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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार और राजभवन के बीच टकराव के साथ इस सियासी बढ़ती जा रहा है। सरकार द्वारा नियुक्ति राज्यपाल के नए सचिव चार दिन बाद भी राजभवन में ज्‍वाइन नहीं कर पाए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर राजभवन के राजनीतिकरण का आरोप लगा तल्खी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए उन्हें मर्यादा में रहने की नसीहत दी है। 

बता दें कि बंगाल के बाद महाराष्ट्र और अब छत्तीसगढ़ में राजभवन और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन रही है। तीनों ही राज्य गैर भाजपा शासित हैं। इसको लेकर पत्रकारों ने मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल किया तो उन्‍होंने कहा कि गैर भाजपा शासित राज्यों सरकार के कामकाज में राजभवन का हस्तक्षेप क्यों बढ़ रहा है, यह सवाल भाजपा के नेताओं से ही पूछना चाहिए।

आखिर राजभवन का राजनीतिकरण क्यों किया जा रहा है। बघेल ने कहा कि इसका जवाब केंद्र में बैठे भाजपा के नेता दें। बघेल के इस बयान पर केंद्र के किसी भाजपा नेता ने तो अब तक कुछ नहीं कहा है लेकिन राज्य में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने इसका जवाब दिया है। कौशिक ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से लगातार संवैधानिक मर्यादा व गरिमा का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल राजभवन से टकराव के रास्ते पर चल रहे हैं और राज्यपाल को संवैधानिक मर्यादा और सीमाएं बताने की हास्यास्पद नौटंकी कर रहे हैं।

कौशिक ने गैरभाजपा शासित राज्यों में राज्यपाल के हस्तक्षेप को लेकर मुख्यमंत्री बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पहले मुख्यमंत्री स्वयं अपनी संवैधानिक सीमाएं तय करें। कुलपति चयन का अधिकार राज्यपाल से छीनकर प्रदेश सरकार ने कौन-सी संवैधानिक मर्यादा का पालन किया? सत्ता में आने के बाद से ही प्रदेश सरकार हर क़दम पर बदलापुर की राजनीति पर आमादा है और संवैधानिक संस्थाओं और मर्यादाओं की अवहेलना करके अपने सत्तावादी अहंकार का शर्मनाक प्रदर्शन कर रही है।

जांजगीर-चाम्पा,पूरब टाइम्स। जांजगीर जिले से एक दर्दनाक घटनाक्रम सामने आया है कि 6 माह की बच्ची को नदी में फेंक कर एक मां ने खुद को आग के हवाले कर दिया। घटना में मां बुरी तहर से झुलस गयी है, वहीं बच्ची की खोज गोताखोरों द्वारा की जा रही है। मामला जांजगीर के चांपा थाना क्षेत्र के बिरगहनी चौक का है। महिला का नाम किरन बताया जा रहा है। 


रायगढ़। पुसौर में स्टे के बाद भी लाखों की जमीन पर अवैध कब्जा हो गया। मुख्य मार्ग पर हॉस्पिटल के ठीक सामने एक रसूखदार ने सरकारी जमीन पर अवैध कांप्लेक्स का निर्माण कर लिया है। विवादित जमीन पर न सिर्फ नगर पंचायत और तहसील न्यायालय का स्टे है बल्कि हाईकोर्ट में भी मामला लंबित है लेकिन पुसौर के कुछ स्वयंभू नेताओं के संरक्षण में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा है । बताया जा रहा है कि पूरे लाकडाउन में उक्त अवैध निर्माण कार्य चलता रहा लेकिन किसी भी अधिकारी ने निर्माण पर कार्रवाई नहीं की। आलम यह है कि लाखों की सरकारी जमीन पर कांप्लेक्स का कार्य लगभग पूर्णतया की ओर है और छत ढलाई का काम किया जा रहा है। जहां एक ओर सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त किया जाना है वहीं पुसौर में खुलेआम एक रसूखदार को अवैध कब्जा करने की खुली छूट दे दी गई है।

