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बिलासपुर। कोरबा के मुड़ापार बाइपास मार्ग में संचालित मोबाइल दुकान में छत की शीट हटाकर अज्ञात चोर ने 90 हजार का सामान पार कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बाइपास मार्ग में स्थित डिजिटल मोबाइल रिपेयरिंग के संचालक दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। बुधवार की सुबह जब दुकान पहुंचे और खोल अंदर जैसे ही अंदर गए, तब वहां रखा सामान बिखरा हुआ मिला। छत की शीट टूटी हुई मिली ,जहां से चोर दुकान के अंदर घुसे थे।

दुकान में जांच करने के बाद स्पष्ट हुआ कि मरम्मत कार्य के लिए रखे मोबाइल, इयरफोन, घड़ी समेत काउंटर का दराज खोल कर नगदी रकम की चोरी कर ली। लगभग 90 हजार रुपये सामान की चोरी करने के बाद चोर छत से ही फरार हो गए। बताया जा रहा है कि चोरों ने पहले शटर तोड़ने का प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिलने से शीट तोड़ कर अंदर घुसे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर मानिकपुर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।


रायपुर। सीएम भूपेश बघेल महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज से महाराष्ट्र के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। महाराष्ट्र रवाना होने से पहले सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी नेताओं को आड़े हाथों लिया है। दरअसल केंद्र सरकार ने गोबर से बना पेंट लांच किया है, इस पर सीएम भूपेश का बयान सामने आया है। 

सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार को जितना गोबर चाहिए हम देंगे, हमारा गोबर खरीदी का सिस्टम बना हुआ है। केंद्र सरकार हमारी योजनाओं का अनुसरण कर रही है।सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार यदि 5 रु किलो गोबर खरीदती है तो किसानों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेताओं को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग हमारी योजनाओं की हंसी उड़ा रहे थे। 

गोबर को राजकीय चिन्ह बनाने की बात कह रहे थे। अब ऐसे लोगों के चेहरे पर गोबर पड़ा है। क़ोरोना वैक्सीनेशन पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पहले तो देश के फ़्रंट लाइन वारियर्स को टीका लगेगा, फ़रवरी माह तक आमजनों के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। वहीं उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि अब बताएं आमजन को मुफ़्त वैक्सीन मिलेगी या नहीं।

रायपुर। राजधानी रायपुर के एक व्यक्ति को ऑनलाइन पिज़्ज़ा का आर्डर करना बड़ा महंगा पड़ गया। शातिर ठगों ने खाते से 60 हजार रुपये ही उड़ा लिये। मामले में पुरानी बस्ती पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ ठगी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक प्रोफेसर कालोनी में रहने वाले 38 वर्षीय आलोक वर्मा ने 11 जनवरी को शाम 6:45 बजे पिज्जा ऑर्डर करने के लिए गूगल की मदद ली और पचपेड़ी नाका स्थित डोमिनोज पिज्जा का नंबर सर्च किया। 


रायपुर। कोरोना महामारी से निपटने के लिए राहत का टीका बस पहुंचने ही वाला है। आज एयर कार्गो से कोरोना वैक्सीन की पहली खेप रायपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने वाली है। पहले खेप में सीरम इंस्टीस्च्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन के 3 लाख 23 हजार डोज होगी। पहले चरण में 2 लाख 67 हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स को यह टीका लगाया जाना है। अधिकारियों ने बताया, स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर हवाई अड्डे से राज्य वैक्सीन भंडार तक टीकों के परिवहन के लिए इंसुलेटेड वैक्सीन वैन की व्यवस्था की है। इसमें टीकों को 2 डिग्री सेल्सियस से 8 डिग्री सेल्सियस तक के अनुकूलित तापमान में रखा जाएगा। 

राज्य वैक्सीन भंडार से इंसुलेटेड वैक्सीन वैन के जरिए ही सभी जिलों में ये टीके भेजे जाएंगे। इसके लिए एक राज्य स्तरीय, तीन क्षेत्रीय और 27 जिला स्तरीय कोल्ड चेन पॉइंट बनाए गए हैं। प्रदेश में टीकों के सुरक्षित भंडारण व परिवहन के लिए अभी 630 क्रियाशील कोल्ड चेन पॉइंट एवं 85 हजार लीटर से अधिक कोल्ड चेन स्पेस उपलब्ध है। इनके साथ ही 81 अतिरिक्त कोल्ड चेन पॉइंट भी स्थापित किए गए हैं। वैक्सीन के परिवहन के लिए 1 हजार 311 कोल्ड-बॉक्स उपलब्ध हैं। सीरिंज, नीडल एवं अन्य सामग्रियों के भंडारण के लिए 360 ड्राई-स्टोरेज भी बने हैं।

