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रायपुर। कोराेना संक्रमण के बीच अब पीलिया के खतरे ने भी सिर उठा लिया है। रायपुर में दो दिन में दो महिलाओं की मौत हो गई है। गुरुवार सुबह तेलीबांधा क्षेत्र में एक महिला की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि पीलिया से उसने दम तोड़ा है। रायपुर में पीलिया के 29 मरीज अस्पताल में भर्ती, 427 में हेपेटाइटिस के वायरस मिले रायपुर के डंगनिया, खुशालपुर, आमापारा, डीडीनगर सहित अन्य इलाकों में अब तक मरीजों की संख्या 652 तक पहुंच गई है। मरीजों की संख्या को देखते हुए परीक्षण के लिए 144 कैंप लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब तक 14565 घरों में जाकर परीक्षण कर चुका है। अस्पताल में 29 मरीज भर्ती हैं। वहीं 427 मरीजों में हेपेटाइटिस के भी वायरस मिले हैं। 

रायपुर के आमापारा इलाके में जहां सबसे पहले पीलिया फैला वहां नल से सप्लाई बंद कर दी गई है। पिछले करीब 15 दिन से वहां टैंकर से पानी मुहैया करवाया जा रहा है। इसके बावजूद लोगों को पानी की किल्लत हो रही है। आमापारा में पानी की नल से पेयजल सप्लाई बंद की गई पाइप लाइन जिन इलाकों में बदली जा रही है, वहां पानी को लेकर समस्या बनी हुई है। आमापारा इलाके में जहां सबसे पहले पीलिया फैला वहां नल से सप्लाई बंद कर दी गई है। पिछले करीब 15 दिन से वहां टैंकर से पानी मुहैया करवाया जा रहा है। सुबह-शाम पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को पानी की किल्लत हो रही है।

अफसरों के अनुसार पाइप लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। पूरा होते ही पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इस बीच निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरुक करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही है। पानी को छानकर, उबालकर पीने को कहा जा रहा है। अधपका और बासी भोजन नहीं करने को कहा जा रहा है। 14562 घरों का परीक्षण स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 14562 घरों का परीक्षण किया है। कुल 2237 व्यक्तियों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। इसमें से 427 के खून में हेपेटाइटस वायरस मिला है। कुल 652 में पीलिया की पुष्टि हुई है। अब तक 55549 क्लोरीन की टेबलेट बांटी गई है। 10315 लोगों को ओआरएस का घोल दिया गया है।

पूरब टाइम्स रायपुर। एक बुजुर्ग महिला किसान राधाबाई सिन्हा ने 10 हजार रूपए की सहयोग राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराई है। 85 वर्षीय राधाबाई सिन्हा फिंगेश्वर जनपद के गांव सरगोड़ की है, उन्होंने बताया कि यह मदद उनके पुरखों द्वारा तैयार की गई रामकोठी के धन से की गई है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने अपने ट्वीट के माध्यम से कहा कि रामकोठी छत्तीसगढ़ का अभिनव प्रयोग है, दान की अनूठी प्रथा है। रामकोठी में एकत्रित अनाज (कहीं कहीं धन भी) का उपयोग सार्वजनिक हितों के लिए होता रहा है, खासकर संकट के समय में।

