Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



राजनादगांव। प्रदेश में कोरोना फैलाने का मुख्य संवाहक राजनांदगांव प्रशासन बना हुआ है। गोंदिया, आमगांव से लोग पैदल ही राजनांदगांव होते हुए झारखंड, ओडि़शा, तेलंगाना, यूपी, बिहार जाने के लिए निकल पड़े है। महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में काम करने वाले झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, यूपी, बिहार के श्रमिक मय परिवार के अपने साधन या पैदल ही अपने राज्य जाने के लिए राजनांदगांव से बड़े आसानी से घुस रहे है। 

राजनांदगांव बेरियर में कहीं भी कोई जांच पड़ताल नहीं हो रही है। कोरोना संक्रमित लोग राजनांदगांव होते अपने गंतव्य को पहुंच रहे है। जिसके कारण प्रदेश में कोरोना बढऩे का बढ़ गया है। सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को ध्यान लेना चाहिए। और जिले के सभी बॉर्डर को सील किया जाना चाहिए। आने वाले सभी प्रवासियों की जाँच भी सतर्कता से करें।

कवर्धा। जिले के पांडातराई में किसी कार चालक ने सड़कों पर नोटों को फेंक दिया. सड़क पर नोट देखकर लोग दहशत में आ गए. शहर में अफवाह फैल गई. जब इसकी जानकारी पुलित तक पहुंची तो वे मौके पर पहुंचे. उन्होंने नोट को अपने कब्जे पर ले लिया है। दरअसल मंगलवार को अज्ञात कार चालक ने सड़क पर 10-10 रुपए के 11 नोट, 20 के 2 और 100 व 200 रुपए के एक एक नोट सड़क पर फेंक कर फरार हो गया. जिसे ग्रामीणों ने देखा लिया. नोट को कोरोना संक्रमित व्यक्ति द्वारा फेंके जाने की अफवाह उड़ गई। 

इस बारे में ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि कोई सफेद रंग का कार सवार नोट फेंक कर भाग गया है. पुलिस ने नोट जब्त कर जांच में जुट गई है। इस मामले में एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा पुलिस को सूचना मिली थी कि कार सवार कुछ युवकों के द्वारा सड़क पर पैसा फेंका गया है. मौके पर पहुंच कर इसकी जांच की गई, जहां 10, 20, 100  और 200 के नोट भी बरामद किया गया है. ग्रामीणों के निशानदेही पर कार के संबंध में थाना और चौकी में पॉइंट चलाया गया है. प्रथम दृष्टया ये शरारती तत्व का काम प्रतीत हो रहा है, फिलहाल पुलिस की जांच जा रही है। 

रायपुर। राजस्थान के कोटा में पढ़ने वाले राज्य के 2200 से ज्यादा बच्चों को अब क्वारंटीन सेंटरों में रहने से मुक्ति मिलेगी और ये सब अब अपने अपने घरों में ही क्वारंटीन रहेंगें. इस बात की जानकारी आज राज्य शासन में उच्च स्तर पर पदस्थ सूत्रों ने दी है. सूत्रों का कहना है कि चूंकि स्वास्थ्य जांच में कोटा में पढ़ने वाले छत्तीसगढ़ के सभी बच्चे निगेटिव पाये गयें हैं,इसलिये भारत सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक इन बच्चों को होम क्वारंटीन की अनुमति दे दी जायेगी. बताया जा रहा है कि बच्चों को होम क्वारंटीन में रखने के लिये गाइडलाइन तैयार की जा रही है और इस गाइडलाइन के तहत आज शाम से बच्चों को उनके घर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरु कर दी जायेगी। कवर्धा कलेक्टर अवनीश शरण ने भी कहा है कि हम बच्चों को होम क्वारंटीन के लिये भेज रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि बच्चों को होम क्वारंटीन करने के लिये उनके अभिभावकों से शपथपत्र भराया जायेगा और उन्हें गाइडलाइन का गंभीरता से पालन कराने के लिये शपथ दिलावाया जायेगा. इन सभी बच्चों की जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग सख्त मानिटरिंग करेगा और 14 दिनों के होम क्वारंटीन के बाद ही यह माना जायेगा कि बच्चों को किसी तरह का संक्रमण नहीं हुआ है.मिनी जानकारी के मुताबिक राज्य शासन ने इन बच्चों को होम क्वारंटीन करने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है और गाइडलाइन तैयार होते ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जायेगा। इन बच्चों के लिये राज्य के अलग अलग जिलों में बनाये गये क्वारंटीन सेंटर से भी यह जानकारी सामने आ रही है कि बच्चों को लंच के बाद अपना सामान पैक करने के लिये कहा जा रहा है.हालांकि कुछ सेंटरों में ही इस आशय की सूचना दी जा रही है,लेकिन राज्य शासन से जुडे सूत्र बता रहें हैं कि कुछ ही घंटे बाद सभी सेंटरों में इस आशय की सूचना प्रसारित कर दी जायेगी।