यहां लगना है राहत का टीका राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया, प्रदेश में टीकाकरण के लिए 1349 बूथ चिन्हित किए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल दो लाख 67 हजार 399 हेल्थ-केयर वर्करों, राज्य व केंद्रीय कर्मचारियों तथा सशस्त्र बलों को टीके लगाए जाएंगे। इन सब की जानकारी कोविन पोर्टल में एंट्री की गई है। 16 जनवरी से शुरू होगा टीकाकरण अभियान महामारी से निपटने के लिए टीकाकरण का अभियान 16 जनवरी से शुरू हो रहा है। इस पहले चरण में फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगना है। इस चरण के लिए छत्तीसगढ़ में पहले दिन 99 बूथों से टीकाकरण की शुरुआत होगी। @GI@

बिलासपुर। अंबिकापुर दुर्ग स्पेशल ट्रेन में सफर के दौरान कैंसर पीड़ित एक यात्री की मौत हो गई। शव को उसलापुर रेलवे स्टेशन में उतारा गया। जीआरपी नहीं मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है । घटना मंगलवार सुबह की है। सरगुजा जिले के उदयपुर देवरीकला निवासी बबन ठाकुर पिता अवधेश 49 वर्ष को मुंह का कैंसर था। स्वजन उसका उपचार रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में करा रहे थे।

इलाज के लिए स्वजन इससे पहले तीन बार इलाज के सिलसिले में रायपुर जा चुके थे। चौथी बार फिर जाना था। इसलिए इस ट्रेन में रिजर्वेशन कराया। स्लीपर कोच में यात्रा दौरान पांच सदस्य थे। उसलापुर रेलवे स्टेशन से पहले अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। हालात देख स्वजन घबरा गए। कोच में उनकी हलचल देख अन्य यात्री में नींद से जग गए। इस दौरान रेलवे से मदद भी ली गई।

उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद बीमार यात्री को उतारा गया। जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस पर स्टेशन मास्टर ने बिलासपुर जीआरपी थाने को मेमो भेजा। मेमो के आधार पर थाने से प्रधान आरक्षक ब्रह्मानंद वैष्णव स्टेशन पहुंचे। इस दौरान स्वजनों से जानकारी और अन्य प्रकिया पूरी करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए स्वजनों को सौंप दिया गया है।

रायपुर। मुख्यमंत्री ने  बीजापुर के लोहा डोंगरी जैव विविधता पार्क में बॉलीबाल मैच खेला। उन्होंने इस दौरान सेन्टर पोजीशन में शानदार तरीके से खेलते हुए सर्विसिग भी करते दिखाई दिए। यहां लोगों के लिए रखी गई स्पोर्ट्स एक्टिविटीज को देखकर खुद को रोक ना सके। बैडमिंटन, वॉलीबॉल, सॉफ्ट बॉल और तीरंदाजी में हाथ आजमाया। बीजापुर कलेक्टर, बस्तर रेंज के आईजी और बीजापुर एसपी समेत, मंत्री कवासी लखमा, मंत्री जय सिंह अग्रवाल और स्थानीय विधायक ने भी सीएम का साथ दिया।@GI@

यहां तीरंदाजी का अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने खुद भी तीर उठाकर निशाना साधा। यहां खिलाड़ियों के निशाने को भी परखा और अच्छे निशाने को देखकर उनकी प्रशंसा की। कक्षा 12वीं की छात्रा द्वारा सॉफ्टबॉल प्रशिक्षण के दौरान लगाए गए सटीक निशाने से प्रभावित मुख्यमंत्री ने प्रोत्साहन स्वरूप अपनी ओर से एक हजार रुपए का नगद इनाम भी दिया।@GI@

बिलासपुर। भारी वाहनों के परिचालन के कारण जांजगीर—चांपा जिले अकलतरा नगर में हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक भारी वाहनों के आवागमन पर नो एंट्री लगाई गई है। बीते कुछ दिनों से कोयला से लदे ट्रेलर चालकों के द्वारा समय से पहले नगर में गाड़िया चलाई जा रही थी। शनिवार रात नौ बजकर 25 मिनट पर 100 से भी ज्यादा कोयला लदे ट्रेलरों के नगर की सीमा में आवागमन करने पर नगरवासियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। समय से पहले नगर की सीमा में आवागमन कर रहे ट्रेलरों को वार्ड नंबर 18 के पार्षद राजेश जायसवाल ने अग्रसेन चौक के पास रोक लिया।

