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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



रायपुर। छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ तीन सूत्रीय मांग को लेकर रायपुर के डंगनिया स्थित विद्युत ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन कर रहे है. विद्युतकर्मियों की मांग है कि विद्युत कंपनी में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए. विद्युत दुर्घटनाओं में दिवंगत हुए संविदा कर्मियों को उचित मुआवजा और उनके स्वजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए. विद्युत संविदा कर्मी जो विद्युत दुर्घटनाओं में स्थायी और अस्थायी अपंगता का शिकार हो चुके हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए.

वहीं पूरे प्रदेशभर में विद्युत संविदा के 2500 कर्मी कार्यरत है. अपनी मांगों को लेकर विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के प्रियेश साहू ने कहा कि विद्युत विभाग में 2 साल काम करने के बाद संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाता रहा है लेकिन इस बार हमारा नियमितीकरण नहीं किया जा रहा. काम के दौरान लगभग 20 से 25 लोगों की दुर्घटना से जान जा चुकी है. 60 से 70 लोग घायल भी हो चुके हैं, जो स्थाई रूप से अपंगता का शिकार हो चुके हैं. उन्हें मुआवजा दिया जाए, और सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए.

पूरब टाइम्स, रायपुर . इन दिनों नया रायपुर डेवेलपमेंट अथॉरिटी (एनआरडीए) के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का रोष उफान पर है  बताजा रहा है कि जिस उद्देश्य के साथ एनआरडीए का गठन किया गया था उसमें वह पूरी तरह फेल हो गया है. ना तो ग्रामीणों के व्यवस्थापन के अपने कमिटमेंट को पूरा कर पाया है और ना ही डेवेलपमेंट प्लान को यथासमय समप्त कर पाया है . अब यहां किसी बिल्डर की तरह केवल व्यापारिक लाभ के लिये प्लानिंग की जाती है . ग्रामीणों से औने पौने में खरीदी गई ज़मीनों को लाखों-करोड़ों रुपये में बेचा जाता है . बताया यह जाता है कि डेवेलपमेंट चार्ज जोड़ने से उस ज़मीन की कीमत बढ़ गई है पर प्रति वर्गफीट कितना डेवेलपमेंट चार्ज जोड़ा जा सकता है ? यह बताने से विभाग के अधिकारी आनाकानी करते हैं . फिर अविधिक तरह से कार्य व्यवहार जिसमें पिछले कई सालों से लेखा संपरिक्षक से ऑडिट ना कराना ,  करोड़ो के घपले पर पर्दा डालने का तारीक़ा भी हो सकता है . जन आक्रोष इतना ज़्यादा बढ़ रहा है कि यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार के गले की हड्डी बन सकता हई . पूरब टाइम्स की रिपोर्ट...

पूरब टाइम्स राजनांदगांव । मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की रेडियो वार्ता लोकवाणी की 20वीं कड़ी को आज राजनांदगांव नगर निगम तथा जिले के सभी विकासखंडों में नागरिकों ने तन्मयतापूर्वक  सुना। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने लोकवाणी में आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास विषय पर बात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को पारम्परिक हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ढाई वर्षों में प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए 29 नई तहसीले और 4 नए अनुविभाग गठित किए गए हंै। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 139 वनधन विकास केन्द्र स्थापित किए गए है, जिनमें से 50 केन्द्रों में वनोपजों का प्रसंस्करण भी हो रहा है। इस कार्य में लगभग 18 हजार लोगों को रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के नाम से 121 उत्पादों की मार्केटिंग की जा रही है। 

