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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



भानुप्रतापपुर। क्या आपने कभी सुना है कि देवी-देवता मुर्गे, बकरे, सूअर और भेड़ की बली मांग रहे हो ? और जो उन्हें ये बलि न चढ़ा पा रहे हो उन्हें समाज बहिष्कार करने कह दिया हो. शायद नहीं, लेकिन ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर से सामने आया है, जिसकी वजह से 12 परिवार के 100 से ज्यादा लोग आज समाज से बहिष्कृत कर दिए गए है. कारण ये है कि वे देवी-देवताओं द्वारा बलि चढ़ाने के लिए मांगे गए मुर्गे, बकरे, सूअर और भेड़ की व्यवस्था नहीं कर पा रहे है.

ग्राम बांसला में 12 चक्रधारी परिवार के 100 से अधिक लोगों को 3 माह से सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है. जिससे न तो इनको किसी के घर रोजी मजदूरी करने दिया जा रहा है और न ही उनके घर किसी को आने दिया जा रहा है. जिससे इनके ऊपर रोजी-रोटी का संकट भी छाया हुआ है. पिछले 3 माह से मंदिर में ताला भी लगा दिया गया था, जिससे पूजा अर्चना भी बन्द हो गयी थी और क्षेत्र में यह मंदिर ख्याति प्राप्त है. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भी यहां 2 बार आ चुके हैं, वहीं इसकी खबर प्रशासन को भी नहीं है.

 पीड़ित पक्ष के संतुराम चक्रधारी ने बताया गढ़बांसला में पुराने समय से हमारे पूर्वज दंतेश्वरी मंदिर में पुजारी के रूप में काम करते आ रहे हैं. उनके निधन के बाद इसका दायित्व मुझे मिला था इसके बाद गांव वालों ने यह आरोप लगाया कि मंदिर में आपके पूर्वजों ने दूसरे देवी-देवता को स्थापित कर दिया है. इसके लिए अलग-अलग गांव से देवी देवता बुलाकर यह आरोप लगाया गया.   इसको लेकर आप को दंड स्वरूप बलि के रूप में 100 मुर्गे, बकरा, सूअर, भेड़ की बली हेतु मांग की गई और मंदिर की शुद्धिकरण का भी खर्चा मुझे करने कहा गया.


रायपुर। छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड का रिजल्ट रविवार यानी 25 जुलाई को घोषित किया जाएगा। इस बार रिजल्ट जारी करने का कार्यक्रम ऑनलाइन होगा। शिक्षा मंत्री प्रेमसाय टेकाम इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे के वक्त ये परीक्षा परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। छात्र यह रिजल्ट छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की की ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकेंगे। इस बार 12वीं की परीक्षा में करीब 2 लाख 71 हजार स्टूडेंट शामिल हुए थे।


इस बार जारी किए गए 10वीं के रिजल्ट स्टूडेंट्स के जमा किए असाइनमेंट के आधार पर जारी हुए। इसमें कोई स्टूडेंट फेल नहीं हुआ। 97% बच्चे फर्स्ट डिवीजन में पास हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि इस परीक्षा में कुल 4 लाख 61 हजार 93 बच्चों का इंटरनल असेसमेंट किया गया था। जिन बच्चों ने असाइनमेंट जमा नहीं किया था, उनको भी मिनिमम मार्क्स देकर पास कर दिया गया है। इनमें से 4 लाख 46 हजार 393 स्टूडेंट फर्स्ट डिवीजन में पास हुए हैं। यह कुल स्टूडेंट्स का 97% है। 9 हजार 24 छात्रों की सेकंड डिवीजन आई। वहीं, 5,0673 थर्ड डिवीजन में पास हुए।


रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि सहकारी बैंक से किसानों की बड़ी उम्मीद हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलंबी बनाने के लिए सहकारिता आंदोलन के विस्तार और इसे और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। किसानों के साथ-साथ मजदूरों, गौपालकों, वनांचल के आदिवासी भाई-बहनों को भी सहकारी बैंकों से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे उन्हें भी बैंक की सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के नवनियुक्त अध्यक्ष  नवाज खान के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बैंक के अध्यक्ष श्री खान को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजनांदगांव जिले के वनांचल के गांव मानपुर और मुढ़ीपार (खैरागढ़) में सहकारी बैंक के भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सहकारी बैंक के भवन का निर्माण 36 लाख रूपए की लागत से किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन राजनांदगांव के पद्मश्री गोविन्द राम निर्मलकर ऑडिटोरियम में किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी का नारा दिया है, सुराजी गांव योजना के अंतर्गत पशुओं के लिए गौठानों का निर्माण किया गया है, जहां महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं गोधन न्याय योजना के अंतर्गत खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट का निर्माण कर रही हैं। अब तक समूहों द्वारा तैयार किए गए लगभग 9 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट की बिक्री की जा चुकी है, जिसका उपयोग बड़ी संख्या में किसान कर रहे हैं। वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने वाले किसानों का कहना है कि वर्मी कम्पोस्ट के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की मांग के अनुरूप केन्द्र द्वारा रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति नहीं होने के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

राज्य सरकार इनकी आपूर्ति के लिए लगातार प्रयास कर रही है। श्री बघेल ने कहा कि किसान ज्यादा से ज्यादा वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग कर जैविक खेती की ओर बढ़ें, जैविक खेती से मिलने वाले कृषि और उद्यानिकी उत्पाद तथा अनाज स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि से किसानों के लिए लाभप्रद होंगे। जैविक उत्पादों का डेढ़ से दोगुना दाम बाजारों में मिल रहा है। लोग भी जैविक उत्पादों का उपयोग करने लगे हैं।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के नवनियुक्त अध्यक्ष  नवाज खान ने इस अवसर पर कहा कि राज्य शासन ने जिस अपेक्षा के साथ उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है, उसे वे पूरी कर्तव्य निष्ठा के साथ पूरा करने का प्रयास करेंगे। सहकारी बैंक के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं को गांवों-गांवों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।


मंत्री ने अपने जन्मदिन पर प्लास्टिक के चाकू से नहीं बल्कि तलवार से केक काटी. वो भी एक दो नहीं बल्कि दर्जनों. उनके कुल केक काटने की बात करें तो पूरे दिनभर में करीब 500 केक उन्होंने काटी. इस मंत्री ( गुरू रूद्र कुमार) अपने पद की कितनी मर्यादा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल डिस्टेंडिंग और बिना मास्क के नियमों के धज्जियां उड़ाने की तस्वीरें उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट में वायरल की है.

शायद उन्हें ये अच्छे से पता है कि उनके खिलाफ नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी कार्रवाई करने की हिमाकत कोई नहीं कर सकता, क्योंकि वह मंत्री जो ठहरे. ऐसा ही जलसा यदि आम आदमी के घर पर होता तो पूरा प्रशासन विभिन्न नियमों का हवाला देते हुए केस रजिस्टर्ड करते और फिर उस आम आदमी को कोर्ट-कचहरी और पुलिस थानों के चक्कर लगाने पड़ते.

रायपुर। मोदी सरकार के मनमानी के चलते आम उपभोक्ताओं को कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट का लाभ नहीं मिल रहा है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमतों में लगभग 9 डॉलर की कमी आई है. क्रूड ऑयल की दाम घटने से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम में कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर कमी आना चाहिए. इसके बावजूद देश की जनता महंगे दरों पर डीजल-पेट्रोल खरीदने मजबूर है.

मोदी सरकार ने क्रूड आयल के कीमतों में आंशिक वृद्धि पर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, तो फिर क्रूड ऑयल के दामों में आई कमी के चलते डीजल-पेट्रोल के दाम घटाने क्यों इंतजार किया जा रहा है ? क्या अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आई क्रूड ऑयल के कीमत में गिरावट के चलते पेट्रोल-डीजल के दामों की कमी का सेहरा अपने सिर पर बांधने इवेंट की तैयारी की जा रही है.

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अब तक लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 2014 के पहले के मुकाबले आधे दर पर है. ऐसे में आम उपभोक्ता सिर्फ मोदी सरकार के वसूली नीति के चलते महंगाई की मार झेल रही है. पेट्रोल-डीजल में लगाई गई बेतहाशा एक्साइज ड्यूटी ने देश में पेट्रोल-डीजल को महंगा करने का काम किया है.

बीते 7 साल में मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल एक्साइज ड्यूटी बना कर लगभग 25 लाख करोड़ रुपए की वसूली आम जनता से की है. बीते जून माह में ही 90 हजार करोड़ की कमाई पेट्रोल-डीजल से की गई है. महामारी की मार झेल रही जनता के ऊपर पेट्रोल-डीजल की महंगी कीमतों ने कुठाराघात किया है. पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के चलते खाद्यान्न सामग्री, दवाइयां, ट्रांसपोर्टिंग सभी के दाम बढ़ गए हैं.

