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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



रायपुर। मुख्यमंत्री ने ईद-उल-अजहा के मौके पर आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए छत्तीसगढ़ हज हाऊस का शिलान्यास किया। हज हाऊस का निर्माण लगभग 26 करोड़ रूपए की लागत से तीन एकड़ भूमि में किया जाएगा। पांच मंजिला इस भवन में हज यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन का निर्माण मंदिर हसौद रोड एयरपोर्ट के पास नवा रायपुर अटल नगर में किया जाएगा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुस्लिम समाज के लोगों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए दोहरी खुशी का मौका है। पूरी दुनिया के साथ छत्तीसगढ़ में भी ईद का पर्व मनाया जा रहा है और आज छत्तीसगढ़ हज हाउस का शिलान्यास हुआ है। हाजियों की परेशानी कम करने के लिए समाज के लोगों की मेहनत रंग लाई और हज हाउस के निर्माण की लंबे अरसे से की जा रही मांग पूरी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मुस्लिम के लिए हज यात्रा जीवन का अभूतपूर्व पल होता है। कोरोना के कारण इस वर्ष हज यात्रा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि वे केन्द्र सरकार से मांग करेंगे कि वर्ष 2021 की हज यात्रा में पहले से चयनित छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे हज कमेटी आफ इंडिया से छत्तीसगढ़ को मिलने वाली 5 करोड़ रूपए की शेष राशि प्राप्त करने के लिए भी पहल करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित स्कूल शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को पहले नागपुर जाना पड़ता था। हज हाउस के निर्माण के बाद यहीं उनके लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। 

रायपुर। प्रदेश में कोरोना महामारी के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने 6 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया है। जारी लॉकडाउन का पालन जिलों में कलेक्टर्स के मार्गदर्शन में किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में सीएम हाउस में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। जिसमें कैबिनेट के सभी सदस्यों की सहमति लॉकडाउन के बढ़ाए जाने को लेकर बनी है। इसके साथ ही बैठक में महामारी से बचाव के लिए मरीजों को अस्पतालों की उपलब्धता व सभी को बेहतर इलाज कैसे उपलब्ध कराया जा सके इस तरह के तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई।

लॉकडाउन के दौरान सभी अतिआवश्यक सेवाएं पहले की तरह ही खुली रहेंगी। सबह 6 बजे से 10 बजे तक फल, सब्जी, दूध पेट्रोल ( सुबह 9 – दोपहर 3) किराना दुकान को अभी भी अति आवश्यक सेवाओं से अलग रखा गया है। बैठक खत्म होने के बाद कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जिन जिलों में संक्रमण ज्यादा है वहां लॉकडाउन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश जारी कर दिया गया है।

आपको बता दें कि बीते 21 जुलाई रात्रि 12 बजे से एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन लागू किया गया था जो कल 28 जुलाई रात 12 बजे समाप्त हो जाएगी। प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है, जिसके मद्देनजर लगातार मांग की जाती रही है कि प्रदेश में लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। इसके बाद आज कैबिनेट की बैठक में 6 अगस्त तक लॉकडाउन की अवधी में इजाफा किया गया है।


राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अवर सचिव द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के खतरे को दृष्टिगत रखते हुए शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में तकनीकी पाठ्यक्रमों बैचलर आफ इंजीनियरिंग, बैचलर आफ फामेर्सी/डिप्लोमा इऩ फामेर्सी, डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग एवं मास्टर आफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन में प्रवेश के लिए व्यवसायिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाएं नही करवाने का निर्णय लिया है।   

आदेश के अनुसार इन तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए निर्धारित शैक्षणिक अर्हता के अनुसार अर्हकारी परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। आदेश के अनुसार राज्य के बाहर के विद्यार्थियों के लिए जेईई मेन्स एवं एनआईएमसीईटी के लिए निर्धारित शैक्षणिक अर्हता के अनुसार अर्हकारी परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। आदेश के अनुसार प्रवेश की कार्यवाही आन लाइन काउंसिंलिंग के माध्यम से होंगी।

रायपुर। भाई-बहन का सबसे बड़ा त्योहार रक्षाबंधन 3 अगस्त को है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से रायपुर सेंट्रल जेल समेत प्रदेश की सभी 33 जेलों में रक्षाबंधन पर किसी भी तरह का आयोजन नहीं किया जाएगा। न तो बहनें अपने भाइयों से मिल पाएंगी और न ही राखी बांध सकेंगी। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जेल प्रशासन ने यह फैसला लिया है। 