बिलासपुर। नाई, सेलून और स्पा के अलावा पान ठेलों को कड़ी शर्तों के साथ खोलने की अनुमति कलेक्टर डॉ.एसके अलंग ने दी है। सेलून संचालकों को आने वाले प्रत्येक लोगों का पूरा-पूरा हिसाब रखना होगा। मोबाइल नंबर से लेकर पता भी रजिस्टर में दर्ज करना होगा। पान ठेला संचालकों को ठेले से सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू, पान, गुटखा, च्यूइंगम बेचने की अनुमति रहेगी। ठेले के सामने खड़े होकर खाने की मनाही कर दी गई है।

कलेक्टर ने सोमवार को एक आदेश जारी कर पान ठेले के अलावा नाई दुकान,सेलून व स्पा की दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है। इन व्यवसायों के संचालन के लिए जरूरी शर्तें भी रख दी है। नाई,सेलून व स्पा संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि संस्थान में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के बारे में आवश्यक जानकारी जैसे नाम,पता व मोबाइल नंबर का ब्यौरा अनिवार्य रूप से रखना होगा।

संक्रमण रोकने के लिए सुरक्षात्मक समस्त उपायों व निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा । किसी व्यक्ति पर उपयोग की गई संक्रमित वस्तु या उसी सामग्री का दोबारा अन्य व्यक्ति पर उपयोग नहीं किया जाएगा । कलेक्टर ने ऐसे संस्थान संचालकों को डिस्पोजेबल सामग्रियों के उपयोग करने के निर्देश हैं।

पान ठेला संचालकों को बेचने की मिली अनुमति

पान ठेला संचालकों को सिगरेट,बीड़ी,तंबाकू,पान,गुटखा व च्यूइंगम बेचने की अनुमति दी है। इन सामानों को खरीदारों के लिए हिदायत जारी की गई है। यह ठेला संचालक की जिम्मेदारी होगी कि सामान बेचने के बाद ठेले के सामने कोई व्यक्ति पान या फिर गुटखा न खाए व सार्वजनिक जगहों पर न थूकें। पान ठेला संचालकों को कलेक्टर ने सशर्त अनुमति दी है।

कोरबा । यूं तो प्रेम में असफल जोड़ों के दुखद अंत की कई दास्तान सामने आ चुके हैं, लेकिन मुकुवा में हुई घटना को देख लोग सिहर उठे। कम उम्र से ही प्यार करने वाले जोड़े की शादी नहीं हो पाती, क्योंकि दूर के रिश्ते में दोनों भाई-बहन थे। इसलिए प्रेमी चाहता था कि एक साथ जी नहीं सकते तो एक साथ मर जाएं। शायद यही वजह है कि वह दो नया रस्सी फांसी लगाने लेकर आया था, पर प्रेमिका तैयार नहीं हुई तो उसकी हत्या कर खुद फंदे पर झूल गया।

