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पूरब टाइम्स रायपुर . क्या छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद से हटाने जा रही है? अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे बघेल ने कहा है कि यदि हाई कमान किसी और को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है तो वह इसके लिए तैयार हैं। 10 जनपथ में बैठक के बाद बाहर निकले बघेल ने कहा कि उन्होंने हाई कमान के कहने पर ही शपथ ली थी और शीर्ष स्तर से कहे जाने पर हटने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मुलाकात सोनिया गांधी से नहीं, महासचिव प्रियंका गांधी के साथ हुई है।

ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने की शर्त को लेकर चल रही अटकलों पर बघेल ने कहा, हाई कमान ने मुझे शपथ (मुख्यमंत्री पद) लेने को कहा था, इसलिए मैंने लिया। जब वे कहेंगे कि कोई और मुख्यमंत्री बनेगा तो ऐसा ही होगा। इस तरह के समझौते (ढाई साल सीएम) गठबंधन सरकार में होते हैं। 10 जनपथ के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वह अगले साल उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। 

बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पास दो-तिहाई बहुमत है। मैंने प्रियंका गांधी जी से मुलाकात की अब पीएल पुनिया जी से मिलना है। यदि हाई कमान मुझे आने वाले यूपी चुनाव में जिम्मेदारी देता है तो मैं इसके लिए तैयार हूं। हालांकि, इस बीच छत्तीसगढ़ के प्रभारी पूनिया ने एएनआई को बताया कि कुछ साल में मुख्यमंत्री बदलने का कोई फॉर्म्यूला नहीं है।

पूरब टाइम्स रायपुर ।  प्रदेश में बस का परमिट लेने वालों के लिए राहत भरी खबर है। बस के परमिट के लिए अब आवेदन करने के लिए परिवहन मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दरअसल, बस का परमिट लेने वाले अब ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। परिवहन विभाग अब परमिट देने की प्रक्रिया को वाहन नामक सॉफ्टवेयर में जोड़ दिया है। उसके बाद आवेदक वाहन नामक सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। परिवहन विभाग के अधिकारी का कहना है कि ऑनलाइन परमिट के लिए साफ्टवेयर में जोड़कर उसकी टेस्टिंग शुरू कर दी गई। जल्द ही इस व्यवस्था को शुरू कर दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि बस संचालकों द्वारा यात्री बस अनुज्ञापपत्र जारी करने, नवीनीकरण सहित अन्य प्रकरणों के निराकरण के लिए डिवीजनल कार्यालयों द्वारा लेट लतीफी और परमिट जारी के लिए बस संचालकों के बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की शिकायतें आ रही थी। सही समय पर बस परमिट जारी होने से आवागमन में काफी दिक्कत होती है। इससे यात्रियों को बहुत परेशानी होती है। इसलिए इसे ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।

बता दें कि पूर्ववर्ती सरकार ने बस संचालकों को परमिट के लिए आने वाली परेशानी को देखते हुए प्रदेश के पांच क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर डिवीजनल कार्यालय का चयन किया था, जहां से यात्री बस परमिट जारी किया जा रहा था। मगर, जैसे ही प्रदेश में सरकार बदलते ही इन डिवीजनल कार्यालयों में बस परमिट जारी करना बंद कर दिया गया।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ को एक क्षेत्र मानते हुए यात्री परिवहन आयुक्त कार्यालय से नवीन बस परमिट, अनुज्ञा पत्रों का नवीनीकरण एवं वाहनों के प्रतिस्थापना संबंधी प्रकरणों के निराकरण संबंधी कार्यवाही की जा रही है। इसका मकसद था कि एकल प्रक्रिया के तहत यात्री बस परमिट जारी होने से बस संचालकों को समय-सीमा में बस परमिट मिल सकेगा।

पूरब टाइम्स रायपुर । छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी महासंघ के सभी कर्मचारियों द्वारा नियमितिकरण की मांग को लेकर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मशाल जुलूस निकाला गया। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी कोर कमेटी एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के निर्देशानुसार अजित जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने अपने साथियों के साथ इस आंदोलन में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

