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रायपुर। रायपुर में देवेंद्र नगर थाना के पंडरी स्थित छितिज अपार्टमेंट में फरवरी में हुई 50 लाख की डकैती मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि पुलिस को आरोपी को पकड़ने में 7 महीने लगे है, क्योँकि आज भी कई मामलों में आरोपी फरार हैं। इस मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही ट्रेन से दिल्ली भाग रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

डकैती का मास्टरमाइंट घर का पुराना कर्मचारी मालचंद शर्मा फरार चल रहा था। जिसे राजस्थान के बिकानेर से गिरफ्तार किया गया है। इसी ने बीकानेर के प्रोफेसनल डकैतो के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक 13 फरवरी की रात देवेंद्र नगर स्थित बजरंग शर्मा के मकान में 50 लाख की लूट हुई थी। आरोपियों ने पीड़ित से मारपीट कर लाॅकर खोलकर उसमें से 50 लाख रुपये अपने बैग में भरकर ले गये थे। 

उनके मोबाइल को फ्रिज में रख दिए। शिकायत के बाद पुलिस ने देवेन्द्र नगर थाने में धारा 394 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया था। इससे पहले पुलिस ने मामले में आरोपी अशोक जाखड़ (30 वर्ष), प्रेम जाट (22 वर्ष), जय किशन गोदारा (20 वर्ष), गणेश जाट (22 वर्ष) और भवर चौधरी (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया था. ये पांचों मर्डर के मामले में जेल जा चुके है. सभी बीकानेर के रहने वाले हैं। 

बलौदाबाजार। बलौदाबाजार भाटापारा कोविड-19 कैंसर के अनेक मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है. यहां भर्ती हुए हीरा सिंह को पेट का कैंसर पहले से था. कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनका उपचार करना उनकी उम्र 70 वर्ष के कारण और कठिन था. लेकिन डॉक्टर खेमराज सोनवानी के नेतृत्व में अस्पताल की पूरी टीम ने लगन से काम किया और हीरा सिंह आज अपने परिजनों के पास ग्राम निपानिया लौट गए. सिमगा की सुशीला साहू 53 वर्ष को मलद्वार कैंसर था लेकिन वह भी स्वस्थ होकर अपने घर चली गई। 


बलौदाबाजार कोविड-19 अस्पताल में अब तक करीब 486 मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया और 440 स्वस्थ होकर जा चुके हैं और शेष का इलाज चल रहा है. यहां कई मरीज ऐसे भी थे हृदय रोग, किडनी की बीमारी ,पीलियाा आदि से ग्रस्त थे. चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की मेहनत से स्वस्थ हो गए. यहां के अस्पताल में कुल 73 बेड हैं जिन्मे 8 आई सी यू और10 आक्सीजन बिस्तर है।

लोरमी। मुंगेली जिले के मातृ एवं शिशु अस्पताल लोरमी में एक युवक ने बीती रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. इधर सुबह उसकी मां की भी मौत हो गई है. जानकारी के मुताबिक बलौदाबाजार निवासी 47 वर्षीय अनिल जायसवाल लोरमी में किराए के मकान में रहते हुए धान भूसा सप्लाई करने का काम करता था. जो 50 बिस्तर अस्पताल में भर्ती था. जिनका उपचार पिछले तीन दिनों से चल रहा था. जो कल अचानक रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।

बड़ा सवाल यह है कि लोरमी के सरकारी अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं दी जा रही है और 24 घंटे स्वास्थ्य कर्मचारी तैनात रहते हैं. जिसके बाद भी फांसी के फंदे में युवक लटकते हुए आत्महत्या कर लिया. मृतक बीते 7 सितंबर को डायबिटीज शुगर और फीवर की शिकायत पर 50 बिस्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो आइसोलेशन वार्ड में अपने ही गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। 


धमतरी। प्रदेश में कोरोना कहर जारी है. वहीं आज धमतरी जिले के सिहावा थाना में पदस्थ दो प्रधान आरक्षक और पांच आरक्षक समेत 7 जवान कोरोना पॉजिटिव मिले है. सभी जवानों का इलाज जारी है. वहीँ एक साथ 7 जवान कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद थाने में हडकंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग के जानकारी के मुताबिक सभी एक साथ भवन में क़वारेंटिंन किया जाएगा। 

रायपुर। आम आदमी को ठगी का शिकार बनाने वाले शातिर बदमाशों ने अब पुलिस अफसरों के नाम पर धोखाधड़ी शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ में पदस्थ एसपी और डीएसपी के नाम पर फेसबुक के जरिए रुपए मांगे जा रहे हैं। इसके लिए फर्जी आईडी से उनके अधिनस्थों को मैसेज भी किया गया। हालांकि मामला खुल गया। अब साइबर सेल में इसकी शिकायत की गई है।



राजनादगांव। राजनांदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने दवाईयों को एमआरपी मूल्य से अधिक मूल्य में बेचने पर सहायक औषधि नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रसाधन विभाग को  कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वर्तमान में कोरोना (कोविड-19) संक्रमण काल के दौरान सामान्यत: जनप्रतिनिधियों व जनसामान्य द्वारा शिकायतें प्राप्त हो रही है।

धमतरी। नेशनल हाईवे पर साकरा मोड़ के पास हुए एक दर्दनाक हादसा में एक मोपेड में आग लगने से उसका चालक भी जल गया. चालक को गाड़ी से अलग करने प्रयास सफल नहीं हुआ. इस वाकये को जिसने भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए. घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर और अर्जुनी थाना प्रभारी उमेंद्र टंडन स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे.


व्यक्ति को आसपास के लोगों ने मोपेड से अलग करने का प्रयास भी किया. पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन तब तक उस व्यक्ति की मौत हो चुकी थी. मोपेड में सब्जियां व कुछ अन्य सामान थे, जिससे यह अंदेशा है कि वह आसपास किसी गांव का है और घर लौट रहा था. फिलहाल, मृतक की पहचान नहीं हो पाई है, उसके संबंध में आसपास पतासाजी की जा रही है। 


अस्पताल के स्टाफ ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के सीपत चौक स्थित निजी अस्पताल गायत्री हॉस्पिटल की है। पुलिस के मुताबिक पति-पत्नी के बीच अनबन थी, डॉ. अजय नशे के इंजेक्शन लेने के आदी थे। पुलिस मामले की गहरी पड़ताल कर रही है। जांच में डॉग स्क्वाड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट आदि की भी मदद ली जा रही है।

रायपुर। संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं. बंजारे के साथ उनके स्टाफ के 7 सदस्यों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है. इसके साथ ही बंजारे के परिवार के 11 सदस्य भी पॉजिटिव पाए गए हैं. इस रिपोर्ट के बाद सारे लोग होम आइसोलेट हो गए हैं. बता दें कि बेमेतरा जिले के नवागढ़ से गुरुदयाल सिंह बंजारे विधायक है। 

पिछले दिनों नवागढ़ विधानसभा के विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे के पीएसओ और वाहन चालक कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. लेकिन संसदीय सचिव और बाकी स्टाफ की रिपोर्ट निगेटिव आई थी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से  वे 5 दिन के लिए होम क्वारंटीन हुए थे. संसदीय सचिव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी. लेकिन अब उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. साथ में परिवार के सदस्यों भी कोरोना संक्रमित पाए गए है। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिक्षक भर्ती की ठप पड़ी प्रक्रिया को शुरू करने की मांग को लेकर सोमवार को सीएम हाउस का घेराव करने निकले बीएड-डीएड अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोक लिया। बता दें छत्तीसगढ़ में 14580 पदों पर शिक्षकों भर्ती की रुकी हुई प्रक्रिया को लेकर प्रशिक्षत बीएड-डीएड संघ आंदोलन पर उतर आया है। 

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष दाउद खान ने बताया कि सोमवार की सुबह से, प्रदेश भर के चयनित शिक्षक उम्मीदवार राजधानी के बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर जुटे और वहां से सीएम घेराव करने निकले, जहां पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढऩे दिया। इस दौरान खूम झूमझटकी भी हुई। खान का कहना है कि पिछले डेढ़ सालों से यह प्रक्रिया ठप पड़ी है। अब सरकार ने उस प्रक्रिया को पूरी करने की बजाय मेरिट लिस्ट की अवधि को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक चल रही है। बैठक में जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्यगण अपने जिले से जुड़े। बैठक में अनुसूचित जनजातियों के उत्थान एवं कल्याण से संबंधित विभिन्न नीतिगत विषयों विचार विमर्श किया जा रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम और विधायक मोहन मरकाम वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत,सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, चिंतामणि महाराज, विधायक मोहन मरकाम, 