कटघोरा थाना पुलिस सहायता केंद्र जटगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुकुवा में रहने वाला सत्तू श्याम गोंड़ (30) व गांव में ही रहने वाली बसंता गोंड़ (28) के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि कम उम्र में ही दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। शादी भी करना चाहते थे, पर दूर का परिवारिक रिश्ता होने से यह संभव नहीं हो पाया। दोनों के परिजनों ने उनकी शादी अलग-अलग परिवार में करा दी।

इसके बाद भी दोनों के बीच का प्रेम यथावत रहा। सत्तू अपनी पत्नी से अलग हो गया। बसंता की पांच साल पहले शादी हुई थी, पर पांच माह पहले ही उसका तलाक हो गया। इसके बाद से दोनों का मिलना-जुलना फिर शुरू हो गया और दोनों एक साथ रहना चाहते थे।

वही पुराना पारिवारिक अड़ंगा सामने आ जा रहा था। रविवार की रात 10.30 बजे के बाद बसंता अपने घर के पीछे के रास्ते से सत्तू के कमरे में पहुंची थी। यहां सुबह उसकी रक्तरंजित अवस्था में लाश मिली, सिर पर कुल्हाड़ी धंसा था। प्रथम दृष्टया ही यह स्पष्ट था कि यह हत्या का मामला है। सत्तू की तलाश में जुटी पुलिस को गांव के निकट जंगल में उसकी लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली। पुलिस ने हत्या का मामला पंजीबद्ध किया है, पर आरोपित ने भी खुदकुशी कर ली, इसलिए मामले को खात्मे में डाला जाएगा।

पूरब टाइम्स रायपुर। पूरे देश के मजदूरों की घर वापसी का ट्रेन किराया कांग्रेस द्वारा वाहन किए जाने की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की घोषणा का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है  कि जब से मोदी सरकार ने और रेलवे ने प्रवासी मजदूरों अपने प्रदेश से बाहर फंसे मजदूरों की घर वापसी के लिए विशेष ट्रेनों में किराया लेने की घोषणा की तब से पूरे देश में इसका विरोध हो रहा था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा करोना महामारी के बाद बनाए गए पीएम केयर फंड जिसमें 65000 करोड रुपए इकट्ठे हो चुके हैं उसका उपयोग इन गरीब मजदूरों की टिकट के लिए क्यों नहीं यह सवाल पूरा देश पूछ रहा है। रेलवे द्वारा प्रति मजदूर ₹50 अतिरिक्त किराया भाड़ा भी लिया जा रहा है। जिन मजदूरों के पास सवा महीने से बिना काम किए बाहर खाने तक का पैसा नहीं है उनसे टिकट मांगना मोदी सरकार की कहां की इंसानियत है ? देश पर और मजदूरों पर जबरिया थोप दिए गए लॉक डाउन के बाद इस तरह की भाड़ा वसूली का सिलसिला कभी देश के लोग भूल नहीं पाएंगे।  कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि देश के प्रवासी मजदूरों को घर वापस लाने का किराया कांग्रेस के द्वारा वहन किया जाएगा  प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की घोषणा का पूरे देश में व्यापक स्वागत हो रहा है।
कांग्रेसी संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि खाने कमाने गए बाहर मजदूरों के साथ-साथ बड़ी संख्या में छात्र और इलाज कराने गए हुए मरीज, तीर्थयात्री देश के अन्य प्रदेशों में और हजारों छात्र तो विदेशों में भी फंसे हुए हैं।  विदेशों में और देश के अन्य राज्यों में फंसे यह लोग आर्थिक पारिवारिक और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी देश की सरकार से मांग करती है कि चूंकि लॉक डाउन की घोषणा केंद्र सरकार ने की है और यह समस्या पूरे देश की समस्या है इसलिए मजदूरों के साथ-साथ छात्रों मरीजों तीर्थयात्रियों और बाहर फंसे अन्य लोगों के घर वापसी की पूरी व्यवस्था केंद्र सरकार के द्वारा की जाये। अनेक राज्यों से संबंधित होने के कारण या मामला स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और केंद्र सरकार का कर्तव्य भी है।  कांग्रेश संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारी से मुंह चुराने से पूरे देश में गहरी नाराजगी है। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार के आचरण को पूरा देश देख रहा है और समझ भी रहा है।

पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने  आज यहां अपने निवास कार्यालय में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर पंजीयन और नगरीय प्रशासन विभाग के काम काज की समीक्षा कर रहे हैं। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  जयसिंह अग्रवाल,  नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, मुख्य सचिव  आर. पी. मंडल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती अलरमेल मंगई डी., पंजीयक वाणिज्यिक कर  पी. संगीता, राजस्व सचिव सुश्री रीता सांडिल्य, संचालक उद्योग  अनिल टुटेजा,  महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक  धर्मेश साहू, संचालक भूअभिलेख  रमेश शर्मा और मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित।    

पूरब टाइम्स रायपुर। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी की घोषणा के अनुसार एआईसीसी ने सभी प्रदेश कांग्रेस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि हर मजदूर और प्रवासी श्रमिक की रेल यात्रा का व्यय संबंधित प्रदेश कांग्रेस द्वारा उठाया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि यह हमारी देशवासियों की विनम्र सेवा होगी और हमें अपने देशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा होना है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ से चलने वाली किसी भी श्रमिक स्पेशल ट्रेन  मजदूरों के लिए  ट्रेन में मजदूरों किसी भी प्रांत के हो उनका यात्रा व्यय छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि किसी भी प्रांत का कोई भी भाषा भाषी किसी भी बिरादरी का मजदूर हो भारत के हर मजदूर के साथ कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस सरकार खड़ी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि देश की सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालयों के साथ साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में  भी प्रवासी मजदूर भाइयों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर तत्काल सेट अप  किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ में जो प्रवासी मजदूर हैं श्रमिक हैं और ट्रेन के द्वारा यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए एक डेडीकेटेड हेल्पडेस्क और पहुंच योग्य हेल्पलाइन नंबर के साथ तत्काल बनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने  रेलवे को पत्र लिखकर कहा है  कि देश के अन्य प्रांतों से छत्तीसगढ़ आने वाले मजदूरों के लिए चलाई जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन का पूरा यात्रा व्यय छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार वहन करेगी।