अजित जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू ने राजधानी के धरना स्थल बूढ़ा तालाब पर जाकर साथियों के साथ मोर्चा संभालकर समर्थन दिया और कहा कि सरकार के घोषणा पत्र पर लिखकर वादा किया था कि अनियमित कर्मचारियों को सरकार में आते ही 10 दिनों के अंदर नियमित कर देंगे, लेकिन आज कांग्रेस की सरकार बने ढाई साल हो गए, लेकिन आज तक किसी भी अनियमित कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया।

पूरब टाइम्स राजनांदगांव । कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने राजस्व कार्यों में दक्षता एवं कुशलता लाने के लिए राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि एसीडीएम न्यायालय एवं तहसील न्यायालय में जरूर समय दें और प्रकरणों शीघ्र का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा के अधिकांश प्रकरण पटवारी के समय पर प्रतिवेदन नहीं देने के कारण लंबित है। पटवारियों एवं अधीनस्थों पर नियंत्रण रखें। कार्य के प्रति उदासीन एवं अकर्मण्य पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। यह ध्यान रखें कि जनसामान्य को छोटे-छोटे प्रकरणों के लिए दिक्कत नहीं होना चाहिए। उन्हें राहत मिलनी चाहिए। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में ध्यान देने की जरूरत है। 

पटवारियों को रोस्टर बनाकर एक निर्धारित दिन बुलवाकर उनके हल्के के प्रकरणों का प्रतिवेदन देने कहें और प्रकरणों का समाधान करते जायें। कार्यप्रणाली में सुधार होना चाहिए। भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। सभी ईमानदारीपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जनसामान्य के हित में सरल प्रक्रिया के अनुरूप कार्य होना चाहिए। कार्य के साथ अपना व्यवहार भी आम जनता के साथ अच्छा रखें। वे अपनी तकलीफ आपसे बतायेंगे, उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनें। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार से कहा कि भू-राजस्व संहिता का अध्ययन करें। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया और उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि डायवर्सन एवं अतिक्रमण के प्रकरणों में गति लायें। प्रत्येक तहसील में सात से आठ राजस्व निरीक्षक हैं, उन सभी से कार्य लें। पक्षकार को सूचना की तामिली के पश्चात अभिलेख दुरूस्त करें। जिस दिन रजिस्ट्री की प्रक्रिया हो दोनों पक्षों की उपस्थिति में तामिली भी हो जायेगी। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि पर 15 जून से जब तक फसल नहीं कटती तब तक सीमांकन का कार्य नहीं किया जा सकता। लगभग 70 प्रतिशत प्रकरण आवासीय भूमि के सीमांकन के प्रकरण हैं, जो लंबित रहते हैं, उनका तत्परता से निराकरण करें। अपील के प्रकरणों पर ध्यान दें। जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि लोगों की तकलीफ को समझते हुए राजस्व अधिकारी सक्रियतापूर्वक कार्य करें। अपर कलेक्टर  सीएल मारकण्डेय ने कहा कि व्यवस्था में परिवर्तन लाते हुए राजस्व न्यायालय की गरिमा के अनुरूप कार्य करें। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर  इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर  विरेन्द्र सिंह, एसडीएम मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज शास्त्री चौक स्थित आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। आज की जनसुनवाई में 29 प्रकरण रखे गये थे, जिसमें 20 प्रकरणों पर सुनवाई की गई, जिसमें से 2 प्रकरणों को तत्काल निराकृत किया गया तथा शेष प्रकरणों में निराकरण की संभावना होने के कारण आगामी जन-सुनवाई में रखा जाएगा। आज सम्पत्ति विवाद से संबंधित प्रकरण में अनावेदकों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए। आवेदिका द्वारा प्रस्तुत आवेदन की काॅपी मिलने पर अनावेदकों ने विस्तृत जवाब दिया। इस जवाब का आवेदिकागण को यदि आवश्यकता है तो वह सूचना के अधिकार के तहत आवेदन कर दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। 

