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रायपुर। लॉकडाउन में बंद लोकल ट्रेनों को 10 माह बाद, शुक्रवार से स्पेशल ट्रेनों के तौर पर शुरू कर दिया जाएगा। राजधानी रायपुर के स्टेशन से पहले दिन पांच ट्रेनें चलेंगी। इसके बाद 13, 14 और 15 फरवरी से बची हुई सात और लोकल ट्रेनें भी शुरू कर दी जाएंगी। सभी 12 लोकल ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे ने बुधवार को टाइम-टेबल जारी कर दिया है। 

चूंकि यह सभी स्पेशल पैसेंजर के नाम से चलाई जाएंगी, इसलिए इनका किराया भी ज्यादा रहेगा। यही नहीं, ट्रेन में जितनी सीटें उपलब्ध हैं, उतने ही टिकट बेचे जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने टिकट और सीटों के बारे में अभी कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की है। रेलवे अफसरों के मुताबिक गुरुवार को किराया से लेकर बुकिंग व्यवस्था की पूरी जानकारी रेलवे बोर्ड से यहां मिल जाएगी। अभी सिर्फ 12 ट्रेनें (6 जोड़ी) को चलाने की अनुमति ही मिली है।
12 फरवरी से रायपुर-बिलासपुर व बिलासपुर-रायपुर, रायपुर-दुर्ग व दुर्ग-रायपुर, रायपुर-डोंगरगढ़ शुरू होगी। 13 फरवरी को रायपुर-बिलासपुर के बीच एक अन्य मेमू स्पेशल के साथ-साथ रायपुर-डोंगरगढ़ व डोंगरगढ़-रायपुर और डोंगरगढ़-बिलासपुर के बीच मेमू स्पेशल चलेगी। 14 फरवरी को रायपुर बिलासपुर मेमू और रायपुर-दुर्ग मेमू शुरू होगी। 12 लोकल ट्रेनों की समय सारिणी घोषित कर दी गई है। किराया और टिकट बुकिंग व्यवस्था रेलवे बोर्ड गुरुवार को तय कर लेगा। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ऑटोमोबाइल सेक्टर में लगातार रौनक बनी हुई है। प्रदेश में जनवरी 2020 के मुकाबले जनवरी 2021 में ज्यादा कारों की बिक्री हुई है। पिछले साल के जनवरी माह में जहां 4523 कारें प्रदेश में बिकीं थीं, वहीं इस साल जनवरी माह में 4644 कारों की बिक्री हुई है। यह संख्या बीते दिसम्बर माह में 4233 बिकी कारो की संख्या से भी अधिक है। गौरतलब है कि कोरोना संकट की वजह से देश में मंदी का माहौल है, लेकिन प्रदेश इसके प्रभाव से अछूता रहा है। इस दौरान प्रदेश के ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ ही अन्य सेक्टरों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों और वनवासियों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं की वजह से यहां के बाजारों में रौनक बनी रही है। इस साल शासन ने समर्थन मूल्य पर 93 लाख मीटरिक टन से अधिक धान की खरीदी की है, जिससे पिछले 20 सालों की धान खरीदी का रिकार्ड टूट गया है। इसके साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 19 लाख किसानों को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से 5750 करोड़ रुपए की आदान सहायता से लाभान्वित किया जा रहा है। 

इस योजना के तहत शासन ने चार किश्तों में सहायता राशि के भुगातन का निर्णय लिया था, जिसकी तीन किश्तों के 4500 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना के तहत 02 रुपए किलो में गोबर की खरीदी किए जाने से भी गांवों में आय का नया जरिया विकसित हुआ है। शासन द्वारा अब तक 35 लाख क्विंटल से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी है, इसके एवज में लगभग 72 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।

सुराजी गांव योजना के तहत गांव-गांव में 09 हजार 50 गोठानों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, इनमें से 05 हजार 195 गोठानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन गोठानों को आजीविका केंद्र के रूप में विकसित कर वहां आयमूलक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला है। इसी तरह कोरोना संकट के समय राज्य के वनक्षेत्रों में देश मं सर्वाधिक लघु वनोपजों का संग्रहण किया गया। 

इस दौरान देश में संग्रहित कुल लघु वनोपजों का 73 प्रतिशत अकेले छत्तीसगढ़ में संग्रहित हुआ। शासन ने न केवल लघु वनोपजों के मूल्य में बढ़ोतरी की, बल्कि समर्थन मूल्य पर बिकने वाले लघु वनोपजों की संख्या 07 से बढ़ाकर 52 कर दी। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत एक दिन 26 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का भी रिकार्ड बनाया।




मारामारी करने के लिए सड़क पर क्यों उतर गए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के दो अधिकारी,  इसका असल कारण क्या है ? 

