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रायपुर। मातृत्व सुरक्षा और शिशु सुरक्षा के उद्देश्य से शुरू की गई महतारी एक्सप्रेस सुविधा आज प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार से मातृत्व और शिशु सुरक्षा की जिम्मेदारी को जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंच्टीच्यूट (जीवीके ईएमआरआई) संस्था ने निभाते हुए अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक कुल 6,48,812 मरीजों की सहायता की है । जिसमें 6,510 कोविड-19 मरीज भी शामिल हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान भी महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी अपनी सेवा में तत्पर हैं। इसी क्रम में बीते दो माह यानीे अप्रैल और मई 2021 को ही लें तो महतारी एक्सप्रेस 102 ने कुल 4424 कोरोना मरीजों को अस्पताल पहुंचाया है। 

इनमें सर्वाधिक रायगढ़ 832, जशपुर 691 और सुकमा 530 मरीजों को लाभ मिला है। इसके अलावा बीजापुर 494, बस्तर कांकेर 401, राजनांदगांव 304 और नारायणपुर 301 मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। उल्लेखनीय है प्रदेश में अगस्त 2013 में मातृ और शिशु स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर से 21 एंबुलेंस के साथ 102 महतारी एक्सप्रेस की सेवा की शुरूआत की थी। वर्तमान में 324 एंबुलेंस सेवा जीवीके ईएमआरआई संस्था से प्रदेश में 24 घंटे और 365 दिन संचालित किए जा रहे हैं। 102 टोल फ्री नंबर पर कॉल करके किसी भी प्रकार की प्रसव संबंधी सहायता, 0 से 1 वर्ष तक के बीमार नवजात शिशु को स्वास्थ्य सहायता और नसबंदी सेवा का लाभ भी लिया जा सकता है।

वनांचल के ग्रामीणों को राहत 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा से वनांचल के ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए काफी सहुलियत मिल रही है। कोंडागांव की रहने वाली लीली ने कहा कि 102 के कर्मियों के अथक प्रयास से ही वह और उनके नवजात शिशु की जान बच सकी। डिलीवरी के वक्त अस्पताल पहुंचने के लिए उन्होंने 102 फोन किया और 102 के कर्मचारी फौरन पहुंचे और नदी पार कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इसी तरह सूरजपुर की रीना ने बताया उनके घर अस्पताल पहुंचने का साधन मौजूद नहीं था इसलिए सरकारी अस्पताल पहुंचाने और वहां से घर पहुंचाने में महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों ने मदद की। वहीं बलौदाबाजार की शालिनी साहू ने बताया कि मौके पर मितानिन नीर बाई ने 102 को नहीं बुलाया होता तो शायद वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पातीं। 

इस तरह एंबुलेस के जरिए सुदूर जंगलों के ग्रामिणों को स्वास्थ्य सहायाता पहुंचाई गई है। सघन वनक्षेत्र या खराब रास्तों वाले क्षेत्रों में 102 महतारी सेवा के कर्मचारी 3 से 4 किलोमीटर तक पैदल चलकर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के कार्य में जुटे हैं। मरीजों की सेवा एक नजर में शिबू कुमार पीआऱओ ने बताया महतारी एक्सप्रेस 102 सेवा का लाभ लाखों मरीजों ने लिया है। 102 के जरिए अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक कुल 6,48,812 लोगों की सेवा की है। इनमें प्रसव पूर्व जांच 1,59,087, प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचे। 1,58,270, प्रसव के बाद घर वापसी 2,49,390, बड़े अस्पताल रेफर 38,660, 0-1 वर्ष के बच्चे से संबंधित- 36,895 तथा 6,510 कोरोना मरीजों को सेवा प्रदान की है।

पूरब टाइम्स रायपुर। रोजगार प्रारम्भ करने हेतु मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं । इस योजना के अंतर्गत विनिर्माण उद्यम हेतु अधिकतम परियोजना लागत रू. 25 लाख, सेवा उद्योग हेतु अधिकतम परियोजना लागत रू. 10 लाख एवं व्यवसाय हेतु अधिकतम परियोजना लागत रू. 2 लाख तक के ऋण बैंकों के माध्यम से स्वीकृत किये जायेंगे। इसके लिए इच्छुक आवेदक आवश्यक दस्तावेज एवं प्रस्तावित योजना के साथ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, उद्योग भवन, तृतीय तल, रिंग रोड नं.-1, तेलीबांधा, रायपुर में संपर्क कर आवेदन कार्यालयीन समय मे प्राप्त और जमा कर सकते है।

जिला उद्योग केंद्र ,रायपुर के मुख्य महाप्रबंधक  वी के देवांगन ने बताया कि इस हेतु कार्यालय में संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा उन्हे उचित मार्गदर्शन प्रदान करते हुए फार्म पूर्ण कराने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी प्राप्त करना हो , तो कार्यालय के अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

