Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



पूरब टाइम्स दुर्ग। शिवनाथ नदी के इंटकवेल एवं 42 व 24 एमएलडी फिल्टर प्लाट में हर माह खराबी आने से शहर के अधिकतर हिस्सों में पानी घरों तक नहीं पहुंच पाना आम बात हो गई है। वर्तमान में अमृत मिशन के 2 वर्षो से चल रहे अधूरे कार्य पूर्ण नहीं होने से फिल्टर प्लाट का क्लोरिन प्लाट व रिनोवेशन का कार्य नहीं हो पाया हैै। प्रदेश सरकार द्वारा निगम के जल विभाग से संबंधित कार्यो के लिए अरबो रुपए नए कार्यो के लिए व रिपेरिंग के लिए खर्च किया जाता है। किन्तु बार- बार जलापूर्ति बाधित होना एक बड़ी समस्या बन गई है। जिसमें तत्काल रोक लगाना अतिआवश्यक है। विधायक अरुण वोरा ने निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन से कहा कि इंटकवेल व फिल्टर प्लाट की मशीनों व पंपो में खराबी आने पर आवश्यक सेवा के तहत तत्काल मरम्मत करना अतिआवश्यक है। ग्रीष्मऋतु प्रारंभ हो चुकी है शहर के बोर रिपेरिंग, टैकर व बंद पड़े क्लोरिन गैस प्लाट को प्रारंभ करने व बार- बार ट्रासफार्मर के खराब होने से पेयजल की समस्याओं से निजात दिलाने तत्काल कार्यवाही करने कहा। जिससे वार्ड की जनता को शुद्ध व स्वच्छ पेयजल निरंतर प्राप्त हो सके। साथ ही महापौर धीरज बाकलीवाल ने जल विभाग के अधिकारियों से कहा कि जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घरो तक पहुंचने वाले पेयजल की गुणवत्ता में व साफ्टनेस व क्लोरिन की मात्रा का निरंतर जांचने कहा। 

कहने को भले ही भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई हो मगर करोड़ो की सदस्यता वाली यह पार्टी अपने ही नेताओं को साथ लेकर नहीं चल पा रही है. इसका नवीनतम उदाहरण उसकी महाराष्ट्र की नेता पंकजा मुंडे है जिन्होंने खुलकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अपना अभियान छेड़ते हुए अपने ट्विटर से भाजपा का कमल हटा दिया है. हमारे एक साथी ने कहा तो तुरंत दूसरा साथी बोला , और कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में क्या राय है? उन्होंने भी तो अपने परिचय से कांग्रेस संबंधित सभी बातें हटा ली हैं. अब तीसरा साथी बोला , अब राजनीति में नैतिकता और पार्टी के प्रति निष्ठा का मतलब खत्म हो चुका है . कोई भी राजनेता सत्ता के लिये किसी भी पार्टी का दामन थाम लेता है . उसी तरह हर राजनैतिक पार्टी थोड़े से भी जनाधार वाले विपक्षी को अपनी पार्टी में लाने के लिये डोरे डालती है . अब मैं भी बोल पड़ा , लगभग इसी तरह की बात दुर्ग नगर निगम के वार्डा 60 कातुलबोड में दिखाई दे रही है . एक समय भाजपा की महाबली नेत्री सरोज पाण्डेय की राइट हैंड माने जानी वाली जयश्री जोशी को पिछले चुनाव में जब भाजपा ने महापौर का टिकिट नहीं दिया तो वे निर्दलीय लड़कर अपनी फजीती करवा चुकी थीं . लेकिन उसके बाद इस बार ना जाने क्यों , दुर्ग निगम में कांग्रेस की कमान संभाले विधायक अरुण वोरा को क्या सूझी कि उस जुझारू महिला को अपनी पार्टी में शामिल कर टिकिट दे दी . वे अपने जन समर्थन के कारण शायद चुनाव जीत भी जायें. अब पत्रकार माधो बोले , वे जीतें या हारें इससे विधायक वोरा को की फकऱ् नहीं पड़ता है बल्कि इस वक़्त वे हर उस तरह की चाल चल रहे हैं जिससे उनके व सरोज पाण्डेय के बीच किसी भी प्रकार की अंडर हैंड डीलिंग ना दिखे. जैसे कि पिछले चारों महापौर के चुनावों में दिखी थीं यानि आप विधायक पद के लिये हमें सपोर्ट करें , हम महापौर आपका जितवायेंगे. लेकिन इस बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ,खुद  दुर्ग नगर निगम के चुनाव में नजऱें गड़ाये बैठे हैं. उन्हें यदि किसी भी प्रकार के अंदरूनी खेल का जऱा सा भी अहसास हुआ तो वोरा को मिल सकने वाली किसी निगम की लाल बत्ती वाली गाड़ी , वोरा के लिये मंत्री पद की तरह एक सपना बनकर रह जायेगी.

