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पूरब टाइम्स रायपुर।  महिला बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री  अनिला भेंडिया ने आज राजधानी स्थित अपने निवास से विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से अपने प्रभार के जिले बेमेतरा और कबीरधाम मे कोविड 19 के संक्रमण से बचाव, प्रवासी मजदूरों की वापसी की तैयारी सहित विभिन्न कार्यो की प्रगति की समीक्षा की।  भेंडिया ने जिलो मे प्रवासी मजदूरों की वापसी, तैयारी एवं अद्यतन स्थिति के बारे मे जानकारी लेते हुए निर्देश दिये कि बाहर से आने वाले मजदूरों और लोगों के आइसोलेशन और क्वारंटाइन में रखने की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए उन्होंने पर्याप्त निगरानी और ग्रामीणों को कोविड-19 के प्रति जागरूक करने के लिए कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बेमेतरा कलेक्टर  शिव अनंत तायल और कबीरधाम जिले के कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने बताया कि जिलों में प्रवासी मजदूरों के लिए आइसोलेशन, क्वारंटाइन सेंटर की तैयारी कर ली गई है। पर्याप्त मात्रा में जांच किट उपलब्ध हैं।  शरण ने बताया कि कबीरधाम जिले के 14 हजार मजदूर बाहर फंसे हुए है,इनके लिए 20 हजार लोगों के हिसाब से ग्राम पंचायत स्तर पर ठहराने की व्यवस्था की गई है। साईं संजीवनी अस्पताल को कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। बेमेतरा कलेक्टर ने बताया कि 200 कोविड बेड और 26 प्रायवेट बेड तैयार किये गए हैं।  
 भेंडिया ने खरीफ फसलों के लिए खाद-बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने किसानो को असमय वर्षा, ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भी जानकारी ली।  भेंडिया ने कलेक्टरों से गर्मी के मौसम को देखते हुए लोगो के लिए पेजयल और निस्तार व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिये। कलेक्टरों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। कबीरघाम जिले में फसल बीमा की राशि का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। किसानों की मदद के लिए 8 करोड़ की राशि कबीरधाम और 15 करोड़ रूपए बेमेतरा जिले को मिले हैं। बेमेतरा जिले में बीमा राशि के सभी प्रकरण शासन को भेज दिये गए हैं। उन्होंने पी.डी.एस वितरण की स्थिति, खाद, बीज भण्डारण,उठाव एवं धान उठाव, रेडी टू ईट, सूखा राशन वितरण, चकमक एवं सजग अभियान के साथ ही मनरेगा, लघु वन उपज तेंदूपत्ता खरीदी की समीक्षा की। 
    बेमेतरा कलेक्टर  शिव अनंत तायल ने बताया कि जिले में जल स्तर गिरावट की समस्या नहीं है। 97 तालाबों में से 32 भरे हुए हैं। जिले में 1 हजार से अधिक काम 400 पंचायतों के लिए स्वीकृत हैं।    कबीरधाम जिले के कलेक्टर  अवनीश कुमार शरण ने जानकारी दी कि जिले में मनरेगा के 1300 काम चल रहे हैं जिसमें एक लाख 10 हजार श्रमिक काम कर रहे हैं। जिले में 19 वन समितियों के माध्यम से जिले में 671 क्विंटल लघु वनोपज की खरीदी कर ली गई है। 139 गांवों में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं लघु वनोपज का संग्रहण कर रही हैं। 

पूरब टाइम्स रायपुर । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि शराब बेचने का विरोध कर रही भाजपा को पहले बताना चाहिए कि अपने चुनावी घोषणा पत्रों में वादा करने का बावजूद उसने शराब बंदी करने की जगह शराब को बढ़ावा क्यों दिया? पंद्रह वर्षों में शराब की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई है वह भाजपा के 15 वर्षों के शासनकाल में ही हुई है और उसी दौरान कोचिये लगातार ताक़तवर हुये।  प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह की सरकार ने शराब बंदी करने की जगह उल्टे शराब का सरकारीकरण कर दिया और शराबबंदी की ओर कोई ठोस क़दम नहीं उठाया।  प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की सरकार ने 2011 में राज्य में शराबबंदी लागू करने के लिए कहा था। कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद भी राज्य में बीयर-बार और शराब बिक्री को बंद करने के बजाय इसमें और बढ़ोत्तरी हो गई।  राज्य की कांग्रेस सरकार समझती है कि शराब बंदी करना आवश्यक है। लेकिन जैसा कि सरकार ने कहा है कि शराब बंदी का क़दम नोटबंदी की तरह या लॉक डाउन की तरह बिना सोचे समझे नहीं उठाया जाएगा। राज्य सरकार समझती है कि अचानक शराब बंदी का समाज में कई विपरीत असर पड़ता है जो शराब से ज़्यादा घातक होता है।  इसके लिए सरकार ने ठोस क़दम उठाए हैं। शराबबंदी के लिए तीन तरह की कमेटियां गठित की गई है। राजनैतिक स्तर की कमेटी में भाजपा के पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी  बैठक में भाजपा के पदाधिकारी आते ही नहीं है।  इससे ही स्पष्ट है कि भाजपा शराबबंदी पर अपने 15 वर्ष के शासनकाल में भी राजनीति करती रही और अभी भी राजनीति ही कर रही है। भाजपा को जनहित से कोई लेना देना नहीं है।
 प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जहां तक कोरोना संकट के समय शराब दुकानें खोलने का सवाल है तो छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में शराब दुकानों को केन्द्र सरकार द्वारा एक मई को जारी किए गए आदेश-निर्देश के बाद ही शुरू किया गया है।  तो भाजपा नेताओं को शराब बेचने के फ़ैसले के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से पूछना चाहिए.
 भाजपा नेताओं को चाहिए कि पहले वे भाजपा शासित राज्यों में शराब दुकानें बंद करने की घोषणा करवाएं उसके बाद ही कांग्रेस सरकार पर आरोप प्रत्यारोप करें। 15 साल सत्ता में रहकर भाजपा ने छत्तीसगढ़ में जमकर शराब बेची और अब भाजपा शराबबंदी की मांग कर रही है जब कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणापत्र के अनुसार शराब बंदी लागू करने के लिए समिति बनाई और भाजपा को भागीदारी के लिए कहा तो भाजपा भाग खड़ी हुई ।
भाजपा और पार्टी के सांसदों द्वारा की जा रही छत्तीसगढ़ विरोधी राजनीति पर तगड़ा प्रहार करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि करोना में भाजपा के लोकसभा सदस्यों ने छत्तीसगढ़ के मजदूरों के हित के लिए क्या योगदान दिया बताएं पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ को करोना  से लड़ने के लिए क्या योगदान दिलाया भाजपा सांसदों ने यह बताना चाहिए ! सीएम रिलीफ फंड में एक भी पैसा भाजपा सांसदों ने दिया हो तो वह बताएं ! लगातार छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ बयानबाजी करना और जनहित में काम कर रही छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों में नुक्ता चीनी करना भाजपा के लोकसभा सदस्यों का चरित्र बन गया है। छत्तीसगढ़ के लोग सब देख रहे हैं और समझ भी रहे हैं ।