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज जांजगीर-चांपा के किसानों को करोड़ों रुपए का मुआवजा वितरण करेंगे. दोपहर 11.30 बजे अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा जिले के चंद्रपुर में कलमा बैराज के प्रभावित 300 किसानों को भू-अर्जन की 22 करोड़ 78 लाख 90 हजार रुपए की मुआवजा राशि का वितरण करेंगे.

गौरतलब है कि कलमा बैराज का निर्माण जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत ग्राम कलमा तथा रायगढ़ जिले के ग्राम बरगांव के मध्य महानदी पर 377.42 करोड़ रूपए की लागत से कराया गया है. इस बैराज की कुल लंबाई 1097.25 मीटर तथा ऊंचाई 6 मीटर है.  बैराज की जल संग्रहण क्षमता 50.64 मी.घनमीटर है.  इस बैराज से उद्योगों को जल प्रदाय के साथ-साथ पेयजल एवं निस्तारी की सुविधा भी ग्रामीणों को मिली है. किसान पानी लिफ्ट कर 311 हेक्टयेर में सिंचाई कर सकते है.  इस बैराज से रायगढ़ जिले के 13 ग्रामों के 992 किसानों के 59.14 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई थी, जिन्हें 14 करोड़ 70 लाख 54 हजार रूपए का मुआवजा भुगतान किया जा चुका है.

इस बैराज के निर्माण से जांजगीर-चांपा जिले के 13 गांवों के 682 किसानों की भी 97.895 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है, जिसमें से लगभग 300 किसानों के मुआवजा निर्धारण में विभिन्न कारणों से विलंब हो रहा था, जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन द्वारा यथाशीघ्र कार्यवाही कर पात्र सभी प्रभावितों के मुआवजा प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिन्हें 22 जुलाई को 22 करोड़ 78 लाख 90 हजार रूपए की मुआवजा राशि दी जाएगी.

रायपुर। सुकमा में नक्सलियों द्वारा किये गए अपहरण को लेकर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जो सूचना मिल रही है, उसके मुताबिक़ जितने लोगों को नक्सलियों ने अपहरण कर बंधक बनाया वो सभी कुशाल लौट आए हैं, सभी सुरक्षित हैं नक्सलियों ने भी उन्हें छोड़ दिया है. गृहमंत्री ने बताया कि अपहरण की जानकारी मिलते ही विभाग ने स्थानीय समाज प्रमुखों से बातचीत किया. उसके बाद समाज प्रमुखों ने नक्सलियों से बातचीत कर बंधक बने लोगों को लेकर लौटे है.

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक़ इन युवकों को पुलिस का मुखबिर बताकर नक्सलियों ने अपहरण किया था. ज़्यादा जानकारी बंधक रहे लोगों से बातचीत करने पर निकल कर सामने आएगी. फ़िलहाल उनको लेकर आए हैं, इसीलिए अभी बातचीत नहीं हुई है. आगे बातचीत कर पूछा जाएगा कि आख़िर उन्हें अपहरण करने के बाद नक्सलियों ने उनके साथ कुछ किया तो नहीं कुछ शर्तों पर नहीं रखा है.

 महासमुंद। ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने एवं 24 घंटे के अन्दर सूचना देने वालों को ठगी के पैसों को वापस दिलाने के लिए महासमुंद पुलिस ने एक ऑनलाइन फ्रॉड सेल का गठन किया है. इस साइबर सेल में तत्काल शिकायत करने पर प्रार्थी के खातों को होल्ड कर किश्तों में आहरण होने वाले रुपए को रोका जा सकेगा. इसके लिए पुलिस विभाग ने 9479230398 मोबाइल नंबर जारी किया है.


एसपी दिव्यांग पटेल ने ऑनलाइन फ्रॉड सेल के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में अपराधों के स्वरुप में परिवर्तन हो रहे है. आजकल ऑनलाइन फ्रॉड बहुत बढ़ रहे है. अपराधी तत्व व हैकर विभिन एप्लीकेशन के माध्यम से नये-नये तरीके खोजकर लोगों को अपनी बातों में फंसाकर ठग रहे है. इसी को देखते हुए भारत सरकार ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल लांच किया है. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर महासमुंद पुलिस ने साइबर फ्राड सेल नंबर जारी किया है. इस सेल ने अभी तक 5 लोगों के लगभग ढाई लाख रुपए वापस दिलाए है.