मधुर चितलांग्या, संपादक, पूरब टाइम्स, भिलाई


कई सालों पहले मैं एक #आर्किटेक्ट एवं #ईंजीनियरिंग की फर्म चलाता था . उसमें प्लानिंग व डिज़ाइन सेक्शन में कुछ लोग इंजीनियरिंग ग्रज्युएट होते थे तो कुछ #नचुरल टैलेंटेड. उनमें से एक ने एक दिन मुझसे पूछा कि आप सफलता के लिये किसी ज़्यादा #महत्व देते हैं , #पढ़ाई या टै#लेंट ? कुछ देर तक मैं सोच में पड़ गया . मुझे समझ आया कि पढ़ाई एक निश्चित स्तर की सफलता की गारंटी होती है और टैलेंट भी आदमी की सफलता की राह आसान कर देता है परंतु उसी व्यक्ति की सफलता निश्चित होती है जो वस्तुस्थिति का तुरंत अवलोकन कर #व्यवहारिक #बुद्धि से #तत्काल निर्णय ले लेता है अर्थात जिसे  तुरंत भांपने व उसके अनुसार  बुद्धि का तत्काल उपयोग करना आता हो . मेरे कहने का मतलब है जिसका ऑब्सर्वेशन #अच्छा हो व तुरंत कॉमन सेंस का उपयोग करता हो. वर्षों बाद मुझे अपनी ही वह बात याद आ गई और मैं उसे फिर से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा हूं . एक बार #एमबीए के प्रतिभागियों का इंटरव्यू चल रहा था . एक प्रतिभागी का नंबर आया तो प्रश्नकर्ता ने पूछा कि या तो तुम चार सरल #सवालों के #जवाब दो या एक कठिन सवाल का जवाब दे दो . प्रतिभागी ने तुरंत कहा , आप कठिन सवालपूछ लें . प्रश्नकर्ता ने पूछा , बताओ पहले मुर्गी आयी या #अंडा ? प्रतिभागी तपाक से बोला , #मुर्गी . प्रश्नकर्ता ने पूछा,विस्तार से बताएं? प्रतिभागी ने कहा, दूसरा कठिन सवाल मत पूछिए . और अपनी तात्कालिक बुद्धि के कारण वहचयनित हो गया. जीवन में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि हमारे पास क्या नहीं है परन्तु हमारे पास जो है ,उसके साथ हम निर्णय लेकर क्या बेहतरी ला सकते हैं . यही सफलता का मूलमंत्र भी है. आजकल लोगों के जीने काअंदाज़ बेहद पेचीदा हो गया है. वे सरलतम परेशानी आने पर भी उसपर इतना ज़ोर देते हैं कि वह जटिल लगने लगती है.हर #गतिविधि में जीतने की चाह ने #अंदर के इंसान को यांत्रिक खिलाड़ी बना दिया है. जबकि सहजता से स्वीकार की हुई हर असफलता आदमी की काबिलियत बढ़ा देता है और सही मौका आने पर स्प्रिंग एक्शन की तरह वह कई गुना तेज़ी से #ऊंचाई हासिल कर सकता  है . किसी भी परिस्थिति का गहनता से #अवलोकन करना और सहज बुद्धि से निर्णय लेना सफल होनेका पहला सूत्र है (ऑब्जरवेशन एवं कॉमन सेन्स ). आज के दौर के सफलतम उद्यमी रतन टाटा ने कहा है कि मैं सहीनिर्णय लेने पर भरोसा नहीं करता बल्कि मैं सहज बुद्धि से निर्णय लेता हूँ और उन्हें सही साबित करने के लिए मेहनतकरता हूँ . हम सब #निर्णय लें फिर उससे बेहतरी लाने का पूरा प्रयास करें. इसी कामना के साथ यह अंक समर्पित....

