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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है




रायपुर।  शराब दुकानों में तय रेट से ज्यादा पर शराब बेचने के मामले में कार्रवाई की गई है। आबकारी विभाग ने छापा मारकर दुकानों का जायजा लिया। रेट से ज्यादा पैसे लेकर शराब देने वाले दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही प्लेसमेंट एजेंसी पर 2 लाख रूपए का जुर्माना ठोका गया है।रायपुर बिलासपुर और बस्तर की दुकानों पर पड़े छापे मंगलवार को राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने माना, अभनपुर, मालवीय रोड़, टिकरापारा, लाखेनगर, पुरानीबस्ती तथा टाटीबंध की मदिरा दुकानों की जांच की।  अधिक दर पर शराब बेचने के तीन प्रकरण सामने आए। मांढर में देशी शराब दुकान में 10 रूपए ज्यादा ले रहे कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। इसके लिए प्लेसमेंट एजेंसी को भी जिम्मेदार माना गया। बिलासपुर की टीम ने सीपत, राजकिशोर नगर, सरकंडा, अशोक नगर और वसुंधरा नगर स्थित मदिरा दुकानों की जांच की। इन दुकानों में उचित दर पर बिक्री पाई गई। बस्तर की टीम द्वारा भी 15 मदिरा दुकानों की जांच की गई। राज्य में आबकारी आयुक्त ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति को बेहद कड़ाई से आबकारी अपराधों को नियंत्रण में लाने और नियमों को पालन करवाने कहा गया है।

रायपुर। नागरिक आपूर्त निगम नान घोटोले आरोपी और तत्कालीन मैनेजर शिव शंकर भट्‌ट ने राजधानी में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भट्‌ट ने मीडिया से कहा कि वो इस मामले में सरकारी गवाह बनेंगे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को इस घोटाले का मास्टर माइंट बताया और  भाजपा नेता लीला राम भोजवानी व पूर्व मंत्री पुन्नू लाल मोहले पर भी इस मामाले में भ्रष्ट्राचार के आरोप लगाए। भट्ट का दावा है कि इस मामले में जानबूझकर उन्हें जेल में रखा गया ताकि सच सामने न आए। इस खुलासे के बाद भट्‌ट ने अपनी जान को खतरा बताया। दुर्ग से नान के अफसर रहे चिंतामणि लिए गए हिरासत में 
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद बनी नई कांग्रेस की सरकार ने नान घोटाले की जांच दोबारा शुरू कर वाई। इसके तहत नान के तत्कालीन लेखा अधिकारी चिंतामणि चंद्राकर को पूछताछ के लिए दुर्ग से रायपुर लाया गया है। नान की जांच में सामने आई चर्चित लाल डायरी में चिंतामणि का नाम कोड वर्ड में कई जगह सीएम साहब लिखा हुआ था। करीब एक महीने पहले चंद्राकर के कांकेर दुर्ग और बेंगलुरू के ठिकानों पर दबिश दी गई थी। यहां से करोड़ों की संपत्ति की जानकारी मिली थी।  क्या है नान घोटाला राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 36,000 करोड़ रुपये का कथित घोटाला सामने आया था। यह मामला 2015 में सामने आया था। छत्तीसगढ़ के एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा ने 12 फरवरी को नागरिक आपूर्ति निगम के कुछ बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में करोड़ों रुपये डायरी कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, हार्ड डिस्क और डायरी भी जब्त की गई थी। इस मामले में नागरिक आपूर्ति निगम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया था। 