पूरब टाइम्स राजनांदगांव । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कलेक्टर  टोपेश्वर वर्मा ने सभी नागरिकों से पौधरोपण करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि पौधों से हमें शुद्ध वायु मिलती है और यह हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। हम सभी को पर्यावरण संतुलन एवं वर्तमान परिप्रेक्ष्य को देखते हुए वृक्षारोपण के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक होना चाहिए। अपने आत्मीय स्वजन की स्मृति में सभी पौधरोपण करें। पर्यावरण का संरक्षण और इसका संवर्धन हम सबकी जिम्मेदारी है। सभी जितना अधिक हो सके पौधरोपण करें और अपनी भागीदारी निभाएं। पौधरोपण के बाद उसकी सुरक्षा और पोषण भी करें। पौधे खुशी, उल्लास और शांति का प्रतीक है। आइये हम सभी धरती को हरा भरा बनाने में अपना योगदान दें। हर नागरिक एक पौधा लगाने का संकल्प लें।



    गौरतलब है कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की नीति पर अमल करते हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्दाेष आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश  ए.के.पटनायक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है, वहीं जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को भी आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज नक्सल मामलों की छानबीन कर निर्दाेष आदिवासियों को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।  
    न्यायालय के माध्यम से आदिवासियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी हेतु जस्टिस पटनायक कमेटी के समक्ष प्रकरण विचार हेतु प्रस्तुत किये गये थे , जिनमें से समिति ने 627 प्रकरणों की वापसी हेतु अनुशंसा की है। पटनायक समिति की अनुशंसा के आधार न्यायालय से 594 प्रकरण वापस लिये जा चुके हैं जिनमें 726 व्यक्तियों को लाभ प्राप्त हुआ है। वर्तमान में सिर्फ 33 प्रकरण न्यायालय से वापसी हेतु लंबित हैं।

    इसी तरह पुलिस विभाग द्वारा 365 नक्सल प्रकरणों को न्यायालयों में स्पीडी ट्रायल के लिए चिन्हित किया जिसमें न्यायालय द्वारा 124 प्रकरणों को दोषमुक्त करते हुए 218 आरोपियों को लाभान्वित किया गया है। इसमें दंतेवाड़ा जिले के 24 प्रकरणों में 36 लोगों को, बीजापुर जिले में 44 प्रकरणों में 47 लोगों को, नारायणपुर जिले में 7 प्रकरणों में 9 लोगों को और कोण्डागांव जिले में 3 प्रकरणों में 9 आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है। इसी तरह कांकेर जिले में 1 प्रकरण में 6 लोगों को, सुकमा जिले में 44 प्रकरणों में 109 लोगों को और राजनांदगांव जिले में 1 प्रकरण में 2 आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है।

पूरब टाइम्स रायपुर। कठिन और विषम परिस्थितियों में जब जान जाने का खतरा था तब छत्तीसगढ़ पुलिस ने जान की परवाह किये बगैर फ्रंट लाईन पर ड्यूटी की। पुलिस ने लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान न केवल कानून व्यवस्था संभाली बल्कि धैर्य का परिचय भी दिया। उक्त बातें डीजीपी  डीएम अवस्थी ने आज छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज कोरोना वारियर्स को सम्मानित करते हुये कहीं। डीजीपी द्वारा आज यहां पुलिस ट्रांजिट मेस में छत्तीसगढ़ पुलिस के करीब 500 अधिकारियों, कर्मचारियों को वर्चुअली मीटिंग में कोरोना वारियर्स सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में दुर्ग रेंज के आईजी  विवेकानंद सिन्हा, रायपुर आईजी डॉ आनंद छाबड़ा, रायपुर एसएसपी  अजय यादव, उप निदेशक पुलिस अकादमी डॉ संजीव  शुक्ला , दुर्ग एसपी प्रशांत ठाकुर, एआईजी  राजेश अग्रवाल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान वर्चुअली बिलासपुर रेंज के आईजी  रतनलाल डांगी, बस्तर आईजी  सुंदरराज पी, सरगुजा आईजी  आर पी साय एवं सभी एसपी और कमांडेंट्स को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस लोककल्याणकारी की भूमिका में रहते हुये संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उनकी मंशा के अनुरूप संक्रमण के दौरान पुलिस और नगारिकों के मध्य नया विश्वास विकसित हुआ है। मुख्यमंत्री जी कई अवसरों पर छत्तीसगढ़ पुलिस के कार्य की प्रशंसा कर चुके हैं। इससे हमारे पुलिस जवानो के मनोबल में वृद्धि हुयी है और वे लगातार उत्साह के साथ कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम में श्री अवस्थी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान सिपाही से लेकर एसपी और कमांडेंट तक ने बहादुरी से कार्य किया है। पुलिस ने हर एक जान की कीमत को समझा और लोगों की मदद की। हमेशा देखा गया है कि पुलिस की नकारात्मक छवि सामने आती है लेकिन संक्रमण के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली को नागरिकों द्वारा बहुत सराहना मिली। यहां तक कि लोगों ने ड्यूटी कर रहे कर्मियों को चाय पानी से लेकर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करायीं। यही पुलिस की असल उपलब्धि है। नागरिकों और पुलिस का ये संबंध हमेशा बना रहना चाहिये। पुलिस मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुये इसी प्रकार नागरिकों के प्रति समर्पित होकर कार्य करती रहेगी और समाज में बेहतर छवि पेश करेगी।


