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रायपुर। मुख्य सचिव  अमिताभ जैन ने छत्तीसगढ़ पंचम विधानसभा के 26 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले 11वें सत्र की कार्यवाहियों के क्रियान्वयन तथा सत्र पूर्व तैयारी के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की। मुख्य सचिव श्री जैन ने विभागों के सचिव और अधिकारियों को पूरक, अनुपूरक, तारांकित, अतारांकित प्रश्नों के उत्तर समयावधि में तैयार करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही प्रश्नों की सूची की मूल प्रति संबंधित विभाग के सचिवों को अपने पास रखने तथा विगत सत्र के लंबित अपूर्ण प्रश्नों के उत्तर समय पूर्व तैयार करने कहा है।

मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेजों को संबंधित विभागीय मंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव कार्यालय को उपलब्ध कराएं जाए। संसदीय कार्य सचिव  सोनमणी बोरा ने प्रत्येक विभाग के लंबित प्रश्नों की जानकारी विस्तृत रूप से मुख्य सचिव को दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू ने विभिन्न नवीन विधेयकों पर चर्चा की सभी जरूरी तैयारी करने कहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव  रेणु जी पिल्ले, प्रमुख सचिव वन  मनोज पिंगुआ, सचिव आदिम जाति डी.डी. सिंह, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सुश्री शहला निगार, सचिव कृषि डॉ. एम. गीता, विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव ऊर्जा  अंकित आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन खनिज साधन विभाग द्वारा आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए खदान समूहों के खनन से संबंधित संक्रियाओं के लिए निम्नानुसार विभिन्न जिलों के समस्त क्षेत्रों को प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा अंतर्गत स्थित लौह अयस्क खदान समूह के खनिपट्टे हेतु दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कोण्डागांव, उत्तर बस्तर कांकेर के समस्त क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। उल्लेखित खनिपट्टा से प्राप्त होने वाले न्यास निधि का वितरण प्रभावित जिले दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में 30 प्रतिशत, बस्तर में 20 प्रतिशत, बीजापुर में 17 प्रतिशत, सुकमा में 15 प्रतिशत, नारायणपुर में 7 प्रतिशत, कोण्डागांव में 7 प्रतिशत तथा उत्तर बस्तर कांकेर में 4 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार जिला बालोद के अंतर्गत स्थित लौह अयस्क खदान समूह के खनिपट्टे हेतु बालोद, राजनांदगांव, दुर्ग, धमतरी के समस्त क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। जिला बालोद के अंतर्गत स्थित लौह अयस्क के खनिपट्टे से प्राप्त होने वाली न्यास निधि का वितरण बालोद जिले में 50 प्रतिशत, राजनांदगांव में 20 प्रतिशत, दुर्ग 20 प्रतिशत तथा धमतरी में 10  प्रतिशत निर्धारित किया गया है। जिला कोरबा के अंतर्गत स्थित कोयला खदान समूह के खनिपट्टे हेतु कोरबा, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, जशपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कबीरधाम, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के समस्त क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र घोषित करते हुए खदान समूह से प्राप्त न्यास निधि का वितरण कोरबा जिले में 50 प्रतिशत, जंाजगीर-चांपा में 20 प्रतिशत, बिलासपुर में 13 प्रतिशत, जशपुर में 5 प्रतिशत, मुंगेली में 4 प्रतिशत, बेमेतरा में 3 प्रतिशत, कबीरधाम में 3 प्रतिशत और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 2 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। जिला कोरिया के अंतर्गत स्थित कोयले के खनिपट्टे हेतु कोरिया, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के समस्त क्षेत्र  प्रभावित क्षेत्र घोषित करते हुए कोरिया जिले को 90 प्रतिशत और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले को 10 प्रतिशत न्यास निधि का वितरण निर्धारित किया गया है। जिला रायगढ़ के अंतर्गत स्थित कोयला खदान समूह के खनिपट्टे हेतु रायगढ़, जशपुर, महासमंुद जिले के समस्त क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र घोषित करते हुए खनिपट्टा क्षेत्र से प्राप्त न्यास निधि का वितरण रायगढ़ जिले में 70 प्रतिशत, जशपुर जिले में 15 प्रतिशत, महासमुन्द जिले में 15 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। जिला बलौदाबाजार के अंतर्गत स्थित मुख्य खनिज चूनापत्थर के खनिपट्टे हेतु बलौदाबाजार, रायपुर के समस्त क्षेत्र प्रभावित क्षेत्र घोषित करते हुए खनिपट्टा क्षेत्र से प्राप्त न्यास निधि का बलौदाबाजार जिले में 80 प्रतिशत और रायपुर जिले में 20 प्रतिशत वितरण निर्धारित किया गया है।
छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 के अनुसार सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर तथा गरियाबंद जिलों के खदान समूहों से अन्य जिले प्रभावित क्षेत्र में समाहित नहीं है, जिसके कारण उक्त जिलों के भीतर मुख्य खनिजों के खदान समूह के अतिरिक्त अन्य खनिजों की खदान एवं खदान के समूह की खनन एवं खनन से संबंधित संक्रियाओं से प्रभावित क्षेत्र संबंधित जिले हैं, जिसके संबंध में प्रभावित क्षेत्र घोषित करने के प्राधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को है। जिला सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर एवं गरियाबंद छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 के अनुसार उपरोक्त उल्लेखित खदान व खदान समूह के अतिरिक्त अन्य खनिजों की खदान एवं खदान के समूह की खनन एवं खनन से संबंधित संक्रियाओं से प्रभावित क्षेत्र संबंधित जिले हैं।

रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक आयोजित की गई।बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव  शिशुपाल सोरी, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  बृहस्पति सिंह, पत्थलगांव विधायक रामपुकार सिंह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन,अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव  डी. डी. सिंह, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की संचालक  शम्मी आबिदी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थीं ।

 छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद के सदस्य तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष  मनोज मण्डावी, सांसद  दीपक बैज, संसदीय सचिव  इंदरशाह मंडावी,  चिंतामणि महाराज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण  गुलाब कमरो, विधायक देवती कर्मा, डॉ. लक्ष्मी ध्रुव,  विनय भगत,  अनूप नाग,  चक्रधर सिंह ,  बोधराम कंवर, पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष  पीताम्बर राम और बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष गिरधारी बैगा के साथ ही प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य  नरेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, वन विभाग के सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, राजस्व विभाग की सचिव सुश्री रीता शांडिल्य,  वित्त एवं नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव  अलरमेलमंगई डी, बस्तर संभाग के आयुक्त जी.आर चुरेन्द्र, बिलासपुर संभाग के आयुक्त  संजय कुमार अलंग तथा सरगुजा संभाग की आयुक्त सुश्री जिनेविवा किण्डो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बैठक में शामिल हुईं ।

रायपुर। बैरन बाजार स्थित पास्टोरल हाउस में प्रवासी मजदूरों के हित में चल रहे जनता का फैसला चौपाल, नेशनल फाउंडेशन फार इंडिया और साक्रेटस द्वारा आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के दो लाख प्रवासी श्रमिकों में से पारदर्शी प्रक्रियाओं को अपनाते हुए 17 प्रवासी श्रमिकों, श्रमिकों के हित में फैसला सुनाने के लिए ज्यूरी के रूप में चयनित किया गया।

 पिछले चार दिनों से चल रहा इस कार्यक्रम का प्रवासी मजदूरों के हित में फैसले लेते गुरुवार को इसका समापन हो गया। ज्यूरी द्वारा जो फैसला लिया गया उसे राज्य में लागू करने हेतु अपने फैसले की प्रति मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गुरुवार को उनके निवास स्थान में सौंपा। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस पर विचार करने का आश्वासन दिया।



दुर्गति से होने वाले पलायन को रोकने के लिए सरकार को छत्तीसगढ़ मे रोजगार बढ़ाना चाहिए एवं राज्य के प्राकृतिक संसाधनों- जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय लोगों को अधिकार देना चाहिए। इसके साथ ही सभी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। ज्यूरी ने कहा- इसी के आधार पर हम भारत के सभी मजदूर साथियों की ओर से खुद को यह फैसला सुनाते हैं।


रायपुर।  बैठक में उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर, कृषि एवं जलसंसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, राजस्व मंत्री  जयसिंह अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, विशेष सचिव ऊर्जा  अंकित आनंद, संचालक उद्योग  अनिल टुटेजा और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक अरुण प्रसाद मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे। श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  रेणु जी. पिल्ले, राजस्व सचिव सुश्री रीता शांडिल्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बैठक में शामिल हुईं।