पूरब टाइम्स भिलाई । डोनेशन ऑन व्हील्स के जरिए दान देने वाले आम नागरिक, समाजसेवी, संगठन अब हरी साग सब्जियां भी देने लगे हैं। दान के जरिए प्राप्त होने वाले इन हरी सब्जियों को आश्रय स्थल व राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। सेक्टर 05 सड़क 27 निवासी अजय वर्मा ने 19 किलों चांवल, 2 किलो दाल 10 किलो आटा सहायता हेतु आज प्रदान किया। इसके अलावा यादव समाज भिलाई के सुरेंद्र यादव द्वारा लगभग 15 क्विंटल हरी सब्जियां प्रदान की गई है जिसमें केला, लौकी, कुम्हड़ा और मुनगा आदि था। इन सब्जियों को आकाशगंगा, प्रियदर्शनी परिसर, नेहरू भवन आमोद भवन व वैशालीनगर सांस्कृतिक भवन में रूके हुए व्यक्तियों के भोजन हेतु पहुंचाया गया। लॉक डाउन में भूखे, गरीब, असहाय एवं इसी प्रकार के अन्य लोगों तक सहायता प्रदान करने अब आप अपने घर पर ही रह कर डोनेशन ऑन व्हील्स वाहन की मदद से राहत पैकेट, सब्जियां इत्यादि प्रदाय करके सहयोग कर सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए किसी भी प्रकार की सहायता देने के लिए डोनेशन ऑन व्हील्स वाहन की मदद ले सकते हैं साथ ही निगम के हेल्पलाइन नंबर 6260008819, 9907878744 एवं 9109176812 पर संपर्क करके वाहन को अपने घर तक दान करने के लिए बुलाया जा सकता है। लॉक डाउन के दौरान लोग घर से नहीं निकल पा रहे है परंतु जरूरतमंदों की मदद के इच्छुक है ऐसे लोग डोनेशन ऑन व्हील्स की मदद से राहत पैकेट, सब्जियां या अन्य राशन सामग्री जरूरतमंदों के लिए दे सकते हैं। निगम प्राप्त राशन सामग्रियों को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने से वाहन का लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी जिसे दान देने के लिए घर तक बुलाया जा सकता है। लॉक डाउन की तिथि बढ़ने के बाद दान देने वाले आगे आ रहे हैं और जरूरतमंदों के लिए राहत सामग्री डोनेशन ऑन व्हील्स के जरिए देकर मदद कर रहे हैं। डोनेशन ऑन व्हील्स से प्राप्त राहत सामग्री को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है इसके लिए जोन को राशन सामग्री प्रदाय की जा रही है तथा वितरण का कार्य जोन स्तर से किया जा रहा है!

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य आयुक्त दिव्यांगजन  प्रसन्ना आर. ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिख कर दिव्यांगजन के नियमित उपचार की आवश्यकता वाली कुछ श्रेणियों के लिए आवश्यकतानुसार ई-पास जारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि दिव्यांगजन को इलाज में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।  प्रसन्ना ने भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देश अनुसार दिव्यांगजन की ऐसी कुछ श्रेणियों जिनमें स्वास्थ्य संस्थान में लगातार, अनिवार्य रूप से और नियमित उपचार हेतु जाना पड़ता है, जैसे- रक्त विकार क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल और विकासात्मक विकार उन्हें आवश्यकतानुसार ई-पास जारी करना सुनिश्चित करने कहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सी.जी. कोविड-19 ई-पास जारी करने के लिए प्रावधान किया गया है। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से CGcovid-19 ePass एप डाउनलोड कर ऑनलाईन ई-पास के लिए आवेदन किया जा सकता है।
भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग नई दिल्ली ने भी लॉकडाउन अवधि में दिव्यांगजन को आवश्यक चिकित्सीय सेवाओं का लाभ उठाने में पास जारी न किये जाने के कारण होने वाली कठिनाईयों का संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा भी 14 अप्रैल 2020 को कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के संबंध में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण को सक्षम करने के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। जिसमें आवश्यक गैर-कोविड सेवाओं जैसे-डायलिसिस, रक्त संक्रमण, बच्चों को देख-भाल आदि का रख-रखाव शामिल हैं

पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश  बघेल ने कहा है कि राज्य में सिंचाई क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव एवं जीर्णाेंद्धार पर विशेष रूप से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने नहर लाईनिंग एवं सिंचाई परियोजनाओं के मिट्टी के काम को वृहद पैमाने पर मनरेगा से कराने के निर्देष दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख नदियों विशेषकर खारून, हसदेव, षिवनाथ, अरपा, मनियारी का सीमांकन कराए जाने के साथ इन नदियों में उपयुक्त स्थलों पर जल संग्रहण संरचनाएं बनानेे तथा नदियों के दोनों किनारों पर वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देष दिए। मुख्यमंत्री ने खारून नदी में बने स्टापडेम एवं एनीकट के रखरखाव एवं मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता से कराने के निर्देष दिए। मुख्यमंत्री  भूपेष बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा कर रहे थे।
    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य भर में निर्मित सिंचाई परियोजनाओं के वास्तविक सिंचाई क्षमता को हासिल करने का उपाय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकतम सिंचाई क्षमता हासिल करने के लिए सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव एवं संधारण पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने राज्य की षिवनाथ नदी एवं खारून नदी के दोनों किनारों पर उचित स्थान पर डाईकवाल तथा विद्युत लाइन बिछाने की भी कार्य योजना तैयार करने के निर्देष अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इसे नदी के किनारे वाले गांव के किसानों को सिंचाई की सुविधा सहजता से उपलब्ध होने के साथ ही भू-जल स्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने नदियों के जल प्रदूषण की रोकथाम के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश  दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, मुख्य सचिव  आर.पी. मण्डल मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, जल संसाधन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सुश्री सौम्या चैरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के किसानों को खरीफ के लिए बेहतर क्वालिटी का बीज और मानक गुणवत्ता वाले रायसानिक उर्वरकों के उपलब्धता सुनिश्चित  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि खाद-बीज क्वालिटी का लेकर किसी भी तरह की षिकायत नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने जिलों में भेजे जा रहे खाद-बीज की क्वालिटी की समय-समय पर सघन जांच पड़ताल करने के भी निर्देष दिए हैं। मुख्यमंत्री  बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि विभाग के कामकाज के साथ ही आगामी खरीफ सीजन को लेकर कृषि विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, मुख्य सचिव  आर. पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त  मनिंदर कौर द्विवेदी, उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सुश्री सौम्या चैरसिया सहित, दुग्ध महासंघ के महाप्रबंधक  नरेन्द्र दुग्गा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे ने बताया कि किसानों को खरीफ के लिए खाद एवं बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिलों में इसका पर्याप्त भण्डारण किए जाने के साथ ही सोसायटियों से वितरण भी शुरू कर दिया गया है। खरीफ सीजन के लिए 9 लाख 7 हजार 800 क्विंटल विभिन्न किस्म के बीज की मांग के मद्देनजर अब तक 2 लाख 78 हजार 469 क्विंटल बीज का भण्डारण डबल लॉक केन्द्रों एवं सोसायटियों में किया जा चुका है। इसी तरह खरीफ सीजन के लिए विभिन्न किस्म के 11 लाख 30 हजार मीटरिक टन रासायनिक उर्वरक के वितरण का लक्ष्य के विरूद्ध अब तक जिलों में 6 लाख 9 हजार 621 मीटरिक टन उर्वरक का भण्डारण कराया जा चुका है।

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के धुर नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में आज सुबह एक मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई। जानकारी के अनुसार, करीमेता कैंप के पास घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने सर्चिंग पर निकली संयुक्त टीम को निशाना बनाने के मकसद से आईइडी ब्लास्ट किया और फिर उन्हें एंबुश में फंसाने की कोशिश करते हुए गोलियां चलाने लगे। इस घटना में दो जवान घायल हुए हैं। करीब 45 मिनट तक चली जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सलियों के पैर उखड़ गए और वे वहां से भाग खड़े हुए।

मुठभेड़ के बारे में जानकारी देते हुए नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने बताया कि आज सुबह लगभग 8:10 बजे, पूर्वी बस्तर डिविजन की नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम ने सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमले की कोशिश की। डीआरजी, सीएएफ और एसटीएफ की संयुक्त टीम आज सुबह छाेटे डोंगर थाना के करीमेता कैंप से गस्त के लिए निकली थी। कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के रास्ते में आइईडी लगाया था और वहां घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही जवान वहां पहुंचे, विस्‍फोट हो गया। इसके साथ ही घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने फायरिंग भी शुरू कर दी। इस घटना में एक जवान को गोली लगी और एक जवान आईईडी ब्लास्ट में घायल हो गया। संयुक्त पार्टी ने जल्दी से कवर लिया और जवाबी कार्रवाई की। घायलों को सुरक्षा के लिए कवर दिया गया। 45 मिनट से अधिक समय तक चली इस जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली पीछे हट गए और नदी पार कर भाग गए।

घटना के दौरान आईइडी विस्‍फोट की चपेट में आए प्रधान आरक्षक राजकुमार सोरी के जांघ और कंधे में चोट आई है। वहीं सीएएफ 22 वीं बटालियन के कॉन्सटेबल बाल कंवर बघेल को बाईं कोहनी में गोली लगी है। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और खून बहना बंद हो गया है। दोनों स्थिर हैं और उन्हें हवाई मार्ग से रायपुर पहुंचाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की सर्चिंग में एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ है। इसके अलावा घटना स्थल से एक दूरबीन, एक एसएलआर रायफल, एक 12 बाेर बंदूक, वाॅकी-टॉकी सेट, पिट्ठू, नक्सल साहित्य व अन्य सामग्रियां बरामद हुई हैं। मारी गई महिला नक्सली के शव की अभी पहचान नहीं हो पाई है।