क्या कारण है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारी कानून हाथ में ले रहे है और बड़े अधिकारी तथा नेता प्रतिक्रिया विहीन है ?

ऐसी कौन - कौन सी ताकतें है जिनको छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को लड़वाने से फायदा होगा ?

पूरब टाइम्स , रायपुर . पिछले कई दिनों से अखबारों में अपनी अनियमितताओं के कारण सुर्खियों में रहे छ.ग. गृह निर्माण मंडल की अंदरूनी राजनीति का गंदा खेल भी सतह पर आकर दुनिया के सामने आ गया है. सूत्रों के अनुसार दो अधिकारियों के बीच आपसी मतभेद को लेकर मारामारी तक हो गयी जिसको एक अपराधिक प्रकरण बना कर एक अधिकारी को बलि का बकरा बना दिया गया है. कुछ लोगों का कहना है कि इस मामले में अनेक उच्च अधिकारियों की संलिप्तता भी हो सकती है और आपसी लेन-देन का मामला भी . यह भी बताया जा रहा है कि जिस अधिकारी को फंसाया गया है वह दूसरे अधिकारी के कुछ कृत्यों को सबके सामने लाने का प्रयास कर रहा था , जब कुछ उच्च अधिकारियों को जानकारी मिली और उनके फंसने की संभावना दिखी तो पहले अधिकारी को निपटा दिया गया . इस बात में सत्यता भी हो सकती है क्योंकि दूसरे अधिकारी के ऊपर की गई शिकायत पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही के लिये , किसी भी उच्चाधिकारियों ने अनुशंसा नहीं की है. वास्तविकता जो भी हो परंतु छ,ग, गृह निर्माण मंडल के भीतर से बहुत बड़े स्कैम के बाहर आने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ....

क्या छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारी व कर्मचारी संग के पदाधिकारी पुलिस कार्यवाही को विधि सम्मत मानते है ?

विगत दिनों प्रदेश भर की मीडिया और सोशल वेबसाइटों पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों के बीच फिल्मी स्टाइल में सार्वजनिक स्थान पर लड़ाई झगडा हुआ व तथाकथित मारामारी की घटना घटी . उसके बाद एक आधिकारिक के विरूद्ध की गई पुलिस कार्यवाही के कारण यह मामला सुखियों में बना रहा . सूत्र बता रहे है कि चूंकि अभी एक अधिकारी के विरूद्ध गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है और वह हिरासत में है इसलिए यह मामला अभी सभी के लिए जवलंत चर्चा का केंद्र बन गया है चूंकि गिरफ्तारी कार्यवाही के बाद अवकाश वाले दिन आ गए है इसलिए इस मामले का एक आरोपी अभी छूटा नहीं है और दूसरे आरोपी के विरूद्ध पुलिस क्या कार्यवाही करने वाली है इस संबंध में सभी को जानने की उत्सुकता बनी हुई है इसलिए नया रायपुर स्थित शासकीय कार्यालयों के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ - साथ विधि विशेषज्ञों के मध्य यह यह गर्मागर्म चर्चा चल पुलिस ने इस मामले में होने वाली आगामी कार्यवाहियों को जानने की उत्सुकता बनी वहीं है सभी यह जानना चाहते है कि पुलिस ने कार्यवाही की है वह कितनी विधि सम्मत है उल्लेखनीय है कि जल्द यह मामला न्यायालय के समक्ष होगा और न्यायालय के निर्णय के बाद इन चर्चाओं को नई दिशाएं मिलेंगी

छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल के दो अधिकारियों ने कानून हाथ में लिया लेकिन पुलिस ने अब तक एक के विरूद्ध कार्यवाही की है ऐसा क्यों ?छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल के दो अधिकारी मंडल के कार्यालय के बाहर किसी सार्वजनिक स्थान पर आपस में अज्ञात कारणों के कारण लड भीड़ गए और उनकी शिकायतों पर पुलीस ने प्रकरण दर्ज किया चूंकि अभी इस मामले की विवेचना पुलिस प्रारंभिक स्तर पर कर रही है और किसी भी आरोपी पक्ष के बयानों के साथ - साथ प्रकरण विषयक अन्य जानकारी पुलिस ने इस मामले की समाचार लिखे जाने तक किसी भी सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया है और ना ही अधिकृत तौर पर इस मामले की जानकारी प्रेस व मीडिया से साझा की है इसलिए इस आपराधिक घटना के संबंध में पुलिस कार्यवाही में अभिलिखित जानकारियों से दोनों पक्षकारों के साथ - साथ प्रेस और मीडिया भी अनभिज्ञ है चूंकि इस मामले में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसके संबंध में यह बताया जा रहा है कि वह लोकसेवक है और दूसरा पक्षकार जो अभी पुलिस कार्यवाहियों मे एक पक्षकार है ये दोनों पक्ष घटना के समय घटना स्थल पर मौजूद थे क्योंकि घटना में दोनों पक्षों की मौजूदगी बताई जा रही है ऐसी स्थिति में सिर्फ एक आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना कई शंकाओं को जन्म दे रहा है इसलिए अब सभी को न्यायालयीन कार्यवाहियों मे दोनो पक्षकारों के द्वारा अपना पक्ष रखे जाने पर दोनों पक्षों के आरोप व प्रत्यारोप जानने की उत्सुकता बनी हुई है.

क्या अब जब छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारी सड़क पर आकर मारामारी करेगें तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ऐसी परिस्थिति चिंताजनक हो जाएगी ?

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों ने सड़क पर आकर तथाकथित मारामारी की और पुलिस इस मामले की शिकायतों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना कर रही है इस बीच एक आरोपी पक्ष अभी पुलिस गिरफ्त में है और दूसरा पक्ष अपनी स्थिति पुलिस कार्यवाहीं मे प्रस्तुत करके पुलिस गिरफ्त के बाहर है इसका कारण क्या है यह तो इस मामले में न्यायलयीन निर्णय आने के बाद स्पष्ट होगा क्योंकि अभी दोनों पक्षों को अपनी बात कहने का अवसर इस मामले में होने वाली आगामी न्यायालयीन कार्यवाहियों के दौरान मिलेगा लेकिन वर्तमान स्थित में छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चलने वाली टकराहट ने अपना उग्र रूप सड़क पर आकर दिखा दिया है और एक आपराधिक प्रकरण के रूप में पुलिस कार्यवाहीं मे अपना स्थान दर्ज करवा लिया है जिसके बाद भी छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल के बड़े ओहदेदार खामोश है और प्रतिक्रिया विहीन बने हुवे है इसलिए मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी बेहद चिंतित है स्वाभाविक है कि इस घटना का विपरित असर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के कार्यवाहियों पर भी पड़ रहा है और सभी के चिंताजनक स्थिति में है.


रायपुर। मुख्यमंत्री असम दौरे में अपने साथ संसदीय सचिव, विधायक व असम प्रदेश के प्रभारी राष्ट्रीय सचिव को भी चार्टर प्लेन से ले गए हैं। विकास उपाध्याय ने असम में अपनी पूरी टीम के साथ डेरा डाला हुआ है और उनकी सक्रिय कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस हाईकमान संतुस्ट है वहीं भाजपा की नजर भी विकास उपाध्याय पर बनी हुई है। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम में चुनाव के नजदीक आते ही अपना असम दौरा तेज कर दिया है। आज से दो दिवसीय दौरे पर सीएम 7 और 8 फरवरी को असम में रहेंगे। पार्टी हाईकमान ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ प्रमुख समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी है। एयरपोर्ट में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, पार्टी की ओर से सभी तैयारी हो गई है, 6 दलों के साथ गठबंधन हुए हैं, और उससे असम की स्थिति में परिवर्तन आएगा। आने वाले समय में निश्चित रूप से असम में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

मुख्यमंत्री बघेल असम में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित 14 फरवरी को असम के महत्वपूर्ण स्थान शिवसागर जिला में आयोजित सभा को लेकर तीन जिलों के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। आज शिवसागर के अहमगुरी विधानसभा में पब्लिक मीटिंग करने के बाद कहरदेव जिला के महामोर विधानसभा में चाय बागान के वर्करों के साथ 4 बजे बैठक में सम्मिलित होंगे जहाँ 5000 से भी ज्यादा वर्कर भाग लेंगे। विकास उपाध्याय ने असम कांग्रेस को इस बाबत पूर्व से ही तैयारी करने के निर्देश दे दिए हैं। असम प्रभारी राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय राहुल गांधी के असम दौरे के मद्देनजर प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र सिंह के निर्देश पर अपर असम में `जागो असम` के स्लोगन के साथ आज से लगातार 6 दिन की पूरे विधानसभा के 6 जिलों में पब्लिक मीटिंग रखी हैं। इसमें मुख्यमंत्री बघेल तीन जिला की बैठक में इस बीच सम्मिलित होंगे। 