जिले के नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित समस्त देशी-विदेशी मदिरा दुकानों के संचालन के लिए समय सीमा निर्धारित किया है। निर्धारित समय सीमा के अनुसार जिले के नगरीय क्षेत्र मुंगेली, दाऊपारा, पथरिया, सरगांव और लोरमी में संचालित देशी-विदेशी मदिरा की दुकानें सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होंगी।


इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र ग्राम कंतेली, ग्राम जरहागांव, ग्राम गोडखाम्ही, ग्राम डिडौरी में संचालित देशी मदिरा की दुकान और ग्राम अखरार में संचालित विदेशी मदिरा की दुकान सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक संचालित होगी। फुटकर मदिरा दुकानों, रेस्टोरेंट बार और क्लबों को रात 10 बजे तक संचालित किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है।


विदेशी मदिरा दुकानों से होम डिलवरी पिंक-अप व्यवस्था यथावत चालू रहेगी। फुटकर मदिरा दुकानों के संचालन के दौरान कोविड प्रोटोकाल और कोरोना महामारी से बचाव के लिए शासन द्वारा समय-समय पर जारी एसपीओ का अनिवार्य रूप से पालन किया जाएगा. कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पी.एस एल्मा ने संबंधित अधिकारियों को जारी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर। प्रदेश के जिला, शहर, नगर, ब्लाक, बुथ, वार्ड कमेटी में 5 जून शनिवार को बढ़ती मंहगाई के विरोध में पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। प्रदेश प्रभारी पुनिया, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मरकाम के निर्देशानुसार धरना प्रदर्शन कोविड गाईडलाईन के अनुरूप अपने-अपने घर के बाहर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक किया जाएगा। 

इस प्रदर्शन में जिला के स्थानीय प्रदेश पदाधिकारियों, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व प्रत्याशी, पूर्व विधायक, एआईसीसी एवं पीसीसी सदस्यों, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पदाधिकारियों, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ, विभाग के जिला, ब्लाक पदाधिकारियों, सोशल मीडिया के प्रशिक्षित सदस्यों, नगरीय निकाय, त्रिस्तरीय पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, सहकारिता क्षेत्र के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कांग्रेसजनों के साथ-साथ अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने जारी किये है। कोरोना गाईडलाईन का पालन करते हुए यह धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उक्त धरने को सोशल मीडिया में भी अधिक से अधिक कवरेज करने के निर्देश दिये गए है।

पूरब टाइम्स रायपुर।  कोरोना महामारी के कारण पहले से ही परेशान अभिभावकों को शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूलों ने फीस का बोझ लाद दिया है। कोरोना महामारी के बीच अभिभावकों को बिना सूचना दिए निजी स्कूलों ने 16 से 20 फीसद तक शुल्क वृद्धि कर दी है। इसकी सूचना न तो अभिभावकों को दी गई और न शिक्षा विभाग को। महामारी के बीच स्कूलों में शारीरिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद हैं।आनलाइन कक्षा के नाम पर पिछले साल भी लूट मचाई गई थी। इस बार संकट और बढ़ गया है। दूसरी लहर ने कई परिवारों को खासा प्रभावित किया है। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन गुपचुप तरीके से शुल्क वृद्धि कर अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा (डीईओ) का कहना है कि एक साथ इतनी फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। अधिकतम आठ फीसद तक ही फीस बढ़ाने का प्रावधान हैं।

शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। इधर, राजधानी के निजी स्कूलों में न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर पौने दो लाख रुपये तक नर्सरी और पहली कक्षा की फीस है, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेजों में न्यूनतम 30 हजार से लेकर अधिकतम फीस 65 हजार रुपये प्रति वर्ष है। प्रदेश के 12 हजार निजी स्कूलों में 15 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। रायपुर की बात करें तो यहां निजी 886 और सरकारी 1403 स्कूल संचालित हैं।

राज्य में पहली बार अशासकीय विद्यालयों की फीस निर्धारण प्रक्रिया में विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों के आपसी परामर्श को वैधानिक आधार प्रदान किया गया है। साथ ही, फीस निर्धारण की प्रक्रिया के लिए प्रावधान तय किए गए हैं। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से यह कानून समस्त राज्य में लागू हो गया है। राजपत्र में स्कूल से राज्य स्तर तक गठित होने वाली समितियों, फीस निर्धारण आदि का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इसमें स्पष्ट है कि निजी स्कूल अधिकतम आठ फीसद ही फीस बढ़ा सकते हैं।

नियम के अनुसार अशासकीय विद्यालय, जिला व राज्य स्तर पर फीस समितियों का गठन किया जाएगा। फीस निर्धारण के लिए स्कूल व जिला स्तर पर गठित होने वाली समितियों में कलेक्टर के द्वारा नामांकित सदस्य होंगे। इनका कार्यकाल दो वर्ष होगा, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने से पहले भी कलक्टर उन्हें किसी भी समय बिना कारण बताए हटा सकेंगे। राज्य फीस समिति अशासकीय विद्यालयों द्वारा ली जाने वाली फीस के संबंध में नीति निर्धारण कर सकेगी और अन्य समितियां इसके अनुरूप फीस तय कर सकेंगी। राज्य फीस समिति के निर्देश सभी समितियों के लिए बंधनकारी होंगे।