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुनील सोनी और पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल के संयुक्त प्रेस वार्ता पर प्रश्न उठाते कहा कि जहां एक ओर पूरा देश और छत्तीसगढ़ राज्य कोरोना महामारी के विपरीत परिस्थितियो में लड़ाई लड़ रहे है वहीं दूसरी ओर भाजपा सांसद सुनील सोनी और विधायक बृजमोहन अग्रवाल लगातार जनता को गुमराह करने वाला बयान जारी कर रहे हैं।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा सांसद सुनील सोनी लगातार प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा कर रहे हैं जबकि हकीकत यह है कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ राज्य कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ कर सफलता अर्जित करने में सबसे अग्रणी है और मरीजों की संख्या में भी भारतीय जनता पार्टी के शासित राज्यों से कहीं कम है। इसका कारण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनका पूरा मंत्रिमंडल सहित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रदेश कांग्रेस की टीम पूरी टीम शिद्दत के साथ इस महामारी का डटकर मुकाबला कर रही है यह बात भाजपा के बयान वीर सांसद को नागवार गुजर रही है और वह प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा कर रहे हैं। जबकि उन्हें बताना चाहिए कि केंद्र सरकार से कोरोना महामारी से उबरने और राज्य की अर्थव्यवथा सुधारने के लिए प्रदेश के मुखिया ने 30 हजार करोड़ की राहत पैकेज की मांग प्रधानमंत्री  मोदी से की है उस पर भाजपा के रायपुर सांसद सुनील सोनी यह मांगी गयी राशि दिलवाने के पक्ष में है कि नही है।
 प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल शराब दुकान में उमड़ी भीड़ और सोशल डिस्टेंस पर सवाल खड़ा कर रहे हैं लेकिन 1 मई को उनके सरकारी बंगले में इससे ज्यादा भीड़ उमड़ी हुई थी सैकड़ों गाड़ी बंगले के बाहर खड़े हुए थे लोगों का तांता लगा हुआ था और सोशल डिस्टेंस तार-तार हो रही थी कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रश्न किया कि पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को यह बताना चाहिए कि 1 मई के दिन उनके बंगले में सैकड़ों हजारों की तादाद में भीड़ क्यों आयी हुई थी और अगर उनके आरोप निराधार हैं तो क्या पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल 1 मई के सीसीटीवी फुटेज को जनता के समक्ष प्रस्तुत करेंगे ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी देश के 600 से अधिक रेड, ग्रीन, ऑरेंज और ऑरेंज जोन जिलों में हो शराब बिक्री के विरोध में प्रेस वार्ता करेंगे।