रायपुर। रायपुर के सिविल लाइंस स्थित आईडीबीआई  बैंक में डिजिटल ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने खुद काे स्टील कारोबारी बताकर बैंक में फोन किया। उसने अस्पताल की इमरजेंसी बताई तो बैंक के स्टाफ ने उसके तीन खातों में 23 लाख 31 हजार 955 रुपए ट्रांसफर कर दिए। यह इस तरह का पहला मामला है। बैंक मैनेजर राजेश प्रसाद ने पुलिस से जांच की मांग की है। आईडीबीआई  बैंक के सेवा संचालक प्रबंधक रवि शेखर सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी सिविल लाइंस शाखा में मेसर्स बैद स्टील प्राइवेट लिमिटेड का अकाउंट है। इसे मंजू बैद, सोनल बैद, संयम बैद और श्रेयांश बैद ऑपरेट करते हैं। 2 जुलाई को उन्हें 9871364226 नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को संयम बैद बताया। उसने कहा कि एक मेडिकल एमरजेंसी में रुपयों की जरूरत है। रुपए अस्पताल में देने हैं। उसने कहा कि RTGS के जरिए पैसे दे दें। ठग ने स्टाफ को भरोसे में लेने के लिए एक डिमांड लेटर भी बैंक को मेल किया। पत्र में किए गए संयम बैद के हस्ताक्षर को खाते में हस्ताक्षर के साथ मिलाकर उसके बताए तीन बैंक अकाउंट्स में रुपए ट्रांसफर कर दिए गए।

रुपए ट्रांसफर किए जाने के बाद बैंक में मेसर्स बैद स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संयम बैद ने उसी दिन कॉल किया। रुपए ट्रांसफर होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने कहा कि मैंने कोई मेल नहीं भेजा। ना ही अस्पताल की इमरजेंसी जैसी कोई बात है। संयम बैद बैंक की सिविल लाइंस ब्रांच पहुंच गए। उन्होंने ठग के नंबर पर कॉल किया। हैरानी की बात थी कि असली संयम बैद को ठग ने अपना परिचय संयम बैद के रूप में ही दिया। उसने कहा कि वो बैंक आकर मुलाकात करेगा, मगर कोई नहीं पहुंचा।

ठगी का आभास होने पर ब्रांच आफिसर्स ने उन तीन बैंकों से संपर्क किया, जिनके यहां के खातों में ठग ने रुपए ट्रांसफर कराए थे। इन तीनों खातों का सीज करवा दिया गया। इसके बाद HDFC बैंक का वह खाता सीज करवा दिया, जिसमें ठग ने तीनों खातों से रुपए ट्रांसफर किए थे। इसमें लगभग 19 लाख 9000 रुपए थे। ठग बाकी रुपए निकला चुका था। बैंक प्रबंधन ने कहा कि ठग के पास बैंक खाते के विवरण, ग्राहकों की पर्सनल डीटेल जैसे मेल आईडी और हस्ताक्षर की जानकारी है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय नागरिक उड्‌डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बिकाऊ बता दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, एक बिकाऊ को दूसरी संस्था को बेचने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों बिकाऊ हैं, एयरपोर्ट भी और सिंधिया जी भी। मुख्यमंत्री बघेल महंगाई के विरोध में देश भर में चल रहे कांग्रेस के आंदोलन को लेकर बुधवार को नागपुर पहुंचे थे।

पत्रकारों से बात करते हुए भूपेश बघेल ने कहा, पिछली सरकारों ने जो काम किए थे, जो सार्वजनिक उपक्रम बनाए थे, केंद्र की यह सरकार उन सबको निजी हाथों में बेच रही है। चाहे वह ONGC हो, एयरपोर्ट हो, स्टील प्लांट हाे या पावर प्लांट। ये लोग सब कुछ बेच डालूंगा की नीति पर चल रहे हैं। रोजगार के जो अवसर थे उसे खत्म किया जा रहा है। रेल बेच रहे हैं, अब तो प्लेन बेच रहे हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, अब ये एयर इंडिया का जो प्लेन है उसे बेचने जा रहे हैं। उस मंत्रालय को दिया है सिंधिया जी को। मुख्यमंत्री ने पहले पूछा - एयर इंडिया का लोगो क्या है? फिर खुद ही जवाब दिया - महाराजा। वह (लोगो) कह रहा है कि महाराजा आइए, हम दोनों बिकाऊ हैं। एयरपोर्ट भी और सिंधिया जी भी। जब सब कुछ बेच डालेंगे तो लोगों के पास रोजगार क्या रहेगा।

