलेगी। इससे सोशल डिस्टेसिंग ज्यादा बेहतर हो सकेगी। चैंबर ने इससे पहले जिला प्रशासन व कलेक्टर को मैरिज हॉल की अनुमति प्रदान करने संबंध में मांग रखी थी। चैंबर अध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि इस फैसले से बाजार में पॉजिटिव इफेक्ट आएगा।@GI@


यूनियन के उप महामंत्री मेडिकल सनी इप्पन ने वेज रिवीजन के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि हमारा 15 - 35 या एट पार एक्जीक्यूटिव का जो प्रस्ताव है उसमें हम किसी भी परिस्थिति में कॉम्प्रमाइज नहीं करेंगे, उन्होंने कर्मचारियों से ऐसे नेता से सावधान रहने का आग्रह किया जो हमारे वेज रिवीजन में अपने वर्चस्व के खातिर कर्मचारियों के हितों को ताक पर रखने का प्रयास कर रहे हैं.
यूनियन के महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय ने सभी पदाधिकारियों को सुनने के पश्चात कहा की पिछले सप्ताह यूनियन के बैठक के पश्चात प्रबंधन से एक बैठक की गई जिसमें प्रबंधन ने हमारे द्वारा प्रस्तुत विषयों पर गंभीरता से विचार की बात कही, आज उठे विषयों पर भी उच्च प्रबन्धन से चर्चा किया जाएगा, साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अन्य इस्पात संयंत्रों की तुलना में सर्वाधिक मृत्यु भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारियों की हुई है सेकंड फेस के चेतावनी के बावजूद, कहीं ना कहीं तैयारियां में कमी के चलते हमे भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है, थर्ड फेस को लेकर प्रबंधन क्या तैयारी कर रहा है इस संबंध में भी प्रबंधन से चर्चा कर पूर्ण सहयोग किया जायेगा, समस्त कर्मचारियों खासकर अठारह प्लस सभी कर्मियों का टीकाकरण शीघ्रता से हो, सोमवार को पुनः प्रबंधन से बैठक कर  उपरोक्त समस्त विषयों के अलावा प्रमुखता से शीघ्र निलंबन समाप्त करने की बात करेंगे, ऐसे कर्मचारी जिनके पति और पत्नी दोनों की मृत्यु कोरोना से हो चुकी है आज उनके बच्चों को सकसेशन सर्टिफिकेट के लिए घूमना पड़ रहा है, प्रबंधन को इस विषय को तत्काल हल करने हेतु आग्रह किया जावेगा. यूनियन महामंत्री दिनेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि कर्मियों के मंशा अनुरूप शीघ्र वेतन समझौता, कोरोना से मृत्यु की दशा में आश्रित को स्थाई नौकरी मिले इस हेतु बीएमएस का प्रयास निरंतर हर स्तर पर जारी है.

पूरब टाइम्स,दुर्ग। गुरुवार रात करीब 8 बजे मोहम्मद हामिद को चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। अब पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। मृतक के पड़ोस में ही रहने वाले दो भाईयों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि मृतक अपराधी प्रवृत्ति का था। वह अपने मोहल्ले में शराब पीकर चाकू लहराते हुए गाली गलोच करते हुए घूम रहा था।

जिसके बाद दोनों ने हत्या करने की बात कबूल ली। दोनों ने बताया कि हामिद आए दिन घर के सामने गाली गलौच करता था। गुरुवार को भी वह गंदी-गंदी गालियां दे रहा था, जिसके बाद दोनों ने मिलकर धारदार चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। दुर्ग शहर के लुचकी पारा इलाके में गुरुवार की रात करीब 8 बजे मोहम्मद हामिद (35 वर्ष) की 2 युवकों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। 



कलेक्टर ने कहा कि गाँव में फसल का ट्रैक रिकार्ड आपके पास होगा, कई ऐसे किसान हैं जो पूर्व के वर्षों में धान के अलावा दूसरी फसलें भी लेते रहे हैं इन्हें चिन्हांकित करें। सरकार द्वारा प्रति एकड़ दी जा रही दस हजार रुपए प्रोत्साहन राशि से उन्हें इस फसल के लिए पर्याप्त आर्थिक लाभ होगा। मक्का जैसी फसल में तो सरकार समर्थन मूल्य भी प्रदान करती है। 