रायपुर। शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन जारी है। आज बूढ़ातालाब स्थित धरनास्थल में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर निर्णय लिया कि अपनी मांगों को लेकर पहले मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। इसके बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी। प्रदर्शन स्थल पर अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। यदि कोरोना काल में प्रशासन द्वारा किसी तरह रोक लगाई जाती है तो सभी अभ्यर्थी अपने घर के बाहर अपने क्षेत्र के तहसीलदार व एसडीएम को सूचित कर हड़ताल पर बैठेंगे।

छत्तीसगढ़ डीएलएड संघ के प्रांतीय सचिव सुभाष धरई ने बताया जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, हम अनिश्चितकालीन हड़ताड़ पर बैठेंगे। यदि हमें पुलिस प्रशासन रोक लगता है तो हम हमारे साथियों के साथ अपने-अपने तहसीलदार व एसडीएम को सूचित करके अपने घर के बाहर बैठेंगे। हम सरकार के द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुरूप ही प्रदर्शन करेंगे।

प्रदर्शन में शामिल तरुण ने कहा कि पिछली बार हमने 22 अगस्त को धरना दिया था और सरकार को 1 सितंबर तक अल्टीमेटम दिया था कि यदि वे हमारी मांगों को नहीं मानती है तो हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठना पड़ेगा और आज उसका पहला दिन है। पहले दिन में हम मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे और सरकार फिर भी नहीं मानती है तो हम अनिश्चितकाल तक हड़ताल में बैठेंगे।

रायपुर। पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक ननकीराम कंवर ने सीएम हाउस के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने दो टूक कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तो आगामी 10 सितंबर से वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे. उन्होंने इस संदर्भ में कलेक्टर को चिट्ठी लिखी है. पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि जानबूझकर उनके बेटे के साथ मारपीट करने वाले बीजेपी नेता के बेटे को जानबूझकर अधिकारी बचा रहे हैं. एफआईआर की धाराएं बदल दी जा रही हैं. अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। 

कंवर ने कहा कि एक बार व्यक्तिगत तौर पर भी मुख्यमंत्री से फोन पर बात करने की कोशिश करूंगा. यदि मेरी मांगें नहीं मानी गई, तो हड़ताल तय है दरअसल मामला ननकीराम कंवर के बेटे संदीप कंवर और बीजेपी नेता देवेंद्र पांडेय के बेटे शिवम पांडेय के बीच मारपीट की घटना हुई थी. इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. कंवर ने कलेक्टर को लिखी चिट्ठी में बताया है कि उनके बेटे संदीप कंवर ने सृष्टि संस्था में सदस्य बनने के लिए बीस लाख रूपए दिए थे, लेकिन न तो सदस्य बनाया गया और न ही रूपए लौटाए गए. संदीप रूपयों की मांग को लेकर अपने विश्वनाथ यादव के साथ देवेंद्र पांडेय और शिवम पांडेय के पास गया था. वहां से विश्वनाथ को भगा दिया गया और संदीप को बंधक बनाकर मारपीट और गालीगलौच की गई। 

रामपुर पुलिस चौकी में इस पूरे मामली की शिकायत दर्ज कराई गई. चौकी में धारा 302, 294, 506, 323, 34 के तहत अपराध दर्ज कर कोरबा के सिटी कोतवाली को विवेचना के लिए भेजा गया. कंवर का आरोप है कि थाने से धारा 342 हटा दिया गया. बाद में एसपी स्तर के अधिकारियों से बातचीत किए जाने के बाद धारा दोबारा जोड़ी गई.पूर्व गृहमंत्री ने अपने आरोप में कहा है कि उच्च स्तरीय दबाव की दलील देकर पुलिस अधिकारी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर रहे हैं. प्रशासन द्वारा आदिवासियों को संरक्षण देना छोड़कर अपराधियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. कंवर ने कहा है कि यदि 10 सितंबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तो वह सीएम हाउस के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठजाएंगे। 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की समीक्षा कर रहे है। मुख्यमंत्री निवास में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चल रही समीक्षा बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े।

