Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है




सहायक परिवहन आयुक्त शैलाभ साहू ने बताया कि बताया कि लॉकडाउन के बाद से प्रदेश में ऑटो व टैक्सी के परिचालन में रोक लगाई थी. जिसे अब यात्रियों के आवागमन को विशेष ध्यान रखते हुए कुछ शर्तों के साथ गुरुवार से परिचालन में छूट दी गई है. इसमें एक जिले से दूसरे जिले में प्रवेश के लिए ई-पास द्वारा अनुमति लेना अनिवार्य है. वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना अनिवार्य किया गया है।




बिकापुर। भारत सरकार आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने आज गाब्रेज फ्री सिटी अंतर्गत स्टार रैंकिंग का रिजल्ट जारी किया है. जिसमें छत्तीसगढ़ से एक मात्र शहर अंबिकापुर नगर निगम को 5 स्टार रेटिंग मिला है. इस बात की जानकारी लगते ही नगर निगम अंबिकापुर के अधिकारी कर्मचारी व शहरवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई. सभी ने खुद पर गर्व महसूस कर रहे। है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कचरा मुक्त स्टार रेटिंग के परिणामों की घोषणा की है। 

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, गुजरात में राजकोट, कर्नाटक में मैसूर, एमपी में इंदौर और महाराष्ट्र में नवी मुंबई को 5-स्टार रेटिंग मिली है. इस मामले में अंबिकापुर महापौर अजय तिर्की ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि अंबिकापुर को अन्य पांच शहरों के साथ फाइव स्टार रैंकिंग मिली है. इसका श्रेय अंबिकापुर के सम्मानित नागरिकों नगर निगम की टीम जनप्रतिनिधि और स्पेशली मीडिया जिसने हमेशा हमें इनकरेज किया है. इन सभी का महापौर ने धन्यवाद दिया. ऐसा ही सहयोग रहा तो निश्चित तौर पर आने वाले समय में हम प्रथम स्थान पर आएंगे। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में सोनिया गांधी पर की गई कथित टिप्पणी पर एफआईआर को ख़ारिज करने अर्णव गोस्वामी की ओर से दायर याचिका आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। अर्णव गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाते हुए मांग की थी कि छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में सोनिया गांधी पर की गयी कथित टिप्पणी पर उनके खिलाफ दायर एफआईआर खारिज किया जाए, साथ ही सभी प्रकरण को मुंबई ट्रांसफर की जाए। इस पर माननीय न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 32 भारत के सविधान में तहत स्वीकार योग्य नहीं है। 

याचिकाकर्ता की याचिका प्रचलन योग्य नहीं है, याचिकाकर्ता को दंड प्रकिया संहिता के तहत, उचित फोरम मे केस फ़ाइल करना होगा, याचिका करता को 3 हफ्ते तक अंतरिम जमानत बढ़ाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का छत्तीसगढ़ के कांग्रेसियों ने स्वागत किया है। छत्तीसगढ़ विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संदीप दुबे, उपाध्यक्ष राजेश दुबे, अटल श्रीवास्तव प्रदेश उपाध्यक्ष, विजय केशरवानी जिलाध्यक्ष, प्रमोद नायक, शहर अध्यक्ष, प्रीतम देशमुख जिलाध्यक्ष विधि कांग्रेस दुर्ग, ओम प्रकाश शर्मा महामंत्री ने स्वागत किया है।