मामूली झगड़े बने मौत की वजह 

  1. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन के दौरान 24 घंटे के भीतर 3 हत्याएं हुईं। इनमें एक वारदात के आरोपी को पकड़ने में पुलिस कामयाब रही। जबकि अन्य दो घटनाओं में अपराध अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज है। तीनों ही घटनाओं में भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया। शनिवार की देर रात राजेंद्र नगर में छोटा मोनू गोलबाजार इलाके में जयचंद मंडावी और इससे पहले शुक्रवार को पुरानी बस्ती इलाके में योगेंद्र नायक नाम के शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जयचंद मंडावी गोलबाजार इलाके में झांकी देखने पहुंचा था। वह नगर निवेश विभाग में चौकीदार के पद पर था। कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। धक्का-मुक्की से बात मारपीट तक जा पहुंची भीड़ जुटने लगी और आरोपियों ने इस बीच जयचंद पर चाकु से वार कर दिया। घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। अगला मामला राजेंद्र नगर इलाके का है। यहां बीती रात अपने साथी विक्की के साथ झांकि देखने गया सुहैल घर नहीं लौटा। रास्ते में ही कुछ युवकों से उसका विवाद हो गया। दो गुटों में बंटकर युवक मारपीट करने लगे। स्थानीय युवक बीच बचाव के लिए आए इस बीच किसी ने सुहैल को चाकू मार दिया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की देर रात पुरानी बस्ती इलाके के आदिवासी कॉलोनी में गणेश विसर्जन का जुलूस निकाला जा रहा था। यहां घूम रहे जितेंद्र सेन उर्फ गजनी ने युवतियों के साथ छेड़छाड़ की। यह देख योगेंद्र नायक नाम के युवक ने उसका विरोध किया। दोनों के बीच बहस हो गई। गजनी ने चाकू से योगेंद्र पर चाकू चला दिया इससे उसकी मौत हो गई। साल 2018 में भी गणेश विसर्जन के दौरान एक युवक की हत्या कर दी गई थी। शहर के  बैजनाथपारा में गणेश विसर्जन झांकी में नाचने को लेकर हुए विवाद में चाकू मारकर जुबेर चांगल नाम के युवक की हत्या की दी गई थी। पुलिस ने एक गणेशोत्सव समिति के चार सदस्यों  गिरफ्तार कर लिया था। उनसे चाकू और खून से सने कपड़े बरामद किए गए थे। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी और जीवनदायिनी नदी,महानदी को रेत माफिया खतरे में डाल रहे हैं। महानदी के तटीय गांवों में बाढ़-आपदा का खतरा बढ़ गया है। धमतरी से लेकर गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार और रायगढ़ जिले तक जगह-जगह रेत खदानें अवैध रूप से संचालित हो रही हैं। जहां बेतरतीब ढंग से पर्यावरण के मापदंडों को दरकिनार कर खोदाई की जा रही है। रेत माफिया को कथित तौर पर सत्तारूढ़ दल के नेताओं का खुला संरक्षण भी प्राप्त है।
इसके चलते बेखौफ होकर नियम-कायदे को दरकिनार कर रातोंरात खोदाई की जा रही है। इससे कई स्थानों पर महानदी का तटीय क्षेत्र फैलकर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। यही कारण है कि महासमुंद जिले के बड़गांव और समीपवर्ती अनेक गांवों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हांकित करना पड़ा है। सख्ती के साथ इस पर विराम नहीं लगाया गया तो आने वाले वर्षों में महानदी के तटवर्ती अनेक गांवों में भयंकर बाढ़ आपदा की स्थिति उत्पन्न होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। कार्रवाई के नाम पर कागजी खानापूर्ति रेत माफिया के द्वारा सड़कों की दुर्गति करने रातोंरात पोकलेन लोडर मशीन से रेत का उत्खनन करने और रेत की चोरी करने की शिकायतों के बीच यदा-कदा धरपकड़ कार्रवाई होती है। खनिज विभाग के अधिकारी मैदानी अमले की कमी बताकर कार्रवाई के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति कर पल्ला झाड़ लेते हैं। इससे रेत माफिया के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर महानदी के उद्गम से लेकर निर्गम क्षेत्र तक जहां कहीं मौका मिलता है, खनन करने से नहीं चूक रहे हैं। ग्रामीण सौदेबाजी कर दे रहे हैं ठेका विश्वस्त ग्रामीण सूत्रों के अनुसार महासमुंद जिले के बड़गांव में रेत उत्खनन करने वाले खनिज माफिया से सौदेबाजी कर ग्रामीणों ने ठेका दे रखा है। गांव के सरपंच कोटवार और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों पर ग्रामीण विकास का दारोमदार है। ऐसे लोग ही ठेकेदार बनकर गौण खनिज का दोहन करा रहे हैं। इसके एवज में गांव के हर परिवार को मोटी रकम दिए जाने की खबर है। भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कों की हो रही दुर्दशा देखने की फुर्सत किसी के पास नहीं है। महानदी करे पुकार-मत रोको मेरी धार जल संरक्षण से जुड़े नदी बचाओ स्वयंसेवी संगठनों के कर्ताधर्ता भी रेत माफिया के करतूतों के आगे चुप्पी साधने विवश हैं। साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाते हुए रेत कारोबार से जुड़े हुए लोग महानदी से रेत खनन का विरोध करने वालों को टारगेट कर तरह-तरह से प्रताड़ित करना प्रारंभ कर देते हैं। इससे कोई भी जिम्मेदार नागरिक रेत माफिया के विरोध में आवाज बुलंद करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अकेले महासमुंद जिले में चिंगरौद,बड़गांव और मुड़ियाडीह में रेत का अवैध कारोबार बीते कई साल से हो रहा है। इन स्थानों पर महानदी की गहराई से लेकर चौड़ाई प्रभावित हो रही है। जीवनदायिनी नदी की धार को मोड़ा जा रहा है। जहां-जहां खनन हो रहा है एनजीटी के मापदंडों को दरकिनार कर मशीनों से उत्खनन कर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सिहावा से निकलकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है महानदी इतिहासकारों के अनुसार प्राचीनकाल में महानदी का नाम चित्रोत्पला था। महाभारत में इसका उल्लेख मिलता है। महानदी का उद्यम धमतरी जिले में स्थित सिहावा पर्वत से हुआ है। महानदी का प्रवाह दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर है। सिहावा से निकलकर राजिम में यह जब पैरी और सोंढूर नदियों के जल को अपने में समाहित करती है तब महानदी का विशाल रूप दिखने लगता है। ऐतिहासिक नगरी आरंग सिरपुर में वह विकसित और पल्लवित होकर शिवरीनारायणप पहुंचते-पहुंचते अपने नाम के अनुरुप महानदी बन जाती है। यहां से महानदी की दिशा बदल जाती है। और वह पूर्व दिशा में बहने लगती है। संबलपुर जिले में प्रवेश करके महानदी ओडिशा का हिस्सा बन जाती है। जहां से बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। ऐतिहासिक महत्व के महानदी को संरक्षित करने और महानदी से रेत का उत्खनन रोकने कठोर कानून बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