जो राहुल गांधी के `असम बचाओ यात्रा` के रूप में 14 फरवरी को आयोजित सभा के रूप में परिवर्तित होगा। विकास उपाध्याय अभी तक 37 विधानसभा में कई दौर की बैठकें ले चुके हैं। विकास उपाध्याय ने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ऊर्जावान कांग्रेस के नेता हैं और उनकी असम में उपस्थित मात्र से ही असम कांग्रेस में उत्साह व सक्रियता का संचार हो रहा है। हम उन्हीं के छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अध्यक्ष रहते फार्मूला में काम कर रहे हैं। जन घोषणा पत्र भी भाजपा से हट कर होगा। हम वही उसमें बोलेंगे जो पूरा कर सकेंगे। भाजपा असम के लोगों को एनआरसी और सीएए के चक्रव्यूह में झोंक दिया ताकि वोटों का ध्रुवीकरण कर सके पर आज वही बात करने बच रही है। अमित शाह असम की जनता में दहशत फैला कर चुनाव जीतना चाहते हैं और हम शांति का संदेश लेकर जनता के बीच कांग्रेस को प्रचारित कर रहे हैं।

धमतरी। जिले के केरेगांव थाना इलाके में ऑटो पलटने से ऑटो में सवार आधा दर्जन लोग घायल हो गए। जिन्हें संजीवनी एक्सप्रेस की मदद से इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन ईलाज के दौरान दो की मौत हो गई, वही 5 की हालात अभी भी गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि ऑटो में सवार लोग लसुनवाही गांव से हर्राकोठी गांव की ओर जा रहे थे.इसी बीच हर्राकोठी घाटी के पास ढलान आने के कारण ऑटो का स्पीड अचानक बढ़ गई और ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया।@GI@

ऑटो में ड्राइवर सहित कुल 10 लोग सवार थे। इस हादसे में लगभग 7 लोग घायल हो गए। हाइवे पेट्रोलिंग-2 को जब इसकी सूचना मिली तो टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर सभी घायलों को संजीवनी 108 के माध्यम से जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया। वही जिला अस्पताल में ईलाज के दौरान घायल महिला कुंज बाई यादव उम्र 65 वर्ष और अमरिका यादव उम्र 38 वर्ष मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक सभी यादव परिवार से है और अपने रिश्तेदार के घर शादी के टिकावन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। हर्राकोठी गांव के पहले ढलान आने पर ऑटो चालक ने ऑटो रोकने को कोशिश की,लेकिन ऑटो नही रुक पाया और अनियंत्रित होकर पलट गया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। वहीं मृत महिलाओं के शवों को पीएम के लिए जिला अस्पताल स्थित मरच्यूरी में शिफ्ट कर दिया गया है।@GI@

रायपुर। मुख्यमंत्री से आज यहां उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी आर्यवीर ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री  बघेल को बताया कि गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में ’छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ टूर्नामेंट’ का आयोजन किया जा रहा है। नवा रायपुर के सेक्टर 24 स्थित मेफेयर गोल्फ कोर्स में फरवरी माह के अंतिम सप्ताह या मार्च माह में इस टूर्नामेंट का आयोजन प्रस्तावित है। 

उन्होंने इस टूर्नामेंट में शामिल होने का आग्रह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से किया। रायपुर स्थित गोल्फ कोर्स के संस्थापक महेश वाधवानी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस आयोजन के लिए आर्यवीर और  वाधवानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। आर्यवीर ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं गोल्फ के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। 

टूर्नामेंट में भारत, जापान और कोरिया जैसे देशों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। रायपुर गोल्फ कोर्स के संस्थापक महेश वाधवानी ने बताया कि इस टूर्नामेंट में विभिन्न देशों की एम्बेसी के प्रतिनिधि, बिजनेस कम्युनिटी और कॉरपोरेट जगत के दिग्गज भी शामिल होंगे। इस तरह इस टूर्नामेंट के साथ ही इन्वेस्टमेंट मीट का भव्य आयोजन होगा, जिससे राज्य में निवेश के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।