जांजगीर। लॉकडाउन में मजदूर मीलों पैदल चलकर घर जाने का सफर तय करने के लिए मजबूर हैं। नंगे पैर, खाली पेट और सिर पर बोझ लिए यह सफर बहुत लंबा हो गया है। घर पहुंचने का फासला कुछ घंटों से अब दिनों और सप्ताह में बदल गया है। इसके बावजूद अक्सर घर पहुंचने से पहले मिलने वाली खुशी इतनी बढ़ी हो जाती है कि तकलीफें उसके सामने बेकार लगने लगती हैं। छत्तीसगढ़ के जांजगीर मेें क्वारैंटाइन सेंटर से भी ऐसी ही कहानी है। जहां दो महिलाओं ने बेटियों से घर को रौशन कर दिया है। 
अकलतरा ब्लॉक में अलग-अलग जगह क्वारैंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। इन्हीं में से एक तागा स्थित क्वारैंटाइन सेंटर में मुड़ापार निवासी सुनीता पटेल को उसके पति संतोष पटेल व बच्चे के साथ रखा गया है। यह परिवार महाराष्ट्र के पुणे मजदूरी करने के लिए गया था। सुनीता गर्भवती हुई तो ये लौटने की योजना बना रहे थे। इसी बीच लॉकडाउन लग गया। किसी तरह लौटे तो इन्हें क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया। यहां रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां सुनीता ने बेटी को जन्म दिया। 
ऐसी ही कहानी कोटमी सोनार निवासी कविता जोगी की है। उसने भी अकलता के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शाम को बेटी को जन्म दिया है। यह कविता की पहली संतान है। कविता अपने पति संतोष जोगी के साथ कुछ दिन पहले ही  अहमदाबाद से लौटी है। इसके बाद उसे आरसमेटा स्थित क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। फिलहाल, महिला चिकित्सक ललिता टोप्पो ने बताया कि दोनों महिला और बच्चियां स्वस्थ हैं। जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस में नई नियुक्तियां.की गई हैं 13 जिलों में नए जिला कांग्रेस महिला अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है. प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से जारी सूची में. राजनांदगांव शहर अध्यक्ष रोशनी सिन्हा, राजनांदगांव ग्रामीण अध्यक्ष रामछत्री चन्द्रवंशी, कवर्धा शहर अध्यक्ष रानू दुबे, कवर्धा ग्रामीण अध्यक्ष गांगोत्री योगी, मुंगेली शहर अध्यक्ष नूरजहां बेगम नूर, मुंगेली ग्रामीण अध्यक्ष ललिता सोनी, कोरबा शहर अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, जांजगीर चाम्पा अध्यक्ष गीता देवांगन, बीजापुर ग्रामीण अध्यक्ष गीता कमल गीतू, सूरजपुर ग्रामीण अध्यक्ष आनंद कुंवर, बलरामपुर शहर अध्यक्ष भागमन मरावी, बलरामपुर ग्रामीण अध्यक्ष नीलम पटवा और गौरेला पेंड्रा मरवाही अध्यक्ष गजमति भानु को नियुक्त किया गया है। 

रायपुर। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर रेडी टू ईट की सामग्री और सूखा राशन वितरित करने और कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करने के काम की प्रशंसा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नये मरीज मिल रहे हैं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुन: घर-घर भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए और संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ऐसे मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करायी जाए. मुख्यमंत्री बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय पर आयोजित महिला और बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में शुरू किए गए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अच्छे परिणाम सामने आए हैं. इस अभियान के परिणाम स्वरूप प्रदेश के 62 हजार 617 बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं. कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन अवधि के सुरक्षात्मक उपायों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 24 लाख 38 हजार हितग्राहियों को रेडी टू ईट और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत 3 लाख 62 हजार से अधिक हितग्राहियों को सूखा राशन घर-घर पहुंचाया जा रहा है और बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे का काम भी किया जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं और बच्चों को पोषण आहार पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के कार्य की सराहना की है। 

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 90 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने हितग्राहियों के घरों में जाकर सामग्री वितरण के साथ-साथ लोगों को कोरोना से बचाव के संबंध में जागरूक करने का काम किया है.बैठक में बताया गया कि बस्तर क्षेत्र में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए अण्डा वितरण प्रारंभ किया गया है, जिसे बच्चे पसंद कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर ही अण्डा लिए जाएं. इससे मुर्गी पालन से जुड़े स्थानीय लोगों को फायदा होगा. उन्होंने गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए.सीएम बघेल ने कहा कि इससे बच्चों के लिए ताजे अण्डे मिलेंगे, परिवहन का व्यय कम होगा और महिला समूहों को भी काम मिलेगा। 