पूरब टाइम्स  रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फिर से पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं। इस वक्त शहर में पेट्रोल का दाम 92 रुपए प्रति लीटर है। 96 रुपए के दाम नर एक्सट्रा प्रीमियम फ्यूल मिल रहा है और डीजल 92 रुपए प्रति लीटर पर बेचा जा रहा है। करीब हरचंद पेट्रोल पंप के संचालक ने बताया कि एक दिन की आड़ में लगभग 20 से 30 पैसे प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत बढ़ रही है। पिछले एक महीने में पेट्रोल ने 89 रुपए से अब 92 रुपए तक का सफर पूरा कर लिया है। यह रफ्तार रही तो आने वाले कुछ महीनों में रायपुर में 100 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल बिक सकता है। 

कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का विरोध अनोखे अंदाज में किया। पेट्रोल पंप के कट आउट डिजाइन बनाए और इसे लेकर चल रहे युवकों ने प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा लगा रखा था। मोदी बने युवक ये पंप उठाकर जय स्तंभ चौक से मालवीय रोड और कोतवाली तक यूं ही चलते रहे। विनोद तिवारी ने कहा कि केंद्र की सरकार की वजह से रायपुर में 92 तो देश के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपए लीटर के दाम पर बिक रहा है। जब भाजपा विपक्ष में भी सड़कों पर उतर कर विरोध  करती थी, मगर अब इस महंगाई पर कोई नेता कुछ नहीं कहता। मोदी भक्त इसे जायज ठहराते हैं। हम सड़क पर इस मांग के साथ उतरे हैं कि बढ़ी कीमतें वापस ली जाएं और सरकार को जरा शर्मा आए।

पेट्रोल डीजल की कीमतों की वजह से पूरे देश में होने वाले हर तरह की चीजों के ट्रांसपोटेशन पर असर पड़ता है। इसकी वजह से खाने-पीने की चीजों कम दामों पर भी असर पड़ता है। पूरे देश में ब्रांडेड कंपनियों के पैकेज्ड आइटम भेजे जाते हैं। रायपुर के वरिष्ठ किराना व्यापारी जितेंद्र बरलोटा ने बताया कि चीजों के दाम आए दिन बढ़ रहे हैं। बड़ी कंपनियां चुपके से MRP में बदलाव कर रही हैं। कुछ ब्रांड के बाथ सोप में 5 रुपए तक दाम बढ़ गए हैं। बर्तन धोने के साबुन पर भी अब दो रुपए बढ़कर MRP प्रिंट आ रही है।

खाने के तेल की कीमतों पर भी लॉकडाउन और पेट्रोल-डीजल के दामों का असर पड़ा है। 1800 रुपए में बिकने वाला सन फ्लावर तेल का टीपा अब 2600 रुपए में बिक रहा है। गोलबाजार में पिछले 50 सालों से भी अधिक वक्त से खाने के तेल और किराना सामान का व्यापार मनीष राठौर का परिवार कर रहा है। उन्होंने बताया कि खाने के तेल की कीमतों की वजह से आम आदमी बेहद परेशान है। जून और जुलाई के पहले हफ्ते तक बारिश के आते-आते कीमतें कुछ कम होने की संभावना हमें नजर आ रही है।

सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2021 के मार्च महीने तक की स्थिति में पेट्रोल की कीमत में रिकॉर्ड 21.58 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 19.18 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पिछले महीने राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के शहरों में अब पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के दाम पर है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या में तेजी आ रही है. राजधानी रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पातल में ब्लैक फंगस से पीडि़त मेडिकल ऑफिसर डॉ. बीपी सोनकर की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी। वे 61 वर्ष के थे और बिलासपुर के पुलिस परिवार कल्याण चिकित्सालय में मेडिकल ऑफिसर पद पर तैनात थे। 


कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद वे ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए थे। उसके बाद उन्हें रायपुर के डॉ. आम्बेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया, ब्लैक फंगस का संक्रमण उनके दिमाग तक पहुंच गया था। पिछले दिनों उनकी सर्जरी की गई। उसके बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल की प्रवक्ता शुभ्रा सिंह ने बताया कि कोरोना के बाद की दिक्कतों के साथ डॉ. सोनकर को 29 मई को भर्ती कराया गया था।
 

उन्हें हाइपरटेंसन और दूसरी दिक्कतें भी थीं। उनकी सर्जरी हुई लेकिन उनका निधन हो गया। डॉ. सोनकर मूल रूप से मुंगेली के रहने वाले थे। प्रदेश में अब तक ब्लैक फंगस संक्रमण की वजह से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी से पहली मौत 11 मई को हुई थी। भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती एक 48 वर्षीय मरीज की जान चली गई थी। उनको पहले रायपुर के एक निजी अस्पताल में रखा गया था। बाद में सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया।

रायपुर। टूल किट मामले में नेताओं की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पुलिस ने दूसरी दफा नोटिस जारी किया है। दरअसल डा.रमन सिंह ने पूछताछ के दौरान पुलिस को लिखित में जवाब दिया था। यह जवाब संतोषजनक नहीं होने पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने रमन सिंह को दोबारा नोटिस जारी कर कई सवाल पूछे हैं।


जानकारी के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ई-मेल के माध्यम से समय मांगा है। इससे पहले 21 मई को सिविल लाइन ने रमन सिंह को नोटिस जारी किया था। इसके अलावा टूल किट मामले में सिविल लाइन पुलिस भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को भी जल्द तीसरी दफा नोटिस जारी कर सकती है। राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को इससे पहले दो बार नोटिस दी जा चुकी है।