 पूरब  टाइम्स रायपुर।   मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के मंशानुरूप राज्य के सभी जिलों में गरीबों, अन्य स्थानों के श्रमिकों एवं निराश्रित लोगों को निःशुल्क भोजन व खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध कराए जाने का सिलसिला जारी है। कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन के चलते जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य भर में जगह-जगह लगाए गए राहत शिविरों में 7 मई को एक लाख 14 हजार 762 जरूरतमंदों, श्रमिकों एवं निराश्रितों को निःशुल्क भोजन व खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध कराया गया। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मास्क, सेनेटाइजर एवं दैनिक जरूरत का सामान भी जिला प्रशासन, रेडक्रॉस तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की सहयोग से जरूरतमंदों को लगातार मुहैया कराया जा रहा हैं। जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 7 मई को स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से 37 हजार 944 मास्क एवं सेनेटाईजर, साबुन आदि का वितरण जरूरतमंदों को किया गया हैं। 
    यह उल्लेखनीय है कि जिलों में प्रशासन द्वारा समाजसेवी संस्थाओं एवं दानदाताओं के सहयोग से संचालित राहत शिविरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक 60 लाख 11 हजार 653 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं खाद्यन्न पैकेट उपलब्ध कराया गया है। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए 47 लाख 47 हजार 362 मास्क सेनेटाईजर एवं अन्य सामग्री का निःशुल्क वितरण जन सामान्य को किया गया है। 
    प्रदेश में 7 मई को शासन एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से जांजगीर-चांपा जिले में सर्वाधिक 34,092 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन प्रदाय किए जाने के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क एवं अन्य सामाग्री का वितरण किया गया है। इसी तरह सुकमा जिले में 1554, राजनांदगांव में 3006, रायगढ़ में 2021, बस्तर में 504, कांकेर में 26,962, बीजापुर में 534, जशपुर में 1986, कोरिया में 221, सूरजपुर में 404, बालोद में 105, कबीरधाम में 2003, बलौदाबाजार में 2047, धमतरी में 1558, दुर्ग में 33,379, महासमुंद में 2490, बलरामपुर में 11,599, कोरबा में 4028, सरगुजा में 3013, बिलासपुर में 3047, रायपुर में 3748, कोण्डागांव में 2533, दंतेवाड़ा में 33, बेमेतरा में 50, गरियाबंद में 5993, मुंगेली में 3734 तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 2062 जरूरतमंदों राशन एवं अन्य सहायता उपलब्ध करायी गई हैं।

मुख्यमंत्री  बघेल ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के तेतला गांव स्थित एक निजी पेपर मिल में जहरीली गैस के रिसाव से मजदूरों के बीमार होने की घटना पर भी चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि लाॅकडाउन के बाद फिर से शुरू किए जा रहे कारखानों में सुरक्षा संबंधी सभी एहतियाती उपायों का गंभीरतापूर्वक पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने गैस रिसाव से प्रभावित सभी मजदूरों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

पूरब  टाइम्स रायपुर।  राज्य के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में लॉकडाउन की अवधि में स्कूली छात्रों की पढ़ाई को और अधिक सुगम बनाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एस.सी.ई.आर.टी.) द्वारा कई वैकल्पिक नवाचारी प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में ऑनलाईन पढ़ाई के लिए ‘पढ़ई तुंहर दुआर‘ नया प्रोजेक्ट किया गया है। वनाचंल क्षेत्रों में कनेक्टविटि में आ रही दिक्कत को ध्यान में रखते हुए (एस.सी.ई.आर.टी.) द्वारा इन दिक्कतों को दूर करने और विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित रूप से बनाए रखने के लिए नए विकल्प तलाशें जा रहे है। आज इन मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक दिवसीय लघु संगोष्ठी कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
    स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने संगोष्ठी में बताया कि कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों और राज्य के विभिन्न अंचलों में अध्ययन कर रहे बच्चों को ध्यान में रखते हुए बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था हेतु राज्य शासन द्वारा “पढ़ई तुंहर दुआर” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी जुड़ रहे हैं। राज्य में कुछ क्षेत्र नेटवर्क विहीन है और एक बड़ी संख्या में पालकों के पास मोबाइल अथवा स्मार्टफोन नहीं है। ऐसी स्थिति में राज्य स्तर से संचालित ऐसे आईसीटी समर्थित कार्यक्रम सुविधावंचित बच्चों तक पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। ऐसी स्थिति में राज्य में समतामूलक शिक्षा सुलभ कराए जाने हेतु ऐसे सुविधावंचित क्षेत्रों में भी शिक्षा की वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किया जाना है। इसे दृष्टिगत रखते हुए इसके लिए कुछ नवाचारी पद्धतियों को खोजकर, विकसित कर उनके क्रियान्वयन के लिए तैयारी करनी होगी। 

पूरब टाइम्स रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बस्तर के सभी विधायकों से चर्चा की। उन्होंने कोविड-19 के नियंत्रण के लिए लागू लॉक-डाउन के पालन और इसके असर के बारे में स्थानीय विधायकों से जानकारी ली। उन्होंने गांवों में खाद्यान्न वितरण, मनरेगा कार्यों और वनोपज संग्रहण के बारे में भी पूछा।   सिंहदेव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के उपाय करने के साथ ही लॉक-डाउन के चलते ग्रामीण जन-जीवन में कोई नकारात्मक असर न पड़े, इसके लिए सरकार द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को रोजगार देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिमान रखने व्यापक स्तर पर मनरेगा के तहत सामुदायिक और हितग्राहीमूलक काम शुरू किए जा रहे हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से भी ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। 

 सिंहदेव से चर्चा के दौरान विधायकों ने कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने और मनरेगा के अंतर्गत व्यापक संख्या में काम शुरू करने उठाए गए त्वरित कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समयबद्ध ढंग से लिए गए फैसलों से कोविड-19 के नियंत्रण में छत्तीसगढ़ अच्छी स्थिति में है। गांवों में लाखों की संख्या में रोजगार सुलभ होने से लोग काफी राहत महसूस कर रहे हैं। सरकार के संवेदनशील और तात्कालिक फैसलों से विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बड़ा सहारा मिला है। उन्होंने दूसरे राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के छात्रों, मजदूरों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और अन्य लोगों की प्रदेश वापसी के लिए सरकार द्वारा की जा रही पहल को भी सराहा।