रायपुर. ये कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस नेताओं में बारिश के इस मौसम में  अब सत्ता की गर्मी दिखने लगी है. आए दिन कांग्रेस नेताओं द्वारा किसी भी व्यक्ति को झापड़ मारना आम बात हो गई है. नया मामला सलाद और पापड़ देरी से लाने पर कर्मचारी से मारपीट करने का है. ये पूरा मामला कवर्धा जिला कांग्रेस अध्यक्ष के साथियों द्वारा किया जाना बताया जा रहा है. चंद दिनों पहले ही प्रदेश के मंत्री के खास और वरिष्ठ नेता के भाई द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारी को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया था.

जानकारी के मुताबिक ये मारपीट सर्किट हाउस के दैनिक कर्मचारी के साथ हुई है और कर्मचारी का नाम कृष्णा साहू बताया जा रहा है. एक अखबार की खबर के मुताबिक जिलाध्यक्ष और उसके साथ दो युवा नेता खाना खाने गए थे. खाना खाने के बाद जिलाध्यक्ष चले गए फिर उन्होंने दोनो नेताओं ने पुनः सलाद पापड़ मांगा. कर्मचारी ने समय का हवाला देते हुए कहा कि इतनी रात में अब इसे पुनः देना संभव नहीं है. जिसके बाद दोनो भी वहां से चले गए और रात करीब 1 बजे पुनः वहां पहुंचे और कर्मचारी के साथ मारपीट की.

सूत्र बताते है कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीलकंठ चंद्रवंशी अपने दो करीबी नेता नीरज चंद्रवंशी और मनीष चंद्रवंशी के साथ गए थे और ये मारपीट मनीष चंद्रवंशी द्वारा की गई है. लेकिन पीड़ित ने डर के कारण इसकी कोई भी शिकायत नहीं की है. इन पूरे आरोपों को खारिज करते हुए मनीष चंद्रवंशी का कहना है कि वो खाना खाने रेस्ट हाउस गए ही नहीं है, इस मामले में उनका नाम कैसे सामने आ रहे है इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है.

रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अनुसूचित जाति, जन जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोगों को जाति प्रमाण पत्र (सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र) जारी करने की प्रक्रिया का  सरलीकरण किया गया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) नियम 2013 के प्रावधानों के तहत जहां जाति को प्रमाणित करने हेतु कोई दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध नहीं हो तो ग्राम सभा द्वारा आवेदक की जाति के संबंध में परित संकल्प को मान्य करते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इसी तरह से नगर पंचायत या नगरपालिका परिषद अथवा सामान्य सभा द्वारा की गई उद्घोषणा को जाति तथा मूल निवासी के सम्बंध में साक्ष्य के रूप में मान्य करते हुए निमयानुसार सक्षम प्राधिकरी द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाये।
 सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ सक्षम प्राधिकारियों को निर्देशित करें कि राज्य शासन द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने के सम्बंध में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और प्रावधानों के तहत नियमानुसर (सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र) जाति प्रमाण पत्र जारी करें।

रायपुर। ये किसका सामान है.., न कोविड गाइडलाइन का पालन है, न डस्टबीन...यहां जो कचरा फैला रहे हो, हम तुम्हारे नौकर हैं जो साफ करेंगे..। ये तल्ख अंदाज रायपुर नगर निगम की स्वास्थ्य अफसर तृप्ति पाणीग्राही का था। तृप्ति नगर निगम के जोन एक में पदस्थ हैं। पिछले कई दिनों से इन्हें शिकायतें मिल रही थीं कि खमतराई इलाके की शराब दुकानों के बाहर गंदगी का अंबार लगा है। दुकानदार यहां लापरवाही से काम करते हैं। कचरा सड़क तक आ जाता है, जिससे आम लोगों को भी परेशानी होती है।

जब महिला अफसर ने छापा मारा तो निगम की टीम को देख शराबी और अवैध ढंग से ठेला लगाने वाले भागने लगे। कुछ तो अपना सारा सामान छोड़कर भाग गए। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति की टीम ने सभी का सामान जब्त कर लिया। भागे हुए दुकानदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद टीम ने विदेशी शराब दुकान का रुख किया। वहां न तो कोरोना गाइडलाइन का पालन हो रहा था न ही सफाई का ध्यान रखा गया था।