सभी जेल प्रभारियों को यह निर्देश दे दिया गया है। डाक से आने वाली राखियों को सैनिटाइज करने के बाद संबंधित कैदियों को देने को कहा गया है। रक्षाबंधन पर सभी कैदियों के लिए विशेष भोजन बनाने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि रक्षाबंधन के अवसर कैदियों को राखी बांधने के लिए हर साल जेल प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की जाती है।
पिछले तीन महीने से सभी जेलों के मुलाकाती कक्ष बंद हैं। कोरोना के चलते हाई कोर्ट का आदेश मिलने के बाद पैरोल और अंतरिम जमानत पर अकेले रायपुर से एक हजार से अधिक बंदी रिहा किए गए हैं। सभी को 31 अगस्त तक घरों में रहने को कहा गया है। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए राखी के अवसर पर प्रदेशभर की जेलों में होने वाले कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। डाक से आने वाली राखियों को सैनिटाइज करने के बाद कैदियों तक पहुंचाया जाएगा।


बावजूद इसके शनिवार देर रात कुछ युवक दर्री थाना क्षेत्र के पुष्प पल्लव कॉलोनी में पार्टी कर रहे थे। नशे में चूर उत्पाती युवकों ने पार्टी के दौरान उपद्रव करते हुए कॉलोनी में लगा बोर भी तोड़ दिया । युवकों के शोर-शराबे और बेहूदा हरकतों के खिलाफ महिलाओं ने पुलिस को सूचना दी। शिकायत पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य की अधिस्ठात्री देवी माँ दंतेश्वरी का दरबार विश्व विख्यात है, यहां के विश्व विख्यात बस्तर दशहरा की जानकारी हर किसी को है, लेकिन कोरोना महामारी ने माँ का दरबार भी 14 दिन के लिए बंद करवा दिया। 700 साल के इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा स्थित माँ दंतेश्वरी शक्तिपीठ 14 दिनों के लिए सील हुआ है।

बस्तर के काकतीय शासनकाल में 700 साल पहले स्थापित दंतेश्वरी शक्तिपीठ के दर्शन से पहली बार श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। कोरोना संकट के कारण मंदिर को सील कर दिया गया है। परिसर में निवास करने वाले एक श्रद्धालु के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। पीढ़ियों से मंदिर में सेवा दे रहे जिया परिवार के सदस्य व पुजारी हरेंद्रनाथ जिया कहते हैं कि इतिहास में पहली बार हुआ है, जब शक्तिपीठ को सील किया गया है। मंगलवार से मंदिर परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

परंपरा खंडित न हो इसलिए पुजारी पूजा-पाठ कर रहे हैं। बस्तर का विश्व प्रसिद्ध दशहरा उत्सव मां दंतेश्वरी को समर्पित है। कोरोना काल में अगर हालात नहीं सुधरे तो इस बार इसके आयोजन पर भी असर पड़ सकता है। दंतेवाड़ा से मांईजी की डोली व छत्र हर साल जगदलपुर में आयोजित होने वाले दशहरा में शामिल होने जाते हैं। उसका स्वागत मावली परघाव रस्म के रूप में जगदलपुर में किया जाता है। इस साल इस रस्म के पूरा होने पर भी संशय है। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव से देवी दंतेश्वरी का मंदिर भी प्रभावित हुआ है।

विगत सोमवार की शाम जिले में मिले 27 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में एक मंदिर परिसर निवासी श्रद्धालु भी शामिल है। मंदिर के करीब आवास होने के कारण वह प्रतिदिन देवी दर्शन को आता था। प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन के दायरे में मंदिर परिसर को भी रखा है। 14 दिन के लिए मंदिर के साथ आसपास के इलाके भी सील रहेंगे। स्वास्थ्य अमला लगातार सर्वे कर रहा है। 