पूरब टाइम्स रायपुर।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि खरीफ सीजन के लिए किसानों को अग्रिम रूप से खाद-बीज का उठाव करने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल गत दिवस अपने निवास कार्यालय में सहकारिता एवं मार्कफेड विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन के लिए तैयारियों की समीक्षा के दौरान उक्ताश्य के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक मेें अल्पकालीन ऋण वितरण, खाद एवं बीज के भण्डारण और वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खाद-बीज के अग्रिम उठाव से किसानों को ब्याज अनुदान का भी अधिक लाभ प्राप्त हो सकेगा तथा सीजन के समय में किसानों को दिक्कत नहीं होगी।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा कि सोसायटियों में पक्के चबूतरे एवं शेड की कमी है। उन्होंने कहा कि हर साल राज्य में धान खरीदी के सीजन में असामयिक वर्षा की वजह से धान भींगता है, इससे समितियों और किसानों को नुकसान होता है। उन्होंने समर्थन मूल्य पर क्रय किए जाने वाले धान को खराब होने से बचाने के लिए सभी समितियों में पर्याप्त संख्या में चबूतरों एवं शेड का निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
    सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि इस साल खरीफ सीजन में किसानों को 4600 करोड़ रूपए का ऋण वितरण लक्ष्य रखा गया है। अब तक राज्य के 61 हजार 700 किसानों को खरीफ की खेती के लिए 215 करोड़ रूपए वितरित किया जा चुका है। राज्य के सहकारी बैंकों द्वारा 15 लाख 3 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है। राज्य की 1333 सहकारी समितियों के माध्यम से रासायनिक खाद एवं प्रमाणित बीज का भंडारण एवं वितरण भी शुरू कर दिया गया है। खरीफ के लिए राज्य में 6 लाख 35 हजार मीट्रिक टन रासायनिक खाद के वितरण का लक्ष्य है जिसके विरूद्ध अब तक 3 लाख 63 हजार मीट्रिक टन खाद का भंडारण सहकारी संस्थाओं में किया जा चुका है, जो राज्य की मांग का 57.16 प्रतिशत है। राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 33 हजार 343 टन रासायनिक खाद किसानों वितरित कर दी गई है।
    बैठक में जानकारी दी गई कि सहकारी समितियों में अब तक विभिन्न प्रकार की फसलों के लिए 2 लाख 48 हजार 118 क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण बीज निगम द्वारा किया गया है। प्रमाणित बीज का वितरण भी किसानों को शुरू कर दिया गया है। अब तक 23 हजार 320 क्विंटल बीज का उठाव किसानों ने किया है। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, सचिव सहकारिता श्री प्रसन्ना आर., पंजीयन, सहकारी संस्थान एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब की होम डिलीवरी को लेकर आज गाइड लाइन जारी हुई। इस घर पहुंच सेवा में शराब की कीमत के अलावा 120 रुपये डिलीवरी चार्ज का भुगतान करना होगा। देश में कोविड-19 की स्थिति की व्यापक समीक्षा उपरांत भारत सरकार के गृह मंत्रालय (एमएचए) ने लाॅकडाउन को 4 मई से दो सप्ताह और बढ़ाने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत आदेश जारी किया है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने इस अवधि में विभिन्न गतिविधियों या कार्याें के विनियमन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए, जो देश के जिलों के रेड (हाॅटस्पाॅट), ग्रीन और औरेंज जोन में बदलने के जोखिम पर आधारित है। भारत सरकार के आदेश के अध्याधीन छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 4 मई से सोशल एवं पर्सनल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए राज्य की मदिरा दुकानों को संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। 

सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 के फैलाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से होम डिलिवरी की अनुमति भी शासन के द्वारा प्रदान की गई है। राज्य की शराब दुकानें छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन के द्वारा संचालित हैं। शासन के आदेश के पालन में मदिरा दुकानों में भीड़ को नियंत्रित करने सोशल एवं पर्सनल डिस्टेंसिंग के पालन के दृष्टि से डेलिवरी बाॅय के माध्यम से शराब प्रदाय की व्यवस्था की शुरूआत की गई है। यह व्यवस्था वर्तमान में भारत सरकार के आदेश के तहत ग्रीन जोन में शुरू हो गई है। मदिरा की बुकिंग की वेबसाइट का ऐड्रेस http://csmcl.in है। उक्त वेबसाइट के माध्यम से मदिरा की डेलिवरी की बुकिंग की जा सकती है।  बुकिंग वेबसाइट http://csmcl.in में जाकर बटन को क्लिक कर अथवा गूगल प्ले स्टोर में CSMCL APP खोज कर उसे एन्ड्राइड मोबाइल में इंस्टाॅल किया जा सकता है तथा मोबाइल के माध्यम से भी बुकिंग की जा सकती है। ग्राहक को अपना मोबाइल नम्बर, आधार कार्ड तथा पूर्ण पता दर्ज कर पंजीयन करना होगा। पंजीयन ओ.टी.पी. के माध्यम से कन्फर्म होगा।

