Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



रायपुर।  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर ने तीन नए स्पेशल क्लीनिक प्रारंभ किए हैं। इनमें रिम्यूटोलॉजी एंड इम्योनोलॉजी, सिकल सेल क्लीनिक और बुजुर्गों के लिए जिरियाट्रिक स्पेशल क्लीनिक शामिल हैं। यह सभी क्लीनिक मेडिसिन विभाग के निर्देशन में प्रत्येक बुधवार और गुरुवार दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होंगे। इनसे मेडिसिन विभाग में आने वाले बड़ी संख्या में रोगियों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। एम्स ऐसे रोगियों के लिए विशेष व्यवस्था कर रहा है।

निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक रोगी पहुंचते हैं। प्रतिदिन औसतन 350 से 400 रोगी यहां इलाज के लिए आ रहे हैं। ऐसे में कुछ विशेष बीमारियों के लिए अलग से स्पेशल क्लीनिक बनाए गए हैं। यह सभी क्लीनिक जून के आखिरी सप्ताह से प्रारंभ हो गए हैं। इनमें रिम्यूटोलॉजी और इम्योनोलॉजी क्लीनिक प्रत्येक बुधवार को दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होगा।

इसमें ऑटो इम्यून डिसऑर्डर्स, आर्थराइटिस, एसएलई, नसों का दर्द और डायबिटीज जैसे रोगियों को विशेष रूप से चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें डॉ. केशो नागपुरे और डॉ. जसकेतन मेहर रोगियों को परामर्श प्रदान करेंगे। दूसरा स्पेशल क्लीनिक सिकल सेल से संबंधित होगा, जो प्रति सप्ताह गुरुवार को दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होगा।

इसमें डॉ. पीएन वासनिक और डॉ. पंकज कुमार कनौजे सिकल सेल के रोगियों को परामर्श देंगे। इसमें सिकल सेल के रोगियों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सेवाएं शीघ्र प्रदान कर उन्हें राहत देने की कोशिश की जाएगी। प्रो. नागरकर ने बताया कि यदि सिकल सेल की बीमारी को विशेषकर बच्चों और युवाओं में शीघ्र पहचान लिया जाए, तो इलाज ज्यादा लाभकारी हो जाता है।

तीसरा क्लीनिक बुजुर्गों के लिए जिरियाट्रिक क्लीनिक होगा। यह भी प्रत्येक गुरुवार को दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होगा। इसमें डॉ. प्रणीता, डॉ. पीएन वासनिक और डॉ. गेवेश चंद देवांगन चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करेंगे। इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र में होने वाले रोगों के लिए विशेष चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें डिम्नेशिया, पार्किन्सन, अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियां, मांसपेशियों का कमजोर होना, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, पाचन तंत्र का कमजोर होना जैसे प्रमुख बीमारियां शामिल हैं।


किडनी की रोग से ग्रसित मरीजों को लंबे समय तक बार-बार डायलिसिस कराना पड़ता है. इससे उन पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय नि:शुल्क डायलिसिस कार्यक्रम की बदौल अब स्थानीय स्तर पर ही डायलिसिस की सुविधा मिलने से इन मरीजों को दूर नहीं जाना पड़ रहा है. इससे मरीजों और उनके परिजनों के श्रम, धन और समय की भी बचत हो रही है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रदेश के छह जिलों दुर्ग, कांकेर, कोरबा, बिलासपुर, महासमुंद और बीजापुर में वर्ष 2020 से निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जा रही है. इस साल जून में जशपुर और सरगुजा में भी यह सुविधा शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही प्रदेश में निःशुल्क डायलिसिस केन्द्रों की संख्या अब आठ हो गई है. डायलिसिस के लिए जशपुर में पांच और अंबिकापुर में चार मशीनों की स्थापना की गई है. ये मशीनें फेयर फैक्स संस्था के डॉ. हिमांशु दवे के माध्यम से आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रदान की गई हैं.


बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी देवी का 8 जुलाई 2019 रायपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था. अंतिम समय में उनके साथ मुख्यमंत्री बघेल अस्पताल में ही मौजूद थे. भिलाई – 3 स्थित निज निवास से बिंदेश्वरी देवी की  निकली अंतिम यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक अपने आप को नहीं रोक पाए थे, और फूट-फूट कर रोने लगे थे.@GI@



बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर बीते सात घंटे से लंबा जाम लगा हुआ है. यहां पर गाड़ियां रेंग-रेंग कर चल रही हैं. दरसअल, एक ट्रक यहां पर कुछ दिन पहले हादसे का शिकार हुआ था. इसे अब खाई से निकालने के लिए मौके पर क्रेन्स पहुंची हैं. इस वजह से जाम लग रहा है. टूरिस्ट और आम जनता को जाम से खासी परेशानी हो रही है.

जानकारी के अनुसार, चण्डीगढ़-मनाली एनएच पर बिलासपुर के जामली के पास यातायात बाधित हुआ है. इस कारण दोनों ओर वाहनों की लगी लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं. खाने-पीने के लिए खाद्य सामग्री की उपलब्धता न होने के कारण पर्यटकों और यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं. हालांकि, अब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को बहाल करने का काम शुरू किया है.

चंडीगढ़-मनाली एनएच पर जाम लगना आम बन चुका है. बिलासपुर से स्वारघाट के बीच प्रायः पंजाब-हरियाणा व अन्य राज्यों से आने वाले पर्यकटों को अक्सर जाम लगने से बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय जनता ने मांग की है कि समय रहते प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के प्रति सकरात्मक कदम उठाए. दरसअल, मौजूदा समय में मैदानी इलाकों में काफी गर्मी पड़ रही है. ऐसे में बड़ी संख्या में सैलानी कुल्लू-मनाली पहुंच रहे हैं. ऐसे में यहां गाड़ियों की संख्या बढ़ी है.

रायपुर।  बालीवुड की दुनिया में ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर दिलीप कुमार 98 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। दिलीप साहब किसी जमाने में शिकार का शौक पूरा करने बस्तर आते थे, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं होती थी। उनका रायपुर शहर के कलाकारों से गहरा नाता रहा। राजधानी के तात्यापारा वार्ड निवासी कवि, शायर और वरिष्ठ पत्रकार काविश हैदरी बताते है कि बात 1975 की है। जब वे 1975 में मुंबई में थे, उस समय बांद्रा इलाके की एक बिल्डिंग में दिलीप साहब और वे एक साथ रहते थे। ऐसे में एक कलाकार के रूप में उनके साथ उठते-बैठते थे।

काविश बताते है कि चर्चा के दौरान दिलीप साहब कहते थे मैं शिकार के लिए बस्तर समेत रायपुर जाते रहता था, लेकिन छत्तीसगढ़ (उस समय मध्य प्रदेश) जाना बेहद गोपनीय होता था। यही वजह है कि लोगों को पता ही नहीं चल पाता था कि वे छत्तीसगढ़ में है। काविश ने कहा कि मुझे खुद पाता नहीं होता था, लेकिन दिलीप साहब चर्चा में बताते थे हम छत्तीसगढ़ गए थे। काविश बताते है कि वे शेरों शायरी के शौकीन थे। इस कारण हमारी बात ज्यादातर शायरी के माध्यम से होती थी। दिलीप जी कहते थे कि छत्तीसगढ़ में भी कलाकार ऐसे हैं, जो बालीवुड में जगह बना रहे हैं। बालीवुड में भी छत्तीसगढ़ के कलाकार नजर आने लगे हैं। बता दें कि काविश हैदरी मुंबई में पांच साल रहकर कई फिल्मों के गीत लिख चुकेे हैं।

राजधानी के फिल्ममेकर और व्यवसायी दर्शन सांखला ने बताया कि वर्ष्ष 2009 में दिलीप कुमार सर से मुंबई में मुलाकात हुई। इस दौरान पद्मश्री रविंद्र जैन भी थे। दर्शन बताते है कि करीब एक से सवा घंटे की मुलाकात से पता चल गया कि वे सादगी के मिसाल थे। उस समय उनकी तबीयत खराब होने पर भी लोगों से मिलना-जुलना जारी रखा। इस मुलाकात के बीच फिल्मों के बारे चर्चा करते रहे। संगीत और लोगों की मांग के अनुसार फिल्म निर्माण पर जोर दिया है, ताकि बालीवुड इंडस्ट्री का इतिहास आगे भी बनी रहे।