मंदिर के पुजारी हरेंद्रनाथ जिया ने बताया कि सेवादारों को भी निश्चित समय पर ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई है। पिछले लॉकडाउन में मंदिर को बंद रखा गया था, लेकिन परिवार द्वारा देवी के स्नान, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए हम पहुंचते रहे। चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं के मनोकामना दीप प्रज्वलित नहीं किए गए। कई महत्वपूर्ण रस्मों की अदायगी भी प्रतीकात्मक हुई। मंदिर के पुजारी और जानकारों का कहना है कि बस्तर दशहरा पूरी तरह से मांईजी को समर्पित और इसके इर्द-गिर्द रहता है। कोरोना संकट का यही हाल रहा तो बस्तर दशहरा भी प्रभावित होगा। इसमें दंतेवाड़ा से मांईजी की डोली जाकर शामिल होती है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय आदिवासी अपने ग्राम्य देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्ह के साथ शामिल होते हैं। इस साल संभवत: यह सब नहीं हो पाएगा।

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य की अधिस्ठात्री देवी माँ दंतेश्वरी का दरबार विश्व विख्यात है, यहां के विश्व विख्यात बस्तर दशहरा की जानकारी हर किसी को है, लेकिन कोरोना महामारी ने माँ का दरबार भी 14 दिन के लिए बंद करवा दिया। 700 साल के इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा स्थित माँ दंतेश्वरी शक्तिपीठ 14 दिनों के लिए सील हुआ है।

बस्तर के काकतीय शासनकाल में 700 साल पहले स्थापित दंतेश्वरी शक्तिपीठ के दर्शन से पहली बार श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। कोरोना संकट के कारण मंदिर को सील कर दिया गया है। परिसर में निवास करने वाले एक श्रद्धालु के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। पीढ़ियों से मंदिर में सेवा दे रहे जिया परिवार के सदस्य व पुजारी हरेंद्रनाथ जिया कहते हैं कि इतिहास में पहली बार हुआ है, जब शक्तिपीठ को सील किया गया है। मंगलवार से मंदिर परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

परंपरा खंडित न हो इसलिए पुजारी पूजा-पाठ कर रहे हैं। बस्तर का विश्व प्रसिद्ध दशहरा उत्सव मां दंतेश्वरी को समर्पित है। कोरोना काल में अगर हालात नहीं सुधरे तो इस बार इसके आयोजन पर भी असर पड़ सकता है। दंतेवाड़ा से मांईजी की डोली व छत्र हर साल जगदलपुर में आयोजित होने वाले दशहरा में शामिल होने जाते हैं। उसका स्वागत मावली परघाव रस्म के रूप में जगदलपुर में किया जाता है। इस साल इस रस्म के पूरा होने पर भी संशय है। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव से देवी दंतेश्वरी का मंदिर भी प्रभावित हुआ है।

विगत सोमवार की शाम जिले में मिले 27 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में एक मंदिर परिसर निवासी श्रद्धालु भी शामिल है। मंदिर के करीब आवास होने के कारण वह प्रतिदिन देवी दर्शन को आता था। प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन के दायरे में मंदिर परिसर को भी रखा है। 14 दिन के लिए मंदिर के साथ आसपास के इलाके भी सील रहेंगे। स्वास्थ्य अमला लगातार सर्वे कर रहा है। 

मंदिर के पुजारी हरेंद्रनाथ जिया ने बताया कि सेवादारों को भी निश्चित समय पर ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई है। पिछले लॉकडाउन में मंदिर को बंद रखा गया था, लेकिन परिवार द्वारा देवी के स्नान, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए हम पहुंचते रहे। चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं के मनोकामना दीप प्रज्वलित नहीं किए गए। कई महत्वपूर्ण रस्मों की अदायगी भी प्रतीकात्मक हुई। मंदिर के पुजारी और जानकारों का कहना है कि बस्तर दशहरा पूरी तरह से मांईजी को समर्पित और इसके इर्द-गिर्द रहता है। कोरोना संकट का यही हाल रहा तो बस्तर दशहरा भी प्रभावित होगा। इसमें दंतेवाड़ा से मांईजी की डोली जाकर शामिल होती है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय आदिवासी अपने ग्राम्य देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्ह के साथ शामिल होते हैं। इस साल संभवत: यह सब नहीं हो पाएगा।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बिसाहू दास महन्त की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में स्वर्गीय महंत को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने महन्त को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि उनका पूरा जीवन जनसेवा से जुड़ा रहा। 