मुख्यमंत्री बघेल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी,जिला पंचायतों के सीईओ, नगर निगम के आयुक्तों और मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों से बैठक में जिलेवार अस्पतालों, कोविड सेंटर और आइसोलेशन केंद्रों में उपलब्ध और ओक्यूपाइड बिस्तरों की संख्या, सिंप्टोमेटिक और एसिंप्टोमेटिक मरीजों की संख्या, जिलेवार प्रतिदिन औसत टेस्ट क्षमता, जांच रिपोर्ट में लगने वाले समय, रैपिड टेस्ट और आर टी पी सी आर टेस्ट की संख्या, पिछले 7 दिनों का दैनिक विवरण, दोनों प्रकार के टेस्टों के परिणामों, ऑक्सीमीटर की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, आईसीयू और वेंटिलेटर की उपलब्धता, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की जानकारी ले रहे है।


रायपुर। प्रदेश में बढ़ते अपराध को देखते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी ने फैसला लिया है कि अब जिले के साथ ही सीधे पुलिस मुख्यालय से भी सभी थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखेंगे. अब सभी थाना प्रभारियों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाएगा. जहां वे अपने थाना की कार्यप्रणाली, घटित अपराधों और उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी देंगे. इस ग्रुप में स्वयं डीजीपी मॉनिटर करेंगे. अवस्थी ने यह बातें पुलिस मुख्यालय में वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये थाना प्रभारियों के लिये आयोजित कार्यशाला में कही है। 

अवस्थी ने कहा कि जो थाना प्रभारी अपराधों पर अंकुश नहीं लगाएंगे उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. थाने में वही आता है जो पीड़ित होता है. पुलिस का बेसिक काम पीड़ित को न्याय दिलाना और दोषियों पर कार्रवाई करना है. महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस थानों की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है. एक माह बाद थाना प्रभारियों के कामकाज की फिर से समीक्षा की जाएगी. जिसके अपराधों पर नियंत्रण ना कर पाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और अच्छा काम करने पर थाना प्रभारियों को पुरस्कृत किया जायेगा। 

रायपुर। शहर में सक्रिय अपराधी गैंग जो लम्बे समय से अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाते जा रहे हैं। अभी ऐसे अपराधी गैंग के गुर्गे अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को अपना शिकार बनाते जा रहे हैं। ऐसे गैंग के लोग ऐसे बच्चों को अपने साथ मिलाते है, जो कि पढ़ाई लिखाई से कोसों दूर रहते हैं। बस्ती में रहने वाले बच्चों का ध्यान ज्यादातर लफूटबाजी और गलत संगत में ज्यादा होता हैं। जिससे ऐसे बच्चों को अपराध में शामिल करना बहुत आसान हो जाता हैं। 

राजधानी में आये दिन बढ़ रहे अपराध को देखते हुए ऐसा लगने लगा है कि शहर में पुलिसिया खौफ अपराधियों में हैं ही नहीं। अपराध के मामले में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज नंबर 1 में चल रहा हैं। रायपुरवासियों को ऐसा लगता है कि वो सभी अपने घरों में सुरक्षित हैं। मगर ये उन्हें भी नहीं पता कि उनके घर के बच्चों को ही अपराध की दुनिया में शामिल करने के लिए कुछ गुंडे-बदमाश और निगरानी शुदा मुजरिमों के गुर्गे उकसा रहे हैं। रायपुर शहर अपराधियों का गढ़ बन चुका हैं। इसी कड़ी को जोड़ते हुए आये दिन की वारदातों में पकड़े जाने वाले आपोपियों को देखें तो उसमें एक या दो नाबालिग शामिल होते ही हैं। और ज्यादातर ऐसे नाबालिगों से अपराध नशे के लिए कराया जाता हैं।

बच्चों को अपने पास रखे हथियार दे दिया जाता है जिससे बच्चे लोगों को चाकू दिखाकर लूटपाट करते हैं। नशे के लिए होते अपराध अक्सर ऐसा देखा जाता हैं कि बच्चे नशे की आड़ में गलत धंधों में फंस जाते हैं। मगर इसके पीछे कुछ नामी बदमाशों का हाथ होने की आशंका से पुलिस बी इंकार नहीं कर रही हैं। पुलिस अपराधी को गिरफ़्तार कर उसे न्यायालय पेश कर देती हैं। मगर न्यायधीश द्वारा नाबालिगों को उनके भविष्य के बारे में सोच समझकर निर्णय देना होता हैं। जिससे की अपराध किये हुये और अपराधी और अपराध में संलिप्त आरोपी कभी-कभी छूट जाते हैं। पुलिस को भी हमेशा जमानती अपराधियों से काफी परेशानी होती हैं।