Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से बस्तर जगदलपुर से रायपुर एवं हैदराबाद की हवाई यात्रा के लिए 72 सीटर नियमित विमान सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से अब बस्तरवासियों को हवाई मार्ग से रायपुर एवं हैदराबाद आवागमन की सुविधा का लाभ मिलेगा। विमान सेवा के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, सांसद, संसदीय सचिव, विधायकगण सहित बस्तर अंचल के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि जगदलपुर से विमान सेवा की शुरूआत कर हम बस्तर को बड़ी संभावनाओं से जोड़ रहे हैं, जो पूरे बस्तर संभाग के विकास को नया आयाम देगी। उन्होंने इस मौके पर बस्तर को हवाई सेवा से जोड़ने के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तरवासियों को उड़ान सेवा का लाभ देने हेतु शासन लगातार प्रयत्नशील रहा है। हमारी सरकार के प्रयासों से 02 मार्च 2020 को डीजीसीए नई दिल्ली से विमान उड़ान हेतु अनुमति प्राप्त करने में सफलता मिली, जिसके परिणाम स्वरूप आज से एयर इंडिया की सहायक कम्पनी एलायंस एयर बस्तर में उड़ान सेवा प्रारंभ कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से बस्तरवासियों को विकास के प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होगा। बस्तर से रायपुर एवं हैदराबाद की यात्रा का समय केवल एक घंटा लगेगा। हैदराबाद से आगे विश्व में कहीं भी जाया जा सकता है। वर्तमान में सड़क मार्ग से रायपुर की यात्रा 06 घंटे में पूरी होती है तथा हैदराबाद की यात्रा लगभग 12 घंटे में पूरी होती है। यात्रा के दौरान घाटियां एवं दुर्गम रास्ता भी पार करना होता है । बस्तर के लोग विषम परिस्थिति में चिकित्सा हेतु रायपुर, विशाखापटनम या हैदराबाद जैसे महानगर की हवाई यात्रा से जल्द से जल्द पहुंच सकेंगे तथा महानगरों के चिकित्सक, हवाई सेवा का लाभ लेकर बस्तरवासियों को आधुनिक चिकित्सा बस्तर में आसानी से दे सकेेंगे ।

विमान सेवा के प्रारंभ होने से बस्तर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश–विदेश के लोगों को बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त होगी। पर्यटक बस्तर की यात्रा आसानी से कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से बस्तर संभाग में बैंकिंग, टेलीकॉम सेक्टर, एनएमडीसी, बचेली, किरन्दुल, नगरनार तथा केंद्र एवं राज्य शासन के प्रशासनिक अमला को विशेष परिस्थिति में त्वरित यात्रा की सुविधा होगी। बस्तर के युवाओं को आधुनिक शिक्षा, उच्च शिक्षा के लिये जाने हेतु व्यापक सुविधा प्राप्त होगी। बस्तर के व्यापारियों को हर तरह की सेवा हेतु विशेष लाभ मिलेगा। बस्तर में कला, संस्कृति, खेल, रंगमंच एवं अन्य क्षेत्र की हस्तियों के आगमन होने से बड़े आयोजन सफलतापूर्वक अल्प समय में पूरे किये जा सकेंगे।

राजनांदगांव। अंबागढ़ चौकी-मानपुर मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम मे एक आदिवासी बालिका दूसरी बार अनाचार का शिकार हो गई। शुक्रवार को मानपुर मुख्यालय में आदिवासी कार्यक्रम में पहुंची युवती वापसी के दौरान जंगल में गैंगरेप की शिकार हो गई। खबर लिखे जाने तक युवती को गांव में खाप पंचायत लगाकर नजरबंद कर दिया गया। दिन भर चले इस घटनाक्रम में मानपुर पुलिस की निकम्मापन सामने आया है, जहां मामले का पुलिस ने संज्ञान तक नहीं ले पाई।

मिली जानकारी के अनुसार मानपुर में शुक्रवार दोपहर बाद धारा 144 लगने के बावजूद अचानक कथित आदिवासी मोर्चा के नाम पर बस स्टैंड में हो हल्ला शुरू हो गया। झंडा बैनर तीर कमान लेकर लोग हिंदू धर्म और भगवा के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। इसी कार्यक्रम में एक बड़े आदिवासी नेता की बेटी कार्यक्रम में शरीक हुई। बताया गया कि वापसी के दौरान देर शाम इसी प्रदर्शन में शामिल युवकों ने आदिवासी नेता की बेटी के साथ पूरी रात जंगल में गैंगरेप किया और घटनास्थल से फरार हो गए। 