एवं इसकी सूचना एसडीएम मेनका प्रधान व तहसीलदार पवन कोसमा को देकर नो एंट्री का उल्लंघन करने वाले ट्रेलर चालकों पर कार्रवाई की मांग की गई। एसडीएम द्वारा पुलिस विभाग को निर्देशित करने पर एसआई बीपी तिवारी मौके पर पहुंचे एवं समय पूर्व नो एंट्री जोन मे आवागमन करने के लिए ट्रेलर चालकों को फटकार लगाते हुए दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की हिदायत दी गई।

गौरतलब है कि नगर के अग्रसेन चौक एवं ओवरब्रिज के पास नो एंट्री के मानिटरिंग के लिए यातायात विभाग के कर्मचारी तैनात रहते हैं लेकिन यातायात विभाग के कर्मचारी एवं ट्रांसपोर्टरों के बीच आपसी साठगांठ होने के कारण आए दिन नगर में समय से पहले नो एंट्री का उल्लंघन कर भारी वाहनों का परिचालन किया जाता है। नगर वासियों द्वारा जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए नो एंट्री मे आवागमन करने पर वाहन चालकों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 10 जनवरी को नारायणपुर और बीजापुर जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार 10 जनवरी को नारायणपुर में पूर्वान्ह 11.30 बजे फूलझाडू प्रोसेसिंग केन्द्र का अवलोकन करेंगे तथा 11.45 बजे मलखम्ब प्रदर्शन एवं मलखम्ब अकादमी के खिलाडि़यों से मुलाकात के बाद दोपहर 12 बजे हेलीकाप्टर से रवाना होकर दोपहर 12.30 बजे बीजापुर जिले के पुलिस लाइन हेलीपेड पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री दोपहर 12.40 बजे बीजापुर के आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का लोकार्पण तथा स्कूल परिसर का भ्रमण करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री दोपहर 1.10 मिनी स्टेडियम बीजापुर में आम सभा को संबोधित करेंगे तथा विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और हितग्राहियों को सामग्री वितरण करने के साथ ही 'मनवा' बीजापुर लोगो का विमोचन भी करेंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 3.35 बजे महादेव तालाब बीजापुर का अवलोकन करेंगे और 4 बजे नगर पालिका बीजापुर गौठान पहुंचकर वहां विभिन्न गतिविधियों की जानकारी लेंगे।

 शाम 4.35 बजे मुख्यमंत्री लोहा डोंगरी पार्क का अवलोकन करेंगे। इसके बाद शाम 5.30 से 6.30 बजे के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल सर्किट हाउस बीजापुर में विभिन्न संगठन प्रमुख, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधिगण, युवा प्रतिनिधिमण्डल और अधिकारियों से भेंट एवं चर्चा करेंगे। तत्पश्चात वे सर्किट हाउस बीजापुर में ही रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अगले दिन 11 जनवरी को दोपहर 12 बजे पुलिस लाइन हेलीपेड बीजापुर से प्रस्थान कर दोपहर 1.20 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर पहुंचेंगे।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 09 जनवरी से बस्तर संभाग के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री 09 और 10 जनवरी को संभाग के नारायणपुर जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे नारायणपुर में विकास कार्याें का लोकार्पण-शिलान्यास करने के बाद आम सभा को संबोधित करेंगे तथा केन्द्रीय विद्यालय नारायणपुर, आदर्श गौठान केरलापाल, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सिंगोडीतराई, रामकृष्ण मिशन आश्रम के कार्यक्रम सहित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 

मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार 09 जनवरी को रायपुर से सवेरे 10.45 बजे हेलीकाप्टर से रवाना होकर दोपहर 12 बजे नारायणपुर जिले के केरलापाल पहुंचेंगे। जहां वे आदर्श गौठान का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12.55 बजे केन्द्रीय विद्यालय परिसर, गरांजी नारायणपुर का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वे 1.40 बजे विभिन्न विकास कार्याें के लोकार्पण एवं भूमिपूजन और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री वितरण के बाद आमसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 3.55 बजे स्वामी आत्मानंद अंग्र्रेजी माध्यम विद्यालय सिंगोड़ीतराई का अवलोकन करने के बाद शाम 4 बजे पुलिस पेट्रोल पंप नारायणपुर का लोकार्पण करेंगे।