कांग्रेस के युवा तुर्कों में शुमार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बगावत कर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरा दी। इसके बाद से ही सिंधिया कांग्रेस नेताओं के निशाने पर हैं। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में सिंधिया को भी शामिल कर लिया गया। उसके बाद सिंधिया और उनके साथ कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं के खिलाफ कांग्रेस की बयानबाजी तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, एक समय कहा जाता था कि पाकिस्तान में 11 प्लेयर क्रिकेट नहीं खेलते। उनके साथ उसके दो अम्पायर भी खेलते हैं। यानी उनकी ओर से 13 खिलाड़ी खेलते हैं। ठीक वैसे ही कोई भी चुनाव भारतीय जनता पार्टी अकेले नहीं लड़ती। उसके साथ एक आईटी पार्टी, एक ईडी पार्टी, एक सीबीआई पार्टी होती है। यह ईडी मध्य प्रदेश नहीं जाएगी। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में रेड नहीं करेगी। वह ईडी भाजपा शासित राज्यों में नहीं जाएगी। चाहे ईडी हो, सीबीआई हो चाहे आईटी हो इनके रेड वहीं पड़ेंगे जो गैर भाजपा शासित राज्य हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, इनकी जितनी भी एजेंसियां हैं उनका दुरुपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, भले ही भाजपा का दिल दिल्ली की सत्ता के लिए धड़कता है, लेकिन उसका दिमाग नागपुर से काम करता है। इसलिए वे भाजपा की नीतियों के बारे में बात करने के लिए नागपुर आए हैं। उन्होंने कहा- मोदी सरकार बहुत मायावी है। जब भी जनता के मुद्दों को लेकर सवाल किया जाता है, मोदी सरकार जनता को इमोशनल ब्लैकमेल करने लगती है। उसे इतना भटका देती है कि जनता अपने असली सवालों को भूल जाती है। बघेल ने कहा- सवालों को भटका देने से सवाल मिट नहीं जाते, बल्कि नासूर बनकर सकते हैं, और एक दिन फट पड़ते हैं, लेकिन अफसोस इससे नुकसान केवल और केवल जनता का होता है।

रायपुर । लगभग 15 दिनों से राज्य में ठप्प पड़ी यात्री परिवहन बस सेवा आज, 14 जुलाई से फिर शुरू हो गई है। परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर से कल देर शाम रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के पदाधिकारियों के मध्य हुई चर्चा के बाद यात्री बसों के हड़ताल को वापस लेने का निर्णय लिया गया। राज्य की सड़कों पर आज से लगभग 12 हजार यात्री बसों का आवागमन शुरू हो जाएगा।

परिवहन मंत्री अकबर ने बताया कि आज छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के पदाधिकारियों से सौहाद्रपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। यातायात महासंघ ने जो मांगें प्रस्तुत की थी, उन पर विस्तार से चर्चा की गई और उन मांगों पर राज्य सरकार की ओर से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का निर्णय लिया गया। यातायात महासंघ ने राज्य में बस सेवा ठप्प होने से जन सामान्य को हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए बसों के परिवहन की सहर्ष सहमति दी है। राज्य में सभी 12 हजार यात्री बसें अपनी परमिट एवं शेड्यूल के अनुसार निर्धारित रूटों पर 14 जुलाई से चलेंगी। बसों का संचालन कोरोना गाइडलाईन को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।


इधर राजधानी रायपुर में कांग्रेसी नेता साइकिल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। बता दें कि आज सुबह से ही महंगाई के विरोध में महापौर एजाज ढेबर सहित तमात कांग्रेसी नेताओं ने साइकिल चलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं पीसीसी चीफ मोहन मरकाम रायपुर और बिलासपुर में साइकिल रैली में शामिल होंगे। इधर दुर्ग संभाग में पीसीसी प्रभारी सचिव चंदन यादव मोर्चा संभालेंगे।

रायपुर. कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार और प्रबंधन के मोर्चे पर छत्तीसगढ़ की टीम को उतारने का फैसला किया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। प्रियंका ने उन्हें टीम के साथ चुनाव के मोर्चे पर उतरने के निर्देश दिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी को पहले ही उत्तर प्रदेश का प्रभारी सचिव बनाया गया है।

वह बूथ स्तर पर मैनेजमेंट में जुटे हैं। इससे पहले छत्तीसगढ़ के नेताओं को उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में उतारा गया था। अब पूर्वांचल में फिर छत्तीसगढ़ के नेताओं को सक्रिय किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। प्रियंका गांधी से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पवन बंसल और राजीव शुक्ला भी मौजूद थे। करीब एक घंटे चली मुलाकात में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के नेताओं को पूर्वांचल की विधानसभा सीट की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ का बार्डर भी इसी इलाके में लगता है। प्रदेश में पूर्वांचल के लोगों की संख्या भी ज्यादा है। ऐसे में इस इलाके में चुनाव प्रचार प्रभावी रहेगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ के टीम को बिहार और असम के विधानसभा चुनाव के मोर्चे पर उतारा गया था। असम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण पार्टी मुकाबले में आई थी।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि बिहार और असम का प्रभार मिलने पर उनके नेतृत्व में दोनों राज्यों में कांग्रेस की जो फजीहत हुई है, वह सबके सामने है। वहां सीएम बघेल के झूठ का कारोबार चल नहीं पाया। मुख्यमंत्री के बड़बोलेपन और खराब ट्रैक रिकार्ड को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें और कोई जिम्मेदारी नहीं दी है, इसलिए मुख्यमंत्री बघेल ने खुद ही जिम्मेदारी मांग ली है।