पूरब टाइम्स रिसाली। नवगठित रिसाली नगर पालिक निगम क्षेत्र में विकास करने के साथ ही शासन की महत्वकांक्षी योजना का विकास करने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू लगातार प्रयास कर रहे है। खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने कार्य योजना तैयार की जा रही है। नगर पालिक निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने डुंडेरा गोठान में मछली पालन कराने डबरी (तालाब) तैयार करा रहे है।
आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने बताया कि ग्रामीण परिवेश में जीवन यापन करने वाली महिलाए मजदूरी करने पैदल शहर आती है। ऐसे मंे अगर उन्हे उनके ही रिहायसी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाए तो न केवल समय की बचत होगी बल्कि वे बेहतर तरीके से अपने घर को भी सम्हाल सकेगी। इसीलिए वे डुंडेरा गोठान में गो सेवा के साथ ही महिला स्वसहायता समूह के लिए गोठान में डबरी तैयार करा रहे है। जिसमें मछली पालन कर महिलाए आत्मनिर्भर हो सके।



पूरब टाइम्स भिलाई।  भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर-9 अस्पताल के शव घर में दो दिन पहले रखा गया एक बीएसपी कर्मी का शव डीकंपोज हो गया। बताया जाता है कि एसी खराब होने की वजह से यह स्थिति बनी। अंतिम संस्कार के लिए बुधवार को शव लेने पहुंचे परिजनों को घटना की जानकारी होते ही हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेता भी पहुंच गए। डायरेक्‍टर से इस्‍तीफा तक मांगते हुए प्रबंधन को जमकर कोसा गया।

बताया जाता है कि वेणु गोपाल का शव डीकंपोज हो गया था। घटना की जानकारी लगते ही कुछ ही देर में यूनियन के नेता भी वहां पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा मचाया। उनका कहना था कि प्रबंधन की लापरवाही से इस तरह की स्थिति निर्मित हुई है। इस दौरान भीड़ में से कुछ कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सेक्टर 9 अस्पताल के ईडी डॉक्टर इस्सर से भी इस्तीफा की मांग की।

आक्रोशित सीटू नेताओं ने बताया कि वेणुगोपाल का शव जिस फ्रीजर में रखा गया था। वह फ्रीजर बंद था और बॉडी पूरी तरह से डीकंपोज हो गई थी। चेहरा पर फफूंद आ गया था। बॉडी से बदबू आ रही थी, जिसके बाद फ्रीजर को चेक किया गया तो फ्रीजर बंद था। इसके बाद ऑपरेटर आकर उसे चालू करने का प्रयास किया। जब आपरेटर से पूछा गया तो उसने कहा कि शायद यह पहले से ही बंद था।


वेणुगोपाल के छोटे भाई ने जिम्‍मेदार अधिकारियों से कहा-सर मेरी बहन केरल से आई है। मेरी बुजुर्ग मां, भाभी भाई का चेहरा देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं, क्या मैं यही चेहरा उनको दिखाऊं। जिस तरह से मेरे भाई की बॉडी की जो दुर्गति की गई है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हम सेक्टर-9 हॉस्पिटल को अच्छा मानते थे। इस पूरे घटनाक्रम में सभी ने अस्पताल प्रबंधन पर उनकी लापरवाही के लिए नाराजगी जाहिर की। उच्च प्रबंधन में बैठे लोग अपने केबिन से बाहर नहीं निकल रहे हैं। सिर्फ और सिर्फ निर्देश दे रहे हैं, जिसका परिणाम यह है।