 वे शाम 4.45 बजे रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर के कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री बघेल शाम 6.30 बजे विश्राम गृह नारायणपुर में विभिन्न संगठनों के प्रमुखों, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधि, युवा प्रतिनिधि मण्डल और अधिकारियों से भेंट कर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम नारायणपुर में करेंगे। मुख्यमंत्री अगले दिन 10 जनवरी को पूर्वान्ह 11.30 बजे फूलझाडू प्रोसेसिंग केन्द्र का अवलोकन करेंगे और 11.45 बजे मलखम्ब प्रदर्शन एवं मलखम्ब एकेडमी के खिलाडि़यों से परिचय प्राप्त करेंगे।

कुम्हारी । कुम्हारी के खारून ग्रींस से लेकर जंजगिरी तक करीब 300 पेड़ों पर बस्तर आर्ट नजर आएगा। इसके लिए कुम्हारी पालिका द्वारा काम भी शुरू करवा दिया गया है। कुम्हारी प्रदेश का पहला पालिका है, जहां पर पेड़ों पर कलाकृति की जा रही है। यह कलाकृति आने एवं जाने वालों को छत्तीसगढ़ी संस्कृति से रूबरू कराएगी।

इसके लिए बाकायदा रायपुर से कलाकारों को बुलाया गया है, जो पेड़ों पर पेंटिंग व डिजाइनिंग कर छत्तीसगढ़ की सभ्यता और संस्कृति को दर्शा रहे हैं।

पालिका से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल हाइवे के किनारे लगे पेड़ों को सजाने और संवारने में करीब 18 लाख रुपये खर्च किया जा रहा है। यहां पर बस्तर आर्ट की कलाकृति की जा रही है। आगे चलकर यह छत्तीसगढ़ संस्कृति और कला की मिशाल बनेगा। कुम्हारी पालिका भवन के सामने भी मनमोहक कलाकृति की गई है। उसी के दर्ज पर अब करीब 300 पेड़ों को पेंटिंग के माध्यम से तीन से चार फीट ऊंचाई तक कलाकृति की जा रही है। यह कलाकृति आने वाले लोगों को लुभाने लगी है। यह अभियान गढ़बो नवा कुम्हारी का नाम देकर संवारा जा रहा है। इसे देखकर लोग अपने वाहनों को रोककर इसे एक बार जरूर देख रहे हैं।

एक दर्जन आए कलाकार

बतादें के गढ़बो नवा कुम्हारी के अभियान में हरे भरे पेड़ों पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति और बस्तर आर्ट की कलाकृति करने के लिए कुल एक दर्जन कलाकार बुलाए गये हैं। जो लगातार पेड़ों की जड़ों से लेकर तना तक को संवार रहे है और कलाकृति बना रहे हैं। जो एक सप्ताह में पूर्ण हो जाएगा।

रायपुर पूरब टाइम्समुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल नारायणपुर जिला मुख्यालय से नक्सल प्रभावित ईलाके की तरफ बढ़ें, तो 50 किलोमीटर दूर पहाड़ों से घिरे टेमरूगांव ग्राम पंचायत आपका स्वागत करता बोर्ड नजर आयेगा। पहाड़ों से घिरे पंचायत में 2 गाँवों के 6 पारा-टोले हैं। यहां लगभग 200 परिवार रहते हैं। ईलाके की प्राकृतिक सुंदरता आपको जैसे बांध ही लेती है, लेकिन यह सुंदरता बाहर से गये लोगों को ही देखने में अच्छी लगती है। पहाड़ों की तराई में बसे गांवों में रहने वाले लोग बहुत कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारते हैं। पहुंच मार्ग के अभाव में किसी भी गांव व क्षेत्र का विकास की बात करना महज कोरी कल्पना सी है, लेकिन प्रशासन के प्रयास से यह जरूरी सुविधायें पहुंचने लगी है। नक्सल प्रभावित सुदूर वनांचल के निवासी जो वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे थे। उन्हें जिला प्रशासन ने कन्हारगांव से टेमरूगांव 8 किलोमीटर और टेमरूगांव से टोयमेटा तक 7 किलोमीटर पक्की सड़क की सौगात दी है । 