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ-साथ सफल राजनेता के रूप में उनकी छवि रही है। महन्त ने अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक तथा मंत्री के रूप में प्रदेश के विकास के लिए अपनी अमूल्य सेवाएं दी है। उन्होंने क्षेत्र में खेती-किसानी, सिंचाई तथा सड़कों के माध्यम से लोगों की बेहतरी के कार्यों को बखूबी अंजाम दिया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि स्वर्गीय श्री महन्त के बताये जनकल्याण के मार्ग पर चलकर प्रदेश में विकास को नये आयाम देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय और शिशुपाल सोरी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य-पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा और राजेश तिवारी, महापौर एजाज ढेबर और सभापति प्रमोद दुबे भी उपस्थित थे ।

रायपुर। ग्राम बंगोली में आज एक बुजुर्ग महिला अधमरी हालात में नहर किनारे पाई गई है. वह नहर में नहाने के लिए उतरी लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वहीं गिर गई. आस-पास मौजूद लोगों ने 108 को फोन किया. सूचना के बाद एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन स्टॉफ ने महिला को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया. महिला की सांस अभी भी चल रही है लेकिन इलाज के लिए ले जाने वाला कोई नहीं है. यह पहली घटना नहीं जब एम्बुलेंस ने मरीज को ले जाने से मना किया. अगर उस महिला को कुछ हो जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती.

मिली जानकारी के अनुसार महिला कहा से आई है, वह कौन है किसी को नहीं पता. वहीं महिला सबुह 7 बजे से उसी हालत में पड़ी हुई थी, लेकिन किसी ने भी सहयोग नहीं किया. आखिर में खरोरा पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए थाना प्रभारी रमेश मरकाम के नेतृत्व में मौके पर पहुंची व रायपुर से एम्बुलेंस बुलाकर खरोरा सामुदायिक स्वस्थ्या केंद्र रवाना किया. सरपंच झुमुकराम बांधे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि 108 सेवा ने जो किया वो मानव जाति पर एक कलंक है. वहीं बंगोली स्थित प्राथमिक स्वस्थ्या केंद्र में भी महिला का इलाज करने से मना कर दिया गया। 

रायपुर। राजधानी में कल से संपूर्ण लॉकडाउन लगेगा. जिला प्रशासन लॉकडाउन के नियमों को लेकर सख्ती बरतने की बात कही है. शहर में किरानें की दुकान, शराब दुकान, शासकीय व निजी कार्यालयों के साथ-साथ सुबह मॉर्निंग वॉक व साइकिलिंग पर भी रोक लगाई गई है. कलेक्टर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक लोग सुबह 6 से 10 बजे तक सिर्फ अति आवश्यक कामों के लिए ही बाहर निकल सकेंगे. बेवजह घूमने वालों पर सख्त कार्रवाई जाएगी.

एडीएम विनीत नंदनवार ने बताया कि इस बार के लॉकडाउन में थोड़ी ज्यादा सख्ती बरती जाएगी क्योंकि रायपुर में संक्रमण का खतरा ज्यादा बना हुआ है हर रोज भारी संख्या में लोग यहां संक्रमित मिल रहे हैं. इसे लेकर लोगों से अपील भी की जा रही है कि प्रशासन का पूरा सहयोग करें और घर पर रहे अनावश्यक रूप से बाहर निकले. यह पूर्णतः लॉकडाउन है इसमें यदि कोई बेवजह घर से बाहर निकलता है तो महामारी एक्ट 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी.

यदि किसी को बहुत अर्जेंट है या मेडिकल इमरजेंसी है उस कंडीशन में वह बाहर जा सकते हैं. यदि अनावश्यक कोई भी घूमता पाया जाता है तो वह कड़ी से कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी. किसी भी कंडीशन में कम्युनिटी स्प्रेड को रोकना होगा. लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है और राशन तो लोग मैनेज कर सकते हैं. सुबह की सैर, साइकिलिंग पर भी रोक लगाई गई है. लोगों को घर पर ही योगा करना होगा. ना मानने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

रायपुर। राजधानी के मेकाहारा से कोरोना मरीज के भागने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मरीज भागकर नया रायपुर पहुंच गया। प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है, जिसके बाद उसे अस्पताल लाने की कवायद की जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक युवक जगदलपुर का रहने वाला है। वह नया रायपुर में किसी संस्थान में कुक का काम करता है। 

उसकी दिमागी हालत कुछ ठीक नहीं थी जिसके कारण परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान उसका कोरोना टेस्ट भी हुआ, जिसकी रिपोर्ट सोमवार शाम को पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उसे मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रदेश में इस प्रकार का ये दूसरा मामला है। इससे पहले भी एक महिला अस्पताल से भाग निकली थी।