टूल किट मामले में कांग्रेस की शिकायत के बाद पुलिस ने संबित पात्रा और डा.रमन सिंह समेत अन्य के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। टूलकिट मामले में ट्वीट के बाद कांग्रेस ने 19 मई को रमन सिंह और संबित पात्रा के खिलाफ सिविल लाइन थाना में एफआइआर दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने रमन सिंह और संबित पात्रा को भी नोटिस जारी किया है।
       बैंगलुरू जाकर जांच
एएसपी ग्रामीण तारकेश्वर पटेल के नेत्तृव में सीएसपी कोतवाली, सिविल लाइन थाना प्रभारी आरके मिश्रा, एसआई मनीष बाजपेयी इस मामले में गुरुवार सुबह बैंग्लुरू के लिए रवाना होंगे। वहां कांग्रेस के नेता राजीव गौड़ा से मिलकर पुलिस टीम टूल किट मामले से जुड़ी जानकारी लेगी।

पूरब टाइम्स रायपुर। नीति आयोग ने राज्यों की प्रगति संबंधी सतत विकास लक्ष्यों के लिए सूचकांक (एसडीजी)  इंडिया इंडेक्स 2020-21 रिपोर्ट जारी की है, जिसमें लैंगिक समानता में छत्तीसगढ़ टॉप स्टेट बना है। बता दें कि नीति आयोग की एसडीजी इंडिया इंडेक्स में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण के क्षेत्र में राज्यों की प्रगति के आधार पर उनके प्रदर्शन को आंका जाता है और उनकी रैंकिंग की जाती है। इस सूचकांक में ओवर आल रैकिंग में छत्तीसगढ़ ने पिछली बार के मुक़ाबले अपने अंकों में भी सुधार किया है। वहीं, 16 लक्ष्यों में से एक लैंगिक समानता में सभी राज्यों को पीछे छोडते हुये छत्तीसगढ़ ने बाजी मारी है।

छत्तीसगढ़ में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने व महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण संबंधी नीतियों को अपनाया गया है, जिसके लिए प्रदेश में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है। यही वजह है कि लिंगानुपात में भी छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव, हिंसा को समाप्त करने का लक्ष्य बनाया है। प्रदेश में महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक निर्णयों एवं नेतृत्व के समान अवसर व सहभागिता प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा सखी-वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, नोनी सुरक्षा योजना, नवा बिहान योजना, सक्षम योजना, स्वावलंबन संबंधी योजनाएँ चलाई जा रही है। वहीं, महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में भूमि, संपत्ति आदि पर कानून के अनुसार महिलाओं का स्वामित्व एवं नियंत्रण सुनिश्चित कराया जा रहा है।

महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक व पोषण की स्थिति में सुधार लाने, उनके संवैधानिक हितों की रक्षा और उन्हें योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सक्षम तथा जागरूक बनाने की दिशा में कई कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार ने आदिवासी समाज में मातृ-शक्ति को और सशक्त बनाने के लिए वनोपजों के कारोबार से महिला समूहों की 50 हजार से अधिक सदस्याओं को जोड़ने का फैसला लिया है। राज्य के 11 जिलों में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और जागरूकता के लिए महिला शक्ति केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है।

बिलासपुर।12वीं कक्षा की परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका वितरण लगभग पूरा हो गया है। बच्चों ने घरों में लिखना शुरू कर दिया है। इधर नियमित छात्र-छात्राओं को शत-प्रतिशत वितरण हुआ तो वहीं स्वाध्यायी में कई परीक्षार्थी वंचित हो गए हैं। प्राचार्यों की मानें तो अभी पांच जून तक उन बच्चों के पास समय है। इसके बाद उन्हें अनुपस्थित घोषित कर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों को शाला में दूसरे दिन बुधवार को सभी प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाओं का एक साथ वितरण किया गया। मास्क के साथ दो गज की दूरी का पालन करते हुए प्रदान किया गया। शासकीय बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला समेत राजेंद्र नगर, सरकंडा, तिफरा, देवरीखुर्द, देवकीनंदन, सिरगिट्टी एवं कोनी में जो परीक्षार्थी पहले दिन नहीं पहुंचे थे उन्हें वितरित किया गया।

शासकीय बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला के प्राचार्य डा.आरके गौरहा ने बताया कि पहले दिन 50 बच्चे अनुपस्थित थे। उनमें से 31 छात्रों ने बुधवार को अपना प्रश्नपत्र लिया। शेष स्वाध्यायी छात्रों से संपर्क जारी है। यही हाल कोनी व एमएलबी में था। निजी व अनुदान प्राप्त स्कूलों ने भी वितरण कार्य पूरा कर लिया है। बोर्ड व जिला शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। जिले के 257 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

उनमें 17 हजार से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद 12 से 16 मई के बीच परीक्षा केंद्रों को समन्वयक केंद्र शासकीय बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला में उत्तरपुस्तिका जमा करनी होगी। इसके लिए दोपहर 12 से शाम चार बजे तक का समय दिया गया है। कोटा क्षेत्र के लिए 12 मई, मस्तूरी 13, तखतपुर 14 व बिल्हा क्षेत्र के स्कूल 15 मई को जमा करेंगे।