रायपुर। राज्य में बिजली व्यवस्था में सुधार के नाम पर बिजली बोर्ड का किया गया कंपनीकरण उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। पांच अलग-अलग कंपनी होने से स्थापना व्यय के साथ टैक्स का भार बढ़ गया है। इसका सीधा असर बिजली की दरों पर पड़ रहा है। बिजली कंपनियों के इंजीनियर और कर्मचारी भी इससे नाखुश हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कंपनियों के एकीकरण का वादा किया था, लेकिन ढाई साल बाद भी इस पर अमल नहीं हो पाया है। इससे बिजली कर्मी नाराज हैं।

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन के संरक्षक पीएन सिंह का कहना है कि 2009 में जब बिजली बोर्ड का विखंडन किया जा रहा था, तभी हमने इसका विरोध किया था। इसके बावजूद बोर्ड को भंग करके पांच अलग-अलग कंपनियां बना दी गईं। इसका असर यह हो रहा है कि कंपनियां एक-दूसरे के साथ व्यापार कर रही हैं। इससे हर कंपनी को अलग-अलग टैक्स भरना पड़ रहा है। बिजली बोर्ड मुनाफ में चल रहा था, लेकिन इस वक्त ज्यादातर कंपनिया नुकसान में हैं। इसका असर बिजली की दरों पर पड़ा है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले कंपनियों के एकीकरण का वादा किया था, उसे पूरा करना चाहिए।

कंपनियों के एकीकरण के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार ने प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें एकीकरण के स्थान पर कंपनियों की संख्या कम करने का प्रस्ताव आया है। सरकार ने इस प्रस्ताव के विश्लेषण का काम एक निजी कंपनी को सौंपने के साथ ही वरिष्ठ अफसरों की 13 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी भी बनाई है। कंपनियों की संख्या कम करने की प्रक्रिया 31 मार्च 2021 तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है।

कंपनियों के एकीकरण के बजाए संख्या कम करने को लेकर कर्मचारियों नेताओं ने इसके लिए कंपनी के ही इंजीनियर के स्वार्थ को जिम्मेदार बताया है। कर्मियों का आरोप है कि अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में अफसरों ने तीन कंपनी बनाने का फार्मूला तैयार किया है। पांच में से जिन दो कंपनियों होल्डिंग और ट्रेडिंग को बंद करने का प्रस्ताव है, उनका वैसे भी कोई औचित्य नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन कंपनी बनाने से न तो राज्य और न ही उपभोक्ताओं को कोई फायदा होगा।

कंपनियों में सेवानिवृत्त अफसरों को एमडी बनाए जाने पर भी कंपनी में विरोध है। इस वक्त एकमात्र होल्डिंग कंपनी की एमडी उज्जवला बघेल ही सेवा में हैं। उत्पादन कंपनी के एनके बिजौरा, पारेषण कंपनी के एसडी तेलंग, वितरण कंपनी के हर्ष गौतम और ट्रेडिंग कंपनी के एमडी राजेश वर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कर्मचारी नेताओं का तर्क है कि कंपनीकरण करने के दौरान सरकार ने वादा किया था कि कंपनी के ही वरिष्ठ अफसर को एमडी बनाया जाएगा, लेकिन इस पर भी अमल नहीं हो रहा है। इससे अफसरों की पदोन्न्ति बाधित हो रही है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने सोमवार को पूरे प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर धरना किया। बस संचालकों की मांग है कि 40 फीसदी बस किराया में वृद्धि होना चाहिए, जो बस खराब है या जिन बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है, उन बसों का टैक्स ना लिया जाए। बस संचालकों ने राज्य सरकार को 13 जुलाई तक अल्टीमेटम दिया है। यदि इनकी मांगे पूरी नहीं होती है, तो बस संचालक 14 जुलाई को जल समाधि लेने को मजबूर होंगे। 

छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के अध्यक्ष सैयद अनवर अली ने कहा कि चरणबद्ध आंदोलन का आज आखिरी दिन है। यदि सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो मंगलवार से हम मजबूर होकर बसों को अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर देंगे। पूरे प्रदेशभर की बसें कल से बंद हो जाएगी। इस वजह से यात्रियों को भी असुविधा होगी। बस ऑपरेटर प्रमोद दुबे ने कहा कि इस संबंध में हमारी बात परिवहन मंत्री से बात हुई थी।

उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री से इस विषय पर जल्द ही बात करेंगे। हम उम्मीद कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री हमें बुलाए और हमारी समस्या का समाधान करे. लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। जिसकी वजह से बस ऑपरेटर्स को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक सरकार की ओर से किसी तरह का कोई बुलावा नहीं आया है।

पूरब टाइम्स रायपुर . क्या छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद से हटाने जा रही है? अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे बघेल ने कहा है कि यदि हाई कमान किसी और को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है तो वह इसके लिए तैयार हैं। 10 जनपथ में बैठक के बाद बाहर निकले बघेल ने कहा कि उन्होंने हाई कमान के कहने पर ही शपथ ली थी और शीर्ष स्तर से कहे जाने पर हटने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मुलाकात सोनिया गांधी से नहीं, महासचिव प्रियंका गांधी के साथ हुई है।

ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने की शर्त को लेकर चल रही अटकलों पर बघेल ने कहा, हाई कमान ने मुझे शपथ (मुख्यमंत्री पद) लेने को कहा था, इसलिए मैंने लिया। जब वे कहेंगे कि कोई और मुख्यमंत्री बनेगा तो ऐसा ही होगा। इस तरह के समझौते (ढाई साल सीएम) गठबंधन सरकार में होते हैं। 10 जनपथ के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वह अगले साल उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। 

बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पास दो-तिहाई बहुमत है। मैंने प्रियंका गांधी जी से मुलाकात की अब पीएल पुनिया जी से मिलना है। यदि हाई कमान मुझे आने वाले यूपी चुनाव में जिम्मेदारी देता है तो मैं इसके लिए तैयार हूं। हालांकि, इस बीच छत्तीसगढ़ के प्रभारी पूनिया ने एएनआई को बताया कि कुछ साल में मुख्यमंत्री बदलने का कोई फॉर्म्यूला नहीं है।

पूरब टाइम्स रायपुर ।  प्रदेश में बस का परमिट लेने वालों के लिए राहत भरी खबर है। बस के परमिट के लिए अब आवेदन करने के लिए परिवहन मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दरअसल, बस का परमिट लेने वाले अब ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। परिवहन विभाग अब परमिट देने की प्रक्रिया को वाहन नामक सॉफ्टवेयर में जोड़ दिया है। उसके बाद आवेदक वाहन नामक सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। परिवहन विभाग के अधिकारी का कहना है कि ऑनलाइन परमिट के लिए साफ्टवेयर में जोड़कर उसकी टेस्टिंग शुरू कर दी गई। जल्द ही इस व्यवस्था को शुरू कर दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि बस संचालकों द्वारा यात्री बस अनुज्ञापपत्र जारी करने, नवीनीकरण सहित अन्य प्रकरणों के निराकरण के लिए डिवीजनल कार्यालयों द्वारा लेट लतीफी और परमिट जारी के लिए बस संचालकों के बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की शिकायतें आ रही थी। सही समय पर बस परमिट जारी होने से आवागमन में काफी दिक्कत होती है। इससे यात्रियों को बहुत परेशानी होती है। इसलिए इसे ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।

बता दें कि पूर्ववर्ती सरकार ने बस संचालकों को परमिट के लिए आने वाली परेशानी को देखते हुए प्रदेश के पांच क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर डिवीजनल कार्यालय का चयन किया था, जहां से यात्री बस परमिट जारी किया जा रहा था। मगर, जैसे ही प्रदेश में सरकार बदलते ही इन डिवीजनल कार्यालयों में बस परमिट जारी करना बंद कर दिया गया।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ को एक क्षेत्र मानते हुए यात्री परिवहन आयुक्त कार्यालय से नवीन बस परमिट, अनुज्ञा पत्रों का नवीनीकरण एवं वाहनों के प्रतिस्थापना संबंधी प्रकरणों के निराकरण संबंधी कार्यवाही की जा रही है। इसका मकसद था कि एकल प्रक्रिया के तहत यात्री बस परमिट जारी होने से बस संचालकों को समय-सीमा में बस परमिट मिल सकेगा।

पूरब टाइम्स रायपुर । छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी महासंघ के सभी कर्मचारियों द्वारा नियमितिकरण की मांग को लेकर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मशाल जुलूस निकाला गया। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी कोर कमेटी एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के निर्देशानुसार अजित जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने अपने साथियों के साथ इस आंदोलन में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

अजित जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू ने राजधानी के धरना स्थल बूढ़ा तालाब पर जाकर साथियों के साथ मोर्चा संभालकर समर्थन दिया और कहा कि सरकार के घोषणा पत्र पर लिखकर वादा किया था कि अनियमित कर्मचारियों को सरकार में आते ही 10 दिनों के अंदर नियमित कर देंगे, लेकिन आज कांग्रेस की सरकार बने ढाई साल हो गए, लेकिन आज तक किसी भी अनियमित कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया।