पूरब टाइम्स दुर्ग । नगर निगम क्षेत्र के विद्युत नगर व बोरसी वार्ड में वर्षा ऋतु में जल भराव की स्थिति उत्पन्न होने की लगातार शिकायत रहवासियों द्वारा किए जाने पर विधायक अरुण वोरा ने शहर की सड़क नाली जैसे मूलभूत आवश्यकता के लिए शासन से 17 करोड़ रु की राशि स्वीकृत करवाई है। जिसमें विभिन्न वार्डों में 5.5 करोड़ की लागत से आरसीसी नालियाँ, लंबे समय से मांग की जा रही शिवनाथ नदी मुक्तिधाम पहुंच मार्ग का 4 करोड़ से चौड़ी करण, गौरवपथ उन्नयन एवं संधारण के लिए 6 करोड़ की राशि शामिल है। विधायक वोरा एवं महापौर धीरज बाकलीवाल ने अधिकारियों के साथ 95 लाख के विद्युत नगर नाला सुदृढ़ीकरण के साथ ही वृंदा नगर चौक से सांस्कृतिक भवन तक प्रस्तावित 35 लाख की सीमेंट सड़क व द्वारकापुरी के पीछे बन रहे प्रधानमंत्री आवास एवं वार्ड 52 की निचली बस्ती को जोड़ने वाली कच्ची नाली के 42 लाख से नव निर्माण के स्थलों का अवलोकन किया।

 विधायक वोरा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना काल में भी प्रदेश में विकास के पहियों को थमने नहीं दिया है। 17 करोड़ की राशि से होने जा रहे आवश्यक विकास कार्यों का मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल भूमि पूजन कराया जाएगा। महापौर धीरज बाकलीवाल ने अधिकारियों को जल्द से जल्द निविदा प्रक्रिया पूरी कर बरसात के पूर्व कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान पूर्व पार्षद पोषण साहू , एल्डरमैन राजेश शर्मा, अंशुल पांडेय सहायक अभियंता जितेंद्र समैया उप अभियंता आर के पालिया उपस्थित थे।

पूरब टाइम्स रायपुर . वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा की अनुसंशा पर छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर पालिक निगम दुर्ग के लिए तीन नए एल्डरमैन की नियुक्ति की है जिसमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा, पूर्व पार्षद मनीष यादव एवं हरीश साहू का नाम शामिल है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागृह में विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, शहर अध्यक्ष गया पटेल निगम सभापति राजेश यादव व अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने तीनों एल्डरमैन का शपथ ग्रहण कराया। सभी को नव नियुक्ति पर बधाई देते हुए श्री वोरा ने कहा कि नगर एवं जनता की सेवा को सर्वोपरी मानते हुए लगातार जनहित में कार्य करना ही जनप्रतिनिधियों की महती जिम्मेदारी है। पिछली परिषदों में निगम के नेता प्रतिपक्ष के रूप में राजेश शर्मा लगातार जनहित के मुद्दे उठाते रहे व मनीष यादव भी पार्षद के रूप में लगातार जनसेवा से जुड़े रहे जिसका प्रतिफल उन्हें मनोनीत पार्षद के रूप में प्राप्त हुआ। हरीश साहू को पटरीपार के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने एवं युवा चेहरा होने का लाभ मिला। 


महापौर धीरज बाकलीवाल ने भी सभी को बधाई देते हुए कहा कि निगम में नियुक्ति पूर्ण हो जाने से पूर्व पार्षदों के अनुभव के साथ साथ निधि का भी लाभ जनता को प्राप्त होगा। इस दौरान निगम आयुक्त हरेश मंडावी, ब्लाक अध्यक्ष अल्ताफ  अहमद, राजकुमार साहू, राजकुमार वर्मा, नंदू महोबिया, अंशुल पांडेय, नासिर खोखर, शिव वैष्णव, शिवाकांत तिवारी, हेमू तिवारी, विकास यादव ने भी नियुक्ति पर बधाई देते हुए विधायक वोरा के प्रति आभार जताया।

पूरब टाइम्स दुर्ग। सीजीटीका में रजिस्ट्रेशन करा चुके हितग्राही इन तीन वैक्सिनेशन सेंटर पहुंचकर लगवा सकते हैं वैक्सीन।नगर पालिक निगम दुर्ग क्षेत्र के इन 3 केंद्रों पर टीकाकरण होगा। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्ति जो सीजी टीका ( CGTEEKA) उन लोगों का टीकाकरण आज किया जाएगा!अंत्योदय और बीपीएल हितग्राहियों की सुविधा के लिए वैक्सीन आज शनिवार 22 मई को दुर्ग शहर में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण सत्रों का आयोजन केवल निम्नलिखित सेंटरों में किया जाएगा