शराब दुकानों का संचालन प्रदेश में सरकार करती है। इस वजह से तृप्ति ने दुकान में मौजूद सुपरवाइजर से कह दिया आबकारी विभाग के अफसर से बात करवाओ। इसके बाद फोन पर तृप्तिने आबकारी विभाग के अफसर से कहा कि गंदगी और अव्यवस्था की वजह से दुकान पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगा रहे हैं। पैसे जमा करवा दीजिएगा। दोबारा इस तरह के हालात मिले तो दुकान सील करने की कार्रवाई करेंगे। इसके बाद अफसर ने भी जोन दफ्तर में जुर्माने के 25 हजार रुपए भेजने का भरोसा दिया।

स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति ने शराब दुकान के पास बनी चखना दुकानों का रुख किया। गंदगी और खाने-पीने का बेतरतीब सामान देखकर भड़कीं। दो दुकानों पर 8 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। यहां से गैस सिलेंडर, चूल्हा, पानी पाउच की बोरियां भी जब्त की गईं। सभी दुकानदारों को सख्त लहजे में तृप्ति ने कह दिया कि दोबारा गंदगी दिखी तो सीधे दुकान सील कर दूंगी। उन्होंने शराब दुकान और चखना बेचने वाले से भी दो टूक कहा कि एक डस्टबीन रखो और हर कोई कचरा उसी में डालेगा सड़क पर नहीं।

रायपुर। देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के माध्यम से आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आज प्रदेश भर में विशेष पौधरोपण अभियान की शुरूआत की गई। अभियान के तहत मनरेगा श्रमिकों, स्वसहायता समूहों के सदस्यों, दिव्यांगजनों, त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं महिलाओं द्वारा 19 जुलाई से 1 अगस्त तक गांवों में पौधरोपण किया जाएगा। 

इस दौरान सड़कों के किनारे, ग्राम पंचायतों, शासकीय स्कूलों व आंगनबाड़ी परिसरों तथा डबरी व तालाब की मेड़ों पर वृक्षारोपण के साथ ही सामुदायिक भूमि पर ब्लॉक प्लांटेशन किया जाएगा। राज्य मनरेगा कार्यालय ने पौधरोपण के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपायों और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश मैदानी अमले को दिए हैं।

रायपुर। सीधी सरल वनवासी महिलाएं अब स्वरोजगार के कई ऐसे क्षेत्रो में प्रवेश कर रही हैं, जिसके बारे में पहले किसी ने सोचा तक न था। पहले खेती, मजदूरी या फिर वनोपज संग्रहण करके अपना जीवनयापन करने वाली ये महिलाएं अब मसाले, बिस्कुट, स्लीपर, दोना-पत्तल निर्माण से लेकर पोल्ट्री फार्मिंग जैसे कई कामों में सफलता के कीर्तिमान रच रही हैं। हाथ में निरंतर आमदनी आने से इनके आत्मविश्वास में भरपूर इजाफा हुआ है। परिवार की होने वाली आय में अब इनके योगदान से सुखद बदलाव आने लगा है।

महिलाओं में स्वावलंबन का यह अध्याय शुरू हुआ है पंचायत एवं ग्रामीण विकास द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से। इसका सकारात्मक प्रभाव कोण्डागांव के एक छोटे से गांव बोलबोला की तुलसी  स्व-सहायता समूह की सदस्यों पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। समूह की महिलाएं मसाले निर्माण, कुकीज, बेकरी, बिस्किट, आचार, दोना-पत्तल निर्माण, नॉन वूलन बैग, स्लीपर निर्माण जैसे 12 निर्माण गतिविधियों से जुड़कर प्रतिदिन 200 रूपये की आय अर्जित कर रही हैं।
  कोण्डागांव जिले में बिहान अंतर्गत संचालित ‘उड़ान‘ संस्था के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के विभिन्न नये-नये क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। उड़ान संस्थान से प्रशिक्षित तुलसी समूह की अध्यक्ष सुश्री संतोषी नेताम बताती हैं कि उनके समूह में कुल 70 महिलाएं कार्यरत् हैं। इनमें से अधिकांश महिलाएं कम पढ़ी लिखी हैं। ये महिलाएं पहले घर गृहस्थी अथवा खेती-किसानी का कार्य ही करती थीं परन्तु अब स्थिति बदल चुकी है। समूह में ग्राम बोलबोला के साथ उसके आस-पास के ग्राम बड़ेकनेरा, झड़ेबेंदरी, करंजी, कोकोड़ी, जोंधरापदर, सम्बलपुर की महिलाएं भी उत्साहपूर्वक काम कर रही हैं। जिससे इनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।