पूरब टाइम्स रायपुर । छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण में उलटफेर का खेल जारी है। एक सप्ताह तक कम टेस्ट के बाद सरकार ने फिर से जांच का दायरा बढ़ाया है। ऐसा होते ही पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी पहले से अधिक हो गई है। रायपुर जिले में ही 24 घंटे के अंतराल में 13 नए मरीज मिले हैं। वहीं दो मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर रात जारी आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को दिन भर में 37 हजार 624 नमूनों की जांच हुई। इसी बीच 322 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह कोराना संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे बताई जा रही है। प्रदेश भर में पांच मरीजों की मौत भी हुई है। यह मौतें रायपुर, धमतरी, सरगुजा और बलरामपुर जिलों में हुई है।

 एक दिन पहले यानी सोमवार को सूबे में 31 हजार 557 नमूनों की जांच हुई थी। उस दिन नए संक्रमितों की संख्या 319 ही थी। इससे पहले रविवार को प्रदेश भर में 229 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। उस दिन केवल 23 हजार 479 नमूनों की जांच की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़़ों के मुताबिक मंगलवार को रायपुर जिले में 23 नए लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। कुल 13 लाेग कोरोना को हराकर स्वस्थ घाेषित हुए वहीं दो मरीजों की मौत हो गई। रायपुर जिले में उपचाराधीन मरीजों की संख्या अब 191 रह गई है। रायपुर जिले में ही सोमवार को केवल 10 नए मरीज सामने आए थे। 16 लोग ठीक हुए थे और किसी मरीज की जान नहीं गई थी।

नए आंकड़ों में बस्तर संभाग के सर्वाधिक प्रभावित जिलों में थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। सुकमा जिले में मंगलवार को 44 नए मरीज मिले। सोमवार को यहां से 47 नए मामले सामने आए थे। बीजापुर में 35 नए मरीजों के मुकाबले मंगलवार को केवल 28 लोग कोरोना से बीमार मिले। बस्तर जिले में मंगलवार को 24 नए मरीज मिले थे, जबकि ठीक एक दिन पहले यहां केवल 19 नए मरीज सामने आए थे। कांकेर में भी नए मरीजों की संख्या एक से बढ़़कर 4 हो गई है।




पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ से सरोज पांडे,विजय बघेल और अरुण साव केंद्रीय कैबिनेट के दौड़ में शामिल है. इनके केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने की अटकलें तेज़ हो गई हैं. इन तमाम कयासों के बीच कई नेताओं को नई दिल्ली बुलाया गया है. गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी अपने हिमाचल दौरे के बाद वापस नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि अगले एक या दो दिनों में कैबिनेट विस्तार हो सकता है.



अंबिकापुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी प्रदीप साहू ने बताया कि इस महीने की दो तारीख को शहर के चौरसिया मैरिज गार्डन में एक शादी हुई थी. इस दौरान जिला प्रशासन को जानकारी मिली थी कि शादी में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे. साहू ने बताया कि जब रविवार को इसकी जांच की गई, तब पता चला कि करीब 1000 लोगों को इकट्ठा कर कोरोनावायरस संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था.

 उन्होंने बताया कि जिले में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 50 निर्धारित की गई है. इस वैवाहिक कार्यक्रम में कोरोनावायरस दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण चौरसिया मैरिज गार्डन के संचालक वीरेंद्र चौरसिया के खिलाफ चार लाख 75 हजार रुपए और विवाह कराने वाले वर के पिता सरोज साहू पर दो लाख 37 हजार रुपए और वधु के पिता प्रकाश साहू पर दो लाख 37 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

अधिकारी ने बताया कि जुर्माने का भुगतान नगर निगम कार्यालय को देने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरगुजा जिला प्रशासन कोविड-19 की रोकथाम को लेकर सख्त कदम उठा रहा है. नियमों को ताक पर रख कर वैवाहिक कार्यक्रम में अनुमति से ज्यादा संख्या में लोगों की भीड़ जुटाने पर मैरिज हॉल के संचालक और वर-वधु पक्ष पर कार्रवाई की गई है.