सुबह खोज खबर करते हुए अचेत अवस्था में युवती को बंधे हुए अवस्था में जंगल से बरामद किया गया। गैंगरेप पीड़िता को लेकर मानपुर के काफी नजदीकी गांव में बैठक आयोजित की गई। गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया। किसी भी बाहरी आने जाने वाले लोगों को डांट डपट कर गांव से भगा दिया गया। पीड़िता को नजरबंद करते हुए इस मामले की थाने तक रिपोर्ट दर्ज कराने, खबर लिखे जाने तक रोक दिया गया है।

जगदलपुर। जगदलपुर एयरपोर्ट का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के नाम पर कर दिया गया है। शनिवार को एयरपोर्ट पर मां दंतेश्वरी के नाम की पट्टिका लगा दी गई। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन का मोनो और आमचो बस्तर का लोगो भी लगाया गया है। कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 15 दिन पहले राजधानी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर यह मांग की थी। 

बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने बताया कि शासन की ओर से एयरपोर्ट का नामकरण मां दंतेश्वरी के नाम पर करना तय किया गया है। 21 सितंबर से यहां से उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री रायपुर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन करेंगे। इसकी तैयारी की जा रही है। बता दें कि द्वितीय विश्वयुद्ध के शुरुआती वर्ष 1939 में बस्तर के सामरिक महत्व को देखते हुए इस एयरपोर्ट का निर्माण शुरू किया गया था। इसका पुराना नाम जहाज भाटा है।

रायपुर। कोरोना के चलते स्कूल बंद हैं। ऐसे में छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षा आयोजित की जा रही है, लेकिन किसी कारणवंश कई जगहों पर ऑनलाइन शिक्षा भी आयोजित नहीं हो पा रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कोरिया में एक टीचर ने अपनी मोटरसाइकिल पर ब्‍लैकबोर्ड को बाइक पर बांध छात्रों के घर-घर जाकर शिक्षा प्रदान की। मोहल्ला क्‍लासेस के जरिए वह बच्‍चों को शिक्षा दे रहे हैं। ऐसे मे सरकारी स्कूल के एक टीचर की काफी प्रशांसा हो रही है।



तेलीबांधा थाना प्रभारी रमाकांत साहू ने बताया कि होटल कोर्टयार्ड के फाइनेंस कंट्रोलर ई.वी रमन्ना ने अपने सेल्समैन सौरभ हाजरा पर 26 लाख रुपए करने का गबन का आरोप लगाया गया है. आरोपी सौरभ हाजरा द्वारा होटल कोर्टयार्ड में पिछले 8 माह के दौरान हुए इवेंट और शादी के पैसे करीब 26 लाख रुपयों को गबन किया गया है. गबन की जानकारी मिलते ही होटल के फाइनेंस कंट्रोलर ई.वी रमन्ना ने तेलीबांधा थाना में सौरभ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। 

कवर्धा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर की सक्रियता और राज्यपाल अनुसईया उईके के हस्तक्षेप ने कवर्धा के आदिवासी झामसिंह व उसके परिजनों को इंसाफ दिलाया है। इस आदिवासी की मप्र पुलिस की गोली से माैत के 11 दिन बाद आखिरकर मप्र पुलिस को न केवल हत्या का अपराध दर्ज करना पड़ा है बल्कि पीडि़त परिवार को 1 लाख रुपए व परिवार के एक सदस्य को नाैकरी देने की घोषणा की है।

6 सितंबर को मप्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कवर्धा जिले के निवासी झामसिंह की पुलिस गोली लगने से मौत हो गई थी। मप्र पुलिस ने इसे नक्सली मुठभेड़ कहा था लेकिन ग्राम वासियों के अनुसार वे निर्दोष थे व जंगल में मछली पकड़ने गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस विषय में मप्र के मुख्यमंत्री व राज्यपाल को पत्र लिख इस मामले की जांच के लिए आग्रह किया था।