अभनपुर। रायपुर जिले के अभनपुर के गातापार स्थित नहर में मंगलवार दोपहर 16 वर्षीय किशोरी कुमारी रंजना नहाते समय बह गई थी. जिसकी लाश आज घटनास्थल से 3 किलोमीटर दूर ग्राम खोला में बरामद हुआ है. सुबह एक ग्रामीण नहाने गया था, जिसे नहर के ऊपर तैरता शव दिखाई दिया. इसकी जानकारी ग्रामवासियों को दी। जिसके बाद अभनपुर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए अभनपुर चीरघर भिजवा दिया है। 


जानकारी के मुताबिक अभनपुर के दीनदयाल आवास कॉलोनी में रहने वाली 16 वर्षीय कुमारी रंजना मंगलवार दोपहर अपने छोटे भाई 12 वर्षीय अंकित के साथ पैदल गातापार स्थित बड़ी नहर में नहाने गई थी। शासन द्वारा ग्रामीण अंचल के तालाबों को भरने के लिए गंगरेल बाँध धमतरी से पानी छोड़ा है. जिसके चलते नहर में भारी मात्रा में पानी बह रहा है और बहाव भी काफी तेज है। यह जानते हुए भी रंजना ने अपने दुपट्टे का एक सिरा नहर किनारे अपने भाई को पकड़ाकर दूसरे सिरे को खुद पकड़कर नहाने के लिए नहर में उतर गई. इसी दौरान अचानक पानी के तेज बहाव में वह बह गई और अंकित की नजरों के सामने ही कुछ दूर आगे जाकर डूब गई। 


यह देखकर भाई अंकित वहीं बैठकर रोने लगा. लॉकडाउन के चलते घटना स्थल के आसपास आवाजाही नहीं थी। इसलिए घटना के काफी देर बाद लोगों को जानकारी हुई इसके बाद अभनपुर पुलिस को जानकारी दी गई।  नहर में भारी पानी की मौजूदगी और तेज बहाव को देखते हुए थाना प्रभारी बोधन साहू ने रायपुर स्थित उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देकर गोताखोरों की सहायता मांगवाई. शाम को रायपुर से पहुंचे एसडीआरएफ के 14 गोताखोर नहर में उतरकर लाश की तलाश में जुटे हुए थे, लेकिन देर रात तक उन्हें सफलता नहीं मिली थी। 

अम्बष्ठ,जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है. पत्थलगांव के लुड़ेग राहत शिविर में ठहरे एक मजदूर की कोरोना सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से हड़कंप मच गया है. इसके पहले कल मंगलवार को सुरजपुर में 10 कोरोना मरीज मिले थे. प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 14 हो गई है। सूरजपुर से जशपुर के पत्थलगांव के लुडेग में 34 प्रवासी मजदूरों को शिफ्ट किया गया था। ये मजदूर गुजरात के सूरत में काम करने गए थे। इनका रैपिट टेस्ट के जरिए कोरोना जांच किया गया, तो एक 22 वर्षीय मजदूर को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। यह युवक बिहार के गया जिले का रहने वाला है। 

प्रभारी सीएमओ डॉ. पी सुथार ने इसकी पुष्टि करते हुुए बताया कि पॉजिटिव मरीज गुजरात के सूरत काम करने गया था। आज रैपिट टेस्ट के दौरान एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. 33 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है. लुड़ेग राहत शिविर में कुल 34 मजदूरों को रखा गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में मंगलवार सुबह तक कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आ गई थी।  शाम होते होते एकाएक मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया।  बुधवार सुबह होते ही कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आकड़ा 48 पहुंच गया है. प्रदेश में अभी कोरोना के 14 एक्टिव मरीज है. जिनका इलाज चल रहा है. वहीं कोरोना से 34 लोग ठीक भी हो चुके हैं। 