छह जून से स्कूलों में उत्तरपुस्तिका जमा होगी। इस दिन रविवार है। हालांकि बोर्ड ने अवकाश के दिन स्कूलों को खुला रखने का आदेश दिया है। चिंता इस बात की है कि जिला प्रशासन ने रविवार को पूर्ण लाकडाउन का आदेश दिया है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी कोई अलग से आदेश नहीं दिया है। इसलिए छात्र संशय में हैं। शिक्षकों की मानें तो प्रवेश पत्र दिखाकर आने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

पूरब टाइम्स रायपुर।  देश में उत्पादों की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने आज कहा, मोदी सरकार के 7 वर्षों में वस्तुओं की कीमत दोगुना हो गई है। प्रधानमंत्री जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो कोरोना से बच गए लोगों को यह महंगाई मार डालेगी। कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में संवाददाताओं से चर्चा में मोहन मरकाम ने कहा, पिछले डेढ़ साल से जनता कोरोना महामारी की मार झेल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अदूरदर्शी और जनविरोधी नीतियों ने कोरोना की बीमारी के समय में जीवन को और कठिन बना दिया है। वह अचानक किया हुआ लॉकडाउन हो, अस्पतालों से लेकर ऑक्सीजन तक का इंतजाम हो या फिर वैक्सीन नीति, हर जगह नरेंद्र मोदी सरकार विफल दिखाई देती है। मरकाम ने कहा, केंद्र सरकार की विफलता से लाखों लोगों की जान चली गई। उद्योग और कारोबार ठप्प होने से रोजगार का संकट पैदा हो गया। ऐसे समय में केंद्र सरकार महंगाई बढ़ाने में लगी हुई है। 

मोहन मरकाम ने खाद्य तेलों की महंगाई के बहाने औद्योगिक घराने अडानी समूह और इस बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की। मरकाम ने कहा, एक तरफ खाद्य पदार्थो के दाम बढ़े, दूसरी ओर किसानों की आमदनी घटी। मतलब खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने का फायदा किसानों को नहीं बल्कि बिचौलियों को मिला है। खाद्य तेल के दाम पिछले दो वर्ष में ही दोगुने बढ़ गए हैं। देश में खाद्य तेल के सबसे बड़े निर्माता मोदी के प्रिय गौतम अडानी है। ऐसे में समझा जा सकता है कि इस महंगाई का सबसे अधिक फायदा किसे मिल रहा है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, अप्रैल 2014 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल थी। तब मनमोहन सिंह जी देश के प्रधानमंत्री थे और उन्होंने पेट्रोल-डीजल के दाम को बढ़ने नहीं दिया। उस समय पेट्रोल की कीमत 72 रुपए प्रति लीटर एवं डीजल की कीमत 55 रुपए प्रति लीटर थी। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमत 69.15 डॉलर प्रति बैरल है। जबकि रायपुर में पेट्रोल की कीमतें 92.76 रुपए प्रति लीटर एवं डीजल की कीमत 92.38 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। देश के कुछ शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए से भी ज्यादा हो गई है। पिछले मई महीने में ही पेट्रोल-डीजल के दाम 16 बार बढ़ाए गए हैं।

मोहन मरकाम ने आरोप लगाया केंद्र सरकार पेट्रोलियम पर एक्साइज ड्यूटी के जरिए जनता की जेब पर डाका डाल रही है। उन्होंने कहा, क्रूड आयल की कीमतों में 36 प्रतिशत की कमी आई है उसके बाद भी पेट्रोल के दाम में 31 प्रतिशत की और डीजल के दामों में 55 प्रतिशत की वृद्धि हो गई। 2014 में जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई थी तब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपए प्रति लीटर थी। अभी यह ड्यूटी 32.90 रुपए प्रति लीटर है। 2014 में डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3.56 रुपए प्रति लीटर थी जो वर्तमान में 31.80 रुपए प्रति लीटर है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा, महंगाई से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नए-नए शिगुफे छोड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम की वजह से पेट्रोल, डीजल की कीमत बढ़ने पर साइकिल पर सवार होकर सड़क पर उतरने वाले रमन सिंह इस समय फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों को बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कोई षडयंत्र हो रहा है। मरकाम ने कहा, दरअसल महंगाई नरेंद्र मोदी सरकार का असली षडयंत्र है और यह अपने प्रिय कारोबारियों और उद्योगपतियों की जेबें भरने का तरीका है। मरकाम ने कहा, हम मांग करते हैं कि रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर और बृजमोहन अग्रवाल जैसे नेता महंगाई पर अपना रुख स्पष्ट करें और जनता से माफी मांगें।



अपने विचार /सवाल को अपनी आवाज में व्हाट्सएप में एक से डेढ़- मिनट की अवधि में रिकार्ड कर व्हाट्सएप नंबर 6232007038पर प्रेषित किया जा सकता है। रिकार्डेड आवाज 3,4जून को किसी भी समय तथा 5 जून को दोपहर 2बजे तक व्हाट्सएप के माध्यम से स्वीकार की जाएगी।