मंत्री अकबर ने इस व्यक्ति को इंसाफ दिलाने की पहल करते हुए एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह,गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पत्र लिखकर जांच की मांग और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की थी। यही नहीं एमपी के सीएम को पत्र लिखने के बाद 24 घंटे के भीतर दूसरी बार पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए संज्ञान लेने का आग्रह किया था। इसके अगले दिन अकबर ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसईया उईके से फोन पर बात कर उन्हें मामले से अवगत करवाते हुए हस्तक्षेप का आग्रह किया था।


मंत्री अकबर के आग्रह पर राज्यपाल सुश्री उईके ने एमपी के सीएम को पत्र लिखकर तुरंत कार्यवाही की बात कही थी। इसके अगले दिन यानी बुधवार को एमपी पुलिस ने झामसिंह मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जब ये मामला सामने आय़ा था, तभी से कबीरधाम जिले के आदिवासी समुदाय ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के जनजातीय समूह में एमपी पुलिस के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्याप्त था। झाम सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता अकबर ने दिखाई।

नतीजतन एक आदिवासी की फर्जी मुठभेड़ के संगीन मामले में एमपी पुलिस को कार्यवाही करनी पड़ी। यह मामला मानवाधिकार हनन के आरोप से भी जुड़ा था, लिहाजा मानवाधिकारवादी संगठनों की नजर भी मामले पर थी। इस मामले का अपेक्षानुसार निपटारा होने से कबीरधाम जिले के आदिवासी समुदाय ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के समूचे आदिवासी समुदाय ने राहत की सांस ली है।

जांजगीर। सरकारी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से दुखी होकर कोरोना संक्रमित युवक तड़के सुबह सेंटर से भाग गया और ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली है. इससे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है. युवक की आत्महत्या के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए है. आत्महत्या करने से पहले युवक ने अपनी बहन को मैसेज कर कहा था कि माता-पिता का ध्यान रखना, मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं और ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। 

जानकारी के मुताबिक कुलिपोटा निवासी युवक पंकज तिवारी 15 सितंबर को कोरोना संक्रमित पाया गया था. जिसके बाद उसे कोविड केयर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां की अव्यवस्था को देख युवक काफी परेशान रहता था। उसे खाने पीने के लिए भी नहीं मिलता था. इस अव्यवस्था की सूचना उसने मोबाइल के जरिए अपने परिजनों को दिया था और यहां से उसे निकालकर घर ले जाने को कहा था. पुलिस ने बताया कि युवक वहां से कैसे भागा, इस पर जांच की जा रही है. अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच के साथ सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी। 

मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए है. मृतक के पिता का कहना है उसके बेटे को अस्पताल में ठीक से खाने पीने को नहीं मिल रहा था. जिसके कारण वो बार-बार उसको वहां से ले जाने को कह रहा था. उसके पिता ने होम आइसोलेशन के लिए फॉर्म भी भर दिया था, मगर उसके बेटे को उस दिन नहीं भेजा गया. पिता का कहना है कि मरने से पहले सुबह बेटे ने घर में अपनी बहन के मोबाइल में खुदकुशी करने का मैसेज किया था. मैसेज मिलने के बाद घर वाले आनन-फानन में अस्पताल के लिए निकले. तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उन्हें खबर मिली कि बेटे ने आत्महत्या कर ली है। 

बता दें कि जाँजगीर कोविड केयर अस्पताल में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं घट चुकी है. जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. कुछ महीने पहले अस्पताल में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था ऑक्सीजन की कमी के चलते भी यहां मरीजों की मौत हो चुकी है. कुछ हफ्ते पहले एक शराबी अपनी पत्नी से मिलने दरवाजा तोड़कर अस्पताल में घुस गया था, उस समय भी कोई सुरक्षा व्यवस्था वहां मौजूद नहीं था. रोजाना अस्पताल में भर्ती मरीजों की शिकायत के बाद भी अस्पताल में अव्यवस्था का आलम पसरा हुआ है। 


तेलीबांधा थाना प्रभारी रमाकांत साहू ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्विफ्ट डिजायर कार सीजी 04 एमएल 3978 में कुछ लोग सोना लेकर बिक्री करने के लिए महासमुंद से रायपुर की ओर आ रहे हैं. तेलीबांधा स्थित मैग्नेटो मॉल के पास वाहन को रोककर चेक किया गया, तो उनके पास से सोने की बिस्किट बरामद हुई. इनके पास से सोने से संबंधित किसी भी प्रकार की दस्तावेज नहीं मिली है। 