महावीर कोविड सेंटर आजाद हॉस्पिटल,नवीन स्कूल,आदित्य नगर,एवं गयाबाई स्कूल गया नगर, बाकी शेष केंद्र में वैक्सीन उपलब्ध नही होने के कारण बंद रहेगा, वैक्सीन उपलब्ध होते ही जल्द बाकी केंद्रों में वैक्सीन लगाने की शुरवात की जाएगी। सीजी रजिस्ट्रेशन करने वालों के लिए टीकाकरण की व्यवस्था की गई इन 3 केंद्रों पर जाकर टीका लगा सकते हैं ।

पूरब टाइम्स भिलाई। भिलाई में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर प्रारंभ किया जायेगा। उच्च गुणवत्ता की सस्ती पैथालाॅजी एवं डायग्नोस्टिक जांच सेवाओं की सुविधा इसमें मिलेगी। डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करने के स्थल का चयन किया जा रहा है। आज कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे एवं निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने इसके लिये पाॅवर हाउस बस स्टैण्ड एवं प्रगति मार्केट का निरीक्षण किया। डायग्नोस्टिक सेंटर प्रारंभ करने के लिये जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के मुताबिक स्थल के बारे में जानकारी ली। न्यूनतम क्षेत्र 3000 स्क्वेयर फीट एवं प्राइम लोकेशन वाले स्थल का चयन करने के निर्देश दिये। 

राज्य प्रवर्तित सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना है तथा इस योजना का उददेश्य किफायती दरों में आम नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की अत्याधुनिक स्वास्थ्य परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिससे शहर में निवासरत् नागरिकों के स्वास्थ्य सेवाओं में लगने वाले खर्च में कमी आयेगी और सेवाओं को प्राप्त करने नागरिकों को अन्य बढ़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नागरिक अपनी नियमित जांच जैसे-रक्त जांच, स्पूटम जांच, लिपिड प्रोफाईल, सिटी स्कैन, एमआरआई आदि की सुविधा गुणवत्तायुक्त अत्याधुनिक प्रयोगशाला से प्राप्त कर सकेंगे। 

प्रयोगशाला में जांच हेतु आवश्यक उपकरण, मशीन, पैथोलाजिस्ट, टेक्निशियन मौजूद रहेंगे। डायग्नोस्टिक सेन्टर प्रारंभ करने के लिए विभागीय प्रक्रिया जारी है। सारी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के उपरान्त जल्द ही भिलाई वासियों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला से जांच सुविधा का लाभ मिलने लगेगा। स्थल निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा, कार्यपालन अभियंता बी.के. देवांगन एवं संजय बागड़े, सहायक अभियंता अखिलेश चन्द्राकर, उप अभियंता प्रकृति जगताप मौजूद रहें।  

पूरब टाइम्स भिलाई। बीएसपी कर्मियों को टीकाकरण में प्राथमिकता की मांग जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार को कर्मचारी यूनियन एचएमएस ने भिलाई नगर विधायक से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बीएसपी कर्मियों व उनके आश्रितों को फ्रंटलाइन वर्कर मानते हुए टीकाकरण में प्राथमिकता देने की मांग की है। कोरोना से बचाव के लिए जारी टीकाकरण अभियान में टीका की कमी से बीएसपी कर्मियों व उनके अश्रितों को भी जूझना पड़ रहा है। इसे देखते हुए भिलाई श्रमिक सभा एचएमएस ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बीएसपी कर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर माना जाए। वहीं उनके आश्रितों को भी टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाए। 

यूनियन के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सभी यूनियन की संयंत्र के निदेशक प्रभारी अनिबार्न दासगुप्ता के साथ वर्चुअल बैठक हुई थी। बैठक में 45 वर्ष से कम उम्र के कर्मचारियों के टीकाकरण एवं 50 लाख रुपये का बीमा का मुद्दा एचएमएस यूनियन द्वारा उठाया गया था। 24 अप्रैल को टूल डाउन के समय भी जब निदेशक प्रभारी यूआरएम विभाग में आए थे उस समय भी यह मुद्दा उठाया गया था। उस समय निदेशक प्रभारी ने आश्वासन दिया था कि कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर मानते हुए जल्द से जल्द टीकाकरण करने का प्रयास किया जाएगा लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ।

आज एचएमएस यूनियन का प्रतिनिधिमंडल भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव से मिला एवं उन्हें मुख्यमत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए बताया कि कर्मचारी लाकडाउन की विषम परिस्थिति में भी तीनों पाली में तथा जनरल शिफ्ट में काम कर रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा इस्पात उत्पादन के साथ-साथ मेडिकल आक्सीजन का उत्पादन कर देश के विभिन्न प्रांतों में भेज रहे हैं। कार्य के दौरान 45 वर्ष से कम उम्र के सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी संक्रमित हो रहे हैं। इनमें से कुछ कर्मचारियों की मृत्यु भी हो चुकी है। संयंत्र के कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर मानते हुए तत्काल टीकाकरण की आवश्यकता है।

विधायक देवेंद्र यादव ने आश्वस्त करते हुए कहा कि इस पत्र को तत्काल मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री को भेजा जाएगा। स्थानीय स्तर पर भी वैक्सीन उपलब्ध होने पर मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर से चर्चा कर 45 वर्ष से कम उम्र के बीएसपी कर्मचारियों को जल्द ही टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में उपमहासचिव हरिराम यादव, वरिष्ठ सचिव बीजी कारे एवं कोषाध्यक्ष साजिद खान आदि शामिल थे।

पूरब टाइम्स दुर्ग। मोदी सरकार की गलत कार्यनीति के कारण छत्तीसगढ़ के नागरिकों को टीकाकरण अभियान बाधित होने बात कहकर एनएसयूआई ने केंद्र सरकार से सौतेले व्यवहार नहीं करने की मांग की गई है. एसयूनएआई नेकलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण फैली महामारी को नियंत्रित करने के लिए वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान ही एकमात्र उपाय व विकल्प के रूप में हमारे सामने है इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए वृहद स्तर का टीकाकरण करवाने की जानकारी देकर एनएसयूआई दुर्ग भी जन जागरूकता के लिए सोशल मीडिया और अपने संपर्क दायरे में आने वाले सभी लोगों को टीकाकरण करवाने के फायदों को बताकर आम जनों को टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित कर रही है. ऐसे में खास करके एपीएल वर्ग के लोगो की टिका लगवाने के लिए संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती नजर आ रही है. सामान्य नागरिकों की बड़ी संख्या टीकाकरण करवाने के संबंध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से टीकाकरण केंद्रों की जानकारी और इन केंद्रों में उपलब्ध टीकों के आधार पर टीकाकरण केंद्रों पर आने के उचित समय की जानकारी ले रही है. लेकिन टीकाकरण केंद्रों की संख्या कम होने के कारण टिकाकरण केंद्रों पर भीड़ इकट्ठा हो रही है और टीका लगवाने के इच्छुक नागरिकों को अव्यवस्थाओं का भी सामना करना पड़ रहा है जिसे देखते हुए दुर्ग शहर में टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ साथ एपीएल श्रेणी में आने वाले 18 से 44 आयु वर्ग वाले नागरिकों के लिए यथासंभव अधिक संख्या मे टीकाकरण केंद्रों का संचालन करने का निवेदन महापौर और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा कर मांग किए जिससे कि अनावश्यक और अनियंत्रित भीड़ की अवांछित स्थिति को टीकाकरण केंद्रों से टाला जाना संभव हो सकेगा 
दुर्ग एनएसयूआई जिला कार्यकारी अध्यक्ष सोनू साहू ने बताया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा कर रहे है और जिला प्रशासन को लगने वाले किसी भी प्रकार के सहयोग को करने के लिए कार्यकर्ता तैयार है पर आज कलेक्टर और महापौर से मिलने के बाद जो बात सामने आया वह यह है कि केंद्र सरकार छःग राज्य सरकार को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध नही करा रही है जिसके कारण जिलों में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में नही पहुंच पा रही है राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे नागरिकों का जल्द से जल्द टीकाकरण हो इसके लिए केंद्र सरकार से 50 लाख डोज वैक्सीन के मांग किए है पर केंद्र की मोदी सरकार छःग सरकार को वैक्सीन देने में सिर्फ खाना पूर्ति कर रही है जिसके कारण 18 से 44 वर्ष के लोगो को वैसिनेस से वंचित होना पड़ रहा है. ज्ञापन में कहा गया है कि जब भी वैक्सीन की उपलब्धता हो जाती है तो केंद्रों की संख्या यथासंभव बढ़कर जहां भी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के सेवाओं की आवश्यकता हो तो इसकी जानकारी हमे देवे। शासन प्रशासन के मदद में दुर्ग एनएसयूआई के हर एक कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए तैयार हैं. उक्त टीकाकरण अभियान को तेज गति देने के लिए कलेक्टर के माध्यम से केंद्र सरकार को पत्र लिख करके छःग राज्य के युवाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने और केंद्रों की संख्या बढ़कर सामान्य आय वर्ग के 18 से 44 आयु वाले लोगो की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने का निवेदन किया। इस विषय में  जिलाधीश एवम दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल ने एनएसयूआई के मांग को संज्ञान में लेकर सभी के सहयोग से शीघ्र ही समस्या का निराकरण करने का भरोसा दिलाया इस अवसर पर एमआईसी सदस्य हमीद खोखर , श्रद्धा सोनी पार्षद उपस्थित थे.

छग के विधानसभा सचिवालय के किस अधिकारी ने सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 4 के विधि निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित होने की पुष्टि की है ?

विधानसभा सचिवालय के प्रशासनिक कार्यों की जानकारी तक जनता की पहुंच स्थापित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी क्या कर रहे हैं ?

क्या आम जनता को यह जानने का अधिकार नहीं है कि छत्तीसगढ़ के विधानसभा सचिवालय की गतिविधियों पर होने वाला खर्च कितना है ? 

पूरब टाइम्स , रायपुर . छत्तीसगढ़ में अनेक विभाग , सूचना के अधिकार में प्रश्न लगाने पर जवाब दे देते हैं कि सूचना के अधिकार 2005 की धारा 4 की समस्त जानकारियों , उनकी विभागीय वेबसाइट पर डाली गई हैं . उस विभाग का जनसूचना अधिकारी यह भी देखने की ज़हमत नहीं उठाता है कि विभागीय वेब साइट अप टू डेट है या नहीं ? ना ही यह देखता है कि डाली गाए सभी सूचना केवल कंडिकाओं की खानापूर्ति के लिये है या वास्तविकता में विभाग से अपेक्षित जानकारी का प्रकटन कर , पारदर्शिता बढ़ा रही है . इन विभाग वार वेब साइट में डाली जाने वाली जानकारी की किसी भी प्रकार की जांच , आवश्यक सुधार या दंड देने के लिये किसी भी प्रकार का कोई ऑडिट जांच का सिस्टम नहीं है . हालात ये हैं कि पूरे प्रदेश के हर विभाग के लिये आदर्श मानी जा सकने वाली विधान सभा सचिवालय के द्वारा भी जानकारियों का सहज प्रकटन नहीं किया जा रहा है. ऐसे में कुछ आरटीआई एक्टिविस्टों के द्वारा जानकारी में लाये जाने पर          पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ...

छत्तीसगढ़ का विधानसभा सचिवालय अपने अधिकारियों के द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाले वाहन के रखरखाव और ईंधन पर कितना खर्च करता है ?

छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों को शासकीय कार्यों के लिए वाहन और वाहन के लिए आवश्यक ईंधन शासकीय विभाग उपलब्ध करवाते है और शासकीय विभाग के परिवहन व्यय का लेखा हमेशा विवादों में रहता है . प्रदेश शासन भी अपने प्रशासनिक व्यय को अति आवश्यक सीमा दायरे में लाने का भरसक प्रयत्न हमेशा करता नजर आता है . जिससे कि प्रदेश शासन की छवि जनता के बीच सादगीपूर्ण बनी रहे . शासकीय विभागों के लिए छत्तीसगढ़ का विधानसभा सचिवालय अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है लेकिन शासकीय विभागों को आदर्श उदाहरण देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का विधानसभा सचिवालय क्या कर रहा है ? जब इसकी जानकारी लेने के लिए जन सामान्य छत्तीसगढ़ के विधानसभा सचिवालय की वेबसाइट पर जाता है तो निराशा ही हाथ आती है इसलिए यह प्रश्न उठता है कि छत्तीसगढ़ का विधानसभा सचिवालय के प्राधिकारी क्या अपने परिवहन व्यय का विवरण जिसमे ईंधन व वाहन मरम्मत के लेखे का स्पष्ट चित्रण होता हो इसे अपनी वेबसाइट पर कभी प्रकाशित करेंगे ?

जनता को कैसे इस बात की जानकारी मिलेगी कि छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय के भवन व उसके अधिकारियों तथा कर्मचारियों के आवासीय भवनों के रखरखाव में प्रदेश शासन कितना खर्च करती है ?

छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय भवन व उसके अधिकारी कर्मचारियों के आवासीय प्रयोजनों के भवनों पर होने वाले सभी खर्चों का वहन प्रदेश शासन करती है.  स्वच्छ, सुंदर और गरिमापूर्ण विधान सभा भवन के साथ – साथ ,  विधानसभा सचिवालय परिसर के सर्व सुविधायुक्त वातावरण की अपेक्षा सभी नागरिकों की होती है क्योंकि प्रदेश को प्रभावित करने वाले निर्णयों को लेने की निर्णायक कार्यवाही विधानसभा भवन में आहूत होने के पश्चात आवश्यक विधि निर्देशित कार्यवाही प्रक्रिया का संपादन विधानसभा सचिवालय की कार्यवाही प्रक्रिया से संभव हो पाता है . लेकिन इसके साथ - साथ विधानसभा सचिवालय के द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले भवन के लिए होने वाला खर्च और उसकी लेखा संधारण करने की कार्यवाहीं प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कार्यवाही प्रक्रिया सभी शासकीय कार्यालयों के लिए मार्गदर्शन का सबसे अनुकरणीय उदाहरण भी साबित होता है परन्तु वर्तमान परिस्थितियों में विडंबना यह हैं कि विगत पांच वर्षो का लेखा विधानसभा सचिवालय की वेबसाइट पर अपना विधि निर्देशित स्थान हासिल नहीं कर पाया है . 

वित्तीय प्रबंधन और प्रशासकीय कार्यवाही मे उच्च कोटि की पारदर्शिता लाने के मामले में क्या छत्तीसगढ़ के विधानसभा सचिवालय ने कोई अनुकरणीय कार्यवाही की है ?

किसी भी प्रकार की शासन व्यवस्था के लिए स्थापित शासकीय विभाग व शासन द्वारा गठित संस्था या संगठन का मुख्यालय और उसकी कार्यवाही प्रक्रिया का व्यवहारिक परिचय उस शासन व्यवस्था के प्रत्येक घटकों को प्रभावित करती है क्योंकि उसकी कार्यवाही प्रक्रिया से प्रेरित होकर अधीनस्थ कार्यालय अपना कार्य संपादन के लिए अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हैं .  उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य की शासन व्यवस्था का निर्णायक प्राधिकृत स्थान छत्तीसगढ़ राज्य की विधानसभा है जो छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार प्रयोग के उपरांत प्राप्त मत संख्या के आधार पर निर्वाचित विधायकों के द्वारा लिए निर्णयों का साक्षी होता है . गौरतलब रहे कि विधानसभा सचिवालय इन निर्णयों को संधारित भी करता है तथा इन निर्णयों को कार्यवाही प्रक्रिया में लाने का प्रारंभिक कार्य भी करता है . इसलिए आवश्यक है कि विधानसभा सचिवालय के सभी कार्यवाहियां और लेखा संधारण प्रक्रिया उच्च कोटि की पारदर्शिता वाली होनी चाहिए और इन प्रत्येक  कार्यवाहियों तक जन समान्य की पहुंच भी स्थापित करने के विधि निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना लोक अपेक्षित है .