 कांकेर। लॉकडाउन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा ही शराब तस्करी की कई खबरें आ चुकी हैं। ऐसा ही एक मामला बस्तर के चारामा से आया है, जहां देशी शराब की तस्करी करते एसआई समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

यह घटना चारामा के मंचान्दूर के पास की है, जहां दुर्ग पुलिस में पदस्थ एसआई देवानंद पटेल, पप्पू लहरे, सुरेश बंछोर और वल्लभ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सूचना मिलते ही मचांदुर गांव के नाका के पास घेराबंदी की और जांच के बाद स्विफ्ट डिजायर वाहन क्रमांक सी जी 07 बी एच 0697 से 55 लीटर शराब जब्त किया गया। आरोपियों के पास से महुआ शराब के अलावा एक स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त किया गया है। चारामा पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।


रायपुर । छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान वर्क फ्रॉम होम बताकर बोगस विक्री और सर्कुलर ट्रेडिंग के नाम पर 118 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई है। कर, माल एवं सेवाकर विभाग की प्रवर्तन शाखा की जांच में ऐसे 14 व्यापारियों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने अस्तित्वहीन और अकार्यशील कंपनी के नाम पर बिल जारी किया। इन व्यापारियों ने 745 करोड़ का सर्कुलर और बोगस बिक्री दिखाई।

राज्य उपायुक्त गोपाल वर्मा के नेतृत्व में प्रवर्तन शाखा ने आयरन, स्टील और प्लाइवुड कारोबारियों पर कार्रवाई की। इनके द्वारा बोगस बिल छत्तीसगढ़ सहित 14 राज्यों में जारी किया गया। इसमें मध्यप्रदेश, दिल्ली, केरल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, में कुल 118.47 करोड़ की गलत इंट्री पकड़ी गई।

प्रवर्तन शाखा ने व्यवसायियों के पंजीयन के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों, मोबाइल नंबर, पैन, ई-मेल आइडी के आधार पर जीएसटी और ई-वे बिल की ट्रैकिंग की। 19 पैन नंबर का उपयोग कर विभिन्न राज्यों में 58 पंजीयन कराया गया था। इनके लिए 21 मोबाइल नंबरों का उपयोग किया गया था। ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

रायपुर । छत्तीसगढ़ कोरोना संकट से लगभग उबर चुका है। राज्य के 23 जिले पहले से ग्रीन जोन में हैं। बाकी पांच में से चार जिले आरेंज हैं। रेड जोन में शामिल एक मात्र कोरबा में भी बीते छह दिनों में नया केस नहीं आया है। राज्य सरकार रेड जोन को छोड़ बाकी में आर्थिक गतिविधियों के संचालन की तैयारी में है। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अभी राज्य और जिले की सीमा खोलने के पक्ष में नहीं हैं।

राज्य के अंदर आर्थिक गतिविधियों के संचालन का फैसला राज्य को करने दिया जाए। बघेल छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यों में फंसे श्रमिक व अन्य लोगों की भी शीघ्र घर वापसी के पक्ष में हैं। छत्तीसगढ़ के करीब 90 हजार श्रमिक देश के 25 राज्यों में फंसे हुए हैं।

वहीं दूसरे राज्यों के बड़ी संख्या में श्रमिक छत्तीसगढ़ में रुके हुए हैं। राज्य सरकार चाहती है कि जो अपने प्रदेश या घर जाना चाहते हैं, उनके लिए केंद्र सरकार विशेष ट्रेन चलाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव आरपी मंडल ने इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। 

इसमें कहा गया है कि श्रमिक, पर्यटक, स्टूडेंट्स समेत अन्य लोगों को स्वास्थ्य जांच के बाद विशेष ट्रेनों से उनके राज्य में पहुंचाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के साथ सोमवार को हुई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में छत्तीसगढ़ को बोलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अफसरों और मंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक की। इसमें श्रमिकों की वापसी के साथ ही जिले के भीतर आर्थिक गतिविधियों के संचालन पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री किसी भी स्थिति में अभी सीमाएं खोलने के पक्ष में नहीं हैं।

बिलासपुर। रेल सेवा शुरू होने के बाद शहर में फंसे कितने यात्री ट्रेन से घर लौटेंगे इसका आंकड़ा आरपीएफ खंगाल रही है। इसके लिए आरपीएफ जिला व निगम प्रशासन के अलावा स्वास्थ्य विभाग से सहयोग मांग रही है। आंकड़ा कम-ज्यादा होने पर अव्यवस्था हो सकती है। इससे संक्रमण का भी खतरा है।