जानकारी के मुताबिक पुसौर में विजय अग्रवाल पिता स्व भीमसेन अग्रवाल द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा कर कांप्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। जब से उक्त जमीन पर अवैध निर्माण की शुरुआत की गई है तभी से यह मामला विवादों में है। राधे संवरा ने इस जमीन को अपना बताते हुए पुसौर तहसील, एसडीएम न्यायालय, एडीएम न्यायालय व संभागायुक्त न्यायालय में अवैध निर्माण को लेकर आपत्ति लगाई थी लेकिन कई साल बाद भी राधे संवरा को न्याय नहीं मिला। जिसके बाद उसने हाईकोर्ट में मामला दाखिल कराया है जो वर्तमान में लंबित है । खसरा नंबर 886/1 के आधिपत्य को लेकर राधे संवरा के शिकायत पर पुसौर तहसील और नगर पंचायत ने विजय अग्रवाल पिता स्व भीमसेन अग्रवाल को मामले का निराकरण होते तक किसी भी तरह के निर्माण में स्टे भी दिया है लेकिन रसूख के दम पर और कुछ स्वयंभू नेताओं के संरक्षण में लगातार निर्माण कार्य जारी रहा।
जब लाकडाउन था उस दौरान भी अवैध निर्माण जारी रहा। अधिकारी ताकते रहे और देखते ही देखते लाखों के सरकारी जमीन पर कांप्लेक्स बन कर तैयार हो गया। अब अवैध निर्माणकर्ता कांपलेक्स में छत ढलाई की तैयारी कर रहा है। जबकि दूसरे पक्ष राधे संवरा ने हर बार स्टे के बावजूद निर्माण कार्य जारी होने की लगातार शिकायत की, नगर पंचायत के स्टे की अवमानना को लेकर मामला पुलिस के पास भी गया लेकिन रसूख और राजनैतिक दबाव के कारण किसी ने भी अवैध निर्माण को रोकने का दम नहीं दिखाया।

राज्य शासन जहां एक ओर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाकर विधिवत भू भाटक लेकर पटृटा जारी करने का आदेश दिया है वहीं पुसौर नगर पंचायत के अधिकारी और तहसील कार्यालय के अधिकारी अपने नाक के नीचे हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में भी विफल दिखाई दे रहे हैं ऐसे में शासन को बडे पैमाने पर राजस्व का नुकसान हुआ है जब कभी भी कार्रवाई की बारी आती है तो तहसील और नगर पंचायत एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप देते हैं बहरहाल स्टे के बाद भी किए जा रहे अवैध निर्माण से दूसरा पक्ष को कानून का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

बलरामपुर। कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिला जेल रामानुजगंज का निरीक्षण कर जेल अधीक्षक के साथ पूरे परिसर का भ्रमण करते हुए वस्तुस्थिति का जायजा लिया। जिला जेल में 25 कैदियों के कोरोना संक्रमित होने की सूचना मिलने के साथ ही तत्काल स्वास्थ्य विभाग टीम को समस्त बंदियों की कोरोना जांच के निर्देश उन्होंने दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जेल में सभी कैदियों का कोरोना जांच की जा रही है तथा संक्रमितों को आइसोलेट कर उनका उपचार प्रारंभ कर दिया गया है। 

जेल अधीक्षक जी.एस.मरकाम ने कलेक्टर को बताया कि कोरोना संक्रमित कैदियों को अलग बैरक में रखा गया है तथा कोविड के मानकों के अनुसार ही उन्हें दवाइयां तथा अन्य सामग्रियां उपलब्ध करायी जा रही है। कलेक्टर  धावड़े ने कैदियों के लिए पर्याप्त मात्रा में मास्क उपलब्ध करवाने के साथ हाथ धोने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कैदियों से बात करते हुए जेल में भोजन के साथ उन्हें दिए जाने वाले अन्य सुविधाओं की भी जानकारी ली।