पूरब टाइम्स रायपुर।आपीएस जीपी सिंह पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी (ACB) की कार्रवाई के बाद गृह विभाग ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया है. राज्य सरकार ने आईपीएस अफसर जीपी सिंह को निलंबित किया है. बता दें कि 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह के 15 ठिकानों पर छत्तीसगढ़ एसीबी ने छापेमारी की। जांच के दौरान एसीबी को कई अहम दस्तावेज भी हाथ लगे। जीपी सिंह पर इस वक्त आय से अधिक संपत्ति के आरोप लग रहे हैं, लेकिन उनके नाम कई बड़े विवाद भी दर्ज हैं।

गौरतलब है कि जीपी सिंह और विवादों का नाता काफी पुराना है। जब वह बस्तर में पुलिस अधीक्षक थे, तब उन्होंने 100 आदिवासियों को नक्सली बताकर गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें लेकर रायपुर पहुंच गए थे। कहा जाता है कि जीपी सिंह उनसे सरेंडर करवाकर गैलेंट्री अवॉर्ड पाना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ही हकीकत सबके सामने आ गई। इसके बाद उन आदिवासियों को वापस भेज दिया गया था।
जीपी सिंह की दबंगई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब वह पुलिस अधीक्षक थे तो उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी और तत्कालीन आईजी एमडब्ल्यू अंसारी के बंगले पर छापा मार दिया था। दरअसल, दोनों अफसरों में बनती नहीं थी। ऐसे में उन्होंने आईजी के बंगले में बने पीएसओ के कमरे में छापेमारी की और ढाई लाख रुपये भी बरामद किए थे। साथ ही, प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह रकम लूट की होने की जानकारी दी थी। जब विवाद बढ़ा तो सरकार ने बस्तर आईजी एमडब्ल्यू अंसारी का तबादला कर दिया था।


केंद्रीय स्वास्थ्य टीम में क्लीनिकल और पब्लिक हेल्थ के 2 विशेषज्ञ डाक्टर होंगे। इस 2 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम 5 बिंदुओं के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसमें टेस्टिंग, कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, कंटेनमेंट जोन, अस्पताल और बिस्तरों की संख्या, डॉक्टर, एंबुलेस समेत टीकाकरण शामिल है। जांच की शुरुआत जांजगीर-चांपा, बिलासपुर से होगी। इसके अलावा प्रदेश के हर संभाग के जिलों में भी टीम जाकर स्थिति की पड़ताल करेगी।

पूरब टाइम्स बिलासपुर। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में छत्तीसगढ़ के बीपीएल परिवारों के लिए छह लाख 48 हजार 867 आवासों के निर्माण की स्वीकृति दी गई। राज्य सरकार ने इसे घटाकर एक लाख 57 हजार आवास कर दिया। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार अपने हिस्से की राशि 762 करोड़ रपये अब तक जमा नहीं कर पाई है। इसके कारण गरीबों को योजना के तहत मकान बनाने की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।


इस बारे में बिलासपुर सांसद अरुण साव ने बताया कि आवास निर्माण का कार्य अधूरा होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने केंद्रीय आवास एवं पर्यावरण मंत्री से पत्रचार कर बजट की मांग की थी। तब पता चला कि केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की पूरी राशि स्वीकृत कर दी है। राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि अब तक जमा नहीं कर पाई है। आवास निर्माण में राज्य सरकार द्वारा रोड़ा अटकाया जा रहा है।


पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर गिरकर एक प्रतिशत से नीचे 0.98 प्रतिशत पर पहुंच गई है। राज्य में आज 23 हजार 479 सैंपलों की जांच हुई, जिनमें से मात्र 229 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए। राज्य में कोरोना से होने वाली मौतें भी थम सी गई हैं। आज को-मॉर्बिडिटी से रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा और गरियाबंद जिले में एक-एक मरीज की मौत हुई। प्रदेश के 14 जिलों में संक्रमण की दर अब एक प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गई है।