पूरब टाइम्स राजनांदगांव । कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने राजस्व कार्यों में दक्षता एवं कुशलता लाने के लिए राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि एसीडीएम न्यायालय एवं तहसील न्यायालय में जरूर समय दें और प्रकरणों शीघ्र का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा के अधिकांश प्रकरण पटवारी के समय पर प्रतिवेदन नहीं देने के कारण लंबित है। पटवारियों एवं अधीनस्थों पर नियंत्रण रखें। कार्य के प्रति उदासीन एवं अकर्मण्य पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। यह ध्यान रखें कि जनसामान्य को छोटे-छोटे प्रकरणों के लिए दिक्कत नहीं होना चाहिए। उन्हें राहत मिलनी चाहिए। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में ध्यान देने की जरूरत है। 

पटवारियों को रोस्टर बनाकर एक निर्धारित दिन बुलवाकर उनके हल्के के प्रकरणों का प्रतिवेदन देने कहें और प्रकरणों का समाधान करते जायें। कार्यप्रणाली में सुधार होना चाहिए। भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। सभी ईमानदारीपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जनसामान्य के हित में सरल प्रक्रिया के अनुरूप कार्य होना चाहिए। कार्य के साथ अपना व्यवहार भी आम जनता के साथ अच्छा रखें। वे अपनी तकलीफ आपसे बतायेंगे, उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनें। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार से कहा कि भू-राजस्व संहिता का अध्ययन करें। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया और उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि डायवर्सन एवं अतिक्रमण के प्रकरणों में गति लायें। प्रत्येक तहसील में सात से आठ राजस्व निरीक्षक हैं, उन सभी से कार्य लें। पक्षकार को सूचना की तामिली के पश्चात अभिलेख दुरूस्त करें। जिस दिन रजिस्ट्री की प्रक्रिया हो दोनों पक्षों की उपस्थिति में तामिली भी हो जायेगी। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि पर 15 जून से जब तक फसल नहीं कटती तब तक सीमांकन का कार्य नहीं किया जा सकता। लगभग 70 प्रतिशत प्रकरण आवासीय भूमि के सीमांकन के प्रकरण हैं, जो लंबित रहते हैं, उनका तत्परता से निराकरण करें। अपील के प्रकरणों पर ध्यान दें। जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि लोगों की तकलीफ को समझते हुए राजस्व अधिकारी सक्रियतापूर्वक कार्य करें। अपर कलेक्टर  सीएल मारकण्डेय ने कहा कि व्यवस्था में परिवर्तन लाते हुए राजस्व न्यायालय की गरिमा के अनुरूप कार्य करें। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर  इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर  विरेन्द्र सिंह, एसडीएम मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज शास्त्री चौक स्थित आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। आज की जनसुनवाई में 29 प्रकरण रखे गये थे, जिसमें 20 प्रकरणों पर सुनवाई की गई, जिसमें से 2 प्रकरणों को तत्काल निराकृत किया गया तथा शेष प्रकरणों में निराकरण की संभावना होने के कारण आगामी जन-सुनवाई में रखा जाएगा। आज सम्पत्ति विवाद से संबंधित प्रकरण में अनावेदकों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए। आवेदिका द्वारा प्रस्तुत आवेदन की काॅपी मिलने पर अनावेदकों ने विस्तृत जवाब दिया। इस जवाब का आवेदिकागण को यदि आवश्यकता है तो वह सूचना के अधिकार के तहत आवेदन कर दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। 

ऐसा ही अनावेदकगण के लिये भी है। चूंकि इस प्रकरण में यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया शाखा स्टेशन रोड चेक से 37 लाख 41हज़ार रूपये खाताधारक के चेक के पश्चात् विवादित सम्पत्ति की रजिस्ट्री होने का उल्लेख है। अतः यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया के मैनेजर को पत्र प्रेषित कर संबंधित चेक और अनावेदिका के खाते से संबंधित ब्यौरा की जानकारी मंगाया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही रजिस्ट्रार आफिस रायपुर से 7 फरवरी 2020 में अनावेदकगण के मध्य किये गये रजिस्ट्री से संबंधित अभिलेख का विस्तृत ब्यौरा भी मंगाया जाना आवश्यक है। आवेदकगण इन दोनों पत्रों के बाबत् अपना विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत करें। जिसके आधार पर अभिलेख बुलाने हेतु पत्र लिखा जा सकें। आगामी सुनवाई हेतु अगस्त माह में सुनवाई नियत किया जा सकें। अनावेदक पक्ष भी यदि कोई दस्तावेज या अभिलेख बुलाना चाहते हैं तो उसके लिये भी आवेदन कर सकते हैं।