रायपुर। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के साथ शासन-प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित रखने की अपनी कवायद तेज कर दी है. इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में प्रशासन की सक्रियता से ट्वीट के जरिए अवगत कराया है, जिसमें कोविड-19 से बचाव के साथ-साथ संक्रमित होने के बाद की स्थिति से निपटने के उपाय बताते हुए नंबर जारी किए गए है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्वीट में खासतौर से रायपुर और दुर्ग जिला प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमितों को मुहैया कराई जा रही विशेष सेवाओं की जानकारी दी है, इसमें कोविड-19 के लिए आपातकालीन सेवा के साथ-साथ होम आइसोलेशन वाले मरीजों को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने के लिए की गई एंबुलेंस व्यवस्था की जानकारी दी है। 

रायपुर। साई नगर स्थित रहेजा टावर को कोविड हॉस्पिटल बनाने के निर्णय से स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। बढ़ते संक्रमितों की संख्या के चलते प्रशासन ने खाली पड़े भवनों को अस्थाई कोविड हॉस्पिटल बनाने का निर्णय लिया गया है, इसी क्रम में साई नगर स्थित एक होटल को चुना गया है। खाली पड़े इस होटल को कोविड हॉस्पिटल बनाए जाने से साईं नगर निवासियों ने इसका विरोध करने शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि घनी आबादी के बीच हॉस्पिटल बनाने से पूरे क्षेत्र में संक्रमण का खतरा बना रहेगा। 

साई नगर में करीब 3000 लोग रहते है। वहीँ जिस परिसर का चुनाव किया गया है, उसका निर्माण भी अवैध है। नगरीय तथा ग्रामीण निवेश विभाग के निर्देशानुसार किसी भी होटल के लिए भूखंड कम से कम 10000 वर्ग फ़ीट का होना चाहिए तथा इतनी जगह होनी कि अग्निशमन वाहन आसानी से प्रवेश व निकास कर सके। नगर निगम नियमों के विपरीत रहेजा टावर का क्षेत्रफल मात्र 6000 वर्गफीट है, व इतनी जगह भी नहीं है कि कोई बड़ी गाड़ी जैसे एम्बुलेंस अथवा अग्निशमन वाहन आसानी से प्रवेश कर सके।

सबसे बड़ी बात कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक परिसर बनाने की अनुमति कैसे मिल गई। इसका नक्शा भी गलत ढंग से पास करवाया गया है। नगर निगम ज़ोन 2 के अंतर्गत इस भवन में कई गड़बड़ियां है। तंग रास्तों की वजह से एम्बुलेंस का प्रवेश भी बाधित रहने की आशंका है। और जांच करने के बाद हमे सूचना प्राप्त हुई कि कोविड हॉस्पिटल बनाने के लिए निगम द्वारा अनुमति भी प्राप्त नहीं हुई है। क्षेत्र वासियों में इस बात को लेकर बेहद रोष है कि बिना नगर निगम ज़ोन 2 की अनुमति के इस अवैध परिसर में कोविड हॉस्पिटल का निर्माण कैसे किया जा रहा ही। अब देखना यह है कि प्रशासन इस विषय पर क्या कार्रवाई करता है।



जांजगीर। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संकट का दौर चल रहा है। लोग बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं और राेजाना कई पीड़ितों की मौत हो रही है। ऐसे में हर कोई यह दुआ कर रहा है कि भगवान उन्हें इस बीमारी से दूर रखें, लेकिन छत्तीसगढ़ के जांजगीर में एक परिवार ऐसा है जिसके सदस्य रिपोर्ट पॉजिटिव आने की दुआ कर रहे हैं। 


दरअसल यह मामला परिवार में आपसी प्रेम की भावना से जुड़ा है। परिवार के एक ऐसे बुजुर्ग सदस्य को कोरोना पॉजिटिव पाया गया जिनके कमर की हड्डी टूटी हुई है और वे उठ बैठ नहीं सकते। अस्पताल में उनकी सेवा के लिए परिवार के किसी सदस्य का वहां मौजूद होना जरूरी था, लेकिन मरीज के साथ किसी को भी कोरोना वार्ड में न रखे जाने की बाध्यता की वजह से परिवार यह प्रार्थना कर रहा है। 