जगदलपुर। मंजिल उन्हें मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। किसी शायर की यह लाइन बहुत लोगों ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन बस्तर के एक छोटे से आदिवासी बहुल गांव एक्टागुड़ा की रहने वाली बेटी नैना सिंह धाकड़ ने इसे ठीक से समझा और साबित कर दिया। नैना धाकड़ ने दुनिया की आसमां को छूती सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर पहुंचने में सफलता हासिल की है।


हर पर्वतारोहियों की इच्छा होती है कि वह माउंट एवरेस्ट पर पहुंचकर अपने क्षेत्र और देश का नाम रोशन करें। इस सपनें को लेकर कई लोग माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की कोशिश भी करते हैं, पर उनमें सफलता कुछ को ही हासिल होती है। माउंटेन गर्ल के नाम पर बस्तर और प्रदेश में चर्चित नैना सिंह धाकड़ ने अपने नाम काे चरितार्थ करके यह धाकड़ काम कर दिखाया है।


28 वर्षीय नैना अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मिशन माउंट एवरेस्ट के लिए यहां से रवाना हुई थी। नैना के माउंट एवरेस्ट फतह करने की खबर बुधवार रात बस्तर पहुंची। उनकी इस उपलब्धि की जानकारी भारतीय पर्वतारोही मिशन द्वारा टि्वटर से दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार नैना माउंट एवरेस्ट के नेपाल स्थित दक्षिणी बेस कैंप पहुंच चुकी हैं। एवरेस्ट पर पहुंचने वाली वह छत्तीसगढ़ की पहली महिला पर्वतारोही हैं। इसके साथ ही उन्होंने माउंट लोत्से (8516 मीटर) को भी फतह किया है।


उनकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के साथ बस्तर के लिए गर्व का विषय है। नैना का चयन इस साल माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाले भारतीय पर्वतारोहियों के दल में किया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नैना सिंह धाकड़ द्वारा विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने नैना के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि नैना ने अपने दृढ़ संकल्प, इच्छाशक्ति तथा अदम्य साहस से विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर विजय प्राप्त कर अपनी इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ को गौरवांवित किया है।


प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, बस्तर विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन आदि अनेक जनप्रतिनिधियों के अलावा कलेक्टर रजत बंसल, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा आदि ने भी नैना सिंह धाकड़ को बधाई दी है। बस्तर के लिए इसे स्वर्णिम उपलब्धि बताया गया है। मिशन माउंट एवरेस्ट पर रवाना होने से पहले 31 मार्च को नईदुनिया से चर्चा करते हुए नैना सिंह धाकड़ ने अपनी जिंदगी और भविष्य के सपनों को लेकर चर्चा की थी। नैना ने बताया था कि पिता का निधन हुआ तब वह काफी छोटी थी।


मां ने कठिन समय में पेंशन की राशि से तीनों भाई बहनों की परवरिश की। मेहनत मजदूरी करके परिवार का खर्च चलता था। गांव में एक भाई चाय की दुकान चलाता है और दूसरे भाई की किराना की छोटी दुकान है। उसे पर्वतारोहण में रूचि है और वह इस क्षेत्र में ऊंचाइयों तक पहुंचने की अभिलाषा लेकर मिशन में लगी रहती है। नैना के अनुसार स्कूली शिक्षा के दौरान उसे 2009 में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना कैंप के द्वारा पर्वतारोहण की जानकारी मिली। 


इसके बाद वह इस क्षेत्र में रूचि लेने लगी। 2010 में राष्ट्रीय स्तर के कैंप हिमाचल प्रदेश में हिमालय के समीप ही एडवेंचर एक्टिविटी के लिए लगाया गया था। जिसमें वह भी शामिल हुई थी। वहीं से एक दिशा मिली और वह अभियान में जुटी रही। 2011 में टाटा स्टील के द्वारा भारत की पहली महिला एवरेस्ट फतह हासिल मिस बछेंद्री पाल के साथ स्नो मैन ट्रैक भूटान में उसे भी शामिल होने का मौका मिला। देश भर से केवल 12 लोगाें का ही चयन हुआ था। नैना उसी दिन से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने की इच्छा मन में संजोए हुए थी।@GI@

पूरब टाइम्स रायपुर। फीस की वजह से किसी भी छात्र को बारहवीं सीजी की परीक्षा से नहीं रोका जा सकता। निजी स्कूल यदि छात्रों को आंसरशीट व प्रश्नपत्र नहीं देते हैं तो छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) से इसे प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को संबंधित संस्था के विरुद्ध लिखित शिकायत करनी होगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है।

कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद रहे। ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई हुई। इस वजह से फीस को लेकर पैरेंट्स व स्कूल के बीच विवाद की स्थिति लगातार बनी रही। कई निजी स्कूलों ने ऐसे छात्रों को आंसरशीट व प्रश्नपत्र नहीं देने का निर्णय लिया जिनकी फीस बकाया है। मामला माशिमं पहुंचा। इसे लेकर माशिमं ने निर्देश जारी किया है। इसके मुताबिक बारहवीं सीजी परीक्षा के लिए आंसरशीट व प्रश्नपत्र सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों से बांटे जाएंगे। फीस का भुगतान नहीं होने पर कोई स्कूल यदि आंसरशीट व पर्चे देने से मना करता है तो छात्र माशिमं के मुख्यालय व संभागीय कार्यालय से इसे प्राप्त कर सकता है।