मुख्यमंत्री ने गौठानों में मनरेगा से मुर्गी पालन के लिए शेड का निर्माण कराने और स्व सहायता समूहों को डीएमएफ तथा सीएसआर मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने स्व सहायता समूहों को शहद उत्पादन से जोडऩे के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों और महिलाओं को मुर्गी पालन और शहद उत्पादन के लिए सहायता दी जा सकती है. बैठक में जानकारी दी गई कि लॉकडाउन के समय बच्चों को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से घरों में ही रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे के लिए यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से प्रारंभ किए गए सजग और चकमक अभियान में बच्चे काफी रूचि ले रहे हैं. इन कार्यक्रमों से अब तक 18 लाख बच्चे जुड़े हैं. इस अभियान में बच्चों को स्थानीय बोलियों में बालगीत, कविता, कहानियों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस वर्ष प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार साडिय़ां वितरित की जाएंगी. प्रतिवर्ष कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दो-दो साडिय़ां यूनिफार्म के रूप में दी जाती हैं.सीएम बघेल ने इस योजना के माध्यम से बुनकरों को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए थे. बैठक में बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान समाज कल्याण विभाग ने समाज सेवी संगठनों की सहायता से प्रतिदिन लगभग 25 हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था की गई और 27 हजार परिवारों को राशन सामग्री वितरित की गई. इसके साथ ही घुमंतू अद्र्ध विक्षिप्त और मानसिक रूप से अविकसित व्यक्तियों को सहारा देकर उनके भोजन और रहने की व्यवस्था भी विभाग द्वारा की गई. लॉकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके इसके लिए विभाग द्वारा संचालित विशेष स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को आनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है। 

रायपुर। कोरोना वायरस से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ में धारा 144 आगामी 3 महीने के लिए बढ़ा दी गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं। नियमों का पालन हो सके इसके लिए सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से यह फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि राज्य में कई जगहों पर अभी भी कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति बनी हुई है। 

आदेश के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहित, 1973 (1974 का 2) और धारा 144 (4) के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें, छत्तीसगढ़ में करीब एक हफ्ते तक कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया था और एक्टिव कोरोना केस की संख्या सिर्फ 3 रह गई थी। लेकिन पिछले दो दिनों में एक के बाद एक केस मिलने से राज्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। रविवार को छत्तीसगढ़ में एक सा​थ कोरोना के 16 नए मामलों की पुष्टि हुई।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की स्थिति अभी तक गंभीर बनी हुई है। लेकिन अजीत जोगी के सोमवार सुबह जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, उनके मस्तिष्क में खून का प्रवाह देखा गया। डॉक्टर इसे अच्छा संकेत बता रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इससे मस्तिष्क की गतिविधियों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। फिलहाल डॉक्टर अजीत जोगी के मस्तिष्क समेत सभी अंगों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनकी स्थिति अभी तक चिंताजनक बनी हुई है। अजीत जोगी जोगी अभी भी कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर के जरिए सांस दी जा रही है।

धमतरी। लॉकडाउन के बिच में गुटखा बनाने का भांडाफोड हुआ हैं। पुलिस ने जिला प्रशासन की छापे में कई चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार शहर में अवैध गुटखा बनाने का खेल लंबे समय से जारी है। जिसके उदाहरण पूर्व में भी सामने आ चुके हैं। शनिवार की सुबह फिर एक मामला सामने आया। बताया गया कि नया बस स्टैंड के पीछे एक राइस मिल के गोदाम में अवैध जर्दायुक्त गुटखा बनने की शिकायत थी। जहां जिला व पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मार कार्रवाई की और अवैध गुटखा बनाने का जखीरा बरामद किया है। साथ ही वहां से मशीनें भी बरामद हुई है। 

राईस मिल संचालक ने गोदाम को किराये से दिया था, उसे इस बारे में कुछ नहीं मालूम है। बहरहाल इस संबंध में ड्रग और फूड विभाग से चर्चा करने संपर्क किया गया, मगर संपर्क नहीं हो पाया। चूंकि कार्यवाही में पुलिस विभाग की टीम भी थी, तो फिर इस संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी भावेश गौतम से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि गोदान से कच्चा माल और मशीनें जप्त की गई है, आगे की कार्यवाही ड्रग एवं फूड विभाग कर रहा है।


अंबिकापुर। ऑनलाइन ठगी का मामला बढ़ता जा रहा है। खुद को फोन पे का अधिकारी बता कर लोगों को हजारों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। पिछले एक माह में कोतवाली अंतर्गत ठगी के ऐसे 3 मामले सामने आ चुके हैं। ठगी का शिकार पढ़े-लिखे लोग ज्यादा हो रहे हैं। बुधवार को शहर की एक युवती 19 हजार 862 रुपए का ठगी का शिकार हो गई। लडक़ी के भाई ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। शहर के सत्तीपारा निवासी निशा सोनी का गुरुद्वारा एसबीआई शाखा में बचत खाता है। वह रुपयों की लेन-देन करने के लिए अपने मोबाइल पर फोन पे एप्प इस्तेमाल करती है। बुधवार को अज्ञात व्यक्ति ने अपने आप को फोन पे का अधिकारी बताते हुए निशा के मोबाइल पर फोन किया और बताया कि पे फोन यूज करने में किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं आ रही है।