स्वास्थ्य जांच उपरांत महिला एवं बच्चे को सखी सेंटर में आश्रय दिया गया। कई दिनों से आसपास के गांव में भूखे-प्यासे भटकने के कारण महिला कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी। सखी सेंटर में आने के पश्चात् दोनांे को रहने-खाने सहित सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधा मुहैया कराई गई। सखी सेंटर में दूसरे दिन महिला की काउंसलिंग की गई परन्तु महिला कुछ बात नहीं कर रही थी। महिला सिर्फ स्टॉफ की भाषा समझती थी लेकिन कोई जवाब नहीं देती थी। महिला धीरे-धीरे स्टॉफ से घुली-मिली तब कुछ-कुछ बोलना शुरू की। 


अंबिकापुर। सरगुजा में चल रही पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में थर्ड जेंडर भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। शहर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत फिजिकल टेस्ट में एक किन्नर प्रतिभागी ने भी उत्साह से भाग लिया और 100 मीटर दौड़ के साथ ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक के साथ 800 मीटर दौड़ में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। 




शाम 5 बजे उनकी वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होगी। इसके बाद 6 फरवरी को प्रातः 11 बजे कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में वे जिला प्रमुखों व अध्यक्षों को संबोधित करेंगे। शाम 5 बजे कांग्रेस संचार विभाग के साथ उनकी बैठक होगी। 7 फरवरी को प्रातः 11 बजे वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बैठक होगी जिसके बाद शाम 5 बजे वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।



साथ ही साथ पूरे परिसर को सीसीटीवी से लैस किया जाएगा जिससे कि यहां आने वाले लोगों की मॉनिटरिंग की जा सके। स्विमिंग पूल वाटर पार्क में उपयोग में लाए जाने वाला पानी को समय-समय पर फिल्टर करना अनिवार्य होगा एवं छोटे बच्चे अधिक उम्र के बुजुर्ग व्यक्तियों गर्भवती महिलाओं एवं दवाइयों का सेवन करने वाले व्यक्तियों को स्विमिंग पुल, वाटर पार्क में जाने की अनुमति नहीं होगी।



बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम कर चोरी की सूचना पर नवीन गुप्ता के यहां पहुंची है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आयकर अफसरों की टीम तीनों ठिकानों से कंपनियों और आय से संबंधित एक-एक दस्तावेज निकाल रही है, ताकि तथ्यों की पड़ताल की जा सके। अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस मामले की जांच के लिए यह शुरुआती सर्वे है या पुख्ता सूचनाओं के आधार पर डाला गया छापा।@GI@




पूरब टाइम्स , रायपुर . बचपन में सुना था कि किसी ठग ने दिल्ली का कुतुब मींनार तक बेच दिया था . अब समझ आया कि यदि राजस्व विभाग से किसी प्रॉपर्टी के स्वामित्व के कागज़ मिल जाये तो उसकी रजिस्ट्री हो सकती है . हो सकता है कुतुब मीनार के केस में राजस्व से मिला कागज़ पूरी तरह से फर्ज़ी व नक़ली हो परंतु अभी भी राजस्व विभाग के कर्मचारी की मिलीभगत के तैयार फर्ज़ी कागज़ के आधार पर रजिस्ट्री होने की अनेक खबरें मिलती रहती हैं . इसके अलावा रजिस्ट्री कराने के लिये पुराने ज़मीन मालिक को या रजिस्ट्री कराने के बाद नये ज़मीन मालिक को ज़मीन के सीमांकन , बटंकन व नामांतरण के लिये भारी परेशानी होने लगी है. सूत्रों के अनुसार इस कार्य के लिये राजस्व विभाग के पटवारी , आरआई व अधिकारी लाखों रुपये की मांग करने लगे हैं . राअजय शासन व उच्चाधिकारी इस अविधिक कार्यशाइली पर अंकुध लगाने में असफल दिखाई देने लगे हैं . पूरब टाइम्स की खबर( भाग- 2 ) 

छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने ऐसे फर्ज़ीवाड़े रोकने के लिये ‘ भुइयां ‘ नाम से वेब पोर्टल बनाया है जिसमें ऑन लाइन राजस्व रिकॉर्डस्‌ हैं . इसमें छत्तीसगढ़ के राजस्व मंडल के किसी भी शहर के , किसी भी ग्राम के , किसी भी पटवारी हलके के,  किसी भी खसरे नंबर के  वास्तविक मालिक का नाम , ज़मीन का रकबा व उस ज़मीन का नक़्शा देखा जा सकता है . देखा जाये तो समस्त रिकॉर्ड्स को दुरुस्त करने की ज़िम्मेदारी सरकार ने अपने राजस्व व कम्प्यूटर विभाग को दी थी परंतु अनेक ग्राम के अनेक रिकॉर्ड्स दुरुस्त नहीं हो पाये . कई जगह रिकॉर्ड्स की अस्पष्टता के कारण तो कई जगह पर भूमि स्वामी के द्वारा कराई गई रजिस्ट्री की अस्पष्टता के कारण . ऐसी स्थिति में कई बार किसी किसी खसरे के रिकॉर्ड भुइयां साइट पर चढ़े हुए नहीं हैं तो कई बार पुराने भू स्वामी के नाम से ही खसरे को दिखाया गया है . इसके अलावा अनेक प्रकरण में कम्प्यूटर ऑपरेटर के द्वारा एंट्री गलत होने से भी गलतियां हो गईं हैं . इन सब गलतियों के बावजूद , वृहद पैमाने में , सचमुच , यह वेब साइट छत्तीसगढ़ में गूमि स्वामियों के लिये एक वरदान साबित हो रहा है .


जब किसी को भी अपनी ज़मीन के बारे में दुरुस्त रिकॉर्ड की जानकारी चाहिये होती है तो ‘ भुइयां’ में दर्ज रिकॉर्डस्‌ को प्रमाणिक माना जा रहा है .अब जिस वास्तविक भू स्वामी की ज़मीन का रिकॉर्ड भुइयां में सही नहीं है , उसे दुरुस्त करवाने के लिये नियमानुसार आवेदन कागज़ लगाकर , राजस्व के अधिकारी से पुष्टि करवाना पड़ता है तब रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाता है . इस कार्य करने के लिये राजस्व विभाग के कर्मचारी व अधिकारी ज़मीन के मालिक को ठीक से समय नहीं देते हैं और इतने चक्कर लगवाते हैं कि वह घोर निराशा में आ जाता है. तभी उससे दलाल संपर्क कर उसके कार्य को करवाने के लिये बातचीत करते हैं और घूस सहित खर्च बताते हैं . महीनों , सालों अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त नहीं करवा पाया भूमि स्वामी , थक हार कर लाखों रुपये देने के लिये मजबूर हो जाता है . आजकल यह भी प्रचलन में है कि राजस्व अधिकारी , भूमि स्वामि को आश्वासन व तारीख पर तारीख देता है , भूमि स्वामी द्वारा किसी डिमांड के बारे में पूछने पर साफ इनकार कर देता है , कई बार गुस्सा भी दिखाता है . वही राजस्व अधिकारी दलाल के द्वारा पैसों का लेन देन करता है ताकि किसीभी प्रकार की शिकायत में सीधे ना पकड़ा जाये. इन्हीं कारणों से आजकल हर पटवारी , आरआई , नायब तहसीलदार व तहसीलदार के सबसे निकटस्थ , कुछ दलाल बताये जाते हैं .


अनेक वर्षों से घूसखोरी कर करोड़ों रुपये की संपदा बाना लेने वाले राजस्व विभाग के कर्मचारियों की , उच्चाधिकारियों द्वारा अचानक से स्वतः संज्ञान लेकर जांच नहीं की जाती हैं . यदि किसी की कार्यशैली को लेकर मंत्री से लेकर सचिव तक स्तर के उच्चतम स्तर के व्यक्तियों द्वारा उन पर कार्यवाही की अनुशंसा की जाती है तो उनके यूनियन द्वारा ज्ञापन , हड़ताल व दबाव निर्मित किया जाता है जिससे दंडात्मक कार्यवाही ठंडे बस्ते में चली जाती है . केवल उन्हीं लोगों पर कार्यवाही होती है जो सीधे –सीधे घूस मांगते या लेते हुए पकड़ा जाते हैं . इस कारण से आजकल वे सीधे घूस लेने की जगह दलालों के मारफत भ्रष्टाचार करते हैं . यदि प्रदेश सरकार व राजस्व विभाग के उच्चतम पद पर आसीन अधिकारी , इच्छाशक्ति से कड़ी नज़र रखे तो राजस्व विभाग की आर्थिक गड़बड़ियों को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है . ( खबर तीसरे अंक में ज़ारी रहेगी ) 


उन्होंने केंद्र पर षड्यंत्र पूर्वक किसान आंदोलन को बदनाम की साजिश रचने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जाड़वेकर के राहुल गांधी पर दंगे भड़काने के आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन को भटकाने के लिए बीजेपी नेता गलत बयानबाजी कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने ट्वीट कर भी किसानों के आंदोलन का समर्थन किया। ट्वीट कर कहा है कि किसान का बेटा हूँ। किसान के लिए लडूँगा।