इन्ही गांवों में से एक है टेमरूगांव है, जो लगभग ऊंची पहाड़ी पर बसा है। लोगों की दिक्कत और आवागमन की सुविधा के लिए प्रशासन ने पहाड़ को काटकर सड़क बनाने का दुरूह कार्य कर दिखाया है। पहले जहां गांव में पहुंचने के लिए पैदल चलना मुश्किल था, अब वहां सड़क है, बिजली है, उचित मूल्य की दुकान, साफ पीने का पानी है, स्कूल है और स्कूल में शिक्षक हैं। लेकिन कुछ साल पहले तक यह सब बुनियादी सुविधाएं यहां के लोगों के लिए सपना थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ-साथ एम्बुलेंस और अन्य बुनियादी सुविधायें गांवों तक पहुंच रही है। सड़क बन जाने से ग्रामीणों को अब शिक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन एवं खाद्यान्न की बुनियादी सुविधाएं मिलने लगी हैं। जिससे सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है।

रायपुर ।  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा एक नवंबर 2020 को प्रदेश के 14 नगर निगमों में मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किए जाने बाद अब तक 2134 शिविर लगाए गए हैं । इन शिविरों में अब तक एक लाख 14 हजार 320 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य जांच कर उनका आवश्यक उपचार किया गया है। मेडिकल मोबाइल यूनिट के संचालन से स्लम क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है। रायपुर में सबसे अधिक 628 शिविर में 32482 मरीज लाभान्वित हुए है और कोरबा में 219 कैंप में 10577, बिलासपुर में 184 कैंप में 13741, दुर्ग, भिलाई, रिसाली तथा भिलाई चरौदा में कुल 480 कैंप में 24,997 और राजनांदगांव में 184 शिविर में 8,351 मरीज लाभान्वित हुए हैं। इन कैंपों में लगभग 30 हजार मरीजों की पैथोलाॅजी जांच भी की गई है। 


गौरतलब है कि प्रदेश के नगरीय निकायों के स्लम क्षेत्रों में निवासरत लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अभाव होने के कारण कई प्रकार की मौसमी एवं अन्य बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। इन बस्तियों में निवासरत लोगों और उनके आश्रित वृद्धजनों, बच्चों को अस्पताल ले जाने एवं इलाज कराने में कई बार अस्पताल में लंबी लाईन होने के कारण, मजदूर उस दिन कार्य पर नहीं जा पाते है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी होता है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लोगों को सुबह-शाम घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा सहजता से उपलब्ध हो रही है। मोबाइल मेडिकल यूनिट में अत्याधुनिक जांच की मशीनें भी लगी हुई है। इन मशीनों से बीपी, शुगर, खून जांच, पेशाब की जांच मौके पर ही की जा रही है। सर्दी, बुखार की दवाईयों के साथ-साथ बीपी शुगर जैसे बीमारियों की नियमित जांच के साथ दवाइयां भी मुफ्त में दी जा रही है। इलाज की पूरी प्रक्रिया को आॅनलाईन भी किया गया है। माॅनिटरिंग हेतु सी.सी.टी.व्ही. तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों के प्रचार-प्रसार के लिए टीवी, प्रोजेक्टर और मुनादी हेतु साउण्ड सिस्टम भी लगाए गए है। 

शुभारंभ के साथ ही यह मोबाइल मेडिकल यूनिट स्लम इलाकों में नियमित रूप से पहुंच रही है। कैंप के माध्यम से आसपास के लोगों का स्वास्थ्य जांच करने के अलाव बीमारी दूर करने दवांए भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना से झुग्गी इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों का निःशुल्क में घर के पास ही आसानी से इलाज हो रहा है। 


दाई-दीदी क्लीनिक से पांच हजार से अधिक महिलाओं का हुआ इलाज

पूर्व प्रधानमंत्री स्व श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती के दिन 19 नवम्बर को प्रदेश की महिलाओं के लिए शुरू की गई देश में अपने आप में अनूठी दाई दीदी क्लीनिक का भी बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। दाई-दीदी क्लीनिक की सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि  इसमें महिला चिकित्सकों के माध्यम से ही महिलाओं को निःशुल्क उपचार मिल रहा है। अभी तक पांच हजार से अधिक महिलाओं ने दाई दीदी क्लीनिक के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया है। 