   इसी प्रकार कुकाड़गारकापाल गांव की तीन महिला समूह मॉ बम्लेश्वरी, मॉ दंतेश्वरी और शीतला समूह की 32 सदस्य महिलाओं ने कुक्कूट पालन करके अण्डा उत्पादन के क्षेत्र में अपनी उपलब्धि अर्जित की है। इन महिलाओं ने 03 जनवरी 2020 से अब तक लगभग 1.5 लाख अण्डे का उत्पादन कर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग को विक्रय किया गया है। प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल ने भी इन महिलाओं द्वारा किये जा रहे काम की सराहना की है।

समूह की अध्यक्ष  रीता पटेल ने जानकारी दी कि उड़ान संस्था द्वारा तीन मुर्गी शेड का निर्माण किया गया है, जहां 4 हजार 642 मुर्गियां रखी गई हैं। इनसे प्रतिदिन 03 हजार अण्डे का प्राप्त होते हैं। इससे समूह की महिलाओं को प्रतिमाह 06 हजार की आमदनी हो रही है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा विक्रय किये गये अण्डों को जिले के आंगनबाड़ियों में दिया जाता है। जिससे बच्चों में कुपोषण दूर करने में मदद मिल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि महिलाओं के कदम यहीं नहीं रूकेंगे और उंचाईयों को छूकर समाज में एक नई छवि बनाएंगे।



मामले में शोरूम का एक नाैकर संदिग्ध माना जा रहा है, वह करीब डेढ़ माह पहले काम पर लगा था। वह राजस्थान का निवासी बताया गया है । वारदात सामने आने के बाद से उसका मोबाईल बंद है और वह गायब है। बताया गया है कि इस नाैकर के हाथ में शोरूम की चाबियों का गुच्छा आया था। अनुमान है कि वह ताला खोलकर माल ले भागा। फिलहाल शोरूम संचालक सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाने पंहुचे हैं।

रायपुर । देश में लगातार बढ़ती महंगाई के साथ ही अब छत्तीसगढ़ में आधे दर पर मिलने वाली बिजली के दामों को बढ़ने की तैयारी नियामक आयोग करने जा रहा है। छत्तीसगढ़ में बिजली की नई दर एक अगस्त से लागू हो सकती है। बिजली वितरण कंपनी के प्रस्ताव के आधार पर इस महीने नियामक आयोग फिर से जनसुनवाई करने जा रहा है। नियामक आयोग को भेजे गए प्रस्ताव में वितरण कंपनी को लगभग 4000 करोड़ रुपए के घाटे में होना बताया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ नगर सेना के सैनिक इतनी महंगाई में 12800 रूपये में अपना गुजारा कर रहे हैं। इस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पत्र लिखने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी सैनिकों के दर्द को महसूस करना भी उचित नहीं समझ रहे हैं।

लेकिन कंपनी अपने उपभोक्ताओं को इससे भी कम दाम पर बिजली दे रही है। छत्तीसगढ़ बिजली अभियंता महासंघ के सचिव अरुण देवांगन के मुताबिक छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को घाटे से उबारने के लिए बिजली की दरों में बढ़ोतरी बहुत जरुरी हो गई है। अब देखना ये है कि नियामक आयोग जनसुनवाई के बाद बिजली की दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी देता है की नहीं।

वहीं राज्य के कर्मचारियों को महंगाई से निजाद दिलवाने सरकार कोई पहल नहीं कर रही है। छत्तीसगढ़ में नगर सेना एक ऐसा विभाग है जहां के कर्मचारी दिहाड़ी पर काम करने को मजबूर हैं। यही नहीं नगर सेना के जवान पुलिस के जवानों के बारबार काम करते हैं, लेकिन उन्हें पारश्रमिक के रूप में सिर्फ 12800 रूपये ही वेतन प्राप्त होता है। वैसे कहने के लिए नगर सेना के सैनिकों का वेतन 13200 रूपये है।