पूरब टाइम्स बिलासपुर। बिलासपुर में अपने रिश्तेदार की शादी में डांस कर रहे युवक का डांस कुछ बदमाशों को पसंद नहीं आया तो उन लोगों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसकी इतनी पिटाई की वह अधमरा हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई है। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार देवरीकला निवासी गौतम वस्त्रकार कुरा से चकराकुंड अपने रिश्तेदार की बारात में शामिल हुआ था। बारात निकलने के दौरान बाराती डीजे पर नाच रहे थे। इस दौरान चकराकुंड निवासी मितेश उर्फ सोमू यादव (22), नागेश्वर प्रसाद यादव (19), उमाशंकर यादव (22), आकाश यादव (21), कौशल यादव (19), हितेश यादव (24) और 17 वर्षीय नाबालिग युवक गौतम से अच्छे से नहीं नाचने की बात कहते हुए विवाद करने लगे। इसका विरोध करने पर युवकों ने गौतम की पिटाई शुरू कर दी। बारातियों ने बीच-बचाव किया तो युवक अपने घर से एसबेस्टस सीट ले आया और गौतम पर हमला कर दिया।

इसके बाद बाराती वहां से भाग निकले। वहीं, गौतम हमला करने वाले युवकों के बीच ही फंस गया। युवकों ने गौतम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गांव के लोगों ने किसी तरह उसे बचाया। इसके बाद किसी तरह गौतम को घायल अवस्था में वधु पक्ष के बलराम वस्त्रकार के घर लाया गया। लेकिन गौतम की हालत देख उसे मंगला स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पूरब टाइम्स भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को लेकर भाजपा पर करारा तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर निशाना साधा है। देवेंद्र ने ट्वीट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ में जिनकी दाल नहीं गली, उन्हें भाजपा ने उत्तराखंड का प्रभारी बनाया था। भिलाई से कांग्रेस पार्टी के विधायक देवेंद्र यादव ने उत्तराखंड की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पूर्व CM डॉ.रमन सिंह को लेकर ताबड़तोड़ दो ट्वीट कर घेरा है। पहले ट्वीट में लिखा है कि साहब इतने बड़े पनौती निकले कि बहुमत होने के बावजूद तीन-तीन महीने में मुख्यमंत्री बदलना पड़ रहा है। ट्वीट के आखिरी में विधायक ने पूछा कि डॉ.रमन सिंह प्रभारी हैं या पर-भारी है?

छत्तीसगढ़ को माननीय से मुक्ति दिलाने बीजेपी का आभार, अब डॉ रमन सिंह का करतब उत्तराखंड देख रहा है। आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के साथ ही उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी भी हैं। पिछली बार पूर्व मुख्यमंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफा के दौरान रमन सिंह का आकस्मिक उत्तराखंड का दौरा हुआ था, जिसके बाद देर शाम को उनका इस्तीफा लिया गया और भाजपा के आला कमान के रूप में डॉ.रमन सिंह ने उत्तराखंड को नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को कुर्सी सौंपी थी। जिसके बाद यह मुख्यमंत्री भी 4 महीने भी नहीं टिक सकें और उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता व विधायक देवेंन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा वह पार्टी है जो अपने अति आत्मविश्वास के चरम पर है। ये कहीं किसी राज्य में दूसरे दलों की सरकार गिराते हैं। कहीं विधायक खरीदते हैं तो कहीं राज्यपाल या एलजी का डर बनाते हैं। देश में इनकी हठधर्मिता के चलते हम दो हमारे दो की तानाशाही चल रही है। जिसका खामियजा भाजपा शासित राज्यों को भी भुगतना पड़ रहा है।

भाजपा उत्तराखंड में पिछले 11 सालों में 7 मुख्यमंत्री और पिछले 4 महीने में तीसरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बनाया है जो कि अपने आप में इनकी विफलता का जीता जागता प्रमाण है। रही बात उत्तराखंड के प्रभारी रहे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का तो उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भाजपा का बंटा धार हुआ तो उत्तराखंड का क्या हश्र होगा? अभी भी देख लीजिए पिछले बार जब मुख्यमंत्री बदला गया तो रमन सिंह को उत्तराखंड भेजा गया था। लेकिन इस बार पर्यवेक्षक के रूप में नरेंद्र सिंह तोमर और डी पुरेनदेश्वरी को देहरादून भेजा गया। प्रदेश के पार्टी प्रभारी होने के बावजूद इन्हें पूछा भी नहीं गया तो भाजपा और डॉ रमन सिंह दोनों की स्थिति साफ हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व जो दायित्व सौंपती है, उसका निर्वाह किया जाता है। और पार्टी उत्तराखंड में युवा नेतृत्व चाहती थी तो वहां दिया गया। वहीं रही बात छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी की तो उनके नेता जहां-जहां पिछले विधानसभा चुनाव में प्रचार करने गए वहां पार्टी का क्या हाल हुआ यह तो सभी को मालूम है। कांग्रेस विधायक के तंज कसने से सच्चाई नहीं छिप सकती है। वैसे भी कांग्रेस पार्टी आज की स्थिति में क्षेत्रीय दल बनकर रह गई है। आने वाले समय में भी लगता है कि वह क्षेत्रीय पार्टी ही बनकर रहेगी।