रायपुर। राजधानी में कोरोना संक्रमण के चरम पर पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने कल से 28 जुलाई तक लॉकडाउन की घोषणा की है। इसके लिए आज रात से ही कफ्र्यू और सख्ती का दौर शुरू हो जाएगा। पुलिस धारा 144 का पालन करवाने के लिए इससे पहले ही मंगलवार शाम से सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। इस बार का लॉकडाउन ज्यादा सख्त होगा, क्योंकि पहली बार किराना दुकानें भी नहीं खुलेंगी। 

अफसरों ने साफ कर दिया कि मंगलवार को लोग जरूरत का किराना ले सकते हैं, क्योंकि इसके बाद एक हफ्ते तक किसी किराना व्यापारी को दुकान खोलने की इजाजत नहीं होगी। थोड़ी राहत यही है कि सुबह 6 से 10 बजे तक सब्जी, दूध, ब्रेड, चिकन, मटन, मछली और फल खरीद सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान पेट्रोल पंप और गैस सिलेंडरों की सप्लाई दोपहर 3 बजे तक रहेगी। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन और एसएसपी अजय यादव ने सोमवार को रेडक्रास सभाकक्ष में मीडिया को बताया कि इस बार का लॉकडाउन पहले से दोगुना सख्त होगा। 

केवल चुनिंदा दुकानों को ही खोलने की अनुमति दी गई है। किसी ने भी दुकान खोलने की कोशिश की तो चेतावनी दिए बिना उसे सील कर दिया जाएगा। दुकानदार के खिलाफ एफआईआर करके उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। सुबह 10 बजे के बाद लोग बिना पुख्ता कारण के पकड़े गए तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। केवल इमरजेंसी वालों को ही बाहर निकलने की अनुमति होगी। इसे सख्ती से लागू करने के लिए रायपुर और बिरगांव निगम के सभी वार्डों में पुलिस लगातार गश्त करेगी। इस बार पिछले लॉकडाउन के मुकाबले दोगुनी पुलिस उतारी जा रही है। शहर से आने-जाने के लिए हर हाल में ई-पास लेना अनिवार्य होगा।

रायपुर। रायपुर स्थित एक इस्पात फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया है। मंगलवार को हुए इस हादसे में 12 मजदूर झुलस गए। इनमें से तीन मजदूरों की हालत ज्यादा गंभीर है। इन सभी को तुरंत ही पास के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के लिए बता दें कि हादसा क्रेन का पट्‌टा टूटने से गर्म लोहे का टैंक नीचे गिरेने के कारण हुआ। पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री मालिक, प्रबंधक और क्रेन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।  

पुलिस ने बुधवार को कहा कि हादसे में कम से कम 12 श्रमिक घायल हो गए, रायपुर जिले में एक स्टील प्लांट में विस्फोट हो गया। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने बताया कि यह घटना मंगलवार को खमतराई थाना क्षेत्र के रावभाटा इलाके में भारतीय इस्पात कंपनी में हुई थी। एक घायल कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने क्रेन ऑपरेटर, कृष्ण राय और कारखाने के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

शिकायतकर्ता के अनुसार, राय ब्लास्ट फर्नेस से एक निरंतर कास्टिंग मशीन में गर्म पिघला हुआ स्टील को स्थानांतरित करने के लिए क्रेन के माध्यम से सीढ़ी का संचालन कर रही थी। यादव ने कहा कि अचानक केबल उखड़ गई और करंट की चपेट में आ गया। विस्फोट के कारण, गर्म पिघला हुआ स्टील जमीन पर फैल गया, जिससे राय सहित कार्यकर्ताओं को चोटें आईं, जो आसपास के क्षेत्र में मौजूद थे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद प्रदेश के पुलिस अधिकारियों, कर्मियों द्वारा प्रतीक चिन्ह धारण नहीं किया जा सका था। अब छत्तीसगढ़ राज्य की विशिष्टताओं व विविधताओं को समाहित कर राज्य पुलिस ने प्रतीक चिन्ह तैयार कर लिया है। आज इसे बिलासपुर जिले के पुलिस ने अपने कंधों पर धारण कर लिया। पुलिस महानिदेशक डी एम अवस्थी के मार्गदर्शन में तैयार प्रतीक चिन्ह में ढाल, ढाल की सुनहरी बॉर्डर, अशोक चिन्ह, सूर्य रूपी प्रगति चक्र, बाइसन हॉर्न बना हुआ है। साथ ही ‘परित्राणाय साधुनाम’ लिखा हुआ है। प्रतीक में उल्लेखित 2000 राज्य गठन का वर्ष है ढाल का रंग गहरा नीला है जो अपार धैर्य सहनशक्ति, जीजिविषा, संवेदनशीलता और गंभीरता का प्रतीक है।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ महाधिवक्ता कार्यालय में तीन और लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। पहले एक कोरोना संक्रमित मिलेन के बाद महाधिक्ता समेत सभी 151 कर्मचारियों ने अपना कोरोना परीक्षण कराया था, जिसमें से पहले दो लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, वहीं दो लोगों के जिनके सैम्पल विभाग ने निरस्त किए थे, उनकी रिसैम्पलिंग के बाद आए रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।