पूरब टाइम्स दुर्ग। प्रदेश के 16 हजार शिक्षाकर्मियों का 1 जुलाई सन 2020 को स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन होना है और इसके लिए कई विकासखंडों में प्रक्रिया प्रारंभ भी हो गई है । इधर शिक्षाकर्मियों के संगठन संविलियन अधिकार मंच ने उन समस्त स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास शुरू कर दिया है जो शिक्षाकर्मियों के संविलियन की राह में लेटलतीफी की वजह बन सकते हैं जिनके चलते अभी उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है । लॉकडाउन को देखते हुए संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे ने सोशल मीडिया व्हाट्सप्प के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण के लिए गुहार लगाई है ।  
 शिक्षाकर्मियों ने पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव को जिला और जनपद स्तर की समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया है कि प्रदेश में हजारों शिक्षाकर्मी 2 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके हैं बावजूद इसके उन्हें न तो नियमितीकरण आदेश मिल पाया है और न ही उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिल रहा है । इसके अलावा 7 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों को समयमान वेतनमान और 8 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान की पात्रता होती है बावजूद इसके कई जिला पंचायतों में शिक्षाकर्मियों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है । शिक्षाकर्मियों की सबसे बड़ी समस्या अंशदायी पेंशन योजना के प्रान एकाउंट को लेकर है । इसे लेकर शिक्षाकर्मी सबसे ज्यादा परेशान है कई साल की सेवा के बावजूद बड़ी मात्रा में ऐसे शिक्षाकर्मी है जिनका प्रान अकाउंट अब तक जनरेट नहीं हुआ है और उसके लिए शिक्षाकर्मी अपने विकास खंड कार्यालयों में कई बार आवेदन दे चुके हैं इसके अलावा जिनके प्रान अकाउंट जनरेट हो गए हैं उनके खाते में भी कटौती की राशि नहीं डाली जा रही है जिसके चलते उन्हें ब्याज का आर्थिक नुकसान हो रहा है । इसके अलावा अधिकांश जिला और जनपद पंचायतों में शिक्षा कर्मियों की सेवा पुस्तिकाएं संधारित नहीं की गई है इसे लेकर भी शिक्षाकर्मियों ने आवाज उठाई है और संविलियन पूर्व सेवा पुस्तिका संधारित करने की मांग रखी गई है । 

पूरब टाइम्स बलौदाबाजार।  लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन किये जाने पर वसूल की गई जुर्माने की राशि का उपयोग कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में किया जा रहा है। पलारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित जीवन दीप समिति में इस तरह वसूले गये 50 हज़ार की रकम जमा कराई गई है। राशि का उपयोग डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पीपीई किट सहित अस्पताल की अन्य बुनियादी जरूरतों की आपात पूर्ति के लिये किया जायेगा। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देशन एवं अपर कलेक्टर  जोगेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में इंसिडेन्ट कमांडर एवं एसडीएम  लवीना पाण्डेय द्वारा लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इन दिनों बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है।
     एसडीएम पाण्डेय ने बताया कि गत दिवस पलारी तहसील के ग्राम बम्हनी और चरोदा रेत घाट पर अवैध उत्खनन की छापामार शैली में जांच की गई। आसपास के ग्रामों के 9 ट्रैक्टरों के विरुद्ध मामला दर्ज कर 45 हज़ार रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई। प्रत्येक वाहन से 5 हज़ार वसूला गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत प्रचलित लॉक डाउन के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन इन ट्रैक्टर मालिकों द्वारा किया जाना पाया गया। इसी प्रकार मास्क नहीं पहनने वालों से भी 5 हज़ार का अर्थदण्ड वसूल किया गया। एसडीएम एवं पलारी सरकारी अस्पताल में संचालित जीवन दीप समिति की अध्यक्ष  पांडेय ने इस प्रकार प्राप्त 50 हज़ार रुपये की राशि को कोरोना की लड़ाई में लगा दिया। इससे सरकारी अस्पताल में संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी और चिकित्सा कर्मी बेहतर सुविधा के साथ कोरोना को मात देने में कामयाब हो पाएंगे। लॉक डाउन उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। नायब तहसीलदार  कुणाल पाण्डेय भी राजस्व एवं नगर पंचायत की टीमों को साथ लेकर लॉक डाउन का पालन कराने में जुटे हुये हैं।

पूरब टाइम्स रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के मजदूरों की घर वापसी के लिए ट्रेनों की तिथियों की घोषणा रेल मंत्रालय द्वारा जल्दी से जल्दी की जाये। छत्तीसगढ़ सरकार ने तो छत्तीसगढ़ से बाहर के प्रदेशों में फंसे राज्य के मजदूरों की घर वापसी के लिए अपनी ओर से किराया जमा करने की सहमति का पत्र रेलवे को दे भी दिया है। 
कांग्रेस  संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने मजदूरों की अपने अपने घर गांव अपने प्रदेश वापसी के लिए विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा तो कर दी लेकिन अभी तक छत्तीसगढ़ के मजदूरों के लिए देशभर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनें चलने की तिथियों की जानकारी केंद्र सरकार या रेलवे द्वारा नहीं दी गयी है । जबकि छत्तीसगढ़ सरकार देश की पहली सरकार है जिसने रेलवे को पत्र लिखकर ट्रेनों की आवश्यकता, संख्या बता दी है और अपनी तरफ से किराया देने की पेशकश भी कर दी थी। कांग्रेस पार्टी ने भी कहा है कि देश भर में मजदूरों को उनके घर गांव लौटने के लिए रेलवे द्वारा जो स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी उनका किराया कांग्रेस पार्टी वहन करेगी। जरूरत छत्तीसगढ़ के मजदूरों की अपने प्रदेश वापसी के लिए ट्रेनें चलाने की है । यह काम छोटा काम नहीं है। झारखंड की ट्रेनें चल गई,  मध्य प्रदेश की ट्रेनें कब चलेंगे इसकी सूचियां मध्य प्रदेश सरकार को बता दी गई लेकिन छत्तीसगढ़ के ट्रेनों की तिथियां अभी तक रेल मंत्रालय द्वारा नहीं बताई गई है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार बाहर के प्रदेशों में फंसे राज्य के मजदूरों की घर वापसी के लिए अपनी ओर से किराया जमा करने का सहमति पत्र रेलवे को देने वाली देश की पहली राज्य सरकार है।
कांग्रेश संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि बाहर के प्रदेशों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूर विगत 22 अप्रैल से खाली बैठे हैं और खाना राशन रहने और इलाज की तकलीफों का सामना कर रहे हैं। उनके पास की पूंजी समाप्त हो गई है। जो थोड़ी-बहुत मजदूरी करके कमाए गए पैसे थे वह भी समाप्त हो गए और बाहर के प्रदेशों में जो संक्रमण की स्थिति है उसे भी देखते हुए सब अपने घर वापस आना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने इन मजदूरों के आने पर इन्हें क्वॉरेंटाइन किए जाने की पूरी व्यवस्था कर ली है। ट्रेनें चलाई जाने पर सभी यात्रियों की जांच कर ही उन्हें ट्रेन में बैठाया जाएगा। जो चोरी छुपे मजदूर आ रहे हैं और शोषण का शिकार हो रहे हैं उससे मजदूरों को छुटकारा मिलेगा। कांग्रेश संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मजदूरों के साथ-साथ इलाज के लिए प्रदेश से बाहर गए हुए मरीजों अन्य फंसे हुए यात्रियों छत्तीसगढ़ वासियों की छत्तीसगढ़ वापसी की व्यवस्था करने की मांग केंद्र सरकार से फिर से दोहराई है।

पूरब टाइम्स  रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के निम्नदाब, गैर घरेलू (व्यवसायिक), कृषि आधारित उद्योग समेत अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं के हित में कई बड़े फैसले लिए गए है।  कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु भारत सरकार द्वारा लागू लॉकडाउन अवधि में विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं संस्थानों सहित गैर घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा सरकार से रियायत दिए जाने की मांग लगातार की जा रही थी। जिस पर विचारोपरांत मुख्यमंत्री  द्वारा उनके हित में अनेक निर्णय लिए गए।   उपभोक्ताओं के हित में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेश के गैर घरेलू (व्यवसायिक), कृषि आधारित उद्योग समेत अन्य औद्योगिक विद्युत कनेक्शन के अप्रैल,मई एवं जून 2020 के बिलों पर डिमांड चार्जेज़ भुगतान को जून 2020 तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। स्थगन अवधि (मॉरिटोरियम पीरियड) के पश्चात उक्त प्रभार की राशि को समान मासिक किश्तों में आगामी छह माह के विद्युत देयकों के साथ ली जाएगी।                  
 कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रदेश भर के सभी नगद बिल संग्रहण केंद्रों को अस्थाई रूप से बंद किया गया था। इसे दृष्टिगत रखते हुए लिए गए निर्णय के मुताबिक ऐसे सभी निम्नदाब विद्युत उपभोक्ता जिन्हें 23 मार्च से 3 मई 20 की अवधि में विद्युत देयक का भुगतान करना था उन्हें अब 31 मई 2020 तक बिना अधिभार के विद्युत देयक भुगतान करने की सुविधा दी जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग भी इस पर सहमत है। छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 23 मार्च से 30 जून 2020 के बीच  प्रदेश में क्रय की जाने वाली विद्युत एवं पारेषण हेतु देयकों के विलंब से भुगतान पर वर्तमान में लागू “ डिलेड पेमेंट सरचार्ज ” की दर में पचास प्रतिशत की कमी की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग भी इस पर सहमत है।   कोरोना वायरस कोविड -19 के कारण विविध संकट से जूझ रहे प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य जगत को सरकार के इन निर्णयों से बड़ी राहत मिल सकेगी।

रायपुर। रायपुर पुलिस का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया है। रायपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदी की माैत पर बुधवार का एक पुलिस कांस्टेबल ने उसका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान कांस्टेबल ने ही मुखाग्नि भी दी। लॉकडाउन के चलते कैदी के बुजुर्ग माता-पिता ने आने में असमर्थता जताई थी। कैदी की अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार को मौत हुई थी। 

सरगुजा के बतौली गांव निवासी 31 वर्षीय सहेत्तर राम हत्या के एक मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। कई दिनों से बीमार होने के कारण उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। इसकी सूचना सरगुजा जेल प्रशासन के माध्यम से गांव में उसके परिवार काे दी गई। गरीब और बुजुर्ग माता-पिता ने लॉकडाउन के माहौल में आने से असमर्थता जता दी। 

इसके बाद शहर के गंज थाने में पदस्थ सिपाही मनमोहन तांदुलाने आगे आए। उन्होंने जेल प्रहरियों के साथ मिलकर मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन किया। शव को देवेंद्र नगर मुक्तिधाम ले जाया गया। यहां पर पूरे विधि-विधान से सिपाही मनमोहन ने सहेत्तर का अंतिम संस्कार किया। सिपाही ने ही इस दाैरान मृत्यु के सभी संस्कार पूरे किए। अब उसकी अस्थियों को परिवार को सौंपा जाएगा। 

पूरब टाइम्स कांकेर।  लाकडाउन के बीच कांकेर पुलिस ने माओवादियों को सामग्रियों की सप्लाई करने वाले एक और आरोपी को राजनांदगांव से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी कौरिनभांठा राजनांदगांव निवासी टोनी भदौरिया उर्फ शीलेन्द्र भदौरिया माओवादियों को जूता सप्लाई करने केलिएकृष्णा फूटवियर कलारपारा से बड़ी मात्रा में जूतों की खरीदी की थी। जिसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार किया गया। इसके पूर्व भी माओवादियों को सामान पहुंचाने वाले राजनांदगांव के7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिसकी मदद से अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस ने बताया ऐसे प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश जारी हैं।

पूरब टाइम्स रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में और 15 नवंबर 2018 को प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में सत्ता में आने के 10 दिनों के भीतर किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था। शपथ लेने के 10 दिन के भीतर नहीं 1 दिन के भीतर नहीं शपथ लेते ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई और किसानों की कर्ज माफी का फैसला लिया गया। प्रदेश कांग्रेश संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र का हर समय बाद वादा कांग्रेस सरकार ने समय पर पूरा किया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस को राज्य में 5 साल के लिए तीन चौथाई बहुमत से जनादेश मिला है । कांग्रेस अपने 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र का एक एक वादा 5 साल के भीतर पूरा करेगी। 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में किए गए 36 वादों में से शराबबंदी भी एक है। घोषणा पत्र के अन्य वादों की तरह शराबबंदी का वादा भी कांग्रेस 5 साल के भीतर पूरा करेगी। भाजपा की केंद्र सरकार के नोटबंदी या लाक डाउन शराबबंदी नहीं करेगी। शराबबंदी समुचित व्यवस्था बनाने के बाद और राज्य के राजस्व की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के बाद ही की जाएगी। 
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस ने सत्ता संभालते ही शराबबंदी का कोई वादा नहीं किया था जैसा कि भाजपा और भाजपा की बी टीम द्वारा प्रचार किया जा रहा है। गंगाजल को भारत में बहुत पवित्र माना जाता है और भाजपा और भाजपा की बी टीम द्वारा झूठ बोलने के लिए गंगा माता के नाम का दुरुपयोग किए जाने की कॉन्ग्रेस कड़ी निंदा करती है।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि शराबबंदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बनी समितियों में भाग ना लेकर भाजपा ने शराबबंदी में भागीदारी और अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई ? प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि करोना की महामारी के बाद मोदी सरकार द्वारा बिना सुनियोजित रणनीति के किए गए लाख डाउन के परिणाम स्वरूप देश के गरीब मजदूर किसान सब्जी उगाने वाले फुटकर व्यापारी बड़े व्यापारी उद्योग धंधे वाले ड्राइवर और समाज के सभी वर्गों के लोग ही परेशान नहीं है बल्कि देश की सारी राज्य सरकारों के आर्थिक संसाधनों पर गहरी चोट पहुंची है। राज्यों में आर्थिक गतिविधियां शून्य हो गई हैं और राज्य सरकारों को कर्मचारियों के वेतन के साथ साथ करोना से लड़ने में होने वाले अतिरिक्त खर्च भी उठाना है। राज्यों के मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री से आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग पर अब तक केंद्र सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। करोना से लड़ने के नाम पर 65000 करोड रुपए केंद्र सरकार ने पीएम केयर फंड में इकट्ठा तो कर लिया है लेकिन वास्तव में करोना से लड़ाई जमीनी स्तर पर राज्य सरकार के प्रशासनिक कर्मचारी अधिकारी पुलिस के जवान स्वास्थ्य कर्मी डॉक्टर और राज्य की जनता लड़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कोटा से छात्रों को लाने का मामला हो या मजदूरों की राज्य में वापसी के लिए रेल किराए का भुगतान, केंद्र सरकार ने सारी जवाबदारी राज्य सरकारों पर डाल दी है । इन परिस्थितियों में भाजपा राज्य सरकार की करोना के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई में अधिक से अधिक विघ्न डालने और अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने में लगी है। जन-जन को बचाने के लिए करोना के खिलाफ लड़ाई का एक एक कार्य बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र कार्य है। प्राचीन काल में दानवी शक्तियां यज्ञ आदि के पवित्र कार्यों में व्यवधान डालने का काम करती थी। आज छत्तीसगढ़ में करोना के खिलाफ लड़ाई के हर कदम में भाजपा भी विघ्न डालने की उसी दानवी भूमिका में नजर आ रही है।