पूरब टाइम्स रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अमर परवानी के नेतृत्व में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को चेम्बर ऑफ कॉमर्स की गतिविधियों की जानकारी दी। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल का प्रतीक चिन्ह और शॉल देकर सम्मान किया।

राज्यपाल ने कहा कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स व्यापारियों के हित के साथ-साथ जनहित में कार्य करने वाली संस्था है। उनके द्वारा कोरोना काल में जो कार्य किये गए वह सराहनीय है। संस्था द्वारा व्यापारियों के लिए कोरोना टीकाकरण के लिए शिविर लगाए गए हैं, जिसमें कई व्यापारी लाभान्वित हुए हैं। यह बहुत अच्छी पहल है। इससे ही हम कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण कर पाएंगे और प्रदेश को कोरोना मुक्त कर पाएंगे।

प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को जानकारी दी कि पूरे प्रदेश में कोरोना टीकाकरण के लिए करीब 150 शिविर लगाए गए हैं और आगे भी शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर अच्छी संभावनाएं हैं। यदि लोग इसके प्रति जागरूक होंगे तो बिजली की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और आदिवासी क्षेत्रों में भी बिजली मुहैया कराई जा सकती है।

पूरब टाइम्स रायपुर।  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश में सहकारी समितियों में दो बोरी वर्मी खाद खरीदने की शर्त पर किसानों को यूरिया व डीएपी खाद देने की बात सामने आ रही है। इसे देखते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार के पूरी तरह किसान-विरोधी चरित्र पर कड़ा ऐतराज जताया है। डॉ. सिंह ने कहा कि जिस प्रदेश सरकार ने गोबर खरीदी योजना को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और उसमें अपनी वाहवाही लूटने का प्रयास किया। सरकार का दो रुपए में गोबर खरीदकर अब उसे 10 रुपए प्रति किलो की दर पर किसानों को खरीदने के लिए बाध्य करना प्रदेश के किसानों के साथ खुला अन्याय है।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि दो बोरी वर्मी खाद खरीदने की अनिवार्यता कर राजीव गांधी न्याय योजना की ढिंढोरची प्रदेश सरकार किसानों के साथ कौन-सा न्याय कर रही है? डॉ. सिंह ने कहा कि कोई भी सरकार किसी भी चीज को खरीदने के लिए किसी को भी बाध्य नहीं कर सकती। यह खरीददार का ऐच्छिक अधिकार है।


प्रदेश सरकार वर्मी खाद खरीदने के लिए किसानों को प्रेरित भले ही करे, परंतु कर्ज में खाद लेने वाले किसानों को वर्मी खाद लेने के लिए बाध्य करना अनुचित है। खेतों में गोबर या गोबर की खाद किसान डालें, हम उसके विरोधी नहीं हैं। मगर, प्रदेश सरकार किसानों को यह खरीदने के लिए बाध्य कैसे कर सकती है? डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की भी एक योजना चल रही है, जिसमें किसान अपने घर में ही गोबर की खाद बनाकर अपने खेतों में डाल सकता है।

उसमें किसानों को दो रुपए का गोबर 10 रुपए में नहीं पड़ेगा और सहज प्रक्रिया से किसान खुद उसे तैयार कर लेगा। डॉ. सिंह ने सवाल किया कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजना के बीच प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को दोहरी आर्थिक चोट पहुंचाने और उनके साथ धोखाधड़ी करने पर क्यों आमादा है? भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा ने शुरू में ही यह दावे के साथ कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों की एक जेब में नाममात्र के रुपए डालकर दूसरी जेब पर डाका डालने का काम करेगी।