ऐसा ही अनावेदकगण के लिये भी है। चूंकि इस प्रकरण में यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया शाखा स्टेशन रोड चेक से 37 लाख 41हज़ार रूपये खाताधारक के चेक के पश्चात् विवादित सम्पत्ति की रजिस्ट्री होने का उल्लेख है। अतः यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया के मैनेजर को पत्र प्रेषित कर संबंधित चेक और अनावेदिका के खाते से संबंधित ब्यौरा की जानकारी मंगाया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही रजिस्ट्रार आफिस रायपुर से 7 फरवरी 2020 में अनावेदकगण के मध्य किये गये रजिस्ट्री से संबंधित अभिलेख का विस्तृत ब्यौरा भी मंगाया जाना आवश्यक है। आवेदकगण इन दोनों पत्रों के बाबत् अपना विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत करें। जिसके आधार पर अभिलेख बुलाने हेतु पत्र लिखा जा सकें। आगामी सुनवाई हेतु अगस्त माह में सुनवाई नियत किया जा सकें। अनावेदक पक्ष भी यदि कोई दस्तावेज या अभिलेख बुलाना चाहते हैं तो उसके लिये भी आवेदन कर सकते हैं।

इसी तरह मानसिक प्रताड़ना के एक प्रकरण मे आवेदिका ने सहायक ग्रेड 3 के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी बलौदाबाजार एवं जिला संरक्षण अधिकारी के विरुद्ध अपना शिकायत आयोग के समक्ष किया था। जिसमे आयोग की अध्यक्ष ने इस पूरे मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी बलौदाबाजार एवं जिला संरक्षण अधिकारी दोनों से पूछताछ किया। अनावेदिका की शिकायत में मई माह को आवेदिका के पति के खिलाफ लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत की है। बिना शिकायत के परिवाद समिति में प्रकरण क्यों रखा गया इसका कोई भी ठोस एवं स्पष्ट जवाब दोनों ने नहीं दिया। अनावेदिका के आवेदन में मानसिक प्रताड़ना शब्द का उल्लेख है और आवेदिका के पति के द्वारा किये गये कार्य विभाजन का प्रभार देने से बचने का भी उल्लेख है। 

इससे यह स्पष्ट है कि अनावेदिका ने लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 में लैंगिक उत्पीड़न की पांच स्पष्ट प्रावधान में से कम से कम एक बिन्दु पर शिकायत होना आवश्यक है। इनमें से किसी भी एक विषय पर अनावेदिका ने आवेदिका के पति के खिलाफ स्पष्ट शिकायत नहीं किया है और मई माह की शिकायत में लैंगिक उत्पीड़न कानून के तहत कोई भी स्पष्ट तथ्यों का उल्लेख नहीं है। जिला संरक्षण अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी के आदेश के पालन में काम करना बताया है। आवेदिका के पति ने यह भी व्यक्त किया है जिला परिवाद समिति ने अनावेदिका के आवेदन और दस्तावेज से उसे अवगत नहीं किया है।

 जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला संरक्षण अधिकारी दोनो को आयोग द्वारा निर्देशित किया गया है कि बिना लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत के शुरू किये गये आंतरिक परिवाद समिति के मामले में प्रकरण समाप्त कर अपनी रिपोर्ट आयोग की आगामी सुनवाई में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि उसके आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जा सके। आज प्रस्तुत भरण पोषण के प्रकरण में आवेदिका पत्नी अनावेदक पति के साथ जाने तैयार है,पर अनावेदक पति अपने आवेदिका पत्नी को साथ रखने तैयार नहीं है और न उसके दहेज के सामान को दे रहा है और न ही भरण पोषण देने को तैयार है। अनावेदक पति पुलिस आरक्षक है तथा उसे 22 हज़ार रुपये का मासिक वेतन मिलता है। 