रायपुर।   छत्तीसगढ़ में इस वर्ष दिसंबर में नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से सरकार जनजातीय और लोक नृत्यों को राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करेगी। राज्य में इस तरह का यह पहला आयोजन होगा। साथ ही राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए राज्य में खेल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। देश के जनजाति बाहुल्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें शामिल लोक कलाकारों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में राज्य में नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल और खेल महोत्सव के आयोजन के संबंध में बैठक ली। सीएम ने तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को शीघ्र समय-सारणी तय कर ब्लाक और जिला स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए। नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल की फायनल प्रतियोगिताएं 28 और 29 दिसंबर को राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित होंगी, वहीं खेल महोत्सव की राज्य स्तरीय स्पर्धाएं राजधानी रायपुर के विभिन्न् खेल मैदानों में आयोजित होंगी। समापन कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी होगा। एसएमएस के माध्यम से कराई जाएगी पब्लिक वोटिंग इस आयोजन में प्रदेश के लोक कलाकार और नर्तक दलों के साथ ही देश के विभिन्न् जनजातीय बाहुल्य राज्यों के लोक कलाकार और नर्तक दल हिस्सा लेंगे। इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसके लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था की जाएगी। विजेताओं का निर्णय एसएमएम के माध्यम से पब्लिक वोटिंग और देश के ख्याति प्राप्त निर्णायकों के द्वारा किया जाएगा। अलग-अलग थीम पर होगी प्रतियोगिता मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन के लिए नई फसल आने विवाह आदि अन्य अवसरों पर आयोजित होने वाले पारंपरिक लोकनृत्यों की थीम पर जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर चयनित दल राज्य स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। राज्य स्तर पर प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त दलों को आकर्षक पुरस्कार के साथ ही शामिल सभी दलों को सांत्वना पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।


रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को दो दिवसीय दिल्ली दौरे से रायपुर लौटे। यहां एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से कहा कि रमन सिंह कह रहे हैं नान घोटाले में एक अपराधी के बयान पर केस दर्ज हुआ है, लेकिन जब ऐसा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ हुआ था तब क्या वे सो रहे थे। आज चिदंबरम जेल में हैं, बेल भी नहीं मिली। रमन सिंह को आज अचानक यह ज्ञान कहां से हो गया। बघेल ने कहा कि रमन सिंह चाउर वाले बाबा कहलाते थे, अब यह सिद्ध हो गया वो क्या हैं। 21 लाख फर्जी राशनकार्ड बने हैं, 36 हजार करोड़ का घोटाला है। इस मामले में कानून अपना काम करेगा। बघेल ने कहा कि नान घोटाले के आरोपी शिवशंकर भट्ट को शुरू से रमन सिंह का संरक्षण था। वे उनके नजदीकी रहे। इनके बीच जो मिलीभगत है, वह उजागर हो गई है। बदलापुर की राजनीति के आरोपों पर बघेल ने तल्खी दिखाते हुए कहा कि जो भी जांच और कार्रवाई हो रही हैं वे सब रमन सिंह के कार्यकाल की हैं। उनकी ओर से कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं की गई। सीएम बघेल ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के साथ ही अजीत जोगी पर भी निशाना साधा। बघेल ने चुनौती दी कि कोई कार्रवाई बदले की भावना से की हुई मिले तो साबित करें। अपनों का पूर्व सीएम के खिलाफ मोर्चा राज्यसभा सांसद व अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविचार नेताम ने मंतूराम पवार के भाजपा प्रवेश पर बड़ा हमला किया है। नेताम ने इशारों में कहा कि मंतूराम का भाजपा प्रवेश स्थानीय नेताओं को भरोसे में लिए बिना हुआ था। जिम्मेदारों ने अपनों पर कम गैरों पर ज्यादा भरोसा किया, इसलिए पार्टी की ऐसी स्थिति बनी है। मंतूराम का जिस तरह बाजे-गाजे के साथ कार्यसमिति में स्वागत-अभिनंदन किया गया था उससे ज्यादा नुकसान हुआ। इन कारणों से अब जवाब देते नहीं बन रहा। बचाव में उतरे नेता प्रतिपक्ष नेताम से बात करेंगे। भाजपा पहले छोटी पार्टी थी। कार्यकर्ताओं ने मेहनत की, लोगों ने भरोसा किया और आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। पार्टी का विस्तार न करते और सभी को शंका की ही दृष्टि से देखते रहते तो इतनी बड़ी पार्टी नहीं बनती। - धरमलाल कौशिक