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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



रायपुर। कल से होटल शुरू होने वाले हैं। होटलों में इसकी तैयारी भी पूरी हो गई है। कोरोना के चलते होटल संचालकों ने शासन के नियमों के साथ ही सुरक्षा को देखते हुए अलग से नियम बनाए हैं। इसके तहत अब होटलों में जाने वाले ग्राहकों को गर्मागरम व ताजा खाना ही मिलेगा। उपभोक्ता को जो भी खाना परोसा जाएगा, पहले उसका तापमान देखा जाएगा। खाने का तापमान 75 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। साथ ही ज्यादा स्टार्च वाली सामग्री को मैन्यू में शामिल नहीं किया जाएगा।
होटलों में कोई बफे नहीं होगा और दो टेबलों के बीच में छह फीट की दूरी रहेगी। होटल के स्टाफ मास्क और ग्लब्स पहने रहेंगे। खाना बनाने वाले शेफ के लिए तो यह भी नियम रहेगा कि हर 20 मिनट के बाद उन्हें हाथ धोना होगा। किचन को भी हर दो घंटे में सैनिटाइज करना होगा। उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार उन्हें डिस्पोजेबल में सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। एक निजी होटल के शेफ आनंद राठौड़ ने बताया कि इन सावधानियों के साथ मैन्यू में बदलाव किया जा रहा है।
होटल के साथ ही उन्हें सब्जियां व अन्य सामग्री सप्लाई करने वाले सप्लायरों की भी अच्छी तरह से जांच होगी। देखा जाएगा कि सप्लायर मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। होटल में प्रवेश के पहले ही पूरे स्टाफ के शारीरिक तापमान को मापा जाएगा और उन्हें मास्क व ग्लब्स पहनने के बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा। इसी तरह आने वाले मेहमानों की भी जांच होगी। मॉल संचालक सोमवार से मॉल शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली थी, लेकिन अब मॉल नहीं खुल सकेंगे।

रायपुर। धार्मिक स्थानों को 8 जून से खोलने का फैसला केंद्र ने राज्य सरकाराें पर छोड़ दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने शनिवार की शाम नई गाइडलाइन जारी कर धार्मिक स्थानों को खोलने की अनुमति दे दी है। राज्य सरकार का आदेश आने के बाद धार्मिक केंद्रों ने भी संक्रमण से सुरक्षा के लिए जरूरी कवायद शुरू कर दी है। कई मंदिर-मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों में शनिवार की देर रात तक सेनिटाइजर टनल इंस्टॉल करने का काम चलता रहा। 

सोमवार को जरूरी सावधानियों के साथ धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। यहां आने-जाने वालों को सभी नियमों का पालन करना होगा। धार्मिक स्थलों को खोलने से तैयारी पहले से ही शुरू कर दी गई है। शनिवार को सभी जगहों में सफाई का काम पूरा किया गया। रविवार को धार्मिक स्थानों को सेनिटाइज किया जाएगा। इन सभी जगहों में किसी को भी बिना मास्क प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

मंदिर आने वाले लोगों से कहा गया है कि वे बाजार से लाया हुआ प्रसाद न चढ़ाएं। मस्जिदों में लोग कालीन या चटाई के बजाय फर्श पर नमाज पढ़ेंगे। गिरजाघरों में अब भी लोगों के आने-जाने पर पाबंदी रहेगी। ईसाई समाज के प्रमुखों के फैसला होने तक ऑनलाइन आराधना ही जारी रहेगी। इधर, गुरुद्वारों में लंगर तो होगा, लेकिन लोगों को बिठाकर खिलाने के बजाय उन्हें पार्सल दिया जाएगा। 

राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक धर्म स्थलों के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं। इनके पालन कराने की जिम्मेदारी धार्मिक स्थलों का संचालन करने वाली समितियाें की हाेगी। धार्मिक स्थलों को खोलने से पहले तैयारी भी शुरू कर दी गई है। शनिवार को ही इन सभी जगहों में जरूरी सफाई का काम पूरा किया गया। रविवार को धार्मिक स्थानों को सैनिटाइजेशन किया जाएगा। इन सभी जगहों में किसी को भी बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 


रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से तीसरी मौत हुई है। एम्स रायपुर में वेंटिलेटर पर रखी गई जगदलपुर की युवती ने देर रात दम तोड़ दिया। इसके साथ ही प्रदेश में शुक्रवार को 127 नए संक्रमित मिले। मंदिरहसौद थाने का हबलदार भी कोरोना संक्रमित पाया गया। जिसके बाद पूरे थाने के स्टाफ को क्वारेंटाइन कर दिया गया है। कोरबा फिर से हॉट स्पॉट बन गया है। शुक्रवार को कोरबा में 40, रायपुर में 4 समेत 127 नए मरीजों की पहचान हुई है। इनमें रायगढ़ से 18, बलौदाबाजार से 16, बिलासपुर से 14, जांजगीर से 8, राजनांदगांव व दुर्ग में 6-6, सरगुजा से 5, जशपुर व बालोद में 4-4, कवर्धा में 2 मरीज शामिल हैं।

कांकेर। छत्तीसगढ़ में फिर एक जवान ने आत्महत्या कर ली. घटना उत्तर बस्तर कांकेर में पंखाजुर क्षेत्र की है. मृतक जवान का नाम सुरेश कुमार है. वह बीएसएफ संगम कैंप-157 वीं बटालियन पंखाजुर में तैनात था. स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सुरेश कुमार डेली रुटीन अनुसार साथी जवानों के साथ गस्त पर निकला हुआ था. सुबह 4 बजे वह अपने साथियों के साथ गस्त से वापस लौट रहा था. इसी दौरान उन्होंने खुद को सर्विस रायफल से गोली मार ली। 


गौरतलब है कि हाल के कुछ दिनों बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बल के जवानों में आत्महत्या करने, एक-दूसरे पर गोली चलाने की घटनाएँ काफी हुई हैं. इन घटनाओं से प्रतीत होता है कि जवान मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं. हालांकि सरकार की ओर से जवानों में तवान को दूर करने कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. राज्य सरकार की ओर से अभी एक कार्यक्रम स्पंदन की शुरुआत भी की गई है। 


रायपुर। भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर मे ग्राम पंचायत धरसींवा अंतर्गत ग्राम धरसींवा,थाना धरसींवा में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।अपर कलेक्टर ने पूर्व में राकेश यादव के घर के पास,पश्चिम में संदीप दुकान के पास,उत्तर में पानी टंकी के पास और दक्षिण में अब्दुल हमीद के घर के पास को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया है।

कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत  प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिश्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी या आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज लिया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी  आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। 

कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।  मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 

कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे। कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।

मुंगेली। मुंगेली में एक पुलिस आरक्षक के कोरोना संक्रमित होने के बाद अब पूरे थाना को सील कर क्वारंटाइन सेंटर बना दिया गया है. वहीं थाना में कार्यरत तमाम पुलिस कर्मियों को थाना के भीतर ही क्वारंटीन कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि जिले के फास्टरपुर थाना में पदस्थ एक आरक्षक के संक्रमित पाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जिसके बाद थाना को ही क्वारंटाइन सेंटर बना दिया गया और तमाम स्टाफ को उसके अंदर क्वारंटाइन कर दिया गया. इसके साथ ही सभी 37 पुलिस कर्मियों का सेंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। 

उधर इस मामले में एडिश्नल एसपी कमलेश्वर चंदेल का कहना है कि पुलिस कर्मी के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद बड़े पैमाने पर पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारियों का सैम्पल जांच के लिए भेजा गया है. इसके अलावा ड्यूटी में तैनात पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था के साथ ही सोशल डिस्टेंसिग के साथ काम करने निर्देशित किया गया है। 

रायपुर। रायपुर नगर निगम में एक जोन कमिश्रर का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जोन कमिश्नर पर अवैध वसूली का आरोप भी मढ़ा जा रहा है, लेकिन जोन कमिश्नर चंदन शर्मा से जब इस पर पूरी चर्चा की तो बात कुछ और ही सामने आई। चंदन शर्मा ने बताया कि अवैध पार्किंग संचालन पर कार्रवाई की तैयारी नगर निगम की ओर से की जा रही है। दरअसल, लॉकडाउन की वजह से टेंडर प्रक्रियाधीन है, इस वजह से पार्किंग टेंडर का दस्तावेजी कार्य पूरा नहीं हो पाया है और अवैध वसूली के मामले से इंकार किया है।

वायरल वीडियो का अवलोकन करने पर भी वसूली जैसे तथ्य सामने नहीं आ रहे हैं। जोन कमिश्रर चंदन शर्मा ने कहा है कि अवैध पार्किंग का संचालन किसी भी हाल में किसी भी क्षेत्र में नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए जांच की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि लॉकडाउन की वजह से टेंडर प्रक्रिया रूक गई थी, हालांकि किसी भी तरह से अवैध पार्किंग में चार्ज वसूलने से उन्होंंने इंकार किया है। जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, उसमें तथ्यपूर्ण जानकारी भी सामने नहीं आ रही है।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास परिसर में अमरूद, आम और बोहार लसोड़ केे पौधे लगाए। भूपेश बघेल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी अपने घरों में या आसपास एक पौधा अवश्य लगाएं और इसे जीवित रखने की जिम्मेदारी लें। चाहे वो फलदार वृक्ष का पौधा हो, चाहे इमारती लकड़ी का या फूल का हो। इससे हमारे आसपास का वातावरण अच्छा होगा, शुद्ध ऑक्सीजन हमको मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा हरियाली होगी।

भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ काफी भाग्यशाली है कि यहां 44 प्रतिशत क्षेत्र में जंगल हैं। हमारे पुरखों ने इन जंगलों को सहेज कर रखा। इसके महत्व को हमारे पूर्वज बेहतर समझते थे। हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और हमारा जनजीवन इनसे जुड़ा हुआ है, यदि पेड़-पौधे नहीं होते, तो तापमान कितना बढ़ जाता। प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाता है और इससे बड़े भारी नुकसान का सामना हमको करना पड़ता। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पेड़ वाईफाई देते, तो पता नहीं कितने पेड़ लग जाते, लेकिन यह केवल ऑक्सीजन देते हैं।

ऑक्सीजन हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैला हुआ है और केवल देश में ही नहीं पूरे विश्व में, ऐसे समय में शुद्ध वातावरण का कितना महत्व है यह हर व्यक्ति समझ रहा है। छत्तीसगढ़ इस मामले में भाग्यशाली है कि यहां 44 जंगल है, जिसे हम सबने बचा के रखा है और इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी हम सब की है। पर्यावरण दिवस के अवसर पर मैं सभी से आग्रह करना चाहता हूं कि एक पेड़ अवश्य लगाएं और उसे जीवित रखने की जिम्मेदारी स्वयं लें ताकि पेड़-पौधे बढ़े, हरियाली हो चाहे वह पौधा फलदार हो, चाहे इमारती लकड़ी का हो, चाहे फूल के पौधे हो, जिससे हमारे आसपास में वातावरण अच्छा हो, शुद्ध ऑक्सीजन हमको मिल सके और ज्यादा से ज्यादा हरियाली हो।

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में जारी 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से किसानों में हर्ष की लहर है। कांग्रेस ने कभी भी किसानों की कहीं कोई सुध नहीं ली तथा न्यूनतम मूल्य बढ़ाने में भारी कंजूसी की है। वर्ष 2006-07 में केंद्र सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य मात्र 10 रू. प्रति क्विंटल बढ़ाकर 580 रू. किया गया था, इसी प्रकार मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नही की थी और यथावत 540 ही रखा गया था। अरहर के समर्थन मूल्य में मात्र 10 रू. वृद्धि कर मात्र 14 सौे रुपए प्रति क्विंटल किया गया था।

उन्होंने कहा कि वहीं मूंग और उड़द दोनों का समर्थन मूल 1520 रुपए प्रति क्विंटल था जिसमें कोई वृद्धि नहीं की गई थी, पीला सोयाबीन में मात्र 10 रू. का वृद्धि कर प्रति क्विंटल 1020 रू. किया गया था यदि हम 5 वर्षों का लेखा-जोखा देखें तो 2005-06 से 2009-10 तक कुल 5 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने बाजरा में 315 रुपए की, सोयाबीन में 380 रू., मुंग में 1240 रू. की वृद्धि की थी जबकि मोदी सरकार ने 2016-17 से 2020-21 के मध्य 5 वर्षों में बाजरा में 820 रू., की सोयाबीन में 1105 रू., मून्ग में 1971 रू. की वृद्धि की है। वही धान में इन्हीं वर्षों में कांग्रेस सरकार ने 380 रू. को बीजेपी सरकार ने 398 रू. प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा खरीफ और रबी की फसलो में 2005 की स्थिति से 2020 की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्यों में तीन से चार गुणा वृद्धि की गई है जो मोदी सरकार का किसानों के प्रति लगाव को बताता है। वही 2005 व 2020 की स्थिति में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 570 रू. था जो आज 1868 रुपया है। इसी प्रकार मूंग 1520 रू. से 7196 रू. हो गया। अरहर का 1400 रू. से 6000 रू. हो गया, सोयाबीन का 1010 रू. से 3880 रू. हो गया। 

इस प्रकार अन्य सारी फसलो की भी मूल्यों में तीन से चार गुणा वृद्धि की गई हैं। मोदी सरकार के द्वारा 2018-19 में धान में 200 रू., बाजरा में 525 रू.उड़द में 200 रू., अरहर में 225 रू. व मूंग में 1400 रू. की वृद्धि की गई थी जो कांग्रेस सरकार के द्वारा 2013-14 की वृद्धि तीन से चार गुना है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस के नेताओं ने गंगाजल हाथ में लेकर जनता से झूठा वादा किया था कि धान लेते ही 2500 रू. क्विंटल की दर से भुगतान किया जावेगा मगर कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के किसानों को 1815 रुपए के हिसाब से प्रति क्विंटल धान का भुगताना न किया और यह राशि भी उसे केंद्र सरकार से प्राप्त हुई है। 

यह राज्य की राशि नहीं है। राज्य से उन्हें जो 685 रू. प्रति क्विंटल की राशि देनी थी मगर उन्होने इस वित्तिय वर्ष में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के नाम से उक्त राशि चार किस्त में दिये जाने का कार्य कर रही है। वास्तव में यह योजना राजीव गांधी किसान योजना के बजाय राजीव गांधी किसान उधार योजना है और सरकार अपना उधार चार किस्त में चुका रही है। वही कृषि लागत के दाम कांग्रेस ने बढ़ाया है। मोदी सरकार ने इन छह साल में कृषि लागत को नही बढ़ाया है।खाद के दर भी नहीं बढ़े हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज जिले के लिए बारिश या आंधी या धूलभरी आंधी की संभावना के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया था। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के ज्यादातर हिस्सों में आज बादल छाए रहने की संभावना है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी।

मौसम विज्ञान केंद्र की जानकारी के अनुसार अगले तीन दिन मौसम में बदलाव के संकेत हैं। आसमान में छाए बादलों से शाम होते-होते कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी। प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर बूंदाबांदी होने की संभावना है। वहीं, दोपहर दो बजे के बाद देर रात तक अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें हो सकती है।

राजनांदगांव। शहर के पेंड्री में बने कोविड-19 अस्पताल में कोरोना पीड़ित लगभग 36 मरीजों का इलाज चल रहा है. उसी परिसर के मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल की छत पर जूनियर डॉक्टरों ने तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम बजाते हुए शराब और चिकन पार्टी की. जूनियर डॉक्टरों के हल्ले से तंग आकर लोगों ने पार्षद से शिकायत की और फिर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पार्टी बंद करवाई।  

कोरोना महामारी के बीच एक जगह पर लोगों को इकट्ठा नहीं होने देने के चलते धारा 144 लागू की गई है और इसका कड़ाई से पालन भी कराया जा रहा है. यही वजह है कि धार्मिक और राजनीतिक रैलियों, प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है. शादी समारोह में अधिकतम 50 व्यक्ति को शामिल होने की इजाजत है तो वहीं अंतिम संस्कार में महज 20 व्यक्तियों को शामिल होने की छूट दी गई है। 

 ऐसे में कोरोना संक्रमण से जंग में प्रथम पंक्ति पर खड़े जूनियर डॉक्टरों ने राजनांदगांव शहर के पेन्ड्री स्थित कोविड-19 मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से लगे हॉस्टल की छत पर जमकर शराब और चिकन पार्टी की. इस दौरान लगभग 50-60 जूनियर डॉक्टर इस पार्टी में शामिल थे। वहीं म्यूजिक सिस्टम का शोर लगभग 1 किलोमीटर दूर तक सुनाई दे रहा था।

रात लगभग 9 बजे शुरू हुई इस पार्टी की तेज आवाज नवागांव क्षेत्र तक पहुंची तो लोगों ने स्थानीय पार्षद राजा तिवारी को मामले की जानकारी दी और राजा तिवारी ने पुलिस से शिकायत की. जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर हॉस्टल नंबर 1 की छत पर दबिश दी और शोर-शराबे से भरी इस पार्टी को बंद कराया. पुलिस को आता देख जूनियर डॉक्टर हड़बड़ा गए और आनन-फानन में वह छत से भागने लगे. पुलिस ने मौके पर शराब और बियर की बॉटल भी बरामद की।

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के मस्तूरी ब्लॉक के डंगनिया में कोरोना पॉजिटिव 9 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. बीते 29 मई को इलाहाबाद से माता-पिता के साथ लौटी बच्ची को तबीयत बिगड़ने के बाद बिलासपुर के सिम्स भर्ती किया था. बताया जा रहा है कि बच्ची पहले से ही ब्लड कैंसर से पीड़ित थी. जिसका इलाज चल रहा था. इलाहाबाद से छत्तीसगढ़ आने के बाद उसे एहतियातन बिलासपुर सिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी 30 मई को मौत हो गई. बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची के शव को परिजनों को सौप दिया. जिसका परिजनों ने अंतिम संस्कार भी कर दिया। 

अब बच्ची की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में पूरे गांव को सील कर बच्ची के परिजन सहित 38 लोगों का कोरोना सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजा गया है. जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. इस मामले में सिम्स की नोडल डॉक्टर आरती पांडे का कहना है कि मस्तूरी की कोरोना संक्रमित बच्ची 30 मई को लामा हो गई थी. उसे रायपुर रेफर किया था, लेकिन वो कहां गई पता नहीं ? सीएमओ के बजाए हमने पुलिस को मामले की सूचना दी थी. उसकी डेथ हुई है कि नहीं मुझे नहीं मालूम, लेकिन कल उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। 

इधर सीएमओ ऑफिस के नोडल डॉक्टर विजय सिंह के मुताबिक मामले को सिम्स वाले बेहतर बता पाएंगे. बच्ची का एचबी कम था. कैंसर से पीड़ित थी. मामले में सिम्स की ओर से सीएमओ कार्यालय को जानकरी नहीं दी गई. बच्ची को सिम्स ने बीमारी के बावजूद कैसे छोड़ा ये वही बता पाएंगे. बता दें कि सोमवार को प्रदेश में कुल 45 कोरोना मरीजों की पहचान की गई थी. जिनमें से बिलासपुर जिले से 11 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए थे. इन्हीं 11 संक्रमित मरीजों में मृत बच्ची भी शामिल थी. बच्ची की मौत के बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक नक्सली काे मार गिराया। उसका शव बरामद कर लिया गया है। नक्सली पर 8 लाख रुपए का इनाम था। ये मुठभेड़ दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर मिरतूर क्षेत्र में हुई है। ज्यादा जानकारी जवानों के लौटने के बाद मिलेगी। मुठभेड़ की पुष्टि दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने की है। 

जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर दंतेवाड़ा, बीजापुर पुलिस और एसटीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन किया। मिरतूर थाना क्षेत्र के हुर्रेपाल के जंगलों में नक्सलियों के मूवमेंट की सूचना मिली थी। यह मुठभेड़ हुर्रेपाल-बेचापाल की पहाड़ियों में हुई है। मारे गए नक्सली की पहचान दशरू पुनेम के रूप में हुई है। 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कल शाम यहां उनके निवास कार्यालय में अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में आए बिलासपुर के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की । प्रतिनिधिमण्डल में बिलासपुर के जिला उद्योग संघ तथा द फेडेरेशन ऑफ राइस मिलर्स के पदाधिकारी शामिल थे। इस मुलाकात में उद्यमियों ने राज्य में 90 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर में कार्य प्रारम्भ होने एवं औसतन 60 प्रतिशत उत्पादन प्रारम्भ होने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया और राज्य में कोरोना के नियंत्रण एवं बचाव हेतु सरकार द्वारा किये गए। 


रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ भाजपा का नया चेहरे होंगे। पार्टी नेताओं से चर्चा के बाद मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष पद पर उनके नाम की मुहर लगा दी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा की सहमति के बाद दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने उनके नाम का ऐलान किया है। पूर्व सांसद साय को केंद्रीय संगठन और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का करीबी माना जाता है। उनकी नियुक्ति अगले विधानसभा चुनावों तक के लिए की गई है। 
साय पहले भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले 2006 से 2009 और फिर 2013 तक पार्टी की कमान उनके हाथ में रही। 1999 से 2014 तक रायगढ़ से सांसद रहे। मोदी-1.0 में केंद्र में मंत्री बनाए जाने के बाद उन्होंने संगठन पद से इस्तीफा दे दिया था। साय को संगठन के साथ ही आरएसएस का भी करीबी माना जाता है। 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी आदिवासी नेता को भी सौंपे जाने की संभावनाएं शुरू से ज्यादा थीं। इसके पीछे तर्क यह है कि नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी ओबीसी वर्ग को दी गई है। वहीं, कांग्रेस ने प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी एसटी को सौंपी है। राज्य में अब तक ज्यादातर ऐसा ही होता आया है कि दोनों दलों का नेतृत्व एक ही वर्ग के पास रहा है। इससे पहले दोनों दलों की कमान ओबीसी के पास थी।
पिछले लोकसभा चुनाव में जब प्रदेश के निवर्तमान सांसदों के टिकट काटे जाने को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं तो सबसे पहले विष्णु देव साय ने अपना नाम रखा और चुनाव न लड़ने की सहमति जताई थी। उनके इस कदम का केंद्रीय नेतृत्व पर सार्थक प्रभाव पड़ा था। इससे पहले पिछले लोकसभा चुनाव के समय तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने धरमलाल कौशिक को हटाकर विक्रम उसेंडी काे अध्यक्ष बनाया था।

 रायगढ़। कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सर्विलेंस की टीम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत रक्सा पहुंची है. सभी गांव में सभी के घर जाकर स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां लेंगे। वही पुरे इलाके को सील किया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डॉक्टर नर्स और आंगनबाड़ी की टीम गांव में घूम कर सभी के घर घर जाकर स्वास्थ्य की जानकारी लोगो से लें रहे है। गौरतलब है कि कल शाम जम्मू से आई श्रमिक गर्भवती महिला जो रक्सा शासकीय स्कूल में बनाये रेन्टीन में रखी गई थी जो समय अवधि के बाद अपने घर को गई जहां उसे प्रसव पीड़ा होने पर रायगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया था। 

जिसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आया है ।उल्लेखनीय है कि महिला के क्वारेन्टीन समय अवधि के दौरान सेम्पल भेजा गया था जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। कल शाम गर्भवती महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गई है रक्सा गाँव से न तो किसी को बाहर जाने दिया जा रहा है और न ही किसी को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है रक्सा के चारो दिशा को सील कर दिया गया है साथ ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी ह ।

रायपुर। छत्तीसगढ शासन के पर्यावरण एवं नगरीय विकास विभाग के आदेश जारी किया है कि 5 जून को कबीर जयंती के अवसर पर मांस-मटन की दुकाने बंद रहेगी. इस संबंध में नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर निगम क्षेत्र के समस्त 70 वार्डो में स्थित सभी मांसाहारी दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है. इस आदेश का उल्लंधन करने पर नगर निगम प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल मांस- मटन जब्त कर दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 


नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने निगम के समस्त जोन स्वास्थ्य अधिकारियों एवं जोन स्वच्छता निरीक्षकों को 5 जून शुक्रवार को कबीर जयंती के अवसर पर अपने-अपने क्षेत्रों में दिनभर मांस-मटन की दुकानें बंद कर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है।  नगर निगम आयुक्त सौरभ कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार को कबीर जयंती के अवसर पर रायपुर निगम क्षेत्र में कही भी प्रतिबंध के बावजूद मांस-मटन की कोई भी दुकान खुली मिली, तो उक्त क्षेत्र से संबंधित जोन कमिश्नर और जोन स्वास्थ्य अधिकारी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।