अनावेदक पति ने यह स्वीकार किया कि उसके सर्विस बुक में आवेदिका पत्नी का नाम दर्ज है, आवेदिका पत्नी अनावेदक पति और उसके परिवार के दुर्व्यवहार के बावजूद भी साथ रहने तैयार है। पर अनावेदक पति आवेदिका पत्नी को साथ रखने तैयार नही है ऐसी स्थिति में आवेदिका पूरी तरह से स्वतंत्र है कि वह अनावेदक पति और उसके परिवार और अन्य रिश्तेदार जिन्होंने आवेदिका को दहेज के लिए प्रताड़ित किया है। उन सब के विरुद्ध आवेदिका ने दहेज प्रताड़ना की भी शिकायत की है।इस स्तर पर आवेदिका ने बताया कि अनावेदक पति पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत है उनके शिकायत पर पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं हुई थी इसलिए अनावेदक पति का हौसला बढ़ा हुआ है।

आयोग द्वारा इस पूरे प्रकरण के आदेश की प्रति दुर्ग एस पी और महिला थाना प्रभारी दुर्ग को प्रेषित किया जाएगा तथा इस प्रकरण में की गई कार्यवाही को 2 माह के भीतर अवगत कराने आयोग ने निर्देशत किया है। एक अन्य प्रकरण में उभय पक्ष उपस्थित अनावेदक ने जानकारी दिया कि आवेदिका उसके खिलाफ 498ए, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा का मामला लगा रखा है। मामला आयोग के क्षेत्राधिकारी से बाहर होने के कारण प्रकरण को निराकृत कर दिया गया। इसी तरह समझौते के एक प्रकरण में दोनों पक्ष शांतिपूर्वक समझौते के साथ रह रहे है। इस तरह यह प्रकरण भी निराकृत हो गया।

रायपुर।  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर ने तीन नए स्पेशल क्लीनिक प्रारंभ किए हैं। इनमें रिम्यूटोलॉजी एंड इम्योनोलॉजी, सिकल सेल क्लीनिक और बुजुर्गों के लिए जिरियाट्रिक स्पेशल क्लीनिक शामिल हैं। यह सभी क्लीनिक मेडिसिन विभाग के निर्देशन में प्रत्येक बुधवार और गुरुवार दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होंगे। इनसे मेडिसिन विभाग में आने वाले बड़ी संख्या में रोगियों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। एम्स ऐसे रोगियों के लिए विशेष व्यवस्था कर रहा है।

निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक रोगी पहुंचते हैं। प्रतिदिन औसतन 350 से 400 रोगी यहां इलाज के लिए आ रहे हैं। ऐसे में कुछ विशेष बीमारियों के लिए अलग से स्पेशल क्लीनिक बनाए गए हैं। यह सभी क्लीनिक जून के आखिरी सप्ताह से प्रारंभ हो गए हैं। इनमें रिम्यूटोलॉजी और इम्योनोलॉजी क्लीनिक प्रत्येक बुधवार को दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होगा।

इसमें ऑटो इम्यून डिसऑर्डर्स, आर्थराइटिस, एसएलई, नसों का दर्द और डायबिटीज जैसे रोगियों को विशेष रूप से चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें डॉ. केशो नागपुरे और डॉ. जसकेतन मेहर रोगियों को परामर्श प्रदान करेंगे। दूसरा स्पेशल क्लीनिक सिकल सेल से संबंधित होगा, जो प्रति सप्ताह गुरुवार को दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होगा।

इसमें डॉ. पीएन वासनिक और डॉ. पंकज कुमार कनौजे सिकल सेल के रोगियों को परामर्श देंगे। इसमें सिकल सेल के रोगियों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सेवाएं शीघ्र प्रदान कर उन्हें राहत देने की कोशिश की जाएगी। प्रो. नागरकर ने बताया कि यदि सिकल सेल की बीमारी को विशेषकर बच्चों और युवाओं में शीघ्र पहचान लिया जाए, तो इलाज ज्यादा लाभकारी हो जाता है।

तीसरा क्लीनिक बुजुर्गों के लिए जिरियाट्रिक क्लीनिक होगा। यह भी प्रत्येक गुरुवार को दोपहर दो से चार बजे तक संचालित होगा। इसमें डॉ. प्रणीता, डॉ. पीएन वासनिक और डॉ. गेवेश चंद देवांगन चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करेंगे। इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र में होने वाले रोगों के लिए विशेष चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें डिम्नेशिया, पार्किन्सन, अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियां, मांसपेशियों का कमजोर होना, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, पाचन तंत्र का कमजोर होना जैसे प्रमुख बीमारियां शामिल हैं।


किडनी की रोग से ग्रसित मरीजों को लंबे समय तक बार-बार डायलिसिस कराना पड़ता है. इससे उन पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय नि:शुल्क डायलिसिस कार्यक्रम की बदौल अब स्थानीय स्तर पर ही डायलिसिस की सुविधा मिलने से इन मरीजों को दूर नहीं जाना पड़ रहा है. इससे मरीजों और उनके परिजनों के श्रम, धन और समय की भी बचत हो रही है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रदेश के छह जिलों दुर्ग, कांकेर, कोरबा, बिलासपुर, महासमुंद और बीजापुर में वर्ष 2020 से निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जा रही है. इस साल जून में जशपुर और सरगुजा में भी यह सुविधा शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही प्रदेश में निःशुल्क डायलिसिस केन्द्रों की संख्या अब आठ हो गई है. डायलिसिस के लिए जशपुर में पांच और अंबिकापुर में चार मशीनों की स्थापना की गई है. ये मशीनें फेयर फैक्स संस्था के डॉ. हिमांशु दवे के माध्यम से आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रदान की गई हैं.


बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी देवी का 8 जुलाई 2019 रायपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था. अंतिम समय में उनके साथ मुख्यमंत्री बघेल अस्पताल में ही मौजूद थे. भिलाई – 3 स्थित निज निवास से बिंदेश्वरी देवी की  निकली अंतिम यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक अपने आप को नहीं रोक पाए थे, और फूट-फूट कर रोने लगे थे.@GI@



बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर बीते सात घंटे से लंबा जाम लगा हुआ है. यहां पर गाड़ियां रेंग-रेंग कर चल रही हैं. दरसअल, एक ट्रक यहां पर कुछ दिन पहले हादसे का शिकार हुआ था. इसे अब खाई से निकालने के लिए मौके पर क्रेन्स पहुंची हैं. इस वजह से जाम लग रहा है. टूरिस्ट और आम जनता को जाम से खासी परेशानी हो रही है.

जानकारी के अनुसार, चण्डीगढ़-मनाली एनएच पर बिलासपुर के जामली के पास यातायात बाधित हुआ है. इस कारण दोनों ओर वाहनों की लगी लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं. खाने-पीने के लिए खाद्य सामग्री की उपलब्धता न होने के कारण पर्यटकों और यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं. हालांकि, अब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को बहाल करने का काम शुरू किया है.

चंडीगढ़-मनाली एनएच पर जाम लगना आम बन चुका है. बिलासपुर से स्वारघाट के बीच प्रायः पंजाब-हरियाणा व अन्य राज्यों से आने वाले पर्यकटों को अक्सर जाम लगने से बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय जनता ने मांग की है कि समय रहते प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के प्रति सकरात्मक कदम उठाए. दरसअल, मौजूदा समय में मैदानी इलाकों में काफी गर्मी पड़ रही है. ऐसे में बड़ी संख्या में सैलानी कुल्लू-मनाली पहुंच रहे हैं. ऐसे में यहां गाड़ियों की संख्या बढ़ी है.

रायपुर।  बालीवुड की दुनिया में ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर दिलीप कुमार 98 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। दिलीप साहब किसी जमाने में शिकार का शौक पूरा करने बस्तर आते थे, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं होती थी। उनका रायपुर शहर के कलाकारों से गहरा नाता रहा। राजधानी के तात्यापारा वार्ड निवासी कवि, शायर और वरिष्ठ पत्रकार काविश हैदरी बताते है कि बात 1975 की है। जब वे 1975 में मुंबई में थे, उस समय बांद्रा इलाके की एक बिल्डिंग में दिलीप साहब और वे एक साथ रहते थे। ऐसे में एक कलाकार के रूप में उनके साथ उठते-बैठते थे।