जानकारी के अनुसार महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के पीएसओ, रीट शाखा के अधिकारी और दो भृत्य में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। महाधिवक्ता कार्यालय के कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद कार्यालय को 10 जुलाई तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसी के साथ कोरोना संक्रमण और न फैले इसे ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय और न्यायालय के रजिस्ट्री के तमाम सेक्शन को 10 जुलाई तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यह आदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल दीपक कुमार तिवारी ने जारी किया था।

रायपुर। झमाझम बारिश के साथ जहां आषाढ़ माह विदा हुआ वहीं सोमवार से ही सावन का आगाज भी हो गया। पवित्र सावन महीने का पहला ही दिन सोमवार होने से शिवालयों में भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण के मद्देनजर गर्भगृहों में पूजा-अभिषेक पर श्रद्धालुओं के लिए रोक लगा दी गई है। पहला सावन सोमवार होने से शिवालयों में भीड़ उमड़ी है, लेकिन श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन लाभ ही मिल रहा है। मंदिरों के बाहर स्थापित शिवलिंग पर लोग जल और पुष्प अर्पित कर पा रहे हैं। महादेवघाट स्थित हटकेश्वर मंदिर और बूढ़ेश्वर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। सभी प्रमुख मंदिरों के बाहर सुरक्षा में जवान भी तैनात किए गए हैं। 
राजधानी के ऐतिहासिक महादेव घाट स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर में सावन सोमवार पर हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस बार सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत पर्याप्त दूरी रखते हुए भक्त महज दर्शन कर सकेंगे। गर्भगृह तक जाकर जलाभिषेक की अनुमति नहीं दिए जाने से मंदिर प्रबंधन ने मुख्य द्वार को बंद कर दिया है। इसके बजाय भक्तों को मंदिर के पीछे स्थित द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि मंदिर के पीछे काफी बड़ा मैदान है और यहां भक्तगणों को दो-दो मीटर की दूरी पर ख?े होने में सुविधा होगी। पीछे सैनिटाइजर मशीन लगा दी गई है ताकि भक्त पूरी तरह सैनिटाइज होने के बाद ही प्रवेश करें।
बूढ़ातालाब के समीप स्थित बूढ़ेश्वर मंदिर में भी भक्तों को बिना मास्क लगाए प्रवेश नहीं दिया जाएगा। द्वार पर ही थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज करने के बाद प्रवेश मिलेगा। लगभग 10 फीट की दूरी से शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। आरती  में सीमित संख्या में भक्त शामिल होंगे। मनमोहक श्रृंगार : सावन के पहले सोमवार को शिवलिंग का मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। भांग, धतूरा, चांदी के बर्क, फूलों से श्रृंगार होगा। नीलकंठेश्वर मंदिर : मठपारा स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में निर्मित विशाल प्रतिमा के दर्शन भक्तगण कर तो सकेंगे लेकिन जलाभिषेक की अनुमति नहीं है। यहां भी मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग जैसे नियमों का पालन करना होगा।

रायपुर। शहर के बीरगांव इलाके में शनिवार की रात एक कोरोना संदिग्ध की मौत हो चुकी है। उसमें कोरोना के लक्षण थे हालांकि अब तक रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक क्वारैंटाइन की अवधि पूरी करने के बाद वह घर गया था। शहीद नगर निवासी 46 साल का यह शख्स होम आइसोलेशन में था। अब बीरगांव में ही इसके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। पीपीई किट पहने निगम कर्मी और पुलिस की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मृतक की कोरोना की रिपोर्ट आना बाकि है।