इस दौरान उसने 19862 का एक कोड युवती के मोबाइल पर दिया और इसे फोन पे एप्प में डालने कहा। युवती द्वारा फोन पे पर कोड डालते ही उसके खाते से 19 हजार 862 रुपए कट गए। खाते से रुपए कटने का मैसेज आने के बाद युवती के भाई शुभम सोनी ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 420 व 66 डी के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। कोतवाली क्षेत्र में पिछले 20 दिन के भीतर फोन पे एप्प का अधिकारी बनकर अज्ञात लोगों ने शहर के 3 लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। अक्सर देखने में आया है कि ठगों के झांसे में पढ़े-लिखे लोग ही आ रहे हैं। वे लालच में फंसकर रुपए गंवा रहे हैं।

रायपुर। पूरा देश जहां कोरोना संक्रमण से लगातार बचाव के उपाय कर रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में लापरवाही सामने आई। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों भोपाल से कोरबा जा रहे 7 लोगों को चिल्फी बॉर्डर के पास क्वॉरेंटाइन किया गया था। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि भोपाल से कोरबा आ रहे 7 लोगों में 5 लड़कियां और दो पुरुष शामिल हैं। वही पांच लड़कियों को अभी भी क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया है। दो लड़कों को बिना सैंपल लिए घर भेज देना स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही को उजागर करता है।

वहीं इस मामले में एसडीएम विनय सोनी और स्वास्थ्य अधिकारी पीएल कुर्रे के रवैया से लोग खासे परेशान हैं। मीडिया ने जब इस मामले में एसडीएम से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने तहसीलदार से जानकारी लेने की बात कही और जब हमने तहसीलदार से बात की तो एसडीएम का हवाला देते नजर आए। वहीं सूत्रों के हवाले से इस बात की खबर मिली है कि एसडीएम के गैर जिम्मेदाराना रवैया से पूरे जनपद सदस्य भी खासे परेशान हैं।

अंबिकापुर। कोरिया जिले के हल्दीबाड़ी में सेलून का संचालन करने वाले एक नाई के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद लोगाें में दहशत का माहौल है। दरअसल सैलून संचालक 57 लोगों के संपर्क में आया है। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह व्यक्ति उत्तरप्रदेश के फतेहपुर से अंबिकापुर आने के बाद अपने कारोबार में लगा था।

धमतरी। लॉकडाउन के बीच शराब दुकानों को संचालित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती शराब दुकानों में भी की गई है। जिससे फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए शराब की बिक्री हो सके। शासन द्वारा संचालित इन शराब दुकानों के आसपास निषेधाज्ञा का उल्लंघन तो खुलेआम हो ही रहा है। वहीं महिला आरक्षकों को शराब दुकानों में तैनात करने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। नशे की हालत में शराब खरीदने पहुंचने वाले शराबी मौके पर तैनात महिला आरक्षकों पर छिंटाकशी भी कर रहे हैं। शर्मिंदगी का दंश झेलते हुए महिला आरक्षक उच्चाधिकारियों के आदेश पर शराब दुकानों में ड्यूटी करने विवश हैं।

सरकार के निर्देशानुसार धमतरी कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रजत बंसल ने जिले की सभी देशी-विदेशी मदिरा दुकानों को सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक खुले रखने के निर्देश दिए हैं। शराब दुकानों में व्यवस्था बनाने बड़ी संख्या में पुलिस की भी ड्यूटी लगाई गई है। व्यवस्था बनाने के नाम पर पुरुष आरक्षकों के साथ-साथ अब महिला आरक्षकों की भी ड्यूटी लगा दी गई है। जिससे उन्हें जहां शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।

शहर सीमा से लगे दानीटोला वार्ड के शराब दुकान में दो महिला आरक्षकों की ड्यूटी है। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर महिला आरक्षकों की ड्यूटी आबकारी विभाग द्वारा लगा दी गई है। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी मोहित जायसवाल का कहना है कि महिला आरक्षकों की ड्यूटी केवल पेट्रोलिंग टीम में लगाई गई है। शराब दुकानों के पास नियमित रूप से ड्यूटी नहीं लगाई गई है। जबकि हकीकत सबके सामने है।