बताया जा रहा है कि जब मुख्यमंत्री विपक्ष में बतौर विधायक निर्वाचित हुए थे तब उन्होंने स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को नगर सैनिकों का वेतन 27000 रूपये करने पात्र लिखा था, लेकिन सत्ता पर काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगर सेना के सैनिकों की पीड़ा पर परहम लगना तो दूर उनकी पीड़ा को महसूस करना भी उचित नहीं समझा।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया 1 अगस्त से शरू होगी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी। प्रवेश प्रक्रिया 30 अगस्त तक चलेगी। इसे लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने मार्गदर्शिका जारी कर दिया है, जिसके तहत विद्यार्थियों को अलग-अलग कॉलेजों में आवेदन की आवश्यकता नहीं। एक ही आवेदन में पांच कॉलेजों का नाम लिख सकते हैं। वहीं मूल्याकंन के बाद ही छात्र को कॉलेज में एडमिशन मिलेगी।

रायपुर । मुख्यमंत्री बघेल के निर्देशानुसार राज्य के किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत सहजता से पंजीयन एवं इसका लाभ प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय द्वारा इस योजना की गाईडलाइन में आंशिक संशोधन किया गया है। जिसके अनुसार संयुक्त खातेदार कृषकों को पंजीयन के लिए सिर्फ स्व-घोषणा पत्र देना होगा। पूर्व में जारी गाईडलाइन के अनुसार संयुक्त खातेदार कृषकों के पंजीयन के लिए आवेदन पत्र के साथ समस्त खाताधारकों की सहमति सह-शपथ पत्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने की बाध्यता को विलोपित कर दिया गया है। अब संयुक्त खातेदार कृषकों को सिर्फ स्व-घोषणा पत्र देना होगा।

छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आज जारी संशोधित आदेश के तहत राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने के लिए ऐसे किसानों को जिन्होंने खरीफ वर्ष 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया था, उन किसानों को योजनांतर्गत पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को योजनांतर्गत पंजीयन कराना है। खरीफ वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था, यदि वह उस रकबे में धान के बदले योजना में सम्मिलित अन्य फसल लगाता है, तो उसे योजनांतर्गत पंजीयन कराना होगा। संयुक्त खातेदार कृषकों का पंजीयन नंबरदार के नाम से किया जाएगा एवं इस संबंध में अब सिर्फ स्व-घोषणा पत्र देना होगा।

 इस योजना के तहत खरीफ 2021 से धान के साथ खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को प्रतिवर्ष प्रति एकड़ के मान से 9000 रुपए आदान सहायता राशि दी जाएगी। वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था यदि वह धान के बदले कोदो-कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान अन्य फोर्टिफाइड धान, केला, पपीता लगाता है अथवा वृक्षारोपण करता है तो उसे प्रति एकड़ 10000 रुपए के मान से आदान सहायता मिलेगी। वृक्षारोपण करने वाले कृषकों को 3 वर्ष तक आदान सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के पोर्टल https://rgkny.cg.nic.in पर 30 सितंबर तक पंजीयन कराना होगा।

रायपुर। कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश में अब तक (15 जुलाई तक) एक करोड़ नौ लाख सात हजार 690 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश के 89 लाख 71 हजार 663 लोगों को इसका पहला टीका और 19 लाख 36 हजार 027 को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में तीन लाख आठ हजार 846 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 16 हजार 429 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 49 लाख 96 हजार 912 और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 33 लाख 49 हजार 476 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 42 हजार 188 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 17 हजार 891 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 13 लाख 86 हजार 329 तथा 18 से 44 आयु वर्ग के 89 हजार 619 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। 

प्रदेश में 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 85 प्रतिशत नागरिकों और 18 से 44 आयु वर्ग के 25 प्रतिशत युवाओं ने कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवा लिया है। वहीं 71 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 74 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक के 24 प्रतिशत लोगों ने दोनों टीके लगवा लिए हैं। प्रदेश में कुल एक करोड़ 99 लाख 32 हजार 392 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इनमें तीन लाख 39 हजार 732 स्वास्थ्य कर्मी, दो लाख 93 हजार 040 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 58 लाख 66 हजार 599 तथा 18 से 44 आयु वर्ग के एक करोड़ 34 लाख 33 हजार 021 नागरिक शामिल हैं।