कल रात मुंबई के ग्रैंड हयात में इस नारे के पोस्टर बैनर व स्क्रींस दिखाई दी साथ ही दिखाई दिये एनसीपी, कांग्रेस व शिवसेना के 162 एमएलए जोकि यह दिखाना चाह रहे थी कि हम वर्तमान में रात के अन्धेरे में बनी भाजपा की सरकार के विरोध में जमकर खड़े हैं . अब 288 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिये भाजपा के पास 145 विधायक कहां से आयेंगे ? हमारे एक साथी ने सवाल उछाला तो दूसरा साथी बोला , इस तरह ग्रैंड हयात में फैशन शो करने से कोई बहुमत साबित नहीं होता है . वह राज्यपाल कोशियारीजी  के द्वारा दी गई तारीख 30 नवम्बर को फ्लोर टेस्ट से ही होगा जोकि भाजपा अपनी तोड़-फोड़ की महारत से येन केन प्रकारेण सफल होकर दिखा ही देगी . अब तीसरा साथी बोला , सही कहते हो. भाजपा ने रातों रात ये काम कर लिये , 1. रात करीब 11:45 बजे : अजित पवार और बीजेपी में डील पक्की हुई. 2 .रात 11:55 बजे : देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी को सूचना दी कि शपथ ग्रहण की तैयारी पुख्ता की जाए और शिवसेना और कांग्रेस में किसी को पता नहीं लगने पाए.  3.रात 12:30 बजे : राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने नई दिल्ली के लिए अपनी यात्रा रद्द कर दी.4.रात 2:10 बजे : राज्यपाल के सचिव को कहा गया कि वह सुबह 5.47 बजे राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी करें और सुबह 6.30 बजे शपथग्रहण की व्यवस्था करें. 5.रात 2:30 बजे : सचिव ने कहा कि वह दो घंटे में नोटिफिकेशन जारी कर देंगे और सुबह 7: 30 बजे तक शपथग्रहण की व्यवस्था कर देंगे.6.रात 1:45 बजे से लेकर शनिवार सुबह 9 बजे तक अजीत पवार फडणवीस के साथ रहे और शपथ ग्रहण होने तक नहीं गए. 7.सुबह 5:30 बजे : फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंचे.8.सुबह 5:47 बजे : राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी कर दी गई. लेकिन घोषणा सुबह 9 बजे हुई. 9.सुबह 7:50 बजे : शपथ ग्रहण शुरू हो गया. 10.सुबह 8:10 बजे : यह खबर पूरे देश में सुर्खी बन गई. 11. सुबह 8:16 बजे : पीएम मोदी ने सीएम और डिप्टी सीएम को बधाई दी. अब मैं भी बोल पड़ा , सही कहते हो . ट्वीटर के वीरों के दबाव के चलते सुप्रीम कोर्ट केवल राज्यपाल व भाजपा के वकीलों की सुनेगी . भाई , भक्तों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट केवल कागज़ों को साक्ष्य मानती है और बहुमत संबंधित एनसीपी के सपोर्ट के  साक्ष्य राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दिये हैं . भाई , कागज़ में मरा हुआ आदमी यदि सामने आकर चीखेगा कि मैं जि़ंदा हूं तो सुप्रीम कोर्ट थोड़े ही मानेगी कि वह जि़ंदा है . क्योंकि कागज़ उसे मरा हुआ बताते हैं . अब पत्रकार माधो भी बोले, पहली बार आप सब समझदारी की बात कह रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार तो भाजपा की ही रहेगी क्योंकि जनता ने ना शिवसेना, ना एनसीपी और ना ही कांग्रेस को जनादेश दिया है , और भाजपा के लिये अभी तो जब नहीं किसी की मालिकी तो वो है हमारे लाल ( फडऩवीस ) की  है. 

हम #कुछ साथी एक विद्वान पुरुष के पास बैठे थे . तो एक साथी ने कहा कि आजकल लोगों के नैतिक मूल्य एकदम गिर गये हैं . हमारे बचपन में कहा जाता था कि यदि #धन चला गया तो कुछ नहीं गया , यदि स्वास्थ्य चला ग्या तो कुछ चला गया और यदि #चरित्र चला गया तो सबकुछ चला गया . लेकिन पता नहीं क्यों आजकल सबकुछ गड़बड़ हो गया है ? इस पर वे विद्वान बोले, मैं एक बहुत बड़? व नामी मॉल में गया . मुझे मोजे खरीदने थे , मॉल में लगी रेट लिस्ट देखकर मैं दंग रह गया . मोजे की कीमत 8000 रु. थी , पास ही एक जींस की कीमत 10000 रु थी और #टाई की कीमत 16000 रु थी. मैं आश्चर्य में पड़ गया जब मैंने देखा कि लाखों रुपये में आने वाली रोलेक्स घड़ी की कीमत 225 रु व सोने पर जड़ी 4 कैरेट के हीरे की अंगूठी 95 रु. थी . और यह भी पाया कि लोग टाइ भी खरीद रहे हैं तो #रोलेक्स घड़ी भी . मैंने चैन से #काउंटर पर बैठे दुकान के मालिक से पूछा कि ये सब क्या है ? वह बोला , #कल #रात को एक हादसा हुआ . कल कोई सभी सामानों की कीमत का टैग अदली बदली कर गया . सुबह पहले लोग उहा-पोह में थे लेकिन धीरे धीरे कीमत की #अहमियत भूल गये . अब लोग कम मूल्य की चीज़ के लिये अधिक कीमत देने तैयार हैं और अधिक मूल्य की चीज़ को कम # कीमती मान रहे हैं. हम जल्दी ही उन कीमत के टैग को वापस सही कर देंगे ताकि लोग असली मूल्य की अहमियत को ठीक से समझें. इतने में मेरी आंख खुल गई . मैं खुद भी सपने से भ्रमित हो गया था . पर वास्तविक जीवन भी मुझे भ्रम सा दिखाई दिया . मैं सोच रहा हूं कि क्या सच्चाई में भी किसी ने हमारे जीवन के मूल्यों के टैग बदल दिये हैं. अब जो वास्तव में कम अहमियत की होनी चाहिये वे ज़्यादा मूल्यवान हो गईं हैं जैसे- प्रतिस्पर्धा, पद, उपाधि, शोहरत, पदोन्नति, दिखावेबाज़ी, पैसा , ताक़त इत्यादि , दूसरी तरफ अधिक अहमियत की होनी चाहिये वाली मूल्यवान बातें , एकदम सस्ती हो गयी हैं . जैसे-ईमानदारी, आदर, नीति शास्त्र, सत्यपरायणता, परिवार, रिश्ते, शांति, संतोष, #प्यार, #ज्ञान, दया, #दोस्ती इत्यादि . उन विद्वान की बात कितनी #जबर्दस्त थी और #समयोचित भी . साथियों , मैं अभी गहनता से सोचता हूं तो कभी कभी शक होने लगता है कि मैं कहीं #सपना तो नहीं देख रहा हूं जिसमें #जीवन के नैतिक मूल्यों को किसी ने बदल दिया हो? काश , यह सपना ही हो , हक़ीक़त नहीं... 

आज एक साथी ने बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा कि कोई कहता है कि मोदीजी ने उतना कर दिया है जितना पिछली 70 साल की सरकारों ने नहीं किया था . लेकिन अब दिल्ली के लोग कहने लगे हैं कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने इतने बदलाव को मूर्त किये हैं जितना पिछली कोई सरकार नहीं कर पाईं . कोई कहने लगा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बचाव में भूपेश बघेल सरकार इतना कर रही है जितना कोई आम आदमी सोच भी नहीं सकता था . लेकिन केवल तारीफ से कुछ नहीं होगा , आप लोग बतलाइये कि अब बदलाव की क्या क्या हसरतें बाक़ी हैं ? इससे पहले हममें से कोई मुंह खोल पाता पत्रकार माधो धारा प्रवाह में बोल पड़े . सचमुच कुछ हसरते बाकी है - राम मंदिर , पीओके पर कब्जा , जनसँख्या नियंत्रण पर हम दो हमारा एक कानून , समान नागरिक संहिता , भ्रष्टाचार पर कड़ा कानून , अवैध बंगलादेशियो की वापसी , किसी भी घटना ,चुनावो , मीडिया में जाति ,धर्म के नाम से कुछ भी लिखना बोलना बैन , जाति मुक्त आरक्षण या आरक्षण मुक्त भारत या केवल ज़रूरत के आधार पर आरक्षण, शासकीय कार्यो में जिम्मेदारी का निर्धारण और समय सीमा का निर्धारण, सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने पर और सार्वजनिक सम्पत्ति के नुकसान करने पर कड़ा जुर्माना , अपराध दर्ज , आर्थिक घोटाले , सरकारी जमीनों पर कब्जे पर आपराधिक प्रकरण दर्ज , सरकारी जमीनों , रेलवे स्टेशन ,बस स्टैंडों पर ,फुटपाथ पर बगैर अनुमति के बनते मन्दिर , दरगाह , मस्जिदों , चर्चो , धर्मस्थलो पर बुलडोजर ,धर्मस्थलो की सम्पत्तियो को एक सीमा के बाद देश हित में उपयोग करने का कानून , धर्म स्थलों से राजनीति , भड़काऊ भाषणो फतवो पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो ! शिक्षा ,स्वास्थ्य और निराश्रित , दिव्यांगों ,बुजुर्गों ,बच्चो पर योजनाओं को छोड़कर बाकी सभी मुफ्तखोरी योजनाओ खासकर निर्धन विवाह , प्रसूति भत्ता , तीर्थ यात्रा ,हज सब्सिडी , मुफ्त यात्रा , मुफ्त राशन , मोबाईल बंद ! और पान , गुटखा , कत्था पर बैन ! यह सब सुनकर हम सब बोलने की जगह तालियां बजाने लगे.
- परिकल्पना, साभार
कल्पेश पटेल, रायगढ़ की पोस्ट से

#नगर निगम , दुर्ग  के चुनाव अब सिर पर आ रहे हैं । #प्रदेश सरकार ने इस बार चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का निर्णय ले लिया है . इससे #भाजपा व #कांग्रेस पार्टी के  सम्भावित #महापौर पद के प्रत्याशी , जोकि अब #पार्षद के चुनाव लडऩे पर मजबूर हो रहे हैं  , अब अपने को बेहतर और अपनी ही पार्टी के अपने विरोधी को दुष्ट व गिरा हुआ दिखाने की हर जुगत मे लगे हुए हैं । #इंसान की इस #पैंतरे बाज़ी से #आहत #बंदरों ने कल मैत्रीबाग मे कांफ्रेंस कर विकास के उस सिद्धांत को खारिज कर दिया है, जिसके अनुसार आज का #मनुष्य बंदरों से ही विकसित हुआ है। बंदरों के अनुसार #मनुष्य का पतन बताता है कि वह हमारा #वंशज नहीं हो सकता। हम न #अतीत में इतने गिरे हुए थे, न आज हैं। आज हर जगह #आतंकवाद, #झूठ, #रेप, #भ्रष्टाचार, #जिस्मफरोशी और न जाने क्या-क्या पता लगता है ? कई नेताओं के कारनामे सुनकर ही घिन आती है। #मंकी कांफ्रेंस ने इस पर नए सिरे से रिसर्च करने की जरूरत जताई है कि आखिर #मनुष्य नामक इस प्राणी का उद्गम कहां से हुआ ?  #बंदरों के इस #ऐतिहासिक फैसले से #मानव समाज में #सनसनी फ़ैल गयी है। अनेक वैज्ञानिकों ने अभी से वापस खोज करना चालू कर दिया है कि आखिर हम बन्दर के नहीं तो किसके वंशज हैं ?  एक #वैज्ञानिक ने बंदरों की इस बात की सत्यता #चेक करने अनेक जानवरों से #गुण मिलाने का तय किया। गुण मिलाने गया तो चकित रह गया ? उसे आदमी में लोमड़ी सी चतुराई , भेडिय़े सी चालाकी , अजगर सी गड़प करने की #क्षमता , #सांप सा ज़हर , #भैंस सा आलस , गेंडे सी मोटी चमड़ी , केंचुए सी रीढ़ की हड्डी , सूअर सी फितरत इत्यादि मिले। वह जिस #जानवर के #दुर्गुण देखता वह किसी ना किसी आदमी में ज़रूर मिलता था। परन्तु एक चीज़ उसे ना #बन्दर और ना ही अन्य किसी भी #जानवर में मिली, वह थी किसी भी जानवर में #वंशवाद , #जातिवाद और धार्मिकता का अंधापन नहीं था। उस #वैज्ञानिक ने #सर्टिफिकेट दे दिया कि #आदमी बन्दर का वंशज नहीं हो सकता है। मैंने पत्रकार माधो को यह दुविधा सुनाई तो पत्रकार माधो बोले , हो सकता है , किसी भ्रष्ट ग्रह से कोई एलियन ग्रुप हनीमून मनाने , पीके की तरह , पृथ्वी पर आया हो और उनका वापसी वाला #रिमोट खो गया हो। हम सब उन्हीं के वंशज हों। अब वैज्ञानिक उस दिशा में भी #रिसर्च कर रहे हैं। मैं खुद भी इस #कॉन्सेप्ट से हैरान हूँ। आप लोगों की क्या #राय है ? 

#मधुर चितलांग्या, संपादक, #पूरब टाइम्स, #भिलाई 


मेरे एक #साथी ने मुझसे कहा कि #समय बहुत बदल गया है . आज के हमारे #युवा बच्चे अपनी एनर्जी के कारण , हर क्षेत्र में खुद को ज़्यादा #उपयोगी मानते हैं. यदि आप उन्हें समझाने जाओ तो कहते हैं कि #बस, अब समय #बदल गया है . आपके #समय , जैसा आप बताते हैं वैसा होता था , हमारे #समय #काम करने के लिये ज़्यादा ज़रूरी हो गई है #स्पीड व नई तरह की #स्किल,  ना कि आप लोगों की तरह की सोच व पुराने अनुभव . अब हम उम्र के उस पड़ाव में पहुंच गये हैं जहां ना नई #स्किल पर ज़्यादा आजमाइश कर सकते हैं और ना ही स्पीड पर . उनकी इस बात को सुनकर मैं बोला , क्या आप अपने बच्चे की बात कर रहे हैं . वे गहरी सांस लेते हुए बोले , सही कहते हैं . मैंने तब उन्हें अपना एक पढ़ा हुआ वृतांत बताया . एक बार एक बहुत बड़ा #एयरबस लगभग 30,000 फीट की ऊंचाई में आराम से 800 किमी/ प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था . उतने में एक युवा एक #फाइटर प्लेन उड़ाते हुए , आया और ज़ुप्प से उसके सामने से निकल कर चिढ़ाने लगा . जब उस #एयरबस के प्रौढ़ पाइलेट ने कोई #प्रतिक्रिया नहीं दी तो वह युवा उसे #चैलेंज करने लगा कि उसकी तरह #बेहतर #प्लेन चलाकर दिखाये. फिर उस #युवा ने 30,000 फीट से 10 हज़ार फीट तक प्लेन ,अनेक तरह की कलाबाज़ी खाते हुए, 20 मिनट तक चलाया . अब उसने उस #एयरबस के #पाइलेट को अपनी #कला दिखाने कहा . अगले बीस मिनट तक वह #एयरबस उसी #रफ्तार से उसी दिशा में चलता रहा . और फिर प्रौढ़ #पाइलेट ने उसे थम्स अप किया . वह #युवा पाइलट बोला , इसमें क्या कलाकारी हुई . तब वह प्रौढ़ पाइलेट मुस्कुराते हुए बोला, मैं प्लेन में अपनी जगह से उठ बैठा और पीछे जाकर , थोड़ा पैर फैलाकर , #आराम कर आया . साथ ही मैने फ्रूट खाया और अपनी साथी एयर होस्टेस से थोड़ी #हंसी-मज़ाक़ भी कर ली . क्योंकि मेरा #अनुभव कहता था कि इस जगह पर प्लेन को #ऑटो पाइलेट मोड पर उड़ाया जा सकता था. इस #कहानी का सार यह है कि जब आप युवा होते हैं तो स्पीड व उर्जा मायने रखती है पर जब आप बुज़ुर्ग होने लगते हैं तब आप ज़्यादा #अनुभवी और #चतुर हो जाते हैं तो #शांति व #आराम के साथ अपने कार्य को अंजाम दे सकते हैं . यानि कि #बुज़ुर्ग हो जाते हैं धीमे  पर चतुर अनुभवी . कितनी #जबर्दस्त बात है यह साथियों. हर उम्र का अपना एक स्टाइल होता है और एक #जायका पर उसके साथ उसकी खासियतें भी #सम्मान योग्य होती हैं . 



भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र में जलाये जाने वाले रावण उत्सव की दूर दूर तक ख्याति है. कारण है,  उसका भव्य आयोजन व उसकी आतिशबाज़ी. पिछले कुछ सालों से भाजपा की पूर्व सरकार के मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय का इस आयोजन समिति में वर्चस्व रहा था . इसमें जुड़े लोगों के संरक्षक होत थे , मंत्री पुत्र मनीष पाण्डेय . भाजपा के पिछले कार्यकाल में इनकी एकतरफा तूती बजती थी. विरोध करने वाले  कितना व कहां दबाये जाते या फेंक दिये जाते थे , इसका लोग अंदाज़ भी नहीं लगा पाते थे. सही मायने में वही रावण राज था . हमारे एक साथी ने कहा तो दूसरा साथी बोला ,  लेकिन मनीष पाण्डेय ने तो अभी के विधायक व महापौर देवेंद्र यादव पर रावण राज का इल्ज़ाम लगाया है  और यह भी आरोप लगाया है कि अपने रसूख के दम पर देवेंद्र यादव ने खुर्सीपार में रावण जलाने की अनुमति उनके समर्थकों की समिति से छीन कर अपने समर्थकों की समिति को दिलवा दी है .मनीष की आक्रामकता का अंदाज़ इस बात से लगा सकते हैं कि वे शहर में जलाने-मारने काटने की बात भी कह रहे हैं. अब तीसरा साथी बोला , जब  मनीष के पिता शासन में थे तो यही धमकी शेर की दहाड़ लगती और उनके बोलने भर से लोग दुबक जाते थे . अब वह धमकी गीदड़ भभकी लगती है जिसे साबित करने के लिये उन्हें कुछ करना ही पड़ेगा . अब मैं बोला , यह ज़माना जिधर बम उधर हम का है या फिर जिसमें राजनीतिक दम उधर प्रशासनिक अमले का है. प्रेमप्रकाश  पाण्डेय के समय मनीष ने उस बात को बहुत एंजॉय किया है . अब देवेंद्र यादव  सत्ता में है सो उन्हें उस ताक़त का मज़ा लेने देना चाहिये . नाहक में एक दूसरे को रावण बोलकर आम जनता में उत्सुकता जगाते हैं कि वास्तविक में रावण कौन है ? अब पत्रकार माधो बोल पड़े, इस बात पर खम भरने के पीछे दोनों पक्षों की दूर की लड़ाई है . भिलाई नगर निगम के महापौर का पद अब सामान्य वर्ग से घोषित हो गया है और  इसके लिये अभी से दावेदारी नहीं दिखायेंगे और अपने समर्थकों का मनोबल नहीं बढ़ायेंगे तो मनीष पाण्डेय,  आगे चुनाव जीतना तो दूर , अपनी पार्टी से चुनाव की टिकिट भी नहीं पायेंगे. रही दूसरे खेमे की बात , वे कांग्रेसी हैं परंतु उन्होने मोदीजी से सीख लिया है कि अपनी अच्छाई दिखाने से ज़्यादा असरकारक ,है दूसरे के इतिहास की बुराई दिखाना , इससे चुनाव बड़ी आसानी से जीता जा सकता है . पर यहां खास बात रही देवेंद्र यादव की चुप्पी और उनके मोहरे लक्ष्मीपति राजू की सक्रियता . आप समझ ही सकते हैं कि यह किस ओर इशारा करता है ? 

डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद को साबित किया सबसे बड़ा लबाड़ ( झूठा) , मोदीजी सहित पूरा भारत हैरान 

सचमुच डोनाल्ड ट्रम्प झूठों का बादशाह है .होशियार बिल्ली की तरह भारत और पाकिस्तान के कंधों पर , अलग अलग समय हाथ रखकर, होशियारी दिखाते हुए अपने को फिर मध्यस्थ ( आर्बिट्रेटर) बनवाने का दांव चला , तो उधर अपने अगले चुनाव में अमेरिकन भारतीयों के वोट पाने के लिये भारतीयों के सबसे बड़े हितचिंतक दिखाने की कोशिश की . ह्यूस्टन शो के बाद भारत में लोग बम-बन थे कि मोदीजी ने पाकिस्तान के खिलाफ कैसी कूटनीतिक सर्जिकल स्टाइक कर दिखाई . अब इमरान खान क्या खाकर, डोनाल्ड ट्रम्प के आगे रोना रोयेंगे लेकिन अगले 24 घंटे में ही ट्रम्प ने पल्टी मारते हुए न्यूयॉर्क में इमरान खान से मुलाक़ात के बाद बताया कि पाकिस्तान के दोस्त हैं और प्रधानमंत्री इमरान खान महान नेता हैं . फिर भारत की दो टूक इच्छा व स्टैण्ड के बावजूद वह वापस बोले , कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान में सुलह कराने के लिये तैयार, इच्छुक और समर्थÓ हूं . यदि मैं मदद करूं, मैं  ज़रूर मदद करूंगा .. यदि भारत और पाकिस्तान दोनों ने चाह तो मैं तैयार हूं . मेरे प्रधान मंत्री मोदी से अच्छे संबंध हैं . मेरे प्रधानमंत्री इमरान खान से अच्छे संबंध हैं .. मैं बहुत ही अच्छा पंच हौंगा .. मैं कभी भी बतौर आर्बिट्रेटर फेल नहीं हुआ हूं .Ó ट्रंप ने ये तमाम बातें इमरान खान से बातचीत के बाद उनके साथ प्रेस ब्रीफिंग में कहीं। जाहिर है मीडिया को, दुनिया को राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल के दो महीने में तीसरी बार बताया है कि कश्मीर का मसला पेचीदा है और वे इस मामले में पंचायत करते हुए मध्यस्थता चाहते हैं। इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्तों में पाकिस्तान को नया सर्टिफिकेट देते हुए कहा कि बेचारे पाकिस्तान के साथ उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों ने बहुत अन्याय किया। मेरी स्थिति में रहे लोगों ने पाकिस्तान के साथ बहुत बुरा किया....। मैं पाकिस्तान पर भरोसा करता हूं लेकिन मेरे पूर्ववर्तियों ने नहीं किया और वे नहीं जानते थे कि वे क्या कर रहे हैं!Ó हां यह भी ध्यान रहे वह ईरान जो इस्लामी देशों की बिरादरी में भारत का ज्यादा मददगार रहा है।  जिससे ट्रंप प्रशासन के दबाव में पहली बार भारत ने पूरी तरह तेल खरीदना हाल में बंद किया है। भारत ने अमेरिका को खुश करने के लिए ईरान से दोस्ती घटाई लेकिन बदले में नई हकीकत देखिए कि उस ईरान से बात करने के लिए सोमवार को ट्रंप ने इमरान खान से अनुरोध किया। हां, ट्रंप की तरफ से इमरान खान ईरान से बात करने को अधिकृत हुए हैं।  ट्रंप ने सोमवार को इमरान खान से कहा कि तुम अमेरिका-ईरान रिश्तों के बीच मध्यस्थ बनो। बकौल पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका-ईरान के रिश्तों में गतिरोध खत्म कराने के लिए इमरान खान को अधिकृत किया। ह्यूस्टन के स्टेडियम में हुंकारों, आक्रामक तेवरों  के बीच मंच पर ट्रंप की लफ्फाजी को देख सवा सौ करोड़ भारतीय जनता गदगद  हो गई थी लेकिन अब उसका मुखौटा उतर गया है. मोदीजी ऐसे दोस्त से सावधान रहें ! 

मधुर चितलांग्या, संपादक, पूरब टाइम्स, भिलाई 

















नई मोदी सरकार के पहले सौ दिन कैसे रहे, इस विषय पर पक्ष और विपक्ष में जबर्दस्त दंगल छिड़ा हुआ है, पक्ष इसे ज़बर्दस्त व अभूतपूर्व कह रहा है तो विपक्ष इसे तानाशाही ढंग से तुगलकी निर्णय लेने वाला समय बता रहा है, आप लोगों का इस बारे में क्या कहना है ? हमारे एक साथी ने यह सवाल उछाल दिया तो दूसरा साथी बोला, पिछले 100 दिन में देश ने तानाशाही, ढोंग, अराजकता और झूठे दावों का नंगा नाच देखा है . मैं तो कहूंगा कि भारत के इतिहास में आंकड़ों से छेड़छड़ करने वाली ऐसी सरकार कभी नहीं हुई. वह आगे कुछ और बोल पाता इसके पहले उसकी बात काटते हुए तीसरा साथी बोला,  तीन तलाक, कश्मीर का पूर्ण विलय, सर्वोच्च सेनापति की नियुक्ति का संकल्प इत्यादि कुछ कार्रवाइयां पिछले 100 दिन में ऐसी हुई हैं, जो पिछली कोई भी कांग्रेसी और गैर-कांग्रेसी सरकारें भी नहीं कर सकी हैं, इसके अलावा हवाई अड्डों, सड़कों और रेल-पथ निर्माण, किसानों को सीधी सहायता, स्वच्छ भारत अभियान, बैंकों का विलय, जल-सुरक्षा, ग्राम-विकास आदि ऐसे कामों में उल्लेखनीय प्रगति इस सरकार ने वैसे ही की है, जैसी कि अन्य सरकारें करती रही हैं. विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने अमेरिका, फ्रांस, रुस और कुछ प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों के साथ पिछले दिनों में इतने अच्छे संबंध बना लिये हैं कि कश्मीर के सवाल पर पाकिस्तान को उसने किनारे लगा दिया है. इन सभी सफल कामों का श्रेय इस सरकार को जरुर दिया जाना चाहिए . यह सुनकर मैं बोला, सही में , इन सफल कामों का श्रेय इस सरकार को जरुर दिया जाना चाहिए . सचमुच, अनेक कड़े निर्णय लेने की क्षमता इसके पहले किसी सरकार में नहीं दिखती थी . लेकिन इस समय आर्थिक मोर्चे पर इसकी गिरावट इतनी तेज है कि यदि अगले कुछ माह में वह नहीं संभली तो ऊपर गिनाई गई उपलब्धियों पर पानी फिरते देर नहीं लगेगी. हांलाकि सरकार भी परेशान है और वह रोज ही कुछ न कुछ नये प्रयास कर रही है ताकि देश की अर्थ-व्यवस्था पटरी पर आ जाए. अभी कश्मीर का भी ठीक से कुछ पता नहीं कि अगले दो-चार माह में वहां क्या होने वाला है ? मेरी बात सुनकर पत्रकार माधो बोले, यह सरकार काफी स्थिर है . पिछले 100 दिनों में इसका कुल रवैया काफी बहिर्मुखी रहा है और उसे इसका श्रेय भी मिला है लेकिन उससे भी ज्यादा जरुरी है- अब उसका अंतर्मुखी होना. यह ठीक है कि आज भारत में विपक्ष  अधमरा हो चुका है लेकिन यदि आर्थिक असंतोष फैल गया तो जनता ही विपक्ष की भूमिका अदा करने लग सकती है.


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके के फर्जी दस्तखत से वायरल हुए एक पत्र के मामले में शुक्रवार को रायपुर के सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कर लिया गया। इस चिट्ठी में लिखा था कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। इसके लिए कांग्रेस विधायकों को कथित तौर पर 50-50 करोड़ रुपए में खरीदकर तथा मंत्री पद का प्रलोभन देकर भाजपा सरकार बनानी चाहिए। पिछले महीने वायरल हुए इस पत्र को खुद राज्यपाल ने फर्जी करार देते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी को जांच के निर्देश दिए थे। डीजीपी के निर्देश पर रायपुर पुलिस ने इस चिट्ठी की जांच की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि यह पूरी तरह से फर्जी पत्र था।  जांच में पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि राज्यपाल पूर्व में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में थी वहीं के लैटरपैड पर यह चिट्ठी लिखी गई है। इसमें छत्तीसगढ़ के किसी भाजपा कार्यकर्ता मोहित राम का नाम लिखा गया है। पुलिस उसकी तलाश में है, ताकि पूछताछ की जा सके और पता चले कि राज्यपाल के फर्जी दस्तखत आखिर किसने किए थे। 

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा और बीजापुर में शनिवार सुबह मुठभेड़ में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप डीआरजी ने तीन नक्सलियों को मार गिराया। दंतेवाड़ा में जवानों ने मुठभेड़ में 5-5 लाख रुपए के दो इनामी नक्सलियों को ढेर किया। मौके से जवानों ने 12 बोर की राइफल और 9 एमएम की एक पिस्टल बरामद की है। बीजापुर में एक नक्सली मारा गया। दूसरी ओर दंतेवाड़ा में ही सुबह नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में जनअदालत लगाकर एक ग्रामीण की हत्या कर दी। नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर पहुंची थी टीम दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि किरंदुल क्षेत्र में कुटेरम के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद थाने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप (डीआरजी) की टीम को सर्चिंग के लिए रवाना किया गया। जंगलों में जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। इसमें दो नक्सली मारे गए। नक्सलियों की शिनाख्त लच्छू मंडावी और पोदिया के रूप में हुई है। दोनों ही नक्सली संगठन मलांगीर एरिया कमेटी के सदस्य थे। उन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था।  बीजापुर में मुठभेड़, शव और हथियार बरामद
बीजापुर के आवापल्ली थाना क्षेत्र के पुन्नूर की पहाड़ियों में तड़के डीआरजी जवानों और पुलिस बल के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई। एक नक्सली को मार गिराया गया। जवानों ने नक्सली का शव और 315 बोर की बंदूक बरामद की है। हालांकि अभी तक मारे गए नक्सली की पहचान नहीं हो सकी है। मुठभेड़ की पुष्टि एसपी दिव्यांग पटेल ने की है। जवानों के लौटने के बाद ही मुठभेड़ को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आ सकेगी।  जनअदालत लगाकर सुनाई मौत की सजा दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर ग्रामीण की हत्या कर सड़क पर फेंका शव। दूसरी ओर किरंदुल क्षेत्र में ही एस्सार के पास नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर एक ग्रामीण की हत्या कर दी। ग्रामीण पर पुलिस का मुखबिर होने का संदेह था। शव के पास ही एक पर्चा भी मिला है। जिस पर ग्राम पुलूम पंचायत मिडयामपारा मिड्यम मंजाल लिखा है। साथ ही मुखबिरी करने वाले को मौत की सजा देने की बात कही गई है। ग्रामीण की पहचान पुलुम पंचायत निवासी मीडियम मंजाल के रूप में हुई है। किरंदुल एसडीओपी धीरेंद्र पटेल ने बताया कि शव के पास ही एक झोला भी मिला है। बम की आशंका होने के चलते बीडीएस टीम को बुलाया गया है। दंतेवाड़ा के उपचुनाव के लिए 23 सितंबर को होना है मतदान दंतेवाड़ा में 23 सितंबर को विधानसभा के उपचुनाव का मतदान है। जिसे देखते हुए नक्सलियों की सरगर्मी फिर बढ़ गई है। पुलिस को भी लगातार इनपुट मिल रहे हैं। कुटरेम इलाके में नक्सलियों के जमावड़े की बड़ी सूचना मिल रही थी। पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीण और जंगलों पर खास नजर रखी जा रही है। कुछ ही महीने पहले दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सली धमाके में हत्या के बाद उपचुनाव होने हैं।