पंजीयन उपरांत ग्राहक को लाॅगिन करने के पश्चात अपने जिले के निकट के 1 विदेशी दुकान, 1 देशी तथा एक प्रीमियम दुकान को ड्राॅप के माध्यम से लिंक करने की सुविधा प्रदान की गई है। ग्राहक की सुविधा के लिए जिले की समस्त मदिरा दुकानों को गूगल मैप पर देखने की सुविधा भी प्रदान की गई है, जिससे ग्राहक के द्वारा आसानी से अपनी निकट की दुकान का चयन कर लिंक किया जा सकता है। लिंक की गई दुकान से मदिरा डोर डिलिवरी के लिए बुक की जा सकती है। ग्राहक को संबंधित शराब दुकान में उपलब्ध शराब की सूची एवं उसका मूल्य प्रदर्शित किया गया है, जिसमें से अपनी पसंद की शराब को अपनी आवश्यकतानुसार क्रय कर सकता है। ग्राहक एक शराब दुकान से एक बार में 5000 एम.एल. तक शराब डोर डिलिवरी के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।
ग्राहक के द्वारा बुक की गई मदिरा सुपरवायजर के द्वार पैक किए जाने पर ग्राहक को स्वतः ओ.टी.पी. प्राप्त हो जाएगी। डेलिवरी बाॅय के द्वारा ऑर्डर की गई शराब प्रदान किए जाने पर उन्हें शराब का मूल्य तथा डेलिवरी चार्ज 120 रूपए का भुगतान करना होगा। भुगतान पश्चात ग्राहक को ओ.टी.पी. डिलिवरी बाॅय को डेलिवरी करने के लिए प्रदान करना होगा।


रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण के सबसे बड़े संवाहक नशीले पदार्थ के साथ सरकार ने गुड़ाखू, गुटखा, सिगरेट, पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था, लेकिन पूरे लाकॅडाउन के दौरान यह देखने में आया कि सबसे ज्यादा नशीले पदार्थ की बिक्री हुई । जिसमें गुटका, गुड़ाखू के कारोबारी लाल हो गए। कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन इस कारोबार में बेअसर साबित हुआ। लॉकडाउन के दौरान नशीले पदार्थ की जमकर बिक्री हुई, कहीं तो खाद्य और औषधि विभाग ने छापामार कार्रवाई की छोटे व्यापारी धरे गए और बड़े कारोबारी बचे रहे। वहां तक खाद्य और औषधि विभाग पहुंच ही नहीं पाया।

राजधानी के आऊटर और घनी आबादी वाले क्षेत्र बिरगांव, भनपुरी, गुढिय़ारी, पुरानी बस्ती, मोवा, सड्डू में गुड़ाखू, सिगरेट, पान मसाला, के साथ गांजा और अफीम बिकने की खबर है। ये नशीले पदार्थ कई गुगा दाम पर बेच रहे है और खरीदने वाले हंसते हुए खरीद रहे है। नसे के आदी नशेडिय़ों को तो हर हाल में नशे का समान चाहिए, किसी भी कीमत में नशेड़ी गांजा, और अफीम के साथ गुड़ाखू खरीद रहे है। आम दिनों में 5 रुपए में मिलने वाला गुड़ाखू 60 रुपए मे बेचा जा रहा है। 25 वाला गुड़ाखू 200 रुपए में बिक रहा है। ताजुब्ब की बात तो यह है कि इन पदार्थों की उत्पादक कंपनियां के आधिकारिक एजेंट और विक्रेता का साफ कहना है कि लॉकडाुन के बाद से ही गुड़ाखू का निर्माण बंद हो चुका है। अबी जो बाजार में माल आया है वह व्यापारियों के पास रखा पुराना स्टाक है, व्यापारी उसे अनाप-शनाप बाव में बेच रहे है. इसी तरह गुटखा और सिगरेट पर भी चार-छह गुने दाम पर व्यापारी पुराने माल को बेच रहे है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्यों से आने वाले माल वाहक ट्रकों को रात्रि 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ही शहर के अंदर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। किसी भी ट्रक को होल्ड करने की अनुमति नहीं मिलेगी। अन्य राज्यों द्वारा जारी अंतर्राज्यीय पास को जब तक छत्तीसगढ़ द्वारा मान्यता नहीं दी जाती तब तक छत्तीसगढ़ में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह निर्देश गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने आज रायपुर स्थित चिप्स कार्यालय से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और परिवहन अधिकारियों को दिए। श्री साहू ने कहा कि कवर्धा, राजनांदगांव और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही के सीमावर्ती क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा शहर के बाहर रोड किनारे कम से कम 50-60 एकड़ क्षेत्र होल्डिंग एरिया बनाई जाए, जहां बाहर से आने वाले ट्रकों को रोक कर ड्राइवर, हेल्पर आदि की थर्मल स्क्रीनिंग कराएं। इससे यातायात प्रभावित न हो। ट्रकों को छत्तीसगढ़ में रात में होल्ड करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अपर मुख्य सचिव ने बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं अन्य लोगों के अनिवार्य रूप से क्वारेंटाइन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को लाने तथा छत्तीसगढ़ में फंसे श्रमिकों को दूसरे राज्य भेजने की स्थिति में नोडल अधिकारियों से समन्वय करें और एक-दूसरे राज्यों से अनुमति प्राप्त कर लंे, ताकि सीमा क्षेत्रों में वाहनों की रूकावट नहीं हो। श्री साहू ने कहा कि कवर्धा और राजनांदगांव में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से आवाजाही का दबाव ज्यादा रहता है। इन जिलों में अतिरिक्त ड्यूटी के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त करेंगे। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात के तैार पर सभी उपाय करने के निर्देश दिए।