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने केंद्र की भाजपा मोदी सरकार पर प्रवासी मजदूरों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, मोदी सरकार गरीब प्रवासी मजदूरों से प्रदेश वापसी को लेकर एक तरफ सफर करने वाले मजदूरों से दो तरफ याने आने - जाने दोनों का भाड़ा लिये जाने को वर्तमान हालातो में गरीबी  के साथ अन्याय बताया है।
अन्याय क्या है - दिल्ली से छत्तीसगढ़ सफर का किराया ट्रेन में केंद्र सरकार की एक्स सब्सीडी देने के बाद स्लीपर क्लास की टिकट आम आदमी को 700 ₹ की पड़ती है। यानी आम आदमी के लिए स्लीपर क्लास दिल्ली से छत्तीसगढ़ आना 700 ₹ टिकट है। कोरोना संक्रमण के चलते अब लॉकडाउन 3.0 हुआ । पूरे देश में मजदूरों को रहने खाने की व्यवस्था ठीक से नहीं हो पाई । मजदूर पैदल निकलने लगे। त्रासदी बढ़ने लगी । केंद्र सरकार खामोश बैठे रही। सात से ज्यादा राज्यों ने मजदूरों की प्रदेश वापसी को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाया तो केंद्र सरकार ने न नुकुर कर ट्रेन चलाने की मजबूरी बन गयी, मजबूरी में विशेष ट्रेन चलाए जाने का निर्णय लिया । अब मोदी सरकार को मजदूरो से तो ट्रैन किराया लेना था, वह भी बिना बदनाम हुए, तो पैसा वसूलने की जिम्मेदारी राज्यों को दी गयी। कहा गया टिकट प्रिंट करके ट्रेन में दिया जाएगा और पैसा राज्य मजदूरों से लेकर केंद्र सरकार को देंगे।
देश मे मजदूरों की समस्या से निजात दिलाने कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा सोनिया गांधी जी ने घोषणा की टिकट का पैसा कांग्रेस पार्टी देगी । कुछ राज्यों ने कहा हम अपने लोगों का पैसा देंगे, हल्ला मचा तो मोदी सरकार और नीतीश सरकार ने झूठ फैलाना शुरू किया, बीजेपी सांसद सुब्रमण्यमस्वामी ने झूठा ट्वीट कर कहा की केंद्र सरकार 85% और राज्य 15% पैसा दे रही है। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा भी श्रेय लेने हल्ला करने लगे।
तिवारी ने अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि, ट्रैन से दिल्ली - रायपुर स्लीपर क्लास की टिकिट मूल्य सब्सिडी काटकर 700 रु. है मजदूर को टिकट 50 ₹ का सरचार्ज के साथ 750 रुपये क्यो..?, और फिर केंद्र सरकार द्वारा दी गयी कथित 85% छूट कहा है ? स्लीपर की टिकट हमेशा से आम आदमी को 700 रुपये में मिलता है। क्योंकि मजदूर एक्सप्रेस ट्रेन मजदूरों को छोड़ कर खाली वापस आएगी इसलिए इसे 85% कहना धोखा है। मजदूर को टिकट अतरिक्त 50 ₹ के साथ 750 की पड़ेगा तो केंद्र सरकार ने  कैसी और कौन सी छूट दी है ?प्रवासी गरीब मजदूरों के साथ किस तरह गुणाभाग कर अंक गणित खेला गया यह स्पष्ट उजागर होता है जो सरासर अन्याय है।

पूरब टाइम्स  रायपुर। रजिस्ट्री के लिए लोगों को न करना पड़े दिन-दिन भर इंतजार मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने भूमि और मकानों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और सहज बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि रजिस्ट्री के लिए लोगों को दिन-दिन भर इंतजार न करना पड़े और यह काम मात्र घंटे आधे घंटे पूरा हो सके ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने सभी पंजीयन कार्यालयों में आने वाले लागों की सुविधा के लिए बैठक, छाया और पेयजल की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आवासीय मकानों के रजिस्ट्री शुल्क में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही दो प्रतिशत की रियायत को यथावत जारी रखने के निर्देश दिए हैं। 

 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने पंजीयन विभाग के अधिकारियो ंको दस्तावेजों के पंजीयन में आने वाली समस्याओं को तत्तपरता से दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेन्डर सहित अन्य दिक्कतों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पंजीयन कार्यालय में आने वाले के्रता-विक्रेता को किसी भी तरह की परेशानी न हो यह व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में विभाग ने 1550 करोड़ रूपए के राजस्व के लक्ष्य के विरूद्ध 1640 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, जो लक्ष्य से 5 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से पंजीयन प्रभावित होने से बीते एक माह में लगभग 155 करोड़ की आय प्रभावित हुई है। बैठक में पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से सचिव श्रीमती पी संगीता ने बताया कि छोटे भू-खंडों के पंजीयन से रोक हटने से बीते वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में लाॅकडाउन के बावजूद भी 2 लाख 19 हजार 758 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ जो पिछले वित्तीय वर्ष से 9.19 प्रतिशत अधिक है। अचल संपत्ति का महिलाओं को अंतरण तथा उद्योग स्थापना हेतु स्टाम्प शुल्क में रियायत, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। 