भारत सरकार की संस्था ट्रायफेड द्वारा 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी तथा इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए। यह हमारे आदिवासी अंचलों के साथ पूरे प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी जरूरत है। इस दिशा में प्राथमिकता से काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतों को  डीएमएफ  मद से पूरी करने के लिए आवश्यक नियम बनाए गए हैं। सीएसआर और अन्य मदों की राशि भी इन्हीं प्राथमिकताओं के लिए खर्च करने की रणनीति अपनाई है। राज्य के सुदूर अंचल में ग्रामीणों को सहजता से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने हमने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना शुरू की है। इससे अब दूरस्थ अंचलों में रहने वाले आदिवासियों का उपचार हाट-बाजारों में होने लगा है। इसका लाभ 11 लाख से अधिक लोगों को मिल चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे और 15 से 49 वर्ष तक की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया अर्थात खून की कमी से ग्रस्त थीं। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया गया, जिसमें डीएमएफ और जनभागीदारी के योगदान को बढ़ावा दिया। योजना के माध्यम से बच्चों को दूध, अण्डा, स्थानीय प्रचलन के अनुसार पौष्टिक आहार दिए गए, जिसके कारण कुपोषण और एनीमिया की दर में तेजी से कमी आ रही है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि कोरोना काल में पढ़ाई तुंहर पारा अभियान के तहत लाखों बच्चों को उनके गांव-घर-मोहल्लों में खुले स्थानों पर शिक्षा दी गई। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को मातृभाषा में समझाना अधिक आसान होता है, इसलिए 20 स्थानीय बोली-भाषाओं में पुस्तकें छपवाई गई, जिसका लाभ आदिवासी अंचलों में बच्चों को मिला। बीस साल बाद प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति आदेश दिए गए हैं। इससे आदिवासी अंचलों में भी शिक्षकों की कमी स्थायी रूप से दूर होगी। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की रेडियो वार्ता लोकवाणी को नगर पालिक निगम राजनांदगांव के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों ने सुना। इस अवसर पर महापौर  हेमा देशमुख, अध्यक्ष नगर पालिक निगम  हरिनारायण धकेता एवं विनय झा,  गणेश पवार,  मधुकर बंजारी,  कुलबरी छाबड़ा, पूर्णिमा नागदेवे,  सरिता प्रजापति, सिद्धार्थ डोंगरे,  हेतु सोनी,  भामराज अग्रवाी,  एजाजुर रहमान,  संगीता बंजारे,  भागचंद साहू,  किशन खण्डेलवाल,  सुदेश सिंह, अशोक चौबे,  अंकालूराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

रायपुर। केंद्र सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया है। नाम परिवर्तन पर विवाद जारी है। आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पुरस्कार से राजीव गांधी का नाम हटाना क्षुुद्र मानसिकता है। केंद्र सरकार को मेजर ध्यानचंद के नाम पर कुछ बड़ी घोषणा करनी चाहिए थी।


प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, जिस व्यक्ति ने देश की एकता-अखंडता के लिये अपना जीवन बलिदान किया हो उन महान राजीव गांधी के नाम से दिये जाने वाले खेल रत्न का नाम बदलना प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की क्षुद्रता है। जिनके किसी भी नेता ने देश की आजादी से लेकर उसके नवनिर्माण तक में उंगली भी न कटाई हो ऐसे दल के नेता बलिदान और शहादत का अर्थ क्या समझेंगे। शुक्ला ने कहा, भाजपा जान ले किसी की लाइन मिटाने से उनकी अथवा उनके दल की लाइन लम्बी नहीं होने वाली। कांग्रेस और गांधी परिवार ने देश सेवा की इतनी लम्बी लकीर अपने खून से देश के लोगों के दिलो-दिमाग मे खींची है जिसे भाजपा के लोग कितनी भी कोशिश कर लें मिटा नहीं सकते।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा, प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शुरू की गईं योजनाओं के नाम रातों-रात बदलने वालों ने तब क्यों नहीं सोचा। कांग्रेस को तब शर्म क्यों नहीं आई जब पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के दिन ही उनके नाम पर चल रही पांच योजनाओं का नाम बदल दिया गया था! संजय श्रीवास्तव ने कहा कि तब कांग्रेस के लोगों की समझ को काठ क्यों मार गया था और क्यों नहीं उन्हें यह सूझा कि प्रदेश सरकार अपने खानदान की चरण-वंदना में उनके नाम पर नई योजना शुरू कर ले।

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान की शुरुआत कर रही है. इसके लिए एक-एक गांव में दो हेल्थ वॉलिंटियर तैयार किए जाएंगे. इस तरह से दो लाख गांव में चार लाख हेल्थ वॉलिंटियर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने कोविड की तीसरी लहर के लिए बीजेपी की तैयारियों को लेकर कही.

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य स्वयं सेवकों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इसमें भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी , प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सवन्नी , किरण देव, नारायण चंदेल की मौजूदगी में कोविड महामारी से बचाव के लिए अभियान की जरूरत बताते हुए स्वास्थ्य स्वयं सेवकों से गांव जाने का आह्वान किया गया. गोवा और कोलकाता के बाद रायपुर में बीजेपी प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में कार्यशाला हो रही है.