बारहवीं की परीक्षा के लिए मंगलवार से स्कूलों में आंसरशीट व प्रश्नपत्र बांटने का सिलसिला शुरू हुआ। 5 जून तक वितरण होगा। कोरोना से बचाव के लिए बैच बनाकर छात्रों को बुलाया गया। बारी-बारी से आंसरशीट बांटी गई। मायाराम सुरजन स्कूल की प्राचार्य भावना तिवारी ने बताया कि उनके स्कूल में बारहवीं में करीब ढ़ाई सौ छात्राएं हैं। आंसरशीट लेने के दौरान भीड़ न लगे इसलिए बैच बनाकर इन्हें बुलाया गया। पहले दिन 70-80 छात्राओं ने आंसरशीट लिया। दानी गर्ल्स स्कूल के प्रिंसिपल विजय खंडेलवाल ने बताया कि भीड़ से बचने के लिए स्कूल में अलग-अलग कमरों में 12 काउंटर बनाए गए। यहां से पेपर बांटे गए। जेएन पांडेय मल्टीपरपस गवर्नमेंट स्कूल के प्राचार्य एमआर सावंत ने बताया कि हमारे स्कूल से बारहवीं के नियमित 172 छात्र हैं।

इसमें से करीब 160 छात्रों ने आंसरशीट ले लिया है। इसी तरह प्राइवेट के करीब 175 छात्र हैं। इनमें से भी 60 प्रतिशत ने आंसरशीट ले लिया है। छत्रपति शिवाजी स्कूल के संचालक मुकेश शाह ने बताया कि हमारे यहां बारहवीं के 100 छात्र हैं। इसमें से 91 छात्रों ने पहले दिन आंसरशीट ले लिया है। आंसरशीट व प्रश्नपत्र वितरण के लिए छात्रों को अलग-अलग बैच में बुलाया गया था। बुधवार को भी आंसरशीट बाटे जाएंगे।

रायपुर। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है. मौसम विभाग का मानना है कि जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किए गए हैं वहां भारी वर्षा हो सकती है. वहीं विभाग ने मानसून को लेकर नया अपडेट दिया है. प्रदेश में इसकी दस्तक 15 जून को हो सकती है.



मौसम विज्ञानी आर के वैश्य ने कहा कि प्रदेश में सबकुछ ठीक-ठाक रहा, तो 15 जून तक मानसून दस्तक दे सकता है, हालांकि आज भी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बादल छाएं हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि छत्तीसगढ़ में सर्कुलेशन बना हुआ है. जिसकी वजह से दक्षिण छत्तीसगढ़ में बूंदाबांदी होने की संभावना है. आज मौसम में बदलाव हुआ है गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली हैं.

पूरब टाइम्स रायपुर। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण पूरी तरह बंद हो गया है। टीकाकरण बंद होते ही राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने टीकों की कमी के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार से पूछा कि जब टीके आपको खरीदने हैं तो कंपनियों को कितना एडवांस दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, वैक्सीनेशन नहीं हो पाने का एकमात्र कारण यह है कि देश में वैक्सीन ही नहीं है। केंद्र सरकार को वैक्सीन बनाने के काम में जो तेजी पहले दिखानी चाहिए थी, वह अब जाकर शुरू हुआ है। जब महीने में 20 करोड़ वैक्सीन मिलने लगेगी तब तो इस काम में कुछ तेजी आएगी। ऐसा चला तो फिर 7 महीने के भीतर वैक्सीनेशन हो सकेगा। अभी की स्थिति में 8 से 8.5 करोड़ वैक्सीन ही देश में बन रही है।सिंहदेव ने कहा, कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि अन्त्योदय और बीपीएल वाले कम आ रहे हैं, इसलिए यह प्रभावित हो रहा है। सच यह है कि इन वर्गों से अधिक लोग आ रहे हैं। सबसे कम फ्रंटलाइन वर्कर आ रहे हैं। जितने टीके उपलब्ध हैं उसमें से सभी लग रहा है।

सिंहदेव ने कहा, यहां दिक्कत केवल एक बात की है कि हमारे पास वैक्सीन नहीं है। वैक्सीन का वितरण केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है। ऐसा करना भी चाहिए, लेकिन जितनी वैक्सीन 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग को मिलनी चाहिए, उतनी नहीं दे रहे हैं। वे राज्य सरकारों को कुल उत्पादन का केवल 25% ही दे रहे हैं। शेष में से 25% बिजनस पर्सन को और 50% अपने पास रख रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45+ वाले 77% लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। अब समय आ गया है कि जो वैक्सीन 45+ लोगों के लिए स्टोर में रखी हुई है, उसे अन्य को लगाया जाए। उन्होंने कहा कि अब भेद खत्म करते हुए एक जगह वैक्सीन उपलब्ध करानी चाहिए जिसमें से जो पहले आए, उसे लगे। उन्होंने कहा कि जनवरी में टीकाकरण शुरू हुआ था। उसी समय टीके का उत्पादन बढ़ाने का काम शुरू हो गया होता तो यह दिक्कत नहीं आती। अब जब वैक्सीन उपलब्ध होगी तो टीकाकरण सुचारु रूप से किया जाएगा।