दाई-दीदी क्लीनिक देश में अपनी तरह का पहला क्लीनिक है, जिसमें केवल महिलाओं का इलाज किया जा रहा है। वर्तमान में इसे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर निगम क्षेत्र में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है और आगे इसका विस्तार किया जाएगा। संकोच के कारण महिलाएं अपनी बीमारी को खुलकर नहीं बता पाती हैं। इस कारण उनकी बीमारी का सही उपचार नहीं हो पाता। अब दाई-दीदी क्लीनिक में महिला चिकित्सक और महिला स्टाफ होने से वे निःसंकोच अपना समुचित इलाज करा रहीं हैं। इसमें महिलाओं को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्हें अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।



दंतेवाड़ा ।  अरनपुर थाना क्षेत्र के नहाड़ी-ककाड़ी के जंगल से एक महिला नक्‍सली को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान नहाड़ी जनमिलिशिया कमांडर भीमे के रूप में हुई है। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ के बाद महिला ने अपना अपराध स्‍वीकार करते शामिल अन्‍य वारदातों का जिक्र किया है। इलाके में अधिकतर बम उसके द्वारा ही लगाए गए हैं।

एसपी डा. अभिषेक पल्‍लव ने बताया कि नहाड़ी-ककाड़ी के पहाड़ी में दरभा डिवीजन के स्‍पेशल जोनल कमेटी के मेंबर चैतु उर्फ श्‍याम, डिवीजनल मेंबर देवा, जगदीश, विनोद आदि नक्‍सलियों के मौजूदगी की सूचना पर फोर्स निकली थी। तब पहले से घात लगाए नक्‍सलियों ने फोर्स पर फायरिंग और विस्‍फोट किया। इसके बाद सर्चिंग के दौरान घेराबंदी कर पुलिस ने एक संदिग्‍ध महिला को हिरासत में लिया।

पूछताछ में उसने अपना नाम भीमे पिता भीमा माड़वी फुलगट्टा ककाड़ी निवासी बताया। साथ ही बताया कि फोर्स को नुकसान पहुंचाने वह करका-ककाड़ी के बीच पगडंडी में पांच किग्रा का प्रेशर बम लगाया था। इसकी चपेट में आकर शुक्रवार को एक जवान घायल हो गया। बताया गया कि पकड़ी गई महिला नक्‍सली 2013-14 से लेकर अब तक दर्जनों वारदात में शामिल रही है। वह फोर्स के रास्‍ते में बम लगाने के काम में माहिर बताई जा रही है।



रायपुर । देशभर में एक और जहां आदिवासियों को हिंदू समाज से अलग करने के लिए अलग अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। आदिवासियों को बताया जा रहा है कि वह हिंदू नहीं आदिवासी हैं, उनका धर्म अलग है। इन सब के बीच छत्तीसगढ़ के एक सांसद आदिवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए रामधुन का इस्तेमाल कर रहे हैं। आदिवासियों के बीच रामायण की चौपाई पढ़ रहे हैं और बता रहे हैं कि आदिकाल से आदिवासी हिंदू समाज के अंग रहे हैं।

राजनांदगांव के भाजपा सांसद संतोष पांडे लगातार सुदूर वनांचल में छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में वह रामायण की चौपाई पढ़ रहे हैं और आदिवासी समाज के लोगों को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका भी भगवान श्रीराम से नाता रहा है। अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के लिए आदिवासी समाज को जोड़ने का भी काम कर रहे हैं। दरअसल, भाजपा राम मंदिर के लिए राशि एकत्र करने जा रही है। इसी कड़ी में आदिवासी घरों तक पहुंचने का बीड़ा सांसद संतोष पांडे ने उठाया है।

सांसद पांडे ने कहा कि आदिवासी समाज को भ्रमित किया जा रहा है। उन्हें यह बताने की कोशिश की जा रही है कि वह आदिवासी हैं, न कि हिंदू। जबकि रामायण काल से आदिवासी हिंदू समाज से जुड़े हैं और हिंदू समाज के अभिन्न अंग रहे हैं। राम मंदिर के लिए आदिवासी समाज के लोग भी सहयोग राशि दे रहे हैं। इससे उनका भगवान श्रीराम से सीधे जुड़ाव  होगा।

