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कोरबा। एक अक्टूबर सुबह की पहली किरण जिले में लॉकडाउन खुलने के साथ ही रजगामार निवासी 24 वर्षीय कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला की जिंदगी में नई खुशियां लेकर आई। जिले के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में महिला ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया है। कोरोना महामारी के दौर में जिले के ईएसआईसी कोविड अस्पताल में मेडिकल टीम ने बडी उपलब्धि हासिल की है। कोविड अस्पताल के डाक्टरों ने कोरोना संक्रमित महिला का सुरक्षित प्रसव कराया है। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। 

कोरोना संक्रमित महिला ने प्रसव के दौरान लड़का को जन्म दिया जोकि पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है। मेडिकल टीम द्वारा नवजात शिशु की देखभाल की जा रही है तथा महिला का कोरोना ईलाज जारी है। इएसआईसी कोविड अस्पताल कोरबा में किसी कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव का पहला मामला है। कलेक्टर  किरण कौशल ने शिशुवती माता को बधाई दी और कोविड अस्पताल के पूरे मेडिकल स्टाफ की तारीफ कर होैसला बढ़ाया है। 


कोविड अस्पताल में कुशल डाक्टरों और नर्सों की मेडिकल टीम की ड्यूटी लगाई गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बी.बी.बोर्डे ने बताया कि 24 वर्षीय रजगामार निवासी गर्भवती महिला ऐ- सिम्प्टोमेटिक कोरोना पाजिटिव है। महिला का ईलाज होम आइसोलेशन में रखकर किया जा रहा था। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर एक अक्टूबर को ईएसआईसी कोरबा में भर्ती कराया गया। एक अक्टूबर को सुबह सात बजकर 38 मिनट पर उनका सफलतापूर्वक प्रसव कराया जिसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। नर्सों द्वारा जच्चा-बच्चा की लगातार देखभाल की जा रही है।

रायपुर। दो साल पहले की ही बात है। इस गाँव की तस्वीर ऐसी न थीं। अपने गाँव से विवाह के बाद आई टुकेश्वरी एमए पास है तो क्या हुआ ? उसके पास कोई काम न था। गाँव वालों के अपने खेत तो थे, लेकिन इन खेतों में हरियाली सिर्फ बारिश के दिनों में ही नजर आती थीं। फसल बोते थे लेकिन दाम सहीं नहीं मिलने से कर्ज में लदे थे। गाँव का गणेश, रामाधार हो या सेन काका.. सभी अपने गांव को खुशहाल देखना चाहते थे। दुलारी के पति सालों पहले स्वर्ग सिधार गए थे, घर पर बच्चों की जिम्मेदारी उस पर तो थी ही लेकिन हाथों में कोई काम नहीं होने की चिंता उसे हर घड़ी सताया करती थी। 

चरवाहा मंगतू यादव... गाय तो चराता था लेकिन सैकडों गाय को चराने के बाद भी उसे थोड़ा आराम और सभी पशु मालिकों से कुछ रुपया मिल जाए इसकी भी गारण्टी न थी। गाय का गोबर तो बस गोबर ही था, जहाँ तहां पड़ा हो तो वहीं सूखकर मिट्टी में मिल जाता था, हां कुछ लोग कभी कंडे तो कुछ लोग खाद बना जरूर लिया करते थे मगर गोबर को अधिक उपजाऊ खाद और अधिक पैसे का सपना कभी देखा ही नहीं था। कमोवेश गांव में दुर्गेश्वरी बाई, गीता, जानकी, सावित्री, अनिता, लक्ष्मी यादव सहित अनगिनत महिलाएं थीं जिनका दिन बस घर की चहारदीवारी में ही कट जाती थीं या फिर किसी-किसी के खेत-खलिहानों में मजदूरी करते बीत जाती थी। 

भले हीं यह गांव राजधानी से कुछ किलोमीटर में है तो क्या हुआ? एक से डेढ़ बरस पहले तक इस गांव की कोई विशेष पहचान न थी। अब तो यह गांव किसी पहचान का मोहताज नहीं है। घर-घर की महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की राह में हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से फसल का दाम मिलने से किसानों में खुशी और खेतों में हरियाली है। किसी के गाय-बैलें यूं ही नहीं भटकते। गोबर की भी कीमत है। चरवाहों को पशु मालिकों से कुछ मिले न मिले, उनके खाते में गोबर से रुपए मिलने की गारण्टी है। गांव में पक्की गलियां, सुंदर बगीचा, स्वच्छ तालाब भी है। सच्चाई को बयां करती यह कहानी है रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम बनचरौदा की।