रायगढ़। इस वक़्त कोविड -19 ने पूरी दुनिया की जैसे रफ़्तार ही रोक दी है.भारत में भी कोरोना वायरस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है.सारे उद्योग धंधे ,कल कारखाने करीब करीब बंद हो गये हैं.सारे प्रवासी मज़दूर अपने अपने घरों की ओर कूच कर रहे हैं.अचानक 24 मार्च से लॉक डाउन होने और लगातार इसकी अवधि बढ़ने से लोगों के सामने रोज़ी रोटी का मसला खड़ा हो गया है.लोग यही सोच में थे की उनका भरण पोषण आखिर कैसे होगा।

इन हालात में वनांचल क्षेत्र में बसने वाले आदिवासी परिवारों द्वारा वनोपज संग्रहण कर अपनी ज़िन्दगी में हरियाली महसूस की है ,वनविभाग ने अच्छी कीमत पर 22हज़ार क्विंटल लघु वनोपज क्रय कर इन्हें मालामाल कर दिया है.महज़ माह भर के भीतर धरमजयगढ़ वनमंडल में दस हज़ार से अधिक परिवारों ने विभिन्न प्रकार के वनोपज का संग्रहण किया है.जिन्हें वन विभाग ने लग लगभग 62 लाख का भुगतान कर क्रय किया है।

लॉक डाउन के समय में जब लोगों के आय के सारे साधन बंद हो चुके हैं ऐसे में वनविभाग की ये पहल वनांचल क्षेत्र में रचने बसने वाले ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आपको बता दें वनविभाग द्वारा प्रति वर्ष गर्मी के सीजन में चरौठा बीज,हर्रा गोटा,नागरमोथा,धावई फूल, फूल,महुवाफूल ,इमली ,फूल इमली ,बहेड़ा ,बहेड़ा कचरिया,शहद ,बेल गुदा,करंज बीज ,मेहुल पत्ता ,सवाई घास ,इमली बीज ,काँटा झाड़ू ,भेलवां ,गिलोय ,आदि विभिन्न तरह के वनोपज की खरीदी की जाति है।

इन दिनो जंगल में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए आदिवासी वनोपज संग्रहण कर रहे हैं.इन परिवारों के पास भरपूर काम है ऐसे में धरमजयगढ़ डीएफओ प्रियंका पांडेय व उनकी टीम द्वारा वनांचल क्षेत्र में बसने वाले लोगों को प्रेरित किया जा रहा है ,उनकी हौसला अफ़ज़ाई की जा रही है.ताकि इस सीजन में वे अधिक से अधिक अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। उल्लेखनीय है के महुवा फूल का संग्रहण करआदिवासी परिवारों द्वारा हर साल अतिरिक्त आमदनी कमाई की जाति है।

पूर्व में वनविभाग द्वारा समिति के माध्यम से 17 रूपये प्रति किलो की दर से महुवा फूल की खरीदी की जाति थी लेकिन राज्य सरकार ने कोरोना वायरस और लॉक डाउन को देखते हुए आदिवासी परिवारों को अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने की गरज़ से अब 17रूपए किलो के बजाय 30रूपए प्रति किलो की दर से महुवा फूल की खरीदी की जा रही है.शासन से आदेश मिलते ही धरमजयगढ़ वनमंडल में महुवा की खरीदी 30 रूपए प्रति किलो के रेट से की जा रही है.जिससे अंचल के ग्रामीणों के जीवन में हरियाली और उनके चेहरे पर मीठी मुस्कान साफ़ झलक रही है।



बिलासपुर। कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर समेत कई जिलों में नमक की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों राज्य में नमक की किल्लत को लेकर उड़ी अफवाहों के कारण लोग नमक खरीदने टूट पड़े हैं। हालात ऐसे हैं कि महीने में जिन लोगों को एक से दो पैकेट की जरूरत होती थी, वो बोरी भरकर नमक ले जा रहे हैं। तीन से चार गुना दाम पर नमक खरीद रहे हैं।