काविश बताते है कि चर्चा के दौरान दिलीप साहब कहते थे मैं शिकार के लिए बस्तर समेत रायपुर जाते रहता था, लेकिन छत्तीसगढ़ (उस समय मध्य प्रदेश) जाना बेहद गोपनीय होता था। यही वजह है कि लोगों को पता ही नहीं चल पाता था कि वे छत्तीसगढ़ में है। काविश ने कहा कि मुझे खुद पाता नहीं होता था, लेकिन दिलीप साहब चर्चा में बताते थे हम छत्तीसगढ़ गए थे। काविश बताते है कि वे शेरों शायरी के शौकीन थे। इस कारण हमारी बात ज्यादातर शायरी के माध्यम से होती थी। दिलीप जी कहते थे कि छत्तीसगढ़ में भी कलाकार ऐसे हैं, जो बालीवुड में जगह बना रहे हैं। बालीवुड में भी छत्तीसगढ़ के कलाकार नजर आने लगे हैं। बता दें कि काविश हैदरी मुंबई में पांच साल रहकर कई फिल्मों के गीत लिख चुकेे हैं।

राजधानी के फिल्ममेकर और व्यवसायी दर्शन सांखला ने बताया कि वर्ष्ष 2009 में दिलीप कुमार सर से मुंबई में मुलाकात हुई। इस दौरान पद्मश्री रविंद्र जैन भी थे। दर्शन बताते है कि करीब एक से सवा घंटे की मुलाकात से पता चल गया कि वे सादगी के मिसाल थे। उस समय उनकी तबीयत खराब होने पर भी लोगों से मिलना-जुलना जारी रखा। इस मुलाकात के बीच फिल्मों के बारे चर्चा करते रहे। संगीत और लोगों की मांग के अनुसार फिल्म निर्माण पर जोर दिया है, ताकि बालीवुड इंडस्ट्री का इतिहास आगे भी बनी रहे।

पूरब टाइम्स रायपुर । छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण में उलटफेर का खेल जारी है। एक सप्ताह तक कम टेस्ट के बाद सरकार ने फिर से जांच का दायरा बढ़ाया है। ऐसा होते ही पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी पहले से अधिक हो गई है। रायपुर जिले में ही 24 घंटे के अंतराल में 13 नए मरीज मिले हैं। वहीं दो मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर रात जारी आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को दिन भर में 37 हजार 624 नमूनों की जांच हुई। इसी बीच 322 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह कोराना संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे बताई जा रही है। प्रदेश भर में पांच मरीजों की मौत भी हुई है। यह मौतें रायपुर, धमतरी, सरगुजा और बलरामपुर जिलों में हुई है।

 एक दिन पहले यानी सोमवार को सूबे में 31 हजार 557 नमूनों की जांच हुई थी। उस दिन नए संक्रमितों की संख्या 319 ही थी। इससे पहले रविवार को प्रदेश भर में 229 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। उस दिन केवल 23 हजार 479 नमूनों की जांच की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़़ों के मुताबिक मंगलवार को रायपुर जिले में 23 नए लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। कुल 13 लाेग कोरोना को हराकर स्वस्थ घाेषित हुए वहीं दो मरीजों की मौत हो गई। रायपुर जिले में उपचाराधीन मरीजों की संख्या अब 191 रह गई है। रायपुर जिले में ही सोमवार को केवल 10 नए मरीज सामने आए थे। 16 लोग ठीक हुए थे और किसी मरीज की जान नहीं गई थी।

नए आंकड़ों में बस्तर संभाग के सर्वाधिक प्रभावित जिलों में थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। सुकमा जिले में मंगलवार को 44 नए मरीज मिले। सोमवार को यहां से 47 नए मामले सामने आए थे। बीजापुर में 35 नए मरीजों के मुकाबले मंगलवार को केवल 28 लोग कोरोना से बीमार मिले। बस्तर जिले में मंगलवार को 24 नए मरीज मिले थे, जबकि ठीक एक दिन पहले यहां केवल 19 नए मरीज सामने आए थे। कांकेर में भी नए मरीजों की संख्या एक से बढ़़कर 4 हो गई है।




पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ से सरोज पांडे,विजय बघेल और अरुण साव केंद्रीय कैबिनेट के दौड़ में शामिल है. इनके केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने की अटकलें तेज़ हो गई हैं. इन तमाम कयासों के बीच कई नेताओं को नई दिल्ली बुलाया गया है. गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी अपने हिमाचल दौरे के बाद वापस नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि अगले एक या दो दिनों में कैबिनेट विस्तार हो सकता है.



अंबिकापुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी प्रदीप साहू ने बताया कि इस महीने की दो तारीख को शहर के चौरसिया मैरिज गार्डन में एक शादी हुई थी. इस दौरान जिला प्रशासन को जानकारी मिली थी कि शादी में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे. साहू ने बताया कि जब रविवार को इसकी जांच की गई, तब पता चला कि करीब 1000 लोगों को इकट्ठा कर कोरोनावायरस संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था.

 उन्होंने बताया कि जिले में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 50 निर्धारित की गई है. इस वैवाहिक कार्यक्रम में कोरोनावायरस दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण चौरसिया मैरिज गार्डन के संचालक वीरेंद्र चौरसिया के खिलाफ चार लाख 75 हजार रुपए और विवाह कराने वाले वर के पिता सरोज साहू पर दो लाख 37 हजार रुपए और वधु के पिता प्रकाश साहू पर दो लाख 37 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

अधिकारी ने बताया कि जुर्माने का भुगतान नगर निगम कार्यालय को देने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरगुजा जिला प्रशासन कोविड-19 की रोकथाम को लेकर सख्त कदम उठा रहा है. नियमों को ताक पर रख कर वैवाहिक कार्यक्रम में अनुमति से ज्यादा संख्या में लोगों की भीड़ जुटाने पर मैरिज हॉल के संचालक और वर-वधु पक्ष पर कार्रवाई की गई है.

पूरब टाइम्स रायपुर।आपीएस जीपी सिंह पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी (ACB) की कार्रवाई के बाद गृह विभाग ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया है. राज्य सरकार ने आईपीएस अफसर जीपी सिंह को निलंबित किया है. बता दें कि 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह के 15 ठिकानों पर छत्तीसगढ़ एसीबी ने छापेमारी की। जांच के दौरान एसीबी को कई अहम दस्तावेज भी हाथ लगे। जीपी सिंह पर इस वक्त आय से अधिक संपत्ति के आरोप लग रहे हैं, लेकिन उनके नाम कई बड़े विवाद भी दर्ज हैं।

गौरतलब है कि जीपी सिंह और विवादों का नाता काफी पुराना है। जब वह बस्तर में पुलिस अधीक्षक थे, तब उन्होंने 100 आदिवासियों को नक्सली बताकर गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें लेकर रायपुर पहुंच गए थे। कहा जाता है कि जीपी सिंह उनसे सरेंडर करवाकर गैलेंट्री अवॉर्ड पाना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ही हकीकत सबके सामने आ गई। इसके बाद उन आदिवासियों को वापस भेज दिया गया था।
जीपी सिंह की दबंगई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब वह पुलिस अधीक्षक थे तो उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी और तत्कालीन आईजी एमडब्ल्यू अंसारी के बंगले पर छापा मार दिया था। दरअसल, दोनों अफसरों में बनती नहीं थी। ऐसे में उन्होंने आईजी के बंगले में बने पीएसओ के कमरे में छापेमारी की और ढाई लाख रुपये भी बरामद किए थे। साथ ही, प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह रकम लूट की होने की जानकारी दी थी। जब विवाद बढ़ा तो सरकार ने बस्तर आईजी एमडब्ल्यू अंसारी का तबादला कर दिया था।


केंद्रीय स्वास्थ्य टीम में क्लीनिकल और पब्लिक हेल्थ के 2 विशेषज्ञ डाक्टर होंगे। इस 2 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम 5 बिंदुओं के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसमें टेस्टिंग, कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, कंटेनमेंट जोन, अस्पताल और बिस्तरों की संख्या, डॉक्टर, एंबुलेस समेत टीकाकरण शामिल है। जांच की शुरुआत जांजगीर-चांपा, बिलासपुर से होगी। इसके अलावा प्रदेश के हर संभाग के जिलों में भी टीम जाकर स्थिति की पड़ताल करेगी।