जेल अधीक्षक से उन्होंने कैदियों एवं बैरक की संख्यात्मक जानकारी ली। जिला जेल में वर्तमान में 468 कैदी है। कलेक्टर श्याम धावडे़ ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि यदि कोई कैदी मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं उनकी विशेष देखभाल की जाये। उन्होंने कोरोना जांच कर रहे स्वास्थ्य विभाग के टीम की हौसला अफजाई की तथा उनके कार्यों की प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भी अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें एवं पर्याप्त सुरक्षा मानकों का उपयोग करते हुए कार्य करें।

कलेक्टर ने जेल अधीक्षक के कमरे में लगे सीसीटीव्ही से परिसर की गतिविधियों का अवलोकन किया तथा कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी करने के निर्देश दिये। इसके पश्चात् उन्होंने अनाज गोदाम, पाकशाला का निरीक्षण कर कैदियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के निर्देश दिये। कलेक्टर धावड़े ने कहा कि परिसर की साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाये तथा जेल के कोरोना बैरक में कार्यरत कर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराये ताकि उन्हें संक्रमण से बचाया जा सके। कैदियों से चर्चा के दौरान कलेक्टर ने उन्हें मेन्यू के अनुसार खाना मिलता है या नहीं उनकी जानकारी ली। बीमार होने की स्थिति में स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं या नहीं इस बारे में पूछा। उन्होंने जेल अधीक्षक को जेल मैन्युअल के अनुसार कार्य करते हुए व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दिये।

पूरब टाइम्स, रायपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव के आदेश अनुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक लाइन मणि शंकर चंद्रा के नेतृत्व में रक्षित केंद्र रायपुर से रक्षित निरीक्षक चंद्रप्रकाश तिवारी, सूबेदार अभिजीत भदौरिया,सूबेदार गोविंद वर्मा एवं अन्य अधिकारियों की लगभग 10 टीम ने कल रात्रि जिले के विभिन्न स्थानों जैसे मुख्यमंत्री निवास, गृह मंत्री, य स्वास्थ्य मंत्री आदि के अलावा, विभिन्न शासकीय बैंकों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों इत्यादि 80 स्थानों में लगे लगभग 250 सुरक्षा गार्डों को चेक किया गया।

चेकिंग के दौरान संत्री की पोजीशन और गार्ड ऑफ फायर, गॉड स्टैंड टू एवं हथियारों के सुरक्षित रखे जाने से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। साथ ही सतर्कता पूर्वक तथा ईमानदारी पूर्वक ड्यूटी करने, ड्यूटी के दौरान नशा का सेवन नहीं करने समय पर ड्यूटी पर उपस्थित होने संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त डीजीपी के स्पंदन अभियान के तहत सभी कर्मचारियों से किसी भी व्यक्तिगत अथवा अन्य समस्या होने पर तत्काल सूचित करने एवं तथा निराकरण करने संबंधित सक्षम अधिकारी को सूचित करने का आश्वासन दिया गया। राजधानी में इस तरह के अभियान आगामी समय में भी लगातार जारी रहेगा।

पूरब टाइम्स, राजनांदगांव। परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  मोहम्मद अकबर ने टेडेसरा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थित आरोहण बीपीओ सेन्टर का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि कोरोना संकट के समय जिले के 242 युवाओं को रोजगार मिला है। इस अवसर पर उन्होंने मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर का निरीक्षण किया, जहां 230 युवा कार्यरत है। 

उन्होंने कोविड-19 केयर कॉल सेंटर का भी अवलोकन किया जहां 12 युवाओं को रोजगार मिला है। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि होम आइसोलेशन के लिए कॉल सेंटर की मदद ली जा रही है। जिसके अच्छे परिणाम रहे हैं और व्यवस्थित तरीके से कार्य किया जा रहा है। कॉल सेंटर से मरीज की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उन्हें दवाई पहुंचाने तथा एम्बुलेंस जैसी कारगर सेवाएं दी जा रही है। इसमें उपभोक्ताओं को आरोहण बीपीओ सेंटर का नंबर दिया गया है।