तीन मई के बाद रेल सेवा शुरू होगी या नहीं अभी तय नहीं है। लेकिन अभी की स्थिति में लॉकडाउन का यही अंतिम दिन है। इसी के मद्देनजर रेलवे में तैयारियां की जा रही हैं। मैकेनिकल विभाग जहां कोच को फिट करने में जुटा है वहीं सफाई विभाग प्रतिदिन स्टेशन की सफाई कर रहे हैं।

वहीं ऑपरेटिंग विभाग कौन सी ट्रेन किस प्लेटफार्म पर खड़ी की जाएगी इन्हीं तैयारियों को मूर्तरूप दे रहा है। सबसे बड़ी समस्या आरपीएफ के लिए है। क्योंकि उनके जिम्मे सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी है। लॉकडाउन समाप्त होने और रेल सेवा शुरू होने के बाद हर एक स्टेशन में एक निर्धारित संख्या में यात्रियों को प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। इसके बाद चाहे कितने भी यात्री पहुंचे उन्हें लौटा दिया जाएगा।ट्रेन शुरू होने पर पहली प्राथमिकता उन यात्रियों को देने की संभावना है जो अलग- अलग शहरों में फंसे हैं। बिलासपुर में ऐसे लोग हैं। ये सभी जिला प्रशासन की देखरेख में रह रहे हैं। लेकिन इनकी संख्या कितनी है और कौन कहां के निवासी हैं इसकी जानकारी रेलवे सुरक्षा बल के पास नहीं है। इसलिए आरपीएफ को इसका अनुमान लगा पाना मुश्किल है कि एक साथ कितनी संख्या में यात्रियों की भीड़ रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।

धमतरी। पुत्र से पिता ने पीने के लिए पानी मांगा। पानी नहीं देने पर आक्रोशित पिता ने बेटे का गला दबा दिया। जिससे तेरह वर्षीय बेटे की मौत हो गई। अपने पुत्र की हत्या हो जाने से शव को घर में ही छिपाकर रखा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपित पिता को गिरफ्तार कर लिया है। ब्लाक मुख्यालय मगरलोड से 22 किलोमीटर दूर करेलीबड़ी पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम भेंड्री के महुआपारा निवासी परमेश्वर साहू ने अपने 13 वर्षीय पुत्र सागर साहू से पीने के लिए एक गिलास पानी मांगा। पुत्र ने पिता की बात की अनदेखी कर दी और पानी नहीं दिया। यह पिता को नागवार गुजरा। इससे आक्रोशित होकर परमेश्वर ने अपने पुत्र सागर की गला दबा दी।

देखते ही देखते सागर ने दम तोड़ दिया। बाद शव को घर में छुपा दिया और आरोपित पिता घटना की जानकारी देने गांव के सरपंच प्रीतराम देवांगन के पास पहुंचा। उन्होंने बताया कि गुस्से में आकर वह अपने पुत्र की हत्या कर डाला है। यह बताकर वह सरपंच के घर से चला गया।

सरपंच प्रीतराम देवांगन ने इसकी जानकारी करेलीबड़ी चौकी में दी। सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी व जवान दल बल सहित गांव पहुंचे। घटनास्थल पहुंचकर शव की जांच की और पोस्टमार्टम के लिए शव चीरघर भेज दिया। पुलिस चौकी प्रभारी भूपेन्द्र चंद्रा ने बताया कि आरोपित परमेश्वर साहू को पुलिस ने बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

प्राथमिक तौर पर पिता ने पीने के लिए पानी मांगने पर नहीं देने से गुस्सा होने के बाद अपने पुत्र की गला दबाकर हत्या करने की बात बताई है। पुलिस हत्या का कोई और बड़ा कारण तो नहीं, यह भी खंगालने का प्रयास कर रही है।