रायपुर  नरवा,गरवा,घुरवा और बाड़ी, छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी, येला बचाना है संगवारी...यह कथन अब हर छत्तीसगढ़ियों की जुबान में रच-बस गया है । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा नरवा,गरवा,घुरवा और बाड़ी के माध्यम से ग्रामीणों की प्राचीन संस्कृति को सहेजने और आर्थिक समृद्धि को पुनर्जीवित करने जो कदम उठाया गया है, उसी राह पर चलते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने भी नई पहल शुरू की है। उन्होंने गोठानों में गोबर से तैयार गौ काष्ठ का उपयोग ठण्ड भगाने के लिए अलाव के रूप में करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश भर के नगरीय निकाय क्षेत्रों में ठण्ड के दिनों में आम नागरिकों को ठण्ड से बचाने के लिए चौक-चौराहों पर अलाव जलाए जाते हैं। 

लकड़ी के आकार का होता है गौ-काष्ठ

 प्रदेश में गाय के गोबर के कण्डे बनाए जाते हैं। गोठानों के माध्यम से गोबर के कण्डे के आकार में परिवर्तन कर लकड़ी के आकार का बना दिया जाता है। पेड़ों की तरह गोलाईनुमा आकार में एक से तीन फीट तक लंबाई वाले सूखे गोबर को ही गौ-काष्ठ कहा जाता है। अमूनन ढ़ाई किलो के गोबर से एक किलो और एक फीट लंबा गौ काष्ठ का निर्माण होता है। जिसकी कीमत लगभग 8 रुपए हैं।

400 सौ अधिक स्थानों पर जलता है अलाव

आमतौर पर नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में ठण्ड और शीतलहर को देखते हुए आम नागरिकों के लिए चौक-चौराहों पर अलाव जलाए जाते हैं। अनुमानित 400 सौ से भी अधिक स्थानों पर लकड़ी के अलाव जलाए जाते हैं। यह संख्या ठण्ड और शीतलहर के हिसाब से घटती बढ़ती रहती है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में अनुमानित 51 स्थानों पर अलाव जलाए जाते हैं। 

स्वच्छ वातावरण के निर्माण में होगा उपयोगी

प्रदेश भर में ठिठुरन बढ़ने के साथ चौक-चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था तो कर दी जाती है, लेकिन अधिकांश चौक या चौराहा शहर के मध्य ही स्थित है। इन चौक-चौराहों में लकड़ी को जलाने पर भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जित होता है। ठण्ड के दिनों में यह लकड़ी धुआं कुहरे के रूप में कुछ दूर ऊपर ही ठहर जाता है। इससे प्रदूषण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। यहीं नहीं लकड़ी का अलाव बहुत जल्दी राख में तब्दील हो जाता है। इन सबकी अपेक्षा  गौ काष्ठ के अनेक फायदे हैं। इको-फ्रेण्डली होने के साथ इसका धुआं पर्यावरण के लिए अधिक नुकसानदायक नहीं होता है। पेड़ो की कटाई और सूखी लकड़ी की कीमत की अपेक्षा यह कम कीमत में उपलब्ध हो सकता है। इसका अलाव भी देर तक राख में तब्दील नहीं होता है।


बताया जाता है कि इस स्कूल के संचालक ने अभिभावकों को एकतरफा निर्णय सुना दिया है कि संजय नगर का स्कूल बंद हो जाएगा, जबकि इस साल भी आरटीई के तहत इस स्कूल में बच्चों का दाखिला हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधक कह रहा है कि अजीज पब्लिक स्कूल के दूसरी शाखा मोवा में अपने बच्चों को भेजें। अभिभावकां का कहना है कि इतनी दूर बच्चों को नहीं भेज सकते हैं और स्कूल से बच्चों को निकाल देंगे तो मुफ्त की पढ़ाई से बच्चे वंचित हो जाएंगे। अभिभावक असमंजस में हैं कि करें तो क्या करें ? मामले में जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर का कहना है कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले में कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्कूल प्रबंधक से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन बातचीत नहीं हो पाई।

रायपुर में ही पिछले सालों में कई स्कूल बंद हो चुके हैं। इन स्कूलों में जिन बच्चों का आरटीई के तहत दाखिला हुआ है उन बच्चों को अभी तक दूसरे स्कूलों में शिफ्ट भी नहीं कराया गया है।पूरब टाइम्स  ने पड़ताल की तो पाया कि प्रदेशभर में पिछले सालों के भीतर 40 निजी स्कूल बंद हो गए हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले आरटीई के हजारों बच्चों की मुफ्त की पढ़ाई भी छिन गई है। ये बच्चे अब कहां पढ़ रहे हैं, इसका जवाब अफसरों के पास नहीं है।