इस अवसर पर टेक्नोटॉस्क बिजनेस सोल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के राहुल दीक्षित ने बताया कि मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर में ग्राहकों की जिज्ञासाओं के समाधान फोन पर दिए जाते हैं इस कार्य में 230 युवा कार्यरत है। वहीं कोविड-19 टेस्ट के डाटा एन्ट्री के कार्य भी टेक्नोटॉस्क के द्वारा किया जा रहा है। जिसमें मरीजों की जानकारी को स्वास्थ्य विभाग के यूआरएल पर अपडेट किया जाता है। 

होम क्वारेंटाईन के मरीजों को कॉल सेंटर द्वारा सहायता एवं मदद दी जा रही है एवं ऐसे मरीज हॉस्पिटल जाना चाहते हैं उनके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय भी किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, जिला पंचायत सीईओ तनुजा सलाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, सीएसईबी के कार्यपालन अभियंता बीआर के मूर्ति, एसडीएम  मुकेश रावटे आदि  उपस्थित थे।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में केबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आईईडी बम डिफ्यूज करने वाली दंतेवाड़ा डीआरजी की महिला कमांडो लक्ष्मी कश्यप और विमला मण्डावी से बातचीत कर उनके साहसिक कार्य की सराहना की। मुख्यमंत्री ने महिला कमांडो सहित पुलिस बल का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जिस हौसले और साहस के साथ पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान नक्सली मोर्चे पर काम कर रहे हैं, उससे जल्द ही बस्तर क्षेत्र में नक्सली समस्या के उन्मूलन में सफलता मिलेगी। 

उन्होंने कहा कि पुलिस बल को अपने कार्यो से क्षेत्र की जनता का विश्वास जीतने में सफलता मिल रही है। जिले के कटेकल्याण थाना क्षेत्र के सूरनार टेटम मार्ग में नक्सलियों ने दस किलो का आईईडी बम लगा रखा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलने के बाद फोर्स ने बम निकाला, डीआरजी की एंटी बम स्क्वॉड की टीम में शामिल महिला कमांडो लक्ष्मी कश्यप और विमला मण्डावी ने बम को डिफ्यूज किया। 

महिला कमांडो विमला मण्डावी ने मुख्यमंत्री को अपने कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जब ग्रामीण इलाकों में नया कैम्प खोला जाता है तो वे लोग ग्रामीणों के बीच जाते हैं और उन्हें बताते हैं कि नया कैम्प आपकी सुरक्षा के लिए प्रारंभ किया जा रहा है। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज सहित पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी और डीआरजी की एंटी बम स्क्वॉड टीम के सदस्य इस मौके पर उपस्थित थे।



रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं संक्रमित लोगों को तत्परता से इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोरोना मरीजों की पहचान के लिए राज्य में सघन सामुदायिक सर्वे अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 02 अक्टूबर से शुरू हुआ है और 12 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की टीम घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ले रही है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों से अपील की है कि वह स्वास्थ्य टीम को परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य के बारे में सही-सही जानकारी दें, ताकि कोरोना के लक्षण वाले मरीजों का तत्परता से जांच एवं इलाज हो सके।  नियमों का करना होगा पालन मुख्यमंत्री ने अपनी अपील में यह भी कहा है कि स्वास्थ्य टीम से परिवार के किसी भी सदस्य की बीमारी न छुपाएं। बीमारी छुपाने से बढ़ती है और खतरा बढ़ जाता है।

समय पर इलाज से व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है। उन्होंने कहा है कि बीमारी के बारे में जानकारी देना समझदारी है, छुपाने में नहीं। उन्होंने लोगों से घर के बुजुर्गाें, गर्भवती माताओं, बी.पी. कैंसर, दमा, किडनी, लीवर जैसी बीमारी वाले व्यक्तियों की जानकारी स्वास्थ्य टीम को अवश्य दें क्योंकि उनमें संक्रमण की संभावनाएं अधिक होती है। उन्हें सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। कोरोना के लक्षण की समय पर जांच और इलाज से ही हम कोरोना को हरा सकते हैं।






कोरबा। एक अक्टूबर सुबह की पहली किरण जिले में लॉकडाउन खुलने के साथ ही रजगामार निवासी 24 वर्षीय कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला की जिंदगी में नई खुशियां लेकर आई। जिले के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में महिला ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया है। कोरोना महामारी के दौर में जिले के ईएसआईसी कोविड अस्पताल में मेडिकल टीम ने बडी उपलब्धि हासिल की है। कोविड अस्पताल के डाक्टरों ने कोरोना संक्रमित महिला का सुरक्षित प्रसव कराया है। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। 

कोरोना संक्रमित महिला ने प्रसव के दौरान लड़का को जन्म दिया जोकि पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है। मेडिकल टीम द्वारा नवजात शिशु की देखभाल की जा रही है तथा महिला का कोरोना ईलाज जारी है। इएसआईसी कोविड अस्पताल कोरबा में किसी कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव का पहला मामला है। कलेक्टर  किरण कौशल ने शिशुवती माता को बधाई दी और कोविड अस्पताल के पूरे मेडिकल स्टाफ की तारीफ कर होैसला बढ़ाया है। 


कोविड अस्पताल में कुशल डाक्टरों और नर्सों की मेडिकल टीम की ड्यूटी लगाई गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बी.बी.बोर्डे ने बताया कि 24 वर्षीय रजगामार निवासी गर्भवती महिला ऐ- सिम्प्टोमेटिक कोरोना पाजिटिव है। महिला का ईलाज होम आइसोलेशन में रखकर किया जा रहा था। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर एक अक्टूबर को ईएसआईसी कोरबा में भर्ती कराया गया। एक अक्टूबर को सुबह सात बजकर 38 मिनट पर उनका सफलतापूर्वक प्रसव कराया जिसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। नर्सों द्वारा जच्चा-बच्चा की लगातार देखभाल की जा रही है।

रायपुर। दो साल पहले की ही बात है। इस गाँव की तस्वीर ऐसी न थीं। अपने गाँव से विवाह के बाद आई टुकेश्वरी एमए पास है तो क्या हुआ ? उसके पास कोई काम न था। गाँव वालों के अपने खेत तो थे, लेकिन इन खेतों में हरियाली सिर्फ बारिश के दिनों में ही नजर आती थीं। फसल बोते थे लेकिन दाम सहीं नहीं मिलने से कर्ज में लदे थे। गाँव का गणेश, रामाधार हो या सेन काका.. सभी अपने गांव को खुशहाल देखना चाहते थे। दुलारी के पति सालों पहले स्वर्ग सिधार गए थे, घर पर बच्चों की जिम्मेदारी उस पर तो थी ही लेकिन हाथों में कोई काम नहीं होने की चिंता उसे हर घड़ी सताया करती थी। 

चरवाहा मंगतू यादव... गाय तो चराता था लेकिन सैकडों गाय को चराने के बाद भी उसे थोड़ा आराम और सभी पशु मालिकों से कुछ रुपया मिल जाए इसकी भी गारण्टी न थी। गाय का गोबर तो बस गोबर ही था, जहाँ तहां पड़ा हो तो वहीं सूखकर मिट्टी में मिल जाता था, हां कुछ लोग कभी कंडे तो कुछ लोग खाद बना जरूर लिया करते थे मगर गोबर को अधिक उपजाऊ खाद और अधिक पैसे का सपना कभी देखा ही नहीं था। कमोवेश गांव में दुर्गेश्वरी बाई, गीता, जानकी, सावित्री, अनिता, लक्ष्मी यादव सहित अनगिनत महिलाएं थीं जिनका दिन बस घर की चहारदीवारी में ही कट जाती थीं या फिर किसी-किसी के खेत-खलिहानों में मजदूरी करते बीत जाती थी। 

भले हीं यह गांव राजधानी से कुछ किलोमीटर में है तो क्या हुआ? एक से डेढ़ बरस पहले तक इस गांव की कोई विशेष पहचान न थी। अब तो यह गांव किसी पहचान का मोहताज नहीं है। घर-घर की महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की राह में हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से फसल का दाम मिलने से किसानों में खुशी और खेतों में हरियाली है। किसी के गाय-बैलें यूं ही नहीं भटकते। गोबर की भी कीमत है। चरवाहों को पशु मालिकों से कुछ मिले न मिले, उनके खाते में गोबर से रुपए मिलने की गारण्टी है। गांव में पक्की गलियां, सुंदर बगीचा, स्वच्छ तालाब भी है। सच्चाई को बयां करती यह कहानी है रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम बनचरौदा की।



रायपुर। आईपीएल के तेरहवें सीज़न की शुरुआत के साथ राजधानी में सट्टेबाजों की सक्रियता बढ़ गई है। पुलिस की लगातार कार्रवाई व छापेमारी के बाद भी सट्टेबाज सक्रिय है। इसी सिलिसिले में राजधानी पुलिस ने न्यू शांतिनगर के वेलकम हाइट्स से आज 3 सट्टेबाजों को धर दबोचा है। सिविल लाइन थाना व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपियों के पास से 10,000 रू नकदी समेत लाखों की सट्टा पट्टी बरामद की गई।

सिविल लाइन थाना प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार 30 सितम्बर को मुखबीर ने सूचना दी कि राजस्थान राॅयल्स बनाम कोलकाता नाईट राइडर्स के बीच चल रहे मैच में न्यू शांति नगर स्थित वेलकम हाईट्स के एक मकान में क्रिकेट सट्टा खिलाया जा रहा है। सूचना पर सायबर सेल एवं थाना सिविल लाईन की एक विशेष टीम का गठन कर मकान पर रेड मारी। मकान में मैच के दौरान लाईन लेकर क्रिकेट सट्टा खिलाते आशीष कश्यप, आमीर अहमद एवं हर्ष मित्तल उर्फ अग्रवाल को रंगे हाथ पकड़ा गया। 

पूछताछ में आरोपियों ने लाईन लेकर क्रिकेट सट्टा खिलाया जाना स्वीकार किया। जिस पर आरोपी आशीष कश्यप, आमीर अहमद एवं हर्ष मित्तल उर्फ अग्रवाल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नगदी 10,100/- रूपये, 8 नग मोबाईल फोन, 1 टीव्ही., 1 टाटा स्काई का सेट-अप बाॅक्स, 1 केलक्यूलेटर तथा लाखों रूपये की सट्टा-पट्टी का हिसाब जप्त किया। आरोपियों के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 386/20 धारा 4क जुआ एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा आरोपियों के विरूद्ध पृथक से धारा 151 जा.फौ. के तहत् भी कार्यवाही की गई।

राजनांदगांव। नक्सलियों के खतरनाक मंसूबों में कोई कमी नहीं आ रही है। राजनांदगांव जिले में नक्सलियों ने बुधवार की रात को सड़क निर्माण कार्य में लगी पांच गाड़ियों में आग लगा दी। जिले के मोहला पुलिस स्टेश की सीमा के अंतर्गत पारडी और परविडीह गांव के बीच सड़क निर्माण किया जा रहा था। इस घटना की अधिक जानकारी देते हुए राजनांदगांव के एसपी डी श्रवण ने बताया कि नक्सलियों द्वारा जलाई गई गाड़ियों में एक चेन माउंटेन वाहन, दो मिक्सर मशीन और दो ग्रेडर यानी कुल पांच गाड़ियों आग लगाई गई है।