रायपुर। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर शहर की यातायात व्यवस्था एवं चौक चौराहों को स्मार्ट बनाने व सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने के लिए यातायात पुलिस रायपुर लगातार नित नए प्रयोग कर व्यवस्था बनाई जा रही है। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी द्वारा लगाए गए आईटीएमएस कैमरों के माध्यम से उल्लंघन करता वाहन चालाक के विरुद्ध ई चालान नोटिस जारी की जा रही है यह चालान नोटिस वाहन चालक को अनिवार्य रूप से पटाना होता है यदि वह चालान नहीं पटाता तो आरटीओ से मिलने वाली समस्त सेवाएं बाधित रहेगी, नहीं वे वाहन में न हीं खरीदी बिक्री कर सकते हैं या अन्य तरह की कोई भी सुविधा जो आरटीओ से मिलती है उन सभी सेवा से वंचित हो सकते है। 

इसके अतिरिक्त एक ही नियम को बार-बार उल्लंघन करने पर दोगुना चालान पटाना पड़ेगा जैसे सिग्नल उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 200 का चालान बनता है किंतु यही गलती दोबारा करने पर वह चालान 1000 तक भरना पड़ेगा। कोरोना काल को देखते हुए संक्रमण की रोकथाम एवं उल्लंघन करते  वाहन चालकों की सुविधा हेतु यातायात पुलिस रायपुर द्वारा ऑनलाइन ई पेमेंट की सुविधा जारी की गई है जिसके तहत उल्लंघन करता वाहन चालक अपना चालान घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से जमा कर सकते है। 


सभी को उम्मीद थी कि वे जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्हें कोरोना संक्रमण हुआ था, जिसके बाद शरीर के अंगों ने साथ देना छोड़ दिया और मल्टीपल ऑर्गन फेल्यूर की वजह से उनका निधन हो गया। उनके बेटे लक्ष्मण सिंह दांगी उन्हें लेकर ब्यावरा आ रहे हैं। विधायक दांगी के निधन के बाद अब मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे।

धमतरी। बीती रात देशी शराब दुकान में करीब 14 लाख की लूट हो गई. जानकारी के मुताबिक चार नकाबपोश बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया है. लूटेरों ने पहले गार्ड के साथ मारपीट कर बंधक बनाया. इसके बाद वारदात को अंजाम दिया. घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के रावां शराब दुकान में हुई है. लूट की सूचना के बाद मौके पर बीपी राजभानु,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर, टीआई उमेंद्र टंडन, आबकारी उपनिरीक्षक वैभव मित्तल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंच गए। 

बताया जा रहा है कि शनिवार-रविवार को बैंक बंद होने की स्थिति में बिक्री के राशि को भट्टी में ही रखा गया था. जिसकी खबर बदमाशों को मिल गई और इस वारदात को अंजाम दिया गया. एएसपी मनीषा ठाकुर ने बताया कि 4 लोगों के शामिल होने की आशंका है. चोर रात लगभग 2 बजे बाइक से पहुंचे थे. सुरक्षा में मौजूद गार्ड के साथ मारपीट कर ताला तोड़कर अंदर चेस्ट को ले गए, जिसमें 14लाख रुपए थे. जाते समय वहां के गार्ड को बंधक बना दिया. जैसे-तैसे बाहर निकलकर अर्जुनी थाना को खबर की. सूचना मिलते ही सभी पहुंचे. सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया गया है। 