रायपुर कोरोना संक्रमण के बीच राजधानी रायपुर पीलिया की चपेट में हैं। छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पीलिया पर मेडिकल बुलेटिन जारी की है। इसमें बताया गया है कि राजधानी के अनेक वार्डों में पीलिया के प्रकरण दर्ज होने के बाद 17 कॉम्बेक्ट टीम का गठन कर पीलिया नियंत्रण का कार्य शुरू किया गया है।
रायपुर में अब तक 1888 पीलिया के संभावित मरीज पाए गए हैं। पीलिया परीक्षण के 117 सत्र हुए हैं। 12,342 घरों की जांच और 1888 व्यक्तियों का ब्लड टेस्ट कराया गया है। बीमारी के विस्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी में तेजी लायी है। पीलिया के मरीजों की पहचान जल्द की जा सके, इसके लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। रायपुर के जिला अस्पताल में 23 पीलिया के मरीज भर्ती और 98 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। 1888 व्यक्तियों के रक्त की जांच में 317 में धनात्मक वायरस हेपेटाइटिस, 234 में हेपेटाइटिस ई, 59 में हेपेटाइटिस ए, आठ में हेपेटाइटिस बी, एक में हेपेटाइटिस-ए और बी, दो में हेपेटाइटिस-बी व ई, तथा 13 में हेपेटाइटिस-ए व ई पाया गया है। 138 मरीजों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। अब तक रायपुर में 64 पेयजल स्रोतों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 34 दूषित पाये गये हैं।

राजनांदगांव । लॉकडाउन के दौरान कोटा में फंसे छत्तीसगढ़ के सैकड़ों छात्रों के लेने के लिए पहुंची एक बस सोमवार को वापसी के दौरान शिवपुरी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक बस में 28 छात्र शामिल थे और एक छात्रा घायल हो गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घायल छात्रा का नाम ऋषिका चौबे बताया जा रहा है, जो राजनांदगांव के ममता नगर की रहने वाली है। ऋषिका चौबे के हाथ में चोट आई है। फिलहाल प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। दुर्घटनाग्रस्त बस दुर्ग जोन की है। छात्रों को अब दूसरी बस में शिफ्ट किया जा रहा है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर रायपुर से राजस्थान के कोटा में लाॅकडाउन के दौरान फंसे छात्र-छात्राओं को लाने कुल 97 बसों को रवाना किया गया था। इसमें 95 बस छात्रों को लाने के लिए तथा 2 बसों में डाॅक्टर और चिकित्सा दल के सदस्य गए हैं।

मुख्यमंत्री बघेल के निर्देशन पर छात्र-छात्राओं के लिए भोजन सहित आवश्यक व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा गया है। बसों के साथ डाॅक्टरों और अधिकारियों का दल भी भेजा गया है, ताकि छात्रों को रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों ने बताया कि कोटा से वापस आने पर इन बच्चों को 14 दिन के क्वारेंटाईन पर रखा जाएगा। उन्हें सीधे घर जाने की अनुमति नही होगी। छत्तीसगढ़ के सैकड़ों बच्चे राजस्थान के कोटा में फंसे थे।

कोरबा। पाली थाना अंतर्गत ग्राम बांधाखार के मोड़ के पास रविवार की सुबह करीब 8:30 बजे दो ट्रेलर आमने-सामने टकरा गए। इस घटना में दोनों वाहनों में आग लग गई। एक वाहन का चालक केबिन में ही जिंदा जल गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटनास्थल बांधाखार में संचालित मारुति क्लीन कोल प्राइवेट लिमिटेड से मुश्किल 2 किलोमीटर दूर में होने के बावजूद काफी देर बाद तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंची। जबकि सूचना मिलते ही डायल 112 वाहन पहले पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि जिस वाहन का चालक जिंदा जल गया है, उसकी रफ्तार काफी तेज थी और चालक नशे में था। बहरहाल सूचना मिलते ही पाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने एवं राहत का कार्य स्थानीय लोगों की मदद से किया गया। जिंदा जले ड्राइवर की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

रायपुर। गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के डायल 112 में ड्यूटी पर तैनात आरक्षक तुलसीराम भोई की रविवार सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार आरक्षक तुलसीराम भोई शनिवार को नाइट शिफ्ट में डायल 112 में तैनात थे। इस दौरान रविवार अलसुबह करीब 5 बजे उन्हें अचानक बेचैनी महसूस हुई, उन्होंने डायल 112 वाहन के चालक उमेश साहू से अस्पताल ले चलने का अनुरोध किया। उन्हें नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा पहुंचने पर यहां तैनात चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरु किया लेकिन इस दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया और मृत्यु हो गई। चिकित्सकों ने तत्काल इसकी जानकारी थाना प्रभारी राकेश ठाकुर को दी ।