रायपुर। आईपीएल के तेरहवें सीज़न की शुरुआत के साथ राजधानी में सट्टेबाजों की सक्रियता बढ़ गई है। पुलिस की लगातार कार्रवाई व छापेमारी के बाद भी सट्टेबाज सक्रिय है। इसी सिलिसिले में राजधानी पुलिस ने न्यू शांतिनगर के वेलकम हाइट्स से आज 3 सट्टेबाजों को धर दबोचा है। सिविल लाइन थाना व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपियों के पास से 10,000 रू नकदी समेत लाखों की सट्टा पट्टी बरामद की गई।

सिविल लाइन थाना प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार 30 सितम्बर को मुखबीर ने सूचना दी कि राजस्थान राॅयल्स बनाम कोलकाता नाईट राइडर्स के बीच चल रहे मैच में न्यू शांति नगर स्थित वेलकम हाईट्स के एक मकान में क्रिकेट सट्टा खिलाया जा रहा है। सूचना पर सायबर सेल एवं थाना सिविल लाईन की एक विशेष टीम का गठन कर मकान पर रेड मारी। मकान में मैच के दौरान लाईन लेकर क्रिकेट सट्टा खिलाते आशीष कश्यप, आमीर अहमद एवं हर्ष मित्तल उर्फ अग्रवाल को रंगे हाथ पकड़ा गया। 

पूछताछ में आरोपियों ने लाईन लेकर क्रिकेट सट्टा खिलाया जाना स्वीकार किया। जिस पर आरोपी आशीष कश्यप, आमीर अहमद एवं हर्ष मित्तल उर्फ अग्रवाल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नगदी 10,100/- रूपये, 8 नग मोबाईल फोन, 1 टीव्ही., 1 टाटा स्काई का सेट-अप बाॅक्स, 1 केलक्यूलेटर तथा लाखों रूपये की सट्टा-पट्टी का हिसाब जप्त किया। आरोपियों के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 386/20 धारा 4क जुआ एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा आरोपियों के विरूद्ध पृथक से धारा 151 जा.फौ. के तहत् भी कार्यवाही की गई।

राजनांदगांव। नक्सलियों के खतरनाक मंसूबों में कोई कमी नहीं आ रही है। राजनांदगांव जिले में नक्सलियों ने बुधवार की रात को सड़क निर्माण कार्य में लगी पांच गाड़ियों में आग लगा दी। जिले के मोहला पुलिस स्टेश की सीमा के अंतर्गत पारडी और परविडीह गांव के बीच सड़क निर्माण किया जा रहा था। इस घटना की अधिक जानकारी देते हुए राजनांदगांव के एसपी डी श्रवण ने बताया कि नक्सलियों द्वारा जलाई गई गाड़ियों में एक चेन माउंटेन वाहन, दो मिक्सर मशीन और दो ग्रेडर यानी कुल पांच गाड़ियों आग लगाई गई है।


रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से बस्तर जगदलपुर से रायपुर एवं हैदराबाद की हवाई यात्रा के लिए 72 सीटर नियमित विमान सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से अब बस्तरवासियों को हवाई मार्ग से रायपुर एवं हैदराबाद आवागमन की सुविधा का लाभ मिलेगा। विमान सेवा के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, सांसद, संसदीय सचिव, विधायकगण सहित बस्तर अंचल के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि जगदलपुर से विमान सेवा की शुरूआत कर हम बस्तर को बड़ी संभावनाओं से जोड़ रहे हैं, जो पूरे बस्तर संभाग के विकास को नया आयाम देगी। उन्होंने इस मौके पर बस्तर को हवाई सेवा से जोड़ने के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तरवासियों को उड़ान सेवा का लाभ देने हेतु शासन लगातार प्रयत्नशील रहा है। हमारी सरकार के प्रयासों से 02 मार्च 2020 को डीजीसीए नई दिल्ली से विमान उड़ान हेतु अनुमति प्राप्त करने में सफलता मिली, जिसके परिणाम स्वरूप आज से एयर इंडिया की सहायक कम्पनी एलायंस एयर बस्तर में उड़ान सेवा प्रारंभ कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से बस्तरवासियों को विकास के प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होगा। बस्तर से रायपुर एवं हैदराबाद की यात्रा का समय केवल एक घंटा लगेगा। हैदराबाद से आगे विश्व में कहीं भी जाया जा सकता है। वर्तमान में सड़क मार्ग से रायपुर की यात्रा 06 घंटे में पूरी होती है तथा हैदराबाद की यात्रा लगभग 12 घंटे में पूरी होती है। यात्रा के दौरान घाटियां एवं दुर्गम रास्ता भी पार करना होता है । बस्तर के लोग विषम परिस्थिति में चिकित्सा हेतु रायपुर, विशाखापटनम या हैदराबाद जैसे महानगर की हवाई यात्रा से जल्द से जल्द पहुंच सकेंगे तथा महानगरों के चिकित्सक, हवाई सेवा का लाभ लेकर बस्तरवासियों को आधुनिक चिकित्सा बस्तर में आसानी से दे सकेेंगे ।