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में सचिव स्वास्थ्य निहारिका बारिक सिंह, सचिव परिवहन डाॅ. कमलप्रीत सिंह, सचिव श्रम सोनमणि बोरा, सचिव लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सचिव जल संसाधन अविनाश चंपावत, सचिव पर्यटन अन्बलगन पी., सचिव समाज कल्याण प्रसन्ना आर., रायपुर संभाग के कमिश्नर जी. आर. चुरेन्द्र, रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा, कलेक्टर डाॅ. एस. भारतीदासन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर। कोरोना महामारी में जान की परवाह किए बगैर दिन-रात सेवा में लगे डाक्टर्स, नर्स, पैरामेडिकल स्टाॅफ, पुलिसकर्मियों और सफाई कर्मियों के उत्साह और सम्मान के लिए भारतीय सेना द्वारा आज फ्लाई पास्ट किया गया। राजधानी रायपुर के एम्स अस्पताल के ऊपर वायु सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए फूलों की बारिश कर इन कोरोना वाॅरियर्स का सम्मान किया गया। 


धमतरी। कोरोना वायरस (कोविड 19) संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन के दिशा निर्देश पर धमतरी जिले के अधिकारी-कर्मचारी, गैर सरकारी संस्था, आम जन एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत कार्यरत मजदूरों के लिए फेस मास्क लगाने की अनिवार्यता कर दी गई है। कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल रहा है। संक्रमित व्यक्ति की वजह से कोरोना वायरस की बूंदें हवा में रूक जाती है। फेस मास्क इन बूंदों के श्वसन प्रणाली में प्रवेश करने की क्षमता को कम करता है।  सांस लेते समय वायरस को शरीर के अंदर आने की संभावना को कम करने के लिए एक सुरक्षात्मक फेस मास्क पहनना जरूरी है।

 साथ स्वच्छता हेतु हैण्डवाश, साबुन या अल्कोहल उपयोग कर अच्छी तरह से हाथ की सफाई किया जाये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता गांधी ने बताया कि-जिले में  मास्क बनाने का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 48 महिला स्वसहायता समूह की 329 महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। महिला स्वसहायता समूह द्वारा अबतक 98 हजार 572 मास्क का तैयार कर 55 हजार 533 मास्क 15 रूपये प्रति फेस मास्क की दर से नगर पंचायत, रेडक्रास, पुलिस विभाग, स्थानीय बाजार, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, कृषि विभाग एवं वन विभाग में विक्रय किये गये हैं।