अफवाह उड़ने के बाद कलेक्टर ने तीन विभागों की जांच टीम बनाई है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन इस पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में नाकामयाब रहा है। टीम केवल छापामार कार्रवाई तक ही सीमित रह गई है और बेखौफ कालाबाजारी अभी भी जारी है। बता दें कि अफवाह उड़ने के बाद मंगलवार को तखतपुर के किराना दुकानों में आसापस के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग बोरी भरकर तीन से चार गुना दाम नमक खरीदने लगे। रिटेलरों ने एक पैकेट की कीमत 45 से 50 रुपये तक लोगों से वसूले।आश्चर्य की बात यह है कि लोग कीमत अदा करते रहे और संतोष जताते रहे कि ज्यादा कीमत में ही सही मिल तो गया। 

स्टॉकिस्ट से लेकर रिटेलर लोगों की जेब हल्की करने में लगे हुए हैं और विभागीय टीम उनतक पहुंच नहीं पा रही है। चार से पांच दिनों बाद भी नमक की कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लग सका है। बिलासपुर के कलेक्टर डॉ.एसके अलंग ने निर्देश दिया तो खाद्य,नापतौल व खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई, लेकिन टीम शहरी व ग्रामीण इलाकों में घूमती रह गई, कालाबाजारी पर अब तक अंकुश नहीं लग सका है। संयुक्त टीम ने गुरुवार को 20 किराना दुकानों की जांच की और सात किराना दुकानदारों पर कालाबाजारी के आरोप में 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।



प्रदेश में सर्वाधिक 28 मरीज कोरबा जिले से पाए गए. दूसरे स्थान पर दुर्ग रहा जहां 10 मरीज मिले. तीसरे नंबर पर राजधानी रायपुर जहां 7,  सूरजपुर में 6,  कवर्धा में 6, और अब बालोद, राजनांदगांव व बिलासपुर से एक-एक पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं. प्रदेश में यह जो नया मरीज मिला है वो तकरीबन 10 दिन बाद मिला है. इसके पहले 5 मई को कोरोना पॉजिटिव मरीज पाया गया था। 

संबलपुर। फेसबुक में दोस्ती के बाद दो प्रेमियों के बीच प्यार परवान चढ़ने लगा. घंटों दिन-रात बाते होने लगी. वाट्सअप में चैट और देर रात तक वीडियो कॉलिंग भी होती रही. लेकिन युवक के बेवफा होने के बाद युवती ने ऐसा कदम उठा लिया, जिससे उसे 21 दिनों के लिए ओड़िशा सरकार ने क्वारेंटाइन कर दिया। दरअसल ओड़िशा के संबलपुर जिले के मानेश्वर प्रखंड की रहने वाली युवती को सुंदरगढ़ के राजगांगपुर निवासी युवक से  फेसबुक में दोस्ती हुई. धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई औऱ फिर प्रेमी बेवफा हो। गया। 

अपने प्रेमी के इस कदम से प्रेमिका सदमें में आ गई. इसी बीच लॉकडाउन हो गया औऱ फिर भी प्रेमिका का किसी तरह कोई संपर्क अपने प्रेमी से नहीं हो सका. इसके बाद प्रेमिका अपना घर परिवार छोड़कर वह प्रेमी से मिलने पैदल मानेश्वर से राजगांगपुर करीब 200 किमी के सफर पर निकल पड़ी। कुछ दूर चलने के बाद रास्ते में महाराष्ट्र से लौट रहे श्रमिकों को लेकर आ रही ऑटो में युवती बैठकर बामड़ा पहुंची. वहां पहुंचने के बाद उसने प्रेमी से फोन पर संपर्क किया लेकिन बेवफा प्रेमी ने उसके फोन का कोई जवाब नहीं दिया। 

इसी बात से दुखी होकर प्रेमिका जोर-जोर से रोने लगी. युवती को रोते देख किसी ने गोविदपुर पुलिस को सूचना दे दी। जिसके बाद पुलिस ने युवती को थाने ले जाकर पूछताछ की तो उसने पूरी बात बता दी. पुलिस ने युवती के घरवालों को सूचना देकर महाराष्ट्र से आए श्रमिकों के संपर्क में आने की वजह से बामड़ा तहसीलदार को भी मामले की जानकारी दी. जिसके बाद युवती को बामड़ा प्रखंड के पिडापत्थर क्वारंटाइन सेंटर में 21 दिनों के लिए क्वारेंटाइन कर दिया गया है। अब इंतेजार है उसके कोरोना टेस्ट रिपोर्ट का, जिसके बाद ये तय होगा कि युवती क्वारेंटाइन सेंटर से अपने घर जाएगी या उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा.