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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



कोरबा। छत्तीसगढ़ के एक मात्र हॉटस्पॉट कटघोरा में गुरुवार देर रात कोरोना पॉजिटिव के तीन नए केस मिलने से प्रशासन की चिंता बढ़ी है। जिन हाई रिस्क सैंपलों को लेकर केस बढ़ने की आशंका थी, उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद राहत की सांस ली जा रही थी, लेकिन कटघोरा की मस्जिद वाली गली पुरानी बस्ती से ही तीन नए मामलों ने चिंता बढ़ाई है। अभी भी यहां के 50 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है।
हॉटस्पॉट कटघोरा में सख्ती बढ़ा दी गई है। पूर्ण लॉकडाउन में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। सड़क पर केवल पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अमला ही कभी कभार नजर आता है। यहां की 26 हजार की आबादी घरों में कैद है और कोरोना संक्रमण को लेकर दहशत में है। अकेले कटघोरा से अब तक 27 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। ये सभी तब्लीगी जमात से आए किशोर के संपर्क में आकर संक्रमित हुए।



बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में गुड़ाखू के प्रति कैसी दीवानगी है,इसकी एक बानगी बिलासपुर के हेमू नगर में देखने को मिली। यहां पर एक महिला द्वारा मुफ्त में गुड़ाखू बांटने की सूचना मिलने पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी और महिलाओं ने गुड़ाखू पाने के लिए धक्का-मुक्की शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर तोरवा पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में गुड़ाखू बांटने वाली महिला बेबी खान सहित 8 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में गुड़ाखू नशे का प्रमुख साधन माना जाता है और लॉक डाउन के कारण गुड़ाखू की बेहद कमी हो गई है। गली मोहल्लों के दुकानों में बिकने वाला गुड़ाखू अब बाजार से गायब हो गया है, यही कारण है कि गुड़ाखू के नशे के आदी हो चुके लोग गुड़ाखू के लिए बेताब हो चले हैं। इसी बेताबी के चलते बिलासपुर के हेमू नगर में यह घटना सामने आई।

तोरवा पुलिस के मुताबिक हेमू नगर में बेबी खान नाम की महिला के पास काफी मात्रा में गुड़ाखू का भंडार था और उसने आसपास के लोगों को फ्री में गुड़ाखू देना शुरू कर दिया। इस बात की जानकारी मिलने पर पूरे मोहल्ले की महिलाओं का हुजूम बेबी खान के घर उमड़ पड़ा । गुड़ाखू पाने की चाहत में महिलाएं सोशल डिस्टेंसिंग को भूलकर धक्का-मुक्की करने लगी। इस दौरान लगातार भीड़ भी जमा होने लगी। ऐसी स्थिति में सूचना मिलने पर तोरवा पुलिस मौके पर पहुंची और उसने गुड़ाखू बांटने वाली महिला बेबी खान को हिरासत में लिया।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक, भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी 129वीं जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. कोविड-19 के बचाव और रोकथाम के लिए लागू लाॅकडाउन के कारण मुख्यमंत्री बघेल ने अपने निवास कार्यालय कक्ष में संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. भारत के संविधान निर्माण और समता मूलक समाज के निर्माण, समाज के कमजोर वर्गाें और महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान को याद किया। 


उन्होंने बाबा साहब द्वारा कमजोर तबकों की शिक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की स्थापना के लिए किए गए प्रयासों को और अधिक विस्तार देने का संकल्प दोहराया. बघेल ने अम्बेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर कल प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में बाबा साहब के लाखों अनुयायी बाबा साहब का जन्मदिन उत्साह और श्रद्धा से मनाते हैं. कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को देखते हुए सभी लाॅकडाउन का पालन करें और घर पर बाबा साहब का जन्मदिन मनाएं. यह बाबा साहब को हमारी सच्ची पुष्पांजलि होगी। 

रायपुर।  कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है। प्रशासन ने समाज सेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों द्वारा घूम-घूम कर जरूरतमंद लोगों को राशन सामग्री के वितरण पर रोक लगा दी है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें यह कहा गया है कि किसी भी संस्था या व्यक्तिक रूप से राहत के लिए रशद बांटने की जगह दान दाता प्रशासन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को सहयोग करें। जिन्हें भी दान करना है वे प्रशासन के पास दान सामग्री या दान राशी जमा कर लोगों का सहयोग कर सकते हैं।
राशन बांटने की आढ़ में लोग धारा 144 को नजर अंदाज भी कर रहे थे। इसे देखते हुए मंत्रालय से आज एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें लिखा है कि निकायों में अनेक जनप्रतिनिधियों, एजेंसियों, संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा आवश्यक सामग्री वितरण किए जाने के कारण जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक फिजिकल डिस्टेंसिंग के सिद्धांत का पालन नहीं किए जाने की संभावना बनी रहती है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में लॉकडाउन के दौरान एक ही परिवार के तीनों लोगों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। मृतकों में पति-पत्नी और उनका बेटा शामिल है। पुलिस फोरेंसिक एक्सपर्ट और डाग स्क्वायड की टीम की मदद से घटनास्थल की जांच कर रही है। इस वारदात को किसने और क्यों अंजाम दिया है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। घटना शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात की है। जैसे ही सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, गांव में सनसनी फैल गई। लॉकडाउन में चहुंओर पुलिस का पहरा है। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर कानून और सुरक्षा व्यवस्था बनाने में जुटी है। ऐसे समय में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से गांव में दहशत का माहौल है।

रायपुर। 25 फीसद कमीशन को कम कर 10 फीसद करने पर रेस्टोरेंट कारोबारियों और ऑनलाइन कारोबारियों की बात नहीं बनी। रविवार को इस संबंध में छत्तीसगढ़ रेस्टोरेंट एंड कैफे एसोसिएशन और ऑनलाइन कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक भी हुई। कारोबारियों का कहना है कि वे किसी भी हालत में अनलाइन भोजन परोसने वाली कंपनियों को 25 फीसद कमीशन नहीं देंगे। इसके चलते रेस्टोरेंट संचालकों ने पार्सल सुविधा शुरू करने से भी इन्कार कर दिया है। कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से वैसे ही इन दिनों सभी रेस्टोरेंट और कैफे सेंटर की हालत खराब है। कर्मचारियों को तनख्वाह और मालिक किराया देने के लिए भी पैसे नहीं हो पा रहे हैं। अकेले रायपुर के करीब 600 रेस्टोरेंट में हैं, जहां करीब सात हजार कर्मचारी हैं।
छत्तीसगढ़ रेस्टोरेंट एंड कैफे एसोसिएशन का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान लिया जाने वाला किराया माफ किया जाए। उनके अस्तित्व को बचाए रखने के लिए यह बहुत ही ज्यादा जरूरी है। एसोसिएशन के सचिव मिकी दत्ता ने बताया कि सभी कारोबारियों की चिंता इस बात को लेकर है कि वे अपना अस्तित्व कैसे बचाएं। मकान मालिक का किराया, कर्मचारियों की पगार, बैंक की ईएमआइ कहां से निकाला जाए। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि लॉकडाउन के दौरान लिया जाने वाला किराया माफ किया जाए। वर्किंग कैपिटल लोन दिया जाए, जिसका ब्याज और ईएमआइ साल भर बाद शुरू हो। ऑनलाइन प्लेटफार्म से दिए जाने वाला डिस्काउंट बंद हो और सरकार कमीशन की सीमा तय करे।

कवर्धा । कबीरधाम जिला व छत्तीसगढ़ राज्य के अंतिम बार्डर ग्राम पंचायत राजाढार के आश्रित ग्राम धवईपानी में इस वक्त हड़कंप मचा हुआ है। जहां इटली से वापस अपने घर लौट रहे लोगों की बस चेकपोस्ट पर पहुंची। चेक पोस्ट में मौजूद राजस्व, स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने बस काे रोक लिया है। उल्लेखनीय है कि विश्व में अब तक कोरोना वायरस के कारण सबसे अधिक मौतें इटली में हुई है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा इन लोगों को कोई छूट नहीं दिया गया है। एसपी केएन ध्रुव ने बताया कि मामला शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे की है। आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में रहले वाले 37 लोग इटली में पढ़ाई करते हैं। उन्हें एक माह पहले भारत लाया गया। तब दिल्ली में एक माह तक आइसोलेट कर रखा गया। वहीं दिल्ली से मध्यप्रदेश, यूपी, राजस्थान व चिल्फी होते हुए आंध्रप्रदेश वापस लौट रहे थे। तब चेक पोस्ट में जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है।इस पूरे मामले में कई लापरवाही सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इटली से 37 लोग अपने घर लौट रहे थे तो इन्हें राज्य में आने की अनुमति किस आधार पर दिया गया? वहीं ग्रामीण भी इसे लेकर नाराज हैं। गौर करने की बात है कि ये सभी लोग दिल्ली, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश होकर अांध्रप्रदेश जा रहे थे। ऐसे में इन्हें कैसे राज्य के भीतर आने की अनुमति मिल गई। वहीं धवईपानी में सबसे पहले चेक पोस्ट में जांच होती है, इसके बाद ही इन्हें राज्य के भीतर आने की अनुमति दी जाती है।


ग्रामीणों ने शोर मचाया और पीछा किया, तो तेंदुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आज पीएम के बाद बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वन विभाग की टीम भी अस्पताल में मौजूद रही, विभाग ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मुहैया कराई है।

रायपुर। कोरोना वायरस के मार के बीच रायपुर में पीलिया के लोगों की नींद उड़ा दी है। रायपुर में पीलिया पीडि़तों की संख्या 49 से बढ़कर 78 हो गई है। पीलिया होने के पीछे का कारण बताते हुए महापौर एजाज़ ढेबर ने कहा कि कहीं न कहीं इसमें हमारी गलती है। आज मैं पानी फिल्टर प्लांट जायज़ा लेने गया था। जब से प्लांट बनी है तब से आज तक उसकी छननी प्लेट को नहीं बदला गया है और उसमें छेद हो गया है।  

उस प्लेट में एक ख़ास तरह की रेत का लेयर चढ़ाया जाता है जो सालों से नहीं बदला गया. इस कारण लेयर मिट्टी जैसे हो गया है उसमें छोटे छोटे कीड़े भी लग गए हैं। तत्काल मौके पर अधिकारियों को बुलाया और लेयर बदलने का आदेश दिया। महापौर ने कहा कि इतने लोगों को पीलिया हुआ है इसके लिए कहीं न कहीं ज़िम्मेदार हम ही हैं। जो इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं वो अधिकारी है। हम इस पर कार्रवाई ज़रूर करेंगे। ये बड़ी लापरवाही है और जनता की जान से खिलवाड़ है।

राजनादगांव। राजनांदगांव जिले में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों पर जानकारी छिपाने की स्थिति में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने इसे लेकर कड़े आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर के आदेश के मुताबिक, अगर कोई भी तब्लीगी जमात से जुड़ा व्यक्ति अपने आने-जाने की जानकारी छिपाता है, या जांच नहीं करवाने के लिए सामने नहीं आता तो उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास जैसी धाराओं के साथ कार्रवाई की जाएगी। देश कुछ राज्यों के डीजीपी भी जमात के लोगों को लेकर ऐसे आदेश जारी कर चुके हैं। प्रदेश में इस तरह का आदेश पहली बार जारी किया गया है। 


अतः तब्लीगी जमात के समस्त अनुयायियों को यह आदेश दिया जाता है कि 1 मार्च के पश्चात वे अपने निवास स्थल से छत्तीसगढ़ अथवा छत्तीसगढ़ से बाहर कहीं पर भी प्रवास किए हों अथवा उनके निवास स्थल पर किसी दूसरे स्थल का निवासी निवास कर रहा हो तो उसकी विस्तृत सूचना संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी को तत्काल दें। यदि आपके द्वारा सूचना छुपाई जाती है तो आप राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 302 यानी हत्या और 307 यानी की हत्या का प्रयत्न के तहत दंड के भागी होंगे। 

रायपुर  रायपुर-बिलासपुर रोड पर स्थित धरसींवा थाने के 40 पुलिस वाले पिछले 19 दिनों से अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। जब से शहर लॉकडाउन हुआ है और धारा-144 लागू है तब से लगभग सभी स्टाफ थाने में ही रह रहे हैं। चूंकि यह थाना रायपुर-बलौदाबाजार सीमा पर स्थित है। सरकार ने सभी शहरों की सीमा को सील कर दिया है। एक शहर से दूसरे शहर में जाने पर पाबंदी लगाई गई है। 

धरसींवा टीआई बृजेश तिवारी ने अपने स्टाफ के लिए थाने में ही भोजन और सोने की व्यवस्था कर दी है। थाने के स्टाफ वहीं सभी के लिए भोजन पकाते हैं। इतने लोगों के लिए बर्तन नहीं होने के कारण पतरी में भोजन परोसा जाता है। पुलिस वाले बारी-बारी आकर भोजन करते हैं। खुद टीआई भी अपने स्टाफ के साथ थाने में ही भोजन कर रहे हैं। यहां तक कि आसपास के ऐसे लोगों को भी भोजन दिया जाता है, जिनके पास व्यवस्था नहीं है। 


टीआई बृजेश तिवारी ने बताया कि थाने के अधिकांश स्टाफ शहर में रहते हैं। उनका क्वार्टर सिटी है। अभी इमरजेंसी का समय है। थाने से घर जाने में स्टाफ को एक घंटा लग जाता है। उतना ही समय आने में लगता है। साथ ही लॉकडाउन होने से भी किसी भी स्टाफ को छोड़ा भी नहीं जा सकता। इसलिए उनके थाने में रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। रोज तीन टाइम भोजन बनाया जाता है। सभी अपने-अपने शिफ्ट में आकर भोजन करते हैं।


रायपुर।  ओडिशा के राउरकेला में एस पी एस इंजीनियरिंग वर्क्स में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के लगभग 20 श्रमिक बंधु कार्यरत थे । जो कि कोरोना वायरस के चलते उत्पन्न हुए विषम परिस्थितों के चलते लॉकडाउन में फंस गये। राउरकेला ओडिसा मे फंसे 20 श्रमिकों ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह निवास बोरसी मे गृहमंत्री  के पुत्र जितेन्द्र साहू को फ़ोन मे बात कर मदद की माँग की उनके पुत्र ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू  के संज्ञान मे बात लाया तुरंत उन्होने ओडिशा के गृहमंत्री दिव्य शंकर मिश्रा  से फ़ोन मे बात कर उनके सामान्य आवश्यकतओं की चीजों खाने-पीने, दवाइयों, मास्क इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की। श्रमिक बन्धुओं को खाने पीने के व अन्य सुविधाएं वहां उपलब्ध कराया गया।

 तथा उन्हे किसी भी प्रकार की असुविधा नही होगी। प्रदेश कॉंग्रेस के महामंत्री जितेंद्र साहू ने बताया है की हाल के तीन-चार दिन पुर्व  उत्तर प्रदेश के लखनऊ में छत्तीसगढ़ के मुंगेली, बेमेतरा और अन्य जिलों के करीब 100 मजदूर लॉक डाउन के चलते फंसे हुए हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के संज्ञान में बात आते ही उन्होंने मुख्य सचिव आरपी मंडल से बात की, जिससे श्रमिक बन्धुओं को खाने पीने की और अन्य सुविधाएं वहां उपलब्ध कराई गई। गृह मंत्री ने फिर फोन पर बात कर उनका हाल चाल पूछा और उन्हें आश्वस्त किया कि हर परिस्थिति में छत्तीसगढ़ की सरकार उनके साथ है।

कोरबा।  भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोनावायरस संक्रमण का एक और नया मामला सामने आया है। कोरबा के रहने वाले एक युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया है। वहीं, देशभर में कोरोना के मामले 1200 के पार पहुंच गए हैं और मरनेवालों की संख्या 32 हो गई है। हाल ही में लंदन से लौटे कोरबा के रामसागर पारा के एक युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है। एम्स रायपुर लैब में जांच के बाद डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रशासनिक हल्के में हड़कंप मच गया है। 

बताया जा रहा है कि संक्रमित युवक लंदन पढ़ाई के लिए गया था और वहां संक्रमण के दौरान वह वापिस अपने घर आया। इसके बाद से ही उसे घर पर क्वॉरेंटाइन व चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया था। कोरबा में बाहर से आए करीब 1500 लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है। जिसमे करीब 300 लोग विदेश से वापस लौटे हैं। उसमे लंदन से लौटा यह युवक भी शामिल हैं। वार्ड क्रमांक 1 रामसागरपारा में रहने वाले इस युवक की दोनों रिपोर्ट पॉजीटिव आई हैं। युवक को मंगलवार की सुबह उपचार के लिए कोरबा से रायपुर एम्स लाया जाएगा।


रायपुर।  कोरोनावायरस से बचने के लिए घरों में कैद छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए दो अच्छी खबरें आई हैं। प्रदेश के 54 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को इस साल अप्रैल-मई का बिल पुरानी टैरिफ से ही चुकाना होगा। कोरोनावायरस की वजह से राज्य विद्युत विनियामक आयोग 31 मार्च तक अपना नया टैरिफ आदेश जारी नहीं कर रहा है। वहीं, 24 घंटे के दौरान प्रदेश में 50 लोगों की कोरोना जांच की गई और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आयोग में नए टैरिफ पर सुनवाई पूरी, पर कोरोना ने रोका आदेश : बिजली कंपनी भी 1 अप्रैल से नया टैरिफ लागू नहीं करेगी। इसलिए मार्च-अप्रैल की खपत पर अप्रैल-मई में जारी होने वाला बिल लोगों को पुराने टैरिफ से ही देना होगा।


 जानकारों का यह भी कहना है कि जब तक लॉकडाउन रहेगा तब तक नया आदेश जारी नहीं होगा। राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने नए टैरिफ के लिए दायर याचिका पर जनसुनवाई पूरी कर ली है। हालांकि लॉकडाउन के कारण इस पर आदेश संभव नहीं हो पा रहा है। बिजली बिल हाफ योजना भी लागू रहेगी: बिजली कंपनी वित्तीय वर्ष 2020-21 में भी बिजली बिल हाफ योजना लागू रखेगी। राज्य के करीब 35 लाख गैर व्यावसायिक उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कोरोना वाइरस की वजह से कंपनी ने अगले दो महीने की बिलिंग एक साथ करने और उसपर 400-400 यानी 800 यूनिट के बिल पर 50 फीसदी की छूट देने का फैसला किया है।

रायपुर।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। सीएम ने कहा है कि लॉकडाउन के कारण प्रदेश के एक बड़े भाग को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश के कामगारों, मजदूरों तथा जन-धन खाताधारकों के लिए राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा कि यदि केन्द्र सरकार यह राहत राशि प्रदान करे तो संकट की घड़ी में ऐसे लोगों को आर्थिक सहायता मिल जाएगी।

सीएम ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने केन्द्र द्वारा की जा रही पहल की सराहना करते हुए राज्य में किए गए प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने प्रदेश में 21 मार्च से लाॅकडाउन किए जाने की जानकारी के साथ ही प्रदेश में कोरोना पीड़ितों की संख्या के बारे में भी जानकारी दी है। सीएम ने लिखा है कि लॉकडाउन से राज्य के बड़े भाग को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा की गयी घोषणाओ  से एक बड़े वर्ग को राहत मिली है। 




रायपुर।  छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय अस्पतालों में खुद का बनाया हुआ सैनिटाइजर उपयोग करने की कवायद स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। इसके लिए खाद्य एवं औषधि विभाग अस्पतालों में सैनिटाइजर बनाने के लिए लगने वाली सामग्री उपलब्ध करा रहा है। विभाग की पहल से सभी शासकीय अस्पतालों में सैनिटाइजर की जरूरत पूरा हो सकेगा।

दरअसल कोरोना के चलते संक्रमण को देखते हुए इसकी बेहतर पहल स्वास्थ्य विभाग में जिला स्वास्थ्य सलाहकार के पद पर पदस्थ फार्मासिस्ट संदीप चंद्राकर ने की। खाद्य एवं औषधि विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में इसकी शुरुआत की जा रही है। चंद्राकर ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते सैनिटाइजर और मास्क की किल्लत बाजार में हो गई है।

डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार उनके द्वारा सैनिटाइजर अस्पताल में तैयार किया गया है। उन्होंने महज दो दिन में ही 200 लीटर सैनिटाइजर तैयार किया, जिसे पूरे जिले के शासकीय अस्पतालों में पहुंचाया गया। इसमें चंद्राकर ने नवरात्र में निर्जला उपवास रहते हुए 12 घंटे में 120 लीटर सैनिटाइजर तैयार किया। स्वास्थ्य विभाग भी उनकी इस पहल की सराहना कर रहा है।

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस (COVID-19) स्टेज 3 पर पहुंच गया है. इसका खुलासा तब हुआ, जब रायपुर का तीसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज का कोई दूसरे राज्य और विदेश आने-जाने की हिस्ट्री नहीं मिली. इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने कर दी है. राजधानी का तीसरा कोरोना पीड़ित व्यक्ति बड़े रामनगर का रहने वाला है, जिसकी उम्र करीब 60 वर्ष है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रायपुर के तीसरे कोरोना पीड़ित मरीज की पुष्टि हो गई है. ये आम पब्लिक है, जिसका न तो राज्य से बाहर जाने का कोई हिस्ट्री है न ही विदेश यात्रा की. 

इससे यह साफ जाहिर होता है कि यह व्यक्ति किसी कोरोना पाड़ित के संपर्क में आया होगा. स्वास्थ्य विभाग के एडवाइजरी के मुताबिक मरीज को एम्स में भर्ती कराया गया है. स्वास्थ्य विभाग और निगम की टीम बड़े रामनगर की सर्वे करने में जुट गई है. राजधानी में कोरोना पॉजिटिव का पहला केस समता कॉलोनी से सामने आया था. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे किया और सर्दी-खाँसी पीड़ित लोगों का सैंपल लिया गया था, उसी सैंपल का रिपोर्ट आया है जिसमें रायपुर का तीसरा मरीज कन्फर्म हुआ है.




तीसरा केस, 25 मार्च- तीसरा पॉजिटिव मरीज रायपुर से सामने आया, वो भी युवती है और उम्र 30 साल के अंदर है. सुभाष स्टेडियम इलाके की रहने वाली है. लंदन से यात्रा कर 16 मार्च को रायपुर आई थी. इसके खिलाफ विदेश से लौटने की जानकारी छुपाने, सरकार के निर्देशों की अवहेलना और दूसरों की जान मुसीबत में डालने पर कोतवाली थाने में एफआईआर भी दर्ज किया गया है.




रायपुर।  देश में कोरोना वायरस का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में तीन नए कोरोना के मामले सामने आए हैं।रायपुर एम्स के निदेशक एनएम नागरकर ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की संख्या अब बढ़कर 6 हो गई है। छत्तीसगढ़ में सामने आए तीन नए मामलों में दो पुरूष और एक महिला शामिल है।  अधिकारियों के मुताबिक इनमें से एक मामला राज्य की राजधानी रायपुर से सामने आया है तो एक-एक मामले दुर्ग और बिलासपुर में सामने आए हैं।

 इससे पहले बुधवार को दो लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। एक 26 वर्षीय रायपुर की महिला और राजनांदगांव का 26 वर्षीय युवक पॉजिटिव पाए गए, जो हाल ही में विदेश से लौटे थे। लंदन से लौटी महिला में कोरोना पॉजिटिव पिछले हफ्ते एक 24 वर्षीय महिला जो हाल ही में लंदन से वापस आई थी, उसमें कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया था।  अधिकारियों के मुताबिक, छह में से चार रायपुर के एम्स में भर्ती हैं जबकि दो अन्य लोगों का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।इन सभी की लगातार मेडिकल जांच चल रही है। 

रायपुर।  कोरोनावायरस से लड़ने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ ही नेता, मंत्री, कर्मचारी एकजुट हो गए हैं। अब छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मी सबसे बड़ी सहायता राशि दान करेंगे। इसके लिए बुधवार को प्रदेशभर के दो लाख से ज्यादा शिक्षकों ने अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में देने की घोषणा की है। यह राशि 31 करोड़ रुपए से ज्यादा होती है। छत्तीसगढ़ में तीन दिन से पहले ही लॉकडाउन चल रहा है। 

अब 14 अप्रैल तक का लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या रोज कमाकर खाने वालों के सामने है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सबसे सहायता कोष में अंशदान करने के लिए अपील की है। राज्य के करीब 2.10 लाख शिक्षाकर्मियों ने अपने एक दिन का वेतन करीब 31.50 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है।  शिक्षक संगठनों का कहना है कि आपदा की इस घड़ी में वे सभी सरकार के साथ हैं। इसके लिए हम सब एकजुट होकर आगे आएंगे और सहायता करेंगे।