इसी तरह मानसिक प्रताड़ना के एक प्रकरण मे आवेदिका ने सहायक ग्रेड 3 के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी बलौदाबाजार एवं जिला संरक्षण अधिकारी के विरुद्ध अपना शिकायत आयोग के समक्ष किया था। जिसमे आयोग की अध्यक्ष ने इस पूरे मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी बलौदाबाजार एवं जिला संरक्षण अधिकारी दोनों से पूछताछ किया। अनावेदिका की शिकायत में मई माह को आवेदिका के पति के खिलाफ लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत की है। बिना शिकायत के परिवाद समिति में प्रकरण क्यों रखा गया इसका कोई भी ठोस एवं स्पष्ट जवाब दोनों ने नहीं दिया। अनावेदिका के आवेदन में मानसिक प्रताड़ना शब्द का उल्लेख है और आवेदिका के पति के द्वारा किये गये कार्य विभाजन का प्रभार देने से बचने का भी उल्लेख है। 

इससे यह स्पष्ट है कि अनावेदिका ने लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 में लैंगिक उत्पीड़न की पांच स्पष्ट प्रावधान में से कम से कम एक बिन्दु पर शिकायत होना आवश्यक है। इनमें से किसी भी एक विषय पर अनावेदिका ने आवेदिका के पति के खिलाफ स्पष्ट शिकायत नहीं किया है और मई माह की शिकायत में लैंगिक उत्पीड़न कानून के तहत कोई भी स्पष्ट तथ्यों का उल्लेख नहीं है। जिला संरक्षण अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी के आदेश के पालन में काम करना बताया है। आवेदिका के पति ने यह भी व्यक्त किया है जिला परिवाद समिति ने अनावेदिका के आवेदन और दस्तावेज से उसे अवगत नहीं किया है।

 जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला संरक्षण अधिकारी दोनो को आयोग द्वारा निर्देशित किया गया है कि बिना लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत के शुरू किये गये आंतरिक परिवाद समिति के मामले में प्रकरण समाप्त कर अपनी रिपोर्ट आयोग की आगामी सुनवाई में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि उसके आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जा सके। आज प्रस्तुत भरण पोषण के प्रकरण में आवेदिका पत्नी अनावेदक पति के साथ जाने तैयार है,पर अनावेदक पति अपने आवेदिका पत्नी को साथ रखने तैयार नहीं है और न उसके दहेज के सामान को दे रहा है और न ही भरण पोषण देने को तैयार है। अनावेदक पति पुलिस आरक्षक है तथा उसे 22 हज़ार रुपये का मासिक वेतन मिलता है। 

अनावेदक पति ने यह स्वीकार किया कि उसके सर्विस बुक में आवेदिका पत्नी का नाम दर्ज है, आवेदिका पत्नी अनावेदक पति और उसके परिवार के दुर्व्यवहार के बावजूद भी साथ रहने तैयार है। पर अनावेदक पति आवेदिका पत्नी को साथ रखने तैयार नही है ऐसी स्थिति में आवेदिका पूरी तरह से स्वतंत्र है कि वह अनावेदक पति और उसके परिवार और अन्य रिश्तेदार जिन्होंने आवेदिका को दहेज के लिए प्रताड़ित किया है। उन सब के विरुद्ध आवेदिका ने दहेज प्रताड़ना की भी शिकायत की है।इस स्तर पर आवेदिका ने बताया कि अनावेदक पति पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत है उनके शिकायत पर पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं हुई थी इसलिए अनावेदक पति का हौसला बढ़ा हुआ है।

आयोग द्वारा इस पूरे प्रकरण के आदेश की प्रति दुर्ग एस पी और महिला थाना प्रभारी दुर्ग को प्रेषित किया जाएगा तथा इस प्रकरण में की गई कार्यवाही को 2 माह के भीतर अवगत कराने आयोग ने निर्देशत किया है। एक अन्य प्रकरण में उभय पक्ष उपस्थित अनावेदक ने जानकारी दिया कि आवेदिका उसके खिलाफ 498ए, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा का मामला लगा रखा है। मामला आयोग के क्षेत्राधिकारी से बाहर होने के कारण प्रकरण को निराकृत कर दिया गया। इसी तरह समझौते के एक प्रकरण में दोनों पक्ष शांतिपूर्वक समझौते के साथ रह रहे है। इस तरह यह प्रकरण भी निराकृत हो गया।