विमान सेवा के प्रारंभ होने से बस्तर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश–विदेश के लोगों को बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त होगी। पर्यटक बस्तर की यात्रा आसानी से कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से बस्तर संभाग में बैंकिंग, टेलीकॉम सेक्टर, एनएमडीसी, बचेली, किरन्दुल, नगरनार तथा केंद्र एवं राज्य शासन के प्रशासनिक अमला को विशेष परिस्थिति में त्वरित यात्रा की सुविधा होगी। बस्तर के युवाओं को आधुनिक शिक्षा, उच्च शिक्षा के लिये जाने हेतु व्यापक सुविधा प्राप्त होगी। बस्तर के व्यापारियों को हर तरह की सेवा हेतु विशेष लाभ मिलेगा। बस्तर में कला, संस्कृति, खेल, रंगमंच एवं अन्य क्षेत्र की हस्तियों के आगमन होने से बड़े आयोजन सफलतापूर्वक अल्प समय में पूरे किये जा सकेंगे।

राजनांदगांव। अंबागढ़ चौकी-मानपुर मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम मे एक आदिवासी बालिका दूसरी बार अनाचार का शिकार हो गई। शुक्रवार को मानपुर मुख्यालय में आदिवासी कार्यक्रम में पहुंची युवती वापसी के दौरान जंगल में गैंगरेप की शिकार हो गई। खबर लिखे जाने तक युवती को गांव में खाप पंचायत लगाकर नजरबंद कर दिया गया। दिन भर चले इस घटनाक्रम में मानपुर पुलिस की निकम्मापन सामने आया है, जहां मामले का पुलिस ने संज्ञान तक नहीं ले पाई।

मिली जानकारी के अनुसार मानपुर में शुक्रवार दोपहर बाद धारा 144 लगने के बावजूद अचानक कथित आदिवासी मोर्चा के नाम पर बस स्टैंड में हो हल्ला शुरू हो गया। झंडा बैनर तीर कमान लेकर लोग हिंदू धर्म और भगवा के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। इसी कार्यक्रम में एक बड़े आदिवासी नेता की बेटी कार्यक्रम में शरीक हुई। बताया गया कि वापसी के दौरान देर शाम इसी प्रदर्शन में शामिल युवकों ने आदिवासी नेता की बेटी के साथ पूरी रात जंगल में गैंगरेप किया और घटनास्थल से फरार हो गए। 

सुबह खोज खबर करते हुए अचेत अवस्था में युवती को बंधे हुए अवस्था में जंगल से बरामद किया गया। गैंगरेप पीड़िता को लेकर मानपुर के काफी नजदीकी गांव में बैठक आयोजित की गई। गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया। किसी भी बाहरी आने जाने वाले लोगों को डांट डपट कर गांव से भगा दिया गया। पीड़िता को नजरबंद करते हुए इस मामले की थाने तक रिपोर्ट दर्ज कराने, खबर लिखे जाने तक रोक दिया गया है।

जगदलपुर। जगदलपुर एयरपोर्ट का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के नाम पर कर दिया गया है। शनिवार को एयरपोर्ट पर मां दंतेश्वरी के नाम की पट्टिका लगा दी गई। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन का मोनो और आमचो बस्तर का लोगो भी लगाया गया है। कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 15 दिन पहले राजधानी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर यह मांग की थी। 

बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने बताया कि शासन की ओर से एयरपोर्ट का नामकरण मां दंतेश्वरी के नाम पर करना तय किया गया है। 21 सितंबर से यहां से उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री रायपुर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन करेंगे। इसकी तैयारी की जा रही है। बता दें कि द्वितीय विश्वयुद्ध के शुरुआती वर्ष 1939 में बस्तर के सामरिक महत्व को देखते हुए इस एयरपोर्ट का निर्माण शुरू किया गया था। इसका पुराना नाम जहाज भाटा है।

रायपुर। कोरोना के चलते स्कूल बंद हैं। ऐसे में छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षा आयोजित की जा रही है, लेकिन किसी कारणवंश कई जगहों पर ऑनलाइन शिक्षा भी आयोजित नहीं हो पा रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कोरिया में एक टीचर ने अपनी मोटरसाइकिल पर ब्‍लैकबोर्ड को बाइक पर बांध छात्रों के घर-घर जाकर शिक्षा प्रदान की। मोहल्ला क्‍लासेस के जरिए वह बच्‍चों को शिक्षा दे रहे हैं। ऐसे मे सरकारी स्कूल के एक टीचर की काफी प्रशांसा हो रही है।



तेलीबांधा थाना प्रभारी रमाकांत साहू ने बताया कि होटल कोर्टयार्ड के फाइनेंस कंट्रोलर ई.वी रमन्ना ने अपने सेल्समैन सौरभ हाजरा पर 26 लाख रुपए करने का गबन का आरोप लगाया गया है. आरोपी सौरभ हाजरा द्वारा होटल कोर्टयार्ड में पिछले 8 माह के दौरान हुए इवेंट और शादी के पैसे करीब 26 लाख रुपयों को गबन किया गया है. गबन की जानकारी मिलते ही होटल के फाइनेंस कंट्रोलर ई.वी रमन्ना ने तेलीबांधा थाना में सौरभ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। 

कवर्धा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर की सक्रियता और राज्यपाल अनुसईया उईके के हस्तक्षेप ने कवर्धा के आदिवासी झामसिंह व उसके परिजनों को इंसाफ दिलाया है। इस आदिवासी की मप्र पुलिस की गोली से माैत के 11 दिन बाद आखिरकर मप्र पुलिस को न केवल हत्या का अपराध दर्ज करना पड़ा है बल्कि पीडि़त परिवार को 1 लाख रुपए व परिवार के एक सदस्य को नाैकरी देने की घोषणा की है।

6 सितंबर को मप्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कवर्धा जिले के निवासी झामसिंह की पुलिस गोली लगने से मौत हो गई थी। मप्र पुलिस ने इसे नक्सली मुठभेड़ कहा था लेकिन ग्राम वासियों के अनुसार वे निर्दोष थे व जंगल में मछली पकड़ने गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस विषय में मप्र के मुख्यमंत्री व राज्यपाल को पत्र लिख इस मामले की जांच के लिए आग्रह किया था।

मंत्री अकबर ने इस व्यक्ति को इंसाफ दिलाने की पहल करते हुए एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह,गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पत्र लिखकर जांच की मांग और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की थी। यही नहीं एमपी के सीएम को पत्र लिखने के बाद 24 घंटे के भीतर दूसरी बार पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए संज्ञान लेने का आग्रह किया था। इसके अगले दिन अकबर ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसईया उईके से फोन पर बात कर उन्हें मामले से अवगत करवाते हुए हस्तक्षेप का आग्रह किया था।


मंत्री अकबर के आग्रह पर राज्यपाल सुश्री उईके ने एमपी के सीएम को पत्र लिखकर तुरंत कार्यवाही की बात कही थी। इसके अगले दिन यानी बुधवार को एमपी पुलिस ने झामसिंह मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जब ये मामला सामने आय़ा था, तभी से कबीरधाम जिले के आदिवासी समुदाय ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के जनजातीय समूह में एमपी पुलिस के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्याप्त था। झाम सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता अकबर ने दिखाई।

नतीजतन एक आदिवासी की फर्जी मुठभेड़ के संगीन मामले में एमपी पुलिस को कार्यवाही करनी पड़ी। यह मामला मानवाधिकार हनन के आरोप से भी जुड़ा था, लिहाजा मानवाधिकारवादी संगठनों की नजर भी मामले पर थी। इस मामले का अपेक्षानुसार निपटारा होने से कबीरधाम जिले के आदिवासी समुदाय ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के समूचे आदिवासी समुदाय ने राहत की सांस ली है।

जांजगीर। सरकारी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से दुखी होकर कोरोना संक्रमित युवक तड़के सुबह सेंटर से भाग गया और ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली है. इससे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है. युवक की आत्महत्या के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए है. आत्महत्या करने से पहले युवक ने अपनी बहन को मैसेज कर कहा था कि माता-पिता का ध्यान रखना, मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं और ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। 

जानकारी के मुताबिक कुलिपोटा निवासी युवक पंकज तिवारी 15 सितंबर को कोरोना संक्रमित पाया गया था. जिसके बाद उसे कोविड केयर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां की अव्यवस्था को देख युवक काफी परेशान रहता था। उसे खाने पीने के लिए भी नहीं मिलता था. इस अव्यवस्था की सूचना उसने मोबाइल के जरिए अपने परिजनों को दिया था और यहां से उसे निकालकर घर ले जाने को कहा था. पुलिस ने बताया कि युवक वहां से कैसे भागा, इस पर जांच की जा रही है. अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच के साथ सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी। 

मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए है. मृतक के पिता का कहना है उसके बेटे को अस्पताल में ठीक से खाने पीने को नहीं मिल रहा था. जिसके कारण वो बार-बार उसको वहां से ले जाने को कह रहा था. उसके पिता ने होम आइसोलेशन के लिए फॉर्म भी भर दिया था, मगर उसके बेटे को उस दिन नहीं भेजा गया. पिता का कहना है कि मरने से पहले सुबह बेटे ने घर में अपनी बहन के मोबाइल में खुदकुशी करने का मैसेज किया था. मैसेज मिलने के बाद घर वाले आनन-फानन में अस्पताल के लिए निकले. तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उन्हें खबर मिली कि बेटे ने आत्महत्या कर ली है। 

बता दें कि जाँजगीर कोविड केयर अस्पताल में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं घट चुकी है. जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. कुछ महीने पहले अस्पताल में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था ऑक्सीजन की कमी के चलते भी यहां मरीजों की मौत हो चुकी है. कुछ हफ्ते पहले एक शराबी अपनी पत्नी से मिलने दरवाजा तोड़कर अस्पताल में घुस गया था, उस समय भी कोई सुरक्षा व्यवस्था वहां मौजूद नहीं था. रोजाना अस्पताल में भर्ती मरीजों की शिकायत के बाद भी अस्पताल में अव्यवस्था का आलम पसरा हुआ है। 


तेलीबांधा थाना प्रभारी रमाकांत साहू ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्विफ्ट डिजायर कार सीजी 04 एमएल 3978 में कुछ लोग सोना लेकर बिक्री करने के लिए महासमुंद से रायपुर की ओर आ रहे हैं. तेलीबांधा स्थित मैग्नेटो मॉल के पास वाहन को रोककर चेक किया गया, तो उनके पास से सोने की बिस्किट बरामद हुई. इनके पास से सोने से संबंधित किसी भी प्रकार की दस्तावेज नहीं मिली है। 





रायपुर। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के साथ शासन-प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित रखने की अपनी कवायद तेज कर दी है. इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में प्रशासन की सक्रियता से ट्वीट के जरिए अवगत कराया है, जिसमें कोविड-19 से बचाव के साथ-साथ संक्रमित होने के बाद की स्थिति से निपटने के उपाय बताते हुए नंबर जारी किए गए है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्वीट में खासतौर से रायपुर और दुर्ग जिला प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमितों को मुहैया कराई जा रही विशेष सेवाओं की जानकारी दी है, इसमें कोविड-19 के लिए आपातकालीन सेवा के साथ-साथ होम आइसोलेशन वाले मरीजों को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने के लिए की गई एंबुलेंस व्यवस्था की जानकारी दी है। 

रायपुर। साई नगर स्थित रहेजा टावर को कोविड हॉस्पिटल बनाने के निर्णय से स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। बढ़ते संक्रमितों की संख्या के चलते प्रशासन ने खाली पड़े भवनों को अस्थाई कोविड हॉस्पिटल बनाने का निर्णय लिया गया है, इसी क्रम में साई नगर स्थित एक होटल को चुना गया है। खाली पड़े इस होटल को कोविड हॉस्पिटल बनाए जाने से साईं नगर निवासियों ने इसका विरोध करने शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि घनी आबादी के बीच हॉस्पिटल बनाने से पूरे क्षेत्र में संक्रमण का खतरा बना रहेगा। 

साई नगर में करीब 3000 लोग रहते है। वहीँ जिस परिसर का चुनाव किया गया है, उसका निर्माण भी अवैध है। नगरीय तथा ग्रामीण निवेश विभाग के निर्देशानुसार किसी भी होटल के लिए भूखंड कम से कम 10000 वर्ग फ़ीट का होना चाहिए तथा इतनी जगह होनी कि अग्निशमन वाहन आसानी से प्रवेश व निकास कर सके। नगर निगम नियमों के विपरीत रहेजा टावर का क्षेत्रफल मात्र 6000 वर्गफीट है, व इतनी जगह भी नहीं है कि कोई बड़ी गाड़ी जैसे एम्बुलेंस अथवा अग्निशमन वाहन आसानी से प्रवेश कर सके।

सबसे बड़ी बात कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक परिसर बनाने की अनुमति कैसे मिल गई। इसका नक्शा भी गलत ढंग से पास करवाया गया है। नगर निगम ज़ोन 2 के अंतर्गत इस भवन में कई गड़बड़ियां है। तंग रास्तों की वजह से एम्बुलेंस का प्रवेश भी बाधित रहने की आशंका है। और जांच करने के बाद हमे सूचना प्राप्त हुई कि कोविड हॉस्पिटल बनाने के लिए निगम द्वारा अनुमति भी प्राप्त नहीं हुई है। क्षेत्र वासियों में इस बात को लेकर बेहद रोष है कि बिना नगर निगम ज़ोन 2 की अनुमति के इस अवैध परिसर में कोविड हॉस्पिटल का निर्माण कैसे किया जा रहा ही। अब देखना यह है कि प्रशासन इस विषय पर क्या कार्रवाई करता है।



जांजगीर। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संकट का दौर चल रहा है। लोग बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं और राेजाना कई पीड़ितों की मौत हो रही है। ऐसे में हर कोई यह दुआ कर रहा है कि भगवान उन्हें इस बीमारी से दूर रखें, लेकिन छत्तीसगढ़ के जांजगीर में एक परिवार ऐसा है जिसके सदस्य रिपोर्ट पॉजिटिव आने की दुआ कर रहे हैं। 


दरअसल यह मामला परिवार में आपसी प्रेम की भावना से जुड़ा है। परिवार के एक ऐसे बुजुर्ग सदस्य को कोरोना पॉजिटिव पाया गया जिनके कमर की हड्डी टूटी हुई है और वे उठ बैठ नहीं सकते। अस्पताल में उनकी सेवा के लिए परिवार के किसी सदस्य का वहां मौजूद होना जरूरी था, लेकिन मरीज के साथ किसी को भी कोरोना वार्ड में न रखे जाने की बाध्यता की वजह से परिवार यह प्रार्थना कर रहा है। 

रायपुर। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर शहर की यातायात व्यवस्था एवं चौक चौराहों को स्मार्ट बनाने व सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने के लिए यातायात पुलिस रायपुर लगातार नित नए प्रयोग कर व्यवस्था बनाई जा रही है। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी द्वारा लगाए गए आईटीएमएस कैमरों के माध्यम से उल्लंघन करता वाहन चालाक के विरुद्ध ई चालान नोटिस जारी की जा रही है यह चालान नोटिस वाहन चालक को अनिवार्य रूप से पटाना होता है यदि वह चालान नहीं पटाता तो आरटीओ से मिलने वाली समस्त सेवाएं बाधित रहेगी, नहीं वे वाहन में न हीं खरीदी बिक्री कर सकते हैं या अन्य तरह की कोई भी सुविधा जो आरटीओ से मिलती है उन सभी सेवा से वंचित हो सकते है। 

इसके अतिरिक्त एक ही नियम को बार-बार उल्लंघन करने पर दोगुना चालान पटाना पड़ेगा जैसे सिग्नल उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 200 का चालान बनता है किंतु यही गलती दोबारा करने पर वह चालान 1000 तक भरना पड़ेगा। कोरोना काल को देखते हुए संक्रमण की रोकथाम एवं उल्लंघन करते  वाहन चालकों की सुविधा हेतु यातायात पुलिस रायपुर द्वारा ऑनलाइन ई पेमेंट की सुविधा जारी की गई है जिसके तहत उल्लंघन करता वाहन चालक अपना चालान घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से जमा कर सकते है।