विक्रय किये गये फेस मास्क से महिला स्वसहायता समूह को लगभग 08 लाख 32 हजार 995 रूपये की आमदनी हुई है। लाॅकडाउन से निपटने समूह द्वारा तैयार किये गये फेस मास्क से जो आमदनी प्राप्त हुई है उससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। महिला स्वसहायता समूहों को मास्क तैयार करने हेतु तकनीकी सहयोग स्वास्थ्य विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, हथकरघा विभाग एवं स्वयं सेवी संगठन द्वारा प्रदाय की गई। अभी भी विक्रय हेतु 43 हजार 39 नग मास्क तैयार कर जिले की महिला स्वसहायता समूह अपना सक्रिय भूमिका निभा रही है।

पूरब टाइम्स रायपुर। भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ की तीन ग्राम पंचायतों को अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना है। उत्कृष्ट कार्यों के लिए कबीरधाम के कान्हाभैरा, रायपुर के बनचरोदा और कांकेर के भिलाई का चयन किया गया है। इन पंचायतों ने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धीपूर्ण कार्यों के लिए दिया जाएगा। पंचायतों को यह पुरस्कार दिए जाने की घोषणा का समाचार खुद राज्य के पंचातय मंत्री टीएस सिंहदेव ने संबंधित गांवों के सरपंचों को सुनाया और उनके कार्यों की सराहना करते हुए बधाई दी।
वर्ष 2020 के लिए बच्चों से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के कान्हाभैरा ग्राम पंचायत का चयन बाल मित्र पंचायत पुरस्कार के लिए किया गया है। ग्रामसभा के प्रभावी आयोजन और इसके सशक्तिकरण के लिए रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के बनचरोदा पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

पूरब टाइम्स रायपुर।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कर्मियों की तरह ही पुलिसकर्मी, स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज अंतर्गत बीमा योजना में शामिल करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री  बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि सबसे पहले मैं आपको महामारी रोग अध्यादेश (संशोधन), 2020 लागू करने के लिए बधाई देता हॅू। छत्तीसगढ़ राज्य में स्वास्थ्य सेवाकर्मी, पुलिसकर्मी तथा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी पूर्ण समन्वय स्थापित कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है। यद्यपि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाकर्मियों पर किसी भी प्रकार के हमले की घटना घटित नही हुई है तदापि उपरोक्त अध्यादेश कोरोना संक्रमण से लड़ने वाले योद्धाओं को एक मजबूत सुरक्षा कवज प्रदाय करता है। इसके साथ-साथ भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाकर्मियों के लिए 50 लाख रूपए के बीमा योजना की घोषणा की गई है, जो एक स्वागत योग्य कदम है।
     मुख्यमंत्री ने कहा है कि आपका ध्यान स्वास्थ्य सेवाकर्मियों के अतिरिक्त उन हजारों कर्मचारी एवं अधिकारियों के योगदान की ओर आकर्षित करना चाहूंगा, जो दिन-रात लाॅक-डाॅउन को सफल बनाने में जुटे हुए है। जैसा की आप अवगत है, अपने इस कर्तव्य के निर्वहन के दौरान कई कर्मचारी एवं अधिकारी भी कोविड-19 से संक्रमित हुए है, परंतु आश्यर्च का विषय है कि भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाकर्मियों के लिए लागू की गई बीमा योजना के दायरे में राज्यों के इन कर्मचारी-अधिकारियों को बीमा योजना में सम्मिलित नही किया गया है। उपरोक्त अध्यादेश के तहत ‘स्वास्थ्य सेवाकर्मी‘ की परिभाषा की ओर ध्यान दें तो धारा -1A(b)(ii)में ऐसे व्यक्ति सम्मिलित है, जो महामारी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकृत किए गए है। अर्थात् पुलिसकर्मी, स्थानीय निकाय एवं जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी भी इस परिभाषा की परिधि में निश्चित रूप से शामिल होंगे, जिनके द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण के लिए अथक प्रयास किए जा रहे है, उन्हें भी स्वास्थ्य कर्मी मानते हुए स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्राप्त होना चाहिए।        बघेल ने भारत सरकार द्वारा घोषित इस बीमा योजना में पुलिसकर्मी, स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों को भी शामिल करने का अनुरोध किया है।