रायपुर । आदिवासी कला भित्ति चित्र को कपड़े में उकेरकर फैशन डिजाइनर के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाने वाली छत्तीसगढ़ की फैशन डिजाइनर सारा मिराज खान ने दिल्ली में वर्ष 2020 का बेस्ट क्रिएटिव पुरस्कार हासिल किया है। इससे पहले भी मुंबई में फैशन के क्षेत्र में कई आयोजन में उनके द्वारा डिजाइन किए गए कपड़ों को काफी पसंद किया गया है।

निश्शुल्क दे रहीं प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ रायपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में कलाकार सारा मिराज खान छात्र- छात्राओं को निश्शुल्क आदिवासी कला को कपड़ों में उकेरने के गुण सिखा रही हैं। साथ ही आनलाइन फैशन क्लास भी ले रहीं हैं।

9 सालों बाद मिली कामयाबी

पिछले 9 साल से वे दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में छत्तीसगढ़ की कला को फैशन डिजाइनर के रूप में अपनाकर पहचान बनाने में जुटीं हैं। कई आयोजन में शिरकत करने के बाद अब कहीं जाकर छत्तीसगढ़ की भित्ति चित्र कला के क्षेत्र में बेस्ट क्रिएटिव का पुरस्कार मिला है।

विश्व स्तर पर पहचान दिलाने उद्देश्य

पुरस्कार मिलने पर नईदुनिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि आदिवासी कला को दीवारों, मूर्तियों, बर्तनों में अंकित किया जाता है। इस कला को विश्वव्यापी पहचान दिलाना ही मेरा उद्देश्य है। इस कला को कपड़ों में उकेरकर जब फैशन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पहना तो निर्णायकों ने सराहा। अब बेस्ट क्रिएटिव अवार्ड मिलने से आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है। इस कला को विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में लेकर जाना है ताकि छत्तीसगढ़ की इस कला के प्रति देशभर के कलाकार आकर्षित हों।

सदियों पुरानी कला

सारा मिराज बतातीं हैं कि उन्होंने पेंटिंग से अपने कैरियर की शुरुआत की थी। बाद में भित्ति चित्र की ओर झुकाव हुआ। यह कला सदियों पुरानी है, बस इसे वर्तमान फैशन के अनुसार ढालने की जरूरत है। उम्मीद है भविष्य में इस कला को नया मुकाम हासिल होगा।


उनके निधन से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक घनाराम साहू के निधन का समाचार दुःखद है। इस दुःख की घड़ी में साहू जी के परिवारजनों को शक्ति प्रदान करने एवं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।

रायपुर।  स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कोरोना काल में बच्चों के अध्ययन-अध्यापन के लिए शुरू किया गया पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत आनलाइन एवं आफलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों को इस कार्यक्रम से जोड़े रखने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बहुत से नवाचारी प्रयास किए गए हैं। इनमें से शिक्षकों का एक पसंदीदा कार्यक्रम है- हमारे नायक।

यह कार्यक्रम शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। इसमें प्रतिदिन शिक्षकों और विद्यार्थियों के बारे में दो-दो ब्लाग लिखकर अपलोड किए जाते हैं। अब तक कुल 500 ब्लाग लिखे जा चुके हैं। उदाहरण के लिए पहला ब्लाग दुर्ग जिले की शिक्षिका नंदनी देशमुख और उनकी बेटी डा. निधि देशमुख पर लिखा गया है। उन्हें सरकार ने हमारे नायक घोषित किया। हिंदी और अंग्रेजी के बाद अब संस्कृत और छत्तीसगढ़ी में भी ब्लाग लिखे जाने की योजना है।

यह कार्यक्रम शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। इसमें प्रतिदिन शिक्षकों और विद्यार्थियों के बारे में दो-दो ब्लाग लिखकर अपलोड किए जाते है। यह कार्य 25 मई से प्रारंभ हुआ और अब तक कुल 300 ब्लाग लिखे जा चुके हैं। पांच माह बाद अब अंग्रेजी में भी ब्लाग लिखना शुरू हुआ है। पहला ब्लाग दुर्ग जिले की शिक्षिका नंदनी देशमुख और उनकी बेटी डा. निधि देशमुख पर लिखा गया है। हमारे नायक के पहले अंग्रेजी ब्लाग में एक साथ मां-बेटी को स्थान मिलना सौभाग्य की बात है। आगामी दिनों में माह में कम से कम पांच ब्लाग अंग्रेजी में लिखे जाने की योजना है।