सूचना पर थाना प्रभारी स्टाफ सहित अस्पताल पहुंचे और महासमुंद जिले के सराईपाली निवासी आरक्षक तुलसीराम भोई के परिजनों को सूचित किया गया। जिसके बाद उनके भाई यहां पहुंचे। अस्पताल में ही मर्ग पंचनामा की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार बैच क्रमांक 1184 के आरक्षक तुलसीराम सरल और मृदुभाषी थे। उनका आपात सेवा में रात में नाइट शिफ्ट में डायल 112 में ड्यूटी लगाई गई थी। तब उन्हें इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि इमरजेंसी सेवा में उनकी तैनाती उनके लिए ही इस तरह का हादसा लेकर आएगा।


महापौर एजाज ढेबर ने कहा. कोरोना में सभी लोगों का कदम थम गए, लेकिन सफाईकर्मी लगातार अपने काम डटे है काम से कोई भी पीछे नहीं हटा, जान जोखिम में डाल अपने काम को बखूबी निभाया है. संकट के समय में पहले से ज्यादा मेहनत करते दिख रहे हैं इसलिए सफाई कर्मियों को बोनस और इंक्रीमेंट देने की पहल की गई है सीएम को आवेदन भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि नाले, सड़क से लेकर सभी जगह सफाईकर्मी लगातार सफाई कर रहे हैं इसका कहीं न कहीं फायदा ये मिला की रायपुर में कोरोनो पॉजिटिव मरीज जरूर आए, लेकिन संक्रमण फैलने का मामला सामने नहीं आया. जिस वार्ड, कॉलोनी में कोरोना मरीज चिन्हाकित होते थे, वहां चाहे रात हो दिन या दोपहर हो, तत्काल राहत दल पहुंचकर अपने-अपने काम में लग जाते हैं अपनी जान का डर सब को होता है, लेकिन यहां डर को बौना साबित करके दिखाया है।

     गौरतलब है कि कि राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में केंद्र सरकार के इस निर्णय को गरीबों का हक मारने वाला बताया। राहुल ने ट्वीट कर कहा कि हिंदुस्तान का गरीब कब जागेगा। आप भूखे मर रहे हैं और वह आपके हिस्से के चावल से सैनिटाइजर बनाकर अमीरों के हाथ की सफाई में लगे हैं। कांग्रेस के बड़े नेता के बयान के विपरीत छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे और अमरजीत भगत केंद्र के समर्थन में उतर गए। दोनों मंत्रियों ने केंद्र की अनुमति को राज्य सरकार की कामयाबी करार दिया। दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्र सरकार से लगातार यह मांग कर रहे थे कि चावल से बायोफ्यूल बनाने की अनुमति दी जाए। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की कमेटी ने चावल से एथेनॉल बनाकर उसका सैनिटाइजर बनाने की अनुमति दे दी है। राहुल गांधी के विरोध के बाद भूपेश सरकार के दो मंत्रियों के समर्थन पर सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गरम है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए इसे राज्य सरकार की कामयाबी बताया। चौबे ने मीडिया से चर्चा में केंद्र के फैसले को सही ठहराया और कहा कि राज्य की मांग एक तरह से आंशिक रूप से पूरी हो गई है। राज्य एथेनॉल से बायो फ्यूल बनाने की मांग लंबे समय से कर रहा है। अब केंद्र ने एफसीआई को इसकी अनुमति देकर राज्य के लिए रास्ता खोल दिया है। वहीं, खाद्य मंत्री अमरजीत ने बताया कि राज्य सरकार लंबे समय से मांग कर थी कि केंद्र सरकार चावल से एथेनॉल युक्त बायोफ्यूल बनाने की मंजूरी दे। अब एफसीआइ को इसकी इजाजत मिलने के बाद वे छत्तीसगढ़ को भी इसकी इजाजत देने की मांग करेंगे। भगत ने कहा कि अगले एक साल तक गरीबों को पीडीएस के माध्यम से चावल का सरकार ने इंतजाम किया है। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व से जो गाइडलाइन आएगी, उसका पालन किया जाएगा।