पूरब टाइम्स  रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को दुर्ग जिले के अमलेश्वर में 132 केवी क्षमता के विद्युत उप केंद्र की स्थापना और पाटन स्थित132 केवी क्षमता के विद्युत उप केन्द्र की क्षमता बढ़ाकर 220 केवी करने की मंजूरी प्रदान कर दी हैै।  दुर्ग जिले के अमलेश्वर में नए 132 केवी क्षमता के विद्युत उपकेंद्र की स्थापना और पाटन स्थित 132 केवी क्षमता के विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाकर 220 केवी करने की मंजूरी से इस क्षेत्र के नागरिकों और किसानों को  वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी साथ ही क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा इस महीने की 1 तारीख को यह स्वीकृति प्रदान की गई ।

पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने रायपुर शहर की जीवनदायिनी खारून नदी को प्रदूषण से मुक्त करने के साथ ही भाटागांव से लेकर कुम्हारी तक इसके दोनों किनारों पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने के लिए सर्वेक्षण तथा इसका प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खारून एक्सप्रेस-वे के निर्माण सहित नदी केे सौदर्यीकरण एवं इसके किनारे उपयुक्त स्थलों पर रिक्त शासकीय भूमि पर उद्यान विकसित करने को भी प्लान में शामिल करने के निर्देश दिए। यह प्रोजेक्ट नगरीय प्रशासन, जल संसाधन एवं लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के संयुक्त तत्वाधान में संचालित होगा। 
    मुख्यमंत्री ने बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ. शिव कुमार डहररिया एवं मुख्य सचिव श्री आर.पी.मंडल को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मौका मुआयना कर प्रारंभिक रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में नगरीय प्रशासन विभाग और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  जयसिंह अग्रवाल,  मुख्य सचिव  आर. पी. मंडल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, सचिव नगरीय प्रशासन  अलरमेल मंगई डी., पंजीयक वाणिज्यिक कर  पी. संगीता, राजस्व सचिव सुश्री रीता सांडिल्य, संचालक उद्योग  अनिल टुटेजा,  महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक  धर्मेश साहू, संचालक भूअभिलेख  रमेश शर्मा और मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित।

रायपुर। एम्स रायपुर में कटघोरा की कोरोना मरीज की बेटी को संभालने वाली नर्स आरती देवांगन अब घर पहुंच चुकी हैं। आरती की खुद की भी ढ़ाई साल की बच्ची है। दरअसल, अप्रैल के महीने में प्रदेश के हॉट स्पॉट कटघोरा से आई एक मरीज की नवजात बेटी भी थी, चूंकि उसकी मां का इलाज चल रहा था। लिहाजा कोरोना पेशेंट की दुधमुंही बेटी को संभालने की जिम्मेदारी आरती को मिली। आरती के मुताबिक कोरोना मरीज की बेटी को संभालते वक्त उन्हें उस मासूम की मुस्कान में अपनी बेटी की हंसी दिखाई देती थी। 

उसे ऐसे हालात में संभालना एक अलग अनुभव रहा, इसमें पूरे एम्स स्टॉफ ने भी काफी सपोर्ट किया। इस काम में एक और नर्स भी उसके साथ रही। कोरोना वार्ड में नन्ही बच्ची को संभालने के वीडियो और तस्वीरों ने पूरे देश में काफी सुर्खियां भी बटोरी थी। दरअसल, प्रोटोकॉल के मुताबिक कोरोना वार्ड में मरीजों के बीच काम करने वाला मेडिकल स्टॉफ एक से डेढ़ महीने बाद ही घर पहुंच पाते हैं। कोरोना वार्ड में सेवाएं देने के बाद सभी को 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरियड भी पूरा करना पड़ता है। 

रायपुर की आरती देवांगन ने अप्रैल के दूसरे हफ्ते में कोरोना वार्ड में अपनी सेवाएं दी। इस दौरान उन्हें अपनी ढाई साल की बेटी से दूर रहकर ही काम करना पड़ा। इसके बाद क्वारेंटाइन पीरियड के दौरान भी वो बेटी से नहीं मिल पाई। एम्स में कोरोना ड्यूटी करने के बाद वो हाल ही में घर पहुंची है। अपनी बच्ची के साथ एक अर्सा बाद वो वक्त बिता रहीं है। आरती के मुताबिक कोरोना वॉरियर के तौर पर काम करने के लिए पति से उन्हें बहुत ज्यादा मोटिवेशन मिला। वहीं वार्ड में कोरोना मरीज की बेटी की नन्ही किलकारियों से अस्पताल का पूरा माहौल खुशनुमा रहा। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए सरकार छत्तीसगढ़ फीस विनियमन अधिनियम 2020 बनाने की तैयारी में है। इसको लेकर सरकार ने आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। कोई भी व्यक्ति 15 मई तक इस संबंध में अपने सुझाव सरकार को दे सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक ईमेल आईडी जारी की है। 


संचालक लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से इस संबंध में सूचना जारी कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने फीस विनियमन के प्रारूप की विभिन्न धाराओं पर सुझाव मांगे हैं। इसे बिंदुवार विभाग की ई-मेल dpifee2020@gmail.com पर भेजना है। कोई भी व्यक्ति इस संबंध में अपने सुझाव 15 मई को अपराह्न 3 बजे तक ईमेल पर भेज सकता हैं। इन्हीं सुझाव के आधार पर अधिनियम का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। 

दरअसल, लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्राइवेट स्कूलों से फीस नहीं लेने की अपील बार-बार की थी। बावजूद कुछ स्कूल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे थे। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्राइवेट स्कूलों की फीस को तय किया जाना है। इसे लेकर अनुसंशा देने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिपरिषद उप समिति का गठन किया गया है।