बता दें कि अगस्त महीने में इसी तरह की घटना आरंग के ग्राम गुल्लु में सामने आई थी. आरोपी लूट के बाद फरार हो गए. जिसकी पुलिस आज तक तलाश नहीं कर पाई है. शराब दुकानों में सुरक्षा और पैसे लाने ले जाने के लिए निजी कंपनी को ठेका दिया गया है, इसमें स्पष्ट रूप से उसकी लापरवाही सामने आ रही है. सुबह तक आबकारी अधिकारी भट्टी में नहीं पहुंचे थे. सब इंस्पेक्टर पहुंचे थे. लाइट भी बंद कर दिया गया था. पुलिस द्वारा सीसी कैमरा खंगाला जा रहा है। 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे यहां अपने निवास परिसर से कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिए रायपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम के तहत ’कोरोना विजय रथ’ को ध्वज दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर आम जनता से कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव की गाइड लाइन का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें, मास्क लगाएं, सेनेटाइजर साबुन से हाथ धोएं, भीड़ में जाने से बचें। राज्य सरकार पूरी ताकत से इस लड़ाई में जुटी है, सामाजिक और औद्योगिक संगठनों के जुड़ने से हमारी ताकत बढ़ गई है। सभी के सहयोग से हम कोरोना के खिलाफ यह जंग अवश्य जीतेंगे।

रोटरी व जेसीस क्लब जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाएं इस जागरूकता कार्यक्रम का संचालन कर रही हैैं। इसके अंतर्गत रायपुर के विभिन्न वार्डों और आवासीय बस्तियों, मोहल्लों में 6 कोरोना विजय रथ का संचालन इन संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा। इस रथ के माध्यम से आम लोगों को मास्क पहनने, सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने, भीड़-भाड़ से बचने, व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के संदेश के साथ सर्दी, खांसी, बुखार, फ्लू, स्वाद व गंध का पता न लगना जैसे लक्षणों पर चिकित्सकों से परामर्श व दवा के संबंध में अवगत कराया जाएगा। 

कोरोना मुक्ति रथ के माध्यम से जरूरी जानकारियों से संबंधित पाम्प्लेट्स भी वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, विधायक सत्यनारायण शर्मा, महापौर एजाज ढेबर, पूर्व रोटरी प्रेसीडेंट राकेश चतुर्वेदी, रोटेरियन आई.जी.पी.डी. रंजीत सिंह सैनी, जे.सी.आई सुपर चेप्टर के संस्थापक राजेश अग्रवाल, रोटरी प्रेसिडेंट दिलीप मोहंती, सेक्रेटरी रोटेरियन राजेन्द्र जैन, नीको के सी.ई.ओ. एम.पी. सिंह, नीको प्रेसिडेंट आशीष अग्रवाल भी उपस्थित थे।



बच्ची को घटना के बाद मार डालने और परिवार के लोगों को मारने की धमकी दी। बच्ची ने किसी से कुछ नहीं कहा और सब कुछ सहती रही। हाल ही में बच्ची की हालत बिगड़ गई, परिजन उसे अस्पताल लेकर गए तब पता चला कि बच्ची गर्भवती है। घर वालों ने पूछा तो बच्ची ने सारी घटना के बारे में बताया। इस केस में आरोपी को पकड़कर पुलिस पूछताछ और जांच कर रही है।

रायपुर। रायपुर में देवेंद्र नगर थाना के पंडरी स्थित छितिज अपार्टमेंट में फरवरी में हुई 50 लाख की डकैती मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि पुलिस को आरोपी को पकड़ने में 7 महीने लगे है, क्योँकि आज भी कई मामलों में आरोपी फरार हैं। इस मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही ट्रेन से दिल्ली भाग रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

डकैती का मास्टरमाइंट घर का पुराना कर्मचारी मालचंद शर्मा फरार चल रहा था। जिसे राजस्थान के बिकानेर से गिरफ्तार किया गया है। इसी ने बीकानेर के प्रोफेसनल डकैतो के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक 13 फरवरी की रात देवेंद्र नगर स्थित बजरंग शर्मा के मकान में 50 लाख की लूट हुई थी। आरोपियों ने पीड़ित से मारपीट कर लाॅकर खोलकर उसमें से 50 लाख रुपये अपने बैग में भरकर ले गये थे। 

उनके मोबाइल को फ्रिज में रख दिए। शिकायत के बाद पुलिस ने देवेन्द्र नगर थाने में धारा 394 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया था। इससे पहले पुलिस ने मामले में आरोपी अशोक जाखड़ (30 वर्ष), प्रेम जाट (22 वर्ष), जय किशन गोदारा (20 वर्ष), गणेश जाट (22 वर्ष) और भवर चौधरी (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया था. ये पांचों मर्डर के मामले में जेल जा चुके है. सभी बीकानेर के रहने वाले हैं।