इस अवसर पर डी पुरंदेश्वरी ने मीडिया ले चर्चा में बताया कि मेरे साथ तीनों सहयोगी हैं, जो अन्य प्रदेशों में जा रहे हैं. यह ट्रेनिंग प्रोग्राम कार्यकर्ताओं के लिए है. कार्यकर्ता पहले से ही सेवा के कार्यक्रम में लगे हुए थे. सेवा को जारी रखने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हेल्थ वॉलिंटियर्स गांव-गांव तक जाएंगे. एक-एक गांव में दो हेल्थ वॉलिंटियर यानी दो लाख गांव में चार लाख हेल्थ वॉलिंटियर्स का लक्ष्य रखा गया है. जो लक्ष्य में दिया गया है यह हम उसे पूरा करेंगे. हमने बहुत सारे साथी कोरोना में खोये. कोई फिर भी हम सेवा कार्य में जुड़े.

अभियान पर कांग्रेस के सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी से पूछ रहे हैं कि वह कहां थी, जब पहली और दूसरी लहर आयी. भारतीय जनता पार्टी जमीन पर दिख रही थी. सूखा राशन, पके हुए भोजन और जूते तक बांटे गये. कांग्रेस को कहा कि हम पूछना चाहते हैं वह कहां थी, वह जमीन पर नहीं थी, जवाब उनको देना होगा. वहीं कांग्रेस में चल रहे विवाद को लेकर कहा उन्होंने कहा कि बार-बार हम पर उंगली उठाते हैं. हम पर एक उंगली उठाते हैं, तब तीन उंगली उन पर रूकती है.

रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि खेती-किसानी को मजबूत बनाकर और हर हाथ को काम देकर गांव के पुराने गौरव को फिर से स्थापित करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना जैसे कदम उठाए गए हैं। श्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण के वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती पर उन्हें याद करते हुए नमन किया।  
कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री निवास में तथा सहकारिता मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत  रामसुंदर दास, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष  अग्नि चंद्राकर और छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष  ज्ञानेश शर्मा, बीज निगम के कार्यालय में उपस्थित थे। कार्यक्रम में कृषक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष  महेंद्र चंद्राकर, सदस्य सर्वश्री बसंत टाटी, नागेंद्र नेगी, संजय गुप्ता, भगवान पटेल, जानकीराम सेठिया, नंद कुमार पटेल, डेहराराम साहू, खम्मन पटेल, जगदीश दीपक, शरद यादव, श्रवण चंद्राकर, चुन्नी लाल वर्मा और  शशि गौर ने पदभार ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री ने परिषद के नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्हें राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी हर किसान तक पहुँचाने, गौठानों को और अधिक सक्रिय करने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि परिषद के पदाधिकारी हरेली का त्यौहार गौठानों में जाकर मनाए। इसके अलावा जब भी वे गांव के दौरे पर जाएं तो गौठानों में बैठक कर वहां की गतिविधियों की समीक्षा भी करें तथा इस संबंध में सुझाव से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि गौठानों में अलग-अलग गतिविधियों से जोड़े और यह भी देखे गौठानों में नेपियर घास लगाई गई है कि नहीं और मवेशियों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था है कि नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजो से पहले हमारे गांव उत्पादन के केन्द्र होते थे। शहर व्यापारिक केन्द्र का काम करते थे। अंग्रेजो के समय शहरों में बड़े-बड़े कारखाने स्थापित हुए, इससे उत्पादन और वाणिज्य के केन्द्र गांव के स्थान पर शहर बन गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यस्था मजबूत बनाने हर संभव प्रयास कर रही है। सुराजी गांव योजना में रूरल इंड्रस्ट्रीयल पार्क के जरिए ग्रामीणों और युवाओं को उत्पादक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। खेती किसानी को मजबूत बनाने के लिए किसानों की ऋण माफी और उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की पहल की गई है। वनवासियों को तेेंदूपत्ता संग्रहण के लिए प्रति मानक बोरा 4000 रूपए मिल रही है। इससे गांव के लोगांे की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

इसका असर व्यापार में भी दिख रहा है। इसका प्रमाण है कि बीजापुर जिले में वर्ष 2018 में जहां एक ट्रेक्टर बिका था, वही ऋण माफी और 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी के बाद बीजापुर जिले में वर्ष 2019-20 में 73 ट्रेक्टर और 1235 मोटर सायकल और एक कमर्शियल ट्रेक्टर की बिक्री हुई । अगले साल इस जिले में 60 ट्रेक्टर और 1998 मोटर सायकल तथा तीसरे साल में 133 ट्रेक्टर, 968 मोटर सायकल की बिक्री अब तक हो चुकी है। इनमें 11 कमर्शियल ट्रेक्टर की बिक्री भी शामिल हैं।

रायपुर। भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने कहा था कि 2023 का विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा. मुख्यमंत्री का चेहरा पार्टी तय करेगी. जिसके बाद से सभी के जहन में एक ही सवाल था कि बीजेपी किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी. अब इस सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी हमेशा मुद्दों पर चुनाव लड़ी है. बीजेपी के पास कई चेहरे हैं. इनमें से एक छोटा सा चेहरा मेरा है. मेरा लक्ष्य है कि सबके साथ मेहनत करके केंद्र में तीसरी बार मोदी सरकार बनाना है. रमन सिंह ने यह बयान प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में दिया है.

पूर्व सीएम रमन सिंह ने बिजली दर में वृद्धि पर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ करने की बात कांग्रेस ने कही थी, लेकिन आज बिजली बिल हाफ नहीं हुआ, जेब साफ हो गया. आज जनता को तकलीफ हो रही है. जनता तो हल्ला करेगी. भाजपा आगामी समय में भी बिजली दर में वृद्धि के खिलाफ सड़क की लड़ाई लड़ेगी. रमन सिंह ने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत मकान नहीं बन पाए. केंद्र सरकार की ओर से 60 प्रतिशत राशि प्राप्त हुई, फिर भी राज्य सरकार गरीबों को मकान नहीं दे पाई है.

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल और ढाई साल की तुलना होती है. 2003 में छग में कुल सड़क निर्माण 25 हजार से 3 गुना बढ़ाया गया. 22 हजार स्कूल को 62 हजार किया. पावर सरप्लस के रूप में छत्तीसगढ़ में कार्य हुआ. गरीबों के लिए 1 रुपए किलो चावल, शून्य प्रतिशत में ब्याज दिया. किसान क्रेडिट कार्ड आने से पूर्व छत्तीसगढ़ का किसान कर्ज में डूबा था. जिसे हमने कम किया. 5 से 70 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की क्षमता छत्तीसगढ़ की हुई. 15 साल में प्रदेश का एक ढांचा तैयार किया गया, लेकिन ढाई साल में सरकार कोई बड़ा प्रोजक्ट नहीं ला पाई है.

रमन सिंह ने कहा कि 15 साल में हम केवल 36 हजार करोड़ का कर्ज लिया. लेकिन ढाई साल में सीएजी की रिपोर्ट आइना दिखाने वाली है. 90 हजार करोड़ के बजट के प्रावधान में 88.6% खर्च राजस्व मद में हो रहा है, जबकि 10.4 प्रतिशत ही इंफ्रास्ट्रक्चर में खर्च किया जा रहा है. अगले साल यह 9 प्रतिशत में चला जाएगा. यह सरकार के कल्पनाशीलता की कमी है.


पी एल पुनिया ने बातचीत में कहा कि सभी नेता अलग-अलग कारणों से दिल्ली आए हुए हैं. गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू राजस्थान दौरे पर थे, वहां से लौटते हुए दिल्ली पहुंचे. वहीं स्पीकर डाॅ.चरणदास महंत निजी प्रवास पर दिल्ली आते रहते हैं. पार्लियामेंट का सत्र चल रहा है, वह अपनी सांसद पत्नी के साथ यहां आते हैं. स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव रूटिन चेकअप के लिए दिल्ली में हैं. प्रदेश प्रभारी ने कहा कि किसी भी नेताओं से फिलहाल उनकी बातचीत नहीं हुई है.

रायपुर। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर महिलाएं अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर इकट्ठी हुई है. बारिश के मौसम में महज एक पंडाल के नीचे बैठकर विपरीत हालात में राज्य सरकार से अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही है. वहीं धरना स्थल पर महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ने लगी है. कुछ महिलाओं को अस्पताल भेजा जा रहा है. आंदोलनकारी दिवंगत पंचायत शिक्षक के परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद भी वो धरना स्थल पर बैठी रहेंगी, जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती.

बीते 12 दिनों से अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन जारी है. दिवंगत पंचायत शिक्षक के परिवार राज्य सरकार से अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. इनमें कुछ महिलाएं ऐसी जिनके पति की मृत्यु हो गई है. कुछ महिलाएं अपने मृतक पिता की नौकरी बदले तो कुछ महिलाएं अपने मृतक भाई की नौकरी के बदले अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही हैं.

विधायक विकास उपाध्याय न सिर्फ अपने क्षेत्र के स्कूलों को सैनेटाइज करवा रहे हैं, बल्कि फागिंग मशीन भी खुद हाथ में लिए स्कूल की सफाई करते हुए नजर आए. विधायक का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा ही उनकी पहली प्राथमिकता है. विधायक विकास उपाध्याय का कहना है कि स्कूल के जिन शिक्षक और शिक्षिकाओं ने कोरोना टीका लगवा लिया है, वे अपने नाम स्कूल के सूचना पटल पर चस्पा करवा दें. ताकि बचे हुए बाकी कर्मचारी भी जल्द से जल्द वैक्सीन लगवा लें. 

बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2 अगस्त से स्कूल और कॉलेज खुलेंगे. शिक्षा विभाग ने इसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दिया है. प्रदेश के स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं कक्षाएं 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित होगी. वहीं प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल खोलने का फैसला स्कूल समिति करेगी. वही ग्रामीण क्षेत्रों में पहली से 5वीं और 8वीं की कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में ग्राम पंचायत और स्कूल की पालक समिति अनुशंसा करेगी. इसी तरह शहरी क्षेत्रों में वार्ड पार्षद और स्कूल की पालक समिति खोलने का निर्णय लेंगे.



डॉ रमन सिंह ने कहा- 170 नये स्कूल खोलने की घोषणा हुई थी. लेकिन शिक्षा मंत्री को सेटअप की जानकारी नहीं है. अर्हता नहीं मालूम है. क्या पांच हज़ार पदों पर शिक्षा विभाग के मूल पदों के लोगों को लेकर आयेंगे तो बाक़ी स्कूलों का क्या होगा? प्राथमिकता ये होनी चाहिये कि बस्तर से सरगुज़ा तक आदिवासी इलाक़ों में चार-चार स्कूल खोल दें. पाटन जैसे मैदानी इलाक़ों में चार-चार स्कूल खोल दिये गये हैं.

पूरब टाइम्स दुर्ग. भारत माला सड़क परियोजना के अंतर्गत दुर्ग-रायपुर के बीच यातायात को सुगम बनाने बाईपास रोड प्रस्तावित है। टेडसरा से प्रारंभ होकर आरंग में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 में मिलने वाली प्रस्तावित बाईपास रोड के लिए राजनांदगांव जिले के 2, दुर्ग तहसील के 12 पाटन तहसील के 13, अभनपुर तहसील के 15 एवं आरंग तहसील के 19 गांवों के किसानों की भूमि 2018 में ही अधिग्रहित की जा चुकी है किन्तु अब तक किसानों को मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है इस आशय में शासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने कहा कि कुल 2282 किसानों 746.61 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है कुल 23 सौ करोड़ की इस परियोजना में जमीन देने वाले किसानों को लगभग 704 करोड़ का मुआवजा दिया जाना है किंतु दुर्ग , राजनांदगांव एवं आरंग के किसान विगत 3 वर्षों से दफ्तर दफ्तर भटक रहे हैं जो कि सर्वथा अनुचित है। 

अधिकारियों द्वारा उचित पहल नहीं किए जाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। वोरा ने बाईपास को आवश्यक एवं उपयोगी बताते हुए कहा कि बाईपास बन जाने से दुर्ग रायपुर मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा एवं महाराष्ट्र से ओड़िसा जाने वाली गाड़ियां शहर में प्रवेश किये बिना राजमार्ग 53 में आरंग में पहुंच सकेंगे। उन्होंने जल्द से जल्द किसानों को उनकी मुआवजा राशि दिलाने की मांग रखी।

रायपुर. बलौदाबाज़ार के श्री सीमेंट प्लांट में हुये हादसा का मामला आज विधानसभा सत्र के दौरान सदन में गूंजा. ध्यानाकर्षण के ज़रिए सदन में ये मामला उठाया गया. बीजेपी विधायक सौरभ सिंह, नारायण चंदेल और जेसीसी विधायक प्रमोद शर्मा ने इस मुद्दे को उठाया. सौरभ सिंह ने पूछा- बलौदाबाजार में सीमेंट प्लांट का काम चल रहा है, जिसमें शिफ्टिंग के दौरान गिर जाने से कुछ लोग घायल हुए 2 की मौत हुई. इस हादसे में 4 मजदूर घायल हो गए थे. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के मौन रहने से जनता में आक्रोश है.

श्रम मंत्री शिव डहरिया ने कहा- यह कहना सही नहीं हैं कि मृतक के परिजनों को अबतक कोई मुआवजा राशि नहीं दी गई, सभी को 1 लाख रुपये त्वरित और 16 लाख के चेक दिए गए हैं. मृतक श्रमिकों के आश्रितों को मासिक पेंशन दिया जएगा. जांच में यह पाया गया है कि भूतल से लोहे की सरिया को लिफ्ट कर शिफ्टिंग के दौरान 85 मीटर नीचे गिरने के कारण सुरक्षा सम्बन्धी कार्यों का पालन नहीं किये जाने पर कार्य को रोक गया है.

रायपुर। प्रदेश में आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विभाग द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थी दूरस्थ अंचलों से प्रवेशित होते हैं, जहां पर शिक्षण के माध्यम अत्यंत सीमित हैं। कोविड-19 के फलस्वरूप शाला बंद होने के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हुई है। फलस्वरूप एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऑनलाईन शिक्षण हेतु विभाग द्वारा योजना तैयार की गई है। इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को इन स्कूलों में योजना के प्रावधान अनुसार ऑनलाईन शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने निर्देशित किया गया है। जिन कक्षाओं में ऑफलाईन कक्षा संचालन की अनुमति नहीं है, उन कक्षाओं में तब तक ऑनलाईन अध्यापन व्यवस्था जारी रखने कहा गया है।
  ऑनलाईन शिक्षण योजना का उद्देश्य इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षक द्वारा सीबीएसई, सीजी पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई कराना, विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़े रखना, नियमित टेस्ट का मूल्यांकन, विद्यार्थियों को मनोवैज्ञानिक सहायता और मार्गदर्शन, विद्यार्थियों के पालकों से संपर्क और विद्यार्थियों की परेशानी ज्ञात कर उनका निराकरण करना है। विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए शाला स्तर पर ऑनलाईन अध्यापन का सेटअप तैयार कर विद्यार्थियों को गूगल मीट के द्वारा ऑनलाईन शिक्षा की व्यवस्था का प्रावधान है। योजना में विद्यार्थियों को कक्षावार, विषयवार अध्यापन, डाउट क्लास, मार्गदर्शन और मूल्यांकन शामिल है। ऑनलाईन शिक्षण का लाभ विद्यार्थियों को किस प्रकार मिल रहा है, इसके लिए विभागीय शिक्षकों, छात्रावास अधीक्षकों और मंडल संयोजकों के माध्यम से मैदानी स्तर पर मॉनिटरिंग का प्रावधान है।

    ऑनलाईन शिक्षण योजना का क्रियान्वयन सहायक आयुक्त आदिवासी विकास स्तर पर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की प्राचार्यों की बैठक लेकर विद्यालयवार संचालित होने वाली कक्षावार और विषयवार विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध विषयवार शिक्षकों की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद प्रत्येक विद्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी के क्या साधन उपलब्ध हैं और विद्यालय में ऑनलाईन शिक्षण के लिए अन्य आवश्यक सामग्रियों की समीक्षा की जाएगी। विद्यार्थियों की कक्षावार और विषयवार टाईम-टेबल बनाने के बाद कक्षावार ऑनलाईन क्लास के लिए सामग्री और शिक्षकों की आवश्यकता का आंकलन किया जाएगा। व्यवस्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को नोडल विद्यालय बनाया जाएगा और यहीं से जिले के अन्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जहां ऑनलाईन शिक्षण की सुविधा नहीं हो को भी ऑनलाईन से जोड़ा जाएगा। सभी शिक्षकों से नोडल विद्यालय में ही शिक्षण कार्य लिया जाएगा। मॉनिटरिंग के लिए जिले के छात्रावास अधीक्षकों, मंडल संयोजकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
  प्रत्येक जिले में एक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को नोडल स्कूल के रूप में चिन्हांकित किया जाएगा, जहां शिक्षक और ऑनलाईन शिक्षण हेतु संसाधन उपलब्ध होंगे। नोडल विद्यालय में किसी भी कक्षा, विषय में अध्यापन के लिए बच्चों का समूह 120 से अधिक नहीं होगा। बच्चों की संख्या ज्यादा होती है तो ऑनलाईन के लिए दूसरे समूह और सेटअप भी स्कूल में बनाया जाएगा। जिले के अन्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों की जानकारी नोडल प्राचार्य के पास उपलब्ध कराई जाएगी। नोडल विद्यालय में कक्षावार शिक्षा के लिए ऑनलाईन प्लेटफार्म बनाया जाएगा, जहां पर सभी आवश्यक डिजिटल उपकरण उपलब्ध हों। ऑनलाईन अध्ययन के लिए शिक्षकों की व्यवस्था कलेक्टर द्वारा की जाएगी। इससे पहले स्थायी शिक्षकों और अन्य शालाओं से शिक्षक संलग्न कर टीम बनाई जाएगी। यह अध्यापन टीम कक्षावार, विषयवार, ऑनलाईन प्लेटफार्म से टाईम-टेबल अनुसार अध्यापन कार्य करेंगे। विषयवार प्रत्येक विषय के लिए एक कोरगु्रप बनाया जाएगा, जिसमें उस विषय के न्यूनतम तीन शिक्षक होंगे। इनका दायित्व गु्रप की प्रति सप्ताह बैठक कर उसमें विषय से संबंधित अध्यापन की समीक्षा करना तथा इसे और कैसे बेहतर बनाया जाए इस पर चर्चा करना होगा।


गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मंत्री टीएस सिंहदेव पर लगाये गये आरोप सही नहीं है. उन पर लगाये गये आरोप पूरी तरह असत्य है.  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पत सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने भावावेश में कहे गये कथन को वापस लिया है. गृहमंत्री ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी है. मैं टीएस सिंहदेव से भी बात करूँगा, वो सदन में आएंगे.

उन्होंने कहा कि ये सदन राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करता है. सदन में बाक़ी मुद्दों पर भी चर्चा ज़रूरी है. आसंदी ने इस समस्या को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई उसकी मैं प्रशंसा करता हूँ. वहीं नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिन कारणों से जैसी भी परिस्थिति बनी उन कारणों पर अब मैं नहीं जाना चाहता. सदन की उच्च परम्परा बनी रहे.

रायपुर। छत्तीसगढ़ी फिल्मों के जरिए छत्तीसगढ़ी संस्कृति को छालीवुड अभिनेत्री अनिकृति चौहान ने अपनी फिल्मों के जरिए सशक्त रूप से अभिनीत कर दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया है. एक निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता ने अनिकृति ने बताया कि वे अपने पिता स्व. अनिल चौहान की स्मृति में यूट्यूब पर प्रेम संदेशा शीर्षक से म्युजिक एलबम लांच किया. लांचिंग के अवसर पर अभिनेता लक्ष्य रवि पल्लीवार कोरियोग्राफी लक्की देवांगन, अमित राय प्रोडक्शन मैनेजर जया साहू एवं फिल्म अभिनेता योगेश अग्रवाल ने उक्त एलबम के जरिए यू ट्यूब पर दर्शकों की पसंद के छत्तीसगढ़ी गाने लांच करने की जानकारी दी.

छालीवुड अभिनेत्री अनिकृति चौहान ने पत्रकारवार्ता में बताया कि वे अपने प्रोडक्शन हाउस के जरिए ऐसी कोई सामाग्री दर्शकों के सामने नहीं परोसेंगी, जिसे परिवार के साथ लोग न देख सके. साफ सुथरी फिल्मों के साथ ही वे स्थानीय प्रतिभाओं को प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर हर संभव सहयोग देंगी. कोरोना की तीसरी लहर के संबंध में जनजागरूकता अभियान का हिस्सा बनने संबंधी प्रश्र पर अनिकृति ने कहा कि राज्य अथवा केंद्रीय शासन से ऐसा कोई प्रस्ताव उन्हें मिलता तो वे उसे सहर्ष स्वीकार कर लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी.

अनिकृति ने कहा कि एलबम में उनके अपोजिट कुलदीप सिंह परमार ने प्रभावी भूमिका निभाकर दर्शकों का दिल जीता है. प्रेम संदेशा गीत में दिखाई गई क्लीपिंग में अनिकृति ने बेहतरीन अभिनय किया है. लांचिंग अवसर पर मुख्य अतिथि योगेश अग्रवाल ने कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए जनहित में अच्छी मनोरंजन सामग्री भविष